Class 12 : Physics (Hindi) – 12: परमाणु
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🔵 व्याख्या (Explanation)
🌟 परिचय
परमाणु भौतिकी उस शाखा का अध्ययन है जिसमें हम परमाणु की आंतरिक संरचना, ऊर्जा स्तरों, विकिरण तथा नाभिकीय प्रभावों का अध्ययन करते हैं। पहले यह माना जाता था कि परमाणु अविभाज्य है, परंतु आधुनिक प्रयोगों ने सिद्ध किया कि परमाणु कई उपकणों से बना है — जैसे इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन।
🟢 रदरफोर्ड का स्वर्ण पन्नी प्रयोग (Rutherford Gold Foil Experiment)
💡 उद्देश्य: परमाणु के अंदर आवेश वितरण का अध्ययन करना।
➡️ रदरफोर्ड ने अल्फा कण (He²⁺) को पतली स्वर्ण पन्नी पर दागा।
➡️ देखा गया कि —
🔹 अधिकांश कण बिना मुड़े सीधे निकल गए।
🔹 कुछ कण थोड़े कोण पर विक्षेपित हुए।
🔹 बहुत ही कम कण वापस लौटे।
💡 निष्कर्ष:
✔️ परमाणु का अधिकतर भाग रिक्त है।
✔️ समस्त धन आवेश और द्रव्यमान परमाणु के अत्यंत छोटे केंद्र यानी नाभिक में केंद्रित हैं।
✔️ इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर परिक्रमा करते हैं।
🔴 रदरफोर्ड मॉडल की सीमाएँ
✏️ रदरफोर्ड के अनुसार, इलेक्ट्रॉन वृत्ताकार पथ में नाभिक के चारों ओर घूमता है।
परंतु मैक्सवेल सिद्धांत के अनुसार गतिमान आवेश विकिरण उत्सर्जित करता है, जिससे ऊर्जा की हानि होती है।
➡️ फलस्वरूप इलेक्ट्रॉन नाभिक में गिर जाना चाहिए था।
⚠️ अतः रदरफोर्ड का मॉडल परमाणु की स्थिरता नहीं समझा सका।
🟡 बोर का परमाणु मॉडल (Bohr’s Atomic Model)
💡 मुख्य सिद्धांत:
इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित परिक्रमा पथों (स्थिर कक्षाओं) में ही घूम सकते हैं।
प्रत्येक कक्षा की निश्चित ऊर्जा होती है।
इलेक्ट्रॉन जब एक कक्षा से दूसरी में जाता है, तो ऊर्जा का अवशोषण या उत्सर्जन होता है —
➡️ E₂ − E₁ = hν
जहाँ h = प्लांक नियतांक, ν = विकिरण की आवृत्ति।
🧠 कक्षा की त्रिज्या और ऊर्जा स्तर (Radius and Energy Levels)
बोर ने हाइड्रोजन परमाणु के लिए निम्न समीकरण दिए —
🔵 त्रिज्या:
rₙ = n²h² / (4π²mₑe²k) = n²a₀
जहाँ a₀ = बोर त्रिज्या = 0.529 × 10⁻¹⁰ m
🟢 ऊर्जा स्तर:
Eₙ = − (13.6 eV) / n²
यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे n बढ़ता है, ऊर्जा कम ऋणात्मक होती है अर्थात् इलेक्ट्रॉन अधिक मुक्त होता जाता है।
⚡ ऊर्जा संक्रमण और स्पेक्ट्रम (Energy Transition and Spectrum)
जब इलेक्ट्रॉन ऊँचे स्तर से नीचे के स्तर पर आता है, तो वह विशिष्ट तरंगदैर्घ्य की किरण उत्सर्जित करता है।
जब वह नीचे से ऊपर के स्तर पर जाता है तो समान ऊर्जा अवशोषित करता है।
💡 स्पेक्ट्रम के दो प्रकार:
अवशोषण स्पेक्ट्रम — जब ऊर्जा ली जाती है।
उत्सर्जन स्पेक्ट्रम — जब ऊर्जा दी जाती है।
🌈 हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की श्रृंखलाएँ (Hydrogen Spectrum Series)
💡 हाइड्रोजन परमाणु की ऊर्जा संक्रमण से पाँच प्रमुख श्रृंखलाएँ बनती हैं —
🔹 लाइमैन श्रृंखला: n₂ → 1 (पराबैंगनी क्षेत्र)
🔹 बाल्मर श्रृंखला: n₂ → 2 (दृश्य क्षेत्र)
🔹 पास्चेन श्रृंखला: n₂ → 3 (अवरक्त क्षेत्र)
🔹 ब्रैकेट श्रृंखला: n₂ → 4 (अवरक्त क्षेत्र)
