Class 7, Maths (Hindi)

Class 7 : गणित – अध्याय 4 : अक्षर-संख्याओं के उपयोगी व्यंजक

व्याख्या और विवेचन

🌟 प्रथम भाग : विस्तृत व्याख्या

➡️ अब तक हम ऐसी संख्याओं के साथ काम करते रहे हैं जिनका मान हमें पहले से पता होता था।
🍎 जैसे 5 आम, 📚 3 पुस्तकें, 💰 20 रुपये, 📏 7 मीटर आदि।
🟣 लेकिन जीवन में बहुत-सी स्थितियाँ ऐसी होती हैं जहाँ संख्या पहले से निश्चित नहीं होती।
🟢 कभी हमें संख्या पता नहीं होती।
🔵 कभी संख्या बदलती रहती है।
🟡 कभी हमें केवल संबंध बताना होता है, सही मान नहीं।
✅ ऐसी स्थितियों को गणित में अक्षरों की सहायता से व्यक्त किया जाता है।

➡️ मान लीजिए किसी डिब्बे में कुछ कंचे हैं।
🎯 हमें यह नहीं पता कि कंचे कितने हैं।
🔹 यदि हम उस अज्ञात संख्या को लिखना चाहें, तो हम कोई अक्षर ले सकते हैं, जैसे x।
🔹 तब डिब्बे में कंचों की संख्या = x
🧠 यहाँ x कोई एक निश्चित वस्तु नहीं, बल्कि एक संख्या का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
✅ यही अक्षर-संख्या का पहला विचार है।

➡️ इसी प्रकार यदि किसी बच्चे के पास कुछ रुपये हैं और हमें ठीक-ठीक संख्या नहीं मालूम, तो हम उसे y रुपये कह सकते हैं।
💰 यदि उसे 5 रुपये और मिल जाएँ, तो कुल रुपये होंगे y + 5
💸 यदि वह 2 रुपये खर्च कर दे, तो शेष रुपये होंगे y – 2
📦 यदि रुपये दुगने हो जाएँ, तो राशि होगी 2y
🧠 इस प्रकार अक्षर हमें बदलती या अज्ञात संख्या को सरल रूप में लिखने की सुविधा देते हैं।
✅ यही इस अध्याय का आधार है।

💡 अवधारणा:
➡️ अक्षर किसी अज्ञात संख्या का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
➡️ अक्षर किसी बदलती संख्या का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है।
➡️ जैसे a, b, m, n, x, y आदि।
✅ इसलिए गणित में अक्षर केवल भाषा के चिन्ह नहीं, बल्कि संख्या के संकेत होते हैं।

➡️ अब “व्यंजक” शब्द को समझते हैं।
🌸 जब संख्याएँ, अक्षर और गणितीय क्रियाएँ मिलकर एक गणितीय रूप बनाते हैं, तो उसे व्यंजक कहते हैं।
🔹 जैसे x + 5
🔹 जैसे 2a
🔹 जैसे y – 3
🔹 जैसे 4m + 7
🔹 जैसे 3p – 2
🟣 ये सभी व्यंजक हैं।
🧠 क्योंकि इनमें अक्षर भी हैं, संख्याएँ भी हैं और क्रियाएँ भी हैं।
✅ यही अक्षर-संख्याओं का उपयोग करते हुए व्यंजक कहलाते हैं।

➡️ अब x + 5 को ध्यान से समझते हैं।
🔹 x एक संख्या है, जिसका मान हमें अभी नहीं पता।
🔹 5 एक निश्चित संख्या है।
🔹 इनके बीच जोड़ की क्रिया है।
🌼 यदि x = 3 हो, तो x + 5 = 3 + 5 = 8
🌼 यदि x = 10 हो, तो x + 5 = 10 + 5 = 15
🌼 यदि x = 20 हो, तो x + 5 = 20 + 5 = 25
🧠 इससे स्पष्ट है कि व्यंजक का मान अक्षर के मान पर निर्भर करता है।
✅ अक्षर बदलने पर व्यंजक का मान भी बदल सकता है।

➡️ अब 2x को समझते हैं।
🔹 2x का अर्थ x और 2 का जोड़ नहीं है।
🔹 2x का अर्थ है 2 गुणा x
🔹 अर्थात x का दुगना
🌟 यदि x = 4 हो, तो 2x = 2 x 4 = 8
🌟 यदि x = 7 हो, तो 2x = 2 x 7 = 14
🌟 यदि x = 10 हो, तो 2x = 20
🧠 इसलिए 2x को हमेशा “2 गुणा x” या “x का दुगना” समझना चाहिए।
✅ यह बहुत महत्त्वपूर्ण नियम है।

✏️ ध्यान दीजिए:
➡️ 2x = 2 × x
➡️ 3a = 3 × a
➡️ 5m = 5 × m
➡️ 7y = 7 × y
🟢 सरलता के लिए बीच का गुणन चिह्न प्रायः नहीं लिखा जाता।
✅ इसलिए 2x, 3a, 4m, 6p जैसे रूप सामान्य हैं।

➡️ अब x + x को समझिए।
🔹 x + x का अर्थ है x का दो बार जोड़
🔹 इसलिए x + x = 2x
➡️ इसी प्रकार x + x + x = 3x
➡️ a + a + a + a = 4a
➡️ m + m + m + m + m = 5m
🧠 इस प्रकार बार-बार एक ही अक्षर को जोड़ने का सरल रूप बनाया जाता है।
✅ यही व्यंजकों को छोटा और साफ़ बनाता है।

➡️ अब “पद” की धारणा समझते हैं।
🌼 किसी व्यंजक के अलग-अलग भागों को पद कहते हैं।
🔹 x + 5 में दो पद हैं — x और 5
🔹 3a + 7 में दो पद हैं — 3a और 7
🔹 2m + 5n – 4 में तीन पद हैं — 2m, 5n और 4
🧠 पदों की पहचान करने से व्यंजक को समझना आसान होता है।
✅ इसलिए पदों का ज्ञान आवश्यक है।

➡️ अब “स्थिर पद” और “परिवर्ती पद” समझते हैं।
🔹 जो पद निश्चित संख्या हो, वह स्थिर पद कहलाता है।
🔹 जो पद अक्षर या अक्षर वाली संख्या हो, वह परिवर्ती पद कहलाता है।
🌟 जैसे x + 5 में
🔹 x परिवर्ती पद है
🔹 5 स्थिर पद है
🌟 जैसे 3a + 7 में
🔹 3a परिवर्ती पद है
🔹 7 स्थिर पद है
🧠 स्थिर पद का मान नहीं बदलता, लेकिन अक्षर का मान बदल सकता है।
✅ यही दोनों में मुख्य अंतर है।

➡️ अब “गुणांक” को समझते हैं।
🌸 किसी अक्षर के साथ लगी संख्या, उसका गुणांक कहलाती है।
🔹 3x में x का गुणांक 3 है।
🔹 5a में a का गुणांक 5 है।
🔹 9m में m का गुणांक 9 है।
🔹 12y में y का गुणांक 12 है।
🟣 यदि केवल x लिखा हो, तो x का गुणांक 1 माना जाता है।
🧠 क्योंकि 1 × x = x
✅ इसलिए गुणांक पहचानना बहुत महत्त्वपूर्ण है।

💡 अवधारणा:
➡️ 7x में गुणांक = 7
➡️ x में गुणांक = 1
➡️ 4a में गुणांक = 4
➡️ 11m में गुणांक = 11
✅ अक्षर के साथ लगी संख्या ही उसका गुणांक होती है।

➡️ अब समान पदों को समझते हैं।
🌿 जिन पदों में एक ही अक्षर हो, वे समान पद कहलाते हैं।
🔹 2x और 5x समान पद हैं।
🔹 3a और 9a समान पद हैं।
🔹 4m और m समान पद हैं।
🟣 लेकिन 2x और 2y समान पद नहीं हैं।
🟣 इसी प्रकार 3a और 3b समान पद नहीं हैं।
🧠 क्योंकि अक्षर अलग हैं।
✅ समान पदों को ही जोड़ा या घटाया जा सकता है।

➡️ उदाहरण देखिए।
🔹 2x + 5x = 7x
🔹 8a – 3a = 5a
🔹 4m + m = 5m
🔹 10y – 6y = 4y
🌟 यहाँ हमने केवल गुणांकों को जोड़ा या घटाया।
🧠 अक्षर समान रहा, इसलिए जोड़-घटाव संभव हुआ।
✅ यही समान पदों का नियम है।

