Class 12 : Chemistry (Hindi) – Lesson 8.ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🔵 प्रस्तावना:
कार्बनिक यौगिकों की वह श्रेणी जिसमें कार्बोनिल समूह (C=O) होता है, उन्हें कार्बोनिल यौगिक कहा जाता है। इस समूह की दो प्रमुख उपश्रेणियाँ हैं —
1️⃣ ऐल्डिहाइड (–CHO)
2️⃣ कीटोन (>C=O)
यदि इसी कार्बोनिल समूह के साथ –OH जुड़ा हो, तो यौगिक कार्बोक्सिलिक अम्ल (–COOH) कहलाता है।
इन यौगिकों का अध्ययन औद्योगिक, औषधीय तथा जैविक दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
🟢 सामान्य सूत्र एवं वर्गीकरण:
📘 ऐल्डिहाइड: सामान्य सूत्र R–CHO
📍 जहाँ R = ऐल्किल या एरिल समूह।
📌 उदाहरण:
HCHO (फॉर्मेल्डिहाइड)
CH₃CHO (एसीटैल्डिहाइड)
C₆H₅CHO (बेंज़ैल्डिहाइड)


📘 कीटोन: सामान्य सूत्र R–CO–R′
📍 उदाहरण:
CH₃COCH₃ (एसीटोन)
CH₃COC₂H₅ (मेथाइल एथाइल कीटोन)

📘 कार्बोक्सिलिक अम्ल: सामान्य सूत्र R–COOH
📍 उदाहरण:
HCOOH (फॉर्मिक अम्ल)
CH₃COOH (एसीटिक अम्ल)
C₆H₅COOH (बेंज़ोइक अम्ल)
🟡 नामकरण (Nomenclature):
📍 ऐल्डिहाइड:
IUPAC नाम में –e के स्थान पर –al लगाते हैं।
उदाहरण: Ethane → Ethanal
सामान्य नाम: Alkyl + aldehyde
उदाहरण: CH₃CHO → Acetaldehyde
📍 कीटोन:
IUPAC नाम में –one प्रत्यय।
उदाहरण: Propane → Propanone
सामान्य नाम: Alkyl groups alphabetical order + ketone
उदाहरण: CH₃COCH₃ → Dimethyl ketone
📍 कार्बोक्सिलिक अम्ल:
IUPAC नाम में –e के स्थान पर –oic acid।
उदाहरण: Ethane → Ethanoic acid
सामान्य नाम: Alkyl + ic acid
उदाहरण: CH₃COOH → Acetic acid
🔵 ऐल्डिहाइड व कीटोन की तैयारी:
1️⃣ अल्कोहलों का आक्सीकरण:
📐 प्राथमिक अल्कोहल → ऐल्डिहाइड
द्वितीयक अल्कोहल → कीटोन
📘 अभिक्रिया:
RCH₂OH + [O] → RCHO + H₂O
R₂CHOH + [O] → R₂CO + H₂O
📌 अभिकर्मक: PCC, K₂Cr₂O₇/H⁺, Cu/573 K आदि।
2️⃣ हाइड्रोकार्बनों का आक्सीकरण:
Alkene + O₂ → Carbonyl compound (ऑक्सीकरण द्वारा)।
3️⃣ हाइड्रोजन सायनाइड से हाइड्रोलिसिस:
R–C≡N + 2H₂O → R–COOH + NH₃
4️⃣ फ्राइडल-क्राफ्ट्स एसीलेशन:
बेंज़ीन + RCOCl (AlCl₃ की उपस्थिति में) → एरोमेटिक कीटोन।
🟢 भौतिक गुण:
📍 रंगहीन तरल या ठोस, तीव्र गंध वाले।
📍 जल में विलेयता:
HCHO, CH₃CHO जल में घुलनशील; बड़े यौगिक नहीं।
📍 क्वथनांक (Boiling Point):
अल्कोहलों से कम, लेकिन हाइड्रोकार्बनों से अधिक।
📍 हाइड्रोजन बन्ध नहीं बनाते, परन्तु H-बन्ध स्वीकार कर सकते हैं।
🟣 रासायनिक अभिक्रियाएँ:
🔹 (A) न्यूक्लियोफिलिक योग (Addition) अभिक्रियाएँ:
1️⃣ हाइड्रोजन सायनाइड योग:
RCHO + HCN → R–CH(OH)–CN (सायनोहाइड्रिन)
2️⃣ सोडियम बाइसल्फाइट योग:
RCHO + NaHSO₃ → RCH(OH)SO₃Na
3️⃣ अमोनिया व्युत्पन्न योग:
RCHO + NH₂–Z → RCH=NZ + H₂O
📘 जहाँ Z = NH₂ (हाइड्राजोन), NHNH₂ (सेमिकार्बाजोन), C₆H₅NHNH₂ (फिनाइल हाइड्राजोन)।
🔹 (B) ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ:
📌 ऐल्डिहाइड → कार्बोक्सिलिक अम्ल
RCHO + [O] → RCOOH
📌 कीटोन → ऑक्सीकरण कठिन, पर शक्तिशाली ऑक्सीकारक से टूटकर दो अम्ल देते हैं।
🔹 (C) अपचयन अभिक्रियाएँ:
📐 ऐल्डिहाइड → प्राथमिक अल्कोहल
RCHO + H₂ → RCH₂OH
📐 कीटोन → द्वितीयक अल्कोहल
R₂CO + H₂ → R₂CHOH
अभिकर्मक: Ni, Pt, NaBH₄, LiAlH₄ आदि।
🔹 (D) ऐल्डोल संघनन (Aldol Condensation):
