Class 12, PHYSICS (Hindi)

Class 12 : Physics (Hindi) – अध्याय 6: वैधुत चुम्बकीय प्रेरण

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन

🌟 भाग 1 : विस्तृत व्याख्या (Explanation ~1700 शब्द)
🔵 1. परिचय : वैधुत चुम्बकीय प्रेरण का मूल सिद्धान्त
💡 जब किसी चालक परिपथ में चुम्बकीय फ्लक्स (Φ) में परिवर्तन होता है, तो उसमें एक प्रेरित वैधुत बल (e.m.f.) उत्पन्न होता है, जिसे वैधुत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) कहा जाता है।
✏️ यह घटना सबसे पहले माइकल फैराडे (Michael Faraday) द्वारा 1831 ई. में खोजी गई थी।
उन्होंने पाया कि —
➡️ यदि चुंबक को कुंडली के पास हिलाया जाए या
➡️ कुंडली को स्थिर चुंबक के पास हिलाया जाए,
तो परिपथ में विद्युत धारा उत्पन्न होती है।
इसी को फैराडे का वैधुत चुम्बकीय प्रेरण का नियम कहा जाता है।

🟢 2. चुम्बकीय फ्लक्स (Magnetic Flux, Φ)
चुम्बकीय फ्लक्स किसी क्षेत्र से होकर गुजरने वाली चुम्बकीय रेखाओं की संख्या को दर्शाता है।
✏️ परिभाषा:
यदि किसी क्षेत्र A पर समान चुंबकीय क्षेत्र B लंबवत न होकर कोण θ पर कार्य कर रहा हो, तो
Φ = B·A·cosθ
जहाँ
➡️ Φ = चुम्बकीय फ्लक्स (वेबर, Wb)
➡️ B = चुम्बकीय क्षेत्र (टेस्ला, T)
➡️ A = क्षेत्रफल (m²)
➡️ θ = क्षेत्र की अभिलंब दिशा और चुंबकीय क्षेत्र के बीच कोण
💡 चुम्बकीय फ्लक्स एक अदिश राशि है।

🔴 3. फैराडे के वैधुत चुम्बकीय प्रेरण के नियम
✳️ (i) फैराडे का प्रथम नियम
जब किसी परिपथ में चुम्बकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तो परिपथ में एक प्रेरित वैधुत बल (e.m.f.) उत्पन्न होता है।
यदि परिपथ पूर्ण है तो प्रेरित धारा प्रवाहित होती है।
✳️ (ii) फैराडे का द्वितीय नियम
प्रेरित वैधुत बल का परिमाण उस दर के बराबर होता है, जिससे चुम्बकीय फ्लक्स बदलता है।
e = − dΦ / dt
यहाँ ऋण चिह्न लेन्ज के नियम को दर्शाता है।
💡 चिह्न “−” का अर्थ: प्रेरित धारा का दिशा इस प्रकार होती है कि वह फ्लक्स के परिवर्तन का विरोध करती है।

🟡 4. लेन्ज का नियम (Lenz’s Law)
💡 लेन्ज का सिद्धान्त:
“प्रेरित धारा की दिशा सदैव ऐसी होती है कि वह उत्पन्न करने वाले कारण का विरोध करे।”
उदाहरण:
➡️ यदि किसी कुंडली में चुंबक का उत्तर ध्रुव पास लाया जाए, तो कुंडली का निकटस्थ सिरा भी उत्तर ध्रुव जैसा हो जाएगा, जिससे वह चुंबक को प्रतिकर्षित करेगा।
✏️ गणितीय रूप: e = −dΦ/dt
यह नियम ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त (Law of Conservation of Energy) के अनुरूप है।

🔵 5. प्रेरित विद्युत बल उत्पन्न करने के प्रकार
(i) स्थिर चुंबक व गतिमान कुंडली (Relative Motion)
जब कुंडली को स्थिर चुंबक के पास हिलाया जाता है या चुंबक को कुंडली के पास हिलाया जाता है, तो फ्लक्स बदलता है।
(ii) परिवर्ती चुंबकीय क्षेत्र (Time-Varying Magnetic Field)
जब किसी कुंडली के पास समय के साथ B बदलता है, तो फ्लक्स भी बदलता है, और प्रेरित e.m.f. उत्पन्न होती है।

🟢 6. गतिज प्रेरण (Motional Electromotive Force)
यदि कोई चालक लंबाई l किसी चुंबकीय क्षेत्र B में वेग v से लंबवत चलता है, तो उसमें उत्पन्न प्रेरित e.m.f. होगी —
e = B·l·v
✏️ यदि गति B के समानांतर है, तो e = 0 क्योंकि कोण θ = 0° ⇒ sinθ = 0
💡 दिशा ज्ञात करने के लिए:
“दाएँ हाथ का नियम” — अंगूठा (v), तर्जनी (B), मध्यमा (e का दिशा)।

🔴 7. फ्लेमिंग का दाएँ हाथ का नियम (Fleming’s Right Hand Rule)
यह नियम प्रेरित धारा की दिशा बताता है।
➡️ अंगूठा (Thumb) – चालक की गति (v)
➡️ तर्जनी (Forefinger) – चुंबकीय क्षेत्र (B)
➡️ मध्यमा (Middle finger) – प्रेरित धारा (I)

🟡 8. प्रेरकत्व (Inductance)
✳️ (i) स्वप्रेरण (Self Induction)
जब किसी कुंडली में प्रवाहित धारा में परिवर्तन किया जाता है, तो उसी कुंडली में एक प्रेरित e.m.f. उत्पन्न होती है जो मूल परिवर्तन का विरोध करती है।
e = −L (dI/dt)
यहाँ L = स्वप्रेरकत्व (Self Inductance)
💡 इकाई: हेनरी (H)
यदि 1A/s की दर से धारा बदलने पर 1V e.m.f. उत्पन्न हो, तो L = 1H

✳️ (ii) पारस्परिक प्रेरण (Mutual Induction)
जब एक कुंडली में धारा में परिवर्तन किया जाए, तो उसके पास स्थित दूसरी कुंडली में e.m.f. उत्पन्न होती है।
e₂ = −M (dI₁/dt)
यहाँ M = पारस्परिक प्रेरकत्व (Mutual Inductance)
💡 इकाई: हेनरी (H)

🔵 9. प्रेरकत्व पर प्रभाव डालने वाले कारक
✔️ कुंडली के कुंडलों की संख्या (N)
✔️ माध्यम की चुंबकीय पारगम्यता (μ)
✔️ कुंडली का क्षेत्रफल (A)
✔️ कुंडली की लंबाई (l)
स्वप्रेरकत्व: L = (μ N² A) / l

🟢 10. प्रेरकत्व में ऊर्जा
यदि किसी प्रेरक (Inductor) में धारा I प्रवाहित हो रही है, तो उसमें संग्रहित ऊर्जा होती है —
U = (1/2) L I²
यह ऊर्जा चुंबकीय क्षेत्र में संग्रहित होती है।

🔴 11. प्रेरक परिपथ में धारा की वृद्धि और क्षय
जब किसी प्रेरक में बैटरी जोड़ी जाती है —
➡️ धारा धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि प्रेरित e.m.f. परिवर्तन का विरोध करती है।
➡️ धारा का समयानुसार परिवर्तन:
I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
जब बैटरी हटा दी जाए —
➡️ धारा धीरे-धीरे घटती है:
I = I₀ e^(−Rt/L)
यहाँ R = प्रतिरोध, L = प्रेरकत्व, t = समय।

🟡 12. प्रेरण के व्यावहारिक उदाहरण
✔️ बिजली के मीटरों में प्रयोग
✔️ ट्रांसफार्मर का कार्य सिद्धांत
✔️ डायनमो और जनित्र का सिद्धांत
✔️ विद्युत मोटर में ब्रेकिंग प्रभाव
✔️ वोल्टमीटर और गैल्वेनोमीटर के निर्माण में कुंडली का स्वप्रेरण

🔵 13. एड्डी धारा (Eddy Currents)
जब किसी ठोस चालक में चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तो उसके अंदर घूमने वाली परिपथीय धाराएँ उत्पन्न होती हैं जिन्हें एड्डी धारा कहते हैं।
✏️ ये धारा ऊर्जा हानि का कारण बनती हैं क्योंकि वे गर्मी उत्पन्न करती हैं।
💡 उपयोग:
✔️ विद्युत ब्रेक
✔️ ऊर्जा मीटर
✔️ चुंबकीय मंदक (Magnetic Damping)
✔️ धातु की परख

🟢 14. फूको धारा का नियंत्रण
एड्डी धारा की हानि को घटाने के लिए
➡️ ठोस लौहचुंबकीय कोर को पतली परतों (laminations) में काटा जाता है।
➡️ प्रत्येक परत को इन्सुलेट किया जाता है ताकि धारा का मार्ग लंबा हो जाए और हानि कम हो।

🔴 15. फैराडे की रिंग प्रयोग (Faraday’s Ring Experiment)
एक लोहे की वलयाकार रिंग पर दो कुंडलियाँ लपेटी जाती हैं —
➡️ एक को बैटरी से जोड़ने पर दूसरी में तुरंत गैल्वेनोमीटर विचलन दिखाता है।
➡️ जब स्विच बंद या खोला जाता है, तब ही धारा उत्पन्न होती है।
यह पारस्परिक प्रेरण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

🟡 16. प्रेरक अभिक्रिया (Inductive Reactance)
यदि ए.सी. (AC) धारा किसी प्रेरक से होकर गुजरती है तो वह धारा के परिवर्तन का विरोध करती है।
X_L = ωL = 2πfL
यह प्रेरक का विरोध है जिसे प्रेरक अभिक्रिया कहते हैं।

🔵 17. ऊर्जा संरक्षण के दृष्टिकोण से वैधुत चुम्बकीय प्रेरण
लेन्ज का नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धान्त को दर्शाता है —
➡️ प्रेरित धारा हमेशा ऐसे दिशा में उत्पन्न होती है जो ऊर्जा संरक्षण सुनिश्चित करे।
➡️ यह उत्पन्न धारा उसी कारण का विरोध करती है जिससे वह उत्पन्न हुई है।

🟢 18. निष्कर्ष : अध्याय का सार
✔️ चुम्बकीय फ्लक्स में परिवर्तन से e.m.f. उत्पन्न होती है।
✔️ प्रेरण के दो प्रकार — स्वप्रेरण और पारस्परिक प्रेरण।
✔️ e = −dΦ/dt मुख्य सूत्र।
✔️ प्रेरकत्व ऊर्जा का भंडारण करता है।
✔️ एड्डी धारा और उसकी हानियाँ तथा उपयोग व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

🌿 भाग 2 : सारांश (Summary ~300 शब्द)
🔹 वैधुत चुम्बकीय प्रेरण उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें किसी परिपथ में चुम्बकीय फ्लक्स के परिवर्तन से प्रेरित वैधुत बल उत्पन्न होता है।
🔹 फैराडे का नियम: e = −dΦ/dt
🔹 लेन्ज का नियम बताता है कि प्रेरित धारा हमेशा फ्लक्स परिवर्तन का विरोध करती है।
🔹 गतिज प्रेरण में e = B·l·v
🔹 स्वप्रेरण में e = −L(dI/dt) और पारस्परिक प्रेरण में e₂ = −M(dI₁/dt)
🔹 प्रेरक में संचित ऊर्जा U = (1/2)L I²
🔹 प्रेरक अभिक्रिया X_L = ωL
🔹 एड्डी धारा ठोस चालकों में उत्पन्न वृत्तीय धाराएँ हैं जो ऊष्मा उत्पन्न करती हैं।
🔹 ए.सी. परिपथों में प्रेरक धारा का विलंब और क्षय e^(−Rt/L) के अनुसार होता है।
🔹 यह पूरा अध्याय चुंबकीय और विद्युत घटनाओं के परस्पर सम्बन्ध को समझाने का मूल आधार है।

🧠 भाग 3 : Quick Recap (त्वरित पुनरावृत्ति)
1️⃣ वैधुत चुम्बकीय प्रेरण का सूत्र: e = −dΦ/dt
2️⃣ स्वप्रेरण: e = −L(dI/dt) | पारस्परिक प्रेरण: e₂ = −M(dI₁/dt)
3️⃣ गतिज प्रेरण: e = B·l·v
4️⃣ प्रेरक में संग्रहित ऊर्जा: U = (1/2)L I²
5️⃣ एड्डी धारा से ऊर्जा हानि को कम करने हेतु लौह कोर को परतदार बनाया जाता है।
6️⃣ लेन्ज का नियम = ऊर्जा संरक्षण का प्रत्यक्ष उदाहरण।