➡️ अब असमान पदों को समझते हैं।
🔹 2x + 3y को 5xy नहीं लिख सकते।
🔹 4a + 2b को 6ab नहीं लिख सकते।
🔹 5m – 2n को 3mn नहीं लिख सकते।
🔴 यह सब गलत होगा।
🧠 क्योंकि अक्षर अलग हैं, इसलिए पद अलग हैं।
✅ असमान पदों को सीधे जोड़ा या घटाया नहीं जा सकता।

✏️ ध्यान दीजिए:
➡️ 2x + 5x = 7x सही है।
➡️ 2x + 5y = 7xy गलत है।
➡️ 4a + 3a = 7a सही है।
➡️ 4a + 3b = 7ab गलत है।
✅ केवल समान पद ही आपस में जोड़े या घटाए जाते हैं।

➡️ अब व्यंजक का मान ज्ञात करना सीखते हैं।
🌟 यदि व्यंजक है 2x + 3 और x = 4 है, तो
🔹 2x + 3 = 2 × 4 + 3
🔹 = 8 + 3
🔹 = 11
✅ इसलिए x = 4 पर व्यंजक का मान 11 है।

➡️ अब दूसरा उदाहरण देखिए।
🌟 यदि व्यंजक 3a – 2 है और a = 5 है, तो
🔹 3a – 2 = 3 × 5 – 2
🔹 = 15 – 2
🔹 = 13
✅ इसलिए a = 5 पर इसका मान 13 है।

➡️ एक और उदाहरण देखें।
🌟 यदि व्यंजक 4m + 7 है और m = 2 है, तो
🔹 4m + 7 = 4 × 2 + 7
🔹 = 8 + 7
🔹 = 15
✅ यही व्यंजक का मान निकालने की प्रक्रिया है।
🧠 पहले अक्षर का मान रखो, फिर गणना करो।

➡️ अब शब्दों को व्यंजक में बदलना समझते हैं।
🌸 “किसी संख्या में 5 जोड़ो”
🔹 यदि संख्या x है, तो व्यंजक होगा x + 5
🌸 “किसी संख्या में से 3 घटाओ”
🔹 यदि संख्या y है, तो व्यंजक होगा y – 3
🌸 “किसी संख्या का तीन गुना”
🔹 यदि संख्या a है, तो व्यंजक होगा 3a
🌸 “किसी संख्या का आधा”
🔹 यदि संख्या m है, तो व्यंजक होगा m/2
🌸 “किसी संख्या का दुगना और फिर 4 जोड़ो”
🔹 यदि संख्या p है, तो व्यंजक होगा 2p + 4
✅ इस प्रकार शब्दों को गणितीय रूप में बदला जाता है।

➡️ अब कुछ जीवनोपयोगी उदाहरण देखते हैं।
🍎 यदि एक सेब की कीमत p रुपये है, तो 5 सेबों की कीमत 5p रुपये होगी।
📚 यदि एक कॉपी की कीमत c रुपये है, तो 3 कॉपियों की कीमत 3c रुपये होगी।
✏️ यदि एक पेंसिल की कीमत p रुपये है, तो 2 पेंसिलों की कीमत 2p रुपये होगी।
📘 यदि एक कॉपी की कीमत c रुपये और एक पेंसिल की कीमत p रुपये है, तो 3 कॉपियों और 2 पेंसिलों की कुल कीमत 3c + 2p होगी।
🧠 यहाँ c और p अलग-अलग वस्तुओं की कीमतें दर्शा रहे हैं।
✅ यह व्यंजक वास्तविक जीवन को गणितीय रूप देता है।

➡️ अब परिमाप से संबंधित उदाहरण देखें।
📏 यदि किसी आयत की लंबाई l और चौड़ाई b हो, तो उसका परिमाप होगा
🔹 l + b + l + b
🔹 = 2l + 2b
🔹 = 2(l + b)
✅ इसलिए आयत का परिमाप = 2(l + b)

➡️ यदि किसी वर्ग की एक भुजा a हो, तो उसका परिमाप होगा
🔹 a + a + a + a
🔹 = 4a
✅ इसलिए वर्ग का परिमाप = 4a
🧠 इससे स्पष्ट है कि व्यंजक केवल संख्याओं के लिए नहीं, बल्कि आकृतियों के लिए भी उपयोगी हैं।

➡️ अब आयु से संबंधित उदाहरण देखें।
👦 यदि राहुल की आयु x वर्ष है, तो 5 वर्ष बाद उसकी आयु x + 5 वर्ष होगी।
👧 यदि रीना की आयु y वर्ष है, तो 3 वर्ष पहले उसकी आयु y – 3 वर्ष थी।
🟣 यदि किसी बच्चे की आयु m वर्ष है, तो उसकी दुगनी आयु 2m होगी।
✅ इस प्रकार आयु से जुड़े प्रश्न भी व्यंजकों की सहायता से लिखे जा सकते हैं।

➡️ अब धनराशि का उदाहरण देखें।
💰 यदि किसी के पास n रुपये हैं और उसे 20 रुपये और मिल जाएँ, तो कुल धनराशि = n + 20
💸 यदि वही व्यक्ति 8 रुपये खर्च कर दे, तो शेष धनराशि = n – 8
💼 यदि उसकी राशि तीन गुनी हो जाए, तो धनराशि = 3n
🧠 इस प्रकार व्यंजक जीवन की बदलती परिस्थितियों को व्यक्त करने में बहुत उपयोगी हैं।

➡️ अब यह समझते हैं कि अक्षर का मान बदलने से व्यंजक का मान भी बदलता है।
🌟 x + 5 में
🔹 यदि x = 2, तो मान = 7
🔹 यदि x = 10, तो मान = 15
🔹 यदि x = 20, तो मान = 25
🧠 इसलिए अक्षर स्थिर नहीं होता, उसका मान अलग-अलग हो सकता है।
✅ इसी कारण अक्षर को परिवर्ती कहते हैं।

➡️ अब कुछ महत्वपूर्ण रूप एक साथ देखिए।
🔹 x + x = 2x
🔹 x + x + x = 3x
🔹 a + a + a + a = 4a
🔹 2m + 3m = 5m
🔹 7y – 2y = 5y
🔹 5b + b = 6b
✅ ये सभी समान पदों को सरल करने के उदाहरण हैं।
🧠 अभ्यास से ये बातें बहुत आसान हो जाती हैं।

➡️ अब सामान्य भूलों को समझना भी आवश्यक है।
🔴 कई विद्यार्थी 2x को 2 + x समझ लेते हैं।
🟢 पर 2x का अर्थ 2 × x है।
🔴 कई विद्यार्थी x का गुणांक नहीं पहचानते।
🟢 x का गुणांक 1 होता है।
🔴 कई विद्यार्थी 2x + 3y को 5xy लिख देते हैं।
🟢 यह गलत है, क्योंकि x और y अलग हैं।
✅ इसलिए हर पद को ध्यान से समझकर काम करना चाहिए।

✏️ ध्यान दीजिए:
➡️ 2x = x का दुगना
➡️ x + x = 2x
➡️ x का गुणांक = 1
➡️ 2x और 2y समान पद नहीं हैं
➡️ 3a + 4a = 7a
➡️ 3a + 4b को सरल नहीं किया जा सकता
✅ यही मुख्य नियम याद रखने चाहिए।

➡️ अब इस अध्याय से मिलने वाली प्रमुख सीखों को देखते हैं।
🌟 हम सीखते हैं कि अक्षर संख्या का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
🌟 हम सीखते हैं कि अक्षर, संख्या और क्रिया मिलकर व्यंजक बनाते हैं।
🌟 हम पद, गुणांक, स्थिर पद और परिवर्ती पद को पहचानते हैं।
🌟 हम समान पदों का जोड़-घटाव करना सीखते हैं।
🌟 हम व्यंजक का मान ज्ञात करना सीखते हैं।
🌟 हम जीवन की स्थितियों को व्यंजकों में लिखना सीखते हैं।
✅ यही इस अध्याय का सार है।

