Class 8, Maths (Hindi)

Class 8 : गणित – अध्याय 5 : संख्याओं का खेल

व्याख्या और विवेचन

🌈 भूमिका
🔵 गणित में संख्याएँ केवल गिनने के लिए नहीं होतीं, बल्कि वे अपने भीतर कई रोचक गुण छिपाए रहती हैं।
🟢 किसी संख्या को देखकर यह समझना कि वह किन संख्याओं से विभाजित होगी, उसके कौन-कौन से गुणनखंड होंगे, वह अभाज्य है या संयुक्त — यही वास्तव में “संख्याओं का खेल” है।
🟡 इस अध्याय में हम संख्याओं के व्यवहार को समझते हैं।
🔴 जब यह समझ विकसित हो जाती है, तब बड़ी-बड़ी संख्याओं के प्रश्न भी सरल लगने लगते हैं।

✨ इस अध्याय का मूल विचार यह है कि हर संख्या का अपना एक ढाँचा होता है।
✨ उसी ढाँचे को पहचानने के लिए हम विभाज्यता, गुणज, गुणनखंड, अभाज्य संख्याएँ, संयुक्त संख्याएँ, सह-अभाज्य संख्याएँ, अभाज्य गुणनखंडन, म.स.प. और ल.स.प. का अध्ययन करते हैं।

💠 1. विभाज्यता का अर्थ
🔵 यदि कोई संख्या दूसरी संख्या से इस प्रकार विभाजित हो कि शेष 0 बचे, तो पहली संख्या दूसरी संख्या से विभाज्य कहलाती है।
🟢 जैसे 24 ÷ 6 = 4, यहाँ शेष 0 है।
🟡 इसलिए 24, 6 से विभाज्य है।
🔴 परन्तु 25 ÷ 6 करने पर शेष 1 बचता है, इसलिए 25, 6 से विभाज्य नहीं है।

✏️ ध्यान दीजिए
🔹 “विभाज्य” का अर्थ है — बिना शेष बँट जाना।
🔹 यदि शेष ≠ 0 हो, तो संख्या विभाज्य नहीं मानी जाएगी।

💡 यही विचार आगे सभी विभाज्यता नियमों का आधार बनता है।

🌟 2. 2 से विभाज्यता का नियम
🔵 कोई संख्या 2 से तभी विभाज्य होगी, जब उसका इकाई अंक 0, 2, 4, 6, 8 में से कोई एक हो।
🟢 ऐसी संख्याएँ सम संख्याएँ होती हैं।

उदाहरण:
➡️ 18 का इकाई अंक 8 है, इसलिए 18, 2 से विभाज्य है।
➡️ 246 का इकाई अंक 6 है, इसलिए 246, 2 से विभाज्य है।
➡️ 731 का इकाई अंक 1 है, इसलिए 731, 2 से विभाज्य नहीं है।

✏️ निष्कर्ष
🔹 केवल अंतिम अंक देखकर 2 से विभाज्यता जाँची जा सकती है।

🌸 3. 3 से विभाज्यता का नियम
🔵 किसी संख्या के सभी अंकों का योग कीजिए।
🟢 यदि यह योग 3 से विभाज्य हो, तो वह संख्या भी 3 से विभाज्य होगी।

उदाहरण 1:
➡️ 123 में अंकों का योग = 1 + 2 + 3 = 6
➡️ 6, 3 से विभाज्य है
➡️ इसलिए 123, 3 से विभाज्य है

उदाहरण 2:
➡️ 245 में अंकों का योग = 2 + 4 + 5 = 11
➡️ 11, 3 से विभाज्य नहीं है
➡️ इसलिए 245, 3 से विभाज्य नहीं है

💡 यहाँ केवल इकाई अंक नहीं, बल्कि सभी अंकों का योग देखा जाता है।

🌼 4. 5 से विभाज्यता का नियम
🔵 कोई संख्या 5 से तभी विभाज्य होगी, जब उसका इकाई अंक 0 या 5 हो।

उदाहरण:
➡️ 45 का इकाई अंक 5 है, इसलिए 45, 5 से विभाज्य है।
➡️ 130 का इकाई अंक 0 है, इसलिए 130, 5 से विभाज्य है।
➡️ 248 का इकाई अंक 8 है, इसलिए 248, 5 से विभाज्य नहीं है।

✏️ यह नियम बहुत सरल है और दैनिक जीवन में बार-बार काम आता है।

🌺 5. 9 से विभाज्यता का नियम
🔵 किसी संख्या के अंकों का योग कीजिए।
🟢 यदि यह योग 9 से विभाज्य हो, तो वह संख्या भी 9 से विभाज्य होगी।

उदाहरण:
➡️ 729 में अंकों का योग = 7 + 2 + 9 = 18
➡️ 18, 9 से विभाज्य है
➡️ इसलिए 729, 9 से विभाज्य है

➡️ 346 में अंकों का योग = 3 + 4 + 6 = 13
➡️ 13, 9 से विभाज्य नहीं है
➡️ इसलिए 346, 9 से विभाज्य नहीं है

💡 3 और 9 के नियम मिलते-जुलते हैं।
✏️ अन्तर केवल इतना है कि
🔹 योग 3 से विभाज्य हो → संख्या 3 से विभाज्य
🔹 योग 9 से विभाज्य हो → संख्या 9 से विभाज्य

🌻 6. 10 से विभाज्यता का नियम
🔵 कोई संख्या 10 से तभी विभाज्य होगी, जब उसका इकाई अंक 0 हो।

उदाहरण:
➡️ 50, 10 से विभाज्य है
➡️ 140, 10 से विभाज्य है
➡️ 8050, 10 से विभाज्य है
➡️ 246, 10 से विभाज्य नहीं है

💠 इसलिए 10 से विभाज्यता जाँचने के लिए केवल अंतिम अंक देखना पर्याप्त है।

🌿 7. सम और विषम संख्याएँ
🔵 जो संख्याएँ 2 से विभाजित हो जाती हैं, वे सम संख्याएँ कहलाती हैं।
🟢 जैसे 2, 4, 6, 8, 10, 12 आदि।

🔴 जो संख्याएँ 2 से विभाजित नहीं होतीं, वे विषम संख्याएँ कहलाती हैं।
🟡 जैसे 1, 3, 5, 7, 9, 11 आदि।

✏️ ध्यान रखें
🔹 सम संख्या का इकाई अंक हमेशा 0, 2, 4, 6, 8 में होता है।
🔹 विषम संख्या का इकाई अंक 1, 3, 5, 7, 9 में होता है।

🌟 8. गुणज का अर्थ
🔵 किसी संख्या को 1, 2, 3, 4, … से गुणा करके जो संख्याएँ मिलती हैं, वे उस संख्या के गुणज कहलाती हैं।

उदाहरण: 4 के गुणज
➡️ 4 × 1 = 4
➡️ 4 × 2 = 8
➡️ 4 × 3 = 12
➡️ 4 × 4 = 16
➡️ 4 × 5 = 20

🟢 अतः 4 के गुणज हैं: 4, 8, 12, 16, 20, …

✏️ महत्वपूर्ण बात
🔹 किसी संख्या के गुणज अनन्त होते हैं।
🔹 क्योंकि 1, 2, 3, 4, … कभी समाप्त नहीं होते।

💡 6 के कुछ गुणज: 6, 12, 18, 24, 30, 36, …
💡 9 के कुछ गुणज: 9, 18, 27, 36, 45, 54, …

🌸 9. गुणनखंड का अर्थ
🔵 जो संख्याएँ किसी दी गई संख्या को पूरा-पूरा विभाजित कर देती हैं, वे उस संख्या के गुणनखंड कहलाती हैं।

उदाहरण: 12 के गुणनखंड
➡️ 1, 2, 3, 4, 6, 12

क्योंकि
➡️ 12 ÷ 1 = 12
➡️ 12 ÷ 2 = 6
➡️ 12 ÷ 3 = 4
➡️ 12 ÷ 4 = 3
➡️ 12 ÷ 6 = 2
➡️ 12 ÷ 12 = 1

✏️ याद रखने योग्य अन्तर
🔹 गुणज, गुणा करने से प्राप्त होते हैं
🔹 गुणनखंड, भाग करने से पहचाने जाते हैं

💡 एक और उदाहरण
18 के गुणनखंड हैं: 1, 2, 3, 6, 9, 18

🌼 10. गुणज और गुणनखंड में अन्तर
🔵 गुणज किसी संख्या के कई-कई होते हैं और वे अनन्त तक चलते हैं।
🟢 गुणनखंड सीमित होते हैं।
🟡 हर संख्या अपने आप की गुणज भी हो सकती है और अपने आप की गुणनखंड भी।