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

Question 6.1 चित्र 6.15 (a) से (f) में वर्णित स्थितियों के लिए प्रेरित धारा की दिशा का अनुमान कीजिए।
Answer
🔵 मूल नियम (लैंज का नियम): प्रेरित धारा की दिशा ऐसी होती है कि वह चुंबकीय फ्लक्स में हो रहे परिवर्तन का विरोध करे।
👉 मतलब:
यदि लूप में अंदर की ओर फ्लक्स बढ़ रहा है, तो लूप ऐसी धारा उत्पन्न करेगा जिससे बाहर की ओर अपना चुंबकीय क्षेत्र बने (धारा वामावर्त/anticlockwise दिखेगी जब आप सामने से देखें)।
यदि अंदर की ओर फ्लक्स घट रहा है, तो लूप अंदर की ओर क्षेत्र बनाने के लिए दक्षिणावर्त/clockwise धारा लेगा।
अब चित्र के प्रत्येक भाग के लिए दिशा:
🟢 (a) धारा पथ: q → r → p → q (लूप qrpq के अनुदिश)।
🟢 (b) धारा पथ: p → r → q → p (लूप prqp; भाग (a) के विपरीत)।
🟢 (c) धारा पथ: y → z → x → y (लूप yzxy; कुंजी बंद होते ही जैसा फ्लक्स बदलता है, उसके विरोध में)।
🟢 (d) धारा पथ: z → y → x → z (लूप zyxz; (c) की उलटी स्थिति)।
🟢 (e) धारा पथ: x → r → y → x (लूप xryx; धारा नियामक का समंजन बदलने पर फ्लक्स-परिवर्तन का विरोध)।
🟢 (f) कोई प्रेरित धारा नहीं — लूप से लिंक्ड फ्लक्स में शून्य परिवर्तन (dΦ/dt = 0), इसलिए emf = 0।
🔴 निष्कर्ष: ऊपर दी गई दिशाएँ सीधे लैंज के नियम/फ्लक्स-विरोध तर्क से निकाली गई हैं; जहाँ भी फ्लक्स बढ़ेगा वहाँ लूप विपरीत ध्रुव बनाते हुए वामावर्त, और जहाँ फ्लक्स घटेगा वहाँ दक्षिणावर्त धारा को चुनेगा।

Question 6.2
चित्र 6.16 में वर्णित स्थितियों के लिए लैंज के नियम का उपयोग करते हुए प्रेरित विद्युत धारा की दिशा ज्ञात कीजिए —
(a) जब अनियमित आकार का तार वृत्ताकार लूप में बदल रहा हो।
(b) जब एक वृत्ताकार लूप एक सीधी चालक तार में विकसित किया जा रहा हो।
Answer
🔵 सिद्धान्त (लैंज का नियम): प्रेरित धारा की दिशा हमेशा ऐसी होती है कि वह चुंबकीय फ्लक्स में हो रहे परिवर्तन का विरोध करे।
🟢 (a) जब तार का आकार अनियमित से वृत्ताकार हो रहा है:
जैसे ही तार वृत्ताकार रूप लेता है, उसमें से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स बढ़ने लगता है (क्योंकि क्षेत्रफल बढ़ रहा है)।
अतः प्रेरित धारा ऐसी दिशा में प्रवाहित होगी कि वह घटाने वाला (विपरीत) चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करे।
👉 इसलिए धारा की दिशा वामावर्त (anticlockwise) होगी जब क्षेत्र पृष्ठ के भीतर जा रहा हो।
🟢 (b) जब वृत्ताकार लूप एक सीधी तार में विकसित किया जा रहा है:
क्षेत्रफल घटता है, अतः चुंबकीय फ्लक्स घटता है।
लूप अब चुंबकीय क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में धारा प्रवाहित करेगा।
👉 इसलिए धारा की दिशा दक्षिणावर्त (clockwise) होगी जब क्षेत्र पृष्ठ के भीतर जा रहा हो।
🔴 निष्कर्ष:
(a) फ्लक्स बढ़ने पर प्रेरित धारा वामावर्त,
(b) फ्लक्स घटने पर प्रेरित धारा दक्षिणावर्त

Question 6.3
एक लंबी परिसालिका के प्रत्येक सेंटीमीटर लंबाई में 15 फेरे हैं। उसके अन्दर 2.0 cm² का एक छोटा-सा लूप परिसालिका की अक्ष के लंबवत रखा गया है। यदि परिसालिका में बहने वाली धारा का मान 2.0 A से 4.0 A तक 0.1 s में कर दिया जाए, तो उस परिसालिका में प्रेरित विद्युत वाहक बल कितना होगा?
Answer
🔵 सूत्र: e = −N (dΦ/dt) = −N A (dB/dt)
और B = μ₀ n I, जहाँ n = फेरे/लंबाई।
🟢 दिए गए मान:
n = 15 cm⁻¹ = 1500 m⁻¹,
A = 2.0 cm² = 2.0 × 10⁻⁴ m²,
dI/dt = (4.0 − 2.0)/0.1 = 20 A/s,
μ₀ = 4π × 10⁻⁷ H/m, N = 1।
🧮 गणना:
e = A μ₀ n (dI/dt)
= (2.0 × 10⁻⁴)(4π × 10⁻⁷)(1500)(20)
= 2.0 × 10⁻⁴ × 4π × 10⁻⁷ × 3.0 × 10⁴
= 2.0 × 4π × 10⁻⁷ × 3.0 = 24π × 10⁻⁷ = 7.5 × 10⁻⁶ V
🔴 निष्कर्ष: प्रेरित विद्युत वाहक बल = 7.5 μV (माइक्रोवोल्ट)

Question 6.4
एक आयताकार लूप जिसकी भुजाएँ 8 cm एवं 2 cm हैं, एक क्षेत्र में रखा हुआ है जहाँ चुंबकीय क्षेत्र 0.3 T का एकसमान क्षेत्र है जो लूप के तल के लम्बवत दिशा में है। यदि इस लूप को क्षेत्र से बाहर खींचा जाता है और यह 0.1 s में पूर्णतः क्षेत्र से बाहर आ जाता है, तो गणना कीजिए —
(a) लूप में प्रेरित औसत विद्युत वाहक बल,
(b) लूप में प्रेरित धारा यदि लूप का प्रतिरोध 1.0 Ω है।
Answer
🔵 सूत्र: e = ΔΦ / Δt = B ΔA / Δt
🟢 दिए गए: B = 0.3 T,
लूप का क्षेत्रफल A = l × b = (8 × 10⁻²)(2 × 10⁻²) = 1.6 × 10⁻³ m²,
Δt = 0.1 s, R = 1 Ω।
🧮 गणना:
(a) e = (0.3 × 1.6 × 10⁻³) / 0.1 = 4.8 × 10⁻³ V = 4.8 mV
(b) I = e / R = 4.8 × 10⁻³ / 1 = 4.8 × 10⁻³ A = 4.8 mA
🔴 निष्कर्ष:
✔️ औसत विद्युत वाहक बल = 4.8 mV
✔️ प्रेरित धारा = 4.8 mA

Question 6.5
1.0 m लंबी धातु की छड़ उसके एक सिरे से जाने वाले अभिलम्बवत् अक्ष के प्रति 400 rad·s⁻¹ की कोणीय आवृत्ति से घूम रही है। छड़ का दूसरा सिरा एक चालक वृत्त से संपर्क में है। अक्ष के अनुदिश समान क्षेत्र 0.5 T का एकसमान चुंबकीय क्षेत्र उपस्थित है। वृत्तीय बलय तथा अक्ष के बीच स्थापित विद्युत वाहक बल की गणना कीजिए।
Answer
🔵 सिद्धान्त: जब एक धातु छड़ किसी चुंबकीय क्षेत्र में घूमती है, तो उसके सिरों के बीच प्रेरित विद्युत वाहक बल होता है —
🧮 सूत्र: e = (1/2)·B·ω·l²
🟢 दिए गए:
B = 0.5 T,
ω = 400 rad·s⁻¹,
l = 1.0 m
🧮 गणना:
e = 0.5 × 0.5 × 400 × (1)²
= 0.25 × 400
= 100 V
🔴 निष्कर्ष: वृत्तीय बलय और अक्ष के बीच प्रेरित विद्युत वाहक बल = 100 V

Question 6.6
पूर्व से पश्चिम दिशा में स्थित एक 10 m लंबी क्षैतिज सीधी तार 0.30 × 10⁻⁴ Wb·m⁻² तीव्रता वाले पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के क्षेत्रीय घटक के लंबवत् 5.0 m·s⁻¹ की चाल से गिर रही है।
(a) तार में प्रेरित विद्युत वाहक बल का तात्कालिक मान क्या होगा?
(b) विद्युत वाहक बल की दिशा क्या होगी?
(c) तार के कौन-से सिरे का विद्युत विभव अधिक होगा?
Answer
🔵 सिद्धान्त:
प्रेरित विद्युत वाहक बल (e) = B·v·l
🟢 दिए गए:
B = 0.30 × 10⁻⁴ T = 3.0 × 10⁻⁵ T,
v = 5.0 m·s⁻¹,
l = 10 m
🧮 गणना:
e = B·v·l = (3.0 × 10⁻⁵)(5)(10) = 1.5 × 10⁻³ V = 1.5 mV
(b) दाएँ हाथ का नियम:
क्षेत्रीय घटक (B) नीचे की ओर,
गति पश्चिम की ओर,
इसलिए धारा उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होगी।
(c) दाएँ हाथ के नियम से उत्तर दिशा वाला सिरा उच्च विभव पर होगा।
🔴 निष्कर्ष:
(a) e = 1.5 mV
(b) धारा की दिशा — उत्तर से दक्षिण
(c) उत्तर सिरा उच्च विभव पर।

Question 6.7
किसी परिपथ में 0.1 s में धारा 5.0 A से 0.0 A तक गिरती है। यदि औसत प्रेरित विद्युत वाहक बल 200 V है, तो परिपथ का स्वप्रेरकत्व ज्ञात कीजिए।
Answer
🔵 सिद्धान्त: स्वप्रेरकत्व L = e·Δt / ΔI
🟢 दिए गए:
e = 200 V,
Δt = 0.1 s,
ΔI = 5.0 A
🧮 गणना:
L = (200 × 0.1) / 5 = 20 / 5 = 4 H
🔴 निष्कर्ष: परिपथ का स्वप्रेरकत्व 4 हेनरी है।

Question 6.8
पास-पास रखी कुंडलियों के एक युग्म का आपसी प्रेरकत्व 1.5 H है। यदि एक कुंडली में 0.5 s में धारा 0 से 20 A परिवर्तित होती है, तो दूसरी कुंडली में उत्पन्न विद्युत वाहक बल कितना परिवर्तित होगा?
Answer
🔵 सिद्धान्त: आपसी प्रेरकत्व के लिए e = M·(ΔI/Δt)
🟢 दिए गए:
M = 1.5 H,
ΔI = 20 A,
Δt = 0.5 s
🧮 गणना:
e = 1.5 × (20 / 0.5) = 1.5 × 40 = 60 V
🔴 निष्कर्ष: दूसरी कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल = 60 V

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

Section A : बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
Question 1. जब किसी कुंडली में चुम्बकीय फ्लक्स बदलता है, तब क्या उत्पन्न होता है?
🔵 (A) स्थिर धारा
🟢 (B) प्रेरित वैधुत बल
🟠 (C) ऊष्मा
🔴 (D) स्थायी चुंबकत्व
Answer: (B) प्रेरित वैधुत बल

Question 2. फैराडे के वैधुत चुम्बकीय प्रेरण का सूत्र है —
🔵 (A) e = dΦ/dt
🟢 (B) e = −dΦ/dt
🟠 (C) e = I·R
🔴 (D) e = −IR
Answer: (B) e = −dΦ/dt

Question 3. लेन्ज का नियम किस सिद्धान्त पर आधारित है?
🔵 (A) ऊर्जा संरक्षण
🟢 (B) द्रव्यमान संरक्षण
🟠 (C) आवेश संरक्षण
🔴 (D) संवेग संरक्षण
Answer: (A) ऊर्जा संरक्षण

Question 4. गतिज प्रेरण में उत्पन्न प्रेरित वैधुत बल का सूत्र है —
🔵 (A) e = B·l·v
🟢 (B) e = B/l·v
🟠 (C) e = B + v
🔴 (D) e = B·l/v
Answer: (A) e = B·l·v

Question 5. चुंबकीय फ्लक्स (Φ) का SI मात्रक है —
🔵 (A) वेबर
🟢 (B) टेस्ला
🟠 (C) एम्पीयर
🔴 (D) न्यूटन
Answer: (A) वेबर

Question 6. जब किसी कुंडली में धारा बढ़ाई जाती है, तो उसमें उत्पन्न e.m.f. —
🔵 (A) उसी दिशा में
🟢 (B) धारा के विपरीत दिशा में
🟠 (C) स्थिर रहती है
🔴 (D) शून्य
Answer: (B) धारा के विपरीत दिशा में

Question 7. किसी कुंडली का स्वप्रेरकत्व बढ़ाने के लिए क्या किया जाए?
🔵 (A) कुंडलों की संख्या घटाई जाए
🟢 (B) वायु माध्यम रखा जाए
🟠 (C) कुंडलों की संख्या बढ़ाई जाए
🔴 (D) कुंडली का क्षेत्रफल घटाया जाए
Answer: (C) कुंडलों की संख्या बढ़ाई जाए