🏁 निष्कर्ष

➡️ “अक्षर-संख्याओं का उपयोग करते हुए व्यंजक” अध्याय गणित का बहुत महत्त्वपूर्ण अध्याय है।
🌼 यह हमें सिखाता है कि जब कोई संख्या अज्ञात हो या बदलती हो, तो हम उसे अक्षर से व्यक्त कर सकते हैं।
🟣 हम सीखते हैं कि अक्षरों और संख्याओं को मिलाकर व्यंजक कैसे बनाए जाते हैं।
🔵 हम गुणांक, पद, समान पद, स्थिर पद और परिवर्ती पद की पहचान करना सीखते हैं।
🟢 हम व्यंजक का मान ज्ञात करना और शब्दों को व्यंजकों में बदलना सीखते हैं।
🟡 जीवन की अनेक स्थितियों को गणितीय रूप में लिखने के लिए भी यह अध्याय अत्यन्त उपयोगी है।
✅ इसलिए यह अध्याय आगे की बीजगणितीय पढ़ाई की मजबूत नींव तैयार करता है।

🌼 द्वितीय भाग : सारांश

🟣 अक्षर का उपयोग
➡️ अक्षर किसी अज्ञात या बदलती संख्या का प्रतिनिधित्व करता है।
➡️ जैसे x, y, a, b, m आदि।

🔵 व्यंजक
➡️ अक्षर, संख्याएँ और क्रियाएँ मिलकर व्यंजक बनाते हैं।
➡️ जैसे x + 5, 2a, y – 3, 4m + 7।

🟢 पद और गुणांक
➡️ व्यंजक के भाग पद कहलाते हैं।
➡️ अक्षर के साथ लगी संख्या उसका गुणांक कहलाती है।
➡️ जैसे 3x में x का गुणांक 3 है।

🟡 स्थिर और परिवर्ती पद
➡️ निश्चित संख्या वाला पद स्थिर पद है।
➡️ अक्षर वाला पद परिवर्ती पद है।

🔴 समान पद
➡️ समान अक्षर वाले पद समान पद कहलाते हैं।
➡️ जैसे 2x और 5x।
➡️ केवल समान पदों का जोड़-घटाव किया जा सकता है।

🟠 व्यंजक का मान
➡️ अक्षर का मान रखकर व्यंजक का मान निकाला जाता है।
➡️ जैसे x = 4 होने पर 2x + 3 = 11।

🟤 जीवन में उपयोग
➡️ कीमत, आयु, परिमाप, दूरी और धनराशि जैसी स्थितियों को व्यंजक के रूप में लिखा जा सकता है।

🌈 📝 त्वरित पुनरावृत्ति

➡️ अक्षर किसी संख्या का प्रतिनिधित्व करता है।
➡️ अक्षर, संख्या और क्रिया मिलकर व्यंजक बनाते हैं।
➡️ अक्षर के साथ लगी संख्या उसका गुणांक होती है।
➡️ केवल समान पदों को जोड़ा या घटाया जा सकता है।
➡️ x + x = 2x और a + a + a = 3a।
➡️ अक्षर का मान रखने पर व्यंजक का मान निकाला जाता है।

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

🔒 ❓ प्रश्न 1.
एक प्लेट ज्वार की रोटी का मूल्य ₹30 है एवं एक प्लेट पुलाव का मूल्य ₹20 है। यदि एक दिन में ज्वार की रोटी x प्लेट एवं पुलाव की y प्लेट का ऑर्डर दिया गया तो उस दिन अर्जित कुल राशि को रुपयों में वर्णित करने के लिए कौन-सा व्यंजक होगा?

🟢1️⃣ 30x + 20y
🔵2️⃣ (30 + 20) × (x + y)
🟡3️⃣ 20x + 30y
🟣4️⃣ 30x – 20y

📌 ✅ उत्तर: 🟢1️⃣

🔹 एक प्लेट ज्वार की रोटी का मूल्य = ₹30
🔹 x प्लेट ज्वार की रोटी का कुल मूल्य = 30x

🔹 एक प्लेट पुलाव का मूल्य = ₹20
🔹 y प्लेट पुलाव का कुल मूल्य = 20y

🔹 कुल अर्जित राशि = ज्वार की रोटी से प्राप्त राशि + पुलाव से प्राप्त राशि
🔹 कुल अर्जित राशि = 30x + 20y

🔸 अतः सही व्यंजक है: 30x + 20y

🔒 ❓ प्रश्न 2.
पुष्पिता स्वतंत्रता दिवस पर चंपा एवं गेंदा के दो तरह के फूल बेचती हैं। ‘p’ ग्राहक केवल चंपा खरीदते हैं; ‘q’ ग्राहक केवल गेंदा खरीदते हैं एवं ‘r’ ग्राहक दोनों खरीदते हैं। उसी दिन वह प्रत्येक ग्राहक को एक छोटा राष्ट्रीय झंडा देती है। उस दिन वह कितने झंडे देती है?

🟢1️⃣ p + q + r
🔵2️⃣ p + q + 2r
🟡3️⃣ 2 × (p + q + r)
🟣4️⃣ p + q + r + 2

📌 ✅ उत्तर: 🟢1️⃣

🔹 केवल चंपा खरीदने वाले ग्राहक = p
🔹 केवल गेंदा खरीदने वाले ग्राहक = q
🔹 दोनों खरीदने वाले ग्राहक = r

🔹 ध्यान दीजिए:
🔸 जो ग्राहक दोनों खरीदते हैं, वे एक ही ग्राहक हैं।
🔸 इसलिए उन्हें दो बार नहीं गिनेंगे।

🔹 कुल ग्राहकों की संख्या = p + q + r

🔹 प्रत्येक ग्राहक को एक झंडा दिया जाता है।
🔹 अतः कुल झंडों की संख्या = कुल ग्राहकों की संख्या

🔹 इसलिए झंडों की कुल संख्या = p + q + r

🔸 अतः सही उत्तर है: p + q + r

🔒 ❓ प्रश्न 3.
एक घोंघा एक गहरे कुएँ की दीवार पर चढ़ने का प्रयास कर रहा है। दिन के समय यह ‘u’ सेमी. चढ़ता है एवं रात के समय वह धीरे ‘d’ सेमी. नीचे फिसल जाता है। 10 दिनों एवं 10 रातों तक ऐसा होता है।

(क) घोंघा अपनी प्रारंभिक स्थिति से कितना दूर है, यह बताने के लिए एक व्यंजक लिखिए।

(ख) यदि d > u तो हम घोंघे की गति के बारे में क्या कह सकते हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 एक दिन में घोंघा ऊपर चढ़ता है = u सेमी.
🔹 एक रात में घोंघा नीचे फिसलता है = d सेमी.

🔹 इसलिए 1 दिन और 1 रात के बाद शुद्ध परिवर्तन = u – d

🔹 10 दिन और 10 रातों के बाद शुद्ध परिवर्तन = 10(u – d)

🔸 अतः (क) के लिए व्यंजक है: 10(u – d)
🔸 इसे 10u – 10d भी लिख सकते हैं।

(ख) यदि d > u, तब

🔹 रात में नीचे फिसलने की दूरी, दिन में चढ़ी गई दूरी से अधिक है।
🔹 अर्थात् हर पूरे दिन-रात के बाद घोंघा नीचे की ओर चला जाएगा।
🔹 उसकी कुल स्थिति प्रारंभिक स्थिति से ऊपर जाने के स्थान पर नीचे की ओर घटेगी।

🔸 अतः यदि d > u, तो घोंघा ऊपर नहीं बढ़ रहा है, बल्कि कुल मिलाकर नीचे की ओर जा रहा है।

🔒 ❓ प्रश्न 4.
गधा साइकिल दौड़ की प्रतियोगिता के लिए तैयारी कर रही है एवं प्रतिदिन अभ्यास करती है। पहले सप्ताह में वह प्रतिदिन 5 कि.मी. साइकिल चलाती है। प्रत्येक सप्ताह वह प्रतिदिन साइकिल चलाने की दूरी को ‘z’ कि.मी. बढ़ाती है। 3 सप्ताह के बाद गधा कितने कि.मी. साइकिल चला चुकी होगी?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले सप्ताह में प्रतिदिन चली दूरी = 5 कि.मी.

🔹 प्रत्येक अगले सप्ताह में प्रतिदिन दूरी में वृद्धि = z कि.मी.

🔹 अतः
🔸 दूसरे सप्ताह में प्रतिदिन चली दूरी = 5 + z कि.मी.
🔸 तीसरे सप्ताह में प्रतिदिन चली दूरी = 5 + 2z कि.मी.

🔹 एक सप्ताह में 7 दिन होते हैं।

🔹 पहले सप्ताह में कुल दूरी = 7 × 5 = 35 कि.मी.