🔹 फंड श्रृंखला: n₂ → 5 (अवरक्त क्षेत्र)
तरंगदैर्घ्य का सामान्य सूत्र है —
1/λ = R_H (1/n₁² − 1/n₂²)
जहाँ R_H = 1.097 × 10⁷ m⁻¹
🟢 ऊर्जा का मात्रन (Quantization of Energy)
बोर के अनुसार, केवल वही कक्षाएँ स्थायी होती हैं जिनमें इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग पूर्णांक गुणक के रूप में h/2π हो।
➡️ mₑvₙrₙ = n(h/2π)
इससे पता चलता है कि इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा विविक्त (discrete) होती है, निरंतर नहीं।
🔵 परमाणु की स्थिरता (Stability of Atom)
चूँकि इलेक्ट्रॉन स्थायी ऊर्जा स्तरों में होता है और इन स्तरों में ऊर्जा का विकिरण नहीं करता, इसीलिए परमाणु स्थिर रहता है।
🧩 स्पेक्ट्रल रेखाओं की व्याख्या (Spectral Lines Explanation)
प्रत्येक संक्रमण एक विशिष्ट ऊर्जा अंतर से संबंधित होता है, जिससे विशिष्ट तरंगदैर्घ्य की रेखा उत्पन्न होती है।
➡️ इसी कारण हाइड्रोजन का स्पेक्ट्रम रेखीय होता है, सतत नहीं।
🟡 बोर मॉडल की सीमाएँ (Limitations)
⚠️ यह केवल एक इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं (जैसे हाइड्रोजन, He⁺, Li²⁺) पर लागू होता है।
⚠️ बहु-इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं पर असफल होता है।
⚠️ इसमें सापेक्षिक प्रभाव तथा इलेक्ट्रॉन के स्वाभाविक घूर्णन (आंतरिक घूर्णन) का विचार नहीं किया गया।
🔴 सूक्ष्म संरचना (Fine Structure)
परमाणु की प्रत्येक स्पेक्ट्रल रेखा वास्तव में एकल नहीं होती, बल्कि बहुत समीप की कई रेखाओं का समूह होती है।
यह सूक्ष्म विभाजन इलेक्ट्रॉन के आंतरिक घूर्णन और सापेक्षिक प्रभावों के कारण होता है।
🟢 डे-ब्रॉगली का सिद्धांत (de Broglie Hypothesis)
💡 इलेक्ट्रॉन तरंग और कण दोनों की प्रकृति प्रदर्शित करता है।
➡️ तरंगदैर्घ्य λ = h / (mₑvₙ)
केवल वही कक्षाएँ स्थायी होती हैं जहाँ इलेक्ट्रॉन की तरंग स्वयं के साथ पूर्ण संख्या में फिट होती है —
2πrₙ = nλ
यह समीकरण बोर के कोणीय संवेग समीकरण के समान है।
🔵 बोर मॉडल की सफलता (Success)
✔️ यह हाइड्रोजन के स्पेक्ट्रम की व्याख्या सफलतापूर्वक करता है।
✔️ परमाणु की स्थिरता समझाता है।
✔️ ऊर्जा स्तरों का मात्रन सिद्ध करता है।
🌿 ऊर्जा स्तरों की दृश्य अवधारणा
E₁, E₂, E₃… स्तरों को सीढ़ियों की तरह समझा जा सकता है। इलेक्ट्रॉन ऊँचे स्तर से नीचे आते समय ऊर्जा छोड़ता है, और नीचे से ऊपर जाते समय ऊर्जा लेता है।
🟡 सारांश (Summary)
🔹 परमाणु में नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन परिक्रमा करते हैं।
🔹 रदरफोर्ड ने नाभिक की खोज की, बोर ने ऊर्जा स्तरों का मॉडल दिया।
🔹 इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग mₑvₙrₙ = n(h/2π) होता है।
🔹 ऊर्जा स्तर Eₙ = −13.6/n² eV द्वारा दिए जाते हैं।
🔹 ऊर्जा संक्रमण पर E₂ − E₁ = hν के अनुसार विकिरण होता है।
🔹 हाइड्रोजन की पाँच प्रमुख स्पेक्ट्रम श्रृंखलाएँ हैं — लाइमैन, बाल्मर, पास्चेन, ब्रैकेट, फंड।
🔹 बोर मॉडल सूक्ष्म संरचना और बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं पर लागू नहीं होता।
🧠 📝 त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Recap)
