Class 7, Maths (Hindi)

Class 7 : गणित – अध्याय 5 : समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ

व्याख्या और विवेचन

🔹 यह अध्याय ज्यामिति के उन मूल विचारों में से एक है जिनके आधार पर आगे बहुत-सी आकृतियों, कोणों और रचनाओं को समझा जाता है।
🔹 इस पाठ में हम यह सीखते हैं कि एक ही समतल में स्थित दो रेखाएँ आपस में किस प्रकार व्यवहार करती हैं।
🔹 कुछ रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, कुछ कभी नहीं मिलतीं, और कुछ रेखाएँ इस प्रकार मिलती हैं कि समकोण बनता है।
🔹 इन सब स्थितियों को समझने से आकृतियों को पढ़ना, कोणों के संबंध पहचानना और प्रश्नों को तर्कपूर्वक हल करना सरल हो जाता है।

🔹 सबसे पहले रेखा का विचार स्पष्ट होना चाहिए।
🔹 रेखा सीधी मानी जाती है और दोनों दिशाओं में बिना अंत के बढ़ती हुई समझी जाती है।
🔹 जब हम कागज़ पर रेखा बनाते हैं, तब वास्तव में उसका केवल एक छोटा भाग ही बनाते हैं, पर गणित में उसका विचार असीम बढ़ने वाला होता है।
🔹 रेखा की पहचान केवल उसकी लंबाई से नहीं, बल्कि दूसरी रेखाओं के साथ उसके संबंध से भी होती है।

🔹 इस अध्याय में मुख्य रूप से दो प्रकार की स्थितियों पर ध्यान दिया जाता है।
🔹 पहली स्थिति यह है कि दो रेखाएँ किसी एक बिंदु पर मिलती हैं।
🔹 दूसरी स्थिति यह है कि दो रेखाएँ कभी नहीं मिलतीं।
🔹 यदि रेखाएँ किसी एक बिंदु पर मिलें, तो वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं।
🔹 यदि वे एक ही समतल में हों, कभी न मिलें, और उनके बीच की दूरी हर स्थान पर समान रहे, तो वे समांतर रेखाएँ कहलाती हैं।

🔹 प्रतिच्छेदी रेखाओं को समझना अध्याय का पहला महत्त्वपूर्ण भाग है।
🔹 जब दो रेखाएँ किसी एक बिंदु पर मिलती हैं, तो उस बिंदु को प्रतिच्छेदन बिंदु कहते हैं।
🔹 इस प्रतिच्छेदन पर चार कोण बनते हैं।
🔹 इन कोणों के बीच कुछ निश्चित संबंध होते हैं।
🔹 यदि इन संबंधों को समझ लिया जाए, तो कोणों से जुड़े अनेक प्रश्न बहुत सरल हो जाते हैं।

🔹 प्रतिच्छेदी रेखाओं से बनने वाले आमने-सामने के कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं।
🔹 शीर्षाभिमुख कोणों का माप बराबर होता है।
🔹 यदि एक कोण 50° है, तो उसका शीर्षाभिमुख कोण भी 50° होगा।
🔹 यदि एक कोण x° है, तो उसका आमने-सामने वाला कोण भी x° होगा।
🔹 यह नियम बहुत सरल है, पर अत्यन्त उपयोगी है।

🔹 अब साथ-साथ बने कोणों पर ध्यान दीजिए।
🔹 जब दो कोण एक सीधी रेखा पर साथ-साथ बने हों, तो उनका योग 180° होता है।
🔹 इसलिए यदि एक कोण 70° है, तो उससे लगा हुआ दूसरा कोण 110° होगा।
🔹 क्योंकि
🔹 70° + 110° = 180°
🔹 इस प्रकार प्रतिच्छेदन पर यदि एक कोण ज्ञात हो, तो शेष तीन कोण निकाले जा सकते हैं।

🔹 उदाहरण के रूप में मानिए कि दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं और एक कोण 40° है।
🔹 तब उसका शीर्षाभिमुख कोण भी 40° होगा।
🔹 उसके पास वाले दोनों कोण 140° होंगे।
🔹 क्योंकि
🔹 180° – 40° = 140°
🔹 इस प्रकार चारों कोण 40°, 140°, 40°, 140° होंगे।
🔹 इससे पता चलता है कि एक ही जानकारी से पूरा प्रतिच्छेदन समझा जा सकता है।

🔹 अब लंब रेखाओं का विचार समझते हैं।
🔹 यदि दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करें और प्रतिच्छेदन पर कोई एक कोण 90° हो, तो वे लंब रेखाएँ कहलाती हैं।
🔹 लंब रेखाएँ प्रतिच्छेदी रेखाओं का विशेष रूप हैं।
🔹 इसका अर्थ है कि हर लंब रेखा प्रतिच्छेदी होती है, पर हर प्रतिच्छेदी रेखा लंब नहीं होती।
🔹 यह भेद विद्यार्थियों को बहुत स्पष्ट रहना चाहिए।

🔹 यदि प्रतिच्छेदन पर एक कोण 90° है, तो उससे लगा कोण भी 90° होगा, क्योंकि दोनों का योग 180° है।
🔹 फिर शीर्षाभिमुख कोणों की बराबरी से सामने वाले दोनों कोण भी 90° होंगे।
🔹 अतः लंब रेखाओं के प्रतिच्छेदन पर बने चारों कोण 90° होते हैं।
🔹 यही कारण है कि लंबता का सीधा संबंध समकोण से है।

🔹 अब समांतर रेखाओं की ओर बढ़ते हैं।
🔹 दो रेखाएँ एक ही समतल में हों, कभी न मिलें, और उनके बीच की दूरी हर स्थान पर समान रहे, तो वे समांतर रेखाएँ हैं।
🔹 केवल यह देख लेना पर्याप्त नहीं कि दो रेखाएँ दूर-दूर हैं।
🔹 समांतरता की असली शर्त समान दूरी है।
🔹 यदि दूरी बदलती रहे, तो रेखाएँ समांतर नहीं मानी जाएँगी।

🔹 हमारे चारों ओर समांतर रेखाओं के अनेक उदाहरण दिखाई देते हैं।
🔹 कापी की पंक्तियाँ, खिड़की की सलाखें, फर्श की सीधी धारियाँ, और रेल की पटरियाँ समांतरता की समझ को सरल बनाती हैं।
🔹 इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि यह अध्याय केवल पुस्तक तक सीमित नहीं, बल्कि दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ है।
🔹 जब विद्यार्थी जीवन में इन रूपों को पहचानते हैं, तो गणित अधिक सहज लगने लगता है।

