Class 7, Maths (Hindi)

Class 7 : गणित – अध्याय 7 : तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा

व्याख्या और विवेचन

🌈 🔵 प्रस्तावना

🟢 जब हम अपने आसपास की दुनिया को ध्यान से देखते हैं, तो हमें हर जगह रेखाएँ, कोने, मोड़ और आकृतियाँ दिखाई देती हैं।
🟣 सड़कें एक-दूसरे को काटती हैं, खिड़की की सलाखें मिलती हैं, पतंग की डोरें एक-दूसरे से गुजरती हैं, और खेल के मैदान में खींची गई रेखाएँ अलग-अलग दिशाओं में जाती हैं।
🟡 इन सबमें एक बहुत रोचक गणित छिपा होता है।
🔴 यही गणित हमें इस अध्याय “तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा” में समझ में आता है।

🧠 यह अध्याय केवल रेखाओं के मिलने की बात नहीं करता, बल्कि यह बताता है कि
➡️ रेखाएँ कैसे बनती हैं
➡️ कोण कैसे बनते हैं
➡️ कोणों के बीच क्या संबंध होता है
➡️ और हम इन संबंधों का उपयोग करके अज्ञात कोण कैसे ज्ञात कर सकते हैं

✏️ ध्यान दें:
इस अध्याय में सबसे महत्वपूर्ण बात “तर्क” है।
केवल आकृति देखना पर्याप्त नहीं है, हमें यह भी समझना होता है कि कौन-सा कोण किससे जुड़ा है और क्यों।

🌟 🔵 रेखा, रेखाखंड और किरण

🟢 गणित में आगे बढ़ने से पहले हमें कुछ मूल बातें समझनी होती हैं।

🔹 रेखा वह है जो दोनों ओर बिना अंत के बढ़ती जाती है।
🔹 रेखाखंड वह है जिसके दो निश्चित अंत बिंदु होते हैं।
🔹 किरण वह है जिसका एक सिरा निश्चित होता है और दूसरी ओर वह अनंत तक बढ़ती जाती है।

🟣 जब दो किरणें एक ही बिंदु से निकलती हैं, तब वे एक कोण बनाती हैं।
🟡 यही कोण इस अध्याय का मुख्य आधार हैं।

💡 अवधारणा:
कोण बनना वास्तव में दिशा-परिवर्तन का संकेत है।
जहाँ सीधी दिशा बदलती है, वहाँ कोण दिखाई देता है।

🌟 🔵 कोण क्या होता है

🔵 जब दो किरणें एक ही बिंदु पर मिलती हैं, तो उनके बीच बनने वाला झुकाव कोण कहलाता है।
🟢 कोण का माप अंश में किया जाता है।
🟣 जैसे 30°, 45°, 90°, 120° आदि।

🔸 कुछ मुख्य प्रकार के कोण:

🔹 न्यूनकोण
जो 90° से छोटा हो

🔹 समकोण
जो 90° का हो

🔹 अधिककोण
जो 90° से बड़ा और 180° से छोटा हो

🔹 सरल कोण
जो 180° का हो

🔹 पूर्ण कोण
जो 360° का हो

✏️ ध्यान दें:
किसी कोण का आकार उसकी भुजाओं की लंबाई पर नहीं, बल्कि उनके बीच के खुलाव पर निर्भर करता है।

🌟 🔵 जब दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं

🟢 यदि दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तो उनके प्रतिच्छेदन बिंदु पर चार कोण बनते हैं।
🟣 यही स्थिति इस अध्याय का मुख्य प्रवेश-द्वार है।

मान लीजिए दो रेखाएँ एक बिंदु पर कटती हैं।
तब हमें चार कोण दिखाई देंगे।
इन चार कोणों में एक विशेष संबंध होता है।

🔸 पहला महत्वपूर्ण संबंध:

🔹 आमने-सामने वाले कोण बराबर होते हैं।

इन्हें शीर्षाभिमुख कोण कहा जाता है।

यदि एक कोण 50° है, तो उसके ठीक सामने वाला कोण भी 50° होगा।

💡 अवधारणा:
यह बराबरी आकृति देखकर नहीं, बल्कि कोणों के बीच तर्कपूर्ण संबंध से सिद्ध होती है।

🔸 दूसरा महत्वपूर्ण संबंध:

🔹 एक सीधी रेखा पर बने दो संलग्न कोणों का योग 180° होता है।

ऐसे कोणों को रैखिक युग्म कहा जाता है।

यदि एक कोण 70° है, तो उसके साथ लगे दूसरे कोण का माप होगा:

180° – 70° = 110°

🧠 यही नियम आगे लगभग हर प्रश्न में काम आता है।

🌟 🔵 शीर्षाभिमुख कोण

🟡 जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तो सामने-सामने बने कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं।
🔴 ये हमेशा बराबर होते हैं।

मान लीजिए चार कोण बने और उनमें से एक कोण 65° है।
तब उसके सामने वाला कोण भी 65° होगा।

अब बचे हुए दो कोण क्या होंगे?

🔹 क्योंकि एक सीधी रेखा पर बने संलग्न कोणों का योग 180° होता है,

दूसरा कोण = 180° – 65° = 115°

और उसके सामने वाला भी 115° होगा।

इस प्रकार चारों कोण होंगे:

65°, 115°, 65°, 115°

✏️ ध्यान दें:
जब भी दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करें, तब
➡️ सामने-सामने वाले कोण बराबर
➡️ पास-पास वाले कोणों का योग 180°

यही दो नियम सबसे पहले देखने चाहिए।

🌟 🔵 रैखिक युग्म

🟢 दो ऐसे संलग्न कोण जो मिलकर एक सीधी रेखा बनाते हैं, रैखिक युग्म कहलाते हैं।
🟣 इनका योग सदैव 180° होता है।

उदाहरण:

यदि एक कोण 92° है, तो उससे लगा दूसरा कोण होगा

180° – 92° = 88°

🔵 यदि एक कोण x° है, तो दूसरा कोण होगा

(180 – x)°

💡 अवधारणा:
रैखिक युग्म हमें अज्ञात कोण निकालने का बहुत सरल तरीका देता है।

🧠 जब भी किसी प्रश्न में दो कोण पास-पास दिखें और उनकी बाहरी भुजाएँ एक सीधी रेखा बनाती हों, तुरंत 180° का विचार करना चाहिए।

🌟 🔵 तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की स्थिति

🔴 अब इस अध्याय का सबसे रोचक भाग आता है।
🟡 यदि तीन रेखाएँ एक ही बिंदु पर मिलें, तो क्या होगा?