दो समान ऐल्डिहाइड या कीटोन क्षार (NaOH) की उपस्थिति में जुड़कर β–हाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड/कीटोन बनाते हैं।
📘 उदाहरण:
2CH₃CHO → CH₃CH(OH)CH₂CHO (3–Hydroxybutanal)
उत्पादन के बाद निर्जलीकरण से एन्अल (CH₂=CH–CHO) बनता है।
🔹 (E) क्लाइज़ेन संघनन:
दो एस्टर या एक एस्टर और कीटोन का क्षार उपस्थित में संघनन।
🔹 (F) कैनिज़ारो अभिक्रिया:
ऐल्डिहाइड जिनमें α–H नहीं होता, वे सघन क्षार से असमतुलन करते हैं।
📘 उदाहरण:
2HCHO + NaOH → HCOONa + CH₃OH
🔹 (G) हेलोफॉर्म अभिक्रिया:
केवल मिथाइल कीटोन या CH₃–CHO में।
CH₃COCH₃ + 3I₂ + 4NaOH → CHI₃ + CH₃COONa + 3NaI + 3H₂O
📌 पीला CHI₃ अवक्षेप = आयोडोफॉर्म परीक्षण।
🟢 ऐल्डिहाइड व कीटोन का अंतर परीक्षण:
परीक्षण ऐल्डिहाइड कीटोन
टॉलेंस अभिकर्मक चाँदी दर्पण कोई अभिक्रिया नहीं
फेलिंग घोल लाल अवक्षेप कोई अभिक्रिया नहीं
ब्रोम जल रंगहीन कोई परिवर्तन नहीं
📘 कारण – ऐल्डिहाइड आसानी से ऑक्सीकरण होकर अम्ल बनाता है, कीटोन नहीं।
🟡 कार्बोक्सिलिक अम्ल:
📘 सामान्य सूत्र R–COOH
यह ऐल्डिहाइड/प्राथमिक अल्कोहल के ऑक्सीकरण से बनते हैं।
🔹 तैयारी:
1️⃣ ऐल्डिहाइड का ऑक्सीकरण:
RCHO + [O] → RCOOH
2️⃣ नाइट्राइल का जल-अपघटन:
R–C≡N + 2H₂O → RCOOH + NH₃
3️⃣ ग्रिग्नार्ड यौगिक से:
RMgX + CO₂ → RCOOMgX → (H₂O) → RCOOH
🔹 भौतिक गुण:
रंगहीन तरल या ठोस।
तीव्र गंध।
दो अणुओं में H-बन्ध → उच्च क्वथनांक।
जल में अत्यधिक विलेय।
वाष्प में डाइमर रूप (H–बन्ध से)।
🔹 रासायनिक अभिक्रियाएँ:
1️⃣ अम्लीय स्वभाव:
RCOOH ⇌ RCOO⁻ + H⁺
📘 जल में H⁺ प्रदान कर अम्लीय व्यवहार।
2️⃣ धातु / क्षार से लवण बनना:
2RCOOH + 2Na → 2RCOONa + H₂↑
3️⃣ अम्ल क्लोराइड निर्माण:
RCOOH + PCl₅ → RCOCl + POCl₃ + HCl
4️⃣ एस्टरीकरण:
RCOOH + R′OH (H⁺) → RCOOR′ + H₂O
5️⃣ अम्ल अमाइड निर्माण:
RCOOH + NH₃ → RCONH₂ + H₂O
6️⃣ डीकार्बॉक्सिलीकरण:
RCOONa + NaOH → RH + Na₂CO₃
🟣 महत्त्वपूर्ण कार्बोक्सिलिक अम्ल:
📘 फॉर्मिक अम्ल (HCOOH):
मधुमक्खी व चींटी के डंक में पाया जाता है; अपचायक अम्ल।
📘 एसीटिक अम्ल (CH₃COOH):
सिरके में, नायलॉन व एस्टर निर्माण में प्रयोग।
📘 बेंज़ोइक अम्ल (C₆H₅COOH):
सुगन्धित, खाद्य संरक्षक।
🟢 कार्बोनिल व कार्बोक्सिल यौगिकों का औद्योगिक महत्त्व:
फॉर्मेल्डिहाइड: पॉलिमर, रेज़िन निर्माण।
एसीटोन: विलायक।
एसीटिक अम्ल: एस्टर, प्लास्टिक, दवा निर्माण।
बेंज़ोइक अम्ल: खाद्य संरक्षक।
🟡 सारांशात्मक प्रवृत्तियाँ:
गुणधर्म ऐल्डिहाइड कीटोन कार्बोक्सिलिक अम्ल
सूत्र R–CHO R–CO–R′ R–COOH
ऑक्सीकरण अम्ल में कठिन नहीं
अपचयन अल्कोहल अल्कोहल एल्डिहाइड बनता है
अभिक्रियाएँ Aldol, Cannizzaro Aldol Esterification
परीक्षण Tollens, Fehling नहीं अम्लीयता परीक्षण
🔹 II. पाठ का सारांश
🔵 ऐल्डिहाइड, कीटोन और कार्बोक्सिलिक अम्ल कार्बोनिल यौगिकों की प्रमुख श्रेणियाँ हैं।
ऐल्डिहाइड का सूत्र R–CHO, कीटोन का R–CO–R′ और कार्बोक्सिलिक अम्ल का R–COOH होता है।
🟢 ऐल्डिहाइड एवं कीटोन की तैयारी प्राथमिक व द्वितीयक अल्कोहलों के आक्सीकरण से होती है।
ऐल्डिहाइड आसानी से ऑक्सीकरण होकर अम्ल बनाते हैं जबकि कीटोन कठिनाई से।
🟡 इन यौगिकों में C=O समूह का आंशिक ध्रुवीकरण होने से न्यूक्लियोफिलिक योग अभिक्रियाएँ होती हैं।