🔹 इस अध्याय का एक रोचक पक्ष यह भी है कि रेखाओं के संबंधों को क्रिया के द्वारा भी समझा जा सकता है।
🔹 कागज़ को मोड़ने पर जो मोड़-रेखाएँ बनती हैं, वे कभी प्रतिच्छेदी, कभी लंब और कभी समांतर रूप दिखा सकती हैं।
🔹 इससे यह समझ आता है कि ज्यामिति केवल परिभाषा याद करने का विषय नहीं है।
🔹 यह देखने, पहचानने और तर्क करने का विषय है।

🔹 अब उस स्थिति को समझिए जब एक तीसरी रेखा दो रेखाओं को काटती है।
🔹 ऐसी काटने वाली रेखा छेदक कहलाती है।
🔹 जब एक छेदक दो रेखाओं को काटती है, तब कई कोण बनते हैं।
🔹 यदि वे दोनों रेखाएँ समांतर हों, तो इन कोणों के बीच कुछ निश्चित संबंध मिलते हैं।
🔹 यही संबंध इस अध्याय का सबसे महत्त्वपूर्ण भाग हैं।

🔹 छेदक द्वारा दो समांतर रेखाओं को काटने पर बनने वाले कोणों में सबसे पहले संगत कोणों को समझना आवश्यक है।
🔹 जो कोण दोनों प्रतिच्छेदनों पर एक जैसी स्थिति में होते हैं, वे संगत कोण कहलाते हैं।
🔹 समांतर रेखाओं के लिए संगत कोण बराबर होते हैं।
🔹 यदि एक संगत कोण 60° है, तो उसका संगत कोण भी 60° होगा।
🔹 यह नियम समांतर रेखाओं की पहचान में बहुत महत्त्वपूर्ण है।

🔹 अब एकांतर अंतः कोणों को समझते हैं।
🔹 ये कोण दोनों रेखाओं के बीच के भाग में होते हैं और छेदक के विपरीत ओर स्थित रहते हैं।
🔹 समांतर रेखाओं की स्थिति में एकांतर अंतः कोण बराबर होते हैं।
🔹 यदि एक एकांतर अंतः कोण 75° है, तो उसका युग्म भी 75° होगा।
🔹 यह भी समांतरता की जाँच का एक महत्त्वपूर्ण आधार है।

🔹 अब उसी ओर के अंतः कोणों पर ध्यान दीजिए।
🔹 ये दोनों रेखाओं के बीच वाले भाग में होते हैं और छेदक की एक ही ओर स्थित रहते हैं।
🔹 समांतर रेखाओं के लिए ऐसे दोनों कोणों का योग 180° होता है।
🔹 यदि एक कोण 100° है, तो दूसरा 80° होगा।
🔹 क्योंकि
🔹 100° + 80° = 180°
🔹 इस प्रकार यहाँ बराबरी नहीं, बल्कि योग का संबंध होता है।

🔹 इस अध्याय में सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि कोणों की सही पहचान की जाए।
🔹 अनेक बार विद्यार्थी शीर्षाभिमुख कोण, संगत कोण और एकांतर अंतः कोणों में भ्रम कर लेते हैं।
🔹 यदि कोण-युग्म की पहचान गलत हो जाए, तो पूरा हल गलत हो सकता है।
🔹 इसलिए प्रश्न हल करने से पहले आकृति को ध्यान से देखना चाहिए।

🔹 शीर्षाभिमुख कोण एक ही प्रतिच्छेदन पर बनते हैं।
🔹 संगत कोण दो अलग प्रतिच्छेदनों पर एक जैसी स्थिति में होते हैं।
🔹 एकांतर अंतः कोण दोनों रेखाओं के बीच और छेदक के विपरीत ओर स्थित होते हैं।
🔹 एक ही ओर के अंतः कोण दोनों रेखाओं के बीच और छेदक की एक ही ओर होते हैं।
🔹 यदि यह भेद स्पष्ट हो जाए, तो अध्याय का बड़ा भाग बहुत आसान हो जाता है।

🔹 अब एक सरल उदाहरण पर विचार कीजिए।
🔹 दो समांतर रेखाओं को एक छेदक काटती है और एक कोण 65° है।
🔹 तब उसका संगत कोण 65° होगा।
🔹 उसका एकांतर अंतः कोण भी 65° होगा।
🔹 उससे लगा हुआ कोण 115° होगा।
🔹 क्योंकि
🔹 180° – 65° = 115°
🔹 उसके शीर्षाभिमुख कोण का मान भी 115° होगा।
🔹 इस प्रकार एक कोण के आधार पर कई अन्य कोण निकाले जा सकते हैं।

🔹 अब एक ऐसा उदाहरण लेते हैं जिसमें बीजगणित का प्रयोग हो।
🔹 मानिए दो संगत कोणों के माप (x + 20)° और (2x – 10)° हैं।
🔹 चूँकि संगत कोण बराबर होते हैं, इसलिए
🔹 x + 20 = 2x – 10
🔹 20 + 10 = 2x – x
🔹 30 = x
🔹 x = 30
🔹 अब प्रत्येक कोण का मान
🔹 x + 20 = 30 + 20 = 50°
🔹 और
🔹 2x – 10 = 60 – 10 = 50°
🔹 अतः दोनों कोण 50° हैं।

🔹 इसी प्रकार यदि एक ही ओर के अंतः कोण (x + 40)° और (2x + 20)° हों, तो
🔹 (x + 40) + (2x + 20) = 180
🔹 3x + 60 = 180
🔹 3x = 120
🔹 x = 40
🔹 अब पहला कोण
🔹 x + 40 = 80°
🔹 दूसरा कोण
🔹 2x + 20 = 100°
🔹 अतः दोनों कोण 80° और 100° हैं।
🔹 इससे स्पष्ट होता है कि इस अध्याय में कोण-संबंध और बीजगणित दोनों साथ काम कर सकते हैं।

🔹 इस पाठ का महत्त्व केवल कोणों का मान निकालने में नहीं है।
🔹 इन नियमों का उपयोग यह सिद्ध करने में भी किया जाता है कि दी गई दो रेखाएँ समांतर हैं या नहीं।
🔹 यदि संगत कोण बराबर हों, तो रेखाएँ समांतर होती हैं।
🔹 यदि एकांतर अंतः कोण बराबर हों, तो रेखाएँ समांतर होती हैं।
🔹 यदि एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° हो, तब भी रेखाएँ समांतर सिद्ध होती हैं।

