Class 7, Maths (Hindi)

Class 7 : गणित – अध्याय 2 : अंकगणितीय व्यंजक

व्याख्या और विवेचन

🚀 विस्तृत व्याख्या

🌟 हमारे दैनिक जीवन में हम केवल संख्याएँ ही नहीं देखते, बल्कि संख्याओं पर होने वाली क्रियाएँ भी देखते हैं।
➡️ कभी हम सामान का कुल मूल्य निकालते हैं।
➡️ कभी हम बची हुई राशि ज्ञात करते हैं।
➡️ कभी हम बराबर-बराबर बाँटते हैं।
➡️ कभी हम कई समूहों की कुल वस्तुएँ निकालते हैं।
💫 इन सभी स्थितियों में गणितीय क्रियाओं का प्रयोग होता है।
🎯 जब संख्याएँ और क्रियाएँ मिलकर एक गणितीय रूप बनाती हैं, तो उसे अंकगणितीय व्यंजक कहा जाता है।

🔷 सबसे पहले समझते हैं कि व्यंजक क्या होता है।
➡️ यदि किसी गणितीय रूप में संख्याएँ हों और उनके बीच जोड़, घटाव, गुणा, भाग जैसी क्रियाएँ हों, तो वह व्यंजक कहलाता है।
✨ जैसे 7 + 4 एक व्यंजक है।
✨ जैसे 15 – 6 एक व्यंजक है।
✨ जैसे 8 x 3 एक व्यंजक है।
✨ जैसे 24 ÷ 6 एक व्यंजक है।
🌼 इसी प्रकार 9 + 2 x 5 भी एक व्यंजक है।
🧠 अतः व्यंजक केवल एक संख्या नहीं, बल्कि संख्याओं और क्रियाओं का मेल है।

🎈 अब यह जानना जरूरी है कि सभी व्यंजक एक जैसे सरल नहीं होते।
➡️ कुछ व्यंजकों में केवल एक क्रिया होती है।
➡️ कुछ व्यंजकों में दो या अधिक क्रियाएँ होती हैं।
➡️ कुछ व्यंजकों में कोष्ठक भी होते हैं।
🌟 जैसे-जैसे व्यंजक में क्रियाएँ बढ़ती हैं, उन्हें हल करने में सावधानी भी बढ़ जाती है।
🎯 यही इस अध्याय का मुख्य आधार है।

🪄 यदि किसी व्यंजक में केवल एक ही क्रिया हो, तो उसे हल करना आसान होता है।
➡️ 12 + 5 = 17
➡️ 20 – 8 = 12
➡️ 6 x 4 = 24
➡️ 18 ÷ 3 = 6
🌿 इन व्यंजकों में कोई विशेष क्रम की कठिनाई नहीं है।
💡 क्योंकि केवल एक ही क्रिया करनी है।

📌 लेकिन कठिनाई तब आती है, जब एक ही व्यंजक में कई क्रियाएँ एक साथ हों।
➡️ उदाहरण के लिए 8 + 3 x 2 को देखिए।
➡️ यदि कोई पहले 8 + 3 करे, तो 11 मिलेगा।
➡️ फिर 11 x 2 = 22
🔴 पर यह सही उत्तर नहीं है।
➡️ सही नियम के अनुसार पहले 3 x 2 = 6
➡️ फिर 8 + 6 = 14
✅ इसलिए सही उत्तर 14 है।
🧠 इससे स्पष्ट है कि क्रियाओं का सही क्रम बहुत महत्त्वपूर्ण है।

💡 अवधारणा:
➡️ व्यंजक को हल करते समय क्रियाएँ मनमाने ढंग से नहीं की जातीं।
➡️ उनके लिए एक निश्चित क्रम होता है।
➡️ उसी क्रम को मानने पर सही उत्तर मिलता है।

🌸 अब हम क्रियाओं के क्रम को समझते हैं।
➡️ सामान्यतः पहले कोष्ठक हल किया जाता है।
➡️ फिर भाग किया जाता है।
➡️ फिर गुणा किया जाता है।
➡️ उसके बाद जोड़ किया जाता है।
➡️ अंत में घटाव किया जाता है।
🎯 यही व्यंजक हल करने का सामान्य क्रम है।
🧠 कई बार भाग और गुणा को बाएँ से दाएँ भी किया जाता है।
🧠 इसी प्रकार जोड़ और घटाव को भी बाएँ से दाएँ किया जाता है।

✍️ ध्यान दें:
➡️ व्यंजक हल करते समय जल्दबाज़ी न करें।
➡️ पहले पहचानें कि कौन-कौन-सी क्रियाएँ हैं।
➡️ फिर सही क्रम से एक-एक चरण पूरा करें।

🌼 कोष्ठकों की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण होती है।
➡️ कोष्ठक यह बताते हैं कि कौन-सा भाग पहले हल करना है।
➡️ जैसे (8 + 3) x 2
➡️ यहाँ पहले कोष्ठक के भीतर की क्रिया होगी।
➡️ 8 + 3 = 11
➡️ फिर 11 x 2 = 22
🪻 अब यदि कोष्ठक न हों और व्यंजक 8 + 3 x 2 हो, तो उत्तर 14 आएगा।
🔴 इसलिए कोष्ठक उत्तर को बदल सकते हैं।
🎯 इसका अर्थ है कि कोष्ठक को बहुत ध्यान से देखना चाहिए।

🧠 इससे एक बात स्पष्ट होती है।
➡️ गणित में हर चिन्ह का अपना अर्थ होता है।
➡️ कोष्ठक केवल सजावट नहीं हैं।
➡️ वे काम के क्रम को नियंत्रित करते हैं।
🌟 इसलिए कोष्ठकों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

🌺 अब एक और उदाहरण देखते हैं।
➡️ 24 – (6 + 4)
➡️ पहले कोष्ठक हल करेंगे।
➡️ 6 + 4 = 10
➡️ अब शेष व्यंजक होगा 24 – 10
➡️ 24 – 10 = 14
✅ उत्तर 14
💫 यदि कोई पहले 24 – 6 करे, तो गलती होगी।
➡️ इसलिए कोष्ठक पहले हल करना आवश्यक है।

🔥 अब हम भाग और गुणा के नियम को समझते हैं।
➡️ यदि किसी व्यंजक में केवल भाग और गुणा हों, तो उन्हें बाएँ से दाएँ क्रम में हल किया जाता है।
➡️ उदाहरण: 24 ÷ 4 x 3
➡️ पहले 24 ÷ 4 = 6
➡️ फिर 6 x 3 = 18
✅ उत्तर 18
🌟 यहाँ पहले 4 x 3 नहीं किया जाएगा, क्योंकि व्यंजक का क्रम बाएँ से दाएँ है।