💡 रदरफोर्ड ने नाभिक की खोज की।
⚡ बोर ने स्थिर ऊर्जा स्तरों का सिद्धांत दिया।
🧠 mₑvₙrₙ = n(h/2π) और Eₙ = −13.6/n² eV
🌈 हाइड्रोजन की पाँच स्पेक्ट्रम श्रृंखलाएँ होती हैं।
✏️ डे-ब्रॉगली तरंग सिद्धांत ने बोर मॉडल की पुष्टि की।
✔️ परमाणु स्थिर होता है क्योंकि इलेक्ट्रॉन स्थायी ऊर्जा स्तरों में रहता है।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔷 प्रश्न 12.1
प्रत्येक कथन के अंत में दिए गए संकेतों में से सही विकल्प का चयन कीजिए 👇
(a) टॉमसन मॉडल में परमाणु का आकार, रदरफोर्ड मॉडल में परमाण्वीय आकार से ………. होता है।
➡️ उत्तर: लगभग काफी अधिक
💡 टॉमसन मॉडल में परमाणु को समान रूप से फैले धनावेश के रूप में माना गया था।
✔️ सही विकल्प: टॉमसन मॉडल में आकार अधिक होता है।
(b) ………. में निम्नतम अवस्था में इलेक्ट्रॉन स्थायी सम्भाव में होते हैं जबकि ………. में इलेक्ट्रॉन सदैव नेट बल अनुभव करते हैं।
➡️ उत्तर: बोहर मॉडल में इलेक्ट्रॉन स्थायी सम्भाव में होते हैं जबकि रदरफोर्ड मॉडल में इलेक्ट्रॉन नेट बल अनुभव करते हैं।
✔️ सही विकल्प: (बोहर मॉडल, रदरफोर्ड मॉडल)
(c) ………. पर आधारित किसी वास्तविक परमाणु का नष्ट होना निश्चित है।
➡️ उत्तर: रदरफोर्ड मॉडल
💡 रदरफोर्ड मॉडल में इलेक्ट्रॉन नाभिक की परिक्रमा करते हुए निरंतर ऊर्जा विकीर्ण करते हैं, जिससे परमाणु अस्थिर हो जाता है।
✔️ सही विकल्प: रदरफोर्ड मॉडल
(d) किसी परमाणु के द्रव्यमान का लगभग सारा भाग नाभिक में केन्द्रित होता है लेकिन ………. में अंतराल असमान द्रव्यमान वितरण होता है।
➡️ उत्तर: टॉमसन मॉडल
💡 टॉमसन मॉडल में धनावेश पूरे परमाणु में फैला हुआ माना गया था।
✔️ सही विकल्प: (टॉमसन मॉडल, रदरफोर्ड मॉडल)
(e) ………. में परमाणु के धनावेश का द्रव्यमान सर्वाधिक होता है।
➡️ उत्तर: रदरफोर्ड मॉडल
💡 नाभिक में ही धनावेश तथा लगभग पूरा द्रव्यमान केन्द्रित होता है।
✔️ सही विकल्प: रदरफोर्ड मॉडल
🔷 प्रश्न 12.2
मान लीजिए कि स्वर्ण की एक पतली पटल पर 6.0 × 10⁷ α-कण प्रति सेकंड की दर से गिर रहे हैं। प्रत्येक α-कण की ऊर्जा 5.0 MeV है।
(a) यदि सभी α-कण पटल से परावर्तित हों, तो पटल पर औसत बल ज्ञात कीजिए।
(b) यदि केवल 1 α-कण 10⁶ में से परावर्तित होता है, तो औसत बल ज्ञात कीजिए।
🟢 दिया गया:
α-कणों की दर n = 6.0 × 10⁷ s⁻¹
ऊर्जा E = 5.0 MeV = 5 × 10⁶ × 1.6 × 10⁻¹⁹ = 8 × 10⁻¹³ J
α-कण का द्रव्यमान m = 6.64 × 10⁻²⁷ kg
गति निकालने का सूत्र:
v = √(2E / m)
➡️ v = √(2 × 8 × 10⁻¹³ / 6.64 × 10⁻²⁷) = 1.55 × 10⁷ m/s
(a) जब सभी α-कण परावर्तित हों 👇
संवेग परिवर्तन Δp = 2mv
औसत बल F = Δp × n = 2mv × n
➡️ F = 2 × 6.64 × 10⁻²⁷ × 1.55 × 10⁷ × 6.0 × 10⁷
= 1.23 × 10⁻¹¹ N
✔️ औसत बल = 1.2 × 10⁻¹¹ N
(b) जब केवल 10⁶ में से 1 परावर्तित हो 👇
नई दर = (6.0 × 10⁷) / (10⁶) = 60 s⁻¹
➡️ F = 2 × 6.64 × 10⁻²⁷ × 1.55 × 10⁷ × 60
= 1.24 × 10⁻¹⁶ N
✔️ औसत बल = 1.2 × 10⁻¹⁶ N
🔷 प्रश्न 12.3
2.3 eV ऊर्जा अंतर किसी परमाणु में दो ऊर्जा स्तरों को पृथक कर देता है। उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति क्या होगी यदि परमाणु में इलेक्ट्रॉन उच्च स्तर से निम्न स्तर में संक्रमण करता है?
