Class 12 : Physics (Hindi) -अध्याय 8: वैधुत चुम्बकीय तरंगें
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🌈 भाग 1 – अध्याय की विस्तृत व्याख्या (~1700 शब्द)
🔵 भूमिका
वैधुत चुम्बकीय तरंगें (Electromagnetic Waves) आधुनिक भौतिकी का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। यह तरंगें विद्युत क्षेत्र (Electric Field) तथा चुम्बकीय क्षेत्र (Magnetic Field) की परस्पर लम्बवत दोलनों से बनती हैं। इनका सैद्धांतिक प्रतिपादन सबसे पहले जेम्स क्लर्क मैक्सवेल ने किया और प्रयोगात्मक सत्यापन हर्ट्ज़ ने किया।
💡 परिभाषा:
वे तरंगें जो परस्पर लम्बवत विद्युत एवं चुम्बकीय क्षेत्रों के दोलनों से बनती हैं तथा प्रकाश की गति से संचरित होती हैं, उन्हें वैधुत चुम्बकीय तरंगें कहते हैं।
🟢 1️⃣ मैक्सवेल के समीकरण (Maxwell’s Equations)
मैक्सवेल ने चार समीकरणों के माध्यम से यह दिखाया कि विद्युत और चुम्बकीय क्षेत्र एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं।
✏️ (1) गाउस का वैधुत के लिए नियम:
∮ E · dS = q / ε₀
➡️ किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला कुल वैधुत फ्लक्स उस पृष्ठ के भीतर उपस्थित कुल आवेश के समानुपाती होता है।
✏️ (2) गाउस का चुम्बकत्व के लिए नियम:
∮ B · dS = 0
➡️ किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला कुल चुम्बकीय फ्लक्स शून्य होता है क्योंकि चुम्बकीय एकध्रुव अस्तित्व में नहीं हैं।
✏️ (3) फैराडे का वैधुत चुम्बकीय प्रेरण का नियम:
∮ E · dl = − dΦ_B / dt
➡️ जब चुम्बकीय फ्लक्स समय के साथ बदलता है तो वैधुत क्षेत्र उत्पन्न होता है।
✏️ (4) एम्पियर-मैक्सवेल का नियम:
∮ B · dl = μ₀ (I + ε₀ dΦ_E/dt)
➡️ परिवर्ती वैधुत क्षेत्र चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।
✔️ निष्कर्ष:
परिवर्ती वैधुत क्षेत्र चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है और परिवर्ती चुम्बकीय क्षेत्र वैधुत क्षेत्र उत्पन्न करता है। ये दोनों मिलकर एक तरंग के रूप में अंतरिक्ष में प्रसारित होते हैं।
🔴 2️⃣ वैधुत चुम्बकीय तरंगों का उत्पन्न होना
यदि कोई दोलनशील आवेश (oscillating charge) मौजूद है तो वह समय के साथ परिवर्ती वैधुत क्षेत्र बनाता है, जिससे परिवर्ती चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
➡️ दोनों क्षेत्र एक-दूसरे के और तरंग की दिशा के परस्पर लम्बवत होते हैं।
💡 इस कारण वैधुत चुम्बकीय तरंगें अनुप्रस्थ (transverse) होती हैं।
🟡 3️⃣ वैधुत चुम्बकीय तरंगों के गुण
✔️ विद्युत (E) और चुम्बकीय (B) क्षेत्र परस्पर तथा तरंग की गति की दिशा के लम्बवत होते हैं।
✔️ दोनों क्षेत्रों की ऊर्जा समान होती है।
✔️ निर्वात में तरंग की गति c = 1 / √(μ₀ε₀) होती है।
✔️ ये तरंगें बिना किसी माध्यम के भी संचरित हो सकती हैं।
✔️ ये अनुप्रस्थ तरंगें हैं।
🔵 4️⃣ वैधुत चुम्बकीय तरंग का गणितीय निरूपण
यदि तरंग x-अक्ष के साथ आगे बढ़ रही है तो
➡️ विद्युत क्षेत्र : E = E₀ sin(kx − ωt)
➡️ चुम्बकीय क्षेत्र : B = B₀ sin(kx − ωt)
जहाँ
E₀ = विद्युत क्षेत्र का अधिकतम मान
B₀ = चुम्बकीय क्षेत्र का अधिकतम मान
k = 2π / λ (तरंग संख्या)
ω = 2πν (कोणीय आवृत्ति)
c = ω / k = 1 / √(μ₀ε₀)
और E₀ / B₀ = c
🟢 5️⃣ ऊर्जा और विकिरण दाब (Energy and Pressure)
हर वैधुत चुम्बकीय तरंग ऊर्जा और गति मात्रा लेकर चलती है।