🌻 इसी प्रकार जोड़ और घटाव भी बाएँ से दाएँ किए जाते हैं।
➡️ उदाहरण: 20 – 5 + 3
➡️ पहले 20 – 5 = 15
➡️ फिर 15 + 3 = 18
✅ उत्तर 18
🔴 यदि कोई पहले 5 + 3 = 8 करे और फिर 20 – 8 करे, तो उत्तर 12 आएगा, जो गलत है।
🎯 इसलिए समान स्तर की क्रियाओं में बाएँ से दाएँ चलना चाहिए।

💎💡 अवधारणा:
➡️ गुणा और भाग, जोड़ और घटाव से पहले किए जाते हैं।
➡️ लेकिन जब गुणा और भाग दोनों हों, तो बाएँ से दाएँ करते हैं।
➡️ जब जोड़ और घटाव दोनों हों, तो भी बाएँ से दाएँ करते हैं।

🎯 अब एक मिश्रित व्यंजक देखते हैं।
➡️ 5 + 12 ÷ 4 x 2
➡️ पहले 12 ÷ 4 = 3
➡️ फिर 3 x 2 = 6
➡️ फिर 5 + 6 = 11
✅ उत्तर 11
🧠 यहाँ भाग और गुणा पहले हुए, फिर जोड़ किया गया।
🌈 इसी प्रकार बड़े व्यंजकों को भी छोटे चरणों में हल किया जाता है।

📚 अब यह समझना जरूरी है कि व्यंजक केवल प्रश्नों में नहीं, भाषा में भी छिपे होते हैं।
➡️ “5 और 3 का योग” को 5 + 3 लिखा जा सकता है।
➡️ “12 और 4 का अंतर” को 12 – 4 लिखा जाता है।
➡️ “7 का 3 से गुणन” को 7 x 3 लिखा जाता है।
➡️ “20 को 5 से भाग” को 20 ÷ 5 लिखा जाता है।
🌟 अर्थात शब्दों को गणितीय रूप में बदलना भी इस अध्याय का महत्वपूर्ण भाग है।

🪄 जब प्रश्न शब्दों में हो, तब अर्थ समझना और भी जरूरी हो जाता है।
➡️ जैसे “8 और 2 के योग को 3 से गुणा कीजिए”
➡️ इसका व्यंजक होगा (8 + 2) x 3
➡️ पहले 8 + 2 = 10
➡️ फिर 10 x 3 = 30
✅ उत्तर 30
🔴 यदि कोई 8 + 2 x 3 लिख दे, तो उत्तर 14 आएगा, जो गलत होगा।
🎯 इसलिए भाषा की सही समझ बहुत ज़रूरी है।

✍️ ध्यान दें:
➡️ “दो संख्याओं का योग” और “किसी संख्या में किसी गुणनफल को जोड़ना” अलग बातें हो सकती हैं।
➡️ इसलिए प्रश्न को ध्यान से पढ़कर ही व्यंजक बनाना चाहिए।

🌼 अब एक और शब्द-आधारित उदाहरण देखते हैं।
➡️ “15 और 7 के अंतर में 4 जोड़िए”
➡️ पहले 15 – 7 करना होगा।
➡️ फिर उस उत्तर में 4 जोड़ना होगा।
➡️ व्यंजक होगा (15 – 7) + 4
➡️ 15 – 7 = 8
➡️ 8 + 4 = 12
✅ उत्तर 12
🌟 इस प्रकार भाषा से व्यंजक बनाना संभव होता है।

🌷 एक और उदाहरण देखिए।
➡️ “10 में 3 और 2 का गुणन घटाइए”
➡️ 3 और 2 का गुणन = 3 x 2
➡️ अतः व्यंजक होगा 10 – (3 x 2)
➡️ 3 x 2 = 6
➡️ 10 – 6 = 4
✅ उत्तर 4
🔴 यदि कोई (10 – 3) x 2 करे, तो अर्थ बदल जाएगा।
🧠 इसलिए प्रश्न की भाषा को ध्यान से समझना चाहिए।

🌿 इस अध्याय का सम्बन्ध जीवन से भी है।
➡️ मान लीजिए एक कॉपी 12 रुपये की है और आपने 3 कॉपियाँ खरीदीं।
➡️ फिर 5 रुपये की एक पेंसिल भी खरीदी।
➡️ कुल खर्च लिखने के लिए व्यंजक होगा 3 x 12 + 5
➡️ पहले 3 x 12 = 36
➡️ फिर 36 + 5 = 41
✅ कुल खर्च 41 रुपये
🌟 इस प्रकार व्यंजक वास्तविक जीवन की समस्याओं को संख्यात्मक रूप देता है।

🍀 एक और जीवनोपयोगी उदाहरण लें।
➡️ एक बच्चा 4 दिनों तक प्रतिदिन 6 पृष्ठ पढ़ता है और पाँचवें दिन 3 अतिरिक्त पृष्ठ पढ़ता है।
➡️ कुल पृष्ठों का व्यंजक होगा 4 x 6 + 3
➡️ पहले 4 x 6 = 24
➡️ फिर 24 + 3 = 27
✅ कुल 27 पृष्ठ
🧠 इससे स्पष्ट है कि व्यंजक दैनिक जीवन को गणितीय रूप में बदलने का माध्यम हैं।

🌠 अब हम सामान्य गलतियों पर विचार करते हैं।
➡️ कई विद्यार्थी हर प्रश्न को सीधे बाएँ से दाएँ हल कर देते हैं।
➡️ यह आदत कुछ प्रश्नों में सही लग सकती है, लेकिन मिश्रित क्रियाओं में गलत उत्तर देती है।
➡️ जैसे 18 – 6 ÷ 3
➡️ सही हल: पहले 6 ÷ 3 = 2
➡️ फिर 18 – 2 = 16
✅ सही उत्तर 16
🔴 यदि कोई पहले 18 – 6 = 12 करे और फिर 12 ÷ 3 = 4 करे, तो उत्तर गलत होगा।

💡 अवधारणा:
➡️ व्यंजक में कौन-सी क्रिया पहले करनी है, यह पहचानना सबसे महत्वपूर्ण कौशल है।
➡️ सही क्रम का ज्ञान ही सही उत्तर देता है।

🎀 एक और उदाहरण देखें।
➡️ 14 + 6 ÷ 2
➡️ पहले 6 ÷ 2 = 3
➡️ फिर 14 + 3 = 17
✅ उत्तर 17

🎀 अब वही संख्याएँ कोष्ठक के साथ:
➡️ (14 + 6) ÷ 2
➡️ पहले 14 + 6 = 20
➡️ फिर 20 ÷ 2 = 10
✅ उत्तर 10

