Class 12, PHYSICS (Hindi)

Class 12 : Physics (Hindi) – अध्याय 14: अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी: पदार्थ, युक्तियाँ एवं सरल परिपथ

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन

🌟 भाग 1: विस्तृत व्याख्या (≈1700 शब्द)
🔵 1. प्रस्तावना (परिचय)
यह अध्याय हमें यह समझाता है कि विद्युत धारा का प्रवाह पदार्थों में कैसे नियंत्रित किया जा सकता है
अर्धचालक (Semiconductor) आधुनिक युग की इलेक्ट्रॉनिक तकनीक की नींव हैं।
इन्हीं के आधार पर द्विपारक, अर्धवाहक युक्तियाँ, वृद्धक, नियामक तथा तार्किक परिपथ बनाए जाते हैं।
✏️ नोट: पदार्थों को उनकी चालकता के आधार पर तीन वर्गों में बाँटा जाता है — चालक, कुचालक और अर्धचालक।

🟢 2. पदार्थों का वर्गीकरण (Classification of Materials)
चालक (Conductors):
इनमें मुक्त विद्युत कणों की संख्या अधिक होती है, जैसे ताँबा, चाँदी, एलुमिनियम।
➡️ विद्युत धारा का प्रवाह आसानी से होता है।
कुचालक (Insulators):
इनमें मुक्त विद्युत कण नहीं होते, जैसे रबर, काँच, लकड़ी।
➡️ इनमें धारा का प्रवाह नहीं हो पाता।
अर्धचालक (Semiconductors):
इनकी चालकता चालक और कुचालक के बीच होती है।
जैसे – सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge)
➡️ तापमान बढ़ने पर चालकता बढ़ जाती है।
💡 धारणा:
किसी पदार्थ की चालकता उसके ऊर्जा बैंड (Energy Band) पर निर्भर करती है —
संयोजक बैंड और चालक बैंड के बीच की ऊर्जा रिक्ति (E_g) जितनी कम होगी, चालकता उतनी अधिक होगी।

🔴 3. ऊर्जा बैंड सिद्धांत (Energy Band Theory)
संयोजक बैंड: इसमें वे इलेक्ट्रॉन होते हैं जो रासायनिक बंध बनाते हैं।
चालक बैंड: इसमें वे इलेक्ट्रॉन होते हैं जो स्वतंत्र होकर धारा वहन करते हैं।
ऊर्जा अंतर (E_g):
चालक पदार्थ → लगभग 0 eV
अर्धचालक → लगभग 1 eV
कुचालक → लगभग 3 eV से अधिक
➡️ इसलिए अर्धचालक को थोड़ी ऊर्जा देने पर उसके इलेक्ट्रॉन चालक बैंड में पहुँच जाते हैं।

🟡 4. शुद्ध अर्धचालक (Intrinsic Semiconductor)
शुद्ध अर्धचालक में कोई भी अशुद्धि नहीं मिलाई जाती।
सिलिकॉन या जर्मेनियम के प्रत्येक परमाणु के चार संयोजक इलेक्ट्रॉन होते हैं जो चार समीपस्थ परमाणुओं के साथ सहसंयोजक बंध बनाते हैं।
🌿 ताप प्रभाव:
ताप बढ़ने पर कुछ बंध टूटते हैं और इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र हो जाते हैं।
प्रत्येक मुक्त इलेक्ट्रॉन के साथ एक “रिक्त स्थान” (होल) भी बनता है।
इस प्रकार धारा दो प्रकार के वाहकों से प्रवाहित होती है —
✔️ इलेक्ट्रॉन (ऋण आवेशित)
✔️ होल (धन आवेशित)

🔵 5. बाह्य अर्धचालक (Extrinsic Semiconductor)
शुद्ध अर्धचालक की चालकता को बढ़ाने के लिए उसमें अशुद्धि मिलाई जाती है जिसे मिश्रण प्रक्रिया (डोपिंग) कहते हैं।
इससे दो प्रकार के अर्धचालक बनते हैं —
(a) N-प्रकार अर्धचालक
पंचसंयोजी तत्व (जैसे फॉस्फोरस, आर्सेनिक) मिलाए जाते हैं।
एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन मुक्त हो जाता है।
मुख्य वाहक: इलेक्ट्रॉन
अल्प वाहक: होल
(b) P-प्रकार अर्धचालक
त्रिसंयोजी तत्व (जैसे बोरॉन, गैलियम) मिलाए जाते हैं।
इलेक्ट्रॉन की कमी से “होल” उत्पन्न होते हैं।
मुख्य वाहक: होल
अल्प वाहक: इलेक्ट्रॉन
💡 ध्यान दें: दोनों प्रकार के अर्धचालक विद्युत रूप से तटस्थ रहते हैं।

🔴 6. पी-एन संधि (PN Junction)
जब P-प्रकार और N-प्रकार अर्धचालकों को जोड़ा जाता है, तो पी-एन संधि बनती है।
इस संधि पर इलेक्ट्रॉनों और होलों का विसरण (Diffusion) होता है, जिससे रिक्तीकरण क्षेत्र (Depletion Region) बनता है।
👉 इस क्षेत्र में कोई मुक्त वाहक नहीं होता और इसके किनारों पर आंतरिक विभव (V₀) उत्पन्न होता है।
✏️ समीकरण:
V₀ ∝ (T/q) × ln(NₐN_d / nᵢ²)

🟢 7. द्विपारक (Diode)
द्विपारक एक पी-एन संधि उपकरण है जो धारा को एक ही दिशा में प्रवाहित होने देता है और दूसरी दिशा में रोकता है।
इसे एकदिश चालक कहते हैं।
(a) अग्रवर्ती संयोजन (Forward Bias)
P-पक्ष को बैटरी के धनात्मक छोर से जोड़ते हैं।
धारा सरलता से बहती है।
(b) विपरीत संयोजन (Reverse Bias)
P-पक्ष को ऋणात्मक छोर से जोड़ते हैं।
धारा बहुत कम या नगण्य होती है।
💡 उपयोग: धारा परिवर्तक, संकेतक, वोल्टता नियंत्रक।

🟡 8. धारा परिवर्तक (Rectifier)
यह उपकरण ए.सी. धारा को डी.सी. में परिवर्तित करता है।
अर्धतरंग परिवर्तक: एक द्विपारक उपयोग में आता है।
पूर्णतरंग परिवर्तक: दो द्विपारक; ए.सी. का दोनों भाग डी.सी. में बदलते हैं।

🔵 9. ज़ेनर द्विपारक (Zener Diode)
ज़ेनर द्विपारक एक विशेष प्रकार का उपकरण है जो विपरीत संयोजन में निश्चित विभव पर कार्य करता है और उस विभव को स्थिर रखता है।
➡️ इसका प्रयोग वोल्टता नियामक के रूप में किया जाता है।

🟢 10. त्रि–संयुक्त युक्ति (Trijunction Device / Transistor का शुद्ध हिन्दी रूप)
त्रि–संयुक्त युक्ति दो पी-एन संधियों से बनती है और इसके तीन भाग होते हैं —
उत्सर्जक (Emitter) – विद्युत वाहकों का उत्सर्जन करता है।
आधार (Base) – बहुत पतली परत जो वाहकों को नियंत्रित करती है।
संग्राहक (Collector) – उत्सर्जित वाहकों को ग्रहण करता है।
💡 कार्य सिद्धांत:
उत्सर्जक से निकलने वाले अधिकांश वाहक आधार से होकर संग्राहक तक पहुँचते हैं, जिससे छोटी धारा द्वारा बड़ी धारा नियंत्रित होती है।
➡️ यही वृद्धि (वृद्धन) का सिद्धांत कहलाता है।

🔴 11. त्रि–संयुक्त युक्ति के प्रकार
N-P-N युक्ति:
मुख्य वाहक: इलेक्ट्रॉन
अधिक दक्ष और सामान्यतः उपयोगी।
P-N-P युक्ति:
मुख्य वाहक: होल
कार्य विपरीत दिशा में होता है।
➡️ प्रयोग: वृद्धक, स्विच, कंपंनित्र, तर्क परिपथ।

🟡 12. द्वार (Logic Gates)
डिजिटल परिपथों में विभिन्न तर्क क्रियाएँ करने हेतु प्रयोग किए जाते हैं।
AND द्वार: सभी इनपुट ‘1’ हों तो आउटपुट ‘1’।
OR द्वार: किसी एक इनपुट ‘1’ हो तो आउटपुट ‘1’।
NOT द्वार: इनपुट का उल्टा देता है।
NAND द्वार: AND + NOT
NOR द्वार: OR + NOT
💡 इन द्वारों का उपयोग कंप्यूटर और डिजिटल परिपथों में होता है।

🔵 13. प्रकाश द्विपारक (Photo Diode)
विपरीत संयोजन में कार्य करता है।
जब उस पर प्रकाश गिरता है, तो धारा उत्पन्न होती है।
➡️ उपयोग: प्रकाश संवेदक, फोटोडिटेक्टर, दूरसंचार में।

🟢 14. प्रकाश उत्सर्जक द्विपारक (LED)
यह अग्रवर्ती संयोजन में कार्य करता है और विद्युत धारा प्रवाहित होने पर प्रकाश उत्सर्जित करता है।
रंग – लाल, हरा, नीला, पीला।
💡 उपयोग: संकेतक, डिस्प्ले, लैंप, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक युक्तियाँ।

🔴 15. सौर Cell(Solar Cell)
एक पी-एन संधि युक्ति जो प्रकाश ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है।
💡 सिद्धांत: प्रकाश–विद्युत प्रभाव (Photovoltaic Effect)
उपयोग – सौर पैनल, उपग्रह, सौर कैलकुलेटर।

🟡 16. एकीकृत परिपथ (Integrated Circuit)
यह एक सूक्ष्म चिप होती है जिसमें अनेकों द्विपारक और त्रि–संयुक्त युक्तियाँ होती हैं।
➡️ आकार छोटा, गति अधिक, ऊर्जा व्यय कम।
➡️ प्रयोग – कंप्यूटर, मोबाइल, रेडियो, स्वचालित यंत्र।

🔵 17. इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों के लाभ
✔️ आकार में छोटे
✔️ ऊर्जा की बचत
✔️ तीव्र क्रियाशील
✔️ स्वचालन में उपयोगी
✔️ विश्वसनीय एवं दीर्घकालिक

🌿 भाग 2: सारांश (≈300 शब्द)
पदार्थों को चालक, कुचालक, अर्धचालक तीन वर्गों में बाँटा गया।
अर्धचालक जैसे सिलिकॉन, जर्मेनियम में ताप बढ़ाने से चालकता बढ़ती है।
ऊर्जा बैंड सिद्धांत से समझ आता है कि E_g जितना कम, चालकता उतनी अधिक।
शुद्ध अर्धचालक में ताप के कारण इलेक्ट्रॉन–होल युग्म उत्पन्न होते हैं।
अशुद्धि मिलाने से N-प्रकार व P-प्रकार अर्धचालक बनते हैं।
दोनों को जोड़ने पर पी-एन संधि बनती है, जो एकदिश धारा प्रवाह कराती है।
द्विपारक का उपयोग धारा परिवर्तक (रेक्टिफ़ायर) में किया जाता है।
ज़ेनर द्विपारक स्थिर वोल्टता देता है।
त्रि–संयुक्त युक्ति (ट्रांजिस्टर) धारा वृद्धि व स्विचिंग में सहायक है।
तर्क द्वार डिजिटल तकनीक के आधार हैं।
प्रकाश द्विपारक, एल.ई.डी. तथा सौर कोशिका प्रकाश और विद्युत के बीच रूपांतरण करती हैं।
एकीकृत परिपथों से आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युग संभव हुआ।

🧠 भाग 3: Quick Recap (त्वरित पुनरावलोकन)
⚡ अर्धचालक की चालकता ताप के साथ बढ़ती है।
🧩 डोपिंग से N-प्रकार और P-प्रकार अर्धचालक बनते हैं।
🔋 पी-एन संधि → रीक्टीकरण क्षेत्र व अवरोध विभव।
💡 द्विपारक → एकदिश चालक, ज़ेनर → वोल्टता नियामक।
🌀 त्रि–संयुक्त युक्ति → धारा वृद्धि व स्विच।
🌞 सौर कोशिका, एल.ई.डी. → प्रकाश–विद्युत परिवर्तन।
🖥️ तर्क द्वार और एकीकृत परिपथ → डिजिटल परिपथों का मूल आधार।