🟢 जब तीन रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं, तब उस बिंदु के चारों ओर कुल 6 कोण बनते हैं।
🟣 ये 6 कोण अलग-अलग दिखते हैं, परंतु उनके बीच कई सुंदर संबंध होते हैं।

मान लीजिए इन 6 कोणों को क्रम से लिखा गया है।
तब हमें यह समझना होता है कि कौन-सा कोण किसके सामने है, कौन-सा किसके साथ रैखिक युग्म बनाता है, और पूरे बिंदु के चारों ओर कोणों का कुल योग कितना है।

🔸 बहुत महत्वपूर्ण नियम:

🔹 किसी एक बिंदु के चारों ओर बने सभी कोणों का योग 360° होता है।

अर्थात

कोण 1 + कोण 2 + कोण 3 + … = 360°

✏️ ध्यान दें:
यह नियम बहुत शक्तिशाली है।
यदि कई कोण दिए हों और एक या दो अज्ञात हों, तो 360° का उपयोग करके उत्तर निकाला जा सकता है।

🌟 🔵 छह कोणों में संबंध

🟢 तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने 6 कोणों में शीर्षाभिमुख कोणों की तीन जोड़ियाँ बनती हैं।
🟣 प्रत्येक जोड़ी के कोण बराबर होंगे।

यदि 6 कोण क्रम में इस प्रकार हों:

a, b, c, a, b, c

तो यह दर्शाता है कि सामने-सामने के कोण बराबर हैं।

अब पूरे बिंदु के चारों ओर कोणों का योग:

a + b + c + a + b + c = 360°

अर्थात

2a + 2b + 2c = 360°

2(a + b + c) = 360°

a + b + c = 180°

🔵 यह बहुत सुंदर परिणाम है।

अर्थात
तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने क्रमागत तीन कोणों का योग 180° होता है।

💡 अवधारणा:
यह परिणाम केवल याद करने के लिए नहीं है, बल्कि समझने के लिए है।
क्योंकि सामने वाले कोण बराबर होते हैं और कुल योग 360° होता है, इसलिए तीन लगातार कोण मिलकर 180° बनाते हैं।

🌟 🔵 उदाहरण से समझना

🟡 मान लीजिए तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने छह कोणों में एक कोण 40° है, दूसरा 60° है, तो तीसरा कितना होगा?

🔹 तीन क्रमागत कोणों का योग = 180°

इसलिए

तीसरा कोण = 180° – (40° + 60°)

= 180° – 100°

= 80°

अब सामने वाले कोण भी बराबर होंगे।

अतः छह कोण होंगे:

40°, 60°, 80°, 40°, 60°, 80°

🧠 यह प्रश्नों को हल करने का बहुत आसान ढंग है।

✏️ ध्यान दें:
तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं के प्रश्नों में प्रायः यही करना होता है:
➡️ बराबर कोण पहचानो
➡️ 180° या 360° का उपयोग करो
➡️ अज्ञात कोण निकालो

🌟 🔵 आकृति को पढ़ने की कला

🟢 बहुत-से विद्यार्थी गणित में गलती इसलिए करते हैं क्योंकि वे आकृति को ध्यान से नहीं पढ़ते।
🟣 इस अध्याय में आकृति पढ़ना बहुत आवश्यक है।

जब भी कोई आकृति दी जाए, तब यह क्रम अपनाओ:

🔹 पहले देखो कितनी रेखाएँ हैं।
🔹 फिर देखो कितने प्रतिच्छेदन बिंदु हैं।
🔹 फिर पहचानो कौन-से कोण आमने-सामने हैं।
🔹 फिर देखो कौन-से कोण रैखिक युग्म बना रहे हैं।
🔹 फिर 180° और 360° के नियम लगाओ।

💡 अवधारणा:
गणित के प्रश्नों में आकृति केवल चित्र नहीं होती, वह सूचना का स्रोत होती है।

🌟 🔵 अज्ञात कोण ज्ञात करना

🔵 इस अध्याय का मुख्य उपयोग यही है कि यदि कुछ कोण ज्ञात हों, तो अज्ञात कोण कैसे निकाले जाएँ।

उदाहरण 1:

यदि दो रेखाओं के प्रतिच्छेदन पर एक कोण 72° है, तो अन्य कोण ज्ञात करो।

🔹 सामने वाला कोण = 72°

🔹 संलग्न कोण = 180° – 72° = 108°

🔹 उसके सामने वाला भी = 108°

अतः चारों कोण होंगे:

72°, 108°, 72°, 108°

उदाहरण 2:

तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने तीन क्रमागत कोण 35°, 75°, x° हैं।
x ज्ञात करो।

🔹 35° + 75° + x° = 180°

🔹 110° + x° = 180°

🔹 x° = 70°

अब सामने वाले कोण भी इसी क्रम में होंगे।

🧠 इस प्रकार थोड़ा-सा तर्क लगाकर बड़ा प्रश्न बहुत सरल हो जाता है।

🌟 🔵 कोणों का वास्तविक जीवन में उपयोग

🟢 यह अध्याय केवल पुस्तक तक सीमित नहीं है।
🟡 इसका उपयोग हमारे जीवन में भी होता है।

🔹 सड़क और चौराहों की रचना में
🔹 भवन निर्माण में
🔹 खिड़की, दरवाजे और जालियों के ढाँचे में
🔹 पतंग, पुल, बिजली के खंभों और तारों की रचना में
🔹 कला और डिज़ाइन में