💡 ऊर्जा घनत्व (Energy Density):
u = ½ ε₀E² + ½ B²/μ₀
निर्वात में E = cB होने पर दोनों हिस्से बराबर होते हैं।
➡️ औसत ऊर्जा घनत्व:
<u> = ε₀E₀² / 2
💡 विकिरण दाब (Radiation Pressure):
p = u (यदि पूर्ण अवशोषण हो)
p = 2u (यदि पूर्ण परावर्तन हो)
🔴 6️⃣ वैधुत चुम्बकीय वर्णक्रम (Electromagnetic Spectrum)
वैधुत चुम्बकीय तरंगों की तरंगदैर्ध्य सीमा बहुत बड़ी होती है — किलोमीटर से पिकोमीटर तक।
इस सम्पूर्ण सीमा को वैधुत चुम्बकीय वर्णक्रम कहा जाता है।
💡 मुख्य श्रेणियाँ (in increasing frequency order):
🔵 रेडियो तरंगें:
तरंगदैर्ध्य – बहुत अधिक (10³ से 0.1 m)
उत्पत्ति – एंटीना में दोलनशील धारा
प्रयोग – रेडियो प्रसारण, टीवी, मोबाइल संचार
🟢 माइक्रो तरंगें:
तरंगदैर्ध्य – 0.3 m से 10⁻³ m तक
स्रोत – माइक्रोवेव ओवन, रडार
प्रयोग – रडार, वायरलेस संचार
🟠 अवरक्त किरणें:
तरंगदैर्ध्य – 10⁻³ से 7×10⁻⁷ m
स्रोत – गरम वस्तुएँ
प्रयोग – तापमापन, रात्रि दृष्टि यंत्र
🔴 दृश्य प्रकाश:
तरंगदैर्ध्य – 7×10⁻⁷ से 4×10⁻⁷ m
स्रोत – सूर्य, दीप
प्रयोग – दृष्टि, प्रकाशन
🟡 पराबैंगनी किरणें:
तरंगदैर्ध्य – 4×10⁻⁷ से 10⁻⁸ m
स्रोत – सूर्य, आर्क लैम्प
प्रयोग – कीटाणु-नाशक, स्टरलाइजेशन
🟣 एक्स-किरणें:
तरंगदैर्ध्य – 10⁻⁸ से 10⁻¹⁰ m
स्रोत – तीव्रगति इलेक्ट्रॉन धातु पर
प्रयोग – चिकित्सा एक्स-रे इमेजिंग
⚫ गामा किरणें:
तरंगदैर्ध्य – 10⁻¹⁰ m से कम
स्रोत – रेडियोधर्मी क्षय
प्रयोग – कैंसर उपचार, रेडियोथेरेपी
✏️ Note:
तरंगदैर्ध्य घटने पर आवृत्ति और ऊर्जा बढ़ती है।
🟡 7️⃣ ऊर्जा और गति मात्रा का संबंध
वैधुत चुम्बकीय तरंगें पदार्थ पर दाब डालती हैं क्योंकि वे गति मात्रा (Momentum) वहन करती हैं।
💡 सूत्र:
p = E / c = hν / c = h / λ
🔵 8️⃣ मुख्य विशेषताएँ
✔️ अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं।
✔️ गति c = 3×10⁸ m/s होती है।
✔️ E और B परस्पर तथा तरंग दिशा के लम्बवत होते हैं।
✔️ ये निर्वात में संचरित हो सकती हैं।
✔️ ऊर्जा व विकिरण दाब वहन करती हैं।
🟢 9️⃣ हर्ट्ज़ का प्रयोग (Experimental Proof)
हर्ट्ज़ ने एक स्पार्क-गैप ट्रांसमीटर और रिसीवर के माध्यम से यह दिखाया कि रेडियो तरंगें वैधुत चुम्बकीय तरंगें हैं।
इनकी गति प्रकाश की गति के समान पाई गई।
🔴 🔟 ऊर्जा प्रवाह (Pointing Vector)
तरंग की दिशा में ऊर्जा प्रवाह को Pointing Vector (S) द्वारा दर्शाया जाता है।
💡 S = E × H
➡️ यह बताता है कि ऊर्जा किस दिशा और दर से प्रवाहित हो रही है।
🟡 1️⃣1️⃣ वैधुत चुम्बकीय तरंगों के उपयोग
✔️ रेडियो तरंगें – प्रसारण, मोबाइल संचार, सैटेलाइट
✔️ माइक्रो तरंगें – रडार, माइक्रोवेव ओवन
✔️ अवरक्त किरणें – तापमापक, नाइट विज़न
✔️ दृश्य प्रकाश – दृष्टि और प्रकाशन
✔️ पराबैंगनी किरणें – कीटाणु-नाशक
✔️ एक्स-किरणें – चिकित्सा परीक्षण
✔️ गामा किरणें – कैंसर उपचार
🌞 भाग 2 – सारांश (~300 शब्द)
🔹 वैधुत चुम्बकीय तरंगें विद्युत एवं चुम्बकीय क्षेत्रों के अनुप्रस्थ दोलनों से बनती हैं।
🔹 मैक्सवेल के समीकरणों ने दिखाया कि परिवर्ती वैधुत क्षेत्र चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है और इसके विपरीत।
🔹 निर्वात में इनकी गति c = 3×10⁸ m/s होती है।
🔹 E और B क्षेत्र परस्पर लम्बवत होते हैं तथा उनकी ऊर्जा समान होती है।
🔹 वैधुत चुम्बकीय वर्णक्रम में रेडियो, माइक्रोवेव, अवरक्त, दृश्य, पराबैंगनी, एक्स-किरणें और गामा किरणें सम्मिलित हैं।
