Class 12 : Biology (Hindi) – अध्याय 13: जैव विविधता एवं संरक्षण
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🌿✨ प्रस्तावना
🧠 जीव विविधता का अर्थ है — किसी स्थान पर उपस्थित जीवों की विभिन्नता और उनकी अनुवांशिक, प्रजातीय तथा पारितांत्रिक भिन्नताएँ।

🌍 यह पृथ्वी पर जीवन की समृद्धि का परिचायक है।
🌱 संरक्षण का तात्पर्य है — जीवों और उनके निवास स्थान की रक्षा करना ताकि वे भविष्य में भी बने रहें।
💡 मुख्य विचार:
विविधता ही पारिस्थितिक संतुलन और जीवन की स्थिरता का आधार है।
🔵 1️⃣ जीव विविधता की परिभाषा
🌿 किसी क्षेत्र में पाई जाने वाली सभी प्रजातियों, उनके अनुवांशिक रूपों और पारितंत्रों की कुल विविधता को जीव विविधता कहा जाता है।
🧬 यह केवल प्रजातियों की संख्या नहीं बल्कि उनके आपसी सम्बन्ध, अनुकूलन और पारिस्थितिक कार्यों को भी समाहित करती है।
🟢 2️⃣ जीव विविधता के स्तर
🌱 (क) अनुवांशिक विविधता (Genetic Diversity)
🧬 एक ही प्रजाति के जीवों में पाई जाने वाली अनुवांशिक भिन्नता।
उदाहरण: गेहूँ की विभिन्न किस्में, मानव जनसंख्या में आनुवंशिक अंतर।
🌾 (ख) प्रजातीय विविधता (Species Diversity)
🌿 किसी क्षेत्र में पाई जाने वाली भिन्न-भिन्न प्रजातियों की संख्या।
उदाहरण: भारत में