🟣 जब अभियंता या कारीगर किसी संरचना को बनाते हैं, तो उन्हें यह समझना होता है कि रेखाएँ कहाँ मिलेंगी और कौन-से कोण बनेंगे।

💡 अवधारणा:
गणित हमें केवल उत्तर निकालना नहीं सिखाती, बल्कि दुनिया की बनावट समझना भी सिखाती है।

🌟 🔵 तर्क और प्रमाण का महत्व

🔴 इस अध्याय में केवल उत्तर बताना पर्याप्त नहीं होता।
🟢 हमें यह भी बताना होता है कि उत्तर क्यों सही है।

यदि हम कहते हैं कि दो कोण बराबर हैं, तो कारण भी होना चाहिए।

उदाहरण:

🔹 क्योंकि वे शीर्षाभिमुख कोण हैं
या
🔹 क्योंकि वे रैखिक युग्म के सदस्य हैं और उनका योग 180° है
या
🔹 क्योंकि एक बिंदु के चारों ओर कोणों का योग 360° होता है

✏️ ध्यान दें:
“क्यों” लिखना गणितीय भाषा का बहुत महत्वपूर्ण भाग है।

🧠 अच्छा विद्यार्थी केवल गणना नहीं करता, वह तर्क भी देता है।

🌟 🔵 सामान्य भूलें

🟡 इस अध्याय में कुछ सामान्य भूलें होती हैं।
इनसे बचना बहुत आवश्यक है।

🔹 भूल 1:
संलग्न कोणों को शीर्षाभिमुख समझ लेना

🔸 सुधार:
जो कोण सामने-सामने हों, वही शीर्षाभिमुख होते हैं।

🔹 भूल 2:
हर दो पास-पास कोणों को 180° मान लेना

🔸 सुधार:
केवल वही दो संलग्न कोण 180° देंगे जो मिलकर सीधी रेखा बनाएँ।

🔹 भूल 3:
तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं में 6 कोणों के संबंध को न पहचानना

🔸 सुधार:
सामने वाले कोण बराबर और तीन क्रमागत कोणों का योग 180° होता है।

🔹 भूल 4:
आकृति में क्रम को गलत पढ़ लेना

🔸 सुधार:
कोणों को क्रम से नाम दो और धीरे-धीरे संबंध बनाओ।

✏️ ध्यान दें:
गलती कम करने का सबसे अच्छा तरीका है — आकृति पर चिन्ह लगाना और प्रत्येक चरण साफ लिखना।

🌟 🔵 अध्याय का सारगर्भित बौद्धिक संदेश

🟢 यह अध्याय हमें सिखाता है कि
छोटे-से चित्र में भी बड़ा गणित छिपा हो सकता है।
🟣 कुछ रेखाएँ मिलती हैं और उनसे नियम बनते हैं।
🟡 नियमों से संबंध निकलते हैं।
🔴 और संबंधों से अज्ञात बातें ज्ञात की जा सकती हैं।

यह अध्याय वास्तव में “देखो, सोचो, जोड़ो और सिद्ध करो” का अध्याय है।

🧠 यहाँ विद्यार्थी का मन निरीक्षण करना सीखता है।
💡 यहाँ तर्कशक्ति मजबूत होती है।
✏️ यहाँ गणित केवल संख्या का नहीं, आकृति और संबंध का भी विषय बन जाता है।

🌟 🔵 समापन

🟣 “तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा” नाम अपने आप में बहुत सुंदर है।
यह वास्तव में एक कथा ही है — ऐसी कथा जिसमें रेखाएँ पात्र हैं, कोण उनकी भाषा हैं, और गणित उनका नियम है।

🔵 जब दो रेखाएँ मिलती हैं, तो चार कोण बनते हैं।
🟢 जब तीन रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं, तो छह कोण बनते हैं।
🟡 सामने वाले कोण बराबर होते हैं।
🔴 रैखिक युग्म का योग 180° होता है।
🟠 एक बिंदु के चारों ओर सभी कोणों का योग 360° होता है।
🟤 और इन्हीं नियमों के सहारे हम अज्ञात कोणों की खोज कर लेते हैं।

🌈 इसलिए यह अध्याय हमें केवल कोण नहीं सिखाता, बल्कि
➡️ संबंध पहचानना
➡️ तर्क लगाना
➡️ नियम बनाना
➡️ और सही निष्कर्ष तक पहुँचना सिखाता है

✏️ ध्यान दें:
यदि विद्यार्थी इस अध्याय में आकृति को ध्यान से पढ़ना और कारण सहित उत्तर लिखना सीख ले, तो आगे की ज्यामिति बहुत सरल हो जाती है।

💡 अवधारणा:
रेखाएँ चाहे जितनी जटिल दिखें, सही नियम पहचान लेने पर पूरा प्रश्न सरल हो जाता है।

सारांश

🔵 इस अध्याय में रेखा, किरण, रेखाखंड और कोण की मूल बातें समझी जाती हैं।
🟢 जब दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं, तो चार कोण बनते हैं। इनमें सामने-सामने के कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं और वे बराबर होते हैं।
🟣 संलग्न कोणों का एक विशेष युग्म, जो मिलकर सीधी रेखा बनाता है, रैखिक युग्म कहलाता है और उसका योग 180° होता है।
🟡 जब तीन रेखाएँ एक ही बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं, तब 6 कोण बनते हैं। इन 6 कोणों में सामने वाले कोण बराबर होते हैं और एक बिंदु के चारों ओर सभी कोणों का योग 360° होता है।
🔴 इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि तीन क्रमागत कोणों का योग 180° होता है।
🟠 अध्याय का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि दिए गए कोणों की सहायता से अज्ञात कोण कैसे ज्ञात किए जाएँ।
🟤 इसके लिए हमें आकृति को ध्यान से पढ़ना, शीर्षाभिमुख कोण पहचानना, रैखिक युग्म पहचानना और 180° तथा 360° के नियमों का उपयोग करना आना चाहिए।
🔷 यह अध्याय तर्क, निरीक्षण और प्रमाण की आदत विकसित करता है।
🔶 वास्तविक जीवन में भी सड़क, भवन, डिज़ाइन और संरचना निर्माण में कोणों का बहुत महत्व है।
🌟 इस प्रकार यह अध्याय ज्यामिति की सुंदरता, व्यवस्था और तर्कपूर्ण सोच को सरल रूप में प्रस्तुत करता है।