उत्तर:
दिया गया: ΔE = 2.3 eV = 2.3 × 1.6 × 10⁻¹⁹ J = 3.68 × 10⁻¹⁹ J
सूत्र:
E = hν
ν = E / h
➡️ ν = (3.68 × 10⁻¹⁹) / (6.63 × 10⁻³⁴)
= 5.55 × 10¹⁴ Hz
✔️ उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति = 5.55 × 10¹⁴ Hz
🔷 प्रश्न 12.4
हाइड्रोजन परमाणु की निम्नतम अवस्था में ऊर्जा –13.6 eV है। इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज और स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
कुल ऊर्जा, E = –13.6 eV
गतिज ऊर्जा (K) = –E = +13.6 eV
स्थितिज ऊर्जा (U) = 2E = –27.2 eV
✔️ K = 13.6 eV, U = –27.2 eV
🔷 प्रश्न 12.5
निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फोटॉन को अवशोषित करता है जो उसे n = 4 स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फोटॉन की आवृत्ति और तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
E₁ = –13.6 eV, E₄ = –13.6 / 4² = –0.85 eV
ΔE = E₄ – E₁ = (–0.85) – (–13.6) = 12.75 eV
अब,
E = hν
ν = E / h = (12.75 × 1.6 × 10⁻¹⁹) / (6.63 × 10⁻³⁴)
= 3.08 × 10¹⁵ Hz
λ = c / ν = 3 × 10⁸ / 3.08 × 10¹⁵
= 9.74 × 10⁻⁸ m = 97.4 nm
✔️ फोटॉन की आवृत्ति = 3.08 × 10¹⁵ Hz
✔️ तरंगदैर्घ्य = 97.4 nm
🔷 प्रश्न 12.6
(a) बोहर मॉडल का उपयोग करके हाइड्रोजन परमाणु में n = 1, 2, 3 अवस्थाओं पर इलेक्ट्रॉन की चाल ज्ञात कीजिए।
(b) इन्हीं अवस्थाओं के लिए कक्षीय आयाम ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
सूत्र:
vₙ = 2.18 × 10⁶ / n m/s
rₙ = 0.529 × 10⁻¹⁰ × n² m
(a)
n = 1 → v₁ = 2.18 × 10⁶ m/s
n = 2 → v₂ = 1.09 × 10⁶ m/s
n = 3 → v₃ = 7.27 × 10⁵ m/s
(b)
n = 1 → r₁ = 0.529 × 10⁻¹⁰ m
n = 2 → r₂ = 2.12 × 10⁻¹⁰ m
n = 3 → r₃ = 4.76 × 10⁻¹⁰ m
✔️ गति और त्रिज्या दोनों का मान सही रूप से ज्ञात हुआ।
🔷 प्रश्न 12.7
हाइड्रोजन परमाणु में अंतरतम इलेक्ट्रॉन-कक्षा की त्रिज्या 5.3 × 10⁻¹¹ m है। कक्षा n = 2 और n = 3 की त्रिज्याएँ ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
rₙ = r₁ × n²
➡️ r₂ = 5.3 × 10⁻¹¹ × 4 = 2.12 × 10⁻¹⁰ m
➡️ r₃ = 5.3 × 10⁻¹¹ × 9 = 4.77 × 10⁻¹⁰ m
✔️ n = 2 के लिए त्रिज्या = 2.12 × 10⁻¹⁰ m
✔️ n = 3 के लिए त्रिज्या = 4.77 × 10⁻¹⁰ m
🔷 प्रश्न 12.8
किसी हाइड्रोजन परमाणु को इतनी ऊर्जा दी जाती है कि 12.5 eV की इलेक्ट्रॉन पुंज की टक्कर से वह आयनीकृत हो जाए। उस इलेक्ट्रॉन की न्यूनतम चाल ज्ञात कीजिए जो परमाणु को आयनीकृत करेगा।
उत्तर:
E = 12.5 eV = 12.5 × 1.6 × 10⁻¹⁹ = 2 × 10⁻¹⁸ J
E = ½ mv²
v = √(2E / m) = √(2 × 2 × 10⁻¹⁸ / 9.1 × 10⁻³¹)
= 2.1 × 10⁶ m/s
✔️ न्यूनतम चाल = 2.1 × 10⁶ m/s
🔷 प्रश्न 12.9
बोहर मॉडल के अनुसार सूर्य के चारों ओर 1.5 × 10¹¹ m त्रिज्या की कक्षा में 3 × 10⁴ m/s वेग से परिक्रमा करती पृथ्वी की कक्षीय क्वांटम संख्या ज्ञात कीजिए।
(पृथ्वी का द्रव्यमान = 6.0 × 10²⁴ kg)
उत्तर:
सूत्र:
mvr = n(h / 2π)
n = (2π m v r) / h
➡️ n = (2π × 6 × 10²⁴ × 3 × 10⁴ × 1.5 × 10¹¹) / (6.63 × 10⁻³⁴)
= 2.6 × 10⁷⁴
✔️ पृथ्वी की कक्षीय क्वांटम संख्या = 2.6 × 10⁷⁴
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
🌟 Section A: बहुविकल्पीय प्रश्न (Q1–Q18)
Question 1:
रदरफोर्ड के स्वर्ण पन्नी प्रयोग से निम्न में से कौन-सा निष्कर्ष नहीं निकला?