🌟 यहाँ स्पष्ट दिख रहा है कि केवल कोष्ठक बदलने से उत्तर भी बदल गया।
➡️ इसलिए गणितीय प्रतीकों पर पूरा ध्यान देना चाहिए।

🎉 एक और जोड़ी देखें।
➡️ 3 x 4 + 5
➡️ पहले 3 x 4 = 12
➡️ फिर 12 + 5 = 17
✅ उत्तर 17

🎉 अब
➡️ 3 x (4 + 5)
➡️ पहले 4 + 5 = 9
➡️ फिर 3 x 9 = 27
✅ उत्तर 27

🔴 इन दोनों में केवल कोष्ठक का अंतर है, लेकिन उत्तर बहुत बदल गया।
🧠 इससे कोष्ठक का महत्त्व और स्पष्ट हो जाता है।

🪴 अब इस अध्याय से मिलने वाले मुख्य कौशलों को समझें।
➡️ विद्यार्थी व्यंजक पहचानना सीखता है।
➡️ वह क्रियाओं का सही क्रम समझता है।
➡️ वह कोष्ठकों की भूमिका को समझता है।
➡️ वह शब्दों को गणितीय व्यंजक में बदलना सीखता है।
➡️ वह चरणबद्ध हल लिखना सीखता है।
➡️ वह गलतियों से बचना सीखता है।
🎯 यही कौशल आगे की गणित में बहुत काम आते हैं।

🛤️ यह अध्याय आगे आने वाले बीजगणित का आधार भी तैयार करता है।
➡️ अभी हम संख्याओं वाले व्यंजक पढ़ रहे हैं।
➡️ आगे की कक्षाओं में व्यंजकों में अक्षर भी आएँगे।
➡️ यदि अभी क्रियाओं का क्रम मजबूत हो जाए, तो आगे के अध्याय सरल लगेंगे।
🌟 इसलिए यह पाठ बुनियादी होने के साथ-साथ बहुत दूर तक उपयोगी भी है।

🏆 अब हम पूरे अध्याय का सार एक विचार में समझ सकते हैं।
➡️ अंकगणितीय व्यंजक हमें सिखाते हैं कि गणित में काम केवल संख्या देखने से नहीं होता।
➡️ सही चिन्ह, सही भाषा, सही क्रम और सही चरण — ये सब मिलकर सही उत्तर देते हैं।
➡️ इसलिए इस अध्याय का अभ्यास बहुत आवश्यक है।
✅ जितना अधिक अभ्यास होगा, उतनी अधिक शुद्धता आएगी।

🌺 निष्कर्ष

➡️ “अंकगणितीय व्यंजक” अध्याय गणित की एक महत्वपूर्ण नींव है।
➡️ इसमें हम सीखते हैं कि संख्याएँ और क्रियाएँ मिलकर व्यंजक बनाती हैं।
➡️ हम यह भी सीखते हैं कि एक से अधिक क्रियाओं वाले व्यंजकों को हल करने के लिए सही क्रम का पालन करना आवश्यक है।
➡️ कोष्ठक का प्रयोग हमें पहले हल किए जाने वाले भाग का संकेत देता है।
➡️ भाग और गुणा, जोड़ और घटाव से पहले किए जाते हैं।
➡️ समान स्तर की क्रियाएँ बाएँ से दाएँ की जाती हैं।
➡️ शब्दों में दिए गए प्रश्नों को व्यंजक में बदलने की क्षमता भी इसी अध्याय से विकसित होती है।
🌟 इस प्रकार यह अध्याय गणना, तर्क, सावधानी और क्रमबद्ध सोच — चारों का विकास करता है।

➡️ सारांश

🌼 व्यंजक का अर्थ
➡️ संख्याओं और गणितीय क्रियाओं से बना रूप व्यंजक कहलाता है।
➡️ जैसे 7 + 5, 20 – 6, 8 x 4, 24 ÷ 3 आदि।

🌸 एक से अधिक क्रियाओं वाले व्यंजक
➡️ यदि किसी व्यंजक में कई क्रियाएँ हों, तो उन्हें निश्चित क्रम में हल करना पड़ता है।
➡️ मनमाने क्रम से हल करने पर उत्तर गलत हो सकता है।

🌻 क्रियाओं का क्रम
➡️ पहले कोष्ठक हल किया जाता है।
➡️ फिर भाग और गुणा किए जाते हैं।
➡️ उसके बाद जोड़ और घटाव किए जाते हैं।
➡️ समान स्तर की क्रियाएँ बाएँ से दाएँ की जाती हैं।

🌷 कोष्ठक का महत्त्व
➡️ कोष्ठक यह बताते हैं कि कौन-सा भाग पहले हल करना है।
➡️ (8 + 3) x 2 और 8 + 3 x 2 के उत्तर अलग-अलग होते हैं।
➡️ इसलिए कोष्ठकों को हमेशा ध्यान से देखना चाहिए।

🌿 शब्दों से व्यंजक बनाना
➡️ “योग”, “अंतर”, “गुणन”, “भाग” जैसे शब्दों को सही गणितीय प्रतीकों में बदलना आवश्यक है।
➡️ प्रश्न की भाषा समझे बिना सही व्यंजक नहीं बन सकता।

🍀 सामान्य भूलें
➡️ हर प्रश्न को सीधे बाएँ से दाएँ हल करना सही नहीं है।
➡️ पहले यह देखना चाहिए कि कौन-सी क्रिया प्राथमिक है।
➡️ चरणबद्ध हल लिखना गलती कम करता है।

🌈 उपयोगिता
➡️ यह अध्याय खरीदारी, बाँटने, कुल मूल्य निकालने, पढ़े गए पृष्ठों की गणना जैसी जीवन की स्थितियों में उपयोगी है।
➡️ यह आगे की बीजगणितीय पढ़ाई की नींव भी बनता है।

➡️ 📝 त्वरित पुनरावृत्ति:

➡️ व्यंजक = संख्याएँ + क्रियाएँ
➡️ पहले कोष्ठक, फिर भाग/गुणा, फिर जोड़/घटाव
➡️ समान स्तर की क्रियाएँ बाएँ से दाएँ
➡️ प्रश्न की भाषा समझकर ही व्यंजक बनाओ
➡️ कोष्ठक उत्तर को बदल सकते हैं
➡️ चरणबद्ध हल से शुद्धता बढ़ती है

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

🔒 ❓ प्रश्न 1.
आगे दी गई स्थितियों को पढ़िए। उनमें से प्रत्येक के लिए उचित व्यंजक लिखिए और उनके मान ज्ञात कीजिए।