ऐल्डिहाइड में ऐल्डोल संघनन, कैनिज़ारो, टॉलेंस व फेलिंग परीक्षण महत्त्वपूर्ण हैं।
कीटोन मिथाइल समूह होने पर हेलोफॉर्म अभिक्रिया देते हैं।
🔴 कार्बोक्सिलिक अम्ल ऐल्डिहाइड, नाइट्राइल या ग्रिग्नार्ड यौगिकों से बनते हैं।
ये जल में अम्लीय व्यवहार करते हैं तथा एस्टर, अमाइड व लवण बनाते हैं।
🟢 फॉर्मिक व एसीटिक अम्ल सबसे सामान्य हैं।
ऐल्डिहाइड व कीटोन उद्योगों में विलायक, प्लास्टिक, औषधि तथा रेज़िन निर्माण में उपयोगी हैं।
🌟 कुल मिलाकर, कार्बोनिल व कार्बोक्सिलिक यौगिक आधुनिक कार्बनिक रसायन का आधार हैं।
🔹 III. त्वरित पुनरावलोकन
🔵 ऐल्डिहाइड (–CHO), कीटोन (>C=O) व कार्बोक्सिलिक अम्ल (–COOH) में कार्बोनिल समूह समान।
🟢 ऐल्डिहाइड → अम्ल में ऑक्सीकरण; कीटोन → कठिन।
🟡 न्यूक्लियोफिलिक योग – सायनोहाइड्रिन, हाइड्राजोन, ऐल्डोल संघनन।
🔴 टॉलेंस व फेलिंग परीक्षण से ऐल्डिहाइड की पहचान।
🟣 कार्बोक्सिलिक अम्ल अम्लीय होते हैं; एस्टर, अमाइड व लवण बनाते हैं।
🌟 फॉर्मिक व एसीटिक अम्ल दैनिक जीवन, औद्योगिक व जैविक दृष्टि से अत्यन्त उपयोगी हैं।
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पाठ्यपुस्त के प्रश्न
🔴 प्रश्न 8.1
निम्नलिखित पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए —
(i) सायनोहाइड्रिन
(ii) ऐसीटल
(iii) सेमीकार्बाज़ोन
(iv) एल्डोल
(v) हेमी-ऐसीटल
(vi) ऑक्सिम
(vii) कीटल
(viii) इमीन
(ix) 2,4-DNP युग्मक
(x) शिफ-आधार
🔵 उत्तर
🟢 (i) सायनोहाइड्रिन — ऐसे यौगिक जिनमें एक ही कार्बन पर –CN तथा –OH दोनों समूह हों।
उदाहरण: CH₃–CH(OH)–CN (एसीटैल्डिहाइड सायनोहाइड्रिन)
🟢 (ii) ऐसीटल — कार्बाल्डिहाइड से दो –OR समूह युक्त यौगिक जो अम्लीय माध्यम में बनते हैं।
उदाहरण: CH₃–CH(OEt)₂
🟢 (iii) सेमीकार्बाज़ोन — कार्बोनिल यौगिक का सेमीकार्बाज़ाइड से संघनन उत्पाद।
सामान्य सूत्र: R₂C=NNH–CO–NH₂
उदाहरण: एसीटोन सेमीकार्बाज़ोन (CH₃)₂C=NNH–CO–NH₂
🟢 (iv) एल्डोल — एल्डोल संयोग से बना β-हाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड।
उदाहरण: CH₃–CH(OH)–CH₂–CHO
🟢 (v) हेमी-ऐसीटल — कार्बाल्डिहाइड पर एक –OH तथा एक –OR समूह वाला यौगिक।
उदाहरण: CH₃–CH(OH)–OEt
🟢 (vi) ऑक्सिम — कार्बोनिल यौगिक और हाइड्रॉक्सिलअमीन से बना संघनन उत्पाद।
सामान्य सूत्र: R₂C=NOH
उदाहरण: एसीटोन ऑक्सिम
🟢 (vii) कीटल — कीटोन से बने डाइएथर जिनमें दो –OR समूह होते हैं।
उदाहरण: (CH₃)₂C(OEt)₂
🟢 (viii) इमीन — कार्बोनिल यौगिक और प्राथमिक ऐमीन से बना संघनन यौगिक।
उदाहरण: Ph–CH=N–CH₃
🟢 (ix) 2,4-DNP युग्मक — 2,4-डाइनाइट्रोफिनाइलहाइड्राज़ीन से बना हाइड्राज़ोन यौगिक।
रंगीन अवक्षेप देता है।
उदाहरण: एसीटोन का 2,4-DNP युग्मक
🟢 (x) शिफ-आधार — एरोमैटिक ऐमीन से बना इमीन।
उदाहरण: Ph–CH=NC₆H₅
✔ अंतिम टिप्पणी: उपर्युक्त सभी पद कार्बोनिल यौगिकों की अभिक्रियाओं से बनने वाले विशेष यौगिक हैं, जिनकी संरचना व उदाहरण ऊपर दिए गये हैं।
🔴 प्रश्न 8.2:
निम्नलिखित यौगिकों के आईयूपैक (IUPAC) नामकरण में नाम लिखिए –
(i) CH₃CH(CH₃)CH₂CH₂CHO
(ii) CH₃CH₂COCH(C₂H₅)CH₂CH₂Cl
(iii) CH₃CH=CHCHO
(iv) CH₃COCH₂COCH₃
(v) CH₃CH(CH₃)CH₂C(CH₃)₂COCH₃
(vi) (CH₃)₃CCH₂COOH
(vii) OHCC₆H₄CHO-p
🔵 उत्तर:
(i) 3-मीथाइलपेन्टान-1-एल
