Class 6, Maths ( Hindi )

Class 6 : Maths ( Hindi ) – Lesson 9. सममिति

व्याख्या और विवेचन


🧠🔍✨ 1. सममिति क्या है? ✨🔍🧠
 
⬩ ⚖️ सममिति का अर्थ है किसी आकृति का संतुलित और एक समान दिखना। ⬩ 🖼️ जब हम किसी चित्र को बीच से मोड़ें और उसका बायां हिस्सा दाएं हिस्से को पूरी तरह ढक ले, तो वह आकृति सममित कहलाती है। ⬩ 🦋 इसे समझने का सबसे अच्छा उदाहरण तितली है। ⬩ ✨ तितली के दोनों पंख एक जैसे होते हैं, जो सुंदरता और संतुलन का अहसास कराते हैं।
 
⬩ 🏛️ दैनिक जीवन में सममिति हर जगह है। ⬩ 🕌 ताजमहल को देखिए, यह वास्तुकला में सममिति का बेहतरीन उदाहरण है। ⬩ 👤 अगर आप अपने चेहरे को शीशे में देखें, तो नाक के बीच से दोनों तरफ का हिस्सा लगभग एक जैसा दिखता है। ⬩ 🎨 कलाकार और डिज़ाइनर सुंदर चित्र बनाने के लिए सममिति का ही उपयोग करते हैं।
 
📏✂️✨ 2. सममिति रेखा ✨✂️📏
 
⬩ 📏 वह रेखा जो किसी आकृति को दो बिल्कुल एक जैसे (समरूप) भागों में बाँटती है, सममिति रेखा कहलाती है। ⬩ 🪞 इसे दर्पण रेखा भी कहते हैं क्योंकि यदि इस रेखा पर दर्पण रखा जाए, तो आधा हिस्सा दर्पण में पूरा होकर वही आकृति बनाता है।
 
⬩ 📄 इसे जाँचने का सबसे सरल तरीका कागज मोड़ना है। ⬩ ✂️ किसी आकृति को कागज पर बनाकर उसे बीच से मोड़ें। ⬩ ✅ यदि दोनों किनारे एक-दूसरे को पूरी तरह ढक लेते हैं, तो मोड़ का निशान ही सममिति रेखा है। ⬩ ❌ यदि वे नहीं ढकते, तो वह आकृति सममित नहीं है।
 
🌳🦋✨ 3. प्रकृति में सममिति ✨🦋🌳
 
⬩ 🌿 प्रकृति में सममिति के अनगिनत उदाहरण हैं। ⬩ 🍂 पेड़ की एक पत्ती को देखिए। ⬩ 📏 उसके बीच की नली उसे दो समान भागों में बाँटती है। ⬩ 🦋 तितली, ड्रैगनफ्लाई और कई कीटों के शरीर में स्पष्ट सममिति होती है।
 
⬩ 🍊 फलों को काटने पर भी सममिति दिखती है। ⬩ 🍎 सेब को बीच से काटने पर दोनों भाग एक जैसे दिखते हैं। ⬩ ⭐ स्टारफिश (तारा मछली) में भी एक विशेष प्रकार की सममिति होती है। ⬩ 🌍 प्रकृति अपना संतुलन बनाए रखने के लिए सममिति का उपयोग करती है।
 
☝️📏✨ 4. एक सममिति रेखा वाली आकृतियाँ ✨📏☝️
 
⬩ ☝️ कुछ आकृतियों में केवल एक ही सममिति रेखा होती है। ⬩ 🔺 समद्विबाहु त्रिभुज (जिसकी दो भुजाएँ बराबर हों) में शीर्ष से आधार तक केवल एक सममिति रेखा होती है। ⬩ 📏 इसे केवल एक ही तरीके से दो बराबर भागों में मोड़ा जा सकता है।
 
⬩ 🔡 अंग्रेजी वर्णमाला के कई अक्षरों में भी एक सममिति रेखा होती है। ⬩ 🅰️ अक्षर A में एक खड़ी (ऊर्ध्वाधर) सममिति रेखा है। ⬩ 🅱️ अक्षर B में एक आड़ी (क्षैतिज) सममिति रेखा है। ⬩ Ⓜ️ अक्षर M और U में भी एक खड़ी सममिति रेखा होती है। ⬩ 🪁 एक पतंग की आकृति में भी प्रायः एक ही सममिति रेखा होती है।
 
🔢📏✨ 5. अनेक सममिति रेखाओं वाली आकृतियाँ ✨📏🔢
 
⬩ 🔢 कई आकृतियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें एक से अधिक तरीकों से बराबर भागों में बाँटा जा सकता है। ⬩ 📏 उनमें अनेक सममिति रेखाएँ होती हैं।
 
⬩ ▭ आयत में दो सममिति रेखाएँ होती हैं (एक लंबाई के बीच से, एक चौड़ाई के बीच से)। ⬩ 🔺 समबाहु त्रिभुज (तीनों भुजाएँ बराबर) में तीन सममिति रेखाएँ होती हैं। ⬩ ◻️ वर्ग में चार सममिति रेखाएँ होती हैं (दो भुजाओं के बीच से और दो विकर्णों से)।
 