🔹 इसका अर्थ यह है कि इस अध्याय में संबंध दोनों दिशाओं में काम करते हैं।
🔹 यदि रेखाएँ समांतर हैं, तो कोणों में कुछ निश्चित संबंध होंगे।
🔹 और यदि कोणों में वे निश्चित संबंध मिल जाएँ, तो रेखाओं की समांतरता सिद्ध की जा सकती है।
🔹 यही तर्कपूर्ण सोच ज्यामिति की सुंदरता है।
🔹 इस अध्याय का वास्तविक उद्देश्य केवल नियम बताना नहीं, बल्कि नियमों का तर्क समझाना है।

🔹 विद्यार्थियों को प्रायः तीन बातों में सबसे अधिक कठिनाई होती है।
🔹 पहली, प्रतिच्छेदी और लंब रेखाओं का अंतर।
🔹 दूसरी, संगत और एकांतर अंतः कोणों का अंतर।
🔹 तीसरी, बराबर कोणों और 180° के योग वाले कोणों के बीच अंतर।
🔹 यदि इन तीनों बिंदुओं को सावधानी से समझ लिया जाए, तो अधिकतर प्रश्न बिना कठिनाई के हल हो जाते हैं।

🔹 आगे की ज्यामिति में भी इस अध्याय का बहुत उपयोग होता है।
🔹 अनेक चतुर्भुजों में समांतर भुजाएँ होती हैं।
🔹 समकोण वाली आकृतियों में लंब रेखाओं का विचार आता है।
🔹 कोणों के कई तर्क इन्हीं मूल संबंधों पर आधारित होते हैं।
🔹 इसलिए यह अध्याय आगे के अध्ययन की नींव है।

🔹 वास्तविक जीवन में भी यह ज्ञान उपयोगी है।
🔹 भवन निर्माण में दीवारों की सीध, दरवाज़ों और खिड़कियों का गठन, फर्श की रचना, जालियों के रूप, और सड़क की रूपरेखा में समांतरता तथा प्रतिच्छेदन का विचार प्रयुक्त होता है।
🔹 जब विद्यार्थी इन उदाहरणों को गणित से जोड़ते हैं, तो अध्याय अधिक स्पष्ट और रोचक बन जाता है।
🔹 इस प्रकार यह पाठ निरीक्षण, तर्क और समझ तीनों को विकसित करता है।

🔹 अंत में यह कहा जा सकता है कि यह अध्याय रेखाओं के माध्यम से संबंधों की भाषा सिखाता है।
🔹 जहाँ प्रतिच्छेदन है, वहाँ कोणों का संबंध है।
🔹 जहाँ समांतरता है, वहाँ नियमितता और समान दूरी है।
🔹 जहाँ लंबता है, वहाँ समकोण की निश्चितता है।
🔹 इन विचारों को अच्छी तरह समझ लेने पर ज्यामिति का अध्ययन सरल, सार्थक और आनंददायक हो जाता है।

📌 ✅ सारांश:

🔹 इस अध्याय में एक ही समतल में स्थित रेखाओं की स्थितियों का अध्ययन किया जाता है।
🔹 जो रेखाएँ किसी एक बिंदु पर मिलती हैं, वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं।
🔹 प्रतिच्छेदन पर चार कोण बनते हैं और आमने-सामने के कोण शीर्षाभिमुख कोण होते हैं।
🔹 शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 यदि प्रतिच्छेदन पर कोई एक कोण 90° हो, तो रेखाएँ लंब कहलाती हैं।

🔹 जो रेखाएँ एक ही समतल में हों, कभी न मिलें, और समान दूरी बनाए रखें, वे समांतर रेखाएँ कहलाती हैं।
🔹 समांतरता को समझने के लिए समान दूरी का विचार बहुत आवश्यक है।
🔹 जब एक तीसरी रेखा दो रेखाओं को काटती है, तो उसे छेदक कहते हैं।
🔹 यदि छेदक दो समांतर रेखाओं को काटती है, तो संगत कोण बराबर होते हैं।
🔹 एकांतर अंतः कोण बराबर होते हैं।
🔹 एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।

🔹 इन संबंधों का उपयोग केवल कोणों का मान निकालने में ही नहीं, बल्कि रेखाओं की समांतरता सिद्ध करने में भी होता है।
🔹 यदि संगत कोण बराबर हों, या एकांतर अंतः कोण बराबर हों, या एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° हो, तो रेखाएँ समांतर मानी जाती हैं।
🔹 यह अध्याय आगे की ज्यामिति के लिए आधार तैयार करता है और आकृतियों को तर्कपूर्वक समझने की क्षमता बढ़ाता है।

📌 ✅ त्वरित पुनरावृत्ति:

🔹 प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं।
🔹 शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 लंब रेखाएँ 90° का कोण बनाती हैं।
🔹 समांतर रेखाएँ कभी नहीं मिलतीं और समान दूरी बनाए रखती हैं।
🔹 संगत कोण बराबर होते हैं।
🔹 एकांतर अंतः कोण बराबर होते हैं।
🔹 एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।
🔹 सही कोण-युग्म की पहचान ही प्रश्नों के सही समाधान की कुंजी है।

——————————————————————————————————————————————————————————————————————-

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

🔒 ❓ प्रश्न 1.
नीचे दिए गए चिह्नित कोणों को ज्ञात कीजिए—

📌 ✅ उत्तर:

🔹 (a)

दिया है: 48°

🔹 चित्र में दोनों तिरछी रेखाएँ समान्तर हैं।
🔹 48° और a° एकान्तर अंतः कोण हैं।
🔹 समान्तर रेखाओं पर एकान्तर अंतः कोण बराबर होते हैं।

🔸 अतः
a = 48°

🔹 (b)

दिया है: 52°

🔹 चित्र में दोनों रेखाएँ समान्तर हैं।
🔹 52° और b° एकान्तर अंतः कोण हैं।
🔹 समान्तर रेखाओं पर एकान्तर अंतः कोण बराबर होते हैं।

🔸 अतः
b = 52°

🔹 (c)

दिया है: 99° और 81°

🔹 ऊपर वाली रेखा पर 99° और 81° एक सरल कोण बनाते हैं।
🔹 c° नीचे वाली रेखा पर 81° का एकान्तर अंतः कोण है।
🔹 इसलिए c° = 81°

🔸 अतः
c = 81°

🔹 (d)

दिया है: 81° और 99°

🔹 d° ऊपर वाली रेखा पर उसी स्थिति में है, जिस स्थिति में नीचे वाली रेखा पर 81° है।
🔹 ये अनुरूप कोण हैं।
🔹 समान्तर रेखाओं पर अनुरूप कोण बराबर होते हैं।