(ii) 6-क्लोरो-4-एथाइलहेक्सान-3-ओन
(iii) ब्यूट-2-एनाल
(iv) पेन्टेन-2,4-डायोन
(v) 3,3,5-ट्राइमीथाइलहेक्सान-2-ओन
(vi) 3,3-डायमीथाइलब्यूटैनोइक अम्ल
(vii) बेंजीन-1,4-डाइकार्बाल्डिहाइड (p-फ्थैल्डिहाइड)
🔴 प्रश्न 8.3:
निम्नलिखित यौगिकों की संरचना बनाइए –
(i) 3-मीथाइलब्यूटैनाल
(ii) p-नाइट्रोप्रोपियोफिनोन
(iii) p-मेथॉक्सीबेंज़ैल्डिहाइड
(iv) 4-मेथाइलपेन्ट-3-ईन-2-ओन
(v) 4-क्लोरोपेन्ट-2-ओन
(vi) 3-ब्रोमो-4-फेनिलपेन्टेनोइक अम्ल
(vii) p,p′-डाइहाइड्रॉक्सीबेंज़ोफिनोन
(viii) हेक्स-2-ईन-4-आइन-3-ओन
🔵 उत्तर (संक्षिप्त संरचनाएँ):
(i) CH₃CH(CH₃)CH₂CHO
(ii) O₂N-C₆H₄-CO-CH₂CH₃
(iii) CH₃O-C₆H₄-CHO
(iv) CH₃CO-CH=CH-CH₃
(v) ClCH₂-CH₂-CO-CH₂-CH₃
(vi) HOOC-CH₂-CH(Br)-CH(Ph)-CH₃
(vii) HO-C₆H₄-CO-C₆H₄-OH
(viii) CH₃-CO-C≡C-CH=CH₂
🔴 प्रश्न 8.4:
निम्नलिखित ऐल्डिहाइडों एवं कीटोनो के IUPAC नाम लिखिए और जहाँ सम्भव हो सामान्य नाम भी दीजिए –
(i) CH₃CO(CH₂)₄CH₃
(ii) CH₃CH₂CHBrCH₂(CH₃)CHO
(iii) CH₃(CH₂)₅CHO
(iv) Ph-CH=CH-CHO
(v) साइक्लोपेन्टेनकार्बाल्डिहाइड
(vi) Ph-CO-Ph
🔵 उत्तर:
(i) हेप्टान-2-ओन (सामान्य: मिथाइल-n-ब्यूटाइल कीटोन)
(ii) 4-ब्रोमो-2-मीथाइलहेप्टानाल
(iii) हेप्टानाल
(iv) 3-फिनाइलप्रोप-2-एनाल (सिनामाल्डिहाइड)
(v) साइक्लोपेन्टेनकार्बाल्डिहाइड
(vi) बेंज़ोफिनोन (डाइफिनाइल कीटोन)
🔴 प्रश्न 8.5:
निम्नलिखित यौगिकों की संरचना बनाइए –
(i) बेंज़ाल्डिहाइड का 2,4-डाइनाइट्रोफिनाइलहाइड्राज़ोन
(ii) साइक्लोहेक्सानोन ऑक्साइम
(iii) एसीटोन का सेमीकार्बाज़ोन
🔵 उत्तर:
(i) C₆H₅-CH=NNH-C₆H₃(NO₂)₂
(ii) C₆H₁₀=NOH (रिंग में C=NOH)
(iii) CH₃-CO-CH₃ + NH₂NH-CO-NH₂ → CH₃-C=NNH-CO-NH₂ + H₂O
🔴 प्रश्न 8.6:
साइक्लोहेक्सेनकार्बाल्डिहाइड की निम्नलिखित अभिक्रियाओं से बने उत्पादों की पहचान कीजिए –
(i) PhMgBr तथा तत्पश्चात H₃O⁺
(ii) टॉलेंस अभिकर्मक
(iii) सेमीकार्बाज़ाइड तथा दुर्बल अम्ल
(iv) एथेनॉल का आधिक्य तथा अम्ल
(v) Zn-Hg तथा तत्पश्चात HCl
🔵 उत्तर:
(i) द्वितीयक ऐल्कोहल – C₆H₁₁CH(OH)Ph
(ii) Ag दर्पण (ऑक्सीकरण से C₆H₁₁COOH)
(iii) सेमीकार्बाज़ोन – C₆H₁₁CH=NNH-CO-NH₂
(iv) ऐसीटल – C₆H₁₁-CH(OC₂H₅)₂
(v) मीथाइलसाइक्लोहेक्सेन (अपचयन से C₆H₁₁CH₃)
🔵 प्रश्न 8.7
निम्नलिखित में से कौन से यौगिकों में एल्डोल संयोगन होगा, किनमें कैनिज़ारो अभिक्रिया होगी और किनमें उपरोक्त में से कोई क्रिया नहीं होगी?
एल्डोल संयोगन तथा कैनिज़ारो अभिक्रिया में संभावित उत्पादों की संरचना लिखिए।
🟢 उत्तर:
✅ एल्डोल संयोगन वाले:
जिन यौगिकों में α-हाइड्रोजन उपस्थित होता है —
(i) मेथेनल ❌ (नहीं, क्योंकि α-H अनुपस्थित)
(ii) 2-मेथाइलपेंटेनैल ✔
(iv) बेंज़ोफिनोन ❌
(v) साइक्लोहेक्सैनोन ✔
(vii) फेनिलएसीटैल्डिहाइड ✔
(viii) ब्यूटेन-1-ऑल ❌
(ix) 2,2-डाईमेथाइलब्यूटेनैल ❌ (α-H नहीं)
✅ कैनिज़ारो अभिक्रिया वाले:
जिनमें α-हाइड्रोजन अनुपस्थित —
(i) मेथेनल ✔
(ix) 2,2-डाईमेथाइलब्यूटेनैल ✔
✅ कोई अभिक्रिया नहीं:
(iv) बेंज़ोफिनोन, (viii) ब्यूटेन-1-ऑल
💠 उदाहरण उत्पाद:
मेथेनल कैनिज़ारो से → मिथेनॉल + फॉर्मिक अम्ल
2-मेथाइलपेंटेनैल एल्डोल से → β-हाइड्रॉक्सीऐल्डिहाइड → निर्जलीकरण पर α,β-असंतृप्त ऐल्डिहाइड
🔵 प्रश्न 8.8
एथेनॉल को निम्नलिखित यौगिकों में कैसे परिवर्तित करेंगे?