🔹 तरंगदैर्ध्य घटने पर ऊर्जा और आवृत्ति बढ़ती है।
🔹 ये तरंगें ऊर्जा, गति मात्रा और विकिरण दाब वहन करती हैं।
🔹 इनका उपयोग संचार, चिकित्सा, औद्योगिक व वैज्ञानिक क्षेत्रों में होता है।
🧠 भाग 3 – Quick Recap (मुख्य बिंदु)
💡 वैधुत चुम्बकीय तरंगें – E ⊥ B ⊥ तरंग दिशा।
⚡ गति: c = 1 / √(μ₀ε₀) = 3×10⁸ m/s।
🧲 ऊर्जा घनत्व: u = ε₀E² + B²/μ₀।
🔆 वर्णक्रम क्रम: रेडियो → माइक्रोवेव → अवरक्त → दृश्य → पराबैंगनी → एक्स → गामा।
🧪 खोजकर्ता: जेम्स क्लर्क मैक्सवेल (सिद्धांत), हर्ट्ज़ (प्रयोग)।
📡 उपयोग: संचार, चिकित्सा, रडार, स्टरलाइजेशन, अनुसंधान।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔷 Question 8.1
चित्र 8.5 में एक संधारित्र दर्शाया गया है। दो वृत्ताकार प्लेटों की त्रिज्या 12 cm है और उनके बीच की दूरी 5.0 cm है। संधारित्र को आवेशित किया जा रहा है और परिपथ की धारा 0.15 A है।
(a) चालक धारा एवं विस्थापन धारा की दिशा का परस्पर संबंध बताइए।
(b) प्लेटों के बीच विस्थापन धारा तथा विस्थापन धारा घनत्व ज्ञात कीजिए।
(c) प्लेटों के बीच केंद्र से दूरी r पर स्थित किसी वृत्ताकार पथ पर चुंबकीय क्षेत्र B का व्यंजक लिखिए।
Answer
🔵 सिद्धान्त:
जब संधारित्र आवेशित होता है, तब प्लेटों में प्रवाहित चालक धारा (I) के समान ही प्लेटों के बीच विस्थापन धारा (I_d) प्रवाहित होती है ताकि धारा-निरंतरता बनी रहे।
🟢 (a) चालक धारा और विस्थापन धारा एक ही दिशा में होती हैं — जिस प्लेट में धारा प्रवेश करती है, उसी दिशा में विस्थापन धारा मानी जाती है।
🟡 (b)
दिया गया:
I = I_d = 0.15 A
R = 12 cm = 0.12 m
A = πR² = π(0.12)² = 0.0452 m²
विस्थापन धारा घनत्व:
J_d = I_d / A = 0.15 / 0.0452 = 3.32 A/m²
🧠 निष्कर्ष: चालक धारा = विस्थापन धारा = 0.15 A, और घनत्व 3.3 A/m²।
🟣 (c) चुंबकीय क्षेत्र (ऐम्पीयर–मैक्सवेल नियम से):
👉 यदि r < R, तो
B = (μ₀ I_d r) / (2π R²)
👉 यदि r ≥ R, तो
B = (μ₀ I_d) / (2π r)
चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दाहिने हाथ के नियम से।
🔷 Question 8.2
एक समान्तर प्लेट संधारित्र (चित्र 8.6) जिसकी त्रिज्या 6.0 cm है और धारिता 100 pF, उसे 230 V, 300 rad/s की AC आपूर्ति से जोड़ा गया है।
(a) परिपथ की धारा का rms मान ज्ञात कीजिए।
(b) क्या चालक धारा और विस्थापन धारा समान होती हैं?
(c) प्लेटों के बीच, अक्ष से 3.0 cm दूरी पर स्थित बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र B का आयाम ज्ञात कीजिए।
Answer
🔵 (a)
I_rms = ω C V_rms
= 300 × (100 × 10⁻¹²) × 230
= 6.9 × 10⁻⁶ A
➡️ I_rms = 6.9 μA
🟢 (b)
चालक धारा और विस्थापन धारा परिमाण में समान होती हैं क्योंकि दोनों ही समय के साथ समान रूप से बदलती हैं।
➡️ I = I_d हमेशा।
🟡 (c)
पहले धारा का अधिकतम मान (amplitude):
V₀ = √2 × 230 = 325 V
I₀ = ω C V₀ = 300 × 100 × 10⁻¹² × 325 = 9.75 × 10⁻⁶ A
अब चुंबकीय क्षेत्र का आयाम (r < R):
R = 0.06 m, r = 0.03 m
B₀ = (μ₀ I₀ r) / (2π R²)
= (4π × 10⁻⁷ × 9.75 × 10⁻⁶ × 0.03) / (2π × 0.06²)
= 1.6 × 10⁻¹¹ T
➡️ B₀ = 1.6 × 10⁻¹¹ T (स्पर्शरेखीय दिशा में)
🔷 प्रश्न 8.3
10⁻¹⁰ m तरंगदैर्ध्य की X–किरणें, 6800 Å की प्रकाश तरंगें तथा 500 m की रेडियो तरंगों के लिए किस भौतिक राशि का मान समान है?