🔹 दूसरे सप्ताह में कुल दूरी = 7 × (5 + z) कि.मी.

🔹 तीसरे सप्ताह में कुल दूरी = 7 × (5 + 2z) कि.मी.

🔹 3 सप्ताह की कुल दूरी
= 35 + 7(5 + z) + 7(5 + 2z)

🔹 = 35 + 35 + 7z + 35 + 14z

🔹 = 105 + 21z

🔸 अतः 3 सप्ताह के बाद गधा कुल (105 + 21z) कि.मी. साइकिल चला चुकी होगी।

🔒 ❓ प्रश्न 5.
नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए कि कैसे व्यंजक w + 2 एक रास्ते के माध्यम से व्यंजक 4w + 20 हो जाता है। अन्य रास्तों पर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। अंडाकार स्थानों में व्यंजक लिखे जाएँगे एवं बक्सों में गणितीय संक्रियाएँ लिखी जाएँगी।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 दिए गए मार्ग में
w + 2 → +3 → w + 5 → ×4 → 4w + 20

🔹 अब अन्य रिक्त स्थान भरते हैं।

🔹 ऊपर वाले बाएँ मार्ग में
केंद्र से पहले अंतिम बक्से में संक्रिया = -5
अर्थात यदि किसी अंडाकार में कोई व्यंजक हो, तो उसमें 5 घटाने पर w + 2 मिलेगा।

🔹 इसलिए उस अंडाकार में व्यंजक होगा
= w + 7

🔹 अब उससे पहले ×3 दिया है।
अर्थात पहले अंडाकार का व्यंजक ऐसा होगा, जिसे 3 से गुणा करने पर w + 7 मिले।

🔹 इसलिए पहला अंडाकार = (w + 7)/3

🔸 अतः ऊपर वाले बाएँ मार्ग के रिक्त स्थान:
🔹 पहला अंडाकार = (w + 7)/3
🔹 दूसरा अंडाकार = w + 7

अब नीचे वाले बाएँ मार्ग को देखें।

🔹 केंद्र की ओर आने वाले बक्से में संक्रिया = -8
अर्थात नीचे वाले बीच के अंडाकार से 8 घटाने पर w + 2 मिलेगा।

🔹 इसलिए नीचे वाले बीच के अंडाकार का व्यंजक
= w + 10

🔹 उससे पहले बक्से में -4 दिया है।
अर्थात पहले अंडाकार से 4 घटाने पर w + 10 मिलना चाहिए।

🔹 इसलिए पहला अंडाकार
= w + 14

🔸 अतः नीचे वाले बाएँ मार्ग के रिक्त स्थान:
🔹 पहला अंडाकार = w + 14
🔹 दूसरा अंडाकार = w + 10

अब नीचे वाले दाएँ मार्ग को देखें।

🔹 केंद्र से निकलने के बाद बक्से में -4 दिया है।
अर्थात w + 2 में से 4 घटाने पर

🔹 (w + 2) – 4 = w – 2

🔹 अतः बीच का अंडाकार = w – 2

🔹 अब उस अंडाकार को 3 से गुणा करने पर
3 × (w – 2) = 3w – 6

🔹 यह दिए गए अंतिम व्यंजक से मिल रहा है।

🔸 अतः नीचे वाले दाएँ मार्ग का रिक्त अंडाकार = w – 2

🔸 इसलिए प्रश्न 5 के सभी रिक्त स्थान इस प्रकार भरेंगे:

🔹 ऊपर बायाँ पहला अंडाकार = (w + 7)/3
🔹 ऊपर बायाँ दूसरा अंडाकार = w + 7
🔹 नीचे बायाँ पहला अंडाकार = w + 14
🔹 नीचे बायाँ दूसरा अंडाकार = w + 10
🔹 नीचे दायाँ अंडाकार = w – 2

🔒 ❓ प्रश्न 6.
यहाँपुर से वहाँपुर जाने वाली एक लोकल ट्रेन मार्ग में समान दूरी पर तीन स्टेशनों पर रुकती है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक दूरी तय करने में मिनटों में लगने वाला समय समान है एवं इसे t से प्रदर्शित किया गया है। ट्रेन तीनों स्टेशनों पर 2 मिनट के लिए रुकती है।

(क) यदि t = 4 हो तो यहाँपुर से वहाँपुर की यात्रा में लगने वाला समय क्या होगा?

(ख) यहाँपुर से वहाँपुर की यात्रा में लगने वाले समय के लिए बीजगणितीय व्यंजक क्या होगा?
(संकेत — स्थिति के दृष्ट्यांकन के लिए एक आलेख खींचिए।)

📌 ✅ उत्तर:

🔹 यहाँपुर से वहाँपुर के बीच बीच में 3 स्टेशन हैं, जहाँ ट्रेन रुकती है।

🔹 इससे पूरी यात्रा 4 बराबर चलने वाले भागों में बँटती है:
🔸 यहाँपुर → पहला स्टेशन
🔸 पहला स्टेशन → दूसरा स्टेशन
🔸 दूसरा स्टेशन → तीसरा स्टेशन
🔸 तीसरा स्टेशन → वहाँपुर

🔹 एक भाग को तय करने में समय = t मिनट

🔹 इसलिए चलने का कुल समय = 4t मिनट

🔹 ट्रेन 3 स्टेशनों पर रुकती है।
🔹 प्रत्येक स्टेशन पर रुकने का समय = 2 मिनट

🔹 कुल रुकने का समय = 3 × 2 = 6 मिनट

🔹 अतः कुल यात्रा समय
= चलने का समय + रुकने का समय
= 4t + 6 मिनट

(क) यदि t = 4, तब

🔹 कुल यात्रा समय = 4t + 6

🔹 = 4 × 4 + 6

🔹 = 16 + 6

🔹 = 22 मिनट

🔸 अतः यात्रा में लगने वाला समय = 22 मिनट

(ख)

🔹 यहाँपुर से वहाँपुर की यात्रा में लगने वाले समय का बीजगणितीय व्यंजक है:

🔸 4t + 6

🔒 ❓ प्रश्न 7.
दिए गए व्यंजकों को सरल कीजिए—

(क) 3a + 9b – 6 + 8a – 4b – 7a + 16

📌 ✅ उत्तर:

🔹 समरूप पदों को एक साथ लिखते हैं
= 3a + 8a – 7a + 9b – 4b – 6 + 16

🔹 a वाले पद
= (3a + 8a – 7a) = 4a

🔹 b वाले पद
= (9b – 4b) = 5b

🔹 नियत पद
= -6 + 16 = 10

🔹 अतः सरल रूप
= 4a + 5b + 10

(ख) 3(3a – 3b) – 8a – 4b – 16

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले कोष्ठक खोलते हैं
= 9a – 9b – 8a – 4b – 16

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (9a – 8a) + (-9b – 4b) – 16

🔹 = a – 13b – 16

🔹 अतः सरल रूप
= a – 13b – 16

(ग) 2(2x – 3) + 8x + 12

📌 ✅ उत्तर:

🔹 कोष्ठक खोलते हैं
= 4x – 6 + 8x + 12

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (4x + 8x) + (-6 + 12)

🔹 = 12x + 6

🔹 अतः सरल रूप
= 12x + 6

(घ) 8x – (2x – 3) + 12

📌 ✅ उत्तर:

🔹 ऋण चिह्न के साथ कोष्ठक खोलते हैं
= 8x – 2x + 3 + 12

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (8x – 2x) + (3 + 12)

🔹 = 6x + 15

🔹 अतः सरल रूप
= 6x + 15

(ङ) 8h – (5 + 7h) + 9

📌 ✅ उत्तर:

🔹 कोष्ठक खोलते हैं
= 8h – 5 – 7h + 9

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (8h – 7h) + (-5 + 9)

🔹 = h + 4

🔹 अतः सरल रूप
= h + 4

(च) 23 + 4(6m – 3n) – 8n – 3m – 18

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले कोष्ठक खोलते हैं
= 23 + 24m – 12n – 8n – 3m – 18

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (24m – 3m) + (-12n – 8n) + (23 – 18)

🔹 = 21m – 20n + 5

🔹 अतः सरल रूप
= 21m – 20n + 5

🔒 ❓ प्रश्न 8.
नीचे दिए गए व्यंजकों का योग ज्ञात कीजिए—

(क) 4d – 7c + 9 और 8c – 11 + 9d

📌 ✅ उत्तर:

🔹 दोनों व्यंजकों का योग
= (4d – 7c + 9) + (8c – 11 + 9d)