🔒 ❓ (a)
बेगूसराय में जिला बाजार सप्ताह के सातों दिन खुलता है। रहीम अपने बगीचे से प्रत्येक दिन 9 किलोग्राम आम और श्याम अपने बगीचे से प्रत्येक दिन 11 किलोग्राम आम इस बाजार में भेजता है। स्थानीय जिला बाजार में उनके द्वारा एक सप्ताह में भेजे गए आमों की मात्रा ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 रहीम प्रतिदिन भेजता है = 9 किलोग्राम
🔹 श्याम प्रतिदिन भेजता है = 11 किलोग्राम

🔹 दोनों मिलकर प्रतिदिन भेजते हैं
🔹 = 9 + 11
🔹 = 20 किलोग्राम

🔹 एक सप्ताह में 7 दिन होते हैं।

🔹 अतः एक सप्ताह में भेजे गए आमों की मात्रा का व्यंजक
🔹 = (9 + 11) x 7

🔹 अब मान ज्ञात करें:
🔹 = 20 x 7
🔹 = 140

✅ अतः एक सप्ताह में भेजे गए आमों की कुल मात्रा = 140 किलोग्राम

🔒 ❓ (b)
बीनू प्रत्येक माह ₹20,000 अर्जित करती है। वह प्रत्येक माह ₹5000 किराए पर, ₹5000 भोजन पर और ₹2000 अन्य वस्तुओं पर खर्च करती है। एक वर्ष के अंत में बीनू कितने रुपयों की बचत करेगी?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 बीनू की मासिक आय = ₹20,000

🔹 मासिक कुल खर्च
🔹 = ₹5000 + ₹5000 + ₹2000
🔹 = ₹12000

🔹 मासिक बचत
🔹 = ₹20,000 – ₹12,000
🔹 = ₹8000

🔹 1 वर्ष = 12 माह

🔹 अतः एक वर्ष की बचत का व्यंजक
🔹 = (20,000 – 5,000 – 5,000 – 2,000) x 12

🔹 अब मान ज्ञात करें:
🔹 = 8,000 x 12
🔹 = 96,000

✅ अतः एक वर्ष के अंत में बीनू की बचत = ₹96,000

🔒 ❓ (c)
एक घोंघा दिन के समय एक खंभे पर 3 से.मी. चढ़ता है और रात के समय सोते हुए गलती से 2 से.मी. फिसल जाता है। यह खंभा 10 से.मी. ऊँचा है और इसके ऊपरी भाग पर एक स्वादिष्ट भोजन है। घोंघे को कितने दिनों में भोजन मिलेगा?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 घोंघा दिन में चढ़ता है = 3 से.मी.
🔹 रात में फिसलता है = 2 से.मी.

🔹 अतः एक पूरे दिन-रात में शुद्ध चढ़ाई
🔹 = 3 – 2
🔹 = 1 से.मी.

🔹 परन्तु अंतिम दिन जब घोंघा ऊपर पहुँच जाएगा, तब वह नीचे नहीं फिसलेगा।
🔹 इसलिए इसे ध्यान से चरण-दर-चरण देखेंगे।

🔹 पहले दिन के अंत में ऊँचाई = 3 से.मी.
🔹 रात के बाद = 1 से.मी.

🔹 दूसरे दिन के अंत में ऊँचाई = 1 + 3 = 4 से.मी.
🔹 रात के बाद = 2 से.मी.

🔹 तीसरे दिन के अंत में ऊँचाई = 2 + 3 = 5 से.मी.
🔹 रात के बाद = 3 से.मी.

🔹 चौथे दिन के अंत में ऊँचाई = 3 + 3 = 6 से.मी.
🔹 रात के बाद = 4 से.मी.

🔹 पाँचवें दिन के अंत में ऊँचाई = 4 + 3 = 7 से.मी.
🔹 रात के बाद = 5 से.मी.

🔹 छठे दिन के अंत में ऊँचाई = 5 + 3 = 8 से.मी.
🔹 रात के बाद = 6 से.मी.

🔹 सातवें दिन के अंत में ऊँचाई = 6 + 3 = 9 से.मी.
🔹 रात के बाद = 7 से.मी.

🔹 आठवें दिन के अंत में ऊँचाई = 7 + 3 = 10 से.मी.

🔹 अब घोंघा भोजन तक पहुँच गया।
🔹 इसलिए उसे आगे फिसलना नहीं पड़ेगा।

✅ अतः घोंघे को भोजन 8 दिनों में मिलेगा

🔒 ❓ प्रश्न 2.
मैर्लिन मंगलवार और शनिवार के अतिरिक्त प्रत्येक दिन दो पृष्ठों की एक कहानी पढ़ता है। वह 8 सप्ताहों में कितनी कहानियाँ पूरी पढ़ लेगा? निम्नलिखित में से कौन-सा व्यंजक इस स्थिति को दर्शाता है?

(a) 5 x 2 x 8
(b) (7 – 2) x 8
(c) 8 x 7
(d) 7 x 2 x 8
(e) 7 x 5 – 2
(f) (7 + 2) x 8
(g) 7 x 8 – 2 x 8
(h) (7 – 5) x 8

📌 ✅ उत्तर:

🔹 एक सप्ताह में कुल दिन = 7
🔹 वह मंगलवार और शनिवार को नहीं पढ़ता।
🔹 अर्थात 2 दिन नहीं पढ़ता।

🔹 इसलिए एक सप्ताह में पढ़ने वाले दिन
🔹 = 7 – 2
🔹 = 5 दिन

🔹 वह प्रत्येक दिन 2 पृष्ठों की 1 कहानी पढ़ता है।
🔹 अतः एक सप्ताह में वह 5 कहानियाँ पढ़ता है।

🔹 8 सप्ताहों में कुल कहानियाँ
🔹 = 5 x 8
🔹 = 40

🔹 अब दिए गए व्यंजकों को देखें:

🔹 (a) 5 x 2 x 8
🔹 यह 2 पृष्ठों को भी अलग से गुणा कर रहा है, इसलिए यह कहानियों की संख्या नहीं देगा। ✖️