उदाहरण:
➡️ 5 के गुणज: 5, 10, 15, 20, 25, …
➡️ 20 के गुणनखंड: 1, 2, 4, 5, 10, 20

✏️ यह अन्तर समझना बहुत आवश्यक है, क्योंकि विद्यार्थी यहाँ प्रायः भ्रमित होते हैं।

🌺 11. अभाज्य संख्याएँ
🔵 वह संख्या जिसके केवल दो ही गुणनखंड हों — 1 और वह संख्या स्वयं — अभाज्य संख्या कहलाती है।

उदाहरण:
➡️ 2 के गुणनखंड: 1, 2
➡️ 3 के गुणनखंड: 1, 3
➡️ 5 के गुणनखंड: 1, 5
➡️ 7 के गुणनखंड: 1, 7

🟢 इसलिए 2, 3, 5, 7 अभाज्य संख्याएँ हैं।

✏️ विशेष तथ्य
🔹 2 सबसे छोटी अभाज्य संख्या है।
🔹 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।

🌻 12. संयुक्त संख्याएँ
🔵 वह संख्या जिसके दो से अधिक गुणनखंड हों, संयुक्त संख्या कहलाती है।

उदाहरण:
➡️ 4 के गुणनखंड: 1, 2, 4
➡️ 6 के गुणनखंड: 1, 2, 3, 6
➡️ 8 के गुणनखंड: 1, 2, 4, 8
➡️ 12 के गुणनखंड: 1, 2, 3, 4, 6, 12

🟢 इसलिए 4, 6, 8, 12 संयुक्त संख्याएँ हैं।

✏️ बहुत महत्वपूर्ण बात
🔹 1 न तो अभाज्य संख्या है, न संयुक्त संख्या।

💡 इसका कारण यह है कि 1 का केवल एक ही गुणनखंड है — 1।
जबकि अभाज्य के लिए 2 गुणनखंड चाहिए और संयुक्त के लिए 2 से अधिक।

🌈 13. सह-अभाज्य संख्याएँ
🔵 दो संख्याएँ सह-अभाज्य कहलाती हैं, यदि उनका केवल एक ही सार्व गुणनखंड हो और वह 1 हो।

उदाहरण 1:
➡️ 8 के गुणनखंड: 1, 2, 4, 8
➡️ 15 के गुणनखंड: 1, 3, 5, 15
➡️ दोनों का केवल एक ही सार्व गुणनखंड = 1
➡️ इसलिए 8 और 15 सह-अभाज्य हैं।

उदाहरण 2:
➡️ 4 के गुणनखंड: 1, 2, 4
➡️ 9 के गुणनखंड: 1, 3, 9
➡️ सार्व गुणनखंड केवल 1 है
➡️ इसलिए 4 और 9 सह-अभाज्य हैं।

✏️ ध्यान दें
🔹 सह-अभाज्य होने के लिए यह आवश्यक नहीं कि दोनों संख्याएँ स्वयं अभाज्य हों।
🔹 केवल उनका सार्व गुणनखंड 1 होना चाहिए।

🌟 14. अभाज्य गुणनखंडन
🔵 किसी संयुक्त संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखना, उसका अभाज्य गुणनखंडन कहलाता है।

उदाहरण 1: 24
➡️ 24 = 2 × 12
➡️ 12 = 2 × 6
➡️ 6 = 2 × 3
➡️ अतः 24 = 2 × 2 × 2 × 3
➡️ अर्थात् 24 = 2³ × 3

उदाहरण 2: 36
➡️ 36 = 2 × 18
➡️ 18 = 2 × 9
➡️ 9 = 3 × 3
➡️ अतः 36 = 2 × 2 × 3 × 3
➡️ अर्थात् 36 = 2² × 3²

उदाहरण 3: 72
➡️ 72 = 2 × 36
➡️ 36 = 2 × 18
➡️ 18 = 2 × 9
➡️ 9 = 3 × 3
➡️ अतः 72 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3
➡️ अर्थात् 72 = 2³ × 3²

💡 यहाँ घात का प्रयोग बहुत उपयोगी है:
🔹 2 × 2 = 2²
🔹 2 × 2 × 2 = 2³
🔹 3 × 3 = 3²

🌿 15. म.स.प. का अर्थ
🔵 म.स.प. का पूरा नाम है — महत्तम समापवर्तक।
🟢 यह वह सबसे बड़ी संख्या होती है जो दी गई संख्याओं को पूरा-पूरा विभाजित कर दे।

उदाहरण: 12 और 18 का म.स.प.
➡️ 12 = 2² × 3
➡️ 18 = 2 × 3²
➡️ समान अभाज्य गुणनखंड हैं: 2 और 3
➡️ दोनों में न्यूनतम घात लें
➡️ 2¹ × 3¹ = 6
➡️ अतः म.स.प. = 6

उदाहरण: 24 और 36 का म.स.प.
➡️ 24 = 2³ × 3
➡️ 36 = 2² × 3²
➡️ समान अभाज्य गुणनखंडों की न्यूनतम घात लें
➡️ 2² × 3¹ = 4 × 3 = 12
➡️ अतः म.स.प. = 12

✏️ नियम
🔹 म.स.प. निकालते समय समान अभाज्य गुणनखंडों की सबसे छोटी घात ली जाती है।

🌸 16. ल.स.प. का अर्थ
🔵 ल.स.प. का पूरा नाम है — लघुत्तम समापवर्त्य।
🟢 यह वह सबसे छोटी संख्या होती है जो दी गई संख्याओं से पूरा-पूरा विभाजित हो जाए।

उदाहरण: 12 और 18 का ल.स.प.
➡️ 12 = 2² × 3
➡️ 18 = 2 × 3²
➡️ सभी अभाज्य गुणनखंडों की उच्चतम घात लें
➡️ 2² × 3² = 4 × 9 = 36
➡️ अतः ल.स.प. = 36

उदाहरण: 24 और 36 का ल.स.प.
➡️ 24 = 2³ × 3
➡️ 36 = 2² × 3²
➡️ उच्चतम घात लें
➡️ 2³ × 3² = 8 × 9 = 72
➡️ अतः ल.स.प. = 72

✏️ नियम
🔹 ल.स.प. निकालते समय सभी अभाज्य गुणनखंडों की सबसे बड़ी घात ली जाती है।

🌺 17. म.स.प. और ल.स.प. का उपयोग
🔵 जब वस्तुओं को समान बड़े-बड़े भागों में बाँटना हो, वहाँ म.स.प. उपयोगी होता है।
🟢 जब अलग-अलग घटनाओं का एक साथ फिर से होना पता करना हो, वहाँ ल.स.प. उपयोगी होता है।

उदाहरण:
➡️ 24 टॉफ़ियाँ और 36 टॉफ़ियाँ सबसे बड़े समान पैकेटों में बाँटनी हैं
➡️ यहाँ म.स.प. = 12
➡️ इसलिए 12-12 के पैकेट बनाए जा सकते हैं

दूसरा उदाहरण:
➡️ एक घंटी हर 6 मिनट बाद बजती है
➡️ दूसरी घंटी हर 8 मिनट बाद बजती है
➡️ दोनों फिर साथ कब बजेंगी?
➡️ 6 = 2 × 3
➡️ 8 = 2³
➡️ ल.स.प. = 2³ × 3 = 24
➡️ दोनों 24 मिनट बाद साथ बजेंगी

💡 इससे स्पष्ट है कि यह अध्याय केवल नियमों तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन से भी जुड़ा है।

🌻 18. सामान्य भूलें
🔴 कई विद्यार्थी 1 को अभाज्य मान लेते हैं — यह गलत है।
🔴 कई विद्यार्थी गुणज और गुणनखंड में अन्तर भूल जाते हैं।
🔴 3 और 9 की विभाज्यता में भ्रम कर बैठते हैं।
🔴 म.स.प. और ल.स.प. का उपयोग उल्टा कर देते हैं।

✏️ इन भूलों से बचने के लिए
🔹 गुणज = गुणा
🔹 गुणनखंड = भाग
🔹 1 न अभाज्य, न संयुक्त
🔹 2 एकमात्र सम अभाज्य
🔹 म.स.प. = सबसे बड़ा समान विभाजक
🔹 ल.स.प. = सबसे छोटा समान गुणज

🌟 19. अध्याय का महत्त्व
🔵 यह अध्याय आगे की गणित के लिए आधार तैयार करता है।
🟢 भिन्नों, बीजगणित, अनुपात, समानुपात, समीकरण और उच्च कक्षाओं की कई अवधारणाओं में संख्या-बोध बहुत आवश्यक होता है।
🟡 यदि विद्यार्थी संख्याओं का स्वभाव समझ ले, तो गणित का डर कम हो जाता है।
🔴 इसलिए “संख्याओं का खेल” वास्तव में सोचने का अध्याय है।

💡 Concept
🔹 संख्या को केवल चिन्ह की तरह मत देखिए।
🔹 उसके भीतर छिपे गुणों को पहचानिए।
🔹 यही इस अध्याय की आत्मा है।