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

🔹 प्रश्न 14.1
किसी n-प्रकार के सिलिकॉन में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(a) इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक हैं और त्रिसंयोजी परमाणु अशुद्धियाँ हैं।
(b) इलेक्ट्रॉन अल्पसंख्यक वाहक हैं और पंचसंयोजी परमाणु अशुद्धियाँ हैं।
(c) होल (विवर) अल्पसंख्यक वाहक हैं और पंचसंयोजी परमाणु अशुद्धियाँ हैं।
(d) होल (विवर) बहुसंख्यक वाहक हैं और त्रिसंयोजी परमाणु अशुद्धियाँ हैं।

🟢 उत्तर :
➡️ n-प्रकार के अर्धचालक में अशुद्धि के रूप में पंचसंयोजी (Pentavalent) परमाणु मिलाए जाते हैं।
➡️ ये परमाणु एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन देते हैं, जिससे इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक (Majority Carriers) बन जाते हैं, और होल (विवर) अल्पसंख्यक वाहक होते हैं।
✔️ सही उत्तर: (a)
इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक हैं और त्रिसंयोजी परमाणु अशुद्धियाँ हैं।
(नोट: पंचसंयोजी अशुद्धियों से n-प्रकार बनता है, जबकि त्रिसंयोजी से p-प्रकार बनता है।)

🔹 प्रश्न 14.2
अभ्यास 14.1 में दिए गए कथनों में से कौन-सा p-प्रकार के अर्धचालक के लिए सत्य है?

🟢 उत्तर :
➡️ p-प्रकार के अर्धचालक में त्रिसंयोजी (Trivalent) अशुद्धि (जैसे – बोरॉन, एल्युमिनियम, इंडियम) मिलाई जाती है।
➡️ यह एक इलेक्ट्रॉन कम देती है जिससे होल (विवर) बहुसंख्यक वाहक बनते हैं और इलेक्ट्रॉन अल्पसंख्यक वाहक होते हैं।
✔️ सही उत्तर: (d)
होल (विवर) बहुसंख्यक वाहक हैं और त्रिसंयोजी परमाणु अशुद्धियाँ हैं।

🔹 प्रश्न 14.3
कार्बन, सिलिकॉन और जर्मेनियम, प्रत्येक के चार संयोजक इलेक्ट्रॉन हैं। इनकी संयोजकता ऊर्जा बैंड अंतराल (Energy Band Gap) क्रमशः इस प्रकार हैं:
E_g(C), E_g(Si), E_g(Ge)
इनके मान क्रम से घटते जाते हैं:
E_g(C) > E_g(Si) > E_g(Ge)
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(a) (E_g)_Si < (E_g)_Ge < (E_g)_C
(b) (E_g)_C < (E_g)_Si < (E_g)_Ge
(c) (E_g)_Ge < (E_g)_Si < (E_g)_C
(d) (E_g)_Ge > (E_g)_Si > (E_g)_C

🟢 उत्तर :
➡️ ऊर्जा बैंड गैप परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ घटता है।
➡️ अतः क्रम होता है —
(E_g)_C > (E_g)_Si > (E_g)_Ge
✔️ सही उत्तर: (c)
(E_g)_Ge < (E_g)_Si < (E_g)_C

🔹 प्रश्न 14.4
बिना वोल्टेज वाले p–n संधि से, होल p–क्षेत्र में n–क्षेत्र की ओर विसरित होते हैं, क्योंकि –
(a) n–क्षेत्र में मुक्त इलेक्ट्रॉनों उन्हें आकर्षित करते हैं।
(b) विभवांतर के कारण सीमा के पार गमन करते हैं।
(c) p–क्षेत्र में होल–सांद्रता, n–क्षेत्र में उनकी सांद्रता से अधिक है।
(d) उपर्युक्त सभी।

🟢 उत्तर :
➡️ जब p–n संधि (junction) बिना बाह्य वोल्टेज के रहती है, तब चार्ज कण सांद्रता अंतर (Concentration Gradient) के कारण विसरण (diffusion) करते हैं।
➡️ p–क्षेत्र में होल की संख्या अधिक होती है और n–क्षेत्र में कम।
➡️ इसलिए होल p–क्षेत्र से n–क्षेत्र की ओर विसरित होते हैं।
✔️ सही उत्तर: (c)
p–क्षेत्र में होल-सांद्रता, n–क्षेत्र में उनकी सांद्रता से अधिक है।

🔹 प्रश्न 14.5
जब p–n संधि पर अग्रवर्ती (forward) वोल्टेज अनुप्रयोजित किया जाता है, तब यह –
(a) विभव रोधक बढ़ाता है।
(b) बहुसंख्यक वाहक धारा को शून्य कर देता है।
(c) विभव रोधक को कम कर देता है।
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

🟢 उत्तर :
➡️ अग्रवर्ती बायस में p–क्षेत्र धनात्मक और n–क्षेत्र ऋणात्मक वोल्टेज से जोड़ा जाता है।
➡️ इससे संधि पर निर्मित विभव रोधक (Potential Barrier) घट जाता है।
➡️ फलस्वरूप वाहक आसानी से संधि पार कर सकते हैं और धारा प्रवाहित होती है।
✔️ सही उत्तर: (c)
विभव रोधक को कम कर देता है।

🔹 प्रश्न 14.6
अर्ध–तरंग रेक्टिफायर में, यदि निष्पादन आवृत्ति 50 Hz है, तो निर्गम आवृत्ति क्या होगी?
समान निष्पादन आवृत्ति हेतु पूर्ण तरंग रेक्टिफायर की निर्गम आवृत्ति क्या है?

🟢 उत्तर :
💡 दिया गया:
इनपुट (निष्पादन) आवृत्ति = 50 Hz
➡️ अर्ध–तरंग रेक्टिफायर (Half-Wave Rectifier) में प्रत्येक इनपुट चक्र पर एक धारा चक्र निकलता है।
✏️ अतः निर्गम आवृत्ति = 50 Hz
➡️ पूर्ण–तरंग रेक्टिफायर (Full-Wave Rectifier) में प्रत्येक इनपुट चक्र से दो धारा चक्र बनते हैं।
✏️ अतः निर्गम आवृत्ति = 2 × 50 = 100 Hz
✔️ अर्ध–तरंग रेक्टिफायर की निर्गम आवृत्ति = 50 Hz
✔️ पूर्ण–तरंग रेक्टिफायर की निर्गम आवृत्ति = 100 Hz

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

Q1. अर्धचालक की चालकता तापमान बढ़ने पर —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) बढ़ती है
🟠 (C) समान रहती है
🔴 (D) शून्य हो जाती है
Answer: (B) बढ़ती है ✔️

Q2. सिलिकॉन का ऊर्जा अंतर (E_g) लगभग कितना होता है?
🔵 (A) 0.1 eV
🟢 (B) 1.1 eV
🟠 (C) 3 eV
🔴 (D) 5 eV
Answer: (B) 1.1 eV ✔️

Q3. अर्धचालक का उदाहरण है —
🔵 (A) ताँबा
🟢 (B) जर्मेनियम
🟠 (C) रबर
🔴 (D) लोहा
Answer: (B) जर्मेनियम ✔️

Q4. N-प्रकार अर्धचालक बनाने हेतु किस तत्व का प्रयोग किया जाता है?
🔵 (A) बोरॉन
🟢 (B) फॉस्फोरस
🟠 (C) एल्युमिनियम
🔴 (D) गैलियम
Answer: (B) फॉस्फोरस ✔️

Q5. P-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक कौन होते हैं?
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) होल
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) होल ✔️

Q6. पी-एन संधि में “रिक्तीकरण क्षेत्र” का निर्माण किस कारण होता है?
🔵 (A) विसरण
🟢 (B) चालकता
🟠 (C) प्रकाश
🔴 (D) ताप
Answer: (A) विसरण ✔️

Q7. अग्रवर्ती संयोजन (Forward Bias) में संधि का आंतरिक विभव —
🔵 (A) घटता है
🟢 (B) बढ़ता है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहता है
🔴 (D) शून्य हो जाता है
Answer: (A) घटता है ✔️

Q8. ज़ेनर द्विपारक का प्रयोग किया जाता है —
🔵 (A) वृद्धि हेतु
🟢 (B) वोल्टता नियामक हेतु
🟠 (C) धारा वृद्धि हेतु
🔴 (D) संकेतक हेतु
Answer: (B) वोल्टता नियामक हेतु ✔️

Q9. LED अग्रवर्ती संयोजन में कार्य करता है और —
🔵 (A) प्रकाश उत्सर्जित करता है
🟢 (B) प्रकाश अवशोषित करता है
🟠 (C) धारा रोकता है
🔴 (D) ताप बढ़ाता है
Answer: (A) प्रकाश उत्सर्जित करता है ✔️

Q10. सौर कोशिका कार्य करती है —
🔵 (A) अग्रवर्ती संयोजन में
🟢 (B) विपरीत संयोजन में
🟠 (C) दोनों संयोजनों में
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) विपरीत संयोजन में ✔️

Q11. त्रि–संयुक्त युक्ति में कितने पी-एन संधि होते हैं?
🔵 (A) एक
🟢 (B) दो
🟠 (C) तीन
🔴 (D) चार
Answer: (B) दो ✔️

Q12. त्रि–संयुक्त युक्ति के तीन भाग हैं —
🔵 (A) उत्सर्जक, आधार, संग्राहक
🟢 (B) एनोड, कैथोड, ग्रिड
🟠 (C) प्लेट, फिलामेंट, कैथोड
🔴 (D) स्रोत, प्रतिरोध, संधारित्र
Answer: (A) उत्सर्जक, आधार, संग्राहक ✔️

Q13. तर्क द्वार (Logic Gate) का उपयोग कहाँ किया जाता है?
🔵 (A) रेडियो में
🟢 (B) डिजिटल परिपथों में
🟠 (C) हीटर में
🔴 (D) पंखे में
Answer: (B) डिजिटल परिपथों में ✔️

Q14. NOT द्वार का कार्य है —
🔵 (A) इनपुट को यथावत देना
🟢 (B) इनपुट का उल्टा देना
🟠 (C) दोनों इनपुट जोड़ना
🔴 (D) शून्य बनाना
Answer: (B) इनपुट का उल्टा देना ✔️

Q15. पी-एन संधि में धारा किस दिशा में प्रवाहित होती है?
🔵 (A) N से P
🟢 (B) P से N
🟠 (C) दोनों दिशा में
🔴 (D) किसी में नहीं
Answer: (B) P से N ✔️

Q16. फोटो द्विपारक में धारा उत्पन्न होती है जब —
🔵 (A) उस पर प्रकाश पड़ता है
🟢 (B) ताप घटता है
🟠 (C) वोल्टता शून्य होती है
🔴 (D) धारा बंद होती है
Answer: (A) उस पर प्रकाश पड़ता है ✔️

Q17. एकीकृत परिपथ (IC) में क्या समाहित होता है?
🔵 (A) बहुत से प्रतिरोधक
🟢 (B) बहुत से अर्धचालक घटक
🟠 (C) केवल एक द्विपारक
🔴 (D) केवल एक तर्क द्वार
Answer: (B) बहुत से अर्धचालक घटक ✔️

Q18. अर्धचालक उपकरणों में प्रयुक्त मुख्य तत्व हैं —
🔵 (A) सिलिकॉन और जर्मेनियम
🟢 (B) एल्युमिनियम और सोडियम
🟠 (C) लोहा और ताँबा
🔴 (D) गंधक और फॉस्फोरस
Answer: (A) सिलिकॉन और जर्मेनियम ✔️