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= 4d + 9d – 7c + 8c + 9 – 11

🔹 = 13d + c – 2

🔹 अतः योग
= 13d + c – 2

(ख) -6f + 19 – 8s और -23 + 13f + 12s

📌 ✅ उत्तर:

🔹 योग
= (-6f + 19 – 8s) + (-23 + 13f + 12s)

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= -6f + 13f – 8s + 12s + 19 – 23

🔹 = 7f + 4s – 4

🔹 अतः योग
= 7f + 4s – 4

(ग) 8d – 14c + 9 और 16c – (11 + 9d)

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले दूसरे व्यंजक का कोष्ठक खोलते हैं
= 16c – 11 – 9d

🔹 अब योग लिखते हैं
= (8d – 14c + 9) + (16c – 11 – 9d)

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= 8d – 9d – 14c + 16c + 9 – 11

🔹 = -d + 2c – 2

🔹 अतः योग
= 2c – d – 2

(घ) 6f – 20 + 8s और 23 – 13f – 12s

📌 ✅ उत्तर:

🔹 योग
= (6f – 20 + 8s) + (23 – 13f – 12s)

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= 6f – 13f + 8s – 12s – 20 + 23

🔹 = -7f – 4s + 3

🔹 अतः योग
= -7f – 4s + 3

(ङ) 13m – 12n और 12n – 13m

📌 ✅ उत्तर:

🔹 योग
= (13m – 12n) + (12n – 13m)

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= 13m – 13m – 12n + 12n

🔹 = 0

🔹 अतः योग
= 0

(च) -26m + 24n और 26m – 24n

📌 ✅ उत्तर:

🔹 योग
= (-26m + 24n) + (26m – 24n)

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= -26m + 26m + 24n – 24n

🔹 = 0

🔹 अतः योग
= 0

🔒 ❓ प्रश्न 9.
नीचे दिए गए व्यंजकों का घटाव कीजिए—

(क) 9a – 6b + 14 से 6a + 9b – 18

📌 ✅ उत्तर:

🔹 यहाँ घटाना है
= (9a – 6b + 14) – (6a + 9b – 18)

🔹 कोष्ठक खोलते हैं
= 9a – 6b + 14 – 6a – 9b + 18

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (9a – 6a) + (-6b – 9b) + (14 + 18)

🔹 = 3a – 15b + 32

🔹 अतः उत्तर
= 3a – 15b + 32

(ख) -15x + 13 – 9y से 7y – 10 + 3x

📌 ✅ उत्तर:

🔹 घटाना है
= (-15x + 13 – 9y) – (7y – 10 + 3x)

🔹 कोष्ठक खोलते हैं
= -15x + 13 – 9y – 7y + 10 – 3x

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (-15x – 3x) + (-9y – 7y) + (13 + 10)

🔹 = -18x – 16y + 23

🔹 अतः उत्तर
= -18x – 16y + 23

(ग) 17g + 9 – 7h से 11 – 10g + 3h

📌 ✅ उत्तर:

🔹 घटाना है
= (17g + 9 – 7h) – (11 – 10g + 3h)

🔹 कोष्ठक खोलते हैं
= 17g + 9 – 7h – 11 + 10g – 3h

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (17g + 10g) + (-7h – 3h) + (9 – 11)

🔹 = 27g – 10h – 2

🔹 अतः उत्तर
= 27g – 10h – 2

(घ) 9a – 6b + 14 से 6a – (9b + 18)

📌 ✅ उत्तर:

🔹 पहले दूसरे व्यंजक को सरल करते हैं
= 6a – 9b – 18

🔹 अब घटाना है
= (9a – 6b + 14) – (6a – 9b – 18)

🔹 कोष्ठक खोलते हैं
= 9a – 6b + 14 – 6a + 9b + 18

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (9a – 6a) + (-6b + 9b) + (14 + 18)

🔹 = 3a + 3b + 32

🔹 अतः उत्तर
= 3a + 3b + 32

(ङ) 10x + 2 + 10y से -3y + 8 – 3x

📌 ✅ उत्तर:

🔹 घटाना है
= (10x + 2 + 10y) – (-3y + 8 – 3x)

🔹 कोष्ठक खोलते हैं
= 10x + 2 + 10y + 3y – 8 + 3x

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (10x + 3x) + (10y + 3y) + (2 – 8)

🔹 = 13x + 13y – 6

🔹 अतः उत्तर
= 13x + 13y – 6

(च) 8g + 4h – 10 से 7h – 8g + 20

📌 ✅ उत्तर:

🔹 घटाना है
= (8g + 4h – 10) – (7h – 8g + 20)

🔹 कोष्ठक खोलते हैं
= 8g + 4h – 10 – 7h + 8g – 20

🔹 समरूप पद मिलाते हैं
= (8g + 8g) + (4h – 7h) + (-10 – 20)

🔹 = 16g – 3h – 30

🔹 अतः उत्तर
= 16g – 3h – 30

🔒 ❓ प्रश्न 10.
दिए गए बीजगणितीय व्यंजकों के लिए संगत स्थितियों का वर्णन कीजिए—

(क) 8x + 3y

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मान लीजिए किसी दुकान में एक पेंसिल का मूल्य x रुपये है और एक कॉपी का मूल्य y रुपये है।
🔹 यदि कोई विद्यार्थी 8 पेंसिल और 3 कॉपियाँ खरीदता है, तो कुल मूल्य होगा:

🔹 8 पेंसिलों का मूल्य = 8x
🔹 3 कॉपियों का मूल्य = 3y

🔹 कुल मूल्य = 8x + 3y

🔸 अतः 8x + 3y ऐसी स्थिति को दर्शाता है जिसमें 8 वस्तुएँ x रुपये प्रति वस्तु की हों और 3 वस्तुएँ y रुपये प्रति वस्तु की हों।

(ख) 15x – 2x

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मान लीजिए एक खेत की लंबाई 15x मीटर है।
🔹 उसमें से 2x मीटर लंबाई का एक भाग अलग कर दिया गया।

🔹 शेष लंबाई = 15x – 2x

🔸 अतः 15x – 2x ऐसी स्थिति को दर्शाता है जिसमें किसी कुल मात्रा में से उसी प्रकार की कुछ मात्रा घटा दी जाती है।

🔹 इसे एक और सरल स्थिति से भी समझ सकते हैं:
🔸 किसी के पास x रुपये के 15 नोटों के बराबर कुल राशि है।
🔸 उसमें से x रुपये के 2 नोटों के बराबर राशि खर्च कर दी गई।
🔸 शेष राशि = 15x – 2x

🔒 ❓ प्रश्न 11.
कल्पना कीजिए कि एक सीधी रस्सी है। यदि इसे चित्र में दर्शाए अनुसार एक बार काटा जाए तो हमें 2 टुकड़े प्राप्त होंगे। यदि रस्सी को चित्र में दर्शाए अनुसार एक बार मोड़कर काटा जाए तो हमें 3 टुकड़े प्राप्त होंगे। पैटर्न को ध्यान से देखिए एवं बताइए कि यदि रस्सी को 10 बार मोड़कर काटा जाए तो हमें रस्सी के कितने टुकड़े प्राप्त होंगे? यदि रस्सी को r बार मोड़कर काटा जाए तो टुकड़ों की संख्या के लिए व्यंजक क्या होगा?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 चित्र से क्रम देखते हैं—

🔹 0 बार मोड़कर काटने पर टुकड़ों की संख्या = 2
🔹 1 बार मोड़कर काटने पर टुकड़ों की संख्या = 3
🔹 2 बार मोड़कर काटने पर टुकड़ों की संख्या = 4

🔹 इससे स्पष्ट है कि
🔸 हर बार एक अतिरिक्त मोड़ देने पर टुकड़ों की संख्या 1 बढ़ रही है।

🔹 इसलिए क्रम होगा—

🔹 0 बार मोड़ना → 2 टुकड़े
🔹 1 बार मोड़ना → 3 टुकड़े
🔹 2 बार मोड़ना → 4 टुकड़े
🔹 3 बार मोड़ना → 5 टुकड़े
🔹 4 बार मोड़ना → 6 टुकड़े

🔹 अतः यदि रस्सी को r बार मोड़कर काटा जाए, तो टुकड़ों की संख्या होगी:

🔹 टुकड़ों की संख्या = r + 2

अब 10 बार मोड़ने पर—

🔹 टुकड़ों की संख्या = 10 + 2
🔹 = 12

🔸 अतः 10 बार मोड़कर काटने पर 12 टुकड़े प्राप्त होंगे।
🔸 और r बार मोड़कर काटने पर टुकड़ों की संख्या का व्यंजक r + 2 होगा।

🔒 ❓ प्रश्न 12.
नीचे दी गई माचिस की तीलियों के पैटर्न को ध्यान से देखिए और पहचानिए ऐसे 10 वर्ग बनाने के लिए माचिस की कितनी तीलियों की आवश्यकता होगी? w वर्ग बनाने के लिए माचिस की कितनी तीलियों की आवश्यकता होगी?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 चित्र में
🔸 1 वर्ग बनाने के लिए 4 तीलियाँ चाहिए।
🔸 2 जुड़े हुए वर्ग बनाने के लिए 7 तीलियाँ चाहिए।
🔸 3 जुड़े हुए वर्ग बनाने के लिए 10 तीलियाँ चाहिए।

🔹 यहाँ हर नया वर्ग बनाने पर 3 नई तीलियाँ बढ़ रही हैं, क्योंकि एक भुजा पहले वाले वर्ग के साथ साझी होती है।

🔹 अतः क्रम होगा
🔸 1 वर्ग → 4 तीलियाँ
🔸 2 वर्ग → 7 तीलियाँ
🔸 3 वर्ग → 10 तीलियाँ
🔸 4 वर्ग → 13 तीलियाँ

🔹 इसलिए यह एक समान अन्तर वाला क्रम है, जिसका अन्तर = 3

🔹 w वर्गों के लिए तीलियों की संख्या
= 4 + (w – 1)3

🔹 = 4 + 3w – 3

🔹 = 3w + 1

🔸 अतः w वर्गों के लिए आवश्यक तीलियाँ = 3w + 1

अब 10 वर्गों के लिए—

🔹 तीलियों की संख्या = 3(10) + 1
🔹 = 30 + 1
🔹 = 31

🔸 अतः 10 वर्ग बनाने के लिए 31 तीलियाँ चाहिएँ।

🔒 ❓ प्रश्न 13.
क्या आपने ध्यान दिया कि ट्रैफिक सिग्नल में रंग कैसे बदलते हैं? रंग-परिवर्तन का क्रम नीचे दर्शाया गया है। स्थिति 90, 190 एवं 343 पर रंग ज्ञात कीजिए। प्रत्येक रंग की स्थिति का वर्णन करने के लिए व्यंजक लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 चित्र से रंगों का क्रम है—

🔸 स्थिति 1 → लाल
🔸 स्थिति 2 → पीला
🔸 स्थिति 3 → हरा
🔸 स्थिति 4 → पीला
🔸 स्थिति 5 → लाल

🔹 इसलिए यह क्रम 4-4 स्थितियों के बाद दोहराता है—

🔸 लाल → 1, 5, 9, 13, …
🔸 पीला → 2, 4, 6, 8, 10, …
🔸 हरा → 3, 7, 11, 15, …

अब दी गई स्थितियाँ जाँचते हैं—

(क) स्थिति 90

🔹 90 एक सम संख्या है।
🔹 सम स्थितियों पर पीला रंग आता है।

🔸 अतः स्थिति 90 पर रंग = पीला

(ख) स्थिति 190

🔹 190 भी सम संख्या है।
🔹 इसलिए यहाँ भी रंग = पीला

🔸 अतः स्थिति 190 पर रंग = पीला

(ग) स्थिति 343

🔹 343 को 4 से भाग देते हैं—

🔹 343 = 4 × 85 + 3

🔹 शेषफल 3 आया।
🔹 जिन स्थितियों पर 4 से भाग देने पर शेषफल 3 आता है, वहाँ हरा रंग होता है।

🔸 अतः स्थिति 343 पर रंग = हरा

अब प्रत्येक रंग की स्थितियों के लिए व्यंजक लिखते हैं—

🔹 लाल रंग की स्थितियाँ: 1, 5, 9, 13, …
🔹 यह क्रम 4 के अन्तर से बढ़ रहा है।
🔹 इसलिए लाल रंग की स्थिति का व्यंजक = 4n – 3, जहाँ n = 1, 2, 3, …

🔹 पीला रंग की स्थितियाँ: 2, 4, 6, 8, 10, …
🔹 इसलिए पीला रंग की स्थिति का व्यंजक = 2n, जहाँ n = 1, 2, 3, …

🔹 हरा रंग की स्थितियाँ: 3, 7, 11, 15, …
🔹 इसलिए हरा रंग की स्थिति का व्यंजक = 4n – 1, जहाँ n = 1, 2, 3, …

🔸 अतः
🔹 स्थिति 90 → पीला
🔹 स्थिति 190 → पीला
🔹 स्थिति 343 → हरा

🔒 ❓ प्रश्न 14.
दिए गए पैटर्न को ध्यान से देखिए। चरण 4, चरण 10 एवं चरण 50 में कितने वर्ग होंगे? एक सामान्य सूत्र लिखिए। यदि हम सभी वर्गों के कोनों की संख्या को गिनना चाहते हैं तो सूत्र कैसे बदलेगा?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 चित्र में बनने वाला आकार ‘X’ के रूप में है।

🔹 पहले तीन चरणों को देखकर—

🔸 चरण 1 में वर्गों की संख्या = 5
🔸 चरण 2 में वर्गों की संख्या = 9
🔸 चरण 3 में वर्गों की संख्या = 13

🔹 ध्यान दीजिए कि हर अगले चरण में 4 वर्ग बढ़ रहे हैं।

🔹 इसलिए यह समान अन्तर वाला क्रम है—

🔸 5, 9, 13, 17, …

🔹 चरण संख्या को n मान लें।

🔹 तब nवें चरण में वर्गों की संख्या
= 5 + (n – 1)4

🔹 = 5 + 4n – 4

🔹 = 4n + 1

🔸 अतः सामान्य सूत्र = 4n + 1

अब पूछी गई स्थितियाँ—

(क) चरण 4

🔹 वर्गों की संख्या = 4(4) + 1
🔹 = 16 + 1
🔹 = 17

🔸 अतः चरण 4 में 17 वर्ग होंगे।

(ख) चरण 10

🔹 वर्गों की संख्या = 4(10) + 1
🔹 = 40 + 1
🔹 = 41

🔸 अतः चरण 10 में 41 वर्ग होंगे।

(ग) चरण 50

🔹 वर्गों की संख्या = 4(50) + 1
🔹 = 200 + 1
🔹 = 201

🔸 अतः चरण 50 में 201 वर्ग होंगे।

अब यदि सभी वर्गों के कोनों की संख्या गिननी हो—

🔹 एक वर्ग के 4 कोने होते हैं।
🔹 nवें चरण में वर्गों की संख्या = 4n + 1

🔹 इसलिए कुल कोनों की संख्या
= 4 × (4n + 1)

🔹 = 16n + 4

🔸 अतः कोनों की संख्या का सूत्र = 16n + 4

🔹 इसलिए
🔸 चरण 4 में कुल कोने = 16(4) + 4 = 68
🔸 चरण 10 में कुल कोने = 16(10) + 4 = 164
🔸 चरण 50 में कुल कोने = 16(50) + 4 = 804

🔒 ❓ प्रश्न 15.
इस अनंत 4 स्तंभीय ग्रिड में संख्याएँ एक विशेष क्रम में लिखी गई हैं।

(क) दिए गए एक स्तंभ (1, 2, 3, 4) में सभी संख्याएँ निर्मित करने के लिए व्यंजक दीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 चित्र में 4 स्तंभ हैं।

🔹 पहला स्तंभ: 1, 5, 9, 13, …
🔹 दूसरा स्तंभ: 2, 6, 10, 14, …
🔹 तीसरा स्तंभ: 3, 7, 11, 15, …
🔹 चौथा स्तंभ: 4, 8, 12, 16, …

🔹 हर स्तंभ में 4 का अन्तर है।

अतः व्यंजक होंगे—

🔹 स्तंभ 1 की संख्याएँ = 4n – 3
🔹 स्तंभ 2 की संख्याएँ = 4n – 2
🔹 स्तंभ 3 की संख्याएँ = 4n – 1
🔹 स्तंभ 4 की संख्याएँ = 4n