🔸 अतः
d = 81°

🔹 (e)

दिया है: 69°

🔹 दाहिनी ओर की तिर्यक रेखा समान्तर रेखाओं को काट रही है।
🔹 69° और e° एकान्तर अंतः कोण हैं।
🔹 समान्तर रेखाओं पर एकान्तर अंतः कोण बराबर होते हैं।

🔸 अतः
e = 69°

🔹 (f)

दिया है: 132°

🔹 132° और f° एक ही ओर के अंतः कोण हैं।
🔹 समान्तर रेखाओं पर एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।

🔹 इसलिए
f + 132° = 180°

🔹 f = 180° – 132°

🔹 f = 48°

🔸 अतः
f = 48°

🔹 (g)

दिया है: 58° और 122°

🔹 दाहिनी समान्तर रेखा पर ऊपर-बाईं ओर का कोण 58° है।
🔹 बाईं समान्तर रेखा पर g° उसी अनुरूप स्थिति में है।
🔹 अनुरूप कोण बराबर होते हैं।

🔸 अतः
g = 58°

🔹 (h)

दिया है: 75°

🔹 दाहिनी तिर्यक रेखा दो समान्तर रेखाओं को काट रही है।
🔹 75° और h° एकान्तर अंतः कोण हैं।
🔹 इसलिए दोनों बराबर होंगे।

🔸 अतः
h = 75°

🔹 (i)

दिया है: 70°, 54°, 56°

🔹 चित्र में बाईं और दाईं तिरछी किरणें समान्तर हैं।
🔹 बीच की रेखा इन समान्तर रेखाओं को काट रही है।
🔹 54° और i° एकान्तर अंतः कोण हैं।
🔹 इसलिए i° = 54°

🔸 अतः
i = 54°

🔹 (j)

दिया है: 97°, 124°, 27°

🔹 चित्र में तीनों तिरछी रेखाएँ समान्तर हैं।
🔹 नीचे की ओर जाती रेखा इन समान्तर रेखाओं को काट रही है।
🔹 पहले प्रतिच्छेद पर बना 97° और j° समान प्रकार के कोण हैं।
🔹 समान्तर रेखाओं को एक ही रेखा काटे, तो सभी अधिक कोण बराबर होते हैं।

🔸 अतः
j = 97°

🔒 ❓ प्रश्न 2.
नीचे दी गई आकृतियों में संकेत a द्वारा निर्देशित कोणों का मान ज्ञात कीजिए—

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहली आकृति

दिया है: 42°

🔹 ऊपर और नीचे की रेखाएँ समान्तर हैं।
🔹 42° नीचे वाले प्रतिच्छेद पर बने अनुरूप कोण के बराबर होगा।
🔹 a° उसी कोण का सम्पूरक है।

🔹 इसलिए
a + 42° = 180°

🔹 a = 180° – 42°

🔹 a = 138°

🔸 अतः
a = 138°

🔹 दूसरी आकृति

दिया है: 62°

🔹 ऊपर और नीचे की रेखाएँ समान्तर हैं।
🔹 दोनों तिर्यक रेखाएँ भी समान्तर हैं।
🔹 इसलिए 62° के अनुरूप बना नीचे वाला चिह्नित कोण बराबर होगा।

🔸 अतः
a = 62°

🔹 तीसरी आकृति

दिया है: 110° और 35°

🔹 110° ऊपरी रेखा पर तिर्यक रेखा और दूसरी काटने वाली रेखा के बीच का कोण है।
🔹 इसलिए उससे लगा तीक्ष्ण कोण होगा

🔹 180° – 110° = 70°

🔹 अब मध्य प्रतिच्छेद पर
तिर्यक रेखा और मध्य समान्तर रेखा के बीच का कोण = 35°

🔹 अतः काटने वाली दूसरी रेखा और मध्य समान्तर रेखा के बीच का कोण

🔹 = 70° + 35°
🔹 = 105°

🔹 नीचे की समान्तर रेखा पर a उसी के अनुरूप कोण है।

🔸 अतः
a = 105°

🔹 चौथी आकृति

दिया है: 67°

🔹 खड़ी रेखा और आधार रेखा पर समकोण बना है।
🔹 इसलिए यह कोण = 90°

🔹 बाईं तिर्यक रेखा और दाईं तिर्यक रेखा समान्तर हैं।
🔹 अतः दाईं तिर्यक रेखा भी आधार रेखा से 67° का ही कोण बनाएगी।

🔹 इसलिए खड़ी रेखा और दाईं तिर्यक रेखा के बीच का कोण

🔹 a = 90° – 67°
🔹 a = 23°

🔸 अतः
a = 23°

📌 ✅ प्रश्न 2 के अंतिम उत्तर

🔹 पहली आकृति: a = 138°
🔹 दूसरी आकृति: a = 62°
🔹 तीसरी आकृति: a = 105°
🔹 चौथी आकृति: a = 23°

🔒 ❓ प्रश्न 3.
नीचे दिए गए चित्रों में कोण x और y के क्या मान हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहली आकृति

दिया है: 65°

🔹 खड़ी रेखा ऊपर वाली रेखा पर लम्ब है।
🔹 ऊपर और नीचे की रेखाएँ समान्तर हैं।
🔹 इसलिए खड़ी रेखा नीचे वाली रेखा पर भी लम्ब होगी।

🔹 अतः खड़ी रेखा और नीचे वाली रेखा के बीच कोण = 90°

🔹 दिया गया 65° खड़ी रेखा और तिर्यक रेखा के बीच है।
🔹 इसलिए तिर्यक रेखा और नीचे वाली समान्तर रेखा के बीच का कोण

🔹 x = 90° – 65°
🔹 x = 25°

अब y ज्ञात करें।

🔹 ऊपर और नीचे की रेखाएँ समान्तर हैं।
🔹 इसलिए ऊपर वाली रेखा पर तिर्यक रेखा के साथ बना तीक्ष्ण कोण भी 25° होगा।
🔹 y उस कोण का सम्पूरक है।

🔹 y = 180° – 25°
🔹 y = 155°

🔸 अतः
x = 25°, y = 155°

🔹 दूसरी आकृति

दिया है: 53° और 78°

🔹 नीचे की समान्तर रेखा पर दो तिर्यक रेखाओं के साथ बने कोण 53° और 78° हैं।
🔹 ऊपर की समान्तर रेखा पर भी यही झुकाव बना रहेगा।

🔹 अब ऊपर वाले बिंदु पर सीधी रेखा पर बने तीन कोणों का योग 180° होगा:

🔹 53° + x + 78° = 180°

🔹 x = 180° – (53° + 78°)

🔹 x = 180° – 131°

🔹 x = 49°

🔸 अतः
x = 49°

📌 ✅ प्रश्न 3 के अंतिम उत्तर

🔹 पहली आकृति: x = 25°, y = 155°
🔹 दूसरी आकृति: x = 49°

🔒 ❓ प्रश्न 4.
चित्र 5.33 में ∠ABC = 45° और ∠IKJ = 78° है। ∠GEH, ∠HEF और ∠FED ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

दिया है:

🔹 ∠ABC = 45°
🔹 ∠IKJ = 78°

🔹 ऊपर और नीचे की क्षैतिज रेखाएँ समान्तर हैं।
🔹 एक तिर्यक रेखा B और E से होकर जा रही है।
🔹 दूसरी तिर्यक रेखा K और E से होकर जा रही है।

🔹 अब एक-एक करके कोण ज्ञात करते हैं।

🔹 पहला कोण: ∠GEH

🔹 ∠ABC = 45°
🔹 यह ऊपर वाली समान्तर रेखा और तिर्यक रेखा BC के बीच का कोण है।
🔹 चूँकि ऊपर और नीचे की रेखाएँ समान्तर हैं, इसलिए अनुरूप कोण बराबर होंगे।

🔹 अतः नीचे वाली रेखा पर E बिंदु के पास
∠GEH = 45°

🔸 इसलिए
∠GEH = 45°

🔹 दूसरा कोण: ∠FED

🔹 ∠IKJ = 78°
🔹 यह ऊपर वाली समान्तर रेखा और तिर्यक रेखा KJ के बीच का कोण है।
🔹 नीचे वाली समान्तर रेखा पर इसके अनुरूप कोण ∠FED होगा।

🔸 इसलिए
∠FED = 78°

🔹 तीसरा कोण: ∠HEF

🔹 अब E बिंदु के नीचे की ओर एक सरल कोण बन रहा है।
🔹 इसलिए

🔹 ∠GEH + ∠HEF + ∠FED = 180°

🔹 45° + ∠HEF + 78° = 180°

🔹 ∠HEF = 180° – (45° + 78°)

🔹 ∠HEF = 180° – 123°

🔹 ∠HEF = 57°

🔸 इसलिए
∠HEF = 57°

🔒 ❓ प्रश्न 5.
चित्र 5.34 में AB, CD के समांतर है एवं CD, EF के समांतर है। साथ ही EA, AB पर लम्ब है। यदि ∠BEF = 55° हो तो x और y के मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 दिया है:
🔸 AB ∥ CD
🔸 CD ∥ EF

🔹 अतः
🔸 AB ∥ CD ∥ EF

🔹 ∠BEF = 55°
🔹 यह कोण रेखा BE और रेखा EF के बीच बना कोण है।

अब y ज्ञात करते हैं—

🔹 CD ∥ EF हैं और BE एक छेदी रेखा है।
🔹 इसलिए D बिंदु पर बना y° और E बिंदु पर बना 55° संगत कोण हैं।
🔹 समांतर रेखाओं के संगत कोण बराबर होते हैं।

🔹 अतः
y = 55°

अब x ज्ञात करते हैं—

🔹 AB ∥ EF हैं और BE एक छेदी रेखा है।
🔹 इसलिए B बिंदु पर बना x° और E बिंदु पर बना 55° भी संगत कोण हैं।
🔹 समांतर रेखाओं के संगत कोण बराबर होते हैं।

🔹 अतः
x = 55°

📌 ✅ अंतिम उत्तर:

🔹 x = 55°
🔹 y = 55°

🔒 ❓ प्रश्न 6.
चित्र 5.35 में कोण ∠NOP का माप क्या है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 संकेत के अनुसार N और O से होकर LM तथा PQ के समांतर रेखाएँ सोचिए।
🔹 क्योंकि LM ∥ PQ, इसलिए ये दोनों एक ही दिशा की समांतर रेखाएँ हैं।

अब एक-एक करके समझते हैं—

🔹 M पर रेखा LM और रेखाखंड MN के बीच का कोण = 40°
🔹 इसलिए N से खींची गई समांतर रेखा और रेखाखंड NM के बीच का संगत कोण भी = 40°

🔹 N पर कुल कोण ∠MNO = 96° दिया है।

🔹 अतः N से O जाने वाली रेखा NO और उस समांतर रेखा के बीच का कोण होगा—

🔹 96° – 40° = 56°

अब P की ओर देखते हैं—

🔹 P पर रेखाखंड OP और रेखा PQ के बीच का कोण = 52°
🔹 इसलिए O से खींची गई समांतर रेखा और रेखाखंड OP के बीच का संगत कोण भी = 52°

अब O पर कोण ∠NOP बनेगा—

🔹 ∠NOP = 56° + 52°

🔹 ∠NOP = 108°

📌 ✅ अंतिम उत्तर:

🔹 a = ∠NOP = 108°

———————————————————————————————————————————————————————————————————————–

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

खंड अ
प्रश्न 1–6
प्रत्येक प्रश्न 1 अंक

🔒 ❓ प्रश्न 1
जो दो रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं, वे क्या कहलाती हैं?

🟢1️⃣ समांतर रेखाएँ
🔵2️⃣ प्रतिच्छेदी रेखाएँ
🟡3️⃣ वक्र रेखाएँ
🟣4️⃣ किरणें

✔️ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 जो दो रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं, वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 2
दो समांतर रेखाओं के बीच की दूरी कैसी रहती है?

🟢1️⃣ हर स्थान पर समान
🔵2️⃣ घटती रहती है
🟡3️⃣ बढ़ती रहती है
🟣4️⃣ पहले बढ़ती है, फिर घटती है

✔️उत्तर: 🟢1️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 समांतर रेखाएँ एक ही समतल में होती हैं।
🔹 वे कभी नहीं मिलतीं।
🔹 उनके बीच की दूरी हर स्थान पर समान रहती है।

🔒 ❓ प्रश्न 3
यदि दो रेखाएँ 90° का कोण बनाती हैं, तो वे क्या कहलाती हैं?

🟢1️⃣ समांतर रेखाएँ
🔵2️⃣ प्रतिच्छेदी रेखाएँ
🟡3️⃣ लंब रेखाएँ
🟣4️⃣ वक्र रेखाएँ

✔️ उत्तर: 🟡3️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 90° का कोण बनाने वाली दो रेखाएँ लंब रेखाएँ कहलाती हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 4
दो प्रतिच्छेदी रेखाओं से बनने वाले आमने-सामने के कोण क्या कहलाते हैं?