उत्तर:
इन सभी विद्युतचुंबकीय तरंगों के लिए तरंग वेग (v) समान होता है क्योंकि सभी तरंगें निर्वात में समान वेग से चलती हैं।
➡️ सूत्र: v = c = 3 × 10⁸ m/s
🔷 प्रश्न 8.4
एक समान्तर विद्युतचुंबकीय तरंग z-अक्ष के अनुदिश चल रही है। यदि इसमें विद्युत तथा चुंबकीय क्षेत्र के दोलन x और y दिशाओं में हैं, तो उसकी आवृत्ति 30 MHz हो तो उसकी तरंगदैर्ध्य क्या होगी?
उत्तर:
दिया गया:
ν = 30 MHz = 30 × 10⁶ Hz
c = 3 × 10⁸ m/s
➡️ λ = c / ν
= (3 × 10⁸) / (30 × 10⁶)
= 10 m
✔️ तरंगदैर्ध्य = 10 m
🔷 प्रश्न 8.5
एक रेडियो स्टेशन 7.5 MHz से 12 MHz के बीच प्रसारण करता है। क्या ये तरंगें आयनमंडल द्वारा परावर्तित हो सकती हैं?
उत्तर:
आयनमंडल अधिकतम लगभग 10 MHz तक की तरंगों को परावर्तित करता है।
अतः 7.5 MHz की तरंगें परावर्तित होंगी पर 12 MHz की नहीं।
✔️ केवल 7.5 MHz तक की तरंगें परावर्तित होंगी।
🔷 प्रश्न 8.6
एक ऑसिलेटर 10¹² Hz की आवृत्ति पर दोलन करता है। इससे उत्पन्न विद्युतचुंबकीय तरंगें किस प्रकार की होंगी?
उत्तर:
ν = 10¹² Hz → यह अवरक्त (Infrared) तरंगें हैं।
🔷 प्रश्न 8.7
निर्वात में चलने वाली एक विद्युतचुंबकीय तरंग का चुंबकीय क्षेत्र Bₘ = 510 nT है।
विद्युत क्षेत्र का अधिकतम मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
➡️ Eₘ = c × Bₘ
= (3 × 10⁸) × (510 × 10⁻⁹)
= 153 V/m
✔️ Eₘ = 153 V/m
🔷 प्रश्न 8.8
एक विद्युतचुंबकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र का अधिकतम मान 120 N/C है और चुंबकीय क्षेत्र का अधिकतम मान 0.4 μT है।
(a) तरंग की चाल ज्ञात कीजिए।
(b) यदि आवृत्ति 50.0 MHz है तो तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
(a)
➡️ v = Eₘ / Bₘ = 120 / (0.4 × 10⁻⁶) = 3 × 10⁸ m/s
(b)
➡️ λ = c / ν = (3 × 10⁸) / (50 × 10⁶) = 6.0 m
✔️ तरंग की चाल = 3 × 10⁸ m/s, तरंगदैर्ध्य = 6 m
🔷 प्रश्न 8.9
E = hν का संबंध किस प्रकार की तरंगों के लिए उपयुक्त नहीं है?
उत्तर:
यह संबंध केवल उच्च आवृत्ति वाली तरंगों (जैसे दृश्यमान, पराबैंगनी, X-किरणें) के लिए उपयुक्त है।
निम्न आवृत्ति (रेडियो या माइक्रोवेव) तरंगों के लिए E = hν अप्रासंगिक है।
🔷 प्रश्न 8.10
एक EM तरंग का विद्युत क्षेत्र Eₘ = 48 V/m तथा आवृत्ति ν = 2.0 × 10¹⁰ Hz है।
(a) तरंग का तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए।
(b) चुंबकीय क्षेत्र का आयाम ज्ञात कीजिए।
(c) यदि तरंग +x दिशा में चल रही है तो E और B की आपसी दिशा क्या होगी?
उत्तर:
(a)
➡️ λ = c / ν = (3 × 10⁸) / (2 × 10¹⁰) = 1.5 × 10⁻² m = 1.5 cm
(b)
➡️ Bₘ = Eₘ / c = 48 / (3 × 10⁸) = 1.6 × 10⁻⁷ T
(c)
यदि तरंग +x दिशा में चल रही है, तो
E → y दिशा में
B → z दिशा में
अर्थात् E, B और c तीनों परस्पर लंबवत (mutually perpendicular) हैं।
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
Section A (प्रश्न 1–18 : वस्तुनिष्ठ प्रश्न / MCQs)
🔵 Question 1.