Question 8. प्रेरकत्व (L) का SI मात्रक है —
🔵 (A) टेस्ला
🟢 (B) हेनरी
🟠 (C) वेबर
🔴 (D) वोल्ट
Answer: (B) हेनरी

Question 9. पारस्परिक प्रेरण का सूत्र है —
🔵 (A) e₂ = −M(dI₁/dt)
🟢 (B) e₁ = −L(dI₂/dt)
🟠 (C) e₂ = −L(dΦ/dt)
🔴 (D) e₂ = I·R
Answer: (A) e₂ = −M(dI₁/dt)

Question 10. फ्लेमिंग का दाएँ हाथ का नियम बताता है —
🔵 (A) बल की दिशा
🟢 (B) प्रेरित धारा की दिशा
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
🔴 (D) यांत्रिक ऊर्जा की दिशा
Answer: (B) प्रेरित धारा की दिशा

Question 11. प्रेरक में संचित ऊर्जा का सूत्र है —
🔵 (A) U = (1/2)L I²
🟢 (B) U = L I
🟠 (C) U = L² I
🔴 (D) U = L/I
Answer: (A) U = (1/2)L I²

Question 12. यदि किसी चालक में e = 2V, B = 0.5T और l = 0.5m है, तो वेग v होगा —
🔵 (A) 2 m/s
🟢 (B) 4 m/s
🟠 (C) 6 m/s
🔴 (D) 8 m/s
Answer: (B) 4 m/s

Question 13. किसी प्रेरक परिपथ में धारा की वृद्धि का समीकरण है —
🔵 (A) I = I₀ e^(−Rt/L)
🟢 (B) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
🟠 (C) I = I₀(1 + e^(−Rt/L))
🔴 (D) I = I₀ e^(Rt/L)
Answer: (B) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))

Question 14. किसी प्रेरक परिपथ में धारा का क्षय होता है —
🔵 (A) I = I₀ e^(−Rt/L)
🟢 (B) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
🟠 (C) I = I₀ e^(Rt/L)
🔴 (D) I = I₀(1 + e^(−Rt/L))
Answer: (A) I = I₀ e^(−Rt/L)

Question 15. एड्डी धाराएँ उत्पन्न होती हैं —
🔵 (A) चालक के अंदर
🟢 (B) कुंडली के बाहर
🟠 (C) धारा स्रोत में
🔴 (D) बैटरी में
Answer: (A) चालक के अंदर

Question 16. एड्डी धाराओं से उत्पन्न ऊष्मा को कम करने के लिए —
🔵 (A) चालक को ठंडा किया जाता है
🟢 (B) ठोस लौह को पतली परतों में काटा जाता है
🟠 (C) धारा बढ़ाई जाती है
🔴 (D) क्षेत्र घटाया जाता है
Answer: (B) ठोस लौह को पतली परतों में काटा जाता है

Question 17. स्वप्रेरण की दिशा निर्धारित होती है —
🔵 (A) लेन्ज के नियम से
🟢 (B) ओम के नियम से
🟠 (C) फैराडे के नियम से
🔴 (D) किरचॉफ के नियम से
Answer: (A) लेन्ज के नियम से

Question 18. प्रेरक अभिक्रिया (Inductive Reactance) का सूत्र है —
🔵 (A) X_L = ωL = 2πfL
🟢 (B) X_L = L/f
🟠 (C) X_L = f/L
🔴 (D) X_L = L²/f
Answer: (A) X_L = ωL = 2πfL

Section B : बहुत लघु / लघु उत्तरीय प्रश्न (Q19–Q23)
Question 19. वैधुत चुम्बकीय प्रेरण से आप क्या समझते हैं?
Answer:
➡️ जब किसी चालक परिपथ में चुम्बकीय फ्लक्स (Φ) में परिवर्तन होता है, तब उसमें एक प्रेरित वैधुत बल (e.m.f.) उत्पन्न होता है।
➡️ यही घटना वैधुत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) कहलाती है।
➡️ इसका सूत्र है: e = −dΦ/dt, जहाँ ऋण चिह्न लेन्ज के नियम का प्रतीक है।

Question 20. चुम्बकीय फ्लक्स (Magnetic Flux) का सूत्र लिखिए और प्रत्येक राशियों का अर्थ बताइए।
Answer:
✔️ सूत्र: Φ = B·A·cosθ
जहाँ —
🔹 B = चुम्बकीय क्षेत्र (Tesla)
🔹 A = क्षेत्रफल (m²)
🔹 θ = चुंबकीय क्षेत्र और अभिलंब के बीच कोण
➡️ चुम्बकीय फ्लक्स का मात्रक वेबर (Weber) है।

Question 21. फैराडे के वैधुत चुम्बकीय प्रेरण के दो नियम लिखिए।
Answer:
🔵 पहला नियम: जब किसी परिपथ में चुम्बकीय फ्लक्स बदलता है, तो उसमें एक प्रेरित e.m.f. उत्पन्न होती है।
🟢 दूसरा नियम: प्रेरित e.m.f. का परिमाण फ्लक्स परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है।
➡️ गणितीय रूप: e = −dΦ/dt

Question 22. लेन्ज का नियम क्या है? इसका भौतिक महत्व बताइए।
Answer:
💡 लेन्ज का नियम: प्रेरित धारा की दिशा सदैव ऐसी होती है कि वह उत्पन्न करने वाले कारण का विरोध करे।
✔️ भौतिक महत्व: यह ऊर्जा संरक्षण के सिद्धान्त के अनुरूप है, क्योंकि प्रेरित धारा द्वारा किया गया कार्य सदैव मूल परिवर्तन का प्रतिरोध करता है।

Question 23. प्रेरकत्व (Inductance) की SI इकाई क्या है और इसे परिभाषित कीजिए।
Answer:
🔹 SI इकाई = हेनरी (Henry)
✏️ परिभाषा: यदि किसी कुंडली में 1 A/s की दर से धारा बदलने पर 1 V का प्रेरित e.m.f. उत्पन्न होता है, तो उस कुंडली का प्रेरकत्व 1 हेनरी होता है।
➡️ e = −L(dI/dt)

⚙️ Section C : मध्यम उत्तरीय प्रश्न (Q24–Q27)
Question 24. स्वप्रेरण (Self Induction) और पारस्परिक प्रेरण (Mutual Induction) में अंतर बताइए।
Answer:
🔵 स्वप्रेरण (Self Induction):
➡️ जब किसी कुंडली में प्रवाहित धारा बदलती है, तो उसी कुंडली में प्रेरित e.m.f. उत्पन्न होती है।
➡️ सूत्र: e = −L(dI/dt)
🟢 पारस्परिक प्रेरण (Mutual Induction):
➡️ जब एक कुंडली में धारा बदलती है, तो निकट स्थित दूसरी कुंडली में प्रेरित e.m.f. उत्पन्न होती है।
➡️ सूत्र: e₂ = −M(dI₁/dt)
💡 मुख्य अंतर: स्वप्रेरण एक ही कुंडली की विशेषता है जबकि पारस्परिक प्रेरण दो कुंडलियों की पारस्परिक क्रिया पर निर्भर करता है।

Question 25. गतिज प्रेरण (Motional e.m.f.) को परिभाषित कीजिए और उसका सूत्र दीजिए।
Answer:
➡️ जब कोई चालक लंबाई l किसी समान चुम्बकीय क्षेत्र B में वेग v से लंबवत चलता है, तो उसमें प्रेरित वैधुत बल उत्पन्न होता है।
✏️ सूत्र: e = B·l·v
✔️ यदि चालक की गति क्षेत्र के समानांतर है, तो e = 0, क्योंकि sinθ = 0.
💡 दिशा ज्ञात करने हेतु: फ्लेमिंग का दाएँ हाथ का नियम प्रयोग किया जाता है।

Question 26. किसी प्रेरक परिपथ में धारा की वृद्धि का समीकरण सिद्ध कीजिए।
Answer:
धारा बढ़ने पर प्रेरित e.m.f. विरोध करती है, अतः:
E = L(dI/dt) + IR
प्रारंभिक शर्त: t = 0 ⇒ I = 0
समाकलन करने पर:
I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
जहाँ I₀ = E/R अधिकतम धारा है।

Question 27. एड्डी धाराएँ क्या हैं? इनके लाभ और हानि बताइए।
Answer:
➡️ जब किसी ठोस चालक में चुम्बकीय फ्लक्स बदलता है, तो उसमें परिपथीय धाराएँ उत्पन्न होती हैं जिन्हें एड्डी धाराएँ (Eddy Currents) कहते हैं।
💡 हानियाँ:
✔️ ऊष्मा उत्पन्न कर ऊर्जा की हानि करती हैं।
🌿 लाभ:
✔️ विद्युत ब्रेक, मीटर, और चुंबकीय मंदक में प्रयोग होती हैं।
✔️ इनके प्रभाव को घटाने हेतु लौह कोर को परतदार बनाया जाता है।

Section D : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Q28–Q31)
Question 28. फैराडे के वैधुत चुम्बकीय प्रेरण के नियमों को समझाइए।
Answer:
🔵 फैराडे का प्रथम नियम:
➡️ जब किसी परिपथ में चुम्बकीय फ्लक्स (Φ) में परिवर्तन होता है, तो उसमें एक प्रेरित वैधुत बल (e.m.f.) उत्पन्न होता है।
➡️ यदि परिपथ बंद है तो प्रेरित धारा प्रवाहित होती है।
🟢 फैराडे का द्वितीय नियम:
➡️ प्रेरित e.m.f. का परिमाण उस दर के समानुपाती होता है, जिससे फ्लक्स में परिवर्तन होता है।
✏️ सूत्र: e = −dΦ/dt
💡 ऋण चिह्न का अर्थ: यह लेन्ज के नियम का प्रतीक है, जो बताता है कि प्रेरित धारा सदैव फ्लक्स परिवर्तन का विरोध करती है।
🌿 महत्त्व:
✔️ यही सिद्धान्त विद्युत जनित्र (Generator) और ट्रांसफार्मर के कार्य का आधार है।

Question 29. प्रेरक (Inductor) में संचित ऊर्जा का व्यंजक सिद्ध कीजिए।
Answer:
मान लीजिए किसी प्रेरक में धारा I प्रवाहित हो रही है।
जब धारा बढ़ती है तो उसमें प्रेरित e.m.f. उत्पन्न होती है:
e = L(dI/dt)
प्रेरित e.m.f. के विरुद्ध धारा स्थापित करने हेतु किया गया कार्य:
dW = e·I·dt = L I (dI/dt)·dt = L I·dI
अब कुल कार्य (0 से I तक):
W = ∫₀ᴵ L I·dI = (1/2) L I²
💡 यही कार्य प्रेरक में संग्रहित ऊर्जा के रूप में संग्रहित होता है।
✔️ अतः:
U = (1/2) L I²
➡️ यह ऊर्जा चुंबकीय क्षेत्र में संग्रहित रहती है।

Question 30. लेन्ज के नियम को समझाइए और सिद्ध कीजिए कि यह ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त के अनुरूप है।
Answer:
💡 लेन्ज का नियम: प्रेरित धारा की दिशा सदैव ऐसी होती है कि वह उत्पन्न करने वाले कारण का विरोध करे।
🌿 व्याख्या:
यदि किसी कुंडली के पास चुंबक का उत्तर ध्रुव पास लाया जाए, तो कुंडली का पास वाला सिरा भी उत्तर ध्रुव बन जाता है, जिससे वह चुंबक को प्रतिकर्षित करता है।
✏️ सिद्धान्तिक दृष्टिकोण से:
➡️ यह विरोधात्मक क्रिया ऊर्जा संरक्षण को सुनिश्चित करती है।
➡️ प्रेरित धारा द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र बाहरी कार्य के विरुद्ध बल उत्पन्न करता है, जिससे कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है।
✔️ निष्कर्ष:
लेन्ज का नियम सीधे-सीधे ऊर्जा संरक्षण का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

Question 31. एड्डी धाराओं (Eddy Currents) की व्याख्या कीजिए और उनके दो व्यावहारिक उपयोग लिखिए।
Answer:
➡️ जब किसी ठोस चालक में चुम्बकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तो चालक के भीतर वृत्ताकार धारा उत्पन्न होती है जिन्हें एड्डी धाराएँ कहते हैं।
➡️ ये धारा ऊष्मा उत्पन्न करती हैं जिससे ऊर्जा की हानि होती है।
💡 उदाहरण:
✔️ विद्युत ब्रेकों में,
✔️ ऊर्जा मीटरों में,
✔️ चुंबकीय मंदक में,
✔️ धातुओं की गुणवत्ता जाँच में।
🌿 हानि घटाने हेतु: ठोस लौह कोर को पतली इन्सुलेट परतों (laminations) में काटा जाता है।