🔵 (A) परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है।
🟢 (B) नाभिक धनावेशित होता है।
🟠 (C) इलेक्ट्रॉन नाभिक में स्थित हैं।
🔴 (D) नाभिक बहुत छोटा है।
Answer: (C) इलेक्ट्रॉन नाभिक में स्थित हैं।
Question 2:
बोर के अनुसार, इलेक्ट्रॉन केवल उन्हीं कक्षाओं में घूम सकते हैं जिनमें —
🔵 (A) ऊर्जा निरंतर होती है।
🟢 (B) कोणीय संवेग mₑvₙrₙ = n(h/2π) हो।
🟠 (C) वे नाभिक से समान दूरी पर हों।
🔴 (D) विकिरण उत्सर्जन हो।
Answer: (B) कोणीय संवेग mₑvₙrₙ = n(h/2π) हो।
Question 3:
यदि इलेक्ट्रॉन n₂ से n₁ स्तर पर आता है, तो उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति होगी —
🔵 (A) ν = (E₁ + E₂)/h
🟢 (B) ν = (E₂ − E₁)/h
🟠 (C) ν = h(E₂ − E₁)
🔴 (D) ν = E₂/E₁
Answer: (B) ν = (E₂ − E₁)/h
Question 4:
हाइड्रोजन परमाणु की बोर त्रिज्या (a₀) का मान है —
🔵 (A) 0.529 × 10⁻¹⁰ m
🟢 (B) 1.097 × 10⁷ m⁻¹
🟠 (C) 13.6 eV
🔴 (D) 1.6 × 10⁻¹⁹ C
Answer: (A) 0.529 × 10⁻¹⁰ m
Question 5:
हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की बाल्मर श्रृंखला किस क्षेत्र में आती है?
🔵 (A) पराबैंगनी
🟢 (B) दृश्य
🟠 (C) अवरक्त
🔴 (D) एक्स-किरण
Answer: (B) दृश्य
Question 6:
हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम के लिए तरंगदैर्घ्य का सूत्र है —
🔵 (A) λ = R_H (1/n₁² − 1/n₂²)
🟢 (B) 1/λ = R_H (1/n₁² − 1/n₂²)
🟠 (C) ν = R_H c (1/n₂² − 1/n₁²)
🔴 (D) E = hR_H/λ
Answer: (B) 1/λ = R_H (1/n₁² − 1/n₂²)
Question 7:
Eₙ = −13.6/n² eV सूत्र किस परमाणु पर लागू होता है?
🔵 (A) सभी तत्वों पर
🟢 (B) केवल एक इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं पर
🟠 (C) केवल धात्विक परमाणुओं पर
🔴 (D) सभी गैसों पर
Answer: (B) केवल एक इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं पर
Question 8:
लाइमैन श्रृंखला का स्पेक्ट्रम क्षेत्र है —
🔵 (A) पराबैंगनी
🟢 (B) दृश्य
🟠 (C) अवरक्त
🔴 (D) रेडियो तरंग
Answer: (A) पराबैंगनी
Question 9:
हाइड्रोजन परमाणु में प्रथम कक्षा की ऊर्जा E₁ = −13.6 eV है।
दूसरी कक्षा की ऊर्जा होगी —
🔵 (A) −3.4 eV
🟢 (B) −6.8 eV
🟠 (C) −1.7 eV
🔴 (D) −27.2 eV
Answer: (A) −3.4 eV
Question 10:
इलेक्ट्रॉन का तरंगदैर्घ्य λ किसके बराबर होता है?
🔵 (A) h/mv
🟢 (B) mv/h
🟠 (C) hv/m
🔴 (D) 2πr/n
Answer: (A) h/mv
Question 11:
बोर के अनुसार, परमाणु स्थिर क्यों होता है?