वैधुत चुम्बकीय तरंगें कैसी होती हैं?
🔵 (A) अनुदैर्ध्य तरंगें
🟢 (B) अनुप्रस्थ तरंगें
🟠 (C) स्थायी तरंगें
🔴 (D) ध्वनि तरंगें
Answer: (B) अनुप्रस्थ तरंगें
🟢 Question 2.
निर्वात में वैधुत चुम्बकीय तरंग की गति होती है —
🔵 (A) 3×10⁶ m/s
🟢 (B) 3×10⁸ m/s
🟠 (C) 3×10¹⁰ m/s
🔴 (D) 3×10¹² m/s
Answer: (B) 3×10⁸ m/s
🔵 Question 3.
वैधुत चुम्बकीय तरंगों के प्रसार में कौन-सा माध्यम आवश्यक है?
🔵 (A) वायु
🟢 (B) जल
🟠 (C) ठोस
🔴 (D) कोई माध्यम आवश्यक नहीं
Answer: (D) कोई माध्यम आवश्यक नहीं
🟡 Question 4.
मैक्सवेल ने यह सिद्ध किया कि —
🔵 (A) परिवर्ती विद्युत क्षेत्र से विद्युत क्षेत्र उत्पन्न होता है
🟢 (B) परिवर्ती चुम्बकीय क्षेत्र से चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है
🟠 (C) परिवर्ती विद्युत क्षेत्र से चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है
🔴 (D) दोनों गलत
Answer: (C) परिवर्ती विद्युत क्षेत्र से चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है
🔵 Question 5.
वैधुत चुम्बकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा —
🔵 (A) एक ही दिशा में होती है
🟢 (B) विपरीत होती है
🟠 (C) एक-दूसरे के लम्बवत होती है
🔴 (D) समान्तर होती है
Answer: (C) एक-दूसरे के लम्बवत होती है
🟢 Question 6.
निर्वात में तरंग की गति का सूत्र है —
🔵 (A) c = 1 / (μ₀ε₀)
🟢 (B) c = 1 / √(μ₀ε₀)
🟠 (C) c = √(μ₀ε₀)
🔴 (D) c = μ₀ε₀
Answer: (B) c = 1 / √(μ₀ε₀)
🔵 Question 7.
यदि किसी तरंग में E₀/B₀ = c हो, तो यह किस तरंग का गुण है?
🔵 (A) ध्वनि तरंग
🟢 (B) जल तरंग
🟠 (C) वैधुत चुम्बकीय तरंग
🔴 (D) यांत्रिक तरंग
Answer: (C) वैधुत चुम्बकीय तरंग
🟡 Question 8.
गाउस का चुम्बकत्व के लिए नियम बताता है कि —
🔵 (A) चुम्बकीय एकध्रुव मौजूद हैं
🟢 (B) चुम्बकीय फ्लक्स सदा शून्य होता है
🟠 (C) विद्युत फ्लक्स सदा शून्य होता है
🔴 (D) इनमें से कोई नहीं
Answer: (B) चुम्बकीय फ्लक्स सदा शून्य होता है
🔵 Question 9.
फैराडे के नियम के अनुसार —
🔵 (A) विद्युत क्षेत्र परिवर्ती होने पर चुम्बकीय फ्लक्स उत्पन्न होता है
🟢 (B) चुम्बकीय फ्लक्स परिवर्ती होने पर विद्युत क्षेत्र उत्पन्न होता है
🟠 (C) दोनों क्षेत्र स्थिर रहते हैं
🔴 (D) केवल विद्युत क्षेत्र बदलता है
Answer: (B) चुम्बकीय फ्लक्स परिवर्ती होने पर विद्युत क्षेत्र उत्पन्न होता है
🟢 Question 10.
वैधुत चुम्बकीय तरंगों में ऊर्जा का प्रवाह किस सदिश द्वारा दर्शाया जाता है?
🔵 (A) एम्पियर सदिश
🟢 (B) पॉइंटिंग सदिश
🟠 (C) लौरेन्ट सदिश
🔴 (D) फैराडे सदिश
Answer: (B) पॉइंटिंग सदिश
🔵 Question 11.
पॉइंटिंग सदिश का सूत्र है —
🔵 (A) S = E × H
🟢 (B) S = E × B
🟠 (C) S = H × E
🔴 (D) S = E·B
Answer: (A) S = E × H
🟡 Question 12.
हर्ट्ज़ ने प्रयोगात्मक रूप से क्या सिद्ध किया?
🔵 (A) प्रकाश की तरंग प्रकृति
🟢 (B) वैधुत चुम्बकीय तरंगों का अस्तित्व
🟠 (C) ध्वनि की तरंगीय प्रकृति
🔴 (D) परमाणु की संरचना
Answer: (B) वैधुत चुम्बकीय तरंगों का अस्तित्व
🔵 Question 13.
रेडियो तरंगों का मुख्य उपयोग है —
🔵 (A) चिकित्सा
🟢 (B) धातु काटने में
🟠 (C) संचार प्रणाली में
🔴 (D) एक्स-रे में
Answer: (C) संचार प्रणाली में
🟢 Question 14.