📝 त्वरित पुनरावृत्ति

🔹 जब दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔸 रैखिक युग्म के कोणों का योग 180° होता है।
🔹 एक बिंदु के चारों ओर सभी कोणों का योग 360° होता है।
🔸 तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने तीन क्रमागत कोणों का योग 180° होता है।
🔹 अज्ञात कोण ज्ञात करने के लिए आकृति को ध्यान से पढ़ना और सही संबंध पहचानना आवश्यक है।
🔸 यह अध्याय तर्क, निरीक्षण और प्रमाण की समझ को मजबूत करता है।

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

🔒 ❓ प्रश्न 1.
एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 5 से.मी., AB = 6 से.मी. और CA = 5 से.मी. हो। A से भुजा BC पर शीर्षलम्ब की रचना कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 दिया है
🔸 BC = 5 से.मी.
🔸 AB = 6 से.मी.
🔸 AC = 5 से.मी.

🔹 रचना के चरण

🔹 1. 5 से.मी. लंबा रेखाखंड BC खींचिए।

🔹 2. बिंदु B को केंद्र मानकर 6 से.मी. त्रिज्या का एक चाप खींचिए।

🔹 3. बिंदु C को केंद्र मानकर 5 से.मी. त्रिज्या का दूसरा चाप खींचिए।

🔹 4. दोनों चाप जहाँ प्रतिच्छेद करें, उस बिंदु को A नाम दीजिए।

🔹 5. बिंदु A को B तथा C से मिलाइए।

🔸 इस प्रकार वांछित त्रिभुज ABC प्राप्त हो जाएगा, जिसमें
🔹 AB = 6 से.मी.
🔹 AC = 5 से.मी.
🔹 BC = 5 से.मी.

🔹 अब A से BC पर शीर्षलम्ब की रचना करते हैं।

🔹 6. बिंदु A को केंद्र मानकर ऐसा चाप खींचिए, जो भुजा BC को दो बिंदुओं पर काटे।
🔸 इन बिंदुओं को D और E मान लीजिए।

🔹 7. अब D तथा E को केंद्र मानकर, DE के आधे से अधिक समान त्रिज्या लेकर, BC के एक ही ओर दो चाप खींचिए।

🔹 8. ये दोनों चाप जहाँ प्रतिच्छेद करें, उस बिंदु को P नाम दीजिए।

🔹 9. बिंदु A और P को मिलाइए। यह रेखा BC को एक बिंदु M पर काटेगी।

🔹 10. तब
🔸 AM ⟂ BC

🔸 अतः AM, बिंदु A से भुजा BC पर खींचा गया शीर्षलम्ब है।

📌 ✅ निष्कर्ष:

🔹 वांछित त्रिभुज ABC की रचना हो गई।
🔹 तथा A से BC पर शीर्षलम्ब AM भी प्राप्त हो गया।

🔒 ❓ प्रश्न 2.
एक त्रिभुज TRY की रचना कीजिए जिसमें RY = 4 से.मी., TR = 7 से.मी. और ∠R = 140° हो। T से भुजा RY पर शीर्षलम्ब की रचना कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 दिया है
🔸 RY = 4 से.मी.
🔸 TR = 7 से.मी.
🔸 ∠R = 140°

🔹 रचना के चरण

🔹 1. 4 से.मी. लंबा रेखाखंड RY खींचिए।

🔹 2. बिंदु R पर 140° का एक कोण बनाइए।
🔸 इसकी एक भुजा RY होगी।
🔸 दूसरी भुजा को RX मान लेते हैं।

🔹 3. बिंदु R को केंद्र मानकर 7 से.मी. त्रिज्या का एक चाप खींचिए, जो किरण RX को T बिंदु पर काटे।

🔹 4. बिंदु T को Y से मिलाइए।

🔸 इस प्रकार वांछित त्रिभुज TRY प्राप्त हो जाएगा, जिसमें
🔹 RY = 4 से.मी.
🔹 RT = 7 से.मी.
🔹 ∠TRY = 140°

🔹 अब T से RY पर शीर्षलम्ब की रचना करते हैं।

🔹 5. बिंदु T को केंद्र मानकर ऐसा चाप खींचिए, जो भुजा RY को दो बिंदुओं पर काटे।
🔸 इन बिंदुओं को D और E मान लेते हैं।

🔹 6. अब D तथा E को केंद्र मानकर, DE के आधे से अधिक समान त्रिज्या लेकर, RY के एक ही ओर दो चाप खींचिए।

🔹 7. ये दोनों चाप जहाँ प्रतिच्छेद करें, उस बिंदु को P नाम दीजिए।

🔹 8. बिंदु T और P को मिलाइए। यह रेखा RY को एक बिंदु N पर काटेगी।

🔹 9. तब
🔸 TN ⟂ RY

🔸 अतः TN, बिंदु T से भुजा RY पर खींचा गया शीर्षलम्ब है।

📌 ✅ निष्कर्ष:

🔹 वांछित त्रिभुज TRY की रचना हो गई।
🔹 तथा T से RY पर शीर्षलम्ब TN भी प्राप्त हो गया।

🔒 ❓ प्रश्न 3.
एक समकोण त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें ∠B = 90° और AC = 5 से.मी. हो। इन मापों के कितने भिन्न-भिन्न त्रिभुज हो सकते हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 दिया है
🔸 ∠B = 90°
🔸 AC = 5 से.मी.