✨ 20. एक नज़र में पूरा अध्याय
🔵 विभाज्यता नियम संख्या को जल्दी पहचानने में मदद करते हैं।
🟢 गुणज और गुणनखंड संख्या के सम्बन्ध समझाते हैं।
🟡 अभाज्य संख्याएँ संख्या-जगत की मूल इकाइयों जैसी हैं।
🔴 संयुक्त संख्याएँ अभाज्य संख्याओं से मिलकर बनती हैं।
🌸 अभाज्य गुणनखंडन संख्या की भीतरी रचना दिखाता है।
🌿 म.स.प. और ल.स.प. व्यवहारिक प्रश्नों में बहुत उपयोगी हैं।

सारांश

🔵 इस अध्याय में हमने संख्याओं के कई रोचक गुणों को समझा।
🟢 सबसे पहले हमने विभाज्यता का अर्थ सीखा कि यदि कोई संख्या दूसरी संख्या से बिना शेष के विभाजित हो जाए, तो वह उस संख्या से विभाज्य कहलाती है।
🟡 फिर 2, 3, 5, 9 और 10 से विभाज्यता के नियम सीखे।
🔴 2 से विभाज्यता के लिए इकाई अंक सम होना चाहिए।
🟣 3 और 9 के लिए अंकों का योग देखा जाता है।
🟠 5 के लिए इकाई अंक 0 या 5 होना चाहिए और 10 के लिए 0 होना चाहिए।

🌸 आगे हमने गुणज और गुणनखंड का अन्तर समझा।
🌿 गुणज गुणा से प्राप्त होते हैं और अनन्त होते हैं, जबकि गुणनखंड भाग से पहचाने जाते हैं और सीमित होते हैं।
💠 फिर अभाज्य तथा संयुक्त संख्याएँ समझीं। जिन संख्याओं के केवल 2 गुणनखंड होते हैं वे अभाज्य कहलाती हैं, और जिनके 2 से अधिक गुणनखंड होते हैं वे संयुक्त कहलाती हैं।
✨ 1 न तो अभाज्य है और न संयुक्त। 2 सबसे छोटी तथा एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।

🌼 इसके बाद सह-अभाज्य संख्याएँ पढ़ीं, जिनका केवल 1 ही सार्व गुणनखंड होता है।
🌺 अभाज्य गुणनखंडन में किसी संयुक्त संख्या को अभाज्य गुणकों के गुणनफल के रूप में लिखा जाता है, जैसे 24 = 2³ × 3।
🌈 इसी विधि से म.स.प. और ल.स.प. निकालना सरल हो जाता है।
🎯 म.स.प. सबसे बड़ा समान विभाजक होता है, जबकि ल.स.प. सबसे छोटा समान गुणज होता है।

🧠 यह अध्याय संख्या-बोध, तार्किक सोच और आगे की गणितीय समझ के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है।

📝 त्वरित पुनरावृत्ति
🔹 2 से विभाज्यता → इकाई अंक 0, 2, 4, 6, 8
🔸 3 से विभाज्यता → अंकों का योग 3 से विभाज्य
🔹 5 से विभाज्यता → इकाई अंक 0 या 5
🔸 9 से विभाज्यता → अंकों का योग 9 से विभाज्य
🔹 10 से विभाज्यता → इकाई अंक 0
🔸 गुणज अनन्त होते हैं
🔹 गुणनखंड सीमित होते हैं
🔸 1 न अभाज्य है, न संयुक्त
🔹 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है
🔸 24 = 2³ × 3, 36 = 2² × 3²
🔹 म.स.प. में न्यूनतम घात
🔸 ल.स.प. में उच्चतम घात

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

🔒 ❓ प्रश्न 1.
यदि 31z5, 9 का गुणज है जहाँ z एक अंक है तब z का मान क्या होगा? व्याख्या कीजिए कि यहाँ इस प्रश्न के दो उत्तर क्यों हैं?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 9 से विभाज्यता का नियम:
किसी संख्या के अंकों का योग 9 का गुणज हो, तो वह संख्या 9 से विभाज्य होती है।

🔹 दी गई संख्या:
31z5

🔹 इसके अंकों का योग
= 3 + 1 + z + 5
= 9 + z

🔹 अब 31z5, 9 का गुणज है, इसलिए
9 + z भी 9 का गुणज होना चाहिए।

🔹 चूँकि z एक अंक है, इसलिए z का मान 0 से 9 के बीच होगा।

🔹 अब 9 + z के लिए संभावित 9 के गुणज हैं:
🔸 9
🔸 18

🔹 इसलिए
9 + z = 9 या 9 + z = 18

🔹 पहली स्थिति:
9 + z = 9
z = 0

🔹 दूसरी स्थिति:
9 + z = 18
z = 9

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 z = 0 या 9

🔹 यहाँ दो उत्तर इसलिए हैं क्योंकि 9 + z का मान 9 भी हो सकता है और 18 भी, और दोनों ही 9 के गुणज हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 2.
स्नेहल पुष्टि करता है — “मैं एक संख्या लेता हूँ जिसे 12 से विभाजित करने पर शेषफल 8 प्राप्त होता है। मैं एक और संख्या लेता हूँ जो 12 के गुणज से 4 कम है। इनका योगफल सदैव 8 का गुणज होगा।” उसकी पुष्टि की जाँच कीजिए और अपने निष्कर्ष का सत्यापन कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहली संख्या ऐसी है जिसे 12 से विभाजित करने पर शेषफल 8 मिले।

🔹 अतः पहली संख्या का रूप होगा:
12a + 8

🔹 दूसरी संख्या 12 के गुणज से 4 कम है।

🔹 अतः दूसरी संख्या का रूप होगा:
12b – 4

🔹 अब इनका योग:
= (12a + 8) + (12b – 4)

🔹 = 12a + 12b + 4

🔹 = 12(a + b) + 4

🔹 अब 8 से विभाज्यता जाँचते हैं।

🔹 यदि यह संख्या सदैव 8 का गुणज होती, तो इसका रूप 8k होना चाहिए था।

🔹 पर
12(a + b) + 4
= 4[3(a + b) + 1]

🔹 इसमें 4 तो अवश्य है, पर 8 होना आवश्यक नहीं है।

🔹 उदाहरण लेकर जाँचते हैं:

🔸 मान लीजिए a = 1, b = 1

🔹 पहली संख्या
= 12 × 1 + 8
= 20

🔹 दूसरी संख्या
= 12 × 1 – 4
= 8

🔹 योग
= 20 + 8
= 28

🔹 28, 8 से विभाज्य नहीं है।

🔹 अतः स्नेहल की पुष्टि गलत है।

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 नहीं, इनका योगफल सदैव 8 का गुणज नहीं होगा।
🔹 इसलिए स्नेहल की पुष्टि असत्य है।

🔒 ❓ प्रश्न 3.
3 के दो गुणजों का योग कब 6 का गुणज होता है और कब नहीं? विभिन्न संभावित स्थितियों को व्याख्या कीजिए और प्रतिरूप का सामान्यीकरण कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 3 के गुणज दो प्रकार के हो सकते हैं:
🔸 सम 3 के गुणज
🔸 विषम 3 के गुणज

🔹 अब विभिन्न स्थितियाँ देखते हैं।

🔵 स्थिति 1:
दोनों गुणज सम हों

🔸 मान लीजिए:
6 और 12

🔹 योग
= 6 + 12
= 18

🔹 18, 6 का गुणज है।

🔵 स्थिति 2:
दोनों गुणज विषम हों

🔸 मान लीजिए:
3 और 9

🔹 योग
= 3 + 9
= 12

🔹 12, 6 का गुणज है।

🔵 स्थिति 3:
एक गुणज सम हो और दूसरा विषम हो

🔸 मान लीजिए:
6 और 9

🔹 योग
= 6 + 9
= 15

🔹 15, 6 का गुणज नहीं है।

🔹 अब सामान्यीकरण करते हैं।

🔹 3 का कोई भी गुणज 3n के रूप में लिखा जा सकता है।

🔹 यदि दो गुणज 3a और 3b हों, तो उनका योग
= 3a + 3b
= 3(a + b)

🔹 यह 6 का गुणज तभी होगा जब
a + b सम होगा।

🔹 इसका अर्थ:
🔸 दोनों संख्याएँ सम हों
या
🔸 दोनों संख्याएँ विषम हों

🔹 और यह 6 का गुणज नहीं होगा जब
a + b विषम हो

🔹 अर्थात
🔸 एक संख्या सम हो
🔸 दूसरी संख्या विषम हो

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 3 के दो गुणजों का योग 6 का गुणज तब होगा जब दोनों गुणज एक ही प्रकार के हों — दोनों सम या दोनों विषम।
🔹 यदि एक सम और दूसरा विषम हो, तो उनका योग 6 का गुणज नहीं होगा।

🔒 ❓ प्रश्न 4.
श्रीलथा कहती है, “मेरे पास एक संख्या है जो 9 से विभाज्य है। यदि मैं इस संख्या के अंकों को उल्टे क्रम में लिखूँ, तब भी वह 9 से विभाज्य है”
(i) जाँच कीजिए कि क्या उसका अनुमान 9 के कोई किसी भी गुणज के लिए सत्य है।
(ii) क्या कोई अन्य अंक में परिवर्तन संभव है जिससे कि प्राप्त संख्या अभी भी 9 का गुणज है?