🔵 (A) क्योंकि इलेक्ट्रॉन नाभिक में स्थित है।
🟢 (B) क्योंकि इलेक्ट्रॉन स्थायी ऊर्जा स्तरों में होता है।
🟠 (C) क्योंकि ऊर्जा निरंतर घटती है।
🔴 (D) क्योंकि आवेश निरस्त हो जाते हैं।
Answer: (B) क्योंकि इलेक्ट्रॉन स्थायी ऊर्जा स्तरों में होता है।
Question 12:
डे-ब्रॉगली सिद्धांत के अनुसार, स्थिर कक्षाओं की शर्त क्या है?
🔵 (A) 2πr = nλ
🟢 (B) 2πr = λ
🟠 (C) λ = r/n
🔴 (D) λ = 2πr
Answer: (A) 2πr = nλ
Question 13:
हाइड्रोजन के स्पेक्ट्रम में रेखाओं का विभाजन किस कारण होता है?
🔵 (A) बाह्य तापमान
🟢 (B) आंतरिक घूर्णन और सापेक्षिक प्रभाव
🟠 (C) घनत्व
🔴 (D) दाब
Answer: (B) आंतरिक घूर्णन और सापेक्षिक प्रभाव
Question 14:
किसी स्तर पर इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा Eₙ = −13.6/n² eV है।
n = 3 के लिए ऊर्जा होगी —
🔵 (A) −1.51 eV
🟢 (B) −4.53 eV
🟠 (C) −0.85 eV
🔴 (D) −13.6 eV
Answer: (A) −1.51 eV
Question 15:
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की कक्षीय गति vₙ किस पर निर्भर करती है?
🔵 (A) 1/n
🟢 (B) n
🟠 (C) n²
🔴 (D) 1/n²
Answer: (A) 1/n
Question 16:
हाइड्रोजन परमाणु के लिए आयनीकरण ऊर्जा है —
🔵 (A) 3.4 eV
🟢 (B) 10.2 eV
🟠 (C) 13.6 eV
🔴 (D) 27.2 eV
Answer: (C) 13.6 eV
Question 17:
बोर मॉडल के अनुसार, परमाणु स्पेक्ट्रम की रेखाएँ किससे संबंधित हैं?
🔵 (A) सतत ऊर्जा परिवर्तन
🟢 (B) विविक्त ऊर्जा स्तरों के बीच संक्रमण
🟠 (C) रासायनिक अभिक्रियाएँ
🔴 (D) नाभिकीय क्षय
Answer: (B) विविक्त ऊर्जा स्तरों के बीच संक्रमण
Question 18:
डे-ब्रॉगली तरंगदैर्घ्य λ = h/(mₑvₙ) यह सूत्र किन पर लागू होता है?
🔵 (A) केवल प्रकाश पर
🟢 (B) केवल स्थिर पदार्थों पर
🟠 (C) गतिमान सूक्ष्म कणों पर
🔴 (D) केवल नाभिक पर
Answer: (C) गतिमान सूक्ष्म कणों पर
Question 19:
रदरफोर्ड के स्वर्ण पन्नी प्रयोग का वर्णन कीजिए।
Answer:
🔵 रदरफोर्ड ने अत्यंत पतली स्वर्ण पन्नी पर α-कणों की बौछार की।
🟢 अधिकांश α-कण बिना मुड़े सीधे निकल गए।
🟠 कुछ कण थोड़े कोण पर मुड़े और कुछ बहुत बड़े कोण पर परावर्तित हुए।
🔴 इससे निष्कर्ष निकला कि —
➡️ परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है।
➡️ समस्त धन आवेश नाभिक में केंद्रित है।
➡️ नाभिक का आकार परमाणु के आकार की तुलना में बहुत छोटा है।
Question 20:
रदरफोर्ड के मॉडल की असफलता स्पष्ट कीजिए।
Answer:
💡 रदरफोर्ड के अनुसार इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर वृत्ताकार पथ में घूमते हैं।
➡️ परंतु मैक्सवेल के विद्युतचुंबकीय सिद्धांत के अनुसार, गतिमान आवेश विकिरण उत्सर्जित करता है और ऊर्जा खोता है।
➡️ इससे इलेक्ट्रॉन धीरे-धीरे नाभिक में गिर जाना चाहिए, परंतु ऐसा नहीं होता।
⚠️ अतः यह मॉडल परमाणु की स्थिरता नहीं समझा सका।
Question 21:
बोर का कोणीय संवेग मात्रन नियम लिखिए और उसका अर्थ बताइए।
Answer:
🔹 बोर के अनुसार —
mₑvₙrₙ = n(h/2π)
जहाँ
mₑ = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान,
vₙ = nवें स्तर पर इलेक्ट्रॉन का वेग,
rₙ = कक्षा की त्रिज्या,
h = प्लांक नियतांक,
n = पूर्णांक (1, 2, 3, …)।
💡 अर्थ: केवल वही कक्षाएँ अनुमत हैं जिनमें इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग h/2π का पूर्णांक गुणक होता है।
Question 22:
हाइड्रोजन परमाणु में ऊर्जा स्तर का सूत्र लिखिए और उसका अर्थ बताइए।
Answer:
Eₙ = −13.6/n² eV
➡️ यहाँ Eₙ = nवें स्तर की ऊर्जा है।
➡️ ऋण चिह्न दर्शाता है कि इलेक्ट्रॉन नाभिक से बंधा हुआ है।
➡️ जैसे-जैसे n बढ़ता है, ऊर्जा कम ऋणात्मक होती है अर्थात् इलेक्ट्रॉन अधिक मुक्त अवस्था में होता है।
Question 23:
यदि इलेक्ट्रॉन n₂ से n₁ स्तर पर गिरता है, तो उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति का सूत्र दीजिए।
Answer:
hν = E₂ − E₁
अथवा
ν = (E₂ − E₁)/h
✔️ यहाँ E₂ और E₁ क्रमशः उच्च और निम्न स्तरों की ऊर्जा हैं।
✔️ जब इलेक्ट्रॉन नीचे गिरता है, तो प्रकाश के रूप में ऊर्जा उत्सर्जित होती है।
Question 24:
बोर मॉडल से परमाणु की स्थिरता कैसे समझाई जाती है?