🟢1️⃣ संगत कोण
🔵2️⃣ शीर्षाभिमुख कोण
🟡3️⃣ एकांतर अंतः कोण
🟣4️⃣ सरल कोण

✔️ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दो प्रतिच्छेदी रेखाओं से बनने वाले आमने-सामने के कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 5
शीर्षाभिमुख कोणों के बीच क्या संबंध होता है?

🟢1️⃣ उनका योग 180° होता है
🔵2️⃣ वे बराबर होते हैं
🟡3️⃣ उनका योग 90° होता है
🟣4️⃣ वे सदैव असमान होते हैं

✔️ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शीर्षाभिमुख कोणों का माप बराबर होता है।

🔒 ❓ प्रश्न 6
यदि एक छेदक दो समांतर रेखाओं को काटे, तो संगत कोण कैसे होते हैं?

🟢1️⃣ बराबर
🔵2️⃣ पूरक
🟡3️⃣ शून्य
🟣4️⃣ असमान

✔️ उत्तर: 🟢1️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 समांतर रेखाओं को एक छेदक काटे, तो संगत कोण बराबर होते हैं।

खंड ब
प्रश्न 7–12
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक

🔒 ❓ प्रश्न 7
प्रतिच्छेदी रेखाएँ किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 जो दो रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं, वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं।
🔹 जिस बिंदु पर वे मिलती हैं, उसे प्रतिच्छेदन बिंदु कहते हैं।
🔹 उदाहरण: चौराहे पर एक-दूसरे को काटती हुई दो सड़कें।

🔒 ❓ प्रश्न 8
समांतर रेखाओं की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 समांतर रेखाएँ एक ही समतल में होती हैं।
🔹 वे कभी नहीं मिलतीं।
🔹 उनके बीच की दूरी हर स्थान पर समान रहती है।

🔒 ❓ प्रश्न 9
लंब रेखाएँ और प्रतिच्छेदी रेखाएँ में अंतर लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं।
🔸 इनके बीच बना कोण कोई भी हो सकता है।
🔹 लंब रेखाएँ भी एक बिंदु पर मिलती हैं।
🔸 पर इनके बीच बना कोण 90° होता है।
🔹 अतः हर लंब रेखा प्रतिच्छेदी होती है, पर हर प्रतिच्छेदी रेखा लंब नहीं होती।

🔒 ❓ प्रश्न 10
यदि दो प्रतिच्छेदी रेखाओं में एक कोण 65° है, तो उसके शीर्षाभिमुख कोण का माप ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया गया कोण = 65°
🔹 नियम: शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 इसलिए शीर्षाभिमुख कोण = 65°
🔹 अतः उत्तर = 65°

🔒 ❓ प्रश्न 11
यदि दो समांतर रेखाओं को एक छेदक काटती है और एक संगत कोण 75° है, तो दूसरा संगत कोण कितना होगा?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया गया संगत कोण = 75°
🔹 नियम: समांतर रेखाओं में संगत कोण बराबर होते हैं।
🔹 इसलिए दूसरा संगत कोण = 75°
🔹 अतः उत्तर = 75°

🔒 ❓ प्रश्न 12
यदि एक ही ओर के अंतः कोणों में से एक कोण 110° है, तो दूसरा कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया गया पहला कोण = 110°
🔹 नियम: एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।
🔹 दूसरा कोण = 180° – 110°
🔹 दूसरा कोण = 70°
🔹 अतः उत्तर = 70°

खंड स
प्रश्न 13–22
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक

🔒 ❓ प्रश्न 13
यदि दो प्रतिच्छेदी रेखाओं में एक कोण 48° है, तो शेष तीनों कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया गया एक कोण = 48°
🔹 नियम: शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 इसलिए शीर्षाभिमुख कोण = 48°
🔹 नियम: एक सीधी रेखा पर बने आसन्न कोणों का योग 180° होता है।
🔹 तीसरा कोण = 180° – 48°
🔹 तीसरा कोण = 132°
🔹 चौथा कोण = 132°
🔹 अतः चारों कोण = 48°, 132°, 48°, 132°

🔒 ❓ प्रश्न 14
दो समांतर रेखाओं को एक छेदक काटती है। यदि एक संगत कोण 72° है, तो एकांतर अंतः कोण और उसी ओर के अंतः कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया गया संगत कोण = 72°
🔹 नियम: समांतर रेखाओं में संगत कोण बराबर होते हैं।
🔹 इसलिए संबंधित एकांतर अंतः कोण = 72°
🔹 नियम: एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।
🔹 उसी ओर का अंतः कोण = 180° – 72°
🔹 उसी ओर का अंतः कोण = 108°
🔹 अतः एकांतर अंतः कोण = 72° और उसी ओर का अंतः कोण = 108°

🔒 ❓ प्रश्न 15
समांतर रेखाएँ और प्रतिच्छेदी रेखाएँ में तीन अंतर लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 समांतर रेखाएँ एक ही समतल में कभी नहीं मिलतीं।
🔸 प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं।
🔹 समांतर रेखाओं के बीच की दूरी हर स्थान पर समान रहती है।
🔸 प्रतिच्छेदी रेखाओं में ऐसी दूरी समान नहीं रहती।
🔹 समांतर रेखाओं को छेदक काटे तो संगत कोण बराबर होते हैं।
🔸 प्रतिच्छेदी रेखाओं में शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 16
यदि दो समांतर रेखाओं को एक छेदक काटती है और एक ही ओर के अंतः कोण (x + 20)° तथा (2x + 10)° हैं, तो x ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 नियम: एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।
🔹 अतः
🔹 (x + 20) + (2x + 10) = 180
🔹 x + 20 + 2x + 10 = 180
🔹 3x + 30 = 180
🔹 3x = 150
🔹 x = 50
🔹 अतः x = 50

🔒 ❓ प्रश्न 17
यदि दो कोण संगत कोण हैं और उनके माप (3x – 15)° तथा (2x + 5)° हैं, तो x ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 नियम: संगत कोण बराबर होते हैं।
🔹 अतः
🔹 3x – 15 = 2x + 5
🔹 3x – 2x = 5 + 15
🔹 x = 20
🔹 जाँच:
🔹 3x – 15 = 60 – 15 = 45°
🔹 2x + 5 = 40 + 5 = 45°
🔹 अतः x = 20