📌 ✅ उत्तर:
🔵 (i) जाँच

🔹 9 से विभाज्यता का नियम:
किसी संख्या के अंकों का योग 9 का गुणज हो, तो वह संख्या 9 से विभाज्य होती है।

🔹 किसी संख्या के अंकों को उल्टे क्रम में लिखने पर उसके अंकों का योग नहीं बदलता।

🔹 इसलिए यदि मूल संख्या 9 से विभाज्य है, तो उल्टे क्रम वाली संख्या भी 9 से विभाज्य होगी।

🔸 उदाहरण:
234

🔹 अंकों का योग
= 2 + 3 + 4
= 9

🔹 अतः 234, 9 से विभाज्य है।

🔹 अब उल्टा क्रम:
432

🔹 अंकों का योग
= 4 + 3 + 2
= 9

🔹 अतः 432 भी 9 से विभाज्य है।

✔️ निष्कर्ष:
🔹 हाँ, उसका अनुमान 9 के प्रत्येक गुणज के लिए सत्य है।

🔵 (ii) अन्य अंक-परिवर्तन

🔹 हाँ, अन्य परिवर्तन भी संभव हैं, बशर्ते अंकों का कुल योग 9 का गुणज बना रहे।

🔹 जैसे:
🔸 अंकों का क्रम बदलना
🔸 किसी एक अंक को 1 बढ़ाना और किसी दूसरे अंक को 1 घटाना
🔸 किसी अंक को 2 बढ़ाना और दूसरे को 2 घटाना

🔹 इन परिवर्तनों में यदि अंकों का कुल योग अपरिवर्तित रहे, तो संख्या 9 का गुणज बनी रहती है।

🔸 उदाहरण:
234

🔹 अंकों का योग = 9

🔹 यदि इसे 324 लिखें, तब भी योग = 9

🔹 यदि 234 को 144 करें, तो
1 + 4 + 4 = 9

🔹 अतः 144 भी 9 का गुणज है।

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 (i) हाँ, अंकों को उल्टा लिखने पर भी संख्या 9 से विभाज्य रहती है।
🔹 (ii) हाँ, अन्य परिवर्तन भी संभव हैं, यदि अंकों का कुल योग 9 का गुणज बना रहे।

🔒 ❓ प्रश्न 5.
यदि 48a23b, 18 का एक गुणज है तो a और b के सभी संभव मानों के युग्मों की सूची बनाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 18 से विभाज्य होने के लिए संख्या
🔸 2 से विभाज्य हो
🔸 9 से विभाज्य हो

🔵 पहले 2 से विभाज्यता जाँचते हैं:

🔹 संख्या 48a23b का अंतिम अंक b है।

🔹 2 से विभाज्य होने के लिए b सम होना चाहिए।

🔹 अतः
b = 0, 2, 4, 6, 8

🔵 अब 9 से विभाज्यता जाँचते हैं:

🔹 अंकों का योग
= 4 + 8 + a + 2 + 3 + b
= 17 + a + b

🔹 यह 9 का गुणज होना चाहिए।

🔹 अतः
17 + a + b = 18 या 27

🔵 पहली स्थिति:
17 + a + b = 18

🔹 a + b = 1

🔹 अब b सम है, इसलिए संभव युग्म:
🔸 (a, b) = (1, 0)

🔵 दूसरी स्थिति:
17 + a + b = 27

🔹 a + b = 10

🔹 अब b सम है, इसलिए संभव युग्म:
🔸 (a, b) = (8, 2)
🔸 (a, b) = (6, 4)
🔸 (a, b) = (4, 6)
🔸 (a, b) = (2, 8)

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 (a, b) के सभी संभव युग्म हैं:
🔸 (1, 0)
🔸 (8, 2)
🔸 (6, 4)
🔸 (4, 6)
🔸 (2, 8)

🔒 ❓ प्रश्न 6.
यदि 3p7q8, 44 से विभाज्य है तो p और q के सभी संभव मानों के युग्मों की सूची बनाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 44 = 4 × 11

🔹 इसलिए संख्या 3p7q8, 44 से विभाज्य होने के लिए
🔸 4 से विभाज्य हो
🔸 11 से विभाज्य हो

🔵 पहले 4 से विभाज्यता जाँचते हैं:

🔹 अंतिम दो अंक हैं q8

🔹 q8, 4 से विभाज्य होना चाहिए।

🔹 संभावित अंतिम दो अंकों में:
08, 18, 28, 38, 48, 58, 68, 78, 88, 98

🔹 इनमें 4 से विभाज्य हैं:
🔸 08
🔸 28
🔸 48
🔸 68
🔸 88

🔹 अतः
q = 0, 2, 4, 6, 8

🔵 अब 11 से विभाज्यता जाँचते हैं:

🔹 11 से विभाज्यता का नियम:
विषम स्थानों के अंकों के योग और सम स्थानों के अंकों के योग का अन्तर 0 या 11 का गुणज हो।

🔹 संख्या: 3 p 7 q 8

🔹 विषम स्थानों के अंक:
3, 7, 8

🔹 इनका योग
= 3 + 7 + 8
= 18

🔹 सम स्थानों के अंक:
p, q

🔹 इनका योग
= p + q

🔹 अतः
18 – (p + q)
का मान 0 या 11 का गुणज होना चाहिए।

🔹 चूँकि p और q अंक हैं, इसलिए p + q का मान 0 से 18 तक होगा।

🔹 इसलिए
18 – (p + q) = 0 या 11

🔵 पहली स्थिति:
18 – (p + q) = 0

🔹 p + q = 18

🔹 q के मानों में संभव:
🔸 q = 8, तब p = 10 ✘
अतः कोई मान्य युग्म नहीं

🔵 दूसरी स्थिति:
18 – (p + q) = 11

🔹 p + q = 7

🔹 अब q = 0, 2, 4, 6, 8 में से लें:

🔸 q = 0, तब p = 7
🔸 q = 2, तब p = 5
🔸 q = 4, तब p = 3
🔸 q = 6, तब p = 1
🔸 q = 8, तब p = -1 ✘

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 (p, q) के सभी संभव युग्म हैं:
🔸 (7, 0)
🔸 (5, 2)
🔸 (3, 4)
🔸 (1, 6)

🔒 ❓ प्रश्न 7.
तीन क्रमागत संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनमें पहली संख्या 2 का गुणज है दूसरी संख्या 3 का गुणज है और तीसरी संख्या 4 का गुणज है।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 मान लीजिए तीन क्रमागत संख्याएँ हैं:
x, x + 1, x + 2

🔹 शर्तें:
🔸 x, 2 का गुणज है
🔸 x + 1, 3 का गुणज है
🔸 x + 2, 4 का गुणज है

🔵 अब क्रम से जाँच करते हैं।

🔹 x, 2 का गुणज है, इसलिए x सम होगा।

🔹 x + 2, 4 का गुणज है।

🔹 मान लीजिए
x + 2 = 4n

🔹 तब
x = 4n – 2

🔹 अब x + 1
= 4n – 1

🔹 यह 3 का गुणज होना चाहिए।

🔹 अतः
4n – 1 ≡ 0 (mod 3)

🔹 क्योंकि 4 ≡ 1 (mod 3), इसलिए
n – 1 ≡ 0 (mod 3)

🔹 अतः
n ≡ 1 (mod 3)

🔹 सबसे छोटा मान लें:
n = 1

🔹 तब
x = 4 × 1 – 2
= 2

🔹 इसलिए तीन क्रमागत संख्याएँ हैं:
2, 3, 4

🔹 जाँच:
🔸 2, 2 का गुणज है
🔸 3, 3 का गुणज है
🔸 4, 4 का गुणज है

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 वांछित तीन क्रमागत संख्याएँ हैं: 2, 3, 4

🔒 ❓ प्रश्न 8.
45,000 और 47,000 के बीच 36 के पाँच गुणज लिखिए। अपनी विधि को अपनी कक्षा में साझा कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 हमें 45,000 और 47,000 के बीच 36 के पाँच गुणज ज्ञात करने हैं।