🧠 Section E : अनुप्रयोग / केस आधारित प्रश्न (Q32–Q33)
Question 32. एक चालक लंबाई l = 0.5 m, चुंबकीय क्षेत्र B = 0.4 T में वेग v = 6 m/s से लंबवत गति करता है।
प्रेरित वैधुत बल ज्ञात कीजिए।
Answer:
सूत्र: e = B·l·v
अब,
e = 0.4 × 0.5 × 6
➡️ e = 1.2 V
✔️ अतः प्रेरित वैधुत बल = 1.2 वोल्ट
💡 दिशा ज्ञात करने हेतु: फ्लेमिंग का दाएँ हाथ का नियम प्रयोग किया जाएगा।

Question 33. किसी परिपथ में L = 2 H और R = 10 Ω है। बैटरी वोल्टेज E = 20 V है।
(i) धारा का समीकरण लिखिए।
(ii) अधिकतम धारा एवं समय नियतांक ज्ञात कीजिए।
Answer:
(i) प्रेरक परिपथ में धारा का समीकरण:
I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
(ii) अधिकतम धारा:
I₀ = E / R = 20 / 10 = 2 A
समय नियतांक (τ):
τ = L / R = 2 / 10 = 0.2 s
✔️ अतः धारा का समीकरण:
I = 2(1 − e^(−t/0.2)) A
💡 यह दर्शाता है कि प्रेरक में धारा धीरे-धीरे बढ़ती है और समय के साथ 2 A तक पहुँचती है।

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Neet पिछले सालों के प्रश्न

Q1. किसी परिपथ में चुम्बकीय फ्लक्स बदलने पर उत्पन्न होता है —
🔵 (A) स्थिर धारा
🟢 (B) प्रेरित वैधुत बल
🟠 (C) ताप
🔴 (D) विद्युत अपघटन
✔️ उत्तर: (B) प्रेरित वैधुत बल
(NEET 2024 | Shift 1)

Q2. फैराडे के नियम के अनुसार प्रेरित वैधुत बल का परिमाण है —
🔵 (A) e = dΦ/dt
🟢 (B) e = −dΦ/dt
🟠 (C) e = I·R
🔴 (D) e = Φ/t
✔️ उत्तर: (B) e = −dΦ/dt
(NEET 2023 | Shift 2)

Q3. लेन्ज का नियम किस सिद्धान्त का परिणाम है?
🔵 (A) संवेग संरक्षण
🟢 (B) ऊर्जा संरक्षण
🟠 (C) आवेश संरक्षण
🔴 (D) द्रव्यमान संरक्षण
✔️ उत्तर: (B) ऊर्जा संरक्षण
(NEET 2022)

Q4. गतिज प्रेरण में e.m.f. का सूत्र है —
🔵 (A) e = B·l·v
🟢 (B) e = B/v
🟠 (C) e = v/l
🔴 (D) e = B·l/v
✔️ उत्तर: (A) e = B·l·v
(NEET 2021)

Q5. चुम्बकीय फ्लक्स Φ = B·A·cosθ है। यदि θ = 90°, तो Φ का मान —
🔵 (A) अधिकतम
🟢 (B) शून्य
🟠 (C) न्यूनतम पर शून्य नहीं
🔴 (D) B·A
✔️ उत्तर: (B) शून्य
(NEET 2020)

Q6. किसी कुंडली में धारा बढ़ाने पर उसकी स्वयं प्रेरित e.m.f. की दिशा होगी —
🔵 (A) धारा की दिशा में
🟢 (B) धारा के विपरीत
🟠 (C) यादृच्छिक
🔴 (D) शून्य
✔️ उत्तर: (B) धारा के विपरीत
(NEET 2019)

Q7. स्वप्रेरकत्व (L) की SI इकाई है —
🔵 (A) वेबर
🟢 (B) हेनरी
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) वोल्ट
✔️ उत्तर: (B) हेनरी
(NEET 2018)

Q8. पारस्परिक प्रेरण में प्रेरित e.m.f. का सही व्यंजक है —
🔵 (A) e₂ = −L(dI₂/dt)
🟢 (B) e₂ = −M(dI₁/dt)
🟠 (C) e₂ = −R(dI₂/dt)
🔴 (D) e₂ = +M(dI₂/dt)
✔️ उत्तर: (B) e₂ = −M(dI₁/dt)
(NEET 2017)

Q9. फ्लेमिंग का दाएँ हाथ का नियम बताता है —
🔵 (A) बल की दिशा
🟢 (B) प्रेरित धारा की दिशा
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र का मान
🔴 (D) प्रतिरोध का मान
✔️ उत्तर: (B) प्रेरित धारा की दिशा
(NEET 2016)

Q10. प्रेरक में संग्रहित ऊर्जा का सूत्र है —
🔵 (A) U = L I
🟢 (B) U = (1/2)L I²
🟠 (C) U = I²/L
🔴 (D) U = L² I
✔️ उत्तर: (B) U = (1/2)L I²
(NEET 2015)

Q11. यदि B = 0.5 T, l = 0.4 m और v = 10 m/s, तो e = ?
🔵 (A) 2 V
🟢 (B) 1 V
🟠 (C) 4 V
🔴 (D) 0.2 V
✔️ उत्तर: (A) 2 V
(NEET 2021)

Q12. किसी प्रेरक परिपथ में धारा का वृद्धि-विक्रिया समीकरण है —
🔵 (A) I = I₀ e^(−Rt/L)
🟢 (B) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
🟠 (C) I = I₀(1 + e^(−Rt/L))
🔴 (D) I = I₀ e^(Rt/L)
✔️ उत्तर: (B) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
(NEET 2019)

Q13. किसी प्रेरक परिपथ में धारा का क्षय समीकरण है —
🔵 (A) I = I₀ e^(−Rt/L)
🟢 (B) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
🟠 (C) I = I₀ e^(Rt/L)
🔴 (D) I = I₀(1 + e^(−Rt/L))
✔️ उत्तर: (A) I = I₀ e^(−Rt/L)
(NEET 2018)

Q14. समय नियतांक (τ) का सही संबंध है —
🔵 (A) τ = R/L
🟢 (B) τ = L/R
🟠 (C) τ = L·R
🔴 (D) τ = 1/(LR)
✔️ उत्तर: (B) τ = L/R
(NEET 2017)

Q15. एड्डी धाराएँ उत्पन्न होती हैं —
🔵 (A) कुंडली के बाहर
🟢 (B) ठोस चालक के भीतर
🟠 (C) बैटरी में
🔴 (D) शून्य में
✔️ उत्तर: (B) ठोस चालक के भीतर
(NEET 2016)

Q16. एड्डी धाराओं की हानि कम करने हेतु किया जाता है —
🔵 (A) चालक को गरम करना
🟢 (B) ठोस लौह को परतदार बनाना
🟠 (C) क्षेत्र बढ़ाना
🔴 (D) धारा बढ़ाना
✔️ उत्तर: (B) ठोस लौह को परतदार बनाना
(NEET 2015)

Q17. स्वप्रेरण की दिशा निर्धारित होती है —
🔵 (A) ओम के नियम से
🟢 (B) लेन्ज के नियम से
🟠 (C) किरचॉफ के नियम से
🔴 (D) न्यूटन के नियम से
✔️ उत्तर: (B) लेन्ज के नियम से
(NEET 2023)

Q18. किसी कुंडली का L बढ़ाने हेतु क्या किया जाए?
🔵 (A) कुंडलों की संख्या घटाएँ
🟢 (B) माध्यम की पारगम्यता घटाएँ
🟠 (C) कुंडलों की संख्या व क्षेत्रफल बढ़ाएँ
🔴 (D) कुंडली की लंबाई बढ़ाएँ और N घटाएँ
✔️ उत्तर: (C) कुंडलों की संख्या व क्षेत्रफल बढ़ाएँ
(NEET 2022)

Q19. प्रेरक अभिक्रिया का व्यंजक है —
🔵 (A) X_L = L/f
🟢 (B) X_L = 2πfL
🟠 (C) X_L = f/L
🔴 (D) X_L = L²f
✔️ उत्तर: (B) X_L = 2πfL
(NEET 2021)

Q20. किसी कुंडली में e = −L(dI/dt) में − चिह्न इंगित करता है —
🔵 (A) ओम का नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) किरचॉफ का नियम
🔴 (D) गॉस का नियम
✔️ उत्तर: (B) लेन्ज का नियम
(NEET 2019)

Q21. यदि एक चालक क्षेत्र B में समानांतर गति करे तो प्रेरित e.m.f. —
🔵 (A) अधिकतम
🟢 (B) शून्य
🟠 (C) आधी
🔴 (D) दोगुनी
✔️ उत्तर: (B) शून्य
(NEET 2018)

Q22. किसी परिपथ में पारस्परिक प्रेरण M का मात्रक —
🔵 (A) वेबर
🟢 (B) हेनरी
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) न्यूटन
✔️ उत्तर: (B) हेनरी
(NEET 2017)

Q23. L, N, A, l में स्वप्रेरकत्व का सही संबंध —
🔵 (A) L = μ N² A / l
🟢 (B) L = μ N A / l
🟠 (C) L = μ A / Nl
🔴 (D) L = μ l / N²A
✔️ उत्तर: (A) L = μ N² A / l
(NEET 2016)

Q24. फैराडे की रिंग प्रयोग में गैल्वेनोमीटर विचलन दिखाई देता है —
🔵 (A) स्विच बंद/खुलते समय
🟢 (B) स्विच स्थिर बंद रहने पर
🟠 (C) बैटरी हटाने पर
🔴 (D) कभी नहीं
✔️ उत्तर: (A) स्विच बंद/खुलते समय
(NEET 2015)

Q25. e = −dΦ/dt में Φ बढ़ रहा हो (dΦ/dt > 0), तो प्रेरित धारा —
🔵 (A) Φ को और बढ़ाती है
🟢 (B) Φ के परिवर्तन का विरोध करती है
🟠 (C) दिशा अनिश्चित
🔴 (D) शून्य
✔️ उत्तर: (B) Φ के परिवर्तन का विरोध करती है
(NEET 2020)

Q26. प्रेरण धारा की दिशा ज्ञात करने का नियम है —
🔵 (A) फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) फैराडे का दूसरा नियम
🔴 (D) किरचॉफ का दूसरा नियम
✔️ उत्तर: (B) लेन्ज का नियम
(NEET 2024 | Shift 2)

Q27. प्रेरक परिपथ में प्रेरित e.m.f. का कारण है —
🔵 (A) चुंबकीय बल
🟢 (B) फ्लक्स का परिवर्तन
🟠 (C) ताप का परिवर्तन
🔴 (D) प्रतिरोध
✔️ उत्तर: (B) फ्लक्स का परिवर्तन
(NEET 2023)

Q28. लेन्ज का नियम व्यावहारिक रूप से बताता है —
🔵 (A) ओम का नियम
🟢 (B) ऊर्जा संरक्षण
🟠 (C) आवेश संरक्षण
🔴 (D) बल संरक्षण
✔️ उत्तर: (B) ऊर्जा संरक्षण
(NEET 2022)

Q29. फैराडे का नियम लागू होता है —
🔵 (A) केवल स्थिर चुंबकीय क्षेत्र पर
🟢 (B) बदलते चुंबकीय क्षेत्र पर
🟠 (C) स्थिर धारा पर
🔴 (D) किसी पर नहीं
✔️ उत्तर: (B) बदलते चुंबकीय क्षेत्र पर
(NEET 2021)

Q30. यदि Φ समय के साथ घट रहा है, तो प्रेरित धारा —
🔵 (A) Φ को और घटाएगी
🟢 (B) Φ को बढ़ाने का प्रयास करेगी
🟠 (C) शून्य होगी
🔴 (D) दिशा बदलेगी
✔️ उत्तर: (B) Φ को बढ़ाने का प्रयास करेगी
(NEET 2020)

Q31. गतिज प्रेरण e = B·l·v में e का मान अधिकतम कब होगा?
🔵 (A) जब l, B और v परस्पर लंबवत हों
🟢 (B) जब B और v समानांतर हों
🟠 (C) जब θ = 0°
🔴 (D) जब v = 0
✔️ उत्तर: (A) जब l, B और v परस्पर लंबवत हों
(NEET 2019)

Q32. किसी चालक में उत्पन्न प्रेरित e.m.f. का कारण क्या है?
🔵 (A) धारा
🟢 (B) फ्लक्स परिवर्तन
🟠 (C) क्षेत्र की समानता
🔴 (D) ताप
✔️ उत्तर: (B) फ्लक्स परिवर्तन
(NEET 2018)

Q33. यदि किसी प्रेरक परिपथ का L = 2 H और R = 10 Ω हो, तो समय नियतांक τ = ?
🔵 (A) 0.2 s
🟢 (B) 5 s
🟠 (C) 20 s
🔴 (D) 0.1 s
✔️ उत्तर: (A) 0.2 s
(NEET 2017)

Q34. प्रेरकत्व पर निर्भर करता है —
🔵 (A) कुंडली की लंबाई पर
🟢 (B) कुंडली की कुंडलों की संख्या पर
🟠 (C) क्षेत्रफल पर
🔴 (D) उपर्युक्त सभी
✔️ उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी
(NEET 2016)