⬩ ⭕ वृत्त सबसे विशेष आकृति है। ⬩ ♾️ इसमें अनंत सममिति रेखाएँ होती हैं। ⬩ 📏 इसके केंद्र से गुजरने वाली कोई भी रेखा इसे दो बराबर भागों में बाँटती है।
 
🎨✏️✨ 6. सममित आकृति बनाना ✨✏️🎨
 
⬩ ✏️ कभी-कभी हमें एक अधूरी आकृति दी जाती है और उसे पूरा करने को कहा जाता है ताकि वह सममित बन जाए। ⬩ 🪞 यह दर्पण प्रतिबिंब बनाने जैसा है। ⬩ 📏 सममिति रेखा के एक तरफ जो डिज़ाइन है, ठीक वैसा ही डिज़ाइन दूसरी तरफ बनाना होता है।
 
⬩ 📐 मान लीजिए एक सममिति रेखा के बाईं ओर एक त्रिभुज बना है। ⬩ 👉 आकृति पूरी करने के लिए हमें दाईं ओर भी ठीक उसी आकार और दूरी पर त्रिभुज बनाना होगा। ⬩ 🖼️ यह स्याही के धब्बे वाली गतिविधि (Inkblot painting) जैसा मजेदार है।
 
🏛️🎨✨ 7. सममिति का उपयोग ✨🎨🏛️
 
⬩ 🎨 सममिति का उपयोग सुंदरता और मजबूती के लिए किया जाता है। ⬩ 🖌️ रंगोली बनाते समय हम सममिति का बहुत ध्यान रखते हैं ताकि वह आकर्षक लगे। ⬩ 🧵 कपड़ों की कढ़ाई, टाइल्स के डिज़ाइन और गहनों में सममिति का उपयोग होता है।
 
⬩ 🏗️ वास्तुकला (Architecture) में सममिति बहुत महत्वपूर्ण है। ⬩ 🕌 बड़े-बड़े मंदिर, मस्जिद और ऐतिहासिक इमारतें सममित बनाई जाती थीं ताकि वे संतुलित और भव्य दिखें। ⬩ 🚗 यहाँ तक कि कारों और हवाई जहाजों के डिज़ाइन में भी सममिति का ध्यान रखा जाता है।
 
❓📘✨ 8. प्रश्न और उत्तर ✨📘❓
 
🔒 ❓ प्रश्न 1 (सरल)
प्रश्न: अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर ‘A’, ‘M’ और ‘S’ में सममिति रेखाओं की पहचान कीजिए।
 
📌 ✅ हल:
🔴 ⬩ अक्षर ‘A’ को देखते हैं।
⬩ इसमें एक ऊर्ध्वाधर (खड़ी) रेखा बीच से खींचने पर यह दो समान भागों में बँटता है।
⬩ अतः ‘A’ में 1 सममिति रेखा है।
🟠 ⬩ अक्षर ‘M’ को देखते हैं।
⬩ इसमें भी बीच से एक ऊर्ध्वाधर रेखा खींचने पर दोनों भाग समान होते हैं।
⬩ अतः ‘M’ में 1 सममिति रेखा है।
🟡 ⬩ अक्षर ‘S’ को देखते हैं।
⬩ इसे न तो खड़ा और न ही आड़ा मोड़ने पर भाग समान होते हैं।
⬩ अतः ‘S’ में 0 सममिति रेखा है।
उत्तर: A और M में 1-1 सममिति रेखा है, S में कोई नहीं।
 
🔒 ❓ प्रश्न 2 (सरल)
प्रश्न: एक वर्ग और एक आयत में कितनी सममिति रेखाएँ होती हैं?
 
📌 ✅ हल:
🔴 ⬩ वर्ग (Square) की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं।
⬩ इसमें 2 रेखाएँ भुजाओं के मध्य से और 2 रेखाएँ विकर्णों (कोनों) से गुजरती हैं।
⬩ कुल सममिति रेखाएँ = 4
🟠 ⬩ आयत (Rectangle) की आमने-सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं।
⬩ इसमें केवल भुजाओं के मध्य से गुजरने वाली रेखाएँ ही सममिति रेखाएँ होती हैं। विकर्ण सममिति रेखा नहीं होते।
⬩ कुल सममिति रेखाएँ = 2
उत्तर: वर्ग में 4 और आयत में 2 सममिति रेखाएँ होती हैं।
 
🔒 ❓ प्रश्न 3 (मध्यम)
प्रश्न: एक तितली के चित्र में सममिति रेखा कहाँ होती है? क्या यह प्राकृतिक सममिति है?
 