🔹 यहाँ AC कर्ण है, क्योंकि समकोण B पर है।

🔹 अब ध्यान दीजिए—

🔹 यदि केवल
🔸 एक कोण = 90°
और
🔸 कर्ण = 5 से.मी.
दिया हो,

तो केवल इन दो जानकारियों से त्रिभुज एक ही प्रकार का निश्चित नहीं होता।

🔹 कारण यह है कि
🔸 बिंदु B ऐसी अनेक स्थितियों पर लिया जा सकता है, जहाँ से AC रेखाखंड 90° के कोण पर दिखाई दे।

🔹 ज्यामिति के अनुसार,
🔸 जिन बिंदुओं से रेखाखंड AC समकोण पर दिखाई देता है, वे एक वृत्त पर स्थित होते हैं, जिसका व्यास AC होता है।

🔹 इसलिए यदि हम 5 से.मी. का रेखाखंड AC खींच लें,
तो उसके व्यास वाला अर्धवृत्त बनाकर उस पर अनेक बिंदु B लिए जा सकते हैं।

🔹 प्रत्येक ऐसे बिंदु B के लिए
🔸 ∠ABC = 90° होगा।

🔹 अतः ऐसे अनेक समकोण त्रिभुज बनाए जा सकते हैं।

📌 ✅ रचना की एक विधि:

🔹 1. 5 से.मी. लंबा रेखाखंड AC खींचिए।

🔹 2. AC का मध्यबिंदु O ज्ञात कीजिए।

🔹 3. केंद्र O तथा त्रिज्या OA लेकर AC को व्यास मानकर एक अर्धवृत्त खींचिए।

🔹 4. अर्धवृत्त पर A और C के अतिरिक्त कोई भी एक बिंदु B चुन लीजिए।

🔹 5. AB तथा BC को मिलाइए।

🔹 तब
🔸 ∠ABC = 90°

🔹 इस प्रकार एक समकोण त्रिभुज ABC प्राप्त होगा।

📌 ✅ निष्कर्ष:

🔹 दिए गए मापों के आधार पर एक नहीं, बल्कि अनेक भिन्न-भिन्न त्रिभुज संभव हैं।
🔹 क्योंकि B को अर्धवृत्त पर अनेक स्थानों पर लिया जा सकता है।

🔒 ❓ प्रश्न 4.
रचना के माध्यम से पता लगाइए कि क्या एक ऐसे समबाहु त्रिभुज की रचना संभव है जिसमें
(i) एक समकोण हो और
(ii) एक अधिक कोण हो।
साथ ही ऐसे समद्विबाहु त्रिभुज की भी रचना कीजिए जिसमें
(i) एक समकोण हो और
(ii) एक अधिक कोण हो।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 इस प्रश्न में हमें दो प्रकार के त्रिभुजों के बारे में विचार करना है—

🔸 समबाहु त्रिभुज
🔸 समद्विबाहु त्रिभुज

पहले समबाहु त्रिभुज को समझते हैं।

🔹 समबाहु त्रिभुज में
🔸 तीनों भुजाएँ बराबर होती हैं।
🔸 तीनों कोण भी बराबर होते हैं।

🔹 त्रिभुज के तीनों कोणों का योग = 180°

🔹 इसलिए समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण

🔹 = 180° / 3
🔹 = 60°

अब प्रश्न के दोनों भाग देखें—

🔹 (i) क्या समबाहु त्रिभुज में एक समकोण हो सकता है?

🔹 समकोण = 90°
🔹 पर समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° होता है।

🔸 इसलिए समकोण वाला समबाहु त्रिभुज संभव नहीं है।

🔹 (ii) क्या समबाहु त्रिभुज में एक अधिक कोण हो सकता है?

🔹 अधिक कोण 90° से बड़ा होता है।
🔹 पर समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° होता है।

🔸 इसलिए अधिक कोण वाला समबाहु त्रिभुज भी संभव नहीं है।

अब समद्विबाहु त्रिभुज पर विचार करते हैं।

🔹 समद्विबाहु त्रिभुज में
🔸 दो भुजाएँ बराबर होती हैं।
🔸 उनके सामने के दो कोण भी बराबर होते हैं।

अब दोनों स्थितियाँ देखते हैं—

🟢 (i) समकोण वाला समद्विबाहु त्रिभुज

🔹 यह संभव है।

🔹 उदाहरण के लिए, यदि एक कोण 90° हो,
तो शेष दो कोणों का योग = 90° होगा।

🔹 और क्योंकि वे दोनों बराबर होंगे,

🔹 प्रत्येक = 90° / 2
🔹 = 45°

🔸 अतः 45°, 45°, 90° वाला त्रिभुज एक समद्विबाहु समकोण त्रिभुज है।

📌 ✅ रचना की एक सरल विधि:

🔹 1. एक समकोण ∠A = 90° बनाइए।

🔹 2. उसकी दोनों भुजाओं पर बिंदु B और C इस प्रकार लीजिए कि
🔸 AB = AC

🔹 3. अब B और C को मिलाइए।

🔸 तब प्राप्त त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु समकोण त्रिभुज होगा।

🟢 (ii) अधिक कोण वाला समद्विबाहु त्रिभुज

🔹 यह भी संभव है।

🔹 उदाहरण के लिए, यदि एक कोण 100° हो,
तो शेष दो कोणों का योग = 80° होगा।

🔹 और क्योंकि वे बराबर होंगे,

🔹 प्रत्येक = 80° / 2
🔹 = 40°

🔸 अतः 40°, 40°, 100° वाला त्रिभुज एक समद्विबाहु अधिककोण त्रिभुज है।

📌 ✅ रचना की एक सरल विधि:

🔹 1. एक कोण ∠A = 100° बनाइए।

🔹 2. उसकी दोनों भुजाओं पर बिंदु B और C इस प्रकार लीजिए कि
🔸 AB = AC

🔹 3. अब B और C को मिलाइए।

🔸 तब प्राप्त त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु अधिककोण त्रिभुज होगा।

📌 ✅ अंतिम निष्कर्ष:

🔹 समबाहु त्रिभुज
🔸 (i) एक समकोण वाला — संभव नहीं
🔸 (ii) एक अधिक कोण वाला — संभव नहीं

🔹 समद्विबाहु त्रिभुज
🔸 (i) एक समकोण वाला — संभव है
🔸 (ii) एक अधिक कोण वाला — संभव है

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

खंड A
(प्रश्न 1 से 6)
प्रत्येक प्रश्न 1 अंक

🔒 ❓ प्रश्न 1.
जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तब आमने-सामने बने कोण क्या कहलाते हैं?