Q35. e = −L(dI/dt) में ऋण चिह्न किसका सूचक है?
🔵 (A) ओम का नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) फैराडे का पहला नियम
🔴 (D) ऊर्जा संरक्षण
✔️ उत्तर: (B) लेन्ज का नियम
(NEET 2015)

Q36. चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक है —
🔵 (A) टेस्ला
🟢 (B) वेबर
🟠 (C) हेनरी
🔴 (D) न्यूटन
✔️ उत्तर: (B) वेबर
(AIPMT 2014)

Q37. यदि किसी चालक में 1 T क्षेत्र में 1 m/s की गति से 1 m लंबाई का चालक चलता है, तो e = ?
🔵 (A) 1 V
🟢 (B) 0.5 V
🟠 (C) 2 V
🔴 (D) 0 V
✔️ उत्तर: (A) 1 V
(AIPMT 2013)

Q38. स्वप्रेरकत्व (L) बढ़ाने के लिए आवश्यक है —
🔵 (A) क्षेत्रफल घटाना
🟢 (B) कुंडलों की संख्या बढ़ाना
🟠 (C) पारगम्यता घटाना
🔴 (D) लंबाई बढ़ाना
✔️ उत्तर: (B) कुंडलों की संख्या बढ़ाना
(AIPMT 2012)

Q39. प्रेरक अभिक्रिया (X_L) का सूत्र है —
🔵 (A) X_L = 2πfL
🟢 (B) X_L = f/L
🟠 (C) X_L = L/f
🔴 (D) X_L = 1/2πfL
✔️ उत्तर: (A) X_L = 2πfL
(AIPMT 2011)

Q40. प्रेरक में संचित ऊर्जा किसमें रहती है?
🔵 (A) विद्युत क्षेत्र में
🟢 (B) चुंबकीय क्षेत्र में
🟠 (C) तापीय ऊर्जा के रूप में
🔴 (D) स्थैतिक ऊर्जा में
✔️ उत्तर: (B) चुंबकीय क्षेत्र में
(AIPMT 2010)

Q41. एड्डी धाराएँ किस कारण से उत्पन्न होती हैं?
🔵 (A) ताप परिवर्तन
🟢 (B) फ्लक्स परिवर्तन
🟠 (C) प्रतिरोध परिवर्तन
🔴 (D) घनत्व परिवर्तन
✔️ उत्तर: (B) फ्लक्स परिवर्तन
(AIPMT 2009)

Q42. एड्डी धाराओं को घटाने हेतु कौन-सा उपाय किया जाता है?
🔵 (A) लौह को ठंडा करना
🟢 (B) लौह को पतली परतों में काटना
🟠 (C) ताप बढ़ाना
🔴 (D) चुंबकीय क्षेत्र घटाना
✔️ उत्तर: (B) लौह को पतली परतों में काटना
(AIPMT 2008)

Q43. फैराडे का नियम किन पर लागू होता है?
🔵 (A) केवल कुंडली पर
🟢 (B) किसी भी चालक पर
🟠 (C) केवल ठोस पदार्थों पर
🔴 (D) केवल स्थायी चुंबक पर
✔️ उत्तर: (B) किसी भी चालक पर
(AIPMT 2007)

Q44. चुंबकीय फ्लक्स बदलने की दर 2 Wb/s है, प्रेरित e.m.f. का परिमाण होगा —
🔵 (A) 2 V
🟢 (B) 1 V
🟠 (C) 4 V
🔴 (D) 0 V
✔️ उत्तर: (A) 2 V
(AIPMT 2006)

Q45. e = −L(dI/dt) में L का मान बढ़ाने हेतु —
🔵 (A) लंबाई बढ़ाएँ
🟢 (B) कुंडलियाँ बढ़ाएँ
🟠 (C) क्षेत्रफल घटाएँ
🔴 (D) पारगम्यता घटाएँ
✔️ उत्तर: (B) कुंडलियाँ बढ़ाएँ
(AIPMT 2005)

Q46. प्रेरक (Inductor) में e.m.f. किस कारण से उत्पन्न होती है?
🔵 (A) ताप परिवर्तन
🟢 (B) धारा के परिवर्तन से
🟠 (C) प्रतिरोध के परिवर्तन से
🔴 (D) क्षेत्रफल परिवर्तन से
✔️ उत्तर: (B) धारा के परिवर्तन से
(AIPMT 2004)

Q47. प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करने का नियम —
🔵 (A) दाएँ हाथ का नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) बाएँ हाथ का नियम
🔴 (D) ओम का नियम
✔️ उत्तर: (B) लेन्ज का नियम
(AIPMT 2003)

Q48. प्रेरण e.m.f. का मान अधिकतम कब होगा?
🔵 (A) जब फ्लक्स की दर अधिकतम हो
🟢 (B) जब धारा स्थिर हो
🟠 (C) जब क्षेत्र शून्य हो
🔴 (D) जब कोण 90° हो
✔️ उत्तर: (A) जब फ्लक्स की दर अधिकतम हो
(AIPMT 2002)

Q49. किसी परिपथ में प्रेरकत्व 0.5 H और धारा परिवर्तन दर 4 A/s है। प्रेरित e.m.f. = ?
🔵 (A) 1 V
🟢 (B) 2 V
🟠 (C) 0.5 V
🔴 (D) 4 V
✔️ उत्तर: (B) 2 V
(AIPMT 2001)

Q50. किसी कुंडली में प्रेरित e.m.f. 5 V है, यदि फ्लक्स परिवर्तन दर आधी कर दी जाए तो e.m.f. होगा —
🔵 (A) 2.5 V
🟢 (B) 5 V
🟠 (C) 10 V
🔴 (D) 0 V
✔️ उत्तर: (A) 2.5 V
(AIPMT 2000)

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JEE MAINS पिछले सालों के प्रश्न

Q1. किसी परिपथ में चुम्बकीय फ्लक्स के परिवर्तन से उत्पन्न होता है —
🔵 (A) स्थिर धारा
🟢 (B) प्रेरित वैधुत बल
🟠 (C) विद्युत अपघटन
🔴 (D) ऊष्मा
✔️ उत्तर: (B) प्रेरित वैधुत बल**
(JEE Main 2025 | Shift 1)

Q2. फैराडे के नियम के अनुसार प्रेरित e.m.f. का मान है —
🔵 (A) e = dΦ/dt
🟢 (B) e = −dΦ/dt
🟠 (C) e = I·R
🔴 (D) e = Φ/t
✔️ उत्तर: (B) e = −dΦ/dt**
(JEE Main 2025 | Shift 2)

Q3. लेन्ज का नियम किस नियम से सम्बद्ध है?
🔵 (A) संवेग संरक्षण
🟢 (B) ऊर्जा संरक्षण
🟠 (C) द्रव्यमान संरक्षण
🔴 (D) आवेश संरक्षण
✔️ उत्तर: (B) ऊर्जा संरक्षण**
(JEE Main 2024 | Shift 1)

Q4. गतिज प्रेरण का सूत्र है —
🔵 (A) e = B·l·v
🟢 (B) e = B/l·v
🟠 (C) e = B·l/v
🔴 (D) e = B + v
✔️ उत्तर: (A) e = B·l·v**
(JEE Main 2024 | Shift 2)

Q5. चुंबकीय फ्लक्स Φ = B·A·cosθ का मात्रक है —
🔵 (A) वेबर
🟢 (B) टेस्ला
🟠 (C) न्यूटन
🔴 (D) वोल्ट
✔️ उत्तर: (A) वेबर**
(JEE Main 2023)

Q6. जब किसी कुंडली में धारा घटाई जाती है, तो उसमें उत्पन्न e.m.f. —
🔵 (A) उसी दिशा में होती है
🟢 (B) विपरीत दिशा में होती है
🟠 (C) शून्य होती है
🔴 (D) स्थिर रहती है
✔️ उत्तर: (A) उसी दिशा में होती है**
(JEE Main 2023)

Q7. किसी कुंडली का स्वप्रेरकत्व बढ़ाने के लिए क्या किया जाए?
🔵 (A) कुंडली के कुंडल घटाएँ
🟢 (B) कुंडलों की संख्या बढ़ाएँ
🟠 (C) क्षेत्रफल घटाएँ
🔴 (D) माध्यम की पारगम्यता घटाएँ
✔️ उत्तर: (B) कुंडलों की संख्या बढ़ाएँ**
(JEE Main 2022)

Q8. प्रेरकत्व (L) की SI इकाई क्या है?
🔵 (A) हेनरी
🟢 (B) वेबर
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) एम्पीयर
✔️ उत्तर: (A) हेनरी**
(JEE Main 2021)

Q9. पारस्परिक प्रेरण का सूत्र है —
🔵 (A) e₂ = −M(dI₁/dt)
🟢 (B) e₂ = −L(dI₁/dt)
🟠 (C) e₂ = −M(dI₂/dt)
🔴 (D) e₂ = L(dI/dt)
✔️ उत्तर: (A) e₂ = −M(dI₁/dt)**
(JEE Main 2021)

Q10. फ्लेमिंग का दाएँ हाथ का नियम बताता है —
🔵 (A) बल की दिशा
🟢 (B) प्रेरित धारा की दिशा
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
🔴 (D) गति की दिशा
✔️ उत्तर: (B) प्रेरित धारा की दिशा**
(JEE Main 2020)

Q11. प्रेरक में संग्रहित ऊर्जा का सूत्र है —
🔵 (A) U = L I
🟢 (B) U = (1/2)L I²
🟠 (C) U = L² I
🔴 (D) U = I²/L
✔️ उत्तर: (B) U = (1/2)L I²**
(JEE Main 2020)

Q12. e = −L(dI/dt) में ऋण चिह्न किसका द्योतक है?
🔵 (A) ओम का नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) फैराडे का नियम
🔴 (D) चुंबकीय बल
✔️ उत्तर: (B) लेन्ज का नियम**
(JEE Main 2019)

Q13. यदि किसी परिपथ में L = 1 H और R = 1 Ω, तो समय नियतांक τ = ?
🔵 (A) 1 s
🟢 (B) 0.5 s
🟠 (C) 2 s
🔴 (D) 10 s
✔️ उत्तर: (A) 1 s**
(JEE Main 2019)

Q14. धारा के वृद्धि समीकरण के अनुसार I = I₀(1 − e^(−Rt/L)) में I₀ क्या है?
🔵 (A) क्षणिक धारा
🟢 (B) अधिकतम धारा
🟠 (C) औसत धारा
🔴 (D) न्यूनतम धारा
✔️ उत्तर: (B) अधिकतम धारा**
(JEE Main 2018)

Q15. एड्डी धाराएँ किस कारण से उत्पन्न होती हैं?
🔵 (A) ताप परिवर्तन
🟢 (B) फ्लक्स परिवर्तन
🟠 (C) आवेश प्रवाह
🔴 (D) प्रतिरोध परिवर्तन
✔️ उत्तर: (B) फ्लक्स परिवर्तन**
(JEE Main 2018)

Q16. एड्डी धारा की हानि को घटाने हेतु क्या किया जाता है?
🔵 (A) चालक को गरम किया जाता है
🟢 (B) ठोस लौह को परतदार बनाया जाता है
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र घटाया जाता है
🔴 (D) धारा बढ़ाई जाती है
✔️ उत्तर: (B) ठोस लौह को परतदार बनाया जाता है**
(JEE Main 2017)

Q17. प्रेरक अभिक्रिया (Inductive Reactance) का सूत्र है —
🔵 (A) X_L = ωL = 2πfL
🟢 (B) X_L = L/f
🟠 (C) X_L = f/L
🔴 (D) X_L = L²f
✔️ उत्तर: (A) X_L = ωL = 2πfL**
(JEE Main 2017)

Q18. प्रेरित e.m.f. अधिकतम कब होती है?
🔵 (A) जब फ्लक्स का परिवर्तन अधिकतम हो
🟢 (B) जब फ्लक्स स्थिर हो
🟠 (C) जब θ = 90°
🔴 (D) जब धारा न्यूनतम हो
✔️ उत्तर: (A) जब फ्लक्स का परिवर्तन अधिकतम हो**
(JEE Main 2016)

Q19. किसी प्रेरक परिपथ में धारा घटने का समीकरण —
🔵 (A) I = I₀ e^(−Rt/L)
🟢 (B) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
🟠 (C) I = I₀ e^(Rt/L)
🔴 (D) I = I₀(1 + e^(−Rt/L))
✔️ उत्तर: (A) I = I₀ e^(−Rt/L)**
(JEE Main 2016)

Q20. किसी प्रेरक परिपथ में ऊर्जा का भंडारण कहाँ होता है?
🔵 (A) विद्युत क्षेत्र में
🟢 (B) चुंबकीय क्षेत्र में
🟠 (C) यांत्रिक ऊर्जा में
🔴 (D) ऊष्मा में
✔️ उत्तर: (B) चुंबकीय क्षेत्र में**
(JEE Main 2015)