📌 ✅ हल:
🔴 ⬩ तितली का शरीर लंबा होता है और दो पंख होते हैं।
🟠 ⬩ यदि हम तितली के शरीर के ठीक बीचों-बीच सिर से पूंछ तक एक रेखा खींचे, तो बायां हिस्सा और दायां हिस्सा बिल्कुल एक जैसे होंगे।
🟡 ⬩ यह ऊर्ध्वाधर (Vertical) सममिति रेखा है।
🟢 ⬩ हाँ, तितली प्रकृति में पाई जाने वाली रचना है।
🔵 ⬩ इसलिए यह प्राकृतिक सममिति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
उत्तर: शरीर के मध्य में ऊर्ध्वाधर रेखा; हाँ, यह प्राकृतिक सममिति है।
 
🔒 ❓ प्रश्न 4 (मध्यम-कठिन)
प्रश्न: नीचे दी गई अधूरी आकृति को सममिति रेखा (लंबवत रेखा) के आधार पर पूरा कीजिए:
←|
 
📌 ✅ हल:
🔴 ⬩ दी गई आकृति में सममिति रेखा के बाईं ओर एक तीर (←) का निशान है जो बाईं तरफ इशारा कर रहा है।
🟠 ⬩ सममिति के नियम के अनुसार, इसका प्रतिबिंब दाईं ओर बनेगा।
🟡 ⬩ जैसे दर्पण में बायां, दायां दिखता है, वैसे ही बाईं ओर जाने वाला तीर, दाईं ओर जाने वाले तीर (→) जैसा बनेगा।
🟢 ⬩ दोनों तीरों की पूंछ सममिति रेखा (|) की ओर होगी।
🔵 ⬩ पूरी आकृति होगी: ←|→
उत्तर: पूरी आकृति में दोनों तीर विपरीत दिशा में होंगे (←|→)।
 
🔒 ❓ प्रश्न 5 (कठिन)
प्रश्न: एक समबाहु त्रिभुज, एक वर्ग और एक वृत्त में सममिति रेखाओं की संख्या की तुलना कीजिए। किसमें सबसे अधिक और किसमें सबसे कम रेखाएँ हैं?
 
📌 ✅ हल:
🔴 ⬩ समबाहु त्रिभुज: 3 बराबर भुजाएँ होती हैं, इसलिए 3 सममिति रेखाएँ हैं।
🟠 ⬩ वर्ग: 4 बराबर भुजाएँ होती हैं, इसलिए 4 सममिति रेखाएँ हैं।
🟡 ⬩ वृत्त: पूरी तरह गोल होता है। केंद्र से गुजरने वाली अनगिनत रेखाएँ इसे दो बराबर भागों में बाँटती हैं। इसलिए अनंत सममिति रेखाएँ हैं।
🟢 ⬩ तुलना: 3 < 4 < अनंत
🔵 ⬩ सबसे अधिक: वृत्त (अनंत)।
🟣 ⬩ सबसे कम: समबाहु त्रिभुज (3)।
उत्तर: वृत्त में सबसे अधिक (अनंत) और समबाहु त्रिभुज में सबसे कम (3) सममिति रेखाएँ हैं।
 
⭐📌✨ 9. त्वरित पुनरावृत्ति ✨📌⭐
 
🔴 सममिति का अर्थ है आकृति का संतुलित और समान दिखना।
🟡 सममिति रेखा आकृति को दो समरूप भागों में बाँटती है।
🟢 कागज मोड़कर सममिति रेखा की जाँच की जा सकती है।
🔵 समद्विबाहु त्रिभुज में एक सममिति रेखा होती है।
🟣 समबाहु त्रिभुज में तीन सममिति रेखाएँ होती हैं।
🟠 वर्ग में चार सममिति रेखाएँ होती हैं।
🟤 आयत में दो सममिति रेखाएँ होती हैं।
🔴 वृत्त में अनंत सममिति रेखाएँ होती हैं।
🟡 तितली, पत्ती और मानव चेहरा प्राकृतिक सममिति के उदाहरण हैं।
🟢 रंगोली, भवन और ताजमहल में कृत्रिम सममिति दिखती है।

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

🔒 ❓ प्रश्न 1.
नीचे दिए गए वृत्त के त्रिज्याखंडों में इस प्रकार रंग भरिए कि आकृति में
(i) 3 सममिति के कोण हों
(ii) 4 सममिति के कोण हों
(iii) सममिति के संभव कोणों की संख्या क्या होगी? यदि इन त्रिज्याखंडों को अलग-अलग रंगों से अलग-अलग विधियों द्वारा भरा जाए, तो

📌 ✅ उत्तर:

🔹 📝 व्याख्या:
वृत्त 12 बराबर भागों में विभाजित है
➡️ घूर्णन सममिति तब होती है जब आकृति को घुमाने पर वही आकृति पुनः प्राप्त हो

🔹 (i) 3 सममिति के कोण

➡️ 12 ÷ 3 = 4 भाग के अंतराल पर रंग दोहराएँ

➡️ घूर्णन कोण = 360° ÷ 3 = 120°

✔️ 120°, 240°, 360° पर आकृति समान

🔹 (ii) 4 सममिति के कोण

➡️ 12 ÷ 4 = 3 भाग के अंतराल पर रंग दोहराएँ

➡️ घूर्णन कोण = 360° ÷ 4 = 90°

✔️ 90°, 180°, 270°, 360° पर आकृति समान

🔹 (iii) संभव सममिति के कोण

➡️ कुल भाग = 12

➡️ सभी संभावित कोण = 360° के भाजक

➡️ 360° ÷ 12 = 30°

✔️ सभी संभव कोण:
30°, 60°, 90°, 120°, 180°, 360°

🔒 ❓ प्रश्न 2.
वृत्त और वर्ग को छोड़कर, ऐसी अन्य दो आकृतियाँ बनाइए, जिनमें परावर्तीय सममिति और घूर्णन सममिति दोनों हों।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 उदाहरण 1: समबाहु त्रिभुज
➡️ 3 परावर्तीय सममिति रेखाएँ
➡️ 120° घूर्णन सममिति