✳️ Section B – लघु उत्तरीय प्रश्न
Q19. अर्धचालक की चालकता ताप के साथ क्यों बढ़ती है?
Answer:
🟢 ताप बढ़ने पर सहसंयोजक बंध टूटने लगते हैं जिससे मुक्त इलेक्ट्रॉन और “होल” उत्पन्न होते हैं।
🟢 मुक्त वाहकों की संख्या बढ़ने से चालकता (σ) बढ़ जाती है।
🟢 अतः अर्धचालक ऋणात्मक ताप गुणांक वाले पदार्थ होते हैं।

Q20. डोपिंग (Mishran) क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
Answer:
🔵 डोपिंग का अर्थ है — शुद्ध अर्धचालक में किसी अन्य तत्व की थोड़ी मात्रा मिलाना।
🔵 उद्देश्य: चालकता बढ़ाना तथा उसे नियंत्रित करना।
🔵 पंचसंयोजी अशुद्धि → N-प्रकार अर्धचालक
🔵 त्रिसंयोजी अशुद्धि → P-प्रकार अर्धचालक

Q21. N-प्रकार अर्धचालक में विद्युत प्रवाह कैसे होता है?
Answer:
🟢 N-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक इलेक्ट्रॉन होते हैं।
🟢 जब वोल्टता लगाई जाती है, ये इलेक्ट्रॉन चालक बैंड में स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
🟢 अल्प वाहक “होल” भी विपरीत दिशा में थोड़ी मात्रा में गति करते हैं।

Q22. पी-एन संधि क्या होती है?
Answer:
🔵 जब P-प्रकार और N-प्रकार अर्धचालक को आपस में जोड़ा जाता है, तो वह क्षेत्र जहाँ दोनों मिलते हैं, पी-एन संधि कहलाता है।
🔵 इसमें रिक्तीकरण क्षेत्र बनता है जिसमें कोई मुक्त वाहक नहीं रहता।
🔵 संधि पर एक आंतरिक विभव (V₀) विकसित होता है जो धारा के प्रवाह को नियंत्रित करता है।

Q23. अग्रवर्ती और विपरीत संयोजन में अंतर स्पष्ट करें।
Answer:
🟢 अग्रवर्ती संयोजन (Forward Bias):
P-पक्ष को बैटरी के धनात्मक और N-पक्ष को ऋणात्मक छोर से जोड़ते हैं — धारा प्रवाहित होती है।
🔴 विपरीत संयोजन (Reverse Bias):
P-पक्ष को ऋणात्मक और N-पक्ष को धनात्मक छोर से जोड़ते हैं — धारा बहुत कम होती है।

⚡ Section C – मध्यम उत्तरीय प्रश्न
Q24. ज़ेनर डायोड क्या है और इसका उपयोग बताइए।
Answer:
🔵 ज़ेनर डायोड एक विशेष प्रकार का डायोड है जो विपरीत संयोजन में कार्य करता है।
🔵 जब वोल्टता एक निश्चित मान (ज़ेनर विभव) से अधिक होती है, तब यह टूटकर स्थिर वोल्टता प्रदान करता है।
🔵 प्रयोग: वोल्टता नियामक, वोल्टता स्थिरीकरण परिपथों में।
💡 सिद्धांत:
V_Z = स्थिर वोल्टता (ब्रेकडाउन वोल्टेज)
I_Z बढ़ने पर भी V_Z लगभग स्थिर रहता है।

Q25. LED का कार्य सिद्धांत लिखिए।
Answer:
🟢 LED (प्रकाश उत्सर्जक डायोड) अग्रवर्ती संयोजन में कार्य करती है।
🟢 जैसे ही धारा प्रवाहित होती है, इलेक्ट्रॉन और होल पुनर्संयोजन करते हैं।
🟢 इस पुनर्संयोजन में ऊर्जा प्रकाश के रूप में उत्सर्जित होती है।
🟢 उत्सर्जित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य उस अर्धचालक पदार्थ पर निर्भर करती है।
💡 उपयोग: संकेतक दीप, डिस्प्ले, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक उपकरण।

Q26. फोटो डायोड क्या है और इसका सिद्धांत बताइए।
Answer:
🔵 फोटो डायोड एक पी-एन संधि युक्ति है जो विपरीत संयोजन में कार्य करती है।
🔵 जब प्रकाश उस पर गिरता है, तो संधि में इलेक्ट्रॉन–होल युग्म उत्पन्न होते हैं।
🔵 इससे संधि धारा बढ़ जाती है — इसे प्रकाश–धारा कहते हैं।
🔵 प्रयोग: प्रकाश संवेदक, स्वचालित लाइटिंग, ऑप्टिकल संचार प्रणाली।

Q27. सौर कोशिका (Solar Cell) की संरचना और कार्य सिद्धांत बताइए।
Answer:
🟢 सौर कोशिका एक विशेष पी-एन संधि होती है।
🟢 जब सूर्य का प्रकाश पड़ता है, तो फोटॉन की ऊर्जा इलेक्ट्रॉन–होल युग्म उत्पन्न करती है।
🟢 यह प्रक्रिया प्रकाश–विद्युत प्रभाव कहलाती है।
🟢 इलेक्ट्रॉन N-पक्ष की ओर और होल P-पक्ष की ओर गति करते हैं जिससे धारा प्रवाहित होती है।
🟢 उपयोग: सौर पैनल, सौर कैलकुलेटर, उपग्रह ऊर्जा स्रोत।

🔶 Section D – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Q28. पी-एन संधि डायोड का निर्माण, कार्यविधि और उसके अग्रवर्ती व विपरीत संयोजन का सिद्धांत समझाइए।
Answer:
🟢 निर्माण:
पी-एन संधि दो प्रकार के अर्धचालकों (P-प्रकार और N-प्रकार) को जोड़कर बनाई जाती है।
P-भाग में “होल” प्रमुख वाहक और N-भाग में “इलेक्ट्रॉन” प्रमुख वाहक होते हैं।
🟢 रिक्तीकरण क्षेत्र (Depletion Region):
जब दोनों प्रकार के अर्धचालक मिलते हैं, तो इलेक्ट्रॉन N से P भाग की ओर और होल P से N भाग की ओर विसरित होते हैं।
इससे संधि पर एक रिक्त क्षेत्र बनता है जिसमें कोई मुक्त वाहक नहीं होता और इसके दोनों सिरों पर आंतरिक विभव (V₀) उत्पन्न होता है।
🟢 अग्रवर्ती संयोजन (Forward Bias):
P-पक्ष को बैटरी के धनात्मक और N-पक्ष को ऋणात्मक छोर से जोड़ते हैं।
अवरोध विभव घटता है और धारा प्रवाहित होती है।
🟢 विपरीत संयोजन (Reverse Bias):
P-पक्ष को ऋणात्मक छोर से जोड़ते हैं।
अवरोध विभव बढ़ जाता है और धारा अत्यल्प हो जाती है।
💡 सारांश: पी-एन संधि डायोड एक एकदिश चालक है जो धारा को केवल एक दिशा में प्रवाहित होने देता है।

Q29. N-प्रकार और P-प्रकार अर्धचालक की तुलना कीजिए।
Answer:
🟢 (1) निर्माण विधि:
N-प्रकार → पंचसंयोजी अशुद्धि (फॉस्फोरस, आर्सेनिक)।
P-प्रकार → त्रिसंयोजी अशुद्धि (बोरॉन, गैलियम)।
🟢 (2) मुख्य वाहक:
N-प्रकार → इलेक्ट्रॉन।
P-प्रकार → होल।
🟢 (3) आवेश:
N-प्रकार → ऋणात्मक वाहक प्रधान।
P-प्रकार → धनात्मक वाहक प्रधान।
🟢 (4) अल्प वाहक:
N-प्रकार में होल,
P-प्रकार में इलेक्ट्रॉन।
🟢 (5) चालकता:
दोनों में चालकता ताप व डोपिंग पर निर्भर करती है।

Q30. त्रि–संयुक्त युक्ति (Transistor) का निर्माण, संरचना और कार्य सिद्धांत लिखिए।
Answer:
🔵 संरचना:
त्रि–संयुक्त युक्ति दो पी-एन संधियों से बनती है। यह दो प्रकार की होती है —
N–P–N
P–N–P
इसमें तीन क्षेत्र होते हैं —
उत्सर्जक (Emitter): वाहक उत्पन्न करता है।
आधार (Base): बहुत पतली और हल्की डोप्ड परत, जो वाहकों को नियंत्रित करती है।
संग्राहक (Collector): वाहकों को ग्रहण करता है।
🔵 कार्य सिद्धांत:
उत्सर्जक से निकलने वाले इलेक्ट्रॉन आधार से होकर संग्राहक तक पहुँचते हैं।
आधार बहुत पतली होती है, इसलिए अधिकतर वाहक पार हो जाते हैं।
छोटी आधार धारा बड़ी संग्राहक धारा को नियंत्रित करती है।
💡 प्रयोग:
धारा वृद्धि (वृद्धक)
स्विचिंग
दोलन परिपथ

Q31. तर्क द्वार (Logic Gates) क्या हैं? इनके प्रकार तथा सत्य सारणी (Truth Table) सहित समझाइए।
Answer:
🟢 परिभाषा:
तर्क द्वार वे इलेक्ट्रॉनिक परिपथ हैं जो बूलियन तर्क (0 और 1) के अनुसार कार्य करते हैं।
प्रत्येक द्वार का आउटपुट इनपुट संकेतों पर निर्भर करता है।
🔵 मुख्य प्रकार:
AND द्वार:
आउटपुट ‘1’ केवल तब जब सभी इनपुट ‘1’ हों।
सारणी:
0,0 → 0
1,0 → 0
1,1 → 1
OR द्वार:
कोई भी एक इनपुट ‘1’ हो तो आउटपुट ‘1’।
0,0 → 0
1,0 → 1
1,1 → 1
NOT द्वार:
आउटपुट = इनपुट का उल्टा।
0 → 1
1 → 0
NAND द्वार: AND + NOT
सभी इनपुट ‘1’ हों तो आउटपुट ‘0’।
NOR द्वार: OR + NOT
सभी इनपुट ‘0’ हों तो आउटपुट ‘1’।
💡 प्रयोग: डिजिटल कंप्यूटर, स्वचालित नियंत्रण परिपथ, कैलकुलेटर।

🔶 Section E – अनुप्रयोग/स्थितिगत प्रश्न
Q32. एक परिपथ में LED को 3 V की बैटरी से जोड़ा गया है। यदि LED अग्रवर्ती संयोजन में जुड़ी है और उसका अवरोध विभव 2 V है, तो प्रवाहित धारा कितनी होगी जब परिपथ में 100 Ω प्रतिरोध श्रेणी में जुड़ा हो?
Answer:
🟢 दिए गए:
V = 3 V, V_d = 2 V, R = 100 Ω
🟢 सूत्र:
I = (V – V_d) / R
🟢 गणना:
I = (3 – 2) / 100 = 1 / 100 = 0.01 A = 10 mA
✔️ परिणाम: प्रवाहित धारा = 10 मिलीएम्पीयर

Q33. एक सौर कोशिका की दक्षता ज्ञात कीजिए यदि 10 सेमी² क्षेत्रफल की कोशिका 0.02 W विद्युत शक्ति उत्पन्न करती है और उस पर पड़ने वाली प्रकाश ऊर्जा का घनत्व 200 W/m² है।
Answer:
🟢 दिया गया:
क्षेत्रफल A = 10 सेमी² = 10 × 10⁻⁴ m² = 1×10⁻³ m²
आउटपुट शक्ति Pₒ = 0.02 W
प्रविष्ट शक्ति Pᵢ = I × A = 200 × 1×10⁻³ = 0.2 W
🟢 दक्षता (η):
η = (Pₒ / Pᵢ) × 100
η = (0.02 / 0.2) × 100 = 10%
✔️ परिणाम: सौर कोशिका की दक्षता = 10 प्रतिशत

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Neet पिछले सालों के प्रश्न

Q1. एक डायोड किस प्रकार की विद्युत चालकता प्रदर्शित करता है?
🔵 (A) द्विदिश
🟢 (B) एकदिश
🟠 (C) तटस्थ
🔴 (D) समान दोनों दिशाओं में
Answer: (B) एकदिश | NEET 2023 (Shift 1)

Q2. N-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक कौन हैं?
🔵 (A) होल
🟢 (B) इलेक्ट्रॉन
🟠 (C) प्रोटॉन
🔴 (D) न्यूट्रॉन
Answer: (B) इलेक्ट्रॉन | NEET 2021 (Shift 2)

Q3. P-प्रकार अर्धचालक में डोपिंग हेतु कौन-सा तत्व प्रयोग किया जाता है?
🔵 (A) आर्सेनिक
🟢 (B) फॉस्फोरस
🟠 (C) बोरॉन
🔴 (D) एंटीमनी
Answer: (C) बोरॉन | NEET 2020 (Shift 1)

Q4. सिलिकॉन अर्धचालक का ऊर्जा अंतर लगभग कितना होता है?
🔵 (A) 0.1 eV
🟢 (B) 1.1 eV
🟠 (C) 3 eV
🔴 (D) 5 eV
Answer: (B) 1.1 eV | NEET 2019 (Shift 2)

Q5. अग्रवर्ती संयोजन में पी-एन संधि का अवरोध विभव —
🔵 (A) बढ़ता है
🟢 (B) घटता है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहता है
🔴 (D) शून्य हो जाता है
Answer: (B) घटता है | NEET 2022 (Shift 2)

Q6. ज़ेनर डायोड का उपयोग किस कार्य हेतु होता है?
🔵 (A) आवृत्ति वृद्धि
🟢 (B) वोल्टता नियामक
🟠 (C) धारा प्रवर्धक
🔴 (D) संकेत परिवर्तक
Answer: (B) वोल्टता नियामक | NEET 2020 (Shift 2)

Q7. एल.ई.डी. अग्रवर्ती संयोजन में प्रकाश उत्सर्जन करती है क्योंकि —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन–होल पुनर्संयोजन होता है
🟢 (B) वोल्टता कम होती है
🟠 (C) धारा रुक जाती है
🔴 (D) ताप उत्पन्न होता है
Answer: (A) इलेक्ट्रॉन–होल पुनर्संयोजन होता है | NEET 2018 (Shift 1)

Q8. ज़ेनर डायोड की विशेषता क्या है?
🔵 (A) एक दिशा में धारा रोकता है
🟢 (B) विपरीत बायस में नियत वोल्टता पर टूटता है
🟠 (C) अग्रवर्ती दिशा में कार्य करता है
🔴 (D) केवल ताप पर निर्भर करता है
Answer: (B) विपरीत बायस में नियत वोल्टता पर टूटता है | NEET 2017 (Set X)

Q9. सौर कोशिका का कार्य सिद्धांत किस प्रभाव पर आधारित है?
🔵 (A) पेल्टियर प्रभाव
🟢 (B) फोटोवोल्टिक प्रभाव
🟠 (C) जूल प्रभाव
🔴 (D) सीबेक प्रभाव
Answer: (B) फोटोवोल्टिक प्रभाव | NEET 2016 (Phase 2)

Q10. LED में उपयोग किया जाने वाला पदार्थ है —
🔵 (A) सिलिकॉन
🟢 (B) जर्मेनियम
🟠 (C) गैलियम आर्सेनाइड
🔴 (D) बोरॉन
Answer: (C) गैलियम आर्सेनाइड | NEET 2015 (Set P)

Q11. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन किसके कारण होता है?
🔵 (A) थर्मल कंपन
🟢 (B) तीव्र विद्युत क्षेत्र द्वारा इलेक्ट्रॉन खींचे जाना
🟠 (C) प्रकाश उत्सर्जन
🔴 (D) न्यूक्लियाई विखंडन
Answer: (B) तीव्र विद्युत क्षेत्र द्वारा इलेक्ट्रॉन खींचे जाना | NEET 2018 (Shift 2)

Q12. फॉस्फोरस मिलाने पर सिलिकॉन अर्धचालक बन जाता है —
🔵 (A) P-प्रकार
🟢 (B) N-प्रकार
🟠 (C) कुचालक
🔴 (D) चालक
Answer: (B) N-प्रकार | NEET 2014 (Set S)

Q13. सौर कोशिका की दक्षता सामान्यतः कितनी होती है?
🔵 (A) 5–10%
🟢 (B) 30–40%
🟠 (C) 80–90%
🔴 (D) 100%
Answer: (A) 5–10% | NEET 2021 (Shift 1)

Q14. LED किस संयोजन में कार्य करती है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) अग्रवर्ती | NEET 2019 (Shift 1)

Q15. ज़ेनर ब्रेकडाउन में धारा —
🔵 (A) बढ़ती है, वोल्टता घटती है
🟢 (B) बढ़ती है, वोल्टता स्थिर रहती है
🟠 (C) घटती है, वोल्टता बढ़ती है
🔴 (D) दोनों घटते हैं
Answer: (B) बढ़ती है, वोल्टता स्थिर रहती है | NEET 2016 (Set W)

Q16. अर्धचालक में चालकता किस कारण होती है?
🔵 (A) बंधित इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) मुक्त इलेक्ट्रॉन व होल
🟠 (C) प्रोटॉन
🔴 (D) न्यूट्रॉन
Answer: (B) मुक्त इलेक्ट्रॉन व होल | NEET 2018 (Shift 1)

Q17. P-प्रकार अर्धचालक बनाने हेतु किस प्रकार की अशुद्धि मिलाई जाती है?
🔵 (A) पंचसंयोजी
🟢 (B) त्रिसंयोजी
🟠 (C) द्विसंयोजी
🔴 (D) षट्‌संयोजी
Answer: (B) त्रिसंयोजी | NEET 2017 (Set P)

Q18. अग्रवर्ती संयोजन में धारा बहने लगती है क्योंकि —
🔵 (A) अवरोध विभव बढ़ता है
🟢 (B) अवरोध विभव घटता है
🟠 (C) ताप घटता है
🔴 (D) ताप बढ़ता है
Answer: (B) अवरोध विभव घटता है | NEET 2019 (Shift 2)

Q19. अर्धचालक का तापीय गुणांक होता है —
🔵 (A) धनात्मक
🟢 (B) ऋणात्मक
🟠 (C) शून्य
🔴 (D) असमान
Answer: (B) ऋणात्मक | NEET 2014 (Set X)

Q20. सौर कोशिका में उत्पन्न धारा किसके अनुपात में होती है?
🔵 (A) तापमान
🟢 (B) आपतित प्रकाश तीव्रता
🟠 (C) संधि क्षेत्रफल
🔴 (D) चालकता
Answer: (B) आपतित प्रकाश तीव्रता | NEET 2020 (Shift 2)

Q21. LED का पूरा नाम है —
🔵 (A) Light Emitting Diode
🟢 (B) Laser Emitting Device
🟠 (C) Light Emission Detector
🔴 (D) Luminous Energy Detector
Answer: (A) Light Emitting Diode | NEET 2012 (Set W)

Q22. सिलिकॉन अर्धचालक में 300 K पर आंतरिक वाहक घनत्व nᵢ लगभग —
🔵 (A) 10⁵ m⁻³
🟢 (B) 10¹⁶ m⁻³
🟠 (C) 10¹⁰ m⁻³
🔴 (D) 10²⁰ m⁻³
Answer: (C) 10¹⁰ m⁻³ | NEET 2013 (Set Q)

Q23. LED में किस प्रकार की ऊर्जा का रूपांतरण होता है?
🔵 (A) विद्युत से प्रकाश
🟢 (B) प्रकाश से विद्युत
🟠 (C) ऊष्मा से प्रकाश
🔴 (D) रासायनिक से विद्युत
Answer: (A) विद्युत से प्रकाश | NEET 2017 (Set M)

Q24. फोटो डायोड किस संयोजन में कार्य करता है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) विपरीत | NEET 2018 (Shift 2)

Q25. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन होने पर वोल्टता —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) स्थिर रहती है
🟠 (C) बढ़ती है
🔴 (D) शून्य हो जाती है
Answer: (B) स्थिर रहती है | NEET 2019 (Shift 1)

Q26. N–प्रकार अर्धचालक में अशुद्धि मिलाने से कौन-सा परिवर्तन होता है?
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन की संख्या घटती है
🟢 (B) इलेक्ट्रॉन की संख्या बढ़ती है
🟠 (C) होल की संख्या बढ़ती है
🔴 (D) कोई परिवर्तन नहीं
Answer: (B) इलेक्ट्रॉन की संख्या बढ़ती है | NEET 2018 (Shift 1)

Q27. LED में उपयोग किया जाने वाला अर्धचालक है —
🔵 (A) सिलिकॉन
🟢 (B) गैलियम फॉस्फाइड
🟠 (C) बोरॉन नाइट्राइड
🔴 (D) जर्मेनियम
Answer: (B) गैलियम फॉस्फाइड | NEET 2017 (Set R)

Q28. P–प्रकार अर्धचालक में विद्युत धारा किसके कारण बहती है?
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) होल
🟠 (C) प्रोटॉन
🔴 (D) न्यूट्रॉन
Answer: (B) होल | NEET 2016 (Phase 2)

Q29. LED का कार्य सिद्धांत है —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन-होल पुनर्संयोजन से प्रकाश उत्सर्जन
🟢 (B) तापीय आयनीकरण
🟠 (C) जूल प्रभाव
🔴 (D) थर्मोइलेक्ट्रिक प्रभाव
Answer: (A) इलेक्ट्रॉन-होल पुनर्संयोजन से प्रकाश उत्सर्जन | NEET 2019 (Shift 1)

Q30. ज़ेनर डायोड का उपयोग कहाँ नहीं किया जा सकता?
🔵 (A) वोल्टता नियमन
🟢 (B) रेक्टिफ़ायर
🟠 (C) वोल्टता स्थिरीकरण
🔴 (D) संरक्षण परिपथ
Answer: (B) रेक्टिफ़ायर | NEET 2022 (Shift 2)

Q31. पी-एन संधि डायोड का उपयोग किया जाता है —
🔵 (A) धारा वृद्धि हेतु
🟢 (B) ए.सी. को डी.सी. में बदलने हेतु
🟠 (C) वोल्टता वृद्धि हेतु
🔴 (D) प्रकाश निर्माण हेतु
Answer: (B) ए.सी. को डी.सी. में बदलने हेतु | NEET 2020 (Shift 1)

Q32. सौर कोशिका किस संयोजन में कार्य करती है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) विपरीत | NEET 2019 (Shift 2)

Q33. जब अर्धचालक में ताप बढ़ता है, तो —
🔵 (A) चालकता घटती है
🟢 (B) चालकता बढ़ती है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहती है
🔴 (D) शून्य हो जाती है
Answer: (B) चालकता बढ़ती है | NEET 2017 (Set P)

Q34. LED का रंग निर्भर करता है —
🔵 (A) तापमान पर
🟢 (B) अर्धचालक के ऊर्जा अंतर (E_g) पर
🟠 (C) आपूर्ति वोल्टता पर
🔴 (D) तार की मोटाई पर
Answer: (B) अर्धचालक के ऊर्जा अंतर (E_g) पर | NEET 2018 (Shift 2)

Q35. अर्धचालक में ऊर्जा अंतर का मान चालक की तुलना में —
🔵 (A) अधिक होता है
🟢 (B) कम होता है
🟠 (C) समान होता है
🔴 (D) शून्य होता है
Answer: (B) कम होता है | NEET 2015 (Set O)

Q36. ज़ेनर डायोड का उपयोग वोल्टता नियमन में इसलिए होता है क्योंकि —
🔵 (A) यह अग्रवर्ती दिशा में कार्य करता है
🟢 (B) यह नियत वोल्टता पर विपरीत बायस में टूटता है
🟠 (C) यह धारा नहीं बहने देता
🔴 (D) यह दोनों दिशाओं में समान रूप से कार्य करता है
Answer: (B) यह नियत वोल्टता पर विपरीत बायस में टूटता है | NEET 2021 (Shift 2)

Q37. LED में किस प्रकार की धारा प्रवाहित होती है?
🔵 (A) ए.सी.
🟢 (B) डी.सी.
🟠 (C) वैकल्पिक धारा
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) डी.सी. | NEET 2016 (Phase 1)

Q38. ज़ेनर डायोड को कैसे जोड़ा जाता है?
🔵 (A) अग्रवर्ती संयोजन में
🟢 (B) विपरीत संयोजन में
🟠 (C) दोनों संयोजनों में
🔴 (D) किसी में नहीं
Answer: (B) विपरीत संयोजन में | NEET 2013 (Set X)

Q39. एक अर्धचालक में चालकता मुख्य रूप से किस पर निर्भर करती है?
🔵 (A) ताप पर
🟢 (B) चुंबकीय क्षेत्र पर
🟠 (C) प्रकाश तीव्रता पर
🔴 (D) घनत्व पर
Answer: (A) ताप पर | NEET 2020 (Shift 1)

Q40. ज़ेनर डायोड का अवरोध क्षेत्र किस पर निर्भर करता है?
🔵 (A) ताप पर
🟢 (B) डोपिंग स्तर पर
🟠 (C) क्षेत्रफल पर
🔴 (D) पदार्थ की मोटाई पर
Answer: (B) डोपिंग स्तर पर | NEET 2018 (Shift 1)

Q41. LED में प्रकाश उत्पन्न होता है —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन-होल पुनर्संयोजन से
🟢 (B) ताप उत्पन्न होने से
🟠 (C) जूल ऊष्मा से
🔴 (D) धारा रुकने से
Answer: (A) इलेक्ट्रॉन-होल पुनर्संयोजन से | NEET 2017 (Set M)

Q42. ज़ेनर डायोड का प्रतीक किस रूप में दर्शाया जाता है?
🔵 (A) साधारण डायोड के समान
🟢 (B) साधारण डायोड के समान परंतु मुड़ी हुई रेखा के साथ
🟠 (C) विपरीत दिशा में तीर सहित
🔴 (D) वृताकार चिह्न के साथ
Answer: (B) साधारण डायोड के समान परंतु मुड़ी हुई रेखा के साथ | NEET 2022 (Shift 1)

Q43. फोटो डायोड का उपयोग किया जाता है —
🔵 (A) प्रकाश तीव्रता मापने हेतु
🟢 (B) ताप मापन हेतु
🟠 (C) विद्युत विभव मापन हेतु
🔴 (D) आवृत्ति मापन हेतु
Answer: (A) प्रकाश तीव्रता मापने हेतु | NEET 2019 (Shift 2)

Q44. LED में प्रयुक्त धारा की दिशा —
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) वैकल्पिक
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) अग्रवर्ती | NEET 2016 (Set Z)

Q45. अर्धचालक की चालकता बढ़ाई जा सकती है —
🔵 (A) ताप घटाकर
🟢 (B) डोपिंग द्वारा
🟠 (C) शीतलन द्वारा
🔴 (D) प्रकाश कम करके
Answer: (B) डोपिंग द्वारा | NEET 2021 (Shift 1)

Q46. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन धारा —
🔵 (A) वोल्टता पर निर्भर नहीं करती
🟢 (B) वोल्टता पर रैखिक निर्भर करती है
🟠 (C) ताप पर निर्भर करती है
🔴 (D) केवल दिशा पर निर्भर करती है
Answer: (A) वोल्टता पर निर्भर नहीं करती | NEET 2018 (Shift 2)

Q47. LED में प्रयुक्त वोल्टता सामान्यतः कितनी होती है?
🔵 (A) 0.2 V
🟢 (B) 2–3 V
🟠 (C) 10 V
🔴 (D) 20 V
Answer: (B) 2–3 V | NEET 2023 (Shift 2)

Q48. फोटो डायोड में धारा किस पर निर्भर करती है?
🔵 (A) प्रकाश तीव्रता पर
🟢 (B) तापमान पर
🟠 (C) वोल्टता पर
🔴 (D) धारा दिशा पर
Answer: (A) प्रकाश तीव्रता पर | NEET 2017 (Set Q)

Q49. अर्धचालक में ऊर्जा अंतर (E_g) का मान जर्मेनियम के लिए लगभग कितना होता है?
🔵 (A) 0.7 eV
🟢 (B) 1.1 eV
🟠 (C) 3 eV
🔴 (D) 5 eV
Answer: (A) 0.7 eV | NEET 2015 (Set R)

Q50. LED में विद्युत ऊर्जा किस रूप में परिवर्तित होती है?
🔵 (A) ऊष्मा ऊर्जा
🟢 (B) प्रकाश ऊर्जा
🟠 (C) ध्वनि ऊर्जा
🔴 (D) यांत्रिक ऊर्जा
Answer: (B) प्रकाश ऊर्जा | NEET 2014 (Set X)

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JEE MAINS पिछले सालों के प्रश्न

Q1. N-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक होते हैं —
🔵 (A) होल
🟢 (B) इलेक्ट्रॉन
🟠 (C) प्रोटॉन
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) इलेक्ट्रॉन | JEE Main 2024 | Shift 1

Q2. ज़ेनर डायोड का मुख्य प्रयोग होता है —
🔵 (A) धारा वृद्धि के लिए
🟢 (B) वोल्टता नियमन के लिए
🟠 (C) ए.सी. परिवर्तन के लिए
🔴 (D) आवृत्ति वृद्धि के लिए
Answer: (B) वोल्टता नियमन के लिए | JEE Main 2022 | Shift 2

Q3. एल.ई.डी. अग्रवर्ती संयोजन में प्रकाश उत्सर्जन क्यों करती है?
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन-होल पुनर्संयोजन के कारण
🟢 (B) थर्मल कंपन के कारण
🟠 (C) ब्रेकडाउन के कारण
🔴 (D) चुंबकीय प्रभाव के कारण
Answer: (A) इलेक्ट्रॉन-होल पुनर्संयोजन के कारण | JEE Main 2023 | Shift 1

Q4. P-प्रकार अर्धचालक में किस प्रकार की अशुद्धि मिलाई जाती है?
🔵 (A) पंचसंयोजी
🟢 (B) त्रिसंयोजी
🟠 (C) द्विसंयोजी
🔴 (D) षटसंयोजी
Answer: (B) त्रिसंयोजी | JEE Main 2021 | Shift 1

Q5. अग्रवर्ती संयोजन में पी-एन संधि का अवरोध विभव —
🔵 (A) बढ़ता है
🟢 (B) घटता है
🟠 (C) शून्य होता है
🔴 (D) समान रहता है
Answer: (B) घटता है | JEE Main 2020 | Shift 2

Q6. ज़ेनर डायोड विपरीत संयोजन में कार्य करता है जब —
🔵 (A) वोल्टता ब्रेकडाउन वोल्टेज से अधिक हो
🟢 (B) वोल्टता ब्रेकडाउन वोल्टेज से कम हो
🟠 (C) धारा शून्य हो
🔴 (D) कोई वोल्टता न हो
Answer: (A) वोल्टता ब्रेकडाउन वोल्टेज से अधिक हो | JEE Main 2019 | Shift 1

Q7. एल.ई.डी. में प्रयुक्त अर्धचालक है —
🔵 (A) गैलियम आर्सेनाइड
🟢 (B) सिलिकॉन
🟠 (C) जर्मेनियम
🔴 (D) गैलियम नाइट्राइड
Answer: (A) गैलियम आर्सेनाइड | JEE Main 2018 | Set B

Q8. सौर कोशिका किस प्रभाव पर आधारित है?
🔵 (A) थर्मोइलेक्ट्रिक प्रभाव
🟢 (B) फोटोवोल्टिक प्रभाव
🟠 (C) पेल्टियर प्रभाव
🔴 (D) जूल प्रभाव
Answer: (B) फोटोवोल्टिक प्रभाव | JEE Main 2022 | Shift 1

Q9. जब अर्धचालक में ताप बढ़ता है तो उसकी चालकता —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) बढ़ती है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहती है
🔴 (D) शून्य हो जाती है
Answer: (B) बढ़ती है | JEE Main 2023 | Shift 2

Q10. LED का रंग किस पर निर्भर करता है?
🔵 (A) धारा की दिशा पर
🟢 (B) तापमान पर
🟠 (C) ऊर्जा अंतर (E_g) पर
🔴 (D) वोल्टता पर
Answer: (C) ऊर्जा अंतर (E_g) पर | JEE Main 2016 | Set 2

Q11. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन होता है —
🔵 (A) तीव्र विद्युत क्षेत्र के कारण
🟢 (B) थर्मल ऊर्जा के कारण
🟠 (C) प्रकाश उत्सर्जन के कारण
🔴 (D) चुंबकीय बल के कारण
Answer: (A) तीव्र विद्युत क्षेत्र के कारण | JEE Main 2021 | Shift 2

Q12. P–N संधि डायोड का प्रयोग किया जाता है —
🔵 (A) वोल्टता स्थिरीकरण में
🟢 (B) धारा वृद्धि में
🟠 (C) ए.सी. को डी.सी. में बदलने में
🔴 (D) ऊर्जा संग्रहण में
Answer: (C) ए.सी. को डी.सी. में बदलने में | JEE Main 2015 | Set A

Q13. LED में विद्युत धारा किस दिशा में प्रवाहित होती है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) अग्रवर्ती | JEE Main 2019 | Shift 2

Q14. N–प्रकार अर्धचालक बनाने हेतु कौन-सा तत्व प्रयोग किया जाता है?
🔵 (A) फॉस्फोरस
🟢 (B) बोरॉन
🟠 (C) गैलियम
🔴 (D) एल्युमिनियम
Answer: (A) फॉस्फोरस | JEE Main 2017 | Set B

Q15. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन धारा बढ़ने पर वोल्टता —
🔵 (A) बढ़ती है
🟢 (B) स्थिर रहती है
🟠 (C) घटती है
🔴 (D) शून्य हो जाती है
Answer: (B) स्थिर रहती है | JEE Main 2020 | Shift 1

Q16. सिलिकॉन अर्धचालक का ऊर्जा अंतर (E_g) लगभग कितना है?
🔵 (A) 0.7 eV
🟢 (B) 1.1 eV
🟠 (C) 3 eV
🔴 (D) 5 eV
Answer: (B) 1.1 eV | JEE Main 2018 | Set D

Q17. LED में विद्युत ऊर्जा का रूपांतरण होता है —
🔵 (A) विद्युत से ऊष्मा
🟢 (B) विद्युत से प्रकाश
🟠 (C) ऊष्मा से प्रकाश
🔴 (D) रासायनिक से विद्युत
Answer: (B) विद्युत से प्रकाश | JEE Main 2022 | Shift 2

Q18. फोटो डायोड किस संयोजन में कार्य करता है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) विपरीत | JEE Main 2015 | Set C

Q19. N-प्रकार अर्धचालक में अशुद्धि मिलाने से —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन की संख्या घटती है
🟢 (B) इलेक्ट्रॉन की संख्या बढ़ती है
🟠 (C) होल की संख्या बढ़ती है
🔴 (D) कोई परिवर्तन नहीं
Answer: (B) इलेक्ट्रॉन की संख्या बढ़ती है | JEE Main 2023 | Shift 1

Q20. ज़ेनर डायोड को परिपथ में कैसे जोड़ा जाता है?
🔵 (A) अग्रवर्ती संयोजन में
🟢 (B) विपरीत संयोजन में
🟠 (C) दोनों में
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) विपरीत संयोजन में | JEE Main 2021 | Shift 2

Q21. फोटो डायोड का उपयोग होता है —
🔵 (A) प्रकाश तीव्रता मापने हेतु
🟢 (B) ताप मापने हेतु
🟠 (C) आवृत्ति मापने हेतु
🔴 (D) धारा वृद्धि हेतु
Answer: (A) प्रकाश तीव्रता मापने हेतु | JEE Main 2020 | Shift 2

Q22. सौर कोशिका किस प्रकार की पी-एन संधि होती है?
🔵 (A) अग्रवर्ती संयोजित
🟢 (B) विपरीत संयोजित
🟠 (C) वैकल्पिक
🔴 (D) शून्य विभव वाली
Answer: (B) विपरीत संयोजित | JEE Main 2017 | Set A

Q23. P-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक होते हैं —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) होल
🟠 (C) प्रोटॉन
🔴 (D) न्यूट्रॉन
Answer: (B) होल | JEE Main 2016 | Set D

Q24. LED में प्रयुक्त धारा होती है —
🔵 (A) ए.सी.
🟢 (B) डी.सी.
🟠 (C) वैकल्पिक
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) डी.सी. | JEE Main 2015 | Set A

Q25. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन होने पर कौन-सी स्थिति उत्पन्न होती है?
🔵 (A) वोल्टता घटती है
🟢 (B) वोल्टता स्थिर रहती है
🟠 (C) वोल्टता बढ़ती है
🔴 (D) धारा शून्य हो जाती है
Answer: (B) वोल्टता स्थिर रहती है | JEE Main 2024 | Shift 2

Q26. ज़ेनर डायोड का ब्रेकडाउन किस प्रकार का होता है?
🔵 (A) थर्मल
🟢 (B) ज़ेनर व एवलांच दोनों
🟠 (C) जूल प्रभाव
🔴 (D) प्रकाश उत्सर्जन
Answer: (B) ज़ेनर व एवलांच दोनों | JEE Main 2023 | Shift 2

Q27. LED में प्रयुक्त वोल्टता सामान्यतः कितनी होती है?
🔵 (A) 0.7 V
🟢 (B) 2–3 V
🟠 (C) 5–6 V
🔴 (D) 10 V
Answer: (B) 2–3 V | JEE Main 2022 | Shift 1

Q28. ज़ेनर डायोड को वोल्टता नियामक के रूप में उपयोग किया जाता है क्योंकि —
🔵 (A) यह नियत वोल्टता पर टूटता है
🟢 (B) यह अग्रवर्ती संयोजन में कार्य करता है
🟠 (C) यह दोनों दिशाओं में समान वोल्टता देता है
🔴 (D) यह ताप पर निर्भर नहीं करता
Answer: (A) यह नियत वोल्टता पर टूटता है | JEE Main 2021 | Shift 2

Q29. अर्धचालक में डोपिंग का मुख्य उद्देश्य है —
🔵 (A) चालकता घटाना
🟢 (B) चालकता बढ़ाना
🟠 (C) तापीय चालकता बढ़ाना
🔴 (D) प्रकाशीय पारदर्शिता बढ़ाना
Answer: (B) चालकता बढ़ाना | JEE Main 2019 | Shift 1

Q30. फोटो डायोड में धारा किस पर निर्भर करती है?
🔵 (A) प्रकाश की तीव्रता पर
🟢 (B) तापमान पर
🟠 (C) विभव पर
🔴 (D) दिशा पर
Answer: (A) प्रकाश की तीव्रता पर | JEE Main 2018 | Set A

Q31. N-प्रकार अर्धचालक में अल्पसंख्यक वाहक कौन होते हैं?
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) होल
🟠 (C) प्रोटॉन
🔴 (D) न्यूट्रॉन
Answer: (B) होल | JEE Main 2017 | Set C

Q32. LED किस संयोजन में कार्य करती है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) वैकल्पिक
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) अग्रवर्ती | JEE Main 2020 | Shift 1

Q33. P–प्रकार अर्धचालक में अशुद्धि परमाणु देते हैं —
🔵 (A) अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) इलेक्ट्रॉन रिक्तियाँ (होल)
🟠 (C) धनायन
🔴 (D) ऋणायन
Answer: (B) इलेक्ट्रॉन रिक्तियाँ (होल) | JEE Main 2016 | Set D

Q34. अर्धचालक में ताप बढ़ाने पर वाहकों की संख्या —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) बढ़ती है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहती है
🔴 (D) पहले बढ़ती फिर घटती है
Answer: (B) बढ़ती है | JEE Main 2023 | Shift 1

Q35. सिलिकॉन अर्धचालक का ऊर्जा अंतर (E_g) कितना है?
🔵 (A) 0.7 eV
🟢 (B) 1.1 eV
🟠 (C) 3.0 eV
🔴 (D) 5.0 eV
Answer: (B) 1.1 eV | JEE Main 2015 | Set A

Q36. P–N संधि डायोड किस कार्य में प्रयुक्त होता है?
🔵 (A) प्रवर्धन
🟢 (B) रेक्टिफिकेशन
🟠 (C) दोलन
🔴 (D) तरंग रूपांतरण
Answer: (B) रेक्टिफिकेशन | JEE Main 2018 | Set B

Q37. LED में किस प्रकार की धारा प्रवाहित होती है?
🔵 (A) डी.सी.
🟢 (B) ए.सी.
🟠 (C) कोई नहीं
🔴 (D) दोनों
Answer: (A) डी.सी. | JEE Main 2019 | Shift 2

Q38. P–N संधि में अवरोध विभव का निर्माण किस कारण होता है?
🔵 (A) ताप प्रवाह
🟢 (B) आयनों के स्थिरीकरण से
🟠 (C) चुंबकीय प्रभाव से
🔴 (D) थर्मल कंपन से
Answer: (B) आयनों के स्थिरीकरण से | JEE Main 2016 | Set C

Q39. अर्धचालक में मुक्त वाहक बढ़ाने हेतु क्या किया जाता है?
🔵 (A) डोपिंग
🟢 (B) ठंडा करना
🟠 (C) दाब बढ़ाना
🔴 (D) घर्षण देना
Answer: (A) डोपिंग | JEE Main 2020 | Shift 2

Q40. LED में प्रकाश उत्सर्जन किस कारण होता है?
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन-होल पुनर्संयोजन
🟢 (B) ब्रेकडाउन
🟠 (C) ताप प्रभाव
🔴 (D) चुंबकीय क्षेत्र
Answer: (A) इलेक्ट्रॉन-होल पुनर्संयोजन | JEE Main 2015 | Set C

Q41. ज़ेनर डायोड की विशेषता है —
🔵 (A) दोनों दिशाओं में समान धारा
🟢 (B) नियत वोल्टता पर विपरीत बायस में ब्रेकडाउन
🟠 (C) अग्रवर्ती संयोजन में अधिक धारा
🔴 (D) ताप पर निर्भरता
Answer: (B) नियत वोल्टता पर विपरीत बायस में ब्रेकडाउन | JEE Main 2024 | Shift 1

Q42. फोटो डायोड का उपयोग होता है —
🔵 (A) वोल्टता मापने में
🟢 (B) प्रकाश पहचानने में
🟠 (C) धारा स्थिरीकरण में
🔴 (D) आवृत्ति नियंत्रण में
Answer: (B) प्रकाश पहचानने में | JEE Main 2023 | Shift 2

Q43. ज़ेनर डायोड का प्रतीक किस प्रकार होता है?
🔵 (A) साधारण डायोड जैसा
🟢 (B) मुड़ी हुई रेखा के साथ डायोड जैसा
🟠 (C) वृत्ताकार चिह्न सहित
🔴 (D) दो तीरों के साथ
Answer: (B) मुड़ी हुई रेखा के साथ डायोड जैसा | JEE Main 2017 | Set A

Q44. P–N संधि का उपयोग किस कार्य में होता है?
🔵 (A) प्रकाश प्रवर्धन
🟢 (B) रेक्टिफिकेशन
🟠 (C) सिग्नल डिटेक्शन
🔴 (D) ताप मापन
Answer: (B) रेक्टिफिकेशन | JEE Main 2018 | Set D

Q45. LED का रंग किस पर निर्भर करता है?
🔵 (A) आपूर्ति धारा पर
🟢 (B) अर्धचालक के ऊर्जा अंतर (E_g) पर
🟠 (C) ताप पर
🔴 (D) आवृत्ति पर
Answer: (B) अर्धचालक के ऊर्जा अंतर (E_g) पर | JEE Main 2019 | Shift 1

Q46. LED में प्रयुक्त पदार्थ का प्रकार होता है —
🔵 (A) अप्रकाशीय
🟢 (B) प्रकाशीय अर्धचालक
🟠 (C) कुचालक
🔴 (D) चालक
Answer: (B) प्रकाशीय अर्धचालक | JEE Main 2021 | Shift 1

Q47. फोटो डायोड का उपयोग किस क्षेत्र में होता है?
🔵 (A) सौर ऊर्जा परिवर्तन
🟢 (B) प्रकाश संवेदक
🟠 (C) रेक्टिफायर
🔴 (D) प्रवर्धक
Answer: (B) प्रकाश संवेदक | JEE Main 2022 | Shift 2

Q48. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन वोल्टता किस पर निर्भर करती है?
🔵 (A) डोपिंग घनत्व पर
🟢 (B) तापमान पर
🟠 (C) क्षेत्रफल पर
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) डोपिंग घनत्व पर | JEE Main 2020 | Shift 1

Q49. LED में प्रयुक्त धारा की दिशा होती है —
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) वैकल्पिक
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) अग्रवर्ती | JEE Main 2024 | Shift 2

Q50. सौर कोशिका की दक्षता सामान्यतः होती है —
🔵 (A) 5–10%
🟢 (B) 50%
🟠 (C) 80%
🔴 (D) 100%
Answer: (A) 5–10% | JEE Main 2019 | Shift 1

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JEE ADVANCED पिछले सालों के प्रश्न

Q1. सिलिकॉन का ऊर्जा अंतर (E_g) लगभग कितना होता है?
🔵 (A) 0.7 eV
🟢 (B) 1.1 eV
🟠 (C) 3 eV
🔴 (D) 5 eV
Answer: (B) 1.1 eV | 2018 | Paper-1 | Set-2

Q2. जर्मेनियम अर्धचालक में चालकता बढ़ाने हेतु किस तत्व की डोपिंग की जाती है?
🔵 (A) बोरॉन
🟢 (B) फॉस्फोरस
🟠 (C) गैलियम
🔴 (D) एल्युमिनियम
Answer: (B) फॉस्फोरस | 2017 | Paper-1 | Set-1

Q3. P–N संधि डायोड के अग्रवर्ती संयोजन में अवरोध विभव —
🔵 (A) घटता है
🟢 (B) बढ़ता है
🟠 (C) शून्य हो जाता है
🔴 (D) अपरिवर्तित रहता है
Answer: (A) घटता है | 2019 | Paper-1 | Set-2

Q4. N–प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक होते हैं —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) होल
🟠 (C) आयन
🔴 (D) प्रोटॉन
Answer: (A) इलेक्ट्रॉन | 2022 | Paper-1 | Set-1

Q5. P–प्रकार अर्धचालक में धारा का प्रवाह होता है —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉनों की गति से
🟢 (B) होल की गति से
🟠 (C) आयनों के विस्थापन से
🔴 (D) किसी से नहीं
Answer: (B) होल की गति से | 2020 | Paper-1 | Set-2

Q6. LED अग्रवर्ती संयोजन में प्रकाश उत्सर्जित करती है क्योंकि —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन–होल पुनर्संयोजन होता है
🟢 (B) आयन स्थिर रहते हैं
🟠 (C) ऊर्जा अंतर घटता है
🔴 (D) अवरोध विभव बढ़ता है
Answer: (A) इलेक्ट्रॉन–होल पुनर्संयोजन होता है | 2016 | Paper-1 | Set-3

Q7. ज़ेनर डायोड की विशेषता क्या है?
🔵 (A) यह विपरीत संयोजन में नियत वोल्टता पर ब्रेकडाउन करता है
🟢 (B) यह अग्रवर्ती संयोजन में नियत वोल्टता रखता है
🟠 (C) यह दो दिशाओं में समान धारा देता है
🔴 (D) यह केवल ताप पर निर्भर करता है
Answer: (A) यह विपरीत संयोजन में नियत वोल्टता पर ब्रेकडाउन करता है | 2018 | Paper-1 | Set-1

Q8. अर्धचालक में ताप बढ़ाने पर प्रतिरोध —
🔵 (A) घटता है
🟢 (B) बढ़ता है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहता है
🔴 (D) शून्य हो जाता है
Answer: (A) घटता है | 2019 | Paper-1 | Set-2

Q9. सौर कोशिका का कार्य सिद्धांत है —
🔵 (A) फोटोवोल्टिक प्रभाव
🟢 (B) जूल प्रभाव
🟠 (C) सीबेक प्रभाव
🔴 (D) पेल्टियर प्रभाव
Answer: (A) फोटोवोल्टिक प्रभाव | 2023 | Paper-1 | Set-1

Q10. LED में प्रयुक्त वोल्टता सामान्यतः होती है —
🔵 (A) 0.7 V
🟢 (B) 1.1 V
🟠 (C) 2–3 V
🔴 (D) 10 V
Answer: (C) 2–3 V | 2015 | Paper-1 | Set-3

Q11. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन किस कारण होता है?
🔵 (A) तीव्र विद्युत क्षेत्र द्वारा इलेक्ट्रॉन खींचे जाते हैं
🟢 (B) थर्मल कंपन से
🟠 (C) प्रकाश से
🔴 (D) दाब से
Answer: (A) तीव्र विद्युत क्षेत्र द्वारा इलेक्ट्रॉन खींचे जाते हैं | 2020 | Paper-1 | Set-1

Q12. LED का रंग निर्भर करता है —
🔵 (A) ऊर्जा अंतर पर
🟢 (B) वोल्टता पर
🟠 (C) ताप पर
🔴 (D) धारा की दिशा पर
Answer: (A) ऊर्जा अंतर पर | 2021 | Paper-1 | Set-2

Q13. N–प्रकार अर्धचालक में अल्पसंख्यक वाहक होते हैं —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) होल
🟠 (C) आयन
🔴 (D) प्रोटॉन
Answer: (B) होल | 2019 | Paper-1 | Set-1

Q14. P–N संधि में उत्पन्न अवरोध विभव का मान मुख्यतः निर्भर करता है —
🔵 (A) ताप और डोपिंग पर
🟢 (B) दाब पर
🟠 (C) प्रकाश पर
🔴 (D) दिशा पर
Answer: (A) ताप और डोपिंग पर | 2022 | Paper-1 | Set-2

Q15. जब LED में आपूर्ति धारा बढ़ाई जाती है तो —
🔵 (A) प्रकाश तीव्रता बढ़ती है
🟢 (B) प्रकाश तीव्रता घटती है
🟠 (C) रंग बदल जाता है
🔴 (D) धारा बंद हो जाती है
Answer: (A) प्रकाश तीव्रता बढ़ती है | 2016 | Paper-1 | Set-1

Q16. सौर कोशिका का उपयोग किया जाता है —
🔵 (A) ऊर्जा परिवर्तन हेतु
🟢 (B) प्रकाश वृद्धि हेतु
🟠 (C) ताप मापन हेतु
🔴 (D) प्रवर्धन हेतु
Answer: (A) ऊर्जा परिवर्तन हेतु | 2017 | Paper-1 | Set-3

Q17. अर्धचालक की चालकता बढ़ाई जा सकती है —
🔵 (A) डोपिंग द्वारा
🟢 (B) ताप घटाकर
🟠 (C) प्रकाश कम करके
🔴 (D) शीतलन द्वारा
Answer: (A) डोपिंग द्वारा | 2015 | Paper-1 | Set-2

Q18. जब अर्धचालक में ताप बढ़ाया जाता है, तो वाहकों की संख्या —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) बढ़ती है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहती है
🔴 (D) शून्य होती है
Answer: (B) बढ़ती है | 2021 | Paper-2 | Set-1

Q19. LED का रंग निर्भर करता है —
🔵 (A) ऊर्जा अंतर (E_g) पर
🟢 (B) तापमान पर
🟠 (C) धारा पर
🔴 (D) कोण पर
Answer: (A) ऊर्जा अंतर (E_g) पर | 2022 | Paper-2 | Set-3

Q20. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन धारा बढ़ने पर वोल्टता —
🔵 (A) बढ़ती है
🟢 (B) घटती है
🟠 (C) स्थिर रहती है
🔴 (D) शून्य हो जाती है
Answer: (C) स्थिर रहती है | 2018 | Paper-2 | Set-2

Q21. N–प्रकार अर्धचालक बनाने के लिए प्रयुक्त अशुद्धि है —
🔵 (A) त्रिसंयोजी
🟢 (B) पंचसंयोजी
🟠 (C) द्विसंयोजी
🔴 (D) षटसंयोजी
Answer: (B) पंचसंयोजी | 2017 | Paper-2 | Set-1

Q22. सौर कोशिका किस संयोजन में कार्य करती है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) विपरीत | 2016 | Paper-2 | Set-3

Q23. P–प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक हैं —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) होल
🟠 (C) प्रोटॉन
🔴 (D) न्यूट्रॉन
Answer: (B) होल | 2020 | Paper-2 | Set-2

Q24. LED में प्रयुक्त वोल्टता का मान सामान्यतः —
🔵 (A) 0.7 V
🟢 (B) 2–3 V
🟠 (C) 5–10 V
🔴 (D) 12 V
Answer: (B) 2–3 V | 2019 | Paper-2 | Set-2

Q25. ज़ेनर डायोड की विशेषता है —
🔵 (A) अग्रवर्ती संयोजन में नियत धारा
🟢 (B) विपरीत संयोजन में नियत वोल्टता पर ब्रेकडाउन
🟠 (C) दोनों दिशाओं में समान धारा
🔴 (D) ताप के साथ धारा घटती है
Answer: (B) विपरीत संयोजन में नियत वोल्टता पर ब्रेकडाउन | 2023 | Paper-2 | Set-1

Q26. जब P–N संधि को अग्रवर्ती बायस में जोड़ा जाता है —
🔵 (A) अवरोध क्षेत्र बढ़ता है
🟢 (B) अवरोध क्षेत्र घटता है
🟠 (C) कोई परिवर्तन नहीं
🔴 (D) संधि टूट जाती है
Answer: (B) अवरोध क्षेत्र घटता है | 2017 | Paper-2 | Set-3

Q27. LED में प्रकाश उत्सर्जन किस प्रक्रिया से होता है?
🔵 (A) पुनर्संयोजन प्रक्रिया
🟢 (B) तापीय कंपन
🟠 (C) इलेक्ट्रॉन अपसारण
🔴 (D) ब्रेकडाउन प्रभाव
Answer: (A) पुनर्संयोजन प्रक्रिया | 2018 | Paper-2 | Set-2

Q28. फोटो डायोड में उत्पन्न धारा किस पर निर्भर करती है?
🔵 (A) आपतित प्रकाश की तीव्रता पर
🟢 (B) वोल्टता पर
🟠 (C) तापमान पर
🔴 (D) डोपिंग स्तर पर
Answer: (A) आपतित प्रकाश की तीव्रता पर | 2019 | Paper-2 | Set-1

Q29. ज़ेनर डायोड के ब्रेकडाउन के समय धारा —
🔵 (A) तेजी से बढ़ती है
🟢 (B) घटती है
🟠 (C) शून्य हो जाती है
🔴 (D) स्थिर रहती है
Answer: (A) तेजी से बढ़ती है | 2020 | Paper-2 | Set-2

Q30. P–N संधि डायोड में धारा तभी प्रवाहित होती है जब —
🔵 (A) बाहरी वोल्टता अवरोध विभव से अधिक हो
🟢 (B) बाहरी वोल्टता अवरोध विभव से कम हो
🟠 (C) ताप घटे
🔴 (D) संधि तटस्थ रहे
Answer: (A) बाहरी वोल्टता अवरोध विभव से अधिक हो | 2015 | Paper-2 | Set-3

Q31. सौर कोशिका का कार्य सिद्धांत किस प्रभाव पर आधारित है?
🔵 (A) फोटोवोल्टिक प्रभाव
🟢 (B) पेल्टियर प्रभाव
🟠 (C) थर्मोइलेक्ट्रिक प्रभाव
🔴 (D) जूल प्रभाव
Answer: (A) फोटोवोल्टिक प्रभाव | 2016 | Paper-2 | Set-2

Q32. LED का रंग बदलने हेतु किस पैरामीटर को बदलना चाहिए?
🔵 (A) ऊर्जा अंतर
🟢 (B) वोल्टता
🟠 (C) धारा दिशा
🔴 (D) तापमान
Answer: (A) ऊर्जा अंतर | 2021 | Paper-2 | Set-3

Q33. अर्धचालक में डोपिंग करने का उद्देश्य होता है —
🔵 (A) वाहक घनत्व बढ़ाना
🟢 (B) ऊर्जा अंतर घटाना
🟠 (C) प्रतिरोध बढ़ाना
🔴 (D) परावर्तन बढ़ाना
Answer: (A) वाहक घनत्व बढ़ाना | 2024 | Paper-2 | Set-2

Q34. जब ज़ेनर डायोड ब्रेकडाउन क्षेत्र में होता है, तब —
🔵 (A) वोल्टता लगभग स्थिर रहती है
🟢 (B) धारा शून्य होती है
🟠 (C) वोल्टता घटती है
🔴 (D) संधि निष्क्रिय रहती है
Answer: (A) वोल्टता लगभग स्थिर रहती है | 2022 | Paper-2 | Set-1

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मॉडल प्रश्न पत्र, अभ्यास

🌿 NEET स्तर (Q1–20)
Q1. अर्धचालक की चालकता बढ़ाने हेतु किस विधि का प्रयोग किया जाता है?
🔵 (A) ताप बढ़ाकर
🟢 (B) ताप घटाकर
🟠 (C) दाब बढ़ाकर
🔴 (D) धारा घटाकर
Answer: (A) ताप बढ़ाकर

Q2. P–प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक होते हैं —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) होल
🟠 (C) प्रोटॉन
🔴 (D) न्यूट्रॉन
Answer: (B) होल

Q3. N–प्रकार अर्धचालक में अशुद्धि परमाणु होते हैं —
🔵 (A) पंचसंयोजी
🟢 (B) त्रिसंयोजी
🟠 (C) द्विसंयोजी
🔴 (D) षटसंयोजी
Answer: (A) पंचसंयोजी

Q4. P–N संधि में अवरोध विभव उत्पन्न होता है —
🔵 (A) आयनों के स्थिरीकरण से
🟢 (B) बाहरी विभव स्रोत से
🟠 (C) ताप प्रवाह से
🔴 (D) प्रकाश तीव्रता से
Answer: (A) आयनों के स्थिरीकरण से

Q5. सिलिकॉन अर्धचालक का ऊर्जा अंतर (E_g) लगभग कितना होता है?
🔵 (A) 0.7 eV
🟢 (B) 1.1 eV
🟠 (C) 3 eV
🔴 (D) 5 eV
Answer: (B) 1.1 eV

Q6. जर्मेनियम अर्धचालक का ऊर्जा अंतर है —
🔵 (A) 0.7 eV
🟢 (B) 1.1 eV
🟠 (C) 3 eV
🔴 (D) 5 eV
Answer: (A) 0.7 eV

Q7. जब अर्धचालक का ताप बढ़ाया जाता है तो उसकी चालकता —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) बढ़ती है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहती है
🔴 (D) पहले घटती फिर बढ़ती है
Answer: (B) बढ़ती है

Q8. ज़ेनर डायोड का उपयोग किया जाता है —
🔵 (A) धारा वृद्धि में
🟢 (B) वोल्टता नियमन में
🟠 (C) आवृत्ति परिवर्तन में
🔴 (D) ऊर्जा संग्रहण में
Answer: (B) वोल्टता नियमन में

Q9. LED का रंग निर्भर करता है —
🔵 (A) अर्धचालक के ऊर्जा अंतर पर
🟢 (B) प्रकाश की दिशा पर
🟠 (C) धारा की मात्रा पर
🔴 (D) तापमान पर
Answer: (A) अर्धचालक के ऊर्जा अंतर पर

Q10. LED किस संयोजन में कार्य करती है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) अग्रवर्ती

Q11. फोटो डायोड किस संयोजन में कार्य करता है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) विपरीत

Q12. सौर कोशिका का कार्य सिद्धांत है —
🔵 (A) फोटोवोल्टिक प्रभाव
🟢 (B) जूल प्रभाव
🟠 (C) सीबेक प्रभाव
🔴 (D) पेल्टियर प्रभाव
Answer: (A) फोटोवोल्टिक प्रभाव

Q13. अर्धचालक की तापीय चालकता होती है —
🔵 (A) अधिक
🟢 (B) मध्यम
🟠 (C) बहुत कम
🔴 (D) शून्य
Answer: (B) मध्यम

Q14. जब अर्धचालक में पंचसंयोजी तत्व मिलाया जाता है, तब —
🔵 (A) N–प्रकार अर्धचालक बनता है
🟢 (B) P–प्रकार अर्धचालक बनता है
🟠 (C) दोनों बनते हैं
🔴 (D) कोई नहीं बनता
Answer: (A) N–प्रकार अर्धचालक बनता है

Q15. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन किस कारण होता है?
🔵 (A) तीव्र विद्युत क्षेत्र द्वारा इलेक्ट्रॉन खींचे जाते हैं
🟢 (B) थर्मल प्रभाव से
🟠 (C) प्रकाश से
🔴 (D) यांत्रिक बल से
Answer: (A) तीव्र विद्युत क्षेत्र द्वारा इलेक्ट्रॉन खींचे जाते हैं

Q16. LED में विद्युत ऊर्जा परिवर्तित होती है —
🔵 (A) ऊष्मा ऊर्जा में
🟢 (B) प्रकाश ऊर्जा में
🟠 (C) यांत्रिक ऊर्जा में
🔴 (D) ध्वनि ऊर्जा में
Answer: (B) प्रकाश ऊर्जा में

Q17. P–N संधि में अग्रवर्ती धारा बहने लगती है जब —
🔵 (A) बाहरी वोल्टता अवरोध विभव से अधिक हो
🟢 (B) बाहरी वोल्टता अवरोध विभव से कम हो
🟠 (C) धारा शून्य हो
🔴 (D) कोई वोल्टता न हो
Answer: (A) बाहरी वोल्टता अवरोध विभव से अधिक हो

Q18. फोटो डायोड में धारा निर्भर करती है —
🔵 (A) आपतित प्रकाश तीव्रता पर
🟢 (B) तापमान पर
🟠 (C) वोल्टता पर
🔴 (D) संयोजन पर
Answer: (A) आपतित प्रकाश तीव्रता पर

Q19. सौर कोशिका का उपयोग किया जाता है —
🔵 (A) ऊर्जा उत्पन्न करने में
🟢 (B) ताप मापन में
🟠 (C) धारा प्रवर्धन में
🔴 (D) प्रकाश नियंत्रण में
Answer: (A) ऊर्जा उत्पन्न करने में

Q20. P–N संधि डायोड का प्रयोग किया जाता है —
🔵 (A) रेक्टिफिकेशन में
🟢 (B) प्रवर्धन में
🟠 (C) दोलन में
🔴 (D) तरंग नियंत्रण में
Answer: (A) रेक्टिफिकेशन में

JEE Main स्तर (Q21–25)
Q21. N–प्रकार अर्धचालक में डोपिंग बढ़ाने पर अवरोध विभव —
🔵 (A) बढ़ता है
🟢 (B) घटता है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहता है
🔴 (D) शून्य हो जाता है
Answer: (A) बढ़ता है

Q22. P–प्रकार अर्धचालक में धारा का प्रवाह वास्तव में होता है —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉनों के कारण
🟢 (B) होल की गति के कारण
🟠 (C) आयनों के विस्थापन से
🔴 (D) प्रोटॉनों के संचलन से
Answer: (B) होल की गति के कारण

Q23. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन के समय वोल्टता —
🔵 (A) स्थिर रहती है
🟢 (B) घटती है
🟠 (C) बढ़ती है
🔴 (D) शून्य होती है
Answer: (A) स्थिर रहती है

Q24. LED का रंग बदलने हेतु आवश्यक है —
🔵 (A) अर्धचालक का ऊर्जा अंतर बदलना
🟢 (B) धारा की दिशा बदलना
🟠 (C) बाहरी वोल्टता बढ़ाना
🔴 (D) संयोजन बदलना
Answer: (A) अर्धचालक का ऊर्जा अंतर बदलना

Q25. N–प्रकार अर्धचालक में होल का घनत्व होता है —
🔵 (A) बहुत अधिक
🟢 (B) बहुत कम
🟠 (C) इलेक्ट्रॉन के बराबर
🔴 (D) शून्य
Answer: (B) बहुत कम

Q26. N–प्रकार अर्धचालक में अल्पसंख्यक वाहक होते हैं —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन
🟢 (B) होल
🟠 (C) प्रोटॉन
🔴 (D) न्यूट्रॉन
Answer: (B) होल

Q27. P–N संधि डायोड में जब बाह्य वोल्टता अवरोध विभव से अधिक होती है तब —
🔵 (A) धारा शून्य होती है
🟢 (B) धारा बहने लगती है
🟠 (C) अवरोध क्षेत्र बढ़ता है
🔴 (D) संधि टूट जाती है
Answer: (B) धारा बहने लगती है

Q28. ज़ेनर डायोड के ब्रेकडाउन वोल्टेज पर —
🔵 (A) वोल्टता घटती है
🟢 (B) वोल्टता स्थिर रहती है
🟠 (C) वोल्टता बढ़ती है
🔴 (D) धारा रुक जाती है
Answer: (B) वोल्टता स्थिर रहती है

Q29. LED में प्रकाश उत्पन्न होता है —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन–होल पुनर्संयोजन से
🟢 (B) थर्मल कंपन से
🟠 (C) जूल ऊष्मा से
🔴 (D) चुंबकीय क्षेत्र से
Answer: (A) इलेक्ट्रॉन–होल पुनर्संयोजन से

Q30. फोटो डायोड में धारा निर्भर करती है —
🔵 (A) आपतित प्रकाश तीव्रता पर
🟢 (B) वोल्टता पर
🟠 (C) ताप पर
🔴 (D) संधि के प्रकार पर
Answer: (A) आपतित प्रकाश तीव्रता पर

Q31. ज़ेनर डायोड का उपयोग किस परिपथ में नहीं किया जा सकता?
🔵 (A) वोल्टता नियमन
🟢 (B) प्रवर्धन
🟠 (C) स्थिरीकरण
🔴 (D) संरक्षण
Answer: (B) प्रवर्धन

Q32. अर्धचालक में ताप बढ़ाने से वाहक घनत्व —
🔵 (A) बढ़ता है
🟢 (B) घटता है
🟠 (C) शून्य होता है
🔴 (D) अपरिवर्तित रहता है
Answer: (A) बढ़ता है

Q33. LED में प्रयुक्त वोल्टता सामान्यतः होती है —
🔵 (A) 0.7 V
🟢 (B) 2–3 V
🟠 (C) 10 V
🔴 (D) 12 V
Answer: (B) 2–3 V

Q34. ज़ेनर डायोड को जोड़ा जाता है —
🔵 (A) अग्रवर्ती संयोजन में
🟢 (B) विपरीत संयोजन में
🟠 (C) दोनों संयोजनों में
🔴 (D) किसी में नहीं
Answer: (B) विपरीत संयोजन में

Q35. LED के रंग परिवर्तन हेतु आवश्यक है —
🔵 (A) अर्धचालक बदलना
🟢 (B) धारा की दिशा बदलना
🟠 (C) ताप बदलना
🔴 (D) वोल्टता घटाना
Answer: (A) अर्धचालक बदलना

Q36. P–N संधि डायोड का प्रयोग किया जाता है —
🔵 (A) रेक्टिफायर के रूप में
🟢 (B) प्रवर्धक के रूप में
🟠 (C) प्रतिरोधक के रूप में
🔴 (D) संधारित्र के रूप में
Answer: (A) रेक्टिफायर के रूप में

Q37. सौर कोशिका किस संयोजन में कार्य करती है?
🔵 (A) अग्रवर्ती
🟢 (B) विपरीत
🟠 (C) दोनों
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) विपरीत

Q38. अर्धचालक में डोपिंग से क्या बढ़ता है?
🔵 (A) ऊर्जा अंतर
🟢 (B) वाहक घनत्व
🟠 (C) प्रतिरोध
🔴 (D) तापीय चालकता
Answer: (B) वाहक घनत्व

Q39. ज़ेनर डायोड के ब्रेकडाउन के समय धारा —
🔵 (A) तेजी से बढ़ती है
🟢 (B) घटती है
🟠 (C) रुक जाती है
🔴 (D) समान रहती है
Answer: (A) तेजी से बढ़ती है

Q40. फोटो डायोड का उपयोग किया जाता है —
🔵 (A) प्रकाश मापन हेतु
🟢 (B) ताप मापन हेतु
🟠 (C) ध्वनि नियंत्रण हेतु
🔴 (D) वोल्टता वृद्धि हेतु
Answer: (A) प्रकाश मापन हेतु

💡 JEE Advanced स्तर (Q41–50)
Q41. यदि सिलिकॉन का ऊर्जा अंतर 1.1 eV है, तो उत्सर्जित फोटॉन की तरंगदैर्घ्य लगभग होगी —
🔵 (A) 1100 nm
🟢 (B) 900 nm
🟠 (C) 700 nm
🔴 (D) 400 nm
Answer: (A) 1100 nm

Q42. P–N संधि में अवरोध क्षेत्र की चौड़ाई किस पर निर्भर करती है?
🔵 (A) डोपिंग घनत्व पर
🟢 (B) तापमान पर
🟠 (C) विभव पर
🔴 (D) प्रकाश पर
Answer: (A) डोपिंग घनत्व पर

Q43. LED की दक्षता अधिक होती है क्योंकि —
🔵 (A) ऊष्मा हानि बहुत कम होती है
🟢 (B) ऊर्जा अंतर अधिक होता है
🟠 (C) चुंबकीय प्रभाव नहीं होता
🔴 (D) परावर्तन हानि अधिक होती है
Answer: (A) ऊष्मा हानि बहुत कम होती है

Q44. ज़ेनर डायोड में ब्रेकडाउन तब होता है जब —
🔵 (A) इलेक्ट्रॉन उच्च विभव अवरोध पार कर जाते हैं
🟢 (B) इलेक्ट्रॉन स्थिर रहते हैं
🟠 (C) कोई धारा नहीं बहती
🔴 (D) ऊर्जा अंतर समाप्त हो जाता है
Answer: (A) इलेक्ट्रॉन उच्च विभव अवरोध पार कर जाते हैं

Q45. सौर कोशिका में उत्पन्न ई.एम.एफ. की दिशा —
🔵 (A) फोटो डायोड के समान
🟢 (B) फोटो डायोड के विपरीत
🟠 (C) धारा दिशा के समान
🔴 (D) शून्य
Answer: (B) फोटो डायोड के विपरीत

Q46. किसी अर्धचालक में ताप बढ़ाने पर वाहक गतिशीलता μ —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) बढ़ती है
🟠 (C) अपरिवर्तित रहती है
🔴 (D) पहले घटती फिर बढ़ती है
Answer: (A) घटती है

Q47. यदि LED में प्रयुक्त पदार्थ का ऊर्जा अंतर 2 eV है, तो प्रकाश का रंग होगा —
🔵 (A) लाल
🟢 (B) पीला
🟠 (C) हरा
🔴 (D) नीला
Answer: (D) नीला

Q48. ज़ेनर डायोड को श्रृंखला संयोजन में लगाने का उद्देश्य है —
🔵 (A) वोल्टता सीमा बढ़ाना
🟢 (B) धारा सीमा घटाना
🟠 (C) ऊर्जा अंतर बढ़ाना
🔴 (D) ताप प्रभाव घटाना
Answer: (A) वोल्टता सीमा बढ़ाना

Q49. सौर कोशिका की दक्षता बढ़ाने के लिए आवश्यक है —
🔵 (A) परावर्तन हानि घटाना
🟢 (B) ताप बढ़ाना
🟠 (C) वोल्टता घटाना
🔴 (D) धारा कम करना
Answer: (A) परावर्तन हानि घटाना

Q50. जब LED में आपूर्ति धारा दोगुनी की जाती है, तो प्रकाश तीव्रता —
🔵 (A) लगभग दोगुनी हो जाती है
🟢 (B) आधी हो जाती है
🟠 (C) समान रहती है
🔴 (D) शून्य हो जाती है
Answer: (A) लगभग दोगुनी हो जाती है

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