जहाँ n = 1, 2, 3, …

(ख) बताइए कि नीचे दी गई संख्याएँ किस पंक्ति एवं किस स्तंभ में विद्यमान होंगी—

(i) 124

🔹 124 को 4 से भाग देते हैं
🔹 124 = 4 × 31

🔹 इसलिए यह चौथे स्तंभ में होगी।
🔹 31वाँ गुणज है, इसलिए यह 31वीं पंक्ति में होगी।

🔸 अतः 124 → 31वीं पंक्ति, 4था स्तंभ

(ii) 147

🔹 147 को 4 से भाग देते हैं
🔹 147 = 4 × 36 + 3

🔹 शेषफल 3 है, इसलिए यह तीसरे स्तंभ में होगी।
🔹 36 पंक्तियाँ पूरी हो चुकीं, इसलिए यह 37वीं पंक्ति में होगी।

🔸 अतः 147 → 37वीं पंक्ति, 3रा स्तंभ

(iii) 201

🔹 201 को 4 से भाग देते हैं
🔹 201 = 4 × 50 + 1

🔹 शेषफल 1 है, इसलिए यह पहले स्तंभ में होगी।
🔹 अतः यह 51वीं पंक्ति में होगी।

🔸 अतः 201 → 51वीं पंक्ति, 1ला स्तंभ

(ग) कौन-सी संख्या पंक्ति ‘r’ एवं स्तंभ ‘c’ में विद्यमान होगी?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 प्रत्येक पंक्ति में 4 संख्याएँ हैं।

🔹 पहली पंक्ति में संख्याएँ हैं
🔸 1, 2, 3, 4

🔹 दूसरी पंक्ति में संख्याएँ हैं
🔸 5, 6, 7, 8

🔹 तीसरी पंक्ति में संख्याएँ हैं
🔸 9, 10, 11, 12

🔹 इसलिए rवीं पंक्ति की पहली संख्या होगी
= 4(r – 1) + 1

🔹 अब cवें स्तंभ तक जाने के लिए (c – 1) जोड़ेंगे।

🔹 अतः rवीं पंक्ति और cवें स्तंभ की संख्या
= 4(r – 1) + 1 + (c – 1)

🔹 = 4r – 4 + c

🔹 = 4r + c – 4

🔸 अतः वांछित संख्या = 4r + c – 4

(घ) 3 के गुणजों की स्थितियों को ध्यान से देखिए।
क्या आपको इसमें कोई पैटर्न दिख रहा है? आप जो अन्य पैटर्न देखते हैं, उनकी सूची बनाइए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 3 के गुणज हैं—
🔸 3, 6, 9, 12, 15, 18, …

🔹 ग्रिड में इनकी स्थितियाँ देखें—

🔸 3 → पंक्ति 1, स्तंभ 3
🔸 6 → पंक्ति 2, स्तंभ 2
🔸 9 → पंक्ति 3, स्तंभ 1
🔸 12 → पंक्ति 3, स्तंभ 4
🔸 15 → पंक्ति 4, स्तंभ 3
🔸 18 → पंक्ति 5, स्तंभ 2

🔹 यहाँ स्तंभों में क्रम इस प्रकार दोहराता है—
🔸 3, 2, 1, 4, 3, 2, 1, 4, …

🔹 अर्थात 3 के गुणज तिरछे ढंग से आते दिखाई देते हैं।

अन्य दिखाई देने वाले पैटर्न—

🔹 सभी विषम संख्याएँ और सम संख्याएँ बारी-बारी से आती हैं।
🔹 प्रत्येक पंक्ति में बाएँ से दाएँ जाने पर संख्या 1-1 बढ़ती है।
🔹 प्रत्येक स्तंभ में ऊपर से नीचे जाने पर संख्या 4-4 बढ़ती है।
🔹 पहले स्तंभ की सभी संख्याएँ 4 से भाग देने पर शेषफल 1 देती हैं।
🔹 दूसरे स्तंभ की सभी संख्याएँ 4 से भाग देने पर शेषफल 2 देती हैं।
🔹 तीसरे स्तंभ की सभी संख्याएँ 4 से भाग देने पर शेषफल 3 देती हैं।
🔹 चौथे स्तंभ की सभी संख्याएँ 4 के गुणज होती हैं।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

🌸 खंड अ : बहुविकल्पीय प्रश्न
➡️ प्रश्न 1 से 6

🔒 ❓ प्रश्न 1.
➡️ निम्न में से कौन-सा एक व्यंजक है?

🟢1️⃣ x + 5
🔵2️⃣ 7 > 3
🟡3️⃣ रविवार
🟣4️⃣ 15 cm

📌 ✅ उत्तर: 🟢1️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 व्यंजक में संख्या या अक्षर के साथ गणितीय क्रिया होती है।
🔹 x + 5 में अक्षर x है।
🔹 5 एक संख्या है।
🔹 इनके बीच जोड़ की क्रिया है।
🔸 इसलिए x + 5 एक व्यंजक है।

🔒 ❓ प्रश्न 2.
➡️ 2x का सही अर्थ क्या है?

🟢1️⃣ 2 + x
🔵2️⃣ 2 × x
🟡3️⃣ x – 2
🟣4️⃣ x ÷ 2

📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 2x का अर्थ 2 और x का गुणन है।
🔹 इसे x का दुगना भी कहते हैं।
🔸 इसलिए 2x = 2 × x

🔒 ❓ प्रश्न 3.
➡️ x + x का सरल रूप क्या होगा?

🟢1️⃣ x²
🔵2️⃣ 2x
🟡3️⃣ xx
🟣4️⃣ x + 2

📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 x + x का अर्थ है x का दो बार जोड़।
🔹 x + x = 2x
🔸 इसलिए सरल रूप 2x है।

🔒 ❓ प्रश्न 4.
➡️ 3a में a का गुणांक क्या है?

🟢1️⃣ 3
🔵2️⃣ a
🟡3️⃣ 1
🟣4️⃣ 0

📌 ✅ उत्तर: 🟢1️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 किसी अक्षर के साथ लगी संख्या उसका गुणांक होती है।
🔹 3a में a के साथ 3 जुड़ा है।
🔸 इसलिए a का गुणांक 3 है।

🔒 ❓ प्रश्न 5.
➡️ निम्न में से कौन-से समान पद हैं?

🟢1️⃣ 2x और 5x
🔵2️⃣ 3a और 3b
🟡3️⃣ 4m और 4n
🟣4️⃣ x और y

📌 ✅ उत्तर: 🟢1️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 समान पदों में अक्षर वाला भाग समान होता है।
🔹 2x और 5x दोनों में x है।
🔸 इसलिए ये समान पद हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 6.
➡️ यदि x = 4 हो, तो 2x + 3 का मान क्या होगा?

🟢1️⃣ 7
🔵2️⃣ 8
🟡3️⃣ 11
🟣4️⃣ 14

📌 ✅ उत्तर: 🟡3️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले x के स्थान पर 4 रखेंगे।
🔹 2x + 3 = 2 × 4 + 3
🔹 = 8 + 3
🔸 = 11

🌼 खंड ब : अत्यल्प उत्तरीय प्रश्न
➡️ प्रश्न 7 से 12

🔒 ❓ प्रश्न 7.
➡️ गणित में अक्षर का उपयोग किसलिए किया जाता है?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 अक्षर का उपयोग अज्ञात या बदलती संख्या को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

🔒 ❓ प्रश्न 8.
➡️ क्या y – 3 एक व्यंजक है?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 हाँ, y – 3 एक व्यंजक है।
🔹 इसमें अक्षर y, संख्या 3 और घटाव की क्रिया है।

🔒 ❓ प्रश्न 9.
➡️ x का गुणांक क्या होता है?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 x का गुणांक 1 होता है।

🔒 ❓ प्रश्न 10.
➡️ x + 5 में स्थिर पद कौन-सा है?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 x + 5 में 5 स्थिर पद है।

🔒 ❓ प्रश्न 11.
➡️ 4a + 3a का सरल रूप लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 4a + 3a = 7a

🔒 ❓ प्रश्न 12.
➡️ 2x और 2y समान पद हैं या नहीं?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 नहीं, 2x और 2y समान पद नहीं हैं।
🔹 क्योंकि इनके अक्षर अलग हैं।

🌿 खंड स : लघु उत्तरीय प्रश्न
➡️ प्रश्न 13 से 22

🔒 ❓ प्रश्न 13.
➡️ x + 5 में x = 3 रखने पर मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 चरण 1 : x के स्थान पर 3 रखिए।
🔹 x + 5 = 3 + 5
🔹 चरण 2 : जोड़ कीजिए।
🔸 3 + 5 = 8
🔸 इसलिए मान = 8