Q21. फैराडे की रिंग प्रयोग में गैल्वेनोमीटर विचलन कब होता है?
🔵 (A) स्विच बंद या खुलते समय
🟢 (B) परिपथ स्थिर रहने पर
🟠 (C) बैटरी निकालने पर
🔴 (D) कभी नहीं
✔️ उत्तर: (A) स्विच बंद या खुलते समय**
(JEE Main 2015)

Q22. स्वप्रेरण का सूत्र है —
🔵 (A) e = −L(dI/dt)
🟢 (B) e = −M(dI₁/dt)
🟠 (C) e = −R(dI/dt)
🔴 (D) e = L²(dI/dt)
✔️ उत्तर: (A) e = −L(dI/dt)**
(JEE Main 2014)

Q23. L = μN²A/l यह सम्बन्ध किसके लिए है?
🔵 (A) स्वप्रेरकत्व
🟢 (B) पारस्परिक प्रेरकत्व
🟠 (C) प्रेरक अभिक्रिया
🔴 (D) प्रेरित e.m.f.
✔️ उत्तर: (A) स्वप्रेरकत्व**
(JEE Main 2013)

Q24. यदि चुंबकीय फ्लक्स 4 Wb/s की दर से बदल रहा है, तो प्रेरित e.m.f. = ?
🔵 (A) 4 V
🟢 (B) 2 V
🟠 (C) 8 V
🔴 (D) 0 V
✔️ उत्तर: (A) 4 V**
(JEE Main 2012)

Q25. किसी प्रेरक परिपथ में समय नियतांक (τ) का व्यंजक है —
🔵 (A) τ = L/R
🟢 (B) τ = R/L
🟠 (C) τ = 1/(LR)
🔴 (D) τ = L·R
✔️ उत्तर: (A) τ = L/R**
(JEE Main 2011)

Q26. लेन्ज का नियम बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा होगी —
🔵 (A) फ्लक्स के परिवर्तन का विरोध करने वाली
🟢 (B) फ्लक्स को बढ़ाने वाली
🟠 (C) फ्लक्स को शून्य करने वाली
🔴 (D) क्षेत्र के समान
✔️ उत्तर: (A) फ्लक्स के परिवर्तन का विरोध करने वाली**
(JEE Main 2025 | Shift 1)

Q27. यदि Φ बढ़ता है, तो प्रेरित धारा की दिशा —
🔵 (A) Φ को बढ़ाने की
🟢 (B) Φ के विरोध की
🟠 (C) शून्य की
🔴 (D) दिशा नहीं बदलेगी
✔️ उत्तर: (B) Φ के विरोध की**
(JEE Main 2025 | Shift 2)

Q28. किसी प्रेरक परिपथ का समय नियतांक (τ) किस पर निर्भर करता है?
🔵 (A) L और R पर
🟢 (B) केवल L पर
🟠 (C) केवल R पर
🔴 (D) L² पर
✔️ उत्तर: (A) L और R पर**
(JEE Main 2024 | Shift 1)

Q29. किसी परिपथ में प्रेरित e.m.f. शून्य कब होगी?
🔵 (A) जब Φ स्थिर हो
🟢 (B) जब Φ बढ़े
🟠 (C) जब Φ घटे
🔴 (D) जब Φ अधिकतम हो
✔️ उत्तर: (A) जब Φ स्थिर हो**
(JEE Main 2024 | Shift 2)

Q30. e = B·l·v में e अधिकतम कब होगा?
🔵 (A) जब l, B, v परस्पर लंबवत हों
🟢 (B) जब B और v समानांतर हों
🟠 (C) जब θ = 0°
🔴 (D) जब θ = 180°
✔️ उत्तर: (A) जब l, B, v परस्पर लंबवत हों**
(JEE Main 2023)

Q31. किसी कुंडली में धारा बदलने से क्या उत्पन्न होता है?
🔵 (A) ऊष्मा
🟢 (B) प्रेरित वैधुत बल
🟠 (C) स्थायी चुंबकत्व
🔴 (D) ताप परिवर्तन
✔️ उत्तर: (B) प्रेरित वैधुत बल**
(JEE Main 2023)

Q32. प्रेरकत्व की SI इकाई क्या है?
🔵 (A) वेबर
🟢 (B) हेनरी
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) वोल्ट
✔️ उत्तर: (B) हेनरी**
(JEE Main 2022)

Q33. प्रेरक अभिक्रिया का सूत्र है —
🔵 (A) X_L = 2πfL
🟢 (B) X_L = L/f
🟠 (C) X_L = f/L
🔴 (D) X_L = 1/2πfL
✔️ उत्तर: (A) X_L = 2πfL**
(JEE Main 2021)

Q34. स्वप्रेरकत्व और पारस्परिक प्रेरकत्व का मात्रक समान है। वह है —
🔵 (A) वेबर
🟢 (B) हेनरी
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) एम्पीयर
✔️ उत्तर: (B) हेनरी**
(JEE Main 2021)

Q35. प्रेरक में ऊर्जा संग्रहित होती है —
🔵 (A) विद्युत क्षेत्र में
🟢 (B) चुंबकीय क्षेत्र में
🟠 (C) यांत्रिक ऊर्जा में
🔴 (D) ऊष्मा में
✔️ उत्तर: (B) चुंबकीय क्षेत्र में**
(JEE Main 2020)

Q36. e = −L(dI/dt) में ऋण चिह्न क्या दर्शाता है?
🔵 (A) ओम का नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) ऊर्जा संरक्षण
🔴 (D) फ्लक्स संरक्षण
✔️ उत्तर: (B) लेन्ज का नियम**
(JEE Main 2020)

Q37. यदि R = 10 Ω और L = 2 H, तो τ = ?
🔵 (A) 0.2 s
🟢 (B) 5 s
🟠 (C) 0.5 s
🔴 (D) 20 s
✔️ उत्तर: (A) 0.2 s**
(JEE Main 2019)

Q38. एड्डी धारा की हानि कम करने हेतु —
🔵 (A) लौह को ठंडा किया जाता है
🟢 (B) लौह को परतदार बनाया जाता है
🟠 (C) लौह को गर्म किया जाता है
🔴 (D) चुंबकीय क्षेत्र घटाया जाता है
✔️ उत्तर: (B) लौह को परतदार बनाया जाता है**
(JEE Main 2018)

Q39. प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करने का नियम है —
🔵 (A) फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) ओम का नियम
🔴 (D) किरचॉफ का नियम
✔️ उत्तर: (B) लेन्ज का नियम**
(JEE Main 2018)

Q40. फैराडे की रिंग प्रयोग में प्रेरण धारा कब उत्पन्न होती है?
🔵 (A) स्विच खोलते या बंद करते समय
🟢 (B) परिपथ स्थिर होने पर
🟠 (C) जब चुंबक स्थिर हो
🔴 (D) कभी नहीं
✔️ उत्तर: (A) स्विच खोलते या बंद करते समय**
(JEE Main 2017)

Q41. चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक है —
🔵 (A) टेस्ला
🟢 (B) वेबर
🟠 (C) हेनरी
🔴 (D) न्यूटन
✔️ उत्तर: (B) वेबर**
(JEE Main 2016)

Q42. यदि B = 0.5 T, l = 0.5 m, v = 8 m/s, तो e = ?
🔵 (A) 2 V
🟢 (B) 4 V
🟠 (C) 1 V
🔴 (D) 0 V
✔️ उत्तर: (A) 2 V**
(JEE Main 2016)

Q43. प्रेरित धारा का मान किस पर निर्भर करता है?
🔵 (A) फ्लक्स परिवर्तन की दर पर
🟢 (B) फ्लक्स के मान पर
🟠 (C) क्षेत्र की दिशा पर
🔴 (D) ताप पर
✔️ उत्तर: (A) फ्लक्स परिवर्तन की दर पर**
(JEE Main 2015)

Q44. स्वप्रेरण किससे सम्बन्धित है?
🔵 (A) एक ही कुंडली से
🟢 (B) दो कुंडलियों से
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र से
🔴 (D) बल से
✔️ उत्तर: (A) एक ही कुंडली से**
(JEE Main 2014)

Q45. पारस्परिक प्रेरण किससे सम्बन्धित है?
🔵 (A) एक ही कुंडली से
🟢 (B) दो कुंडलियों से
🟠 (C) धारा स्रोत से
🔴 (D) प्रतिरोध से
✔️ उत्तर: (B) दो कुंडलियों से**
(JEE Main 2013)

Q46. प्रेरक परिपथ में धारा का समीकरण —
🔵 (A) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
🟢 (B) I = I₀ e^(−Rt/L)
🟠 (C) I = I₀ e^(Rt/L)
🔴 (D) I = I₀(1 + e^(−Rt/L))
✔️ उत्तर: (A) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))**
(JEE Main 2013)

Q47. e = −L(dI/dt) में L का मान दोगुना किया जाए तो e —
🔵 (A) दोगुना होगा
🟢 (B) आधा होगा
🟠 (C) अपरिवर्तित रहेगा
🔴 (D) शून्य होगा
✔️ उत्तर: (A) दोगुना होगा**
(JEE Main 2012)

Q48. प्रेरकत्व L पर निर्भर करता है —
🔵 (A) कुंडलों की संख्या पर
🟢 (B) कुंडली की लंबाई पर
🟠 (C) माध्यम की पारगम्यता पर
🔴 (D) उपर्युक्त सभी पर
✔️ उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी पर**
(JEE Main 2011)

Q49. e = −N(dΦ/dt) में N का अर्थ है —
🔵 (A) कुंडलियों की संख्या
🟢 (B) धारा का मान
🟠 (C) क्षेत्र की तीव्रता
🔴 (D) फ्लक्स का मान
✔️ उत्तर: (A) कुंडलियों की संख्या**
(JEE Main 2010)

Q50. प्रेरण के सिद्धान्त का उपयोग कहाँ होता है?
🔵 (A) जनित्र में
🟢 (B) मोटर में
🟠 (C) ट्रांसफार्मर में
🔴 (D) उपर्युक्त सभी में
✔️ उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी में**
(JEE Main 2009)

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JEE ADVANCED पिछले सालों के प्रश्न

Q1. किसी परिपथ में यदि चुंबकीय फ्लक्स समय के साथ स्थिर है, तो प्रेरित e.m.f. होगी —
🔵 (A) शून्य
🟢 (B) अधिकतम
🟠 (C) न्यूनतम
🔴 (D) अनंत
✔️ उत्तर: (A) शून्य**
(JEE Advanced 2024 | Paper 1)

Q2. यदि किसी चालक की गति चुंबकीय क्षेत्र के समान दिशा में है, तो प्रेरित e.m.f. = ?
🔵 (A) अधिकतम
🟢 (B) शून्य
🟠 (C) ऋणात्मक
🔴 (D) धनात्मक
✔️ उत्तर: (B) शून्य**
(JEE Advanced 2024 | Paper 1)

Q3. फैराडे का दूसरा नियम बताता है कि —
🔵 (A) प्रेरित e.m.f. चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के समानुपाती है
🟢 (B) प्रेरित धारा फ्लक्स के समानुपाती है
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र स्थिर होता है
🔴 (D) फ्लक्स और e.m.f. असंबंधित हैं
✔️ उत्तर: (A) प्रेरित e.m.f. चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के समानुपाती है**
(JEE Advanced 2023 | Paper 1)

Q4. लेन्ज का नियम किसका प्रत्यक्ष परिणाम है?
🔵 (A) ओम का नियम
🟢 (B) ऊर्जा संरक्षण का नियम
🟠 (C) आवेश संरक्षण का नियम
🔴 (D) संवेग संरक्षण का नियम
✔️ उत्तर: (B) ऊर्जा संरक्षण का नियम**
(JEE Advanced 2023 | Paper 1)

Q5. किसी कुंडली में प्रेरित e.m.f. उत्पन्न होगी जब —
🔵 (A) चुंबकीय फ्लक्स बदले
🟢 (B) कुंडली स्थिर हो
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र समान रहे
🔴 (D) कोई गति न हो
✔️ उत्तर: (A) चुंबकीय फ्लक्स बदले**
(JEE Advanced 2022 | Paper 1)

Q6. e = B·l·v sinθ के अनुसार e.m.f. अधिकतम होगी जब —
🔵 (A) θ = 0°
🟢 (B) θ = 90°
🟠 (C) θ = 45°
🔴 (D) θ = 180°
✔️ उत्तर: (B) θ = 90°**
(JEE Advanced 2022 | Paper 1)

Q7. e = −L(dI/dt) में L की इकाई है —
🔵 (A) हेनरी
🟢 (B) वेबर
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) न्यूटन
✔️ उत्तर: (A) हेनरी**
(JEE Advanced 2021 | Paper 1)

Q8. यदि किसी प्रेरक परिपथ में L = 4 H और R = 20 Ω है, तो τ = ?
🔵 (A) 0.2 s
🟢 (B) 0.4 s
🟠 (C) 0.1 s
🔴 (D) 0.8 s
✔️ उत्तर: (B) 0.2 s**
(JEE Advanced 2021 | Paper 1)