🔹 36 = 4 × 9

🔹 इसलिए हम 36 के निकट गुणज ढूँढ़ सकते हैं।

🔹 45,000 को 36 से भाग देते हैं:
45000 ÷ 36 = 1250 शेष 0

🔹 अतः
45,000 = 36 × 1250

🔹 पर प्रश्न में “के बीच” कहा गया है, इसलिए 45,000 को नहीं लेंगे।

🔹 अब अगले गुणज होंगे:
🔸 36 × 1251 = 45036
🔸 36 × 1252 = 45072
🔸 36 × 1253 = 45108
🔸 36 × 1254 = 45144
🔸 36 × 1255 = 45180

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 45,000 और 47,000 के बीच 36 के पाँच गुणज हैं:
45036, 45072, 45108, 45144, 45180

✏️ विधि:
🔹 पहले 45,000 के सबसे निकट 36 का गुणज ज्ञात किया।
🔹 फिर उसमें बार-बार 36 जोड़ते गए।

🔒 ❓ प्रश्न 9.
पाँच क्रमागत सम संख्याओं के अनुक्रम में मध्य की संख्या 5p है। अनुक्रम में अन्य चार संख्याओं को p के पदों में व्यक्त कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पाँच क्रमागत सम संख्याओं का अंतर 2 होता है।

🔹 यदि मध्य की संख्या 5p है, तो

🔹 उससे ठीक पहले वाली संख्या
= 5p – 2

🔹 उससे दो स्थान पहले वाली संख्या
= 5p – 4

🔹 उससे ठीक बाद वाली संख्या
= 5p + 2

🔹 उससे दो स्थान बाद वाली संख्या
= 5p + 4

🔹 अतः पूरा अनुक्रम होगा:
5p – 4, 5p – 2, 5p, 5p + 2, 5p + 4

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 अन्य चार संख्याएँ हैं:
5p – 4, 5p – 2, 5p + 2, 5p + 4

🔒 ❓ प्रश्न 10.
एक 6 अंकों की संख्या लिखिए जो 15 से विभाज्य है तथा अंकों को उल्टे क्रम में लिखने पर प्राप्त संख्या 6 से विभाज्य हो।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 हमें ऐसी 6 अंकों की संख्या चाहिए जो
🔸 15 से विभाज्य हो
🔸 और उल्टा लिखने पर 6 से विभाज्य हो

🔵 चरण 1 : 15 से विभाज्यता की शर्त

🔹 कोई संख्या 15 से विभाज्य तभी होती है जब वह
🔸 3 से विभाज्य हो
🔸 5 से विभाज्य हो

🔹 5 से विभाज्य होने के लिए अंतिम अंक 0 या 5 होना चाहिए।

🔵 चरण 2 : उल्टी संख्या के 6 से विभाज्य होने की शर्त

🔹 कोई संख्या 6 से विभाज्य तभी होती है जब वह
🔸 2 से विभाज्य हो
🔸 3 से विभाज्य हो

🔹 2 से विभाज्य होने के लिए अंतिम अंक सम होना चाहिए।

🔹 जब हम संख्या को उल्टा लिखेंगे, तब नई संख्या का अंतिम अंक, पुरानी संख्या का पहला अंक होगा।

🔹 इसलिए मूल संख्या का पहला अंक सम होना चाहिए।

🔵 चरण 3 : एक उपयुक्त 6 अंकों की संख्या चुनते हैं

🔹 संख्या लेते हैं:
234615

🔵 चरण 4 : जाँच कि 234615, 15 से विभाज्य है या नहीं

🔹 अंतिम अंक = 5
अतः यह 5 से विभाज्य है।

🔹 अंकों का योग
= 2 + 3 + 4 + 6 + 1 + 5
= 21

🔹 21, 3 से विभाज्य है।

🔹 इसलिए 234615, 15 से विभाज्य है।

🔵 चरण 5 : अब अंकों को उल्टे क्रम में लिखते हैं

🔹 उल्टी संख्या
= 516432

🔵 चरण 6 : जाँच कि 516432, 6 से विभाज्य है या नहीं

🔹 अंतिम अंक = 2
अतः यह 2 से विभाज्य है।

🔹 अंकों का योग
= 5 + 1 + 6 + 4 + 3 + 2
= 21

🔹 21, 3 से विभाज्य है।

🔹 इसलिए 516432, 6 से विभाज्य है।

🔒 ❓ प्रश्न 11.
दीपक पुष्टि करता है कि “11 के कुछ गुणज ऐसे हैं जिन्हें दोगुना करने पर भी वह 11 के गुणज रहते हैं परंतु 11 के अन्य गुणज दोगुना करने पर भी 11 के गुणज नहीं रहते हैं” यदि उसका अनुमान सही है तो जाँच कीजिए तथा अपने निष्कर्ष की व्याख्या कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 मान लीजिए 11 का एक गुणज है:
11n

🔹 अब इसे दोगुना करने पर प्राप्त होगा:
2 × 11n

🔹 = 11 × 2n

🔹 यह भी 11 का गुणज है।

🔹 इसका अर्थ:
11 का कोई भी गुणज दोगुना करने पर फिर भी 11 का गुणज ही रहेगा।

🔹 उदाहरण:
🔸 22 = 11 × 2
दोगुना करने पर
44 = 11 × 4

🔸 55 = 11 × 5
दोगुना करने पर
110 = 11 × 10

🔸 121 = 11 × 11
दोगुना करने पर
242 = 11 × 22

🔹 हर बार दोगुना करने पर संख्या 11 से विभाज्य ही रहती है।

🔹 इसलिए दीपक का यह कहना कि “कुछ गुणज ऐसे हैं” और “कुछ नहीं रहते” — गलत है।

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 दीपक का अनुमान असत्य है।
🔹 11 का प्रत्येक गुणज दोगुना करने पर भी 11 का गुणज ही रहता है।

🔒 ❓ प्रश्न 12.
निर्धारित कीजिए कि नीचे दिए गए प्रत्येक कथन “सदैव सत्य”, “कभी-कभी सत्य” अथवा “कभी सत्य नहीं”। अपने तर्क को स्पष्ट कीजिए।

(i) 6 के गुणज और 3 के गुणज का गुणनफल 9 का गुणज होता है।
(ii) तीन क्रमागत सम संख्याओं का योग 6 से विभाज्य होगा।
(iii) यदि abcdef, 6 का एक गुणज हो तो badcef भी 6 का एक गुणज होगा।
(iv) 8 (7b – 3) – 4 (11b + 1), 12 का एक गुणज है।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 (i) 6 के गुणज और 3 के गुणज का गुणनफल 9 का गुणज होता है।

🔸 6 का गुणज = 6m
🔸 3 का गुणज = 3n

🔹 गुणनफल
= 6m × 3n
= 18mn
= 9 × 2mn

🔹 अतः यह सदैव 9 का गुणज है।

✔️ निष्कर्ष: सदैव सत्य

🔹 (ii) तीन क्रमागत सम संख्याओं का योग 6 से विभाज्य होगा।

🔸 तीन क्रमागत सम संख्याएँ मान लेते हैं:
2n, 2n + 2, 2n + 4

🔹 इनका योग
= 2n + (2n + 2) + (2n + 4)

🔹 = 6n + 6

🔹 = 6(n + 1)

🔹 अतः यह सदैव 6 से विभाज्य होगा।

✔️ निष्कर्ष: सदैव सत्य

🔹 (iii) यदि abcdef, 6 का एक गुणज हो तो badcef भी 6 का एक गुणज होगा।

🔹 6 से विभाज्यता के लिए संख्या
🔸 2 से विभाज्य हो
🔸 3 से विभाज्य हो

🔹 abcdef, 6 का गुणज है, इसलिए उसका अंतिम अंक f सम होगा।

🔹 अब नई संख्या badcef में अंतिम अंक f ही है।

🔹 इसलिए नई संख्या भी 2 से विभाज्य होगी।

🔹 अब 3 से विभाज्यता जाँचते हैं।

🔹 abcdef और badcef में वही अंक हैं, केवल क्रम बदला है।

🔹 इसलिए अंकों का योग नहीं बदलेगा।

🔹 अतः यदि abcdef, 3 से विभाज्य थी, तो badcef भी 3 से विभाज्य होगी।

🔹 इसलिए badcef भी 6 से विभाज्य होगी।

✔️ निष्कर्ष: सदैव सत्य

🔹 (iv) 8 (7b – 3) – 4 (11b + 1), 12 का एक गुणज है।

🔹 पहले व्यंजक को सरल करते हैं:
8(7b – 3) – 4(11b + 1)

🔹 = 56b – 24 – 44b – 4

🔹 = 12b – 28

🔹 = 4(3b – 7)