(i) ब्यूटेन-1,3-डाईऑल (ii) ब्यूट-2-इन (iii) ब्यूट-2-इनॉइक अम्ल
🟢 उत्तर:
(i) एथेनॉल → (ऑक्सीकरण) → एसीटैल्डिहाइड → (एल्डोल संयोगन) → ब्यूटेन-1,3-डाईऑल
(ii) एथेनॉल → एथीन (निर्जलीकरण) → ब्यूट-2-इन (डाइमरीकरण)
(iii) एथेनॉल → एसीटिक अम्ल → एल्डोल संघनन + निर्जलीकरण → ब्यूट-2-इनॉइक अम्ल
🔵 प्रश्न 8.9
प्रोपेनल एवं ब्यूटेनल के एल्डोल संयोगन से बनने वाले चार संभावित उत्पादों के नाम एवं संरचना सूत्र लिखिए। प्रत्येक में बताइए कि कौन सा एल्डिहाइड नाभिकधारी और कौन सा इलेक्ट्रॉनग्राही होगा।
🟢 उत्तर:
दोनों में α-H उपस्थित → क्रॉस एल्डोल संयोगन के चार उत्पाद:
1️⃣ प्रोपेनल + प्रोपेनल → 3-हाइड्रॉक्सीपेंटनल
2️⃣ ब्यूटेनल + ब्यूटेनल → 3-हाइड्रॉक्सीहेक्सनल
3️⃣ प्रोपेनल (नाभिकधारी) + ब्यूटेनल (इलेक्ट्रॉनग्राही) → 3-हाइड्रॉक्सीहेक्स-2-एनाल
4️⃣ ब्यूटेनल (नाभिकधारी) + प्रोपेनल (इलेक्ट्रॉनग्राही) → 4-हाइड्रॉक्सीहेक्स-2-एनाल
🔵 प्रश्न 8.10
एक कार्बनिक यौगिक जिसका आणविक सूत्र C₉H₁₀O है, 2,4-DNP यौगिक बनाता है, टॉलेंस अभिकर्मक को अपचयित करता है तथा कैनिज़ारो अभिक्रिया देता है। प्रबल ऑक्सीकरण पर वह 1,2-बेंज़ीनडाईकार्बॉक्सिलिक अम्ल बनाता है। यौगिक की पहचान कीजिए।
🟢 उत्तर:
➡ यह बेंज़ाल्डिहाइड है (C₆H₅CHO)।
✔ 2,4-DNP देता है (कार्बोनिल समूह)
✔ टॉलेंस अभिकर्मक को अपचयित करता है
✔ कैनिज़ारो देता है (α-H अनुपस्थित)
✔ ऑक्सीकरण पर फ्थैलिक अम्ल बनता है।
🔵 प्रश्न 8.11
एक कार्बनिक यौगिक ‘क’ (C₈H₁₆O₂) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ जलअवयवित करने पर ‘ख’ (कार्बोक्सिलिक अम्ल) तथा ‘ग’ (ऐल्कोहॉल) देता है। ‘ग’ का ऑक्सीकरण ‘घ’ देता है जो निर्जलीकरण पर ब्यूट-1-इन बनाता है। अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
🟢 उत्तर:
‘ग’ = ब्यूटेन-1-ऑल, ‘घ’ = ब्यूटानल, निर्जलीकरण पर ब्यूट-1-इन।
अतः ‘क’ = एथाइल ब्यूटानोएट (CH₃CH₂CH₂COOC₂H₅)
‘ख’ = ब्यूटानोइक अम्ल
‘ग’ = एथेनॉल
🧪 अभिक्रियाएँ:
CH₃CH₂CH₂COOC₂H₅ + H₂O → CH₃CH₂CH₂COOH + C₂H₅OH
C₂H₅OH + [O] → CH₃CHO → H₂O हटाने पर CH₂=CH–CH₂–CH₃
🔵 प्रश्न 8.12
निम्न यौगिकों को HCN के प्रति अभिक्रियाशीलता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
🟢 उत्तर:
(i) ऐसीटैल्डिहाइड < ऐसीटोन < डाइ-टर्ट-ब्यूटाइलकीटोन < मेथाइलटर्ट-ब्यूटाइलकीटोन
(शाखान्वयन अधिक → इलेक्ट्रॉन घनत्व अधिक → अभिक्रियाशीलता घटती है)
🔵 प्रश्न 8.13
निम्न यौगिक युग्मों में भेद बताने हेतु सरल रासायनिक परीक्षण दीजिए।
🟢 उत्तर:
(i) प्रोपेनाल व प्रोपेनोन — टॉलेंस अभिकर्मक; प्रोपेनाल देगा सिल्वर मिरर
(ii) ऐसीटोफिनोन व बेंज़ोफिनोन — आयोडोफॉर्म; ऐसीटोफिनोन देगा
(iii) फॉर्मिक अम्ल व बेंज़ोइक अम्ल — NaHCO₃ से दोनों बुलबुले; लेकिन फॉर्मिक अम्ल HCHO में ऑक्सीकरण योग्य
(vii) ऐथेनाल व प्रोपेनोन — आयोडोफॉर्म; केवल ऐथेनाल देगा
🔵 प्रश्न 8.14
बेंजीन से बनाये गये यौगिकों का वर्गीकरण कीजिए।
🟢 उत्तर:
✔ मिथाइल बेंजोट — ऐल्काइल सब्स्टिट्यूशन
✔ p-नाइट्रोबेंजाल्डिहाइड — इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन
✔ m-नाइट्रोबेंजोइक अम्ल — बहु प्रतिस्थापन
✔ फेनिलएसीटिक अम्ल — साइड चेन विस्तार
🔵 प्रश्न 8.15
अधिकतम दो चरणों में रूपांतरण लिखिए।
🟢 उत्तर:
(i) प्रोपेनोन → प्रोपीन : (Zn/Hg, HCl → आइसोप्रोपिलीन)
(ii) बेंज़ोइक अम्ल → बेंज़ाल्डिहाइड : (Rosenmund reduction)
(v) बेंज़ाल्डिहाइड → बेंज़ोफिनोन :
① ऑक्सीकरण → बेंजोइक अम्ल
② SOCl₂ → बेंज़ोइल क्लोराइड → फ्राइडेल-क्राफ्ट्स ऐसिलीकरण → बेंज़ोफिनोन
🔵 प्रश्न 8.16
शब्दार्थ:
🟢 (i) एसीटिलीनन = –C≡C– समूह
🟢 (ii) कैनिज़ारो अभिक्रिया = बिना α-H वाले ऐल्डिहाइडों का असममिश्रण
🟢 (iii) क्रॉस एल्डोल = दो भिन्न ऐल्डिहाइड/कीटोन का एल्डोल संघनन