Q9. किसी चालक की गति में वृद्धि होने पर प्रेरित e.m.f. —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) बढ़ती है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहती है
🔴 (D) शून्य हो जाती है
✔️ उत्तर: (B) बढ़ती है**
(JEE Advanced 2020 | Paper 1)

Q10. एड्डी धाराएँ उत्पन्न होती हैं —
🔵 (A) किसी ठोस चालक में फ्लक्स परिवर्तन से
🟢 (B) केवल तारों में
🟠 (C) केवल द्रवों में
🔴 (D) केवल चुंबकों में
✔️ उत्तर: (A) किसी ठोस चालक में फ्लक्स परिवर्तन से**
(JEE Advanced 2020 | Paper 1)

Q11. प्रेरक में ऊर्जा संग्रहीत होती है —
🔵 (A) विद्युत क्षेत्र में
🟢 (B) चुंबकीय क्षेत्र में
🟠 (C) ऊष्मीय रूप में
🔴 (D) स्थिर रूप में
✔️ उत्तर: (B) चुंबकीय क्षेत्र में**
(JEE Advanced 2019 | Paper 1)

Q12. Lenz के नियम में ऋण चिह्न का अर्थ है —
🔵 (A) प्रेरित e.m.f. फ्लक्स परिवर्तन के समान दिशा में होती है
🟢 (B) प्रेरित e.m.f. फ्लक्स परिवर्तन का विरोध करती है
🟠 (C) प्रेरित धारा शून्य होती है
🔴 (D) फ्लक्स स्थिर रहता है
✔️ उत्तर: (B) प्रेरित e.m.f. फ्लक्स परिवर्तन का विरोध करती है**
(JEE Advanced 2019 | Paper 1)

Q13. किसी परिपथ में चुंबकीय फ्लक्स का परिवर्तन अधिक होने पर —
🔵 (A) प्रेरित e.m.f. अधिक होगी
🟢 (B) प्रेरित e.m.f. घटेगी
🟠 (C) प्रेरित e.m.f. शून्य होगी
🔴 (D) कोई परिवर्तन नहीं होगा
✔️ उत्तर: (A) प्रेरित e.m.f. अधिक होगी**
(JEE Advanced 2018 | Paper 1)

Q14. प्रेरक परिपथ में धारा घटने का समीकरण है —
🔵 (A) I = I₀ e^(−Rt/L)
🟢 (B) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
🟠 (C) I = I₀ e^(Rt/L)
🔴 (D) I = I₀(1 + e^(−Rt/L))
✔️ उत्तर: (A) I = I₀ e^(−Rt/L)**
(JEE Advanced 2018 | Paper 1)

Q15. चुंबकीय फ्लक्स की SI इकाई है —
🔵 (A) हेनरी
🟢 (B) वेबर
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) न्यूटन
✔️ उत्तर: (B) वेबर**
(JEE Advanced 2017 | Paper 1)

Q16. किसी चालक में e = B·l·v से e.m.f. का उत्पन्न होना किस नियम पर आधारित है?
🔵 (A) फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) फैराडे का नियम
🔴 (D) ओम का नियम
✔️ उत्तर: (C) फैराडे का नियम**
(JEE Advanced 2017 | Paper 1)

Q17. स्वप्रेरण का कारण है —
🔵 (A) फ्लक्स परिवर्तन
🟢 (B) ताप
🟠 (C) दाब
🔴 (D) प्रतिरोध
✔️ उत्तर: (A) फ्लक्स परिवर्तन**
(JEE Advanced 2016 | Paper 1)

Q18. किसी कुंडली में चुंबकीय फ्लक्स में कमी होने पर प्रेरित e.m.f. की दिशा होगी —
🔵 (A) फ्लक्स को बढ़ाने वाली
🟢 (B) फ्लक्स को घटाने वाली
🟠 (C) फ्लक्स के समान
🔴 (D) शून्य
✔️ उत्तर: (A) फ्लक्स को बढ़ाने वाली**
(JEE Advanced 2024 | Paper 2)

Q19. यदि किसी चालक की लंबाई l और वेग v हो, तथा वह B क्षेत्र में चलता है, तो प्रेरित e.m.f. का परिमाण होगा —
🔵 (A) B·l·v
🟢 (B) B·v/l
🟠 (C) v·l/B
🔴 (D) B·l/v
✔️ उत्तर: (A) B·l·v**
(JEE Advanced 2023 | Paper 2)

Q20. फैराडे का दूसरा नियम दर्शाता है —
🔵 (A) e.m.f. = −dΦ/dt
🟢 (B) e.m.f. = Φ/t
🟠 (C) e.m.f. = B·A
🔴 (D) e.m.f. = 0
✔️ उत्तर: (A) e.m.f. = −dΦ/dt**
(JEE Advanced 2023 | Paper 2)

Q21. प्रेरक परिपथ में समय नियतांक का व्यंजक है —
🔵 (A) τ = L/R
🟢 (B) τ = R/L
🟠 (C) τ = L²/R
🔴 (D) τ = L·R
✔️ उत्तर: (A) τ = L/R**
(JEE Advanced 2022 | Paper 2)

Q22. प्रेरकत्व (L) की SI इकाई है —
🔵 (A) हेनरी
🟢 (B) वेबर
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) वोल्ट
✔️ उत्तर: (A) हेनरी**
(JEE Advanced 2022 | Paper 2)

Q23. e = −L(dI/dt) में ऋण चिह्न किसका संकेत है?
🔵 (A) ऊर्जा संरक्षण
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) ओम का नियम
🔴 (D) फ्लक्स वृद्धि
✔️ उत्तर: (B) लेन्ज का नियम**
(JEE Advanced 2021 | Paper 2)

Q24. किसी चालक में प्रेरित e.m.f. शून्य होगी यदि —
🔵 (A) गति क्षेत्र के समान दिशा में हो
🟢 (B) गति क्षेत्र के लम्बवत हो
🟠 (C) गति कोणीय हो
🔴 (D) चालक स्थिर हो
✔️ उत्तर: (A) गति क्षेत्र के समान दिशा में हो**
(JEE Advanced 2021 | Paper 2)

Q25. चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक है —
🔵 (A) हेनरी
🟢 (B) वेबर
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) न्यूटन
✔️ उत्तर: (B) वेबर**
(JEE Advanced 2020 | Paper 2)

Q26. यदि L = 2 H और dI/dt = 5 A/s, तो प्रेरित e.m.f. का मान होगा —
🔵 (A) 10 V
🟢 (B) 2.5 V
🟠 (C) 5 V
🔴 (D) 0.4 V
✔️ उत्तर: (A) 10 V**
(JEE Advanced 2020 | Paper 2)

Q27. स्वप्रेरण और पारस्परिक प्रेरण में क्या समानता है?
🔵 (A) दोनों का मात्रक समान है
🟢 (B) दोनों की दिशा समान है
🟠 (C) दोनों में ऊर्जा समान होती है
🔴 (D) दोनों का मान समान होता है
✔️ उत्तर: (A) दोनों का मात्रक समान है**
(JEE Advanced 2019 | Paper 2)

Q28. एड्डी धाराओं को घटाने हेतु किया जाता है —
🔵 (A) परतदार निर्माण
🟢 (B) ताप बढ़ाना
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र बढ़ाना
🔴 (D) चालक की मोटाई बढ़ाना
✔️ उत्तर: (A) परतदार निर्माण**
(JEE Advanced 2019 | Paper 2)

Q29. प्रेरित e.m.f. अधिकतम होती है जब —
🔵 (A) फ्लक्स परिवर्तन की दर अधिकतम हो
🟢 (B) फ्लक्स स्थिर हो
🟠 (C) θ = 0°
🔴 (D) कोई गति न हो
✔️ उत्तर: (A) फ्लक्स परिवर्तन की दर अधिकतम हो**
(JEE Advanced 2018 | Paper 2)

Q30. किसी कुंडली में प्रेरित e.m.f. उत्पन्न होती है जब —
🔵 (A) चुंबकीय क्षेत्र बदले
🟢 (B) धारा स्थिर हो
🟠 (C) चुंबक स्थिर रहे
🔴 (D) क्षेत्रफल स्थिर रहे
✔️ उत्तर: (A) चुंबकीय क्षेत्र बदले**
(JEE Advanced 2017 | Paper 2)

Q31. किसी चालक में e.m.f. उत्पन्न नहीं होगी जब —
🔵 (A) गति क्षेत्र के समान दिशा में हो
🟢 (B) गति लम्बवत हो
🟠 (C) क्षेत्र घटे
🔴 (D) क्षेत्र बढ़े
✔️ उत्तर: (A) गति क्षेत्र के समान दिशा में हो**
(JEE Advanced 2016 | Paper 2)

Q32. यदि किसी कुंडली में धारा को t सेकण्ड में I₀ से 0 तक घटाया जाए, तो औसत प्रेरित e.m.f. = ?
🔵 (A) L·(I₀/t)
🟢 (B) L·(t/I₀)
🟠 (C) I₀/L·t
🔴 (D) L²·t/I₀
✔️ उत्तर: (A) L·(I₀/t)**
(JEE Advanced 2015 | Paper 2)

Q33. प्रेरण का व्यावहारिक उपयोग है —
🔵 (A) ट्रांसफार्मर में
🟢 (B) विद्युत मोटर में
🟠 (C) जनित्र में
🔴 (D) उपर्युक्त सभी में
✔️ उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी में**
(JEE Advanced 2014 | Paper 2)

Q34. लेन्ज का नियम व्यावहारिक रूप से किस सिद्धान्त को दर्शाता है?
🔵 (A) ऊर्जा संरक्षण
🟢 (B) द्रव्यमान संरक्षण
🟠 (C) गति संरक्षण
🔴 (D) आवेश संरक्षण
✔️ उत्तर: (A) ऊर्जा संरक्षण**
(JEE Advanced 2013 | Paper 2)

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मॉडल प्रश्न पत्र, अभ्यास

भाग–I : NEET स्तर (मध्यम कठिनाई) — Q1 से Q20
Q1. फैराडे का प्रेरण का नियम किससे सम्बंधित है?
🔵 (A) विद्युत धारा और विभवांतर
🟢 (B) चुंबकीय फ्लक्स और प्रेरित वैधुत बल
🟠 (C) दाब और ताप
🔴 (D) संवेग और बल
Answer: (B) [चुंबकीय फ्लक्स और प्रेरित वैधुत बल]

Q2. किसी चालक में चुंबकीय फ्लक्स बदलने पर उत्पन्न होता है —
🔵 (A) ताप
🟢 (B) प्रेरित वैधुत बल
🟠 (C) प्रकाश
🔴 (D) कोई प्रभाव नहीं
Answer: (B) [प्रेरित वैधुत बल]

Q3. प्रेरित e.m.f. का सूत्र है —
🔵 (A) e = −dΦ/dt
🟢 (B) e = Φ/t
🟠 (C) e = I·R
🔴 (D) e = q/t
Answer: (A) [e = −dΦ/dt]

Q4. यदि चुंबकीय फ्लक्स स्थिर हो तो प्रेरित e.m.f. = ?
🔵 (A) अधिकतम
🟢 (B) शून्य
🟠 (C) न्यूनतम
🔴 (D) ऋणात्मक
Answer: (B) [शून्य]

Q5. लेन्ज का नियम व्यावहारिक रूप से किस नियम को दर्शाता है?
🔵 (A) ऊर्जा संरक्षण
🟢 (B) संवेग संरक्षण
🟠 (C) द्रव्यमान संरक्षण
🔴 (D) बल संरक्षण
Answer: (A) [ऊर्जा संरक्षण]

Q6. चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक है —
🔵 (A) वेबर
🟢 (B) टेस्ला
🟠 (C) हेनरी
🔴 (D) न्यूटन
Answer: (A) [वेबर]

Q7. प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करने का नियम है —
🔵 (A) फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) ओम का नियम
🔴 (D) किरचॉफ का नियम
Answer: (B) [लेन्ज का नियम]

Q8. चुंबकीय फ्लक्स Φ = B·A·cosθ में अधिकतम मान कब होगा?
🔵 (A) θ = 0°
🟢 (B) θ = 90°
🟠 (C) θ = 180°
🔴 (D) θ = 45°
Answer: (A) [θ = 0°]

Q9. गतिज प्रेरण का सूत्र है —
🔵 (A) e = B·l·v
🟢 (B) e = B·v/l
🟠 (C) e = B·l/v
🔴 (D) e = l·v²
Answer: (A) [e = B·l·v]

Q10. प्रेरकत्व (L) का मात्रक है —
🔵 (A) हेनरी
🟢 (B) वेबर
🟠 (C) टेस्ला
🔴 (D) न्यूटन
Answer: (A) [हेनरी]