🔹 अब देखते हैं कि क्या यह सदैव 12 का गुणज है।

🔹 यदि b = 0, तब
12b – 28 = -28

🔹 -28, 12 का गुणज नहीं है।

🔹 यदि b = 1, तब
12b – 28 = -16

🔹 -16, 12 का गुणज नहीं है।

🔹 यदि b = 2, तब
12b – 28 = -4

🔹 -4, 12 का गुणज नहीं है।

🔹 यदि b = 3, तब
12b – 28 = 8

🔹 8, 12 का गुणज नहीं है।

🔹 वास्तव में
12b – 28 = 12(b – 2) – 4

🔹 यह 12 के गुणज से 4 कम है।

🔹 अतः यह कभी भी 12 का गुणज नहीं हो सकता।

✔️ निष्कर्ष: कभी सत्य नहीं

🔒 ❓ प्रश्न 13.
किन्हीं 3 संख्याओं का चयन कीजिए। इनका योग कब 3 से विभाज्य होगा? सभी संभावित स्थितियों का अन्वेषण कीजिए और व्यापककरण कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 किसी भी संख्या को 3 से भाग देने पर शेषफल केवल
0, 1, 2
हो सकता है।

🔹 अतः तीन संख्याओं के शेषफलों के आधार पर सभी स्थितियाँ देखी जा सकती हैं।

🔵 जब योग 3 से विभाज्य होगा:

🔹 स्थिति 1:
तीनों संख्याएँ 3 के गुणज हों।
अर्थात शेषफल:
0, 0, 0

🔹 तब योग का शेषफल
= 0 + 0 + 0
= 0

🔹 इसलिए योग 3 से विभाज्य होगा।

🔸 उदाहरण:
3, 6, 12
योग = 21

🔹 21, 3 से विभाज्य है।

🔹 स्थिति 2:
तीनों संख्याओं के शेषफल 1, 1, 1 हों।

🔹 तब योग का शेषफल
= 1 + 1 + 1
= 3
अर्थात 0

🔸 उदाहरण:
1, 4, 7
योग = 12

🔹 12, 3 से विभाज्य है।

🔹 स्थिति 3:
तीनों संख्याओं के शेषफल 2, 2, 2 हों।

🔹 तब योग का शेषफल
= 2 + 2 + 2
= 6
अर्थात 0

🔸 उदाहरण:
2, 5, 8
योग = 15

🔹 15, 3 से विभाज्य है।

🔹 स्थिति 4:
तीनों संख्याओं के शेषफल 0, 1, 2 हों।

🔹 तब योग का शेषफल
= 0 + 1 + 2
= 3
अर्थात 0

🔸 उदाहरण:
3, 4, 5
योग = 12

🔹 12, 3 से विभाज्य है।

🔵 जब योग 3 से विभाज्य नहीं होगा:

🔹 यदि शेषफलों का योग 1 या 2 बचे, तो योग 3 से विभाज्य नहीं होगा।

🔸 जैसे:
0, 0, 1
0, 1, 1
1, 1, 2
2, 2, 1
आदि

🔵 व्यापककरण:

🔹 तीन संख्याओं का योग 3 से विभाज्य तब होगा जब उनके शेषफलों का योग 3 का गुणज हो।

🔹 अर्थात निम्न स्थितियाँ हों:
🔸 0, 0, 0
🔸 1, 1, 1
🔸 2, 2, 2
🔸 0, 1, 2

🔒 ❓ प्रश्न 14.
क्या दो क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 2 का गुणज होता है? क्यों? तीन क्रमागत पूर्णांकों के गुणनफल के विषय में आपका क्या विचार है? क्या यह सदैव 6 का गुणज है? क्यों अथवा क्यों नहीं? आप चार क्रमागत पूर्णांकों के गुणनफल के विषय में क्या कह सकते हैं? पाँच क्रमागत पूर्णांकों के गुणनफल के विषय में आपका क्या विचार है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मान लीजिए दो क्रमागत पूर्णांक हैं:
n और n + 1

🔹 किसी भी दो क्रमागत पूर्णांकों में
🔸 एक संख्या सम होती है
🔸 और दूसरी विषम होती है

🔹 इसलिए उनका गुणनफल
n(n + 1)
में एक सम गुणनखंड अवश्य होगा।

🔹 अतः दो क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 2 का गुणज होता है।

✔️ निष्कर्ष:
🔹 हाँ, दो क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 2 का गुणज होता है।

🔹 अब तीन क्रमागत पूर्णांक लेते हैं:
n, n + 1, n + 2

🔹 किसी भी तीन क्रमागत पूर्णांकों में
🔸 एक संख्या 3 का गुणज होती है
🔸 और कम-से-कम एक संख्या सम होती है

🔹 इसलिए उनके गुणनफल में
🔸 2 का गुणनखंड
🔸 3 का गुणनखंड
दोनों होंगे

🔹 अतः उनका गुणनफल सदैव 6 का गुणज होगा।

✏️ उदाहरण:
🔹 4 × 5 × 6 = 120
🔹 120, 6 का गुणज है।

✔️ निष्कर्ष:
🔹 हाँ, तीन क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 6 का गुणज होता है।

🔹 अब चार क्रमागत पूर्णांक लेते हैं:
n, n + 1, n + 2, n + 3

🔹 इनमें
🔸 दो संख्याएँ सम होंगी
🔸 और चार क्रमागत संख्याओं में एक संख्या 4 का गुणज भी होगी
🔸 साथ ही एक संख्या 3 का गुणज भी होगी

🔹 इसलिए गुणनफल में
🔸 4 का गुणनखंड
🔸 2 का एक और गुणनखंड
🔸 3 का गुणनखंड
मिलकर 24 का गुणनखंड देंगे।

🔹 अतः चार क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 24 का गुणज होगा।

✏️ उदाहरण:
🔹 1 × 2 × 3 × 4 = 24
🔹 24, 24 का गुणज है।

✔️ निष्कर्ष:
🔹 चार क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 24 का गुणज होता है।

🔹 अब पाँच क्रमागत पूर्णांक लेते हैं:
n, n + 1, n + 2, n + 3, n + 4

🔹 इनमें
🔸 एक संख्या 5 का गुणज होगी
🔸 एक संख्या 3 का गुणज होगी
🔸 कम-से-कम दो सम संख्याएँ होंगी
🔸 और उनमें से एक 4 का गुणज भी होगी

🔹 इसलिए गुणनफल में
🔸 5 का गुणनखंड
🔸 3 का गुणनखंड
🔸 4 × 2 = 8 का गुणनखंड
मिलेंगे

🔹 अतः कुल गुणनखंड
= 3 × 5 × 8
= 120

🔹 इसलिए पाँच क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 120 का गुणज होगा।

✏️ उदाहरण:
🔹 1 × 2 × 3 × 4 × 5 = 120
🔹 120, 120 का गुणज है।

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 दो क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 2 का गुणज होता है।
🔹 तीन क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 6 का गुणज होता है।
🔹 चार क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 24 का गुणज होता है।
🔹 पाँच क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल सदैव 120 का गुणज होता है।

🔒 ❓ प्रश्न 15.
गूढ़ समीकरण को हल कीजिए।

(i) EF × E = GGG
(ii) WOW × 5 = MEOW

📌 ✅ उत्तर:

🔵 (i) EF × E = GGG

🔹 यहाँ EF एक दो-अंकीय संख्या है।

🔹 अतः
EF = 10E + F

🔹 और
GGG = 111G

🔹 इसलिए
(10E + F) × E = 111G

🔹 अब संभावित अंकों की जाँच करते हैं।

🔹 यदि E = 1, तब
EF × 1 = EF
यह तीन अंकों की संख्या नहीं बनेगी।

🔹 यदि E = 2, तब
EF × 2 को 111, 222, 333, … में से किसी के बराबर होना चाहिए।
ऐसा कोई उपयुक्त मान नहीं मिलता।

🔹 यदि E = 3, तब
37 × 3 = 111

🔹 यहाँ
E = 3, F = 7, G = 1

🔹 जाँच:
37 × 3 = 111 ✔️

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 E = 3
🔹 F = 7
🔹 G = 1

🔵 (ii) WOW × 5 = MEOW

🔹 WOW एक तीन-अंकीय संख्या है।

🔹 इसलिए
WOW = 100W + 10O + W

🔹 MEOW एक चार-अंकीय संख्या है।

🔹 अब इकाई अंक से जाँच करते हैं।

🔹 इकाई स्थान पर
W × 5 का इकाई अंक फिर W ही होना चाहिए।

🔹 5 से गुणा करने पर वही इकाई अंक केवल 0 या 5 के लिए आता है।

🔹 पर WOW एक तीन-अंकीय संख्या है, इसलिए W = 0 नहीं हो सकता।

🔹 अतः
W = 5

🔹 अब
WOW = 5O5

🔹 अब O के मान जाँचते हैं:

🔹 यदि O = 0, तब
505 × 5 = 2525
यह MEOW के रूप में नहीं है, क्योंकि दहाई का अंक O = 0 होना चाहिए, पर यहाँ दहाई अंक 2 है। ✘