🔹 उदाहरण 2: समचतुर्भुज (विशेष स्थिति)
➡️ 2 परावर्तीय सममिति रेखाएँ
➡️ 180° घूर्णन सममिति

✔️ दोनों में दोनों प्रकार की सममिति होती है

🔒 ❓ प्रश्न 3.
जहाँ भी संभव हो, निम्नलिखित का एक कच्चा स्केच खींचिए—

a. एक त्रिभुज, जिसमें न्यूनतम दो सममिति की रेखाएँ हों तथा न्यूनतम दो सममिति के कोण हों
b. एक त्रिभुज, जिसमें केवल एक सममिति की रेखा हो लेकिन कोई घूर्णन सममिति न हो
c. घूर्णन सममिति वाला ऐसा चतुर्भुज, जिसमें कोई परावर्तीय सममिति न हो
d. एक परावर्तीय सममिति वाला चतुर्भुज, जिसमें कोई घूर्णन सममिति न हो

📌 ✅ उत्तर:

🔹 (a)

➡️ 💡 अवधारणा:
त्रिभुज में सममिति रेखाएँ केवल 0, 1 या 3 हो सकती हैं

❌ इसलिए “ठीक 2 सममिति रेखाएँ” वाला त्रिभुज संभव नहीं

🔹 (b)

➡️ समद्विबाहु त्रिभुज

✔️ 1 सममिति रेखा
❌ कोई घूर्णन सममिति नहीं

🔹 (c)

➡️ समांतर चतुर्भुज

✔️ 180° घूर्णन सममिति
❌ कोई परावर्तीय सममिति नहीं

🔹 (d)

➡️ पतंग (kite)

✔️ 1 परावर्तीय सममिति
❌ कोई घूर्णन सममिति नहीं

🔒 ❓ प्रश्न 4.
एक आकृति में सममिति का न्यूनतम कोण 60° है। इस आकृति के अन्य सममिति के कोण क्या हैं?

📌 ✅ उत्तर:

➡️ 💡 अवधारणा:
घूर्णन सममिति के कोण = न्यूनतम कोण के गुणज

➡️ 60° × 2 = 120°
➡️ 60° × 3 = 180°
➡️ 60° × 4 = 240°
➡️ 60° × 5 = 300°
➡️ 60° × 6 = 360°

✔️ अंतिम उत्तर:
60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°

🔒 ❓ प्रश्न 5.
एक आकृति में एक सममिति का कोण 60° है। इस आकृति के दो सममिति के कोण 60° से कम हैं। सममिति का न्यूनतम कोण क्या होगा?

📌 ✅ उत्तर:

➡️ 💡 अवधारणा:
छोटे कोण, 60° के भाजक होंगे

➡️ 60° ÷ 2 = 30°
➡️ 60° ÷ 3 = 20°

✔️ न्यूनतम कोण = 20°

🔒 ❓ प्रश्न 6.
क्या हम घूर्णन सममिति के साथ एक ऐसी आकृति प्राप्त कर सकते हैं, जिसमें सममिति का न्यूनतम कोण
(a) 45° है?
(b) 17° है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 (a)

➡️ 360° ÷ 45° = 8 (पूर्ण संख्या)

✔️ संभव (8 बार दोहराव)

🔹 (b)

➡️ 360° ÷ 17° = पूर्ण संख्या नहीं

❌ संभव नहीं

✔️ 🔵 अंतिम सारांश:

🔹 घूर्णन सममिति का मूल नियम:
➡️ 360° ÷ कोण = पूर्ण संख्या होना चाहिए

🔹 परावर्तीय सममिति:
➡️ आकृति को मोड़ने पर दोनों भाग समान हों

🔒 ❓ प्रश्न 7.
यह दिल्ली में स्थित नए संसद भवन का चित्र है—

a. क्या इस चित्र की बाहरी परिधि (boundary) में परावर्तीय सममिति है? यदि ऐसा है, तो सममिति की रेखाएँ खींचिए। वे कितनी हैं?
b. क्या इसकी अपने केंद्र के परितः घूर्णन सममिति है? यदि ऐसा है, तो घूर्णन सममिति के कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 📝 व्याख्या:
दिया गया चित्र NCERT के अनुसार एक सममित आकृति दर्शाता है