🟢1️⃣ शीर्षाभिमुख कोण
🔵2️⃣ रैखिक युग्म
🟡3️⃣ समकोण
🟣4️⃣ पूर्ण कोण

✔️ उत्तर: 🟢1️⃣

🔒 ❓ प्रश्न 2.
रैखिक युग्म के कोणों का योग कितना होता है?

🟢1️⃣ 90°
🔵2️⃣ 180°
🟡3️⃣ 270°
🟣4️⃣ 360°

✔️ उत्तर: 🔵2️⃣

🔒 ❓ प्रश्न 3.
यदि दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं और एक कोण 65° है, तो उसके शीर्षाभिमुख कोण का मान क्या होगा?

🟢1️⃣ 25°
🔵2️⃣ 65°
🟡3️⃣ 115°
🟣4️⃣ 180°

✔️ उत्तर: 🔵2️⃣

🔒 ❓ प्रश्न 4.
एक बिंदु के चारों ओर बने सभी कोणों का योग कितना होता है?

🟢1️⃣ 90°
🔵2️⃣ 180°
🟡3️⃣ 270°
🟣4️⃣ 360°

✔️ उत्तर: 🟣4️⃣

🔒 ❓ प्रश्न 5.
तीन रेखाएँ यदि एक ही बिंदु पर प्रतिच्छेद करें, तो कुल कितने कोण बनते हैं?

🟢1️⃣ 3
🔵2️⃣ 4
🟡3️⃣ 6
🟣4️⃣ 8

✔️ उत्तर: 🟡3️⃣

🔒 ❓ प्रश्न 6.
यदि दो संलग्न कोण मिलकर एक सीधी रेखा बनाते हैं, तो वे क्या कहलाते हैं?

🟢1️⃣ शीर्षाभिमुख कोण
🔵2️⃣ रैखिक युग्म
🟡3️⃣ पूर्ण कोण
🟣4️⃣ न्यून कोण

✔️ उत्तर: 🔵2️⃣

खंड B
(प्रश्न 7 से 12)
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक

🔒 ❓ प्रश्न 7.
शीर्षाभिमुख कोण किसे कहते हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तब आमने-सामने बने कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं।
🔹 शीर्षाभिमुख कोणों का मान सदैव बराबर होता है।

🔒 ❓ प्रश्न 8.
रैखिक युग्म किसे कहते हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 दो संलग्न कोण जिनकी असामान्य भुजाएँ मिलकर एक सीधी रेखा बनाएँ, रैखिक युग्म कहलाते हैं।
🔹 रैखिक युग्म के कोणों का योग 180° होता है।

🔒 ❓ प्रश्न 9.
यदि एक कोण 72° है, तो उसके संलग्न कोण का मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 रैखिक युग्म के कोणों का योग = 180°
🔹 संलग्न कोण = 180° – 72°
🔹 = 108°
🔹 अतः संलग्न कोण 108° है।

🔒 ❓ प्रश्न 10.
यदि दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं और एक कोण 48° है, तो उसके शीर्षाभिमुख कोण तथा दोनों संलग्न कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 शीर्षाभिमुख कोण = 48°
🔹 संलग्न कोण = 180° – 48°
🔹 = 132°
🔹 दूसरा संलग्न कोण भी 132° होगा।
🔹 अतः कोण होंगे : 48°, 132°, 48°, 132°

🔒 ❓ प्रश्न 11.
एक बिंदु के चारों ओर बने कोणों का योग 360° क्यों होता है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 एक बिंदु के चारों ओर पूरा घूर्णन एक पूरा चक्र बनाता है।
🔹 पूरे चक्र का मान 360° होता है।
🔹 इसलिए किसी बिंदु के चारों ओर बने सभी कोणों का योग 360° होता है।

🔒 ❓ प्रश्न 12.
तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने कोणों में कोई तीन क्रमागत कोणों का योग 180° क्यों होता है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से 6 कोण बनते हैं।
🔹 आमने-सामने के कोण बराबर होते हैं।
🔹 सभी 6 कोणों का कुल योग 360° होता है।
🔹 इसलिए तीन क्रमागत कोण शेष तीन क्रमागत कोणों के बराबर होते हैं।
🔹 अतः किसी भी तीन क्रमागत कोणों का योग 180° होता है।

खंड C
(प्रश्न 13 से 22)
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक

🔒 ❓ प्रश्न 13.
यदि दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं और एक कोण 58° है, तो शेष तीनों कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 दिया है एक कोण = 58°
🔹 उसका शीर्षाभिमुख कोण = 58°
🔹 प्रत्येक संलग्न कोण = 180° – 58°
🔹 = 122°
🔹 अतः शेष तीन कोण हैं : 58°, 122°, 122°

🔒 ❓ प्रश्न 14.
यदि दो संलग्न कोणों का अनुपात 2 : 3 है और वे रैखिक युग्म बनाते हैं, तो दोनों कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मान लीजिए दोनों कोण 2x° और 3x° हैं।
🔹 रैखिक युग्म का योग = 180°
🔹 2x + 3x = 180
🔹 5x = 180
🔹 x = 36
🔹 पहला कोण = 2 x 36 = 72°
🔹 दूसरा कोण = 3 x 36 = 108°
🔹 अतः दोनों कोण 72° और 108° हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 15.
तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने तीन क्रमागत कोण 40°, 65° और x° हैं। x ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 तीन क्रमागत कोणों का योग = 180°
🔹 40° + 65° + x° = 180°
🔹 105° + x° = 180°
🔹 x° = 180° – 105°
🔹 x° = 75°
🔹 अतः x = 75°

🔒 ❓ प्रश्न 16.
यदि तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने छह कोणों में से तीन क्रमागत कोण 35°, 85° और 60° हैं, तो शेष तीन कोण ज्ञात कीजिए।