🔹 यदि O = 1, तब
515 × 5 = 2575
यह भी ठीक नहीं, क्योंकि दहाई अंक 7 है, जबकि O = 1 है। ✘

🔹 यदि O = 2, तब
525 × 5 = 2625

🔹 अब 2625 का रूप है:
M = 2, E = 6, O = 2, W = 5

🔹 यह ठीक बैठता है।

🔹 जाँच:
525 × 5 = 2625 ✔️

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 W = 5
🔹 O = 2
🔹 M = 2
🔹 E = 6

🔒 ❓ प्रश्न 16.
नीचे दिए गए कौन-से वेन आरेख 4, 8 और 32 के गुणजों के बीच संबंधों को दर्शाते हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले संबंध समझते हैं।

🔹 32 का प्रत्येक गुणज, 8 का भी गुणज होता है।
क्योंकि
32 = 8 × 4

🔹 8 का प्रत्येक गुणज, 4 का भी गुणज होता है।
क्योंकि
8 = 4 × 2

🔹 अतः संबंध होगा:
32 के गुणज ⊂ 8 के गुणज ⊂ 4 के गुणज

🔹 अर्थात
🔸 सबसे बड़ा समूह = 4 के गुणज
🔸 उसके भीतर = 8 के गुणज
🔸 उसके भीतर = 32 के गुणज

🔹 अब चित्रों को देखते हैं।

🔹 सही वेन आरेख वही होगा जिसमें
🔸 32 के गुणज, 8 के गुणजों के भीतर हों
🔸 और 8 के गुणज, 4 के गुणजों के भीतर हों

🔹 यह स्थिति केवल चित्र (iv) में दिखाई गई है।

✔️ अंतिम उत्तर:
🔹 सही वेन आरेख = (iv)

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

🔒 ❓ प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या 2 से विभाज्य है?

🟢1️⃣ 135
🔵2️⃣ 248
🟡3️⃣ 317
🟣4️⃣ 451

✔️ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 2 से विभाज्यता के लिए इकाई अंक 0, 2, 4, 6, 8 में से कोई एक होना चाहिए।
🔸 248 का इकाई अंक 8 है।
🔹 अतः 248, 2 से विभाज्य है।

🔒 ❓ प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या 5 से विभाज्य नहीं है?

🟢1️⃣ 245
🔵2️⃣ 390
🟡3️⃣ 718
🟣4️⃣ 1025

✔️ उत्तर: 🟡3️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 5 से विभाज्यता के लिए इकाई अंक 0 अथवा 5 होना चाहिए।
🔸 718 का इकाई अंक 8 है।
🔹 अतः 718, 5 से विभाज्य नहीं है।

🔒 ❓ प्रश्न 3.
संख्या 234 के अंकों का योग कितना है?

🟢1️⃣ 7
🔵2️⃣ 8
🟡3️⃣ 9
🟣4️⃣ 10

✔️ उत्तर: 🟡3️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 234 के अंकों का योग = 2 + 3 + 4
🔸 = 9
🔹 अतः सही उत्तर 9 है।

🔒 ❓ प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या 3 से विभाज्य है?

🟢1️⃣ 124
🔵2️⃣ 231
🟡3️⃣ 415
🟣4️⃣ 527

✔️ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 231 के अंकों का योग = 2 + 3 + 1
🔸 = 6
🔹 6, 3 से विभाज्य है।
🔸 अतः 231, 3 से विभाज्य है।

🔒 ❓ प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या 10 से विभाज्य है?

🟢1️⃣ 426
🔵2️⃣ 875
🟡3️⃣ 910
🟣4️⃣ 341

✔️ उत्तर: 🟡3️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 10 से विभाज्यता के लिए इकाई अंक 0 होना चाहिए।
🔸 910 का इकाई अंक 0 है।
🔹 अतः 910, 10 से विभाज्य है।

🔒 ❓ प्रश्न 6.
9 से विभाज्यता की जाँच के लिए क्या देखा जाता है?

🟢1️⃣ केवल इकाई अंक
🔵2️⃣ केवल दहाई अंक
🟡3️⃣ अंकों का योग
🟣4️⃣ अंकों का गुणनफल

✔️ उत्तर: 🟡3️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 9 से विभाज्यता की जाँच के लिए संख्या के सभी अंकों का योग लिया जाता है।
🔸 यदि यह योग 9 से विभाज्य हो, तो वह संख्या भी 9 से विभाज्य होती है।

🔒 ❓ प्रश्न 7.
36 के सभी गुणनखंड लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 वे संख्याएँ जो 36 को पूरा-पूरा विभाजित कर दें, 36 के गुणनखंड कहलाती हैं।
🔸 36 ÷ 1 = 36
🔹 36 ÷ 2 = 18
🔸 36 ÷ 3 = 12
🔹 36 ÷ 4 = 9
🔸 36 ÷ 6 = 6
🔹 36 ÷ 9 = 4
🔸 36 ÷ 12 = 3
🔹 36 ÷ 18 = 2
🔸 36 ÷ 36 = 1

🔹 अतः 36 के गुणनखंड हैं:
🔸 1, 2, 3, 4, 6, 9, 12, 18, 36

🔒 ❓ प्रश्न 8.
48 के प्रथम पाँच गुणज लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 48 × 1 = 48
🔸 48 × 2 = 96
🔹 48 × 3 = 144
🔸 48 × 4 = 192
🔹 48 × 5 = 240

🔹 अतः 48 के प्रथम पाँच गुणज हैं:
🔸 48, 96, 144, 192, 240

🔒 ❓ प्रश्न 9.
अभाज्य संख्या किसे कहते हैं?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 वह संख्या जिसके केवल दो गुणनखंड हों — 1 और वह संख्या स्वयं — अभाज्य संख्या कहलाती है।
🔸 जैसे: 2, 3, 5, 7, 11 आदि।

🔹 विशेष तथ्य:
🔸 2 सबसे छोटी अभाज्य संख्या है।
🔹 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।

🔒 ❓ प्रश्न 10.
बताइए कि 29 अभाज्य संख्या है अथवा नहीं।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 29 के गुणनखंड ज्ञात करते हैं।
🔸 29 ÷ 1 = 29
🔹 29 ÷ 29 = 1
🔸 29, 2 से विभाजित नहीं होती।
🔹 29, 3 से विभाजित नहीं होती।
🔸 29, 4 से विभाजित नहीं होती।
🔹 29, 5 से विभाजित नहीं होती।

🔹 अतः 29 के केवल दो गुणनखंड हैं:
🔸 1 और 29

🔹 इसलिए 29 एक अभाज्य संख्या है।

🔒 ❓ प्रश्न 11.
1 अभाज्य संख्या है, संयुक्त संख्या है, अथवा इनमें से कोई नहीं?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 अभाज्य संख्या के ठीक दो गुणनखंड होते हैं।
🔸 संयुक्त संख्या के दो से अधिक गुणनखंड होते हैं।
🔹 1 का केवल एक ही गुणनखंड है, अर्थात् 1।

🔹 इसलिए 1 न तो अभाज्य संख्या है और न ही संयुक्त संख्या।

🔒 ❓ प्रश्न 12.
24 का अभाज्य गुणनखंडन कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 24 = 2 × 12
🔸 12 = 2 × 6
🔹 6 = 2 × 3

🔹 इसलिए,
🔸 24 = 2 × 2 × 2 × 3
🔹 = 2³ × 3

🔹 अतः 24 का अभाज्य गुणनखंडन = 2³ × 3

🔒 ❓ प्रश्न 13.
बताइए कि 35, 9 से विभाज्य है अथवा नहीं।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 35 के अंकों का योग = 3 + 5
🔸 = 8
🔹 8, 9 से विभाज्य नहीं है।
🔸 अतः 35, 9 से विभाज्य नहीं है।

🔒 ❓ प्रश्न 14.
बताइए कि 423, 3 से विभाज्य है अथवा नहीं।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 423 के अंकों का योग = 4 + 2 + 3
🔸 = 9
🔹 9, 3 से विभाज्य है।
🔸 अतः 423, 3 से विभाज्य है।

🔒 ❓ प्रश्न 15.
निम्नलिखित संख्याओं में से सम संख्याएँ चुनिए:
18, 27, 34, 41, 56

📌 ✅ उत्तर:
🔹 सम संख्याएँ वे होती हैं जो 2 से विभाज्य होती हैं।
🔸 जिन संख्याओं का इकाई अंक 0, 2, 4, 6, 8 हो, वे सम संख्याएँ होती हैं।

अब एक-एक संख्या जाँचते हैं:
🔹 18 का इकाई अंक 8 है ⟶ सम
🔸 27 का इकाई अंक 7 है ⟶ सम नहीं
🔹 34 का इकाई अंक 4 है ⟶ सम
🔸 41 का इकाई अंक 1 है ⟶ सम नहीं
🔹 56 का इकाई अंक 6 है ⟶ सम

🔹 अतः सम संख्याएँ हैं:
🔸 18, 34, 56

🔒 ❓ प्रश्न 16.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या अभाज्य है?