🔹 (b) (7 – 2) x 8
🔹 = 5 x 8
🔹 = 40 ✔️

🔹 (c) 8 x 7
🔹 = 56
🔹 यह सही नहीं है। ✖️

🔹 (d) 7 x 2 x 8
🔹 यह भी सही नहीं है। ✖️

🔹 (e) 7 x 5 – 2
🔹 = 35 – 2
🔹 = 33
🔹 यह सही नहीं है। ✖️

🔹 (f) (7 + 2) x 8
🔹 = 9 x 8
🔹 = 72
🔹 यह सही नहीं है। ✖️

🔹 (g) 7 x 8 – 2 x 8
🔹 = 56 – 16
🔹 = 40 ✔️

🔹 (h) (7 – 5) x 8
🔹 = 2 x 8
🔹 = 16
🔹 यह सही नहीं है। ✖️

✅ अतः सही व्यंजक हैं:
🔹 (b) (7 – 2) x 8
🔹 (g) 7 x 8 – 2 x 8

✅ कुल पढ़ी गई कहानियाँ = 40

🔒 ❓ प्रश्न 3.
नीचे दिए गए व्यंजकों के मान ज्ञात करने की विभिन्न विधियाँ ज्ञात कीजिए—

🔒 ❓ (a)
1 – 2 + 3 – 4 + 5 – 6 + 7 – 8 + 9 – 10

📌 ✅ उत्तर:

🔹 विधि 1 : क्रमागत युग्म बनाकर

🔹 (1 – 2) + (3 – 4) + (5 – 6) + (7 – 8) + (9 – 10)
🔹 = (-1) + (-1) + (-1) + (-1) + (-1)
🔹 = -5

✅ अतः मान = -5

🔹 विधि 2 : धनात्मक और ऋणात्मक पद अलग करके

🔹 (1 + 3 + 5 + 7 + 9) – (2 + 4 + 6 + 8 + 10)
🔹 = 25 – 30
🔹 = -5

✅ अतः मान = -5

🔹 विधि 3 : क्रम से जोड़-घटाव करके

🔹 1 – 2 = -1
🔹 -1 + 3 = 2
🔹 2 – 4 = -2
🔹 -2 + 5 = 3
🔹 3 – 6 = -3
🔹 -3 + 7 = 4
🔹 4 – 8 = -4
🔹 -4 + 9 = 5
🔹 5 – 10 = -5

✅ अतः मान = -5

🔒 ❓ (b)
1 – 1 + 1 – 1 + 1 – 1 + 1 – 1 + 1 – 1

📌 ✅ उत्तर:

🔹 विधि 1 : युग्म बनाकर

🔹 (1 – 1) + (1 – 1) + (1 – 1) + (1 – 1) + (1 – 1)
🔹 = 0 + 0 + 0 + 0 + 0
🔹 = 0

✅ अतः मान = 0

🔹 विधि 2 : धनात्मक और ऋणात्मक पद अलग करके

🔹 (1 + 1 + 1 + 1 + 1) – (1 + 1 + 1 + 1 + 1)
🔹 = 5 – 5
🔹 = 0

✅ अतः मान = 0

🔹 विधि 3 : क्रम से हल करके

🔹 1 – 1 = 0
🔹 0 + 1 = 1
🔹 1 – 1 = 0
🔹 0 + 1 = 1
🔹 1 – 1 = 0
🔹 0 + 1 = 1
🔹 1 – 1 = 0
🔹 0 + 1 = 1
🔹 1 – 1 = 0

✅ अतः मान = 0

📌 ✅ अंतिम निष्कर्ष:

🔹 (a) 1 – 2 + 3 – 4 + 5 – 6 + 7 – 8 + 9 – 10 = -5
🔹 (b) 1 – 1 + 1 – 1 + 1 – 1 + 1 – 1 + 1 – 1 = 0

🔒 ❓ प्रश्न 4.
नीचे दिए गए व्यंजकों के युग्मों की तुलना ‘<’, ‘>’ या ‘=’ से या फिर तर्क के उपयोग द्वारा कीजिए।

🔒 ❓ (a)
49 – 7 + 8 □ 49 – 7 + 8

📌 ✅ उत्तर:

🔹 दोनों ओर एक ही व्यंजक है।
🔹 इसलिए दोनों के मान समान हैं।

✅ अतः
🔹 49 – 7 + 8 = 49 – 7 + 8

🔒 ❓ (b)
83 x 42 – 18 □ 83 x 40 – 18

📌 ✅ उत्तर:

🔹 42 > 40
🔹 इसलिए 83 x 42 > 83 x 40
🔹 अब दोनों ओर 18 घटाने पर भी तुलना नहीं बदलती।

✅ अतः
🔹 83 x 42 – 18 > 83 x 40 – 18

🔒 ❓ (c)
145 – 17 x 8 □ 145 – 17 x 6

📌 ✅ उत्तर:

🔹 17 x 8 > 17 x 6
🔹 अतः 145 में से बाईं ओर अधिक संख्या घट रही है।
🔹 इसलिए बाईं ओर का मान छोटा होगा।

✅ अतः
🔹 145 – 17 x 8 < 145 – 17 x 6

🔒 ❓ (d)
23 x 48 – 35 □ 23 x (48 – 35)

📌 ✅ उत्तर:

🔹 बाईं ओर
🔹 = 23 x 48 – 35
🔹 = 1104 – 35
🔹 = 1069

🔹 दाईं ओर
🔹 = 23 x (48 – 35)
🔹 = 23 x 13
🔹 = 299

🔹 1069 > 299

✅ अतः
🔹 23 x 48 – 35 > 23 x (48 – 35)

🔒 ❓ (e)
(16 – 11) x 12 □ -11 x 12 + 16 x 12

📌 ✅ उत्तर:

🔹 बाईं ओर
🔹 = (16 – 11) x 12
🔹 = 5 x 12
🔹 = 60

🔹 दाईं ओर
🔹 = -11 x 12 + 16 x 12
🔹 = -132 + 192
🔹 = 60

✅ अतः
🔹 (16 – 11) x 12 = -11 x 12 + 16 x 12

🔒 ❓ (f)
(76 – 53) x 88 □ 88 x (53 – 76)

📌 ✅ उत्तर:

🔹 बाईं ओर
🔹 = (76 – 53) x 88
🔹 = 23 x 88
🔹 = 2024

🔹 दाईं ओर
🔹 = 88 x (53 – 76)
🔹 = 88 x (-23)
🔹 = -2024

🔹 2024 > -2024

✅ अतः
🔹 (76 – 53) x 88 > 88 x (53 – 76)

🔒 ❓ (g)
25 x (42 + 16) □ 25 x (43 + 15)

📌 ✅ उत्तर:

🔹 42 + 16 = 58
🔹 43 + 15 = 58
🔹 दोनों ओर 25 x 58 है।

✅ अतः
🔹 25 x (42 + 16) = 25 x (43 + 15)

🔒 ❓ (h)
36 x (28 – 16) □ 35 x (27 – 15)

📌 ✅ उत्तर:

🔹 28 – 16 = 12
🔹 27 – 15 = 12

🔹 बाईं ओर
🔹 = 36 x 12
🔹 = 432

🔹 दाईं ओर
🔹 = 35 x 12
🔹 = 420

🔹 432 > 420

✅ अतः
🔹 36 x (28 – 16) > 35 x (27 – 15)

🔒 ❓ प्रश्न 5.
गणना किए बिना पहचानिए कि दिए गए व्यंजक के बराबर कौन-सा व्यंजक है। आप पदों का उपयोग करके और कोष्ठकों को हटाकर व्यंजकों को पुनः लिख सकते हैं। दिए गए व्यंजक के बराबर एक से अधिक व्यंजक हो सकते हैं।

🔒 ❓ (a)
83 – 37 – 12

📌 ✅ उत्तर:

🔹 मूल व्यंजक
🔹 = 83 + (-37) + (-12)

अब विकल्प देखें:

🔹 (i) 84 – 38 – 12
🔹 = 84 + (-38) + (-12)
🔹 = 83 + (-37) + (-12)
🔹 क्योंकि 84 – 38 = 83 – 37
✔️ यह बराबर है।

🔹 (ii) 84 – (37 + 12)
🔹 = 84 – 49
🔹 जबकि मूल व्यंजक = 83 – 49
✖️ यह बराबर नहीं है।

🔹 (iii) 83 – 38 – 13
🔹 यहाँ 37 की जगह 38 और 12 की जगह 13 है।
🔹 अर्थात कुल 2 अधिक घटाया गया है।
✖️ यह बराबर नहीं है।

🔹 (iv) -37 + 83 – 12
🔹 यह केवल पदों का क्रम परिवर्तन है।
✔️ यह बराबर है।

✅ अतः सही विकल्प हैं:
🔹 (i) और (iv)

🔒 ❓ (b)
93 + 37 x 44 + 76

📌 ✅ उत्तर:

🔹 इस व्यंजक में 37 x 44 एक ही पद है।
🔹 शेष 93 और 76 जोड़े जा रहे हैं।

अब विकल्प देखें:

🔹 (i) 37 + 93 x 44 + 76
🔹 यहाँ 93 x 44 है।
✖️ यह बराबर नहीं है।

🔹 (ii) 93 + 37 x 76 + 44
🔹 यहाँ 37 x 76 है।
✖️ यह बराबर नहीं है।

🔹 (iii) (93 + 37) x (44 + 76)
🔹 यह पूरी तरह अलग व्यंजक है।
✖️ यह बराबर नहीं है।

🔹 (iv) 37 x 44 + 93 + 76
🔹 यह केवल पदों का क्रम परिवर्तन है।
✔️ यह बराबर है।

✅ अतः सही विकल्प है:
🔹 (iv)

🔒 ❓ प्रश्न 6.
एक संख्या चुनिए और उस मान वाले दस भिन्न व्यंजक बनाइए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 हम संख्या 24 चुनते हैं।

🔹 अब 24 के 10 भिन्न व्यंजक लिखते हैं:

🔹 (i) 20 + 4 = 24
🔹 (ii) 30 – 6 = 24
🔹 (iii) 6 x 4 = 24
🔹 (iv) 48 / 2 = 24
🔹 (v) (10 + 2) x 2 = 24
🔹 (vi) 3 x 5 + 9 = 24
🔹 (vii) 50 – 20 – 6 = 24
🔹 (viii) 7 + 8 + 9 = 24
🔹 (ix) (40 / 5) x 3 = 24
🔹 (x) 2 x (8 + 4) = 24

✅ अतः 24 के लिए 10 भिन्न व्यंजक ऊपर लिखे गए।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

🌟 खंड अ : बहुविकल्पीय प्रश्न
➡️ प्रश्न 1 से 6

🔒 ❓ प्रश्न 1.
➡️ निम्न में से कौन-सा एक अंकगणितीय व्यंजक है?

🟢1️⃣ 7 + 5
🔵2️⃣ 9 > 4
🟡3️⃣ 12 cm
🟣4️⃣ मंगलवार

📌 ✅ उत्तर: 🟢1️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले यह पहचानते हैं कि व्यंजक में क्या होता है।
🔹 व्यंजक में संख्याएँ होती हैं।
🔹 उनके बीच गणितीय क्रिया होती है।
🔹 7 + 5 में दो संख्याएँ हैं।
🔹 इनके बीच जोड़ की क्रिया है।
🔸 इसलिए 7 + 5 एक अंकगणितीय व्यंजक है।
🔸 9 > 4 तुलना है।
🔸 12 cm माप है।
🔸 मंगलवार केवल शब्द है।

🔒 ❓ प्रश्न 2.
➡️ व्यंजक 8 + 3 x 2 का सही मान क्या है?

🟢1️⃣ 22
🔵2️⃣ 14
🟡3️⃣ 11
🟣4️⃣ 16

📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 यहाँ जोड़ और गुणा दोनों हैं।
🔹 नियम के अनुसार पहले गुणा करेंगे।
🔹 3 x 2 = 6
🔹 अब व्यंजक बन गया 8 + 6
🔹 8 + 6 = 14
🔸 इसलिए सही उत्तर 14 है।

🔒 ❓ प्रश्न 3.
➡️ व्यंजक (8 + 3) x 2 का सही मान क्या है?

🟢1️⃣ 14
🔵2️⃣ 22
🟡3️⃣ 16
🟣4️⃣ 20

📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 यहाँ कोष्ठक है।
🔹 कोष्ठक के भीतर का भाग पहले हल होगा।
🔹 8 + 3 = 11
🔹 अब 11 x 2 = 22
🔸 इसलिए सही उत्तर 22 है।

🔒 ❓ प्रश्न 4.
➡️ 24 ÷ 4 x 3 का मान क्या होगा?

🟢1️⃣ 2
🔵2️⃣ 18
🟡3️⃣ 8
🟣4️⃣ 72

📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 यहाँ भाग और गुणा दोनों हैं।
🔹 भाग और गुणा को बाएँ से दाएँ करते हैं।
🔹 24 ÷ 4 = 6
🔹 अब 6 x 3 = 18
🔸 इसलिए सही उत्तर 18 है।

🔒 ❓ प्रश्न 5.
➡️ 20 – 5 + 3 का सही मान क्या है?

🟢1️⃣ 12
🔵2️⃣ 18
🟡3️⃣ 8
🟣4️⃣ 22

📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 यहाँ घटाव और जोड़ दोनों हैं।
🔹 दोनों समान स्तर की क्रियाएँ हैं।
🔹 इसलिए बाएँ से दाएँ चलेंगे।
🔹 20 – 5 = 15
🔹 15 + 3 = 18
🔸 इसलिए सही उत्तर 18 है।

🔒 ❓ प्रश्न 6.
➡️ 14 + 6 ÷ 2 का सही मान क्या है?