अथवा

यदि छह कोण क्रमशः a°, b°, c°, a°, b°, c° हों, तो सिद्ध कीजिए कि a + b + c = 180°

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले भाग के लिए :
🔹 तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं में आमने-सामने के कोण बराबर होते हैं।
🔹 अतः शेष तीन कोण भी क्रमशः 35°, 85° और 60° होंगे।
🔹 इसलिए छह कोण हैं : 35°, 85°, 60°, 35°, 85°, 60°

🔹 अथवा

🔹 दूसरे भाग के लिए :
🔹 कुल 6 कोणों का योग = 360°
🔹 a + b + c + a + b + c = 360°
🔹 2a + 2b + 2c = 360°
🔹 2(a + b + c) = 360°
🔹 a + b + c = 180°
🔹 अतः सिद्ध हुआ।

🔒 ❓ प्रश्न 17.
दो रेखाएँ O बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि एक कोण 96° है, तो सभी चार कोणों के मान लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 एक कोण = 96°
🔹 उसका शीर्षाभिमुख कोण = 96°
🔹 संलग्न कोण = 180° – 96°
🔹 = 84°
🔹 दूसरा संलग्न कोण भी 84° होगा।
🔹 अतः सभी चार कोण हैं : 96°, 84°, 96°, 84°

🔒 ❓ प्रश्न 18.
तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने कोणों में दो क्रमागत कोण 50° और 70° हैं। तीसरा क्रमागत कोण तथा उसके शीर्षाभिमुख कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 तीन क्रमागत कोणों का योग = 180°
🔹 तीसरा कोण = 180° – (50° + 70°)
🔹 = 180° – 120°
🔹 = 60°
🔹 उसका शीर्षाभिमुख कोण = 60°
🔹 अतः आवश्यक कोण 60° और 60° हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 19.
समझाइए कि शीर्षाभिमुख कोण बराबर क्यों होते हैं।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मान लीजिए दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं।
🔹 एक कोण x° है।
🔹 उसके साथ लगा कोण 180° – x° होगा, क्योंकि वे रैखिक युग्म बनाते हैं।
🔹 उसके सामने वाला कोण भी उसी कोण के साथ रैखिक युग्म बनाएगा।
🔹 इसलिए सामने वाले कोण का मान भी x° होगा।
🔹 अतः शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 20.
यदि एक बिंदु के चारों ओर चार कोण 80°, 95°, 110° और x° हैं, तो x ज्ञात कीजिए।

अथवा

यदि एक बिंदु के चारों ओर कोण 120°, 90°, y° और 60° हैं, तो y ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले भाग के लिए :
🔹 एक बिंदु के चारों ओर कोणों का योग = 360°
🔹 80° + 95° + 110° + x° = 360°
🔹 285° + x° = 360°
🔹 x° = 75°
🔹 अतः x = 75°

🔹 अथवा

🔹 दूसरे भाग के लिए :
🔹 120° + 90° + y° + 60° = 360°
🔹 270° + y° = 360°
🔹 y° = 90°
🔹 अतः y = 90°

🔒 ❓ प्रश्न 21.
एक आकृति में दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं। यदि एक कोण दूसरे संलग्न कोण से 30° कम है, तो दोनों कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मान लीजिए बड़ा कोण = x°
🔹 तब छोटा कोण = (x – 30)°
🔹 दोनों संलग्न कोण हैं, इसलिए
🔹 x + (x – 30) = 180
🔹 2x – 30 = 180
🔹 2x = 210
🔹 x = 105
🔹 छोटा कोण = 105 – 30 = 75°
🔹 अतः दोनों कोण 75° और 105° हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 22.
तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने छह कोणों का क्रम a°, b°, c°, a°, b°, c° है। यदि a = 45° और b = 55° हो, तो c ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 तीन क्रमागत कोणों का योग = 180°
🔹 a + b + c = 180°
🔹 45° + 55° + c° = 180°
🔹 100° + c° = 180°
🔹 c° = 80°
🔹 अतः c = 80°

खंड D
(प्रश्न 23 से 30)
प्रत्येक प्रश्न 4 अंक

🔒 ❓ प्रश्न 23.
यदि दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं और एक कोण x° है, तो सिद्ध कीजिए कि उसके संलग्न कोण का मान (180 – x)° होगा और शीर्षाभिमुख कोण x° होगा।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मान लीजिए एक कोण x° है।
🔹 उसके साथ लगा कोण उसी सीधी रेखा पर स्थित है।
🔹 इसलिए दोनों कोण रैखिक युग्म बनाते हैं।
🔹 रैखिक युग्म का योग = 180°
🔹 अतः संलग्न कोण = (180 – x)°
🔹 अब सामने वाला कोण इसी संलग्न कोण के साथ रैखिक युग्म बनाएगा।
🔹 इसलिए सामने वाले कोण का मान x° होगा।
🔹 अतः सिद्ध हुआ कि संलग्न कोण (180 – x)° तथा शीर्षाभिमुख कोण x° होता है।

🔒 ❓ प्रश्न 24.
तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने छह कोणों में से एक कोण 30° और दूसरा क्रमागत कोण 70° है। सभी छह कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मान लीजिए तीन क्रमागत कोण 30°, 70° और x° हैं।
🔹 तीन क्रमागत कोणों का योग = 180°
🔹 30° + 70° + x° = 180°
🔹 100° + x° = 180°
🔹 x° = 80°
🔹 इसलिए तीन क्रमागत कोण 30°, 70°, 80° हैं।
🔹 इनके शीर्षाभिमुख कोण भी क्रमशः 30°, 70° और 80° होंगे।
🔹 अतः सभी छह कोण हैं : 30°, 70°, 80°, 30°, 70°, 80°

🔒 ❓ प्रश्न 25.
एक बिंदु O पर तीन रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं। उनसे बने तीन क्रमागत कोणों का अनुपात 2 : 3 : 4 है। सभी छह कोणों के मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मान लीजिए तीन क्रमागत कोण 2x°, 3x° और 4x° हैं।
🔹 तीन क्रमागत कोणों का योग = 180°
🔹 2x + 3x + 4x = 180
🔹 9x = 180
🔹 x = 20
🔹 इसलिए कोण हैं :
🔹 2x = 40°
🔹 3x = 60°
🔹 4x = 80°
🔹 शीर्षाभिमुख कोण बराबर होंगे।
🔹 अतः सभी छह कोण हैं : 40°, 60°, 80°, 40°, 60°, 80°