🔒 ❓ प्रश्न 14.
➡️ 3a – 2 में a = 5 रखने पर मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 चरण 1 : a के स्थान पर 5 रखिए।
🔹 3a – 2 = 3 × 5 – 2
🔹 चरण 2 : 3 × 5 = 15
🔹 चरण 3 : 15 – 2 = 13
🔸 इसलिए मान = 13

🔒 ❓ प्रश्न 15.
➡️ 4m + 7 में m = 2 रखने पर मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 चरण 1 : m के स्थान पर 2 रखिए।
🔹 4m + 7 = 4 × 2 + 7
🔹 चरण 2 : 4 × 2 = 8
🔹 चरण 3 : 8 + 7 = 15
🔸 इसलिए मान = 15

🔒 ❓ प्रश्न 16.
➡️ x + x + x का सरल रूप लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 x तीन बार जोड़ा गया है।
🔹 इसलिए x + x + x = 3x
🔸 यही इसका सरल रूप है।

🔒 ❓ प्रश्न 17.
➡️ 2x + 5x को सरल कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दोनों पद समान हैं, क्योंकि दोनों में x है।
🔹 गुणांकों को जोड़ते हैं।
🔹 2 + 5 = 7
🔸 इसलिए 2x + 5x = 7x

🔒 ❓ प्रश्न 18.
➡️ 8a – 3a को सरल कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 दोनों पद समान हैं, क्योंकि दोनों में a है।
🔹 गुणांकों को घटाते हैं।
🔹 8 – 3 = 5
🔸 इसलिए 8a – 3a = 5a

🔒 ❓ प्रश्न 19.
➡️ “किसी संख्या में 5 जोड़ो” को व्यंजक के रूप में लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 मान लीजिए संख्या x है।
🔹 उसमें 5 जोड़ने पर व्यंजक होगा x + 5
🔸 इसलिए व्यंजक = x + 5

🔒 ❓ प्रश्न 20.
➡️ “किसी संख्या का तीन गुना” को व्यंजक के रूप में लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 मान लीजिए संख्या a है।
🔹 उसका तीन गुना = 3a
🔸 इसलिए व्यंजक = 3a

🔒 ❓ प्रश्न 21.
➡️ “किसी संख्या का आधा” को व्यंजक के रूप में लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 मान लीजिए संख्या m है।
🔹 उसका आधा = m/2
🔸 इसलिए व्यंजक = m/2

🔒 ❓ प्रश्न 22.
➡️ 2x + 3y को क्यों नहीं जोड़ा जा सकता?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 2x और 3y असमान पद हैं।
🔹 एक में x है और दूसरे में y है।
🔹 अक्षर वाला भाग समान नहीं है।
🔸 इसलिए इन्हें सीधे नहीं जोड़ा जा सकता।

🌺 खंड द : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
➡️ प्रश्न 23 से 30

🔒 ❓ प्रश्न 23.
➡️ गणित में अक्षर का उपयोग क्यों किया जाता है? उदाहरण सहित समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : हर संख्या हमेशा पहले से ज्ञात नहीं होती।
🔹 कभी संख्या अज्ञात होती है।
🔹 कभी संख्या बदलती रहती है।
🔹 ऐसी स्थिति में हम अक्षर का उपयोग करते हैं।
🔹 उदाहरण : यदि किसी डिब्बे में कंचों की संख्या ज्ञात नहीं है, तो उसे x मान सकते हैं।
🔹 यदि 5 कंचे और जोड़ दिए जाएँ, तो कुल संख्या x + 5 होगी।
🔹 यदि 2 कंचे निकाल दिए जाएँ, तो शेष x – 2 होंगे।
🔸 इसलिए अक्षर अज्ञात या बदलती संख्या को लिखने का सरल तरीका है।

🔒 ❓ प्रश्न 24.
➡️ व्यंजक किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : जब अक्षर, संख्याएँ और गणितीय क्रियाएँ मिलकर एक रूप बनाते हैं, तो उसे व्यंजक कहते हैं।
🔹 इसमें जोड़, घटाव, गुणा, भाग आदि क्रियाएँ हो सकती हैं।
🔹 उदाहरण : x + 5, 2a, y – 3, 4m + 7
🔹 x + 5 में अक्षर x है।
🔹 5 एक संख्या है।
🔹 जोड़ की क्रिया है।
🔸 इसलिए x + 5 एक व्यंजक है।
🔸 इसी प्रकार 2a और 3p – 2 भी व्यंजक हैं।

🔒 ❓ प्रश्न 25.
➡️ पद, स्थिर पद और परिवर्ती पद को समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : व्यंजक के अलग-अलग भागों को पद कहते हैं।
🔹 उदाहरण : x + 5 में दो पद हैं — x और 5
🔹 जो पद निश्चित संख्या हो, वह स्थिर पद कहलाता है।
🔹 जो पद अक्षर या अक्षर वाली संख्या हो, वह परिवर्ती पद कहलाता है।
🔹 x + 5 में 5 स्थिर पद है।
🔹 x परिवर्ती पद है।
🔸 इसलिए व्यंजक को समझने के लिए पदों की पहचान ज़रूरी है।

🔒 ❓ प्रश्न 26.
➡️ गुणांक किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : अक्षर के साथ लगी संख्या उसका गुणांक कहलाती है।
🔹 3x में x का गुणांक 3 है।
🔹 5a में a का गुणांक 5 है।
🔹 9m में m का गुणांक 9 है।
🔹 यदि केवल x लिखा हो, तो x का गुणांक 1 माना जाता है।
🔹 क्योंकि 1 × x = x
🔸 इसलिए गुणांक अक्षर के साथ जुड़ी संख्या होती है।

🔒 ❓ प्रश्न 27.
➡️ समान पद और असमान पद को उदाहरण सहित समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : जिन पदों में अक्षर वाला भाग समान हो, वे समान पद कहलाते हैं।
🔹 जैसे 2x और 5x
🔹 जैसे 3a और 7a
🔹 इन्हें जोड़ा या घटाया जा सकता है।
🔹 उदाहरण : 2x + 5x = 7x
🔹 जिन पदों में अक्षर वाला भाग अलग हो, वे असमान पद कहलाते हैं।
🔹 जैसे 2x और 3y
🔹 जैसे 4a और 2b
🔸 इन्हें सीधे जोड़ा या घटाया नहीं जा सकता।

🔒 ❓ प्रश्न 28.
➡️ व्यंजक का मान कैसे ज्ञात करते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : व्यंजक का मान ज्ञात करने के लिए पहले अक्षर का मान रखते हैं।
🔹 फिर गणितीय क्रिया करते हैं।
🔹 उदाहरण : 2x + 3 में x = 4
🔹 चरण 1 : x के स्थान पर 4 रखिए।
🔹 2x + 3 = 2 × 4 + 3
🔹 चरण 2 : 2 × 4 = 8
🔹 चरण 3 : 8 + 3 = 11
🔸 इसलिए व्यंजक का मान 11 है।

🔒 ❓ प्रश्न 29.
➡️ आयत और वर्ग के परिमाप को व्यंजक के रूप में लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : यदि आयत की लंबाई l और चौड़ाई b हो, तो
🔹 परिमाप = l + b + l + b
🔹 = 2l + 2b
🔹 = 2(l + b)
🔸 इसलिए आयत का परिमाप = 2(l + b)
🔹 यदि वर्ग की एक भुजा a हो, तो
🔹 परिमाप = a + a + a + a
🔹 = 4a
🔸 इसलिए वर्ग का परिमाप = 4a

🔒 ❓ प्रश्न 30.
➡️ इस अध्याय से आपने क्या-क्या सीखा? बिंदुओं में लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 अक्षर किसी अज्ञात या बदलती संख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं।
🔹 अक्षर, संख्याएँ और क्रियाएँ मिलकर व्यंजक बनाते हैं।
🔹 व्यंजक के भाग पद कहलाते हैं।
🔹 अक्षर के साथ लगी संख्या उसका गुणांक कहलाती है।
🔹 स्थिर पद और परिवर्ती पद अलग-अलग होते हैं।
🔹 केवल समान पदों का जोड़ या घटाव किया जा सकता है।
🔹 अक्षर का मान रखने पर व्यंजक का मान निकाला जाता है।
🔹 जीवन की कई स्थितियों को व्यंजकों में लिखा जा सकता है।

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