🔹 (a) परावर्तीय सममिति

➡️ जब आकृति को किसी रेखा के अनुसार मोड़ने पर दोनों भाग समान हों

➡️ इस आकृति में 6 समान भाग दिखाई देते हैं

✔️ सममिति की रेखाएँ = 6

🔹 (b) घूर्णन सममिति

➡️ घूर्णन सममिति तब होती है जब आकृति को घुमाने पर वही आकृति प्राप्त हो

➡️ कुल समान भाग = 6

🔹 सूत्र:
घूर्णन कोण = 360° ÷ भागों की संख्या

➡️ 360° ÷ 6 = 60°

✔️ सममिति के कोण:
60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°

🔒 ❓ प्रश्न 8.
अध्याय 1, सारणी 3 में पहले आकृति अनुक्रम नियमित बहुभुज आकार अनुक्रम आकृतियों में सममिति की कितनी रेखाएँ हैं? आपको कौन-सा संख्या अनुक्रम मिलता है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 📝 व्याख्या:
नियमित बहुभुज में:
➡️ भुजाओं की संख्या = सममिति रेखाओं की संख्या

➡️ त्रिभुज → 3
➡️ चतुर्भुज → 4
➡️ पंचभुज → 5
➡️ षट्भुज → 6

✔️ संख्या अनुक्रम = 3, 4, 5, 6, …

🔒 ❓ प्रश्न 9.
अध्याय 1 की सारणी 3 में पहले आकृति अनुक्रम नियमित बहुभुज के आकार अनुक्रम की आकृतियों में सममिति के कितने कोण हैं? आपको कौन-सा संख्या अनुक्रम प्राप्त होता है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 📝 व्याख्या:
घूर्णन सममिति के कोणों की संख्या = भुजाओं की संख्या

➡️ त्रिभुज → 3
➡️ चतुर्भुज → 4
➡️ पंचभुज → 5
➡️ षट्भुज → 6

✔️ संख्या अनुक्रम = 3, 4, 5, 6, …

🔒 ❓ प्रश्न 10.
अध्याय 1 की सारणी 3 में अंतिम आकृति अनुक्रम कोच स्नोफ्लेक के आकार अनुक्रम में आकृतियों में सममिति की कितनी रेखाएँ हैं? सममिति के कितने कोण हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 📝 व्याख्या:
कोच स्नोफ्लेक एक आकृति है जो समबाहु त्रिभुज पर आधारित होती है

➡️ चाहे आकृति कितनी भी जटिल हो जाए, इसकी मूल सममिति बनी रहती है

🔹 परावर्तीय सममिति:

➡️ समबाहु त्रिभुज में 3 सममिति रेखाएँ होती हैं

✔️ सममिति रेखाएँ = 3

🔹 घूर्णन सममिति:

🔹 सूत्र:
घूर्णन कोण = 360° ÷ सममिति की संख्या

➡️ 360° ÷ 3 = 120°

✔️ सममिति के कोण:
120°, 240°, 360°

✔️ कुल सममिति के कोण = 3

🔒 ❓ प्रश्न 11.
अशोक चक्र में कितनी सममिति की रेखाएँ और सममिति के कोण होते हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 📝 व्याख्या:
अशोक चक्र में 24 समान तीलियाँ होती हैं

🔹 परावर्तीय सममिति

➡️ प्रत्येक तीली एक सममिति रेखा बनाती है

✔️ सममिति रेखाएँ = 24

🔹 घूर्णन सममिति

➡️ 360° ÷ 24 = 15°

✔️ सममिति के कोण:
15°, 30°, 45°, …, 360°

✔️ कुल कोण = 24

🔵 अंतिम सारांश:

🔹 नियमित आकृतियों में:
➡️ भुजाएँ = सममिति रेखाएँ = सममिति कोण

🔹 घूर्णन सममिति का नियम:
➡️ 360° ÷ n

🔹 परावर्तीय सममिति:
➡️ दर्पण प्रतिबिंब समान होना चाहिए

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

🔒 ❓ प्रश्न 1.
नीचे दिए गए वृत्त के त्रिज्याखंडों में इस प्रकार रंग भरिए कि आकृति में
(i) 3 सममिति के कोण हों
(ii) 4 सममिति के कोण हों
(iii) सममिति के संभव कोणों की संख्या क्या होगी? यदि इन त्रिज्याखंडों को अलग-अलग रंगों से अलग-अलग विधियों द्वारा भरा जाए, तो

📌 ✅ उत्तर:

🔹 समझिए:
यहाँ बात घूर्णन सममिति की हो रही है।
जब किसी आकृति को उसके केंद्र के चारों ओर घुमाने पर वह फिर वैसी ही दिखाई दे, तब उसे घूर्णन सममिति कहते हैं।