🟢1️⃣ 10
🔵2️⃣ 17
🟡3️⃣ 20
🟣4️⃣ 7

📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣

📌 ✅ उत्तर:
🔹 यहाँ जोड़ और भाग हैं।
🔹 पहले भाग करेंगे।
🔹 6 ÷ 2 = 3
🔹 अब 14 + 3 = 17
🔸 इसलिए सही उत्तर 17 है।

🌸 खंड ब : अत्यल्प उत्तरीय प्रश्न
➡️ प्रश्न 7 से 12

🔒 ❓ प्रश्न 7.
➡️ अंकगणितीय व्यंजक किसे कहते हैं?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 संख्याओं और गणितीय क्रियाओं से बना रूप अंकगणितीय व्यंजक कहलाता है।
🔸 जैसे 7 + 5, 12 – 4, 3 x 6

🔒 ❓ प्रश्न 8.
➡️ क्या 15 – 6 एक व्यंजक है?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 हाँ, 15 – 6 एक व्यंजक है।
🔹 इसमें दो संख्याएँ हैं।
🔹 इनके बीच घटाव की क्रिया है।
🔸 इसलिए यह अंकगणितीय व्यंजक है।

🔒 ❓ प्रश्न 9.
➡️ 7 x 4 + 3 में कौन-सी क्रिया पहले होगी?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले गुणा की क्रिया होगी।
🔹 क्योंकि गुणा, जोड़ से पहले किया जाता है।

🔒 ❓ प्रश्न 10.
➡️ (12 + 5) ÷ 17 में कौन-सा भाग पहले हल होगा?

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले कोष्ठक के भीतर का भाग हल होगा।
🔹 अर्थात 12 + 5 पहले करेंगे।
🔸 उसके बाद भाग करेंगे।

🔒 ❓ प्रश्न 11.
➡️ 3 x 4 + 5 का मान लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले 3 x 4 = 12
🔹 फिर 12 + 5 = 17
🔸 इसलिए मान = 17

🔒 ❓ प्रश्न 12.
➡️ 10 – (3 x 2) का मान लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले कोष्ठक के भीतर 3 x 2 = 6
🔹 फिर 10 – 6 = 4
🔸 इसलिए मान = 4

🌿 खंड स : लघु उत्तरीय प्रश्न
➡️ प्रश्न 13 से 22

🔒 ❓ प्रश्न 13.
➡️ 8 + 3 x 2 का मान सही क्रम से ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 चरण 1 : क्रियाएँ पहचानिए।
🔹 यहाँ जोड़ और गुणा हैं।
🔹 चरण 2 : पहले गुणा करेंगे।
🔹 3 x 2 = 6
🔹 चरण 3 : अब जोड़ करेंगे।
🔹 8 + 6 = 14
🔸 इसलिए व्यंजक का मान = 14

🔒 ❓ प्रश्न 14.
➡️ (8 + 3) x 2 का मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 चरण 1 : कोष्ठक पहचानिए।
🔹 चरण 2 : पहले कोष्ठक हल कीजिए।
🔹 8 + 3 = 11
🔹 चरण 3 : अब 11 x 2 कीजिए।
🔹 11 x 2 = 22
🔸 इसलिए व्यंजक का मान = 22

🔒 ❓ प्रश्न 15.
➡️ 24 – (6 + 4) का मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 चरण 1 : पहले कोष्ठक हल करेंगे।
🔹 6 + 4 = 10
🔹 चरण 2 : अब 24 – 10 करेंगे।
🔹 24 – 10 = 14
🔸 इसलिए व्यंजक का मान = 14

🔒 ❓ प्रश्न 16.
➡️ 24 ÷ 4 x 3 का मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 चरण 1 : यहाँ भाग और गुणा हैं।
🔹 चरण 2 : बाएँ से दाएँ चलेंगे।
🔹 24 ÷ 4 = 6
🔹 चरण 3 : अब 6 x 3 = 18
🔸 इसलिए व्यंजक का मान = 18

🔒 ❓ प्रश्न 17.
➡️ 20 – 5 + 3 का मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 चरण 1 : यहाँ घटाव और जोड़ दोनों हैं।
🔹 चरण 2 : बाएँ से दाएँ चलेंगे।
🔹 20 – 5 = 15
🔹 चरण 3 : 15 + 3 = 18
🔸 इसलिए व्यंजक का मान = 18

🔒 ❓ प्रश्न 18.
➡️ “5 और 3 का योग” को व्यंजक के रूप में लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 “योग” का अर्थ है जोड़।
🔹 5 और 3 का योग = 5 + 3
🔸 इसलिए व्यंजक = 5 + 3

🔒 ❓ प्रश्न 19.
➡️ “12 में से 4 घटाइए” को व्यंजक के रूप में लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 “में से घटाइए” का अर्थ है घटाव।
🔹 12 में से 4 घटाइए = 12 – 4
🔸 इसलिए व्यंजक = 12 – 4

🔒 ❓ प्रश्न 20.
➡️ “7 का 3 से गुणन” को व्यंजक के रूप में लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 “गुणन” का अर्थ है गुणा।
🔹 7 का 3 से गुणन = 7 x 3
🔸 इसलिए व्यंजक = 7 x 3

🔒 ❓ प्रश्न 21.
➡️ “20 को 5 से भाग दीजिए” को व्यंजक के रूप में लिखिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 “भाग दीजिए” का अर्थ है भाग।
🔹 20 को 5 से भाग = 20 ÷ 5
🔸 इसलिए व्यंजक = 20 ÷ 5

🔒 ❓ प्रश्न 22.
➡️ 5 + 12 ÷ 4 x 2 का मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 चरण 1 : पहले भाग और गुणा करेंगे।
🔹 चरण 2 : बाएँ से दाएँ चलेंगे।
🔹 12 ÷ 4 = 3
🔹 चरण 3 : अब 3 x 2 = 6
🔹 चरण 4 : अब 5 + 6 = 11
🔸 इसलिए व्यंजक का मान = 11

🌺 खंड द : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
➡️ प्रश्न 23 से 30