🔒 ❓ प्रश्न 18
एक उदाहरण देकर समझाइए कि हर लंब रेखा प्रतिच्छेदी होती है, पर हर प्रतिच्छेदी रेखा लंब नहीं होती।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 लंब रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं, इसलिए वे प्रतिच्छेदी होती हैं।
🔹 यदि दो रेखाएँ 90° पर मिलें, तो वे लंब रेखाएँ हैं।
🔹 उदाहरण: कक्षा की दीवार का एक किनारा और फर्श का किनारा 90° पर मिल सकते हैं।
🔹 यह प्रतिच्छेद भी है और लंबता भी।
🔹 पर यदि दो रेखाएँ 60° या 120° पर मिलें, तो वे प्रतिच्छेदी होंगी, लंब नहीं।
🔹 अतः हर लंब रेखा प्रतिच्छेदी है, पर हर प्रतिच्छेदी रेखा लंब नहीं।

🔒 ❓ प्रश्न 19
यदि दो प्रतिच्छेदी रेखाओं में एक कोण (x + 30)° और उसका शीर्षाभिमुख कोण (2x – 10)° है, तो x ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 नियम: शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 अतः
🔹 x + 30 = 2x – 10
🔹 30 + 10 = 2x – x
🔹 40 = x
🔹 x = 40
🔹 जाँच:
🔹 x + 30 = 70°
🔹 2x – 10 = 70°
🔹 अतः x = 40

🔒 ❓ प्रश्न 20
समझाइए कि समांतर रेखाओं को पहचानने में संगत कोण कैसे सहायक होते हैं।

🔵 अथवा

🔒 ❓ प्रश्न 20
समझाइए कि समांतर रेखाओं को पहचानने में एकांतर अंतः कोण कैसे सहायक होते हैं।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 जब एक छेदक दो रेखाओं को काटती है, तब दोनों प्रतिच्छेदनों पर कुछ कोण बनते हैं।
🔹 यदि संगत कोण बराबर मिलें, तो वे रेखाएँ समांतर मानी जाती हैं।
🔹 इसी प्रकार यदि एकांतर अंतः कोण बराबर मिलें, तब भी रेखाएँ समांतर होती हैं।
🔹 इसलिए कोणों की बराबरी देखकर हम रेखाओं की समांतरता की जाँच कर सकते हैं।
🔹 यह समांतर रेखाओं को पहचानने की एक महत्त्वपूर्ण विधि है।

🔒 ❓ प्रश्न 21
यदि एक छेदक दो समांतर रेखाओं को काटती है और एक कोण 125° है, तो उससे संबंधित सभी बराबर कोण तथा सभी सम्पूरक कोण लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया गया एक कोण = 125°
🔹 नियम: उसके संगत कोण, एकांतर अंतः कोण और शीर्षाभिमुख कोण 125° होंगे।
🔹 इसलिए सभी बराबर कोणों का मान = 125°
🔹 नियम: उससे लगे हुए कोण सम्पूरक होंगे।
🔹 सम्पूरक कोणों का योग = 180°
🔹 सम्पूरक कोण = 180° – 125°
🔹 सम्पूरक कोण = 55°
🔹 इसलिए सभी सम्पूरक कोणों का मान = 55°
🔹 अतः बराबर कोण = 125° और सम्पूरक कोण = 55°

🔒 ❓ प्रश्न 22
यदि एक ही ओर के अंतः कोण (x + 35)° और (x + 55)° हैं, तो x तथा दोनों कोण ज्ञात कीजिए।

🔵 अथवा

🔒 ❓ प्रश्न 22
यदि दो संगत कोण (4x – 25)° और (3x + 5)° हैं, तो x तथा कोणों का मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहला विकल्प:
🔹 नियम: एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।
🔹 अतः
🔹 (x + 35) + (x + 55) = 180
🔹 2x + 90 = 180
🔹 2x = 90
🔹 x = 45
🔹 पहला कोण = x + 35 = 45 + 35 = 80°
🔹 दूसरा कोण = x + 55 = 45 + 55 = 100°

🔹 दूसरा विकल्प:
🔹 नियम: संगत कोण बराबर होते हैं।
🔹 4x – 25 = 3x + 5
🔹 4x – 3x = 5 + 25
🔹 x = 30
🔹 कोण = 4x – 25 = 120 – 25 = 95°
🔹 दूसरा कोण = 3x + 5 = 90 + 5 = 95°

🔹 अतः पहले विकल्प में x = 45, कोण 80° और 100° हैं।
🔹 तथा दूसरे विकल्प में x = 30, दोनों कोण 95° हैं.

समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ

प्रतिक्रिया 3 / 3

खंड द
प्रश्न 23–30
प्रत्येक प्रश्न 4 अंक

🔒 ❓ प्रश्न 23
दो प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने कोणों में से एक कोण 38° है। सभी चार कोणों के मान ज्ञात कीजिए और नियम भी लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया गया एक कोण = 38°
🔹 नियम 1: शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 इसलिए सामने वाला कोण = 38°
🔹 नियम 2: एक सीधी रेखा पर बने आसन्न कोणों का योग 180° होता है।
🔹 तीसरा कोण = 180° – 38°
🔹 तीसरा कोण = 142°
🔹 चौथा कोण = 142°
🔹 अतः चारों कोण = 38°, 142°, 38°, 142°

🔒 ❓ प्रश्न 24
दो समांतर रेखाओं को एक छेदक काटती है। यदि एक संगत कोण 68° है, तो सभी भिन्न-भिन्न कोणों के मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया गया संगत कोण = 68°
🔹 नियम: संगत कोण बराबर होते हैं।
🔹 नियम: एकांतर अंतः कोण बराबर होते हैं।
🔹 नियम: शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 इसलिए 68° के बराबर सभी संबंधित कोण = 68°
🔹 अब उससे लगे कोण = 180° – 68°
🔹 लगे कोण = 112°
🔹 इनके संगत, एकांतर अंतः और शीर्षाभिमुख कोण भी 112° होंगे।
🔹 अतः आकृति में केवल दो प्रकार के कोण होंगे: 68° और 112°

🔒 ❓ प्रश्न 25
सिद्ध कीजिए कि यदि एक छेदक द्वारा बनी दो रेखाओं के संगत कोण बराबर हों, तो वे रेखाएँ समांतर होती हैं।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 मान लीजिए एक छेदक दो रेखाओं को काटती है।
🔹 प्रतिच्छेदन पर संगत कोणों का एक युग्म बनता है।
🔹 दिया है कि ये संगत कोण बराबर हैं।
🔹 समांतर रेखाओं का नियम कहता है कि यदि दो रेखाओं को एक छेदक काटे और संगत कोण बराबर हों, तो वे रेखाएँ समांतर होती हैं।
🔹 अतः दी गई दोनों रेखाएँ समांतर हैं।
🔹 इसलिए सिद्ध हुआ कि संगत कोणों की बराबरी समांतरता की पहचान है।