🔹 मान लीजिए वृत्त 12 बराबर भागों में बँटा है।

🔹 (i) 3 सममिति के कोण हों

🔹 चरण 1:
12 भागों को ऐसे रंगिए कि हर 4वें भाग पर वही रंग दोहराया जाए।

🔹 चरण 2:
क्योंकि 12 ÷ 3 = 4, इसलिए 3 समान दोहराव बनेंगे।

🔹 चरण 3:
सममिति का न्यूनतम कोण ज्ञात करें:
360° ÷ 3 = 120°

🔹 इसलिए आकृति 120° घुमाने पर फिर वैसी ही दिखेगी।

🔹 सममिति के कोण होंगे:
120°, 240°, 360°

🔹 (ii) 4 सममिति के कोण हों

🔹 चरण 1:
12 भागों को ऐसे रंगिए कि हर 3रे भाग पर वही रंग दोहराया जाए।

🔹 चरण 2:
क्योंकि 12 ÷ 4 = 3, इसलिए 4 समान दोहराव बनेंगे।

🔹 चरण 3:
सममिति का न्यूनतम कोण:
360° ÷ 4 = 90°

🔹 सममिति के कोण होंगे:
90°, 180°, 270°, 360°

🔹 (iii) सममिति के संभव कोण

🔹 चरण 1:
कुल भाग = 12

🔹 चरण 2:
अब 360° को 12 के उन भाजकों से बाँटते हैं जिनसे आकृति दोहराई जा सकती है।

🔹 12 के उपयुक्त भाजक:
12, 6, 4, 3, 2, 1

🔹 उनके अनुसार कोण:
360° ÷ 12 = 30°
360° ÷ 6 = 60°
360° ÷ 4 = 90°
360° ÷ 3 = 120°
360° ÷ 2 = 180°
360° ÷ 1 = 360°

🔹 इसलिए संभव कोण हैं:
30°, 60°, 90°, 120°, 180°, 360°

🔹 इनकी संख्या = 6

🔹 अंतिम उत्तर:
(i) 120°, 240°, 360°
(ii) 90°, 180°, 270°, 360°
(iii) संभव कोण: 30°, 60°, 90°, 120°, 180°, 360°
संख्या = 6

🔒 ❓ प्रश्न 2.
वृत्त और वर्ग को छोड़कर, ऐसी अन्य दो आकृतियाँ बनाइए, जिनमें परावर्तीय सममिति और घूर्णन सममिति दोनों हों।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 हमें ऐसी आकृतियाँ चाहिए जिनमें
🔹 परावर्तीय सममिति भी हो
🔹 घूर्णन सममिति भी हो

🔹 उदाहरण 1: समबाहु त्रिभुज

🔹 चरण 1:
समबाहु त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर होती हैं।

🔹 चरण 2:
इसे मोड़ने पर 3 अलग-अलग रेखाओं के अनुसार दोनों भाग समान मिलते हैं।
अर्थात 3 परावर्तीय सममितियाँ हैं।

🔹 चरण 3:
इसे 120° घुमाने पर भी वही आकृति मिलती है।

🔹 इसलिए इसमें दोनों प्रकार की सममिति हैं।

🔹 उदाहरण 2: नियमित षट्भुज

🔹 चरण 1:
नियमित षट्भुज की सभी भुजाएँ और सभी कोण बराबर होते हैं।

🔹 चरण 2:
इसमें कई परावर्तीय सममिति रेखाएँ होती हैं।

🔹 चरण 3:
इसे 60° घुमाने पर भी वही आकृति मिलती है।

🔹 इसलिए इसमें भी दोनों प्रकार की सममिति हैं।

🔹 अंतिम उत्तर:
समबाहु त्रिभुज और नियमित षट्भुज

🔒 ❓ प्रश्न 3.
जहाँ भी संभव हो, निम्नलिखित का एक कच्चा स्केच खींचिए—

a. एक त्रिभुज, जिसमें न्यूनतम दो सममिति की रेखाएँ हों तथा न्यूनतम दो सममिति के कोण हों
b. एक त्रिभुज, जिसमें केवल एक सममिति की रेखा हो लेकिन कोई घूर्णन सममिति न हो
c. घूर्णन सममिति वाला ऐसा चतुर्भुज, जिसमें कोई परावर्तीय सममिति न हो
d. एक परावर्तीय सममिति वाला चतुर्भुज, जिसमें कोई घूर्णन सममिति न हो

📌 ✅ उत्तर:

🔹 (a)

🔹 चरण 1:
त्रिभुजों में सममिति रेखाओं की संख्या केवल 0, 1 या 3 हो सकती है।

🔹 चरण 2:
यदि त्रिभुज समबाहु है, तो उसमें 3 सममिति रेखाएँ और 3 घूर्णन सममिति कोण होते हैं।

🔹 चरण 3:
लेकिन “ठीक 2” सममिति रेखाएँ वाला कोई त्रिभुज नहीं बनता।

🔹 इसलिए यह संभव नहीं है।

🔹 (b)

🔹 ऐसी आकृति = समद्विबाहु त्रिभुज

🔹 चरण 1:
समद्विबाहु त्रिभुज में दो भुजाएँ बराबर होती हैं।

🔹 चरण 2:
इसमें शीर्ष से आधार के मध्य तक एक ही सममिति रेखा होती है।

🔹 चरण 3:
इसे 180° या किसी और छोटे कोण पर घुमाने पर वही आकृति नहीं मिलती।

🔹 इसलिए
परावर्तीय सममिति = 1
घूर्णन सममिति = नहीं

🔹 (c)