Q11. e = −L(dI/dt) में ऋण चिह्न दर्शाता है —
🔵 (A) ओम का नियम
🟢 (B) लेन्ज का नियम
🟠 (C) ऊर्जा संरक्षण
🔴 (D) फ्लक्स परिवर्तन
Answer: (B) [लेन्ज का नियम]

Q12. किसी प्रेरक परिपथ में संचित ऊर्जा का सूत्र है —
🔵 (A) U = (1/2)L·I²
🟢 (B) U = L·I
🟠 (C) U = I²/L
🔴 (D) U = L²·I
Answer: (A) [U = (1/2)L·I²]

Q13. किसी कुंडली में स्वप्रेरण उत्पन्न होने का कारण है —
🔵 (A) फ्लक्स परिवर्तन
🟢 (B) ताप परिवर्तन
🟠 (C) दाब
🔴 (D) गति
Answer: (A) [फ्लक्स परिवर्तन]

Q14. एड्डी धाराएँ उत्पन्न होती हैं —
🔵 (A) ठोस चालक में फ्लक्स परिवर्तन से
🟢 (B) किसी द्रव में
🟠 (C) केवल कुंडली में
🔴 (D) गैस में
Answer: (A) [ठोस चालक में फ्लक्स परिवर्तन से]

Q15. समय नियतांक (τ) = ?
🔵 (A) τ = L/R
🟢 (B) τ = R/L
🟠 (C) τ = 1/(L·R)
🔴 (D) τ = L²/R
Answer: (A) [τ = L/R]

Q16. प्रेरित धारा का मान निर्भर करता है —
🔵 (A) फ्लक्स परिवर्तन की दर पर
🟢 (B) फ्लक्स के परिमाण पर
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा पर
🔴 (D) परिपथ की लंबाई पर
Answer: (A) [फ्लक्स परिवर्तन की दर पर]

Q17. e = B·l·v sinθ अधिकतम कब होगा?
🔵 (A) θ = 90°
🟢 (B) θ = 0°
🟠 (C) θ = 180°
🔴 (D) θ = 60°
Answer: (A) [θ = 90°]

Q18. यदि चुंबकीय फ्लक्स घट रहा है, तो प्रेरित धारा —
🔵 (A) फ्लक्स को बढ़ाने की दिशा में होगी
🟢 (B) फ्लक्स को घटाने की दिशा में होगी
🟠 (C) शून्य होगी
🔴 (D) विपरीत दिशा में नहीं होगी
Answer: (A) [फ्लक्स को बढ़ाने की दिशा में होगी]

Q19. फ्लक्स परिवर्तन अधिकतम कब होगा?
🔵 (A) क्षेत्र और क्षेत्रफल परस्पर लम्बवत हों
🟢 (B) क्षेत्र स्थिर हो
🟠 (C) कोण 0° हो
🔴 (D) क्षेत्र न हो
Answer: (A) [क्षेत्र और क्षेत्रफल परस्पर लम्बवत हों]

Q20. प्रेरण का व्यावहारिक उपयोग है —
🔵 (A) ट्रांसफार्मर में
🟢 (B) जनित्र में
🟠 (C) विद्युत मोटर में
🔴 (D) उपर्युक्त सभी में
Answer: (D) [उपर्युक्त सभी में]

⚙️ भाग–II : JEE Main स्तर (उन्नत कठिनाई) — Q21 से Q25
Q21. यदि किसी परिपथ में L = 2 H और R = 10 Ω है, तो τ = ?
🔵 (A) 0.2 s
🟢 (B) 0.5 s
🟠 (C) 5 s
🔴 (D) 10 s
Answer: (A) [0.2 s]

Q22. प्रेरक परिपथ में धारा वृद्धि समीकरण है —
🔵 (A) I = I₀(1 − e^(−Rt/L))
🟢 (B) I = I₀ e^(−Rt/L)
🟠 (C) I = I₀ e^(Rt/L)
🔴 (D) I = I₀(1 + e^(−Rt/L))
Answer: (A) [I = I₀(1 − e^(−Rt/L))]

Q23. यदि चुंबकीय क्षेत्र 2 Wb/s की दर से बदलता है, तो e = ?
🔵 (A) 2 V
🟢 (B) 4 V
🟠 (C) 1 V
🔴 (D) 0 V
Answer: (A) [2 V]

Q24. स्वप्रेरण (L) बढ़ाने हेतु आवश्यक है —
🔵 (A) कुंडलों की संख्या बढ़ाना
🟢 (B) पारगम्यता घटाना
🟠 (C) क्षेत्रफल घटाना
🔴 (D) लंबाई बढ़ाना
Answer: (A) [कुंडलों की संख्या बढ़ाना]

Q25. प्रेरकत्व L पर निर्भर करता है —
🔵 (A) कुंडलों की संख्या पर
🟢 (B) क्षेत्रफल पर
🟠 (C) लंबाई पर
🔴 (D) उपर्युक्त सभी पर
Answer: (D) [उपर्युक्त सभी पर]

Q26. यदि किसी परिपथ में चुंबकीय फ्लक्स घटता है, तो प्रेरित धारा की दिशा होगी —
🔵 (A) फ्लक्स को बढ़ाने की
🟢 (B) फ्लक्स को घटाने की
🟠 (C) विपरीत दिशा में
🔴 (D) शून्य
Answer: (A) [फ्लक्स को बढ़ाने की]

Q27. प्रेरक परिपथ में e = −L(dI/dt) का प्रयोग कब मान्य है?
🔵 (A) केवल स्थिर धारा के लिए
🟢 (B) परिवर्ती धारा के लिए
🟠 (C) केवल दिष्ट धारा के लिए
🔴 (D) केवल खुली परिपथ में
Answer: (B) [परिवर्ती धारा के लिए]

Q28. यदि L = 2 H और dI/dt = 3 A/s, तो e = ?
🔵 (A) 6 V
🟢 (B) 2 V
🟠 (C) 0.5 V
🔴 (D) 1 V
Answer: (A) [6 V]

Q29. किसी कुंडली का स्वप्रेरण बढ़ाने हेतु क्या किया जाए?
🔵 (A) कुंडलों की संख्या बढ़ाई जाए
🟢 (B) क्षेत्रफल घटाया जाए
🟠 (C) माध्यम की पारगम्यता घटाई जाए
🔴 (D) कुंडली की लंबाई घटाई जाए
Answer: (A) [कुंडलों की संख्या बढ़ाई जाए]

Q30. चुंबकीय फ्लक्स परिवर्तन की दर दोगुनी करने पर प्रेरित e.m.f. —
🔵 (A) दोगुनी होगी
🟢 (B) आधी होगी
🟠 (C) समान रहेगी
🔴 (D) शून्य होगी
Answer: (A) [दोगुनी होगी]

Q31. प्रेरित धारा का मान किस पर निर्भर करता है?
🔵 (A) फ्लक्स परिवर्तन की दर पर
🟢 (B) परिपथ के क्षेत्रफल पर
🟠 (C) चुंबकीय क्षेत्र पर
🔴 (D) सभी पर
Answer: (D) [सभी पर]

Q32. यदि किसी चालक में B = 0.5 T, l = 0.2 m, v = 4 m/s हो, तो e = ?
🔵 (A) 0.4 V
🟢 (B) 0.2 V
🟠 (C) 0.1 V
🔴 (D) 1 V
Answer: (A) [0.4 V]

Q33. प्रेरक परिपथ में संचित ऊर्जा धारा के वर्ग के —
🔵 (A) समानुपाती
🟢 (B) व्युत्क्रमानुपाती
🟠 (C) असंबंधित
🔴 (D) वर्गमूल के समानुपाती
Answer: (A) [समानुपाती]

Q34. एड्डी धाराओं को कम करने का उपाय है —
🔵 (A) लौह को परतदार बनाना
🟢 (B) लौह को मोटा बनाना
🟠 (C) ताप बढ़ाना
🔴 (D) क्षेत्र बढ़ाना
Answer: (A) [लौह को परतदार बनाना]

Q35. फैराडे का दूसरा नियम किस भौतिक राशि से सम्बंधित है?
🔵 (A) चुंबकीय फ्लक्स
🟢 (B) विद्युत क्षेत्र
🟠 (C) धारा
🔴 (D) प्रतिरोध
Answer: (A) [चुंबकीय फ्लक्स]

Q36. चुंबकीय फ्लक्स की दर घटने पर प्रेरित धारा —
🔵 (A) फ्लक्स को बढ़ाने की दिशा में होगी
🟢 (B) फ्लक्स को घटाने की दिशा में होगी
🟠 (C) शून्य होगी
🔴 (D) यादृच्छिक होगी
Answer: (A) [फ्लक्स को बढ़ाने की दिशा में होगी]

Q37. स्वप्रेरण किस कुंडली में अधिक होता है?
🔵 (A) अधिक कुंडलों और बड़े क्षेत्रफल वाली
🟢 (B) कम कुंडलों वाली
🟠 (C) पतली कुंडली में
🔴 (D) खुली तार में
Answer: (A) [अधिक कुंडलों और बड़े क्षेत्रफल वाली]

Q38. प्रेरक अभिक्रिया (X_L) की SI इकाई है —
🔵 (A) ओम
🟢 (B) हेनरी
🟠 (C) वेबर
🔴 (D) टेस्ला
Answer: (A) [ओम]

Q39. X_L = 2πfL में X_L बढ़ाने हेतु —
🔵 (A) आवृत्ति f बढ़ाई जाए
🟢 (B) L घटाया जाए
🟠 (C) f घटाया जाए
🔴 (D) R बढ़ाया जाए
Answer: (A) [आवृत्ति f बढ़ाई जाए]

Q40. प्रेरण का नियम लागू नहीं होता —
🔵 (A) स्थिर फ्लक्स पर
🟢 (B) परिवर्ती फ्लक्स पर
🟠 (C) गतिशील चालक पर
🔴 (D) घूमती कुंडली पर
Answer: (A) [स्थिर फ्लक्स पर]

भाग–III : JEE Advanced स्तर (उच्चतम कठिनाई) — Q41 से Q50
Q41. e = −L(dI/dt) में L का मान दोगुना करने पर e —
🔵 (A) दोगुना होगा
🟢 (B) आधा होगा
🟠 (C) अपरिवर्तित रहेगा
🔴 (D) शून्य होगा
Answer: (A) [दोगुना होगा]

Q42. किसी चालक में e = B·l·v sinθ अधिकतम होगा जब —
🔵 (A) θ = 90°
🟢 (B) θ = 0°
🟠 (C) θ = 180°
🔴 (D) θ = 45°
Answer: (A) [θ = 90°]

Q43. लेन्ज का नियम बताता है कि —
🔵 (A) प्रेरित धारा फ्लक्स परिवर्तन का विरोध करती है
🟢 (B) प्रेरित धारा फ्लक्स को बढ़ाती है
🟠 (C) प्रेरित धारा स्थिर रहती है
🔴 (D) कोई नियम नहीं
Answer: (A) [प्रेरित धारा फ्लक्स परिवर्तन का विरोध करती है]

Q44. चुंबकीय फ्लक्स का परिवर्तन जितना अधिक होगा, e.m.f. —
🔵 (A) उतनी अधिक होगी
🟢 (B) उतनी कम होगी
🟠 (C) अपरिवर्तित रहेगी
🔴 (D) शून्य होगी
Answer: (A) [उतनी अधिक होगी]

Q45. एड्डी धाराओं से किस प्रकार की ऊर्जा उत्पन्न होती है?
🔵 (A) ऊष्मा
🟢 (B) प्रकाश
🟠 (C) ध्वनि
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) [ऊष्मा]

Q46. यदि Φ = 4 Wb और 0.01 s में घट जाए, तो e = ?
🔵 (A) 400 V
🟢 (B) 40 V
🟠 (C) 4 V
🔴 (D) 0.4 V
Answer: (A) [400 V]

Q47. यदि किसी कुंडली में धारा 2 A/s की दर से घट रही हो और L = 3 H हो, तो e = ?
🔵 (A) 6 V
🟢 (B) 3 V
🟠 (C) 1.5 V
🔴 (D) 0 V
Answer: (A) [6 V]

Q48. फैराडे का प्रेरण नियम प्रयोग होता है —
🔵 (A) ट्रांसफार्मर में
🟢 (B) मोटर में
🟠 (C) जनित्र में
🔴 (D) उपर्युक्त सभी में
Answer: (D) [उपर्युक्त सभी में]

Q49. चुंबकीय फ्लक्स परिवर्तन की दर यदि 0.1 Wb/s है और 100 कुंडलें हों, तो e = ?
🔵 (A) 10 V
🟢 (B) 1 V
🟠 (C) 0.01 V
🔴 (D) 100 V
Answer: (A) [10 V]

Q50. प्रेरण का सिद्धान्त निम्न में से किस यंत्र पर लागू होता है?
🔵 (A) दिष्ट वैधुत जनित्र
🟢 (B) परिवर्ती वैधुत जनित्र
🟠 (C) ट्रांसफार्मर
🔴 (D) उपर्युक्त सभी पर
Answer: (D) [उपर्युक्त सभी पर]

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