Answer:
💡 बोर के अनुसार इलेक्ट्रॉन केवल निश्चित ऊर्जा स्तरों में ही रह सकता है।
➡️ इन स्तरों में इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का उत्सर्जन नहीं करता।
➡️ इसलिए इलेक्ट्रॉन नाभिक में नहीं गिरता और परमाणु स्थिर रहता है।
✔️ यह रदरफोर्ड मॉडल की प्रमुख कमी को दूर करता है।
Question 25:
डे-ब्रॉगली के अनुसार, इलेक्ट्रॉन की तरंगदैर्घ्य का सूत्र क्या है और इसका भौतिक अर्थ क्या है?
Answer:
λ = h / (mₑvₙ)
जहाँ h = प्लांक नियतांक, mₑ = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान, vₙ = उसका वेग।
💡 अर्थ:
इलेक्ट्रॉन तरंग और कण दोनों की प्रकृति रखता है।
स्थिर कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन की तरंग 2πrₙ = nλ शर्त पूरी करती है, जिससे स्थायी तरंग बनती है।
Question 26:
हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की बाल्मर श्रृंखला की व्याख्या कीजिए।
Answer:
➡️ जब इलेक्ट्रॉन किसी उच्च स्तर (n₂ = 3, 4, 5, …) से n₁ = 2 स्तर पर आता है, तो विकिरण उत्सर्जित होता है।
➡️ यह विकिरण दृश्य क्षेत्र में आता है।
🔵 इस श्रृंखला को बाल्मर श्रृंखला कहते हैं।
✔️ यह मनुष्य की आँख से दिखाई देने वाली हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की एकमात्र श्रृंखला है।
Question 27:
हाइड्रोजन परमाणु के लिए आयनीकरण ऊर्जा क्या है?
Answer:
E₁ = −13.6 eV (पहली कक्षा की ऊर्जा)
➡️ इलेक्ट्रॉन को अनंत दूरी पर ले जाने के लिए जितनी ऊर्जा चाहिए, वही आयनीकरण ऊर्जा है।
✔️ अतः हाइड्रोजन परमाणु की आयनीकरण ऊर्जा 13.6 eV होती है।
(दीर्घ एवं अनुप्रयोगात्मक प्रश्न)
Question 28:
बोर के मॉडल की सहायता से हाइड्रोजन परमाणु के ऊर्जा स्तरों का व्युत्पादन कीजिए।
Answer:
🟢 बोर के अनुसार, हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में घूमता है।
✏️ विद्युत आकर्षण बल = अपकेंद्री बल
k e² / rₙ² = mₑvₙ² / rₙ
➡️ vₙ² = (k e²) / (mₑ rₙ)
अब बोर का कोणीय संवेग मात्रन नियम —
mₑvₙrₙ = n(h/2π)
यहाँ से vₙ = n h / (2π mₑ rₙ)
अब दोनों समीकरणों को जोड़कर,
k e² / rₙ² = (n² h²) / (4π² mₑ rₙ³)
अर्थात्
rₙ = (4π² ε₀ h² n²) / (mₑ e²)
यह बोर त्रिज्या सूत्र है।
अब ऊर्जा = गतिज + स्थितिज ऊर्जा
Eₙ = ½ mₑvₙ² − (k e² / rₙ)
mₑvₙ² = k e² / rₙ ⇒
Eₙ = − (k e² / 2rₙ)
rₙ का मान रखने पर,
Eₙ = − (mₑ e⁴) / (8ε₀² h² n²)
या
Eₙ = −13.6/n² eV
✔️ यही हाइड्रोजन परमाणु की ऊर्जा का मात्रित सूत्र है।
Question 29:
हाइड्रोजन परमाणु के स्पेक्ट्रम में विभिन्न श्रृंखलाओं के नाम लिखिए और उनका वर्णन कीजिए।
Answer:
🌈 जब इलेक्ट्रॉन उच्च स्तर से निम्न स्तर पर आता है, तो एक विशिष्ट आवृत्ति की रेखा उत्पन्न होती है।