🔹 ऐसी आकृति = समांतर चतुर्भुज

🔹 चरण 1:
समांतर चतुर्भुज को 180° घुमाने पर वही आकृति मिलती है।

🔹 चरण 2:
लेकिन सामान्य समांतर चतुर्भुज को किसी रेखा के अनुसार मोड़ने पर दोनों भाग समान नहीं मिलते।

🔹 इसलिए
घूर्णन सममिति = है
परावर्तीय सममिति = नहीं

🔹 (d)

🔹 ऐसी आकृति = पतंग

🔹 चरण 1:
पतंग में एक रेखा के अनुसार दोनों भाग समान मिलते हैं।

🔹 चरण 2:
लेकिन इसे 180° घुमाने पर वही आकृति नहीं मिलती।

🔹 इसलिए
परावर्तीय सममिति = 1
घूर्णन सममिति = नहीं

🔹 अंतिम उत्तर:
(a) संभव नहीं
(b) समद्विबाहु त्रिभुज
(c) समांतर चतुर्भुज
(d) पतंग

🔒 ❓ प्रश्न 4.
एक आकृति में सममिति का न्यूनतम कोण 60° है। इस आकृति के अन्य सममिति के कोण क्या हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 समझिए:
यदि न्यूनतम घूर्णन सममिति कोण 60° है, तो आकृति हर 60° पर अपने जैसी दिखेगी।

🔹 चरण 1:
60° का अगला गुणज = 120°

🔹 चरण 2:
फिर अगले गुणज लिखिए:
180°, 240°, 300°, 360°

🔹 इसलिए सममिति के सभी कोण हैं:
60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°

🔹 अंतिम उत्तर:
60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°

🔒 ❓ प्रश्न 5.
एक आकृति में एक सममिति का कोण 60° है। इस आकृति के दो सममिति के कोण 60° से कम हैं। सममिति का न्यूनतम कोण क्या होगा?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 समझिए:
यदि 60° भी सममिति का कोण है, तो न्यूनतम कोण 60° का भाजक होगा।

🔹 चरण 1:
60° से छोटे ऐसे कोण सोचिए जो 60° को पूरा-पूरी विभाजित करें।

🔹 चरण 2:
60° ÷ 2 = 30°
60° ÷ 3 = 20°

🔹 चरण 3:
ये दोनों 60° से छोटे हैं।

🔹 इनमें सबसे छोटा कोण = 20°

🔹 अंतिम उत्तर:
न्यूनतम कोण = 20°

🔒 ❓ प्रश्न 6.
क्या हम घूर्णन सममिति के साथ एक ऐसी आकृति प्राप्त कर सकते हैं, जिसमें सममिति का न्यूनतम कोण
(a) 45° है?
(b) 17° है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 नियम:
यदि 360° ÷ दिया गया कोण = पूर्ण संख्या, तो ऐसी आकृति संभव है।

🔹 (a) 45°

🔹 चरण 1:
360° ÷ 45° = 8

🔹 चरण 2:
8 एक पूर्ण संख्या है।

🔹 इसलिए 45° न्यूनतम कोण वाली आकृति बन सकती है।

🔹 उत्तर:
हाँ, संभव है

🔹 (b) 17°

🔹 चरण 1:
360° ÷ 17° = पूर्ण संख्या नहीं

🔹 चरण 2:
अर्थात 17° पर आकृति को बराबर-बराबर दोहराया नहीं जा सकता।

🔹 इसलिए ऐसी आकृति संभव नहीं।

🔹 उत्तर:
नहीं, संभव नहीं

🔒 ❓ प्रश्न 7.
यह दिल्ली में स्थित नए संसद भवन का चित्र है—

a. क्या इस चित्र की बाहरी परिधि (boundary) में परावर्तीय सममिति है? यदि ऐसा है, तो सममिति की रेखाएँ खींचिए। वे कितनी हैं?
b. क्या इसकी अपने केंद्र के परितः घूर्णन सममिति है? यदि ऐसा है, तो घूर्णन सममिति के कोण ज्ञात कीजिए।

📌 ✅ उत्तर:

🔹 समझिए:
NCERT के चित्र में यह एक सममित बाहरी आकृति के रूप में दिखाई गई है।

🔹 (a) परावर्तीय सममिति

🔹 चरण 1:
चित्र की बाहरी सीमा को ध्यान से देखिए।

🔹 चरण 2:
यह 6 समान भागों जैसी दिखाई देती है।

🔹 चरण 3:
हर उपयुक्त मध्य रेखा के अनुसार आकृति को दो बराबर भागों में बाँटा जा सकता है।

🔹 इसलिए इसमें परावर्तीय सममिति है।

🔹 सममिति रेखाओं की संख्या = 6

🔹 (b) घूर्णन सममिति

🔹 चरण 1:
कुल समान भाग = 6

🔹 चरण 2:
घूर्णन कोण का सूत्र लगाइए:
घूर्णन कोण = 360° ÷ 6 = 60°

🔹 चरण 3:
अब इसके गुणज लिखिए:
60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°

🔹 इसलिए आकृति में घूर्णन सममिति है।

🔹 अंतिम उत्तर:
(a) हाँ, 6 सममिति रेखाएँ
(b) हाँ, कोण = 60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°