🟢 (iv) विखंडन = बड़े अणु का छोटे में विभाजन
🔵 प्रश्न 8.17
दी गई संलेषण अभिक्रियाओं में छूटे उत्पादों को लिखिए।
🟢 उत्तर:
(i) एथिलबेंजीन → KMnO₄/KOH → सोडियम बेंजोएट → अम्लीकरण → बेंज़ोइक अम्ल
(ii) ऑर्थो-बेंज़ीनडाईकार्बॉक्सिलिक अम्ल → SOCl₂ → एसिड क्लोराइड
(iii) C₆H₅CHO + H₂NCONHNH₂ → हाइड्राज़ोन
(v) साइक्लोहेक्सेनकार्बॉक्साल्डिहाइड → [Ag(NH₃)₂]⁺ → नकारात्मक परिणाम
(vii) बेंज़ाल्डिहाइड + प्रोपेनाल → क्रॉस एल्डोल उत्पाद
(ix) साइक्लोहेक्सानॉल + CrO₃ → साइक्लोहेक्सानोन
(xi) ओज़ोनोलिसिस से → हेक्सानेडायोन
🔴 प्रश्न 8.18:
निम्नलिखित में कथनों का कारण दीजिए —
(i) 2,2,6-ट्राइमिथाइलसाइक्लोहेक्सेनोन एनिम बनाना कठिन है।
(ii) कीटोन सामान्यतया केवल एक एनिल बनाते हैं।
(iii) 2,4-डाईनाइट्रोफिनाइलहाइड्राज़ीन कीटोन के साथ अभिक्रिया के लिए जलरहित माध्यम आवश्यक है।
🔵 उत्तर:
(i) ➡ इस यौगिक में कार्बोनिल समूह के समीप भारी समूह (–CH₃) उपस्थित हैं।
➡ यह स्टेरिक रुकावट (steric hindrance) उत्पन्न करते हैं, जिससे नाभिकीय आक्रमण कठिन हो जाता है।
✔ Final: इस कारण एनिम (इमीन) बनना कठिन होता है।
(ii) ➡ कीटोन में दो ऐल्किल समूह होते हैं, जिससे असममित कार्बोनिल समूह केवल एक प्रकार के एनिल में परिवर्तित हो सकता है।
➡ दो एनिलों का निर्माण संभव नहीं।
✔ Final: इस कारण कीटोन सामान्यतया केवल एक एनिल बनाते हैं।
(iii) ➡ यदि जल उपस्थित हो तो हाइड्रॉलाइसिस द्वारा हाइड्राज़ोन पुनः कीटोन में परिवर्तित हो जाता है।
➡ जल की अनुपस्थिति में ही संघनन पूर्ण होता है।
✔ Final: अतः जलरहित माध्यम आवश्यक है।
🔴 प्रश्न 8.19:
एक यौगिक ‘A’ का प्रतिशत संघटन है: C = 69.77%, H = 11.63%, O = 18.60%।
इसका आणविक द्रव्यमान = 86 है।
‘A’ I₂/NaOH के साथ पीला अवक्षेप देता है और CrO₃ के साथ ऑक्सीकरण करने पर ‘B’ (C₄H₈O) बनता है,
जो NaHSO₃ के साथ यौगिक बनाता है।
‘A’ और ‘B’ की पहचान कीजिए तथा समीकरण लिखिए।
🔵 उत्तर:
➡ प्रतिशत संघटन से आणविक सूत्र = C₄H₁₀O
➡ I₂/NaOH के साथ पीला अवक्षेप (CHI₃) बनना = CH₃CO– समूह उपस्थित
➡ अतः ‘A’ = ब्यूटान-2-ऑल (CH₃CH(OH)CH₂CH₃)
➡ CrO₃ से ऑक्सीकरण → ब्यूटानोन (CH₃COCH₂CH₃) = ‘B’
➡ ‘B’ NaHSO₃ के साथ यौगिक देता है → कार्बोनिल समूह की पुष्टि।
🧪 अभिक्रियाएँ:
CH₃CH(OH)CH₂CH₃ + [O] → CH₃COCH₂CH₃ + H₂O
CH₃COCH₂CH₃ + I₂/NaOH → CHI₃ (पीला अवक्षेप) + NaCOCH₂CH₃
✔ Final:
‘A’ = ब्यूटान-2-ऑल ‘B’ = ब्यूटानोन
🔴 प्रश्न 8.20:
फिनॉल की अम्लीयता एथेनॉल की अपेक्षा अधिक क्यों होती है?
🔵 उत्तर:
➡ फिनॉल में –OH समूह सीधे बेंजीन वलय से जुड़ा होता है।
➡ डीलोकलाइजेशन द्वारा फिनॉक्साइड आयन (C₆H₅O⁻) स्थिर होता है।
➡ एथेनॉल में ऐसा अनुनाद स्थिरीकरण नहीं होता।
✔ Final: अतः फिनॉल अधिक अम्लीय है क्योंकि उसका संयुग्म क्षार स्थिर है।
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)
सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।
✳ खण्ड – A (बहुविकल्पीय प्रश्न: 1 × 16 = 16 अंक)
प्रश्न 1. ऐल्डिहाइड में उपस्थित क्रियात्मक समूह है —
–COOH
–CHO
–CO–
–OH
उत्तर: 2
प्रश्न 2. कीटोन में कार्बोनिल समूह कहाँ स्थित होता है?
श्रृंखला के अन्त में
श्रृंखला के मध्य में
सुगन्धित वलय से बाहर
हाइड्रोजन से जुड़ा
उत्तर: 2
प्रश्न 3. ऐल्डिहाइड एवं कीटोन का सामान्य सूत्र है —
RCOOH
RCHO
RCOR′
(2) और (3) दोनों
उत्तर: 4
प्रश्न 4. एसीटोन का सामान्य नाम है —
प्रोपेनोन
इथेनाल
ब्यूटेनोन
मेथेनाल
उत्तर: 1
प्रश्न 5. फॉर्मल्डिहाइड का आणविक सूत्र है —
CH₃CHO
HCHO
CH₃COCH₃
C₂H₅CHO
उत्तर: 2
प्रश्न 6. कार्बोनिल समूह में ऑक्सीजन से जुड़ा कार्बन परमाणु किस संकरण में होता है?
sp³
sp²
sp
कोई नहीं
उत्तर: 2
प्रश्न 7. निम्न में से कौन-सा अभिकर्मक ऐल्डिहाइड को अम्ल में बदलता है?