यह ऊर्जा अंतर hν के बराबर होती है।
हाइड्रोजन परमाणु की मुख्य पाँच श्रृंखलाएँ हैं —
🔹 लाइमैन श्रृंखला: n₂ → 1 (पराबैंगनी क्षेत्र)
🔹 बाल्मर श्रृंखला: n₂ → 2 (दृश्य क्षेत्र)
🔹 पास्चेन श्रृंखला: n₂ → 3 (अवरक्त क्षेत्र)
🔹 ब्रैकेट श्रृंखला: n₂ → 4 (अवरक्त क्षेत्र)
🔹 फंड श्रृंखला: n₂ → 5 (अवरक्त क्षेत्र)
💡 सभी रेखाओं की तरंगदैर्घ्य का सामान्य सूत्र:
1/λ = R_H (1/n₁² − 1/n₂²)
यह सूत्र बोर मॉडल से पूर्णतः मेल खाता है।
Question 30:
डे-ब्रॉगली सिद्धांत की सहायता से बोर की संवेग मात्रन शर्त व्युत्पन्न कीजिए।
Answer:
💡 डे-ब्रॉगली के अनुसार इलेक्ट्रॉन का तरंगदैर्घ्य —
λ = h / (mₑvₙ)
बोर के अनुसार, इलेक्ट्रॉन का पथ स्थायी तरंग बनाता है।
अतः कक्षा की परिधि = n गुणा तरंगदैर्घ्य
➡️ 2πrₙ = nλ
अब λ का मान रखने पर,
2πrₙ = n (h / mₑvₙ)
mₑvₙrₙ = n(h/2π)
✔️ यह वही बोर की कोणीय संवेग मात्रन शर्त है,
जो डे-ब्रॉगली तरंग के सिद्धांत से स्वाभाविक रूप से निकलती है।
Question 31:
परमाणु के स्पेक्ट्रम की सूक्ष्म संरचना का कारण समझाइए।
Answer:
🔵 प्रयोगों से पाया गया कि स्पेक्ट्रल रेखाएँ एकल नहीं होतीं, बल्कि बहुत समीप की कई रेखाओं में विभाजित हो जाती हैं।
🟢 यह विभाजन सूक्ष्म संरचना कहलाता है।
✏️ कारण:
इलेक्ट्रॉन का आंतरिक घूर्णन (आतंरिक घूर्णन गति)।
सापेक्षिक प्रभाव (Relativistic effect) — जब इलेक्ट्रॉन का वेग प्रकाश की गति के समीप हो जाता है।
➡️ इन दोनों कारणों से ऊर्जा स्तर थोड़े-थोड़े भिन्न हो जाते हैं,
और एक रेखा अनेक निकट रेखाओं में विभाजित दिखाई देती है।
Question 32:
हाइड्रोजन परमाणु की आयनीकरण ऊर्जा की गणना कीजिए।
Answer:
पहले स्तर (n = 1) की ऊर्जा —
E₁ = −13.6 eV
अनंत स्तर (n = ∞) की ऊर्जा —
E_∞ = 0 eV
➡️ आवश्यक ऊर्जा = E_∞ − E₁
= 0 − (−13.6) = 13.6 eV
✔️ अतः हाइड्रोजन परमाणु की आयनीकरण ऊर्जा 13.6 eV होती है,
अर्थात् इलेक्ट्रॉन को अनंत दूरी तक ले जाने हेतु 13.6 eV ऊर्जा चाहिए।
Question 33:
बोर मॉडल की सफलताएँ और सीमाएँ लिखिए।
Answer:
💡 सफलताएँ:
🔹 परमाणु की स्थिरता को समझाया।
🔹 हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की सभी श्रृंखलाओं का सही व्याख्यान दिया।
🔹 ऊर्जा के मात्रन को सिद्ध किया।
🔹 डे-ब्रॉगली सिद्धांत से संगत परिणाम मिले।
⚠️ सीमाएँ:
🔸 केवल एक इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं पर लागू।
🔸 बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं पर असफल।
🔸 सापेक्षिक प्रभावों और इलेक्ट्रॉन के आंतरिक घूर्णन का विचार नहीं किया।
🔸 स्पेक्ट्रम की सूक्ष्म संरचना का पूरा विश्लेषण नहीं कर सका।
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