माइक्रो तरंगों का उपयोग कहाँ किया जाता है?
🔵 (A) रडार में
🟢 (B) रेडियो में
🟠 (C) कैमरा में
🔴 (D) सूर्य ऊर्जा में
Answer: (A) रडार में
🔵 Question 15.
अवरक्त किरणों का स्रोत क्या है?
🔵 (A) रेडियोधर्मी पदार्थ
🟢 (B) गर्म वस्तुएँ
🟠 (C) सूर्य की पराबैंगनी किरणें
🔴 (D) एक्स-किरणें
Answer: (B) गर्म वस्तुएँ
🟡 Question 16.
पराबैंगनी किरणों का प्रयोग कहाँ होता है?
🔵 (A) धातु काटने में
🟢 (B) कीटाणु नाशक कार्य में
🟠 (C) ताप मापन में
🔴 (D) रेडियो संचार में
Answer: (B) कीटाणु नाशक कार्य में
🔵 Question 17.
एक्स-किरणों का निर्माण किससे होता है?
🔵 (A) धीमी गति के इलेक्ट्रॉन से
🟢 (B) तीव्र गति के इलेक्ट्रॉन के धातु से टकराने पर
🟠 (C) परमाणु के विघटन से
🔴 (D) गैस के संपीड़न से
Answer: (B) तीव्र गति के इलेक्ट्रॉन के धातु से टकराने पर
🟢 Question 18.
गामा किरणें उत्पन्न होती हैं —
🔵 (A) रासायनिक अभिक्रियाओं से
🟢 (B) रेडियोधर्मी क्षय से
🟠 (C) तापीय विकिरण से
🔴 (D) परावर्तन से
Answer: (B) रेडियोधर्मी क्षय से
🔵 Question 19.
वैधुत चुम्बकीय तरंगें क्या हैं? उनका स्वरूप बताइए।
Answer:
💡 वैधुत चुम्बकीय तरंगें ऐसी तरंगें हैं जिनमें विद्युत क्षेत्र (E) तथा चुम्बकीय क्षेत्र (B) परस्पर तथा तरंग की गति की दिशा के लम्बवत दोलित होते हैं।
✔️ ये अनुप्रस्थ तरंगें हैं।
✔️ इनका प्रसार निर्वात में भी संभव है।
✔️ इनकी गति c = 3×10⁸ m/s होती है।
🟢 Question 20.
मैक्सवेल ने वैधुत चुम्बकीय तरंगों के संबंध में क्या निष्कर्ष निकाला?
Answer:
💡 मैक्सवेल ने बताया कि —
➡️ परिवर्ती वैधुत क्षेत्र (changing electric field) से चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
➡️ परिवर्ती चुम्बकीय क्षेत्र से वैधुत क्षेत्र उत्पन्न होता है।
✔️ ये दोनों परस्पर लम्बवत दोलित होकर एक तरंग बनाते हैं।
✔️ यही तरंग वैधुत चुम्बकीय तरंग कहलाती है।
🔵 Question 21.
पॉइंटिंग सदिश (Poynting Vector) क्या है और इसका सूत्र लिखिए।
Answer:
💡 वैधुत चुम्बकीय तरंग में ऊर्जा प्रवाह की दिशा व दर को बताने वाला सदिश पॉइंटिंग सदिश (S) कहलाता है।
➡️ सूत्र: S = E × H
✔️ यह तरंग के प्रसार की दिशा में होता है।
✔️ इसका परिमाण प्रति इकाई क्षेत्र में ऊर्जा प्रवाह की दर को दर्शाता है।
🟢 Question 22.
फैराडे का वैधुत चुम्बकीय प्रेरण का नियम लिखिए।
Answer:
💡 फैराडे का नियम कहता है कि —
जब किसी परिपथ में चुम्बकीय फ्लक्स समय के साथ बदलता है, तो उसमें प्रेरित वैधुत वाहक बल (emf) उत्पन्न होता है।
➡️ सूत्र: ∮ E·dl = − dΦ_B / dt
✔️ ऋण चिह्न (−) लेन्ज़ के नियम को दर्शाता है।
🔵 Question 23.
वैधुत चुम्बकीय तरंगों की गति का सूत्र सिद्ध कीजिए।
Answer:
💡 मैक्सवेल के अनुसार निर्वात में
μ₀ = चुम्बकीय पारगम्यता
ε₀ = वैधुत पारगम्यता
तरंग की गति,
➡️ c = 1 / √(μ₀ε₀)
जहाँ
μ₀ = 4π×10⁻⁷ H/m
ε₀ = 8.854×10⁻¹² C²/N·m²
✔️ अतः c = 3×10⁸ m/s
🟢 Question 24.