🔒 ❓ प्रश्न 26
यदि एक ही ओर के अंतः कोण (3x – 20)° और (2x + 10)° हैं, तो x तथा दोनों कोण ज्ञात कीजिए।

🔵 अथवा

🔒 ❓ प्रश्न26
यदि दो एकांतर अंतः कोण (5x – 30)° और (3x + 10)° हैं, तो x तथा कोणों का मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहला विकल्प:
🔹 नियम: एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।
🔹 (3x – 20) + (2x + 10) = 180
🔹 5x – 10 = 180
🔹 5x = 190
🔹 x = 38
🔹 पहला कोण = 3x – 20 = 114 – 20 = 94°
🔹 दूसरा कोण = 2x + 10 = 76 + 10 = 86°

🔹 दूसरा विकल्प:
🔹 नियम: एकांतर अंतः कोण बराबर होते हैं।
🔹 5x – 30 = 3x + 10
🔹 5x – 3x = 10 + 30
🔹 2x = 40
🔹 x = 20
🔹 पहला कोण = 5x – 30 = 100 – 30 = 70°
🔹 दूसरा कोण = 3x + 10 = 60 + 10 = 70°

🔹 अतः पहले विकल्प में x = 38, कोण 94° और 86° हैं।
🔹 दूसरे विकल्प में x = 20, दोनों कोण 70° हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 27
प्रतिच्छेदी, लंब और समांतर रेखाओं के बीच संबंध समझाइए। उपयुक्त उदाहरण भी दीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 प्रतिच्छेदी रेखाएँ वे हैं जो एक बिंदु पर मिलती हैं।
🔹 लंब रेखाएँ प्रतिच्छेदी रेखाओं का विशेष रूप हैं।
🔹 लंब रेखाएँ 90° का कोण बनाती हैं।
🔹 समांतर रेखाएँ एक ही समतल में कभी नहीं मिलतीं।
🔹 उदाहरण:
🔹 दो सड़कें तिरछे रूप में मिलें, तो प्रतिच्छेदी रेखाएँ।
🔹 दीवार और फर्श का किनारा 90° पर मिले, तो लंब रेखाएँ।
🔹 कापी की पंक्तियाँ या रेल की पटरियाँ, समांतर रेखाएँ।
🔹 अतः लंब रेखाएँ प्रतिच्छेदी हैं, पर समांतर रेखाएँ प्रतिच्छेद नहीं करतीं।

🔒 ❓ प्रश्न 28
यदि एक छेदक दो समांतर रेखाओं को काटती है और एक कोण (x + 15)° है, जबकि उसका सम्पूरक कोण (2x – 5)° है, तो x तथा कोणों के मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 सम्पूरक कोणों का योग 180° होता है।
🔹 अतः
🔹 (x + 15) + (2x – 5) = 180
🔹 x + 15 + 2x – 5 = 180
🔹 3x + 10 = 180
🔹 3x = 170
🔹 x = 170/3

🔹 पहला कोण = x + 15
🔹 पहला कोण = 170/3 + 15
🔹 पहला कोण = 170/3 + 45/3
🔹 पहला कोण = 215/3°

🔹 दूसरा कोण = 2x – 5
🔹 दूसरा कोण = 2(170/3) – 5
🔹 दूसरा कोण = 340/3 – 15/3
🔹 दूसरा कोण = 325/3°

🔹 जाँच:
🔹 215/3 + 325/3 = 540/3 = 180°
🔹 अतः x = 170/3, कोण = 215/3° और 325/3°

🔒 ❓ प्रश्न 29
समझाइए कि कोणों की सहायता से कैसे जाँचा जा सकता है कि दो दी गई रेखाएँ समांतर हैं या नहीं।

🔵 अथवा

🔒 ❓ प्रश्न 29
समझाइए कि आकृति में सही कोण-युग्म पहचानना क्यों आवश्यक है।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 यदि एक छेदक दो रेखाओं को काटे, तो बनने वाले कोणों के आधार पर समांतरता जाँची जा सकती है।
🔹 यदि संगत कोण बराबर हों, तो रेखाएँ समांतर हैं।
🔹 यदि एकांतर अंतः कोण बराबर हों, तो रेखाएँ समांतर हैं।
🔹 यदि एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° हो, तो रेखाएँ समांतर हैं।
🔹 इसलिए कोणों के सही युग्म को पहचानना आवश्यक है।
🔹 यदि युग्म गलत पहचान लिया जाए, तो गलत नियम लगेगा और उत्तर गलत हो जाएगा।
🔹 अतः ज्यामिति में सही पहचान ही सही समाधान का आधार है।

🔒 ❓ प्रश्न 30
एक छेदक दो समांतर रेखाओं को काटती है। एक कोण (2x + 25)° है और उससे संबंधित एकांतर अंतः कोण (3x – 5)° है। x ज्ञात कीजिए। फिर सभी भिन्न-भिन्न कोणों के मान लिखिए।

🔵 अथवा

🔒 ❓ प्रश्न 30
एक आकृति में दो प्रतिच्छेदी रेखाएँ हैं। एक कोण (4x – 35)° है और उसका शीर्षाभिमुख कोण (3x + 5)° है। x तथा सभी भिन्न-भिन्न कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहला विकल्प:
🔹 नियम: एकांतर अंतः कोण बराबर होते हैं।
🔹 2x + 25 = 3x – 5
🔹 25 + 5 = 3x – 2x
🔹 30 = x
🔹 x = 30
🔹 कोण = 2x + 25 = 60 + 25 = 85°
🔹 संबंधित एकांतर अंतः कोण = 85°
🔹 पूरक कोण = 180° – 85° = 95°
🔹 अतः सभी भिन्न-भिन्न कोण = 85° और 95°

🔹 दूसरा विकल्प:
🔹 नियम: शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
🔹 4x – 35 = 3x + 5
🔹 4x – 3x = 5 + 35
🔹 x = 40
🔹 दिया गया कोण = 4x – 35 = 160 – 35 = 125°
🔹 शीर्षाभिमुख कोण = 125°
🔹 लगे हुए कोण = 180° – 125° = 55°
🔹 अतः सभी भिन्न-भिन्न कोण = 125° और 55°

🔹 इसलिए पहले विकल्प में x = 30, कोण 85° और 95° हैं।
🔹 दूसरे विकल्प में x = 40, कोण 125° और 55° हैं।

————————————————————————————————————————————————————————————————————————

Leave a Reply