🔒 ❓ प्रश्न 8.
अध्याय 1, सारणी 3 में पहले आकृति अनुक्रम नियमित बहुभुज आकार अनुक्रम आकृतियों में सममिति की कितनी रेखाएँ हैं? आपको कौन-सा संख्या अनुक्रम मिलता है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 नियम:
नियमित बहुभुज में जितनी भुजाएँ होती हैं, उतनी ही सममिति रेखाएँ होती हैं।

🔹 चरण 1:
समबाहु त्रिभुज → 3 भुजाएँ → 3 सममिति रेखाएँ

🔹 चरण 2:
वर्ग → 4 भुजाएँ → 4 सममिति रेखाएँ

🔹 चरण 3:
नियमित पंचभुज → 5 भुजाएँ → 5 सममिति रेखाएँ

🔹 चरण 4:
नियमित षट्भुज → 6 भुजाएँ → 6 सममिति रेखाएँ

🔹 इसलिए संख्या अनुक्रम है:
3, 4, 5, 6, …

🔹 अंतिम उत्तर:
सममिति रेखाओं का अनुक्रम = 3, 4, 5, 6, …

🔒 ❓ प्रश्न 9.
अध्याय 1 की सारणी 3 में पहले आकृति अनुक्रम नियमित बहुभुज के आकार अनुक्रम की आकृतियों में सममिति के कितने कोण हैं? आपको कौन-सा संख्या अनुक्रम प्राप्त होता है?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 नियम:
नियमित बहुभुज में घूर्णन सममिति के कोणों की संख्या भी उसकी भुजाओं की संख्या के बराबर होती है।

🔹 चरण 1:
समबाहु त्रिभुज → 3 घूर्णन स्थितियाँ

🔹 चरण 2:
वर्ग → 4 घूर्णन स्थितियाँ

🔹 चरण 3:
नियमित पंचभुज → 5 घूर्णन स्थितियाँ

🔹 चरण 4:
नियमित षट्भुज → 6 घूर्णन स्थितियाँ

🔹 इसलिए संख्या अनुक्रम है:
3, 4, 5, 6, …

🔹 अंतिम उत्तर:
सममिति कोणों का अनुक्रम = 3, 4, 5, 6, …

🔒 ❓ प्रश्न 10.
अध्याय 1 की सारणी 3 में अंतिम आकृति अनुक्रम कोच स्नोफ्लेक के आकार अनुक्रम में आकृतियों में सममिति की कितनी रेखाएँ हैं? सममिति के कितने कोण हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 समझिए:
कोच स्नोफ्लेक समबाहु त्रिभुज पर आधारित आकृति है।
उसका आकार जटिल होता जाता है, पर उसकी मूल सममिति बनी रहती है।

🔹 परावर्तीय सममिति

🔹 चरण 1:
समबाहु त्रिभुज में 3 सममिति रेखाएँ होती हैं।

🔹 चरण 2:
कोच स्नोफ्लेक उसी आधार पर बनने के कारण यह सममिति बनाए रखता है।

🔹 इसलिए सममिति रेखाएँ = 3

🔹 घूर्णन सममिति

🔹 चरण 1:
सममिति की संख्या = 3

🔹 चरण 2:
न्यूनतम घूर्णन कोण:
360° ÷ 3 = 120°

🔹 चरण 3:
अन्य कोण:
240°, 360°

🔹 इसलिए सममिति के कोण =
120°, 240°, 360°

🔹 कुल कोणों की संख्या = 3

🔹 अंतिम उत्तर:
सममिति रेखाएँ = 3
सममिति के कोण = 3
कोण हैं: 120°, 240°, 360°

🔒 ❓ प्रश्न 11.
अशोक चक्र में कितनी सममिति की रेखाएँ और सममिति के कोण होते हैं?

📌 ✅ उत्तर:

🔹 समझिए:
अशोक चक्र में 24 समान तीलियाँ होती हैं।

🔹 परावर्तीय सममिति

🔹 चरण 1:
प्रत्येक तीली के अनुसार एक सममिति रेखा मानी जा सकती है।

🔹 चरण 2:
क्योंकि कुल 24 तीलियाँ हैं, इसलिए सममिति रेखाएँ = 24

🔹 उत्तर:
सममिति रेखाएँ = 24

🔹 घूर्णन सममिति

🔹 चरण 1:
कुल समान भाग = 24

🔹 चरण 2:
न्यूनतम घूर्णन कोण:
360° ÷ 24 = 15°

🔹 चरण 3:
अर्थात 15°-15° घुमाने पर वही आकृति मिलती है।

🔹 इसलिए सममिति कोणों की कुल संख्या = 24

🔹 कोण होंगे:
15°, 30°, 45°, 60°, … , 360°

🔹 अंतिम उत्तर:
सममिति रेखाएँ = 24
सममिति के कोण = 24

🔹 पाठ का मुख्य विचार:
परावर्तीय सममिति में मोड़ना महत्वपूर्ण है।
घूर्णन सममिति में घुमाना महत्वपूर्ण है।
नियमित आकृतियों में सममिति को पहचानना अधिक आसान होता है।

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