हर्ट्ज़ के प्रयोग का वर्णन कीजिए।
Answer:
💡 हर्ट्ज़ ने 1887 में एक स्पार्क गैप ट्रांसमीटर तथा रिसीवर के प्रयोग से वैधुत चुम्बकीय तरंगों का अस्तित्व सिद्ध किया।
✔️ ट्रांसमीटर में दोलनशील आवेश से तरंगें उत्पन्न हुईं।
✔️ रिसीवर में समान आवृत्ति की तरंगें प्राप्त हुईं और स्पार्क उत्पन्न हुआ।
✔️ तरंगों की गति प्रकाश की गति के समान पाई गई।
➡️ इससे वैधुत चुम्बकीय तरंगों की वास्तविकता सिद्ध हुई।
🔵 Question 25.
वैधुत चुम्बकीय वर्णक्रम की परिभाषा दीजिए।
Answer:
💡 विभिन्न वैधुत चुम्बकीय तरंगों की तरंगदैर्ध्य और आवृत्तियों का क्रमबद्ध समूह वैधुत चुम्बकीय वर्णक्रम कहलाता है।
✔️ इसमें रेडियो तरंगों से लेकर गामा किरणों तक सभी तरंगें शामिल होती हैं।
✔️ इनकी तरंगदैर्ध्य बढ़ने या घटने से ऊर्जा व आवृत्ति क्रमशः बदलती है।
🟢 Question 26.
रेडियो तरंगों के उपयोग लिखिए।
Answer:
✔️ रेडियो तरंगों का उपयोग —
1️⃣ रेडियो व टेलीविजन प्रसारण में।
2️⃣ मोबाइल व सैटेलाइट संचार में।
3️⃣ नौवहन व राडार प्रणाली में।
💡 इनकी तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होती है।
🔵 Question 27.
गामा किरणों के स्रोत और उपयोग लिखिए।
Answer:
💡 स्रोत: रेडियोधर्मी तत्वों के नाभिकीय क्षय से उत्पन्न होती हैं।
💡 उपयोग:
1️⃣ कैंसर उपचार (रेडियोथेरेपी)
2️⃣ चिकित्सा उपकरणों की नसबंदी
3️⃣ नाभिकीय अनुसंधान
✔️ ये अत्यधिक ऊर्जा वाली वैधुत चुम्बकीय तरंगें हैं।
🔵 Question 28.
मैक्सवेल के समीकरणों की व्याख्या कीजिए तथा दिखाइए कि उनसे वैधुत चुम्बकीय तरंगों का निर्माण कैसे होता है।
Answer:
💡 मैक्सवेल के चार समीकरणों ने वैधुत एवं चुम्बकीय क्षेत्रों का परस्पर संबंध स्थापित किया —
1️⃣ गाउस का वैधुत के लिए नियम:
∮E·dS = q / ε₀
➡️ किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला कुल वैधुत फ्लक्स उस पृष्ठ के भीतर उपस्थित आवेश के समानुपाती होता है।
2️⃣ गाउस का चुम्बकत्व के लिए नियम:
∮B·dS = 0
➡️ चुम्बकीय एकध्रुव नहीं होते, अतः कुल चुम्बकीय फ्लक्स शून्य होता है।
3️⃣ फैराडे का वैधुत चुम्बकीय प्रेरण का नियम:
∮E·dl = − dΦ_B/dt
➡️ चुम्बकीय फ्लक्स के परिवर्तन से वैधुत क्षेत्र उत्पन्न होता है।
4️⃣ एम्पियर–मैक्सवेल का नियम:
∮B·dl = μ₀(I + ε₀ dΦ_E/dt)
➡️ परिवर्ती वैधुत क्षेत्र चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।
💡 निष्कर्ष:
➡️ परिवर्ती E से B और परिवर्ती B से E उत्पन्न होता है।
➡️ ये दोनों परस्पर तथा तरंग दिशा के लम्बवत दोलन करते हैं।
➡️ इस प्रकार वैधुत चुम्बकीय तरंगें उत्पन्न होती हैं जो c = 1/√(μ₀ε₀) की गति से संचरित होती हैं।
🟢 Question 29.
वैधुत चुम्बकीय तरंगों की विशेषताएँ (Properties) विस्तार से लिखिए।
Answer:
💡 वैधुत चुम्बकीय तरंगें विशेष प्रकार की अनुप्रस्थ तरंगें हैं। उनकी मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं —
✔️ विद्युत (E) तथा चुम्बकीय (B) क्षेत्र परस्पर लम्बवत होते हैं।
✔️ दोनों क्षेत्र तरंग की प्रसार दिशा के भी लम्बवत दोलित होते हैं।
✔️ ये अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें हैं।
✔️ इनकी गति निर्वात में c = 3×10⁸ m/s होती है।
✔️ इनकी ऊर्जा E² तथा B² के समानुपाती होती है।
✔️ ये ऊर्जा और गति मात्रा वहन करती हैं।
✔️ तरंगों को किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
✔️ E और B की तीव्रताएँ समय व स्थान के साथ साइन रूप में बदलती हैं।
✔️ E₀/B₀ = c संबंध इनके लिए सत्य होता है।
💡 इस प्रकार वैधुत चुम्बकीय तरंगें एक पूर्ण ऊर्जा वाहक प्रणाली हैं।
🔵 Question 30.