🔒 ❓ प्रश्न 26.
समझाइए कि तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने किसी भी तीन क्रमागत कोणों का योग 180° क्यों होता है।

अथवा

एक बिंदु के चारों ओर बने कोणों का योग 360° होने का उपयोग करके कोण ज्ञात करने की विधि समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले भाग के लिए :
🔹 तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से 6 कोण बनते हैं।
🔹 आमने-सामने के कोण बराबर होते हैं।
🔹 यदि तीन क्रमागत कोण a°, b°, c° हों, तो शेष तीन क्रमशः a°, b°, c° होंगे।
🔹 सभी कोणों का कुल योग = 360°
🔹 a + b + c + a + b + c = 360°
🔹 2(a + b + c) = 360°
🔹 a + b + c = 180°
🔹 अतः तीन क्रमागत कोणों का योग 180° होता है।

🔹 अथवा

🔹 दूसरे भाग के लिए :
🔹 एक बिंदु के चारों ओर सभी कोणों का योग 360° होता है।
🔹 यदि कुछ कोण ज्ञात हों और एक अज्ञात हो, तो ज्ञात कोणों का योग निकालते हैं।
🔹 फिर 360° में से उसे घटाकर अज्ञात कोण प्राप्त करते हैं।
🔹 उदाहरण के लिए यदि कोण 90°, 110° और x° हों, तो
🔹 x = 360° – (90° + 110°)
🔹 = 160°
🔹 इस प्रकार यह नियम अज्ञात कोण ज्ञात करने में सहायक होता है।

🔒 ❓ प्रश्न 27.
दो रेखाएँ AOB और COD बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि ∠AOC = 3x° और ∠AOD = 2x° हों, तो सभी कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 ∠AOC और ∠AOD संलग्न कोण हैं।
🔹 इसलिए उनका योग = 180°
🔹 3x + 2x = 180
🔹 5x = 180
🔹 x = 36
🔹 ∠AOC = 3x = 108°
🔹 ∠AOD = 2x = 72°
🔹 शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 इसलिए ∠BOD = 108°
🔹 और ∠BOC = 72°
🔹 अतः सभी कोण 108°, 72°, 108°, 72° हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 28.
तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने छह कोणों में से दो क्रमागत कोण x° और (x + 20)° हैं तथा तीसरा क्रमागत कोण (x + 40)° है। सभी कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 तीन क्रमागत कोणों का योग = 180°
🔹 x + (x + 20) + (x + 40) = 180
🔹 3x + 60 = 180
🔹 3x = 120
🔹 x = 40
🔹 इसलिए तीन क्रमागत कोण हैं :
🔹 x = 40°
🔹 x + 20 = 60°
🔹 x + 40 = 80°
🔹 शीर्षाभिमुख कोण बराबर होंगे।
🔹 अतः सभी छह कोण हैं : 40°, 60°, 80°, 40°, 60°, 80°

🔒 ❓ प्रश्न 29.
समझाइए कि रैखिक युग्म और शीर्षाभिमुख कोणों की सहायता से किसी प्रतिच्छेदी रेखा के सभी कोण कैसे ज्ञात किए जा सकते हैं।

अथवा

यदि एक कोण 125° हो, तो प्रतिच्छेद करती दो रेखाओं से बने सभी कोण ज्ञात कीजिए और कारण लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले भाग के लिए :
🔹 यदि एक कोण ज्ञात हो, तो उसका शीर्षाभिमुख कोण उसके बराबर होगा।
🔹 अब ज्ञात कोण के साथ लगे दोनों संलग्न कोण रैखिक युग्म बनाएँगे।
🔹 इसलिए प्रत्येक संलग्न कोण = 180° – दिया गया कोण
🔹 इस प्रकार एक कोण से शेष तीन कोण ज्ञात किए जा सकते हैं।
🔹 यही कारण है कि रैखिक युग्म और शीर्षाभिमुख कोण बहुत उपयोगी हैं।

🔹 अथवा

🔹 दूसरे भाग के लिए :
🔹 दिया है एक कोण = 125°
🔹 उसका शीर्षाभिमुख कोण = 125°
🔹 संलग्न कोण = 180° – 125°
🔹 = 55°
🔹 दूसरा संलग्न कोण भी 55° होगा।
🔹 अतः सभी कोण हैं : 125°, 55°, 125°, 55°
🔹 कारण : शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं और रैखिक युग्म का योग 180° होता है।

🔒 ❓ प्रश्न 30.
अध्याय “तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा” के आधार पर बताइए कि रेखाओं के प्रतिच्छेदन से बनने वाले कोणों के संबंध जानना क्यों महत्वपूर्ण है। उत्तर उदाहरण सहित लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 रेखाओं के प्रतिच्छेदन से बनने वाले कोणों के संबंध जानने से अज्ञात कोण ज्ञात करना सरल हो जाता है।
🔹 इससे हमें यह समझ आता है कि कौन-से कोण बराबर हैं और कौन-से कोणों का योग 180° या 360° होगा।
🔹 शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 रैखिक युग्म का योग 180° होता है।
🔹 एक बिंदु के चारों ओर बने कोणों का योग 360° होता है।
🔹 तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं में तीन क्रमागत कोणों का योग 180° होता है।
🔹 उदाहरण के लिए यदि तीन क्रमागत कोण 50°, 60° और x° हों, तो
🔹 50° + 60° + x° = 180°
🔹 110° + x° = 180°
🔹 x° = 70°
🔹 फिर उसके शीर्षाभिमुख कोण का मान भी 70° होगा।
🔹 इसलिए इन संबंधों का ज्ञान प्रश्न हल करने, तर्क विकसित करने और ज्यामिति को समझने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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