🔒 ❓ प्रश्न 23.
➡️ अंकगणितीय व्यंजक का अर्थ उदाहरण सहित समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : पहले यह समझो कि केवल संख्या लिख देना व्यंजक नहीं कहलाता।
🔹 जब संख्याएँ और उन पर होने वाली गणितीय क्रियाएँ एक साथ लिखी जाती हैं, तब व्यंजक बनता है।
🔹 इन क्रियाओं में जोड़, घटाव, गुणा और भाग शामिल हो सकते हैं।
🔹 उदाहरण 1 : 7 + 5
🔹 यहाँ 7 और 5 संख्याएँ हैं।
🔹 इनके बीच जोड़ की क्रिया है।
🔸 इसलिए यह व्यंजक है।
🔹 उदाहरण 2 : 12 – 4
🔹 यहाँ घटाव की क्रिया है।
🔸 इसलिए यह भी व्यंजक है।
🔹 उदाहरण 3 : 8 + 3 x 2
🔹 इसमें एक से अधिक क्रियाएँ हैं।
🔸 फिर भी यह अंकगणितीय व्यंजक है।
🔸 अतः संख्याओं और क्रियाओं से बना गणितीय रूप अंकगणितीय व्यंजक कहलाता है।

🔒 ❓ प्रश्न 24.
➡️ क्रियाओं का क्रम समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : सही उत्तर पाने के लिए क्रियाएँ नियम से करनी होती हैं।
🔹 चरण 1 : यदि कोष्ठक हो, तो पहले कोष्ठक हल करो।
🔹 चरण 2 : फिर भाग और गुणा करो।
🔹 चरण 3 : भाग और गुणा को बाएँ से दाएँ करो।
🔹 चरण 4 : उसके बाद जोड़ और घटाव करो।
🔹 चरण 5 : जोड़ और घटाव को भी बाएँ से दाएँ करो।
🔹 उदाहरण : 8 + 3 x 2
🔹 पहले 3 x 2 = 6
🔹 फिर 8 + 6 = 14
🔸 इसलिए क्रियाओं का क्रम मानना बहुत आवश्यक है।

🔒 ❓ प्रश्न 25.
➡️ कोष्ठक का महत्त्व उदाहरण सहित समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : कोष्ठक बताते हैं कि कौन-सा भाग पहले हल करना है।
🔹 यदि कोष्ठक हो, तो उसके भीतर की क्रिया पहले करते हैं।
🔹 उदाहरण 1 : (8 + 3) x 2
🔹 पहले 8 + 3 = 11
🔹 फिर 11 x 2 = 22
🔹 उदाहरण 2 : 8 + 3 x 2
🔹 यहाँ कोष्ठक नहीं है।
🔹 पहले 3 x 2 = 6
🔹 फिर 8 + 6 = 14
🔹 दोनों उत्तर अलग हैं।
🔸 इससे स्पष्ट है कि कोष्ठक उत्तर को बदल सकते हैं।
🔸 इसलिए कोष्ठक का बहुत महत्त्व है।

🔒 ❓ प्रश्न 26.
➡️ 18 – 6 ÷ 3 को सही क्रम से हल कीजिए और बताइए कि सीधे बाएँ से दाएँ हल करने पर गलती क्यों होगी।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : पहले देखो कि कौन-कौन-सी क्रियाएँ हैं।
🔹 यहाँ घटाव और भाग हैं।
🔹 नियम के अनुसार भाग, घटाव से पहले होगा।
🔹 चरण 1 : 6 ÷ 3 = 2
🔹 चरण 2 : अब 18 – 2 = 16
🔸 इसलिए सही मान = 16
🔹 अब गलत तरीका देखो।
🔹 यदि कोई पहले 18 – 6 = 12 करे
🔹 और फिर 12 ÷ 3 = 4 करे
🔹 तो उत्तर 4 आएगा।
🔴 यह गलत है।
🔸 कारण : भाग की क्रिया पहले होनी चाहिए थी।
🔸 इसलिए सही क्रम न मानने पर गलती होती है।

🔒 ❓ प्रश्न 27.
➡️ “8 और 2 के योग को 3 से गुणा कीजिए” का व्यंजक लिखिए और मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : प्रश्न को टुकड़ों में समझो।
🔹 “8 और 2 का योग” = 8 + 2
🔹 “उस योग को 3 से गुणा” = (8 + 2) x 3
🔹 इसलिए व्यंजक = (8 + 2) x 3
🔹 चरण 1 : 8 + 2 = 10
🔹 चरण 2 : 10 x 3 = 30
🔸 इसलिए व्यंजक का मान = 30

🔒 ❓ प्रश्न 28.
➡️ “15 और 7 के अंतर में 4 जोड़िए” का व्यंजक लिखिए और मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : पहले “अंतर” पहचानो।
🔹 “15 और 7 का अंतर” = 15 – 7
🔹 “उसमें 4 जोड़िए” = (15 – 7) + 4
🔹 इसलिए व्यंजक = (15 – 7) + 4
🔹 चरण 1 : 15 – 7 = 8
🔹 चरण 2 : 8 + 4 = 12
🔸 इसलिए व्यंजक का मान = 12

🔒 ❓ प्रश्न 29.
➡️ “10 में 3 और 2 का गुणन घटाइए” का व्यंजक लिखिए और मान ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : पहले “3 और 2 का गुणन” पहचानो।
🔹 3 और 2 का गुणन = 3 x 2
🔹 “10 में घटाइए” का अर्थ है 10 में से उसे घटाना।
🔹 इसलिए व्यंजक = 10 – (3 x 2)
🔹 चरण 1 : 3 x 2 = 6
🔹 चरण 2 : 10 – 6 = 4
🔸 इसलिए व्यंजक का मान = 4

🔒 ❓ प्रश्न 30.
➡️ अंकगणितीय व्यंजकों का दैनिक जीवन में उपयोग समझाइए।

📌 ✅ उत्तर:
🔹 शिक्षक-जैसी समझ : व्यंजक केवल पुस्तक के प्रश्नों में नहीं, जीवन में भी काम आते हैं।
🔹 उदाहरण 1 : 3 कॉपियाँ हैं, प्रत्येक 12 रुपये की।
🔹 साथ में 5 रुपये की एक पेंसिल भी ली।
🔹 कुल खर्च का व्यंजक = 3 x 12 + 5
🔹 चरण 1 : 3 x 12 = 36
🔹 चरण 2 : 36 + 5 = 41
🔸 कुल खर्च = 41 रुपये
🔹 उदाहरण 2 : एक बच्चा 4 दिनों तक प्रतिदिन 6 पृष्ठ पढ़ता है।
🔹 फिर वह 3 अतिरिक्त पृष्ठ और पढ़ता है।
🔹 कुल पृष्ठों का व्यंजक = 4 x 6 + 3
🔹 चरण 1 : 4 x 6 = 24
🔹 चरण 2 : 24 + 3 = 27
🔸 कुल पढ़े गए पृष्ठ = 27
🔹 इस प्रकार अंकगणितीय व्यंजक वास्तविक जीवन की स्थितियों को गणितीय रूप में बदलने और हल करने में सहायता करते हैं।

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