वैधुत चुम्बकीय वर्णक्रम का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक भाग के उपयोग बताइए।
Answer:
💡 परिभाषा:
विभिन्न वैधुत चुम्बकीय तरंगों की तरंगदैर्ध्य व आवृत्तियों का क्रमबद्ध समूह वैधुत चुम्बकीय वर्णक्रम कहलाता है।
वर्णक्रम के प्रमुख भाग एवं उनके उपयोग:
1️⃣ रेडियो तरंगें:
तरंगदैर्ध्य बहुत अधिक।
उपयोग — रेडियो, टीवी व मोबाइल संचार।
2️⃣ माइक्रो तरंगें:
तरंगदैर्ध्य कुछ सेंटीमीटर।
उपयोग — रडार, Wi-Fi, ब्लूटूथ, माइक्रोवेव ओवन।
3️⃣ अवरक्त किरणें:
गरम वस्तुओं से निकलती हैं।
उपयोग — तापमापन, नाइट विज़न, रिमोट नियंत्रण।
4️⃣ दृश्य प्रकाश:
सूर्य या दीपक से उत्पन्न।
उपयोग — दृष्टि व प्रकाशन।
5️⃣ पराबैंगनी किरणें:
सूर्य व आर्क लैम्प से।
उपयोग — कीटाणु नाशक व नसबंदी कार्य।
6️⃣ एक्स-किरणें:
तीव्रगति इलेक्ट्रॉन के धातु से टकराने पर उत्पन्न।
उपयोग — चिकित्सा इमेजिंग (एक्स-रे)।
7️⃣ गामा किरणें:
रेडियोधर्मी क्षय से।
उपयोग — कैंसर उपचार, रेडियोथेरेपी, अनुसंधान।
💡 तरंगदैर्ध्य घटने पर तरंग की ऊर्जा व आवृत्ति बढ़ती है।
🟢 Question 31.
पॉइंटिंग सदिश (S) क्या है? इससे ऊर्जा प्रवाह कैसे ज्ञात होता है?
Answer:
💡 वैधुत चुम्बकीय तरंग में ऊर्जा प्रवाह की दिशा और दर को दर्शाने वाला सदिश पॉइंटिंग सदिश (Poynting Vector) कहलाता है।
➡️ सूत्र: S = E × H
जहाँ,
E = विद्युत क्षेत्र सदिश
H = चुम्बकीय क्षेत्र सदिश
✔️ S का परिमाण प्रति इकाई क्षेत्र पर प्रति सेकण्ड प्रवाहित ऊर्जा की दर बताता है।
✔️ इसकी दिशा तरंग के प्रसार की दिशा होती है।
💡 अतः पॉइंटिंग सदिश ऊर्जा प्रवाह की दिशा व मात्रा दोनों को दर्शाता है।
🔵 Question 32.
हर्ट्ज़ के प्रयोग द्वारा वैधुत चुम्बकीय तरंगों के अस्तित्व को कैसे सिद्ध किया गया?
Answer:
💡 हर्ट्ज़ ने 1887 में वैधुत चुम्बकीय तरंगों का प्रयोगात्मक सत्यापन किया।
प्रयोग की रूपरेखा:
✔️ एक स्पार्क गैप ट्रांसमीटर बनाया गया जिसमें दो धातु गोले थे।
✔️ गोले के बीच दोलनशील आवेश के कारण उच्च आवृत्ति की तरंगें बनीं।
✔️ एक रिसीवर लूप रखा गया जिसमें भी स्पार्क दिखाई दिया।
➡️ इससे स्पष्ट हुआ कि तरंगें अंतरिक्ष में संचारित हुईं।
✔️ इन तरंगों की गति प्रकाश की गति के समान मापी गई (3×10⁸ m/s)।
💡 इस प्रकार हर्ट्ज़ ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रकाश भी वैधुत चुम्बकीय तरंग का ही एक रूप है।
🟢 Question 33. (Case/Application)
एक वैधुत चुम्बकीय तरंग x-अक्ष के साथ संचरित हो रही है, जिसमें विद्युत क्षेत्र y-अक्ष के साथ दोलन कर रहा है। यदि E = E₀ sin(kx − ωt) हो, तो चुम्बकीय क्षेत्र का व्यंजक (expression) लिखिए तथा उसकी दिशा ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिया गया है :
E = E₀ sin(kx − ωt)
E → y-दिशा में है
तरंग x-दिशा में चल रही है
✏️ चुम्बकीय क्षेत्र B का दोलन विद्युत क्षेत्र और प्रसार दिशा दोनों के लम्बवत होगा, अतः यह z-दिशा में होगा।
💡 सूत्र:
B = B₀ sin(kx − ωt)
और E₀ / B₀ = c
अतः
B₀ = E₀ / c
✔️ तरंग की दिशा (x)
✔️ E की दिशा (y)
✔️ B की दिशा (z)
इस प्रकार
E, B, तथा तरंग की दिशा परस्पर लम्बवत हैं।
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