🟢1️⃣ 21
🔵2️⃣ 23
🟡3️⃣ 27
🟣4️⃣ 39

✔️ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 21 = 3 × 7, अतः 21 अभाज्य नहीं है।
🔸 27 = 3 × 9, अतः 27 अभाज्य नहीं है।
🔹 39 = 3 × 13, अतः 39 अभाज्य नहीं है।
🔸 23 के केवल दो गुणनखंड हैं: 1 और 23।

🔹 अतः 23 एक अभाज्य संख्या है।

🔒 ❓ प्रश्न 17.
45 के सभी गुणनखंड लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 वे संख्याएँ जो 45 को पूरा-पूरा विभाजित कर दें, 45 के गुणनखंड कहलाती हैं।

जाँच:
🔸 45 ÷ 1 = 45
🔹 45 ÷ 3 = 15
🔸 45 ÷ 5 = 9
🔹 45 ÷ 9 = 5
🔸 45 ÷ 15 = 3
🔹 45 ÷ 45 = 1

🔹 अतः 45 के गुणनखंड हैं:
🔸 1, 3, 5, 9, 15, 45

🔒 ❓ प्रश्न 18.
12 और 18 के सार्व गुणनखंड लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले 12 के गुणनखंड लिखते हैं:
🔸 1, 2, 3, 4, 6, 12

🔹 अब 18 के गुणनखंड लिखते हैं:
🔸 1, 2, 3, 6, 9, 18

🔹 जो गुणनखंड दोनों संख्याओं में समान होते हैं, वे सार्व गुणनखंड कहलाते हैं।

🔹 दोनों में समान गुणनखंड हैं:
🔸 1, 2, 3, 6

🔹 अतः 12 और 18 के सार्व गुणनखंड हैं:
🔸 1, 2, 3, 6

🔒 ❓ प्रश्न 19.
बताइए कि 8 और 15 सह-अभाज्य हैं अथवा नहीं।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 8 के गुणनखंड हैं:
🔸 1, 2, 4, 8

🔹 15 के गुणनखंड हैं:
🔸 1, 3, 5, 15

🔹 दोनों में केवल 1 ही समान गुणनखंड है।
🔸 जिन दो संख्याओं का केवल 1 ही सार्व गुणनखंड होता है, वे सह-अभाज्य कहलाती हैं।

🔹 अतः 8 और 15 सह-अभाज्य हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 20.
36 का अभाज्य गुणनखंडन कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 36 = 2 × 18
🔸 18 = 2 × 9
🔹 9 = 3 × 3

अतः,
🔸 36 = 2 × 2 × 3 × 3
🔹 = 2² × 3²

🔹 अतः 36 का अभाज्य गुणनखंडन = 2² × 3²

🔒 ❓ प्रश्न 21.
12 और 18 का म.स.प. ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 12 = 2² × 3
🔸 18 = 2 × 3²

🔹 म.स.प. ज्ञात करने के लिए समान अभाज्य गुणनखंडों की न्यूनतम घात ली जाती है।
🔸 दोनों संख्याओं में समान अभाज्य गुणनखंड 2 और 3 हैं।

अतः,
🔹 म.स.प. = 2¹ × 3¹
🔸 = 2 × 3
🔹 = 6

🔸 इसलिए 12 और 18 का म.स.प. = 6

🔒 ❓ प्रश्न 22.
12 और 18 का ल.स.प. ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 12 = 2² × 3
🔸 18 = 2 × 3²

🔹 ल.स.प. ज्ञात करने के लिए सभी अभाज्य गुणनखंडों की उच्चतम घात ली जाती है।

अतः,
🔸 ल.स.प. = 2² × 3²
🔹 = 4 × 9
🔸 = 36

🔹 इसलिए 12 और 18 का ल.स.प. = 36

🔒 ❓ प्रश्न 23.
24 और 36 का म.स.प. ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 24 = 2³ × 3
🔸 36 = 2² × 3²

🔹 म.स.प. ज्ञात करने के लिए समान अभाज्य गुणनखंडों की न्यूनतम घात ली जाती है।
🔸 दोनों संख्याओं में समान अभाज्य गुणनखंड 2 और 3 हैं।

अतः,
🔹 म.स.प. = 2² × 3¹
🔸 = 4 × 3
🔹 = 12

🔸 इसलिए 24 और 36 का म.स.प. = 12

🔒 ❓ प्रश्न 24.
24 और 36 का ल.स.प. ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 24 = 2³ × 3
🔸 36 = 2² × 3²

🔹 ल.स.प. ज्ञात करने के लिए सभी अभाज्य गुणनखंडों की उच्चतम घात ली जाती है।

अतः,
🔸 ल.स.प. = 2³ × 3²
🔹 = 8 × 9
🔸 = 72

🔹 इसलिए 24 और 36 का ल.स.प. = 72

🔒 ❓ प्रश्न 25.
बताइए कि 27 और 35 सह-अभाज्य हैं अथवा नहीं।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 27 के गुणनखंड हैं:
🔸 1, 3, 9, 27

🔹 35 के गुणनखंड हैं:
🔸 1, 5, 7, 35

🔹 दोनों में केवल 1 ही समान गुणनखंड है।
🔸 जिन दो संख्याओं का केवल 1 ही सार्व गुणनखंड होता है, वे सह-अभाज्य कहलाती हैं।

🔹 अतः 27 और 35 सह-अभाज्य हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 26.
60 का अभाज्य गुणनखंडन कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 60 = 2 × 30
🔸 30 = 2 × 15
🔹 15 = 3 × 5

अतः,
🔸 60 = 2 × 2 × 3 × 5
🔹 = 2² × 3 × 5

🔸 इसलिए 60 का अभाज्य गुणनखंडन = 2² × 3 × 5

🔒 ❓ प्रश्न 27.
बताइए कि 111, 3 से विभाज्य है या नहीं। यह भी बताइए कि क्या वह 9 से भी विभाज्य है।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 111 के अंकों का योग = 1 + 1 + 1
🔸 = 3

🔹 3, 3 से विभाज्य है।
🔸 अतः 111, 3 से विभाज्य है।

🔹 अब 9 से विभाज्यता जाँचते हैं।
🔸 3, 9 से विभाज्य नहीं है।
🔹 अतः 111, 9 से विभाज्य नहीं है।

🔸 इसलिए निष्कर्ष यह है:
🔹 111, 3 से विभाज्य है
🔸 111, 9 से विभाज्य नहीं है

🔒 ❓ प्रश्न 28.
एक संख्या 5 और 10 दोनों से विभाज्य है। उसके इकाई अंक के बारे में क्या कह सकते हैं?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 5 से विभाज्यता के लिए इकाई अंक 0 अथवा 5 होना चाहिए।
🔸 10 से विभाज्यता के लिए इकाई अंक 0 होना चाहिए।

🔹 यदि कोई संख्या 5 और 10 दोनों से विभाज्य है, तो उसे 10 के नियम को भी पूरा करना होगा।
🔸 इसलिए उसका इकाई अंक केवल 0 होगा।

🔹 अतः उस संख्या का इकाई अंक 0 है।

🔒 ❓ प्रश्न 29.
दो घंटियाँ क्रमशः 6 मिनट और 8 मिनट के अन्तराल पर बजती हैं। यदि वे अभी एक साथ बजी हैं, तो वे फिर कितने मिनट बाद एक साथ बजेंगी?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 यह ल.स.प. का प्रश्न है।

🔹 6 = 2 × 3
🔸 8 = 2³

🔹 ल.स.प. ज्ञात करने के लिए सभी अभाज्य गुणनखंडों की उच्चतम घात लेते हैं।

अतः,
🔸 ल.स.प. = 2³ × 3
🔹 = 8 × 3
🔸 = 24

🔹 इसलिए दोनों घंटियाँ 24 मिनट बाद फिर एक साथ बजेंगी।

🔒 ❓ प्रश्न 30.
24 टॉफ़ियाँ और 36 टॉफ़ियाँ समान आकार के अधिकतम समूहों में बाँटनी हैं। प्रत्येक समूह में कितनी टॉफ़ियाँ होंगी?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 यह म.स.प. का प्रश्न है, क्योंकि हमें अधिकतम समान समूह चाहिए।

🔹 24 = 2³ × 3
🔸 36 = 2² × 3²

🔹 म.स.प. ज्ञात करने के लिए समान अभाज्य गुणनखंडों की न्यूनतम घात लेते हैं।

अतः,
🔸 म.स.प. = 2² × 3
🔹 = 4 × 3
🔸 = 12

🔹 इसलिए प्रत्येक समूह में 12 टॉफ़ियाँ होंगी।

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