LiAlH₄
H₂/Ni
K₂Cr₂O₇/H⁺
NH₂OH
उत्तर: 3
प्रश्न 8. फेह्लिंग विलयन (Fehling’s solution) किसके लिए विशिष्ट है?
कीटोन
ऐल्डिहाइड
अम्ल
एस्टर
उत्तर: 2
प्रश्न 9. कीटोन का अपचयन करने पर क्या प्राप्त होता है?
प्राथमिक ऐल्कोहॉल
द्वितीयक ऐल्कोहॉल
तृतीयक ऐल्कोहॉल
अम्ल
उत्तर: 2
प्रश्न 10. निम्न में से कौन-सा यौगिक कार्बोक्सिलिक अम्ल है?
CH₃CHO
CH₃COOH
CH₃COCH₃
HCHO
उत्तर: 2
प्रश्न 11. कार्बोक्सिलिक अम्लों में अम्लीयता का कारण है —
हाइड्रोजन बन्धन
–COOH समूह
जल में घुलनशीलता
कार्बन श्रृंखला
उत्तर: 2
प्रश्न 12. एसीटिक अम्ल का आणविक सूत्र है —
C₂H₄O₂
C₃H₆O₂
CH₂O
C₄H₈O₂
उत्तर: 1
प्रश्न 13. कार्बोक्सिलिक अम्लों के अपचयन से क्या बनता है?
ऐल्डिहाइड
ऐल्कोहॉल
एस्टर
कीटोन
उत्तर: 2
प्रश्न 14. “फॉर्मिक अम्ल” का अन्य नाम है —
मिथेनिक अम्ल
एसीटिक अम्ल
ब्यूटिरिक अम्ल
बेंजोइक अम्ल
उत्तर: 1
Options (A/R प्रकार के प्रश्नों हेतु)
A और R दोनों सत्य हैं तथा R, A का सही व्याख्यान है।
A और R दोनों सत्य हैं परन्तु R, A का सही व्याख्यान नहीं है।
A सत्य है, R असत्य है।
A असत्य है, R सत्य है।
प्रश्न 15.
A: ऐल्डिहाइड फेह्लिंग विलयन को लाल अवक्षेप में बदलते हैं।
R: ऐल्डिहाइड को ऑक्सीकरण कर अम्ल में बदला जा सकता है।
उत्तर: 1
प्रश्न 16.
A: कीटोन फेह्लिंग परीक्षण में प्रतिक्रिया नहीं देते।
R: कीटोन में –CHO समूह नहीं होता।
उत्तर: 1
✳ खण्ड – B (अति लघु उत्तर प्रश्न: 2 × 5 = 10 अंक)
प्रश्न 17. ऐल्डिहाइड एवं कीटोन में एक समान कार्यात्मक समूह कौन-सा है?
🟩 दोनों में कार्बोनिल (C=O) समूह होता है।
🎯 ऐल्डिहाइड में यह श्रृंखला के अन्त पर, कीटोन में मध्य में स्थित होता है।
प्रश्न 18. बेंजोइक अम्ल का आणविक सूत्र लिखिए।
🧪 C₆H₅COOH।
🎯 यह एक सुगन्धित कार्बोक्सिलिक अम्ल है।
प्रश्न 19. टोलेंस अभिकर्मक (Tollen’s reagent) का उपयोग किसलिए किया जाता है?
🟦 ऐल्डिहाइड पहचान के लिए।
🧪 यह ऐल्डिहाइड को ऑक्सीकरण कर अम्ल में बदलता है और “रजत दर्पण” बनाता है।
प्रश्न 20. एसीटिक अम्ल की अम्लीयता का कारण क्या है?
🟩 –COOH समूह में हाइड्रोजन आसानी से आयनित होकर H⁺ देता है।
🧪 कार्बोक्सिलेट आयन (RCOO⁻) अनुनाद द्वारा स्थिर होता है।
प्रश्न 21. कीटोन को द्वितीयक ऐल्कोहॉल में बदलने के लिए कौन-सा अभिकर्मक प्रयोग किया जाता है?
🧪 LiAlH₄ या NaBH₄।
🎯 यह अपचयन अभिक्रिया है।
✳ खण्ड – C (संक्षिप्त उत्तर प्रश्न: 3 × 7 = 21 अंक)
प्रश्न 22. ऐल्डिहाइडों का ऑक्सीकरण किस प्रकार होता है?
🟦 ऐल्डिहाइड → अम्ल।
🧪 अभिकर्मक: K₂Cr₂O₇/H₂SO₄ या Tollens reagent।
🎯 उदाहरण — CH₃CHO + [O] → CH₃COOH।
प्रश्न 23. कीटोन का अपचयन कैसे किया जाता है?
🧪 अभिकर्मक — NaBH₄ या H₂/Ni।
🟩 उदाहरण — CH₃COCH₃ + 2[H] → CH₃CH(OH)CH₃।
🎯 उत्पाद — द्वितीयक ऐल्कोहॉल।
प्रश्न 24. कार्बोनिल समूह की संरचना का वर्णन कीजिए।
🧪 कार्बन sp² संकरण में होता है।
🎯 कार्बन–ऑक्सीजन द्विबन्ध छोटा एवं ध्रुवीय होता है।
🟦 C=O बन्ध कोण लगभग 120°।
प्रश्न 25. कार्बोक्सिलिक अम्लों का एस्टरीकरण क्या है?
🟩 अम्ल + ऐल्कोहॉल ⇌ एस्टर + जल।
🧪 उदाहरण — CH₃COOH + C₂H₅OH ⇌ CH₃COOC₂H₅ + H₂O।
🎯 उत्प्रेरक — सान्द्र H₂SO₄।
प्रश्न 26. ऐल्डिहाइड और कीटोन में एक रासायनिक भिन्नता लिखिए।
🧪 ऐल्डिहाइड ऑक्सीकरण में अम्ल देते हैं।
🎯 कीटोन सामान्य परिस्थितियों में ऑक्सीकरण नहीं होते।
प्रश्न 27. फॉर्मिक अम्ल के दो प्रयोग बताइए।
🟦 (1) चमड़ा उद्योग में प्रयोग।
🟩 (2) कीटाणुनाशक एवं संरक्षक के रूप में उपयोग।
प्रश्न 28. ऐल्डिहाइडों में “कैनिज़ारो अभिक्रिया” क्या है?
🧪 बिना α-हाइड्रोजन वाले ऐल्डिहाइड क्षार में असमानुपात अभिक्रिया करते हैं।
🎯 उदाहरण — 2HCHO → HCOONa + CH₃OH।
✅ एक अणु का ऑक्सीकरण, दूसरे का अपचयन।
✳ खण्ड – D (प्रकरण-आधारित प्रश्न: 4 × 2 = 8 अंक)
प्रश्न 29.
नीचे दिया गया अनुच्छेद पढ़िए और पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए —
फॉर्मल्डिहाइड (HCHO) सर्वाधिक सरल ऐल्डिहाइड है। यह रंगहीन, तीक्ष्ण गंध वाली गैस है जो जल में घुलकर “फॉर्मालिन” बनाती है। यह जीवाणुनाशक, संरक्षक तथा रासायनिक पदार्थों के निर्माण में प्रयुक्त होती है।
(क) फॉर्मलिन क्या है?
🟩 HCHO का 40% जलीय विलयन।
(ख) फॉर्मल्डिहाइड की एक विशेषता लिखिए।
🧪 तीक्ष्ण गंध वाली, रंगहीन गैस है।
(ग) यह किस अभिक्रिया में भाग लेता है?
🎯 कैनिज़ारो अभिक्रिया।
(घ) इसका एक उपयोग लिखिए।
🟦 जीवाणुनाशक एवं शव-संरक्षण में प्रयोग।
प्रश्न 30.
निम्नलिखित डेटा का प्रयोग कीजिए —
एसीटिक अम्ल (CH₃COOH) की अम्लीयता को ज्ञात कीजिए कि क्यों यह अम्ल जल से अधिक अम्लीय है।
🧪 CH₃COOH ⇌ CH₃COO⁻ + H⁺
🟩 अनुनाद संरचना के कारण CH₃COO⁻ आयन स्थिर होता है।
🎯 अतः H⁺ का विच्छेदन अधिक होता है ⇒ एसीटिक अम्ल जल से अधिक अम्लीय।
(क) उत्पन्न आयन का नाम लिखिए।
✅ एसीटेट आयन (CH₃COO⁻)।
(ख) यह आयन स्थिर क्यों है?
🟦 अनुनाद द्वारा ऋण आवेश दोनों ऑक्सीजन परमाणुओं में वितरित होता है।
✳ खण्ड – E (दीर्घ उत्तर प्रश्न: 5 × 3 = 15 अंक)
प्रश्न 31.
ऐल्डिहाइडों की तैयारी के दो प्रमुख विधियाँ लिखिए और समीकरण सहित समझाइए।
🟩 (1) प्राथमिक ऐल्कोहॉल का आंशिक ऑक्सीकरण —
CH₃CH₂OH + [O] → CH₃CHO + H₂O
अभिकर्मक — K₂Cr₂O₇/H₂SO₄।
🧪 (2) कैल्शियम फॉर्मेट का शुष्क आसवन —
Ca(HCOO)₂ → HCHO + CaCO₃।
🎯 निष्कर्ष — ऐल्डिहाइडों की प्राप्ति ऑक्सीकरण या अपघटन दोनों विधियों से संभव है।
या (OR)
कीटोन की दो प्रमुख तैयारी विधियाँ लिखिए।
🟦 (1) द्वितीयक ऐल्कोहॉल का ऑक्सीकरण —
CH₃CH(OH)CH₃ + [O] → CH₃COCH₃ + H₂O।
🟩 (2) कैल्शियम एसीटेट का शुष्क आसवन —
(C₂H₃O₂)₂Ca → (CH₃)₂CO + CaCO₃।
प्रश्न 32.
कार्बोक्सिलिक अम्लों की अम्लीयता का कारण स्पष्ट कीजिए।
🧪 –COOH समूह में हाइड्रोजन आसानी से आयनित होकर H⁺ देता है।
🟦 बनने वाला आयन (RCOO⁻) अनुनाद द्वारा स्थिर होता है।
🎯 दोनों ऑक्सीजन परमाणुओं पर ऋण आवेश का वितरण होता है जिससे आयन स्थायित्व प्राप्त करता है।
या (OR)
कार्बोक्सिलिक अम्लों का अपचयन समझाइए।
🧪 अभिकर्मक — LiAlH₄ या H₂/Ni।
🎯 उदाहरण — CH₃COOH + 4[H] → CH₃CH₂OH + H₂O।
✅ उत्पाद — प्राथमिक ऐल्कोहॉल।
प्रश्न 33.
ऐल्डिहाइड और कीटोन की रासायनिक अभिक्रियाएँ उदाहरण सहित लिखिए।
🟩 (1) न्यूक्लियोफिलिक योग अभिक्रिया —
CH₃CHO + HCN → CH₃CH(OH)CN।
🧪 (2) ऑक्सीकरण —
CH₃CHO + [O] → CH₃COOH।
🟦 (3) अपचयन —
CH₃COCH₃ + 2[H] → CH₃CH(OH)CH₃।
🎯 (4) कैनिज़ारो अभिक्रिया (ऐल्डिहाइड हेतु) —
2HCHO → HCOONa + CH₃OH।
या (OR)
कार्बोक्सिलिक अम्लों की दो विशिष्ट अभिक्रियाएँ लिखिए।
🧪 (1) एस्टरीकरण —
CH₃COOH + C₂H₅OH ⇌ CH₃COOC₂H₅ + H₂O।
🟩 (2) क्षारों से अभिक्रिया —
CH₃COOH + NaOH → CH₃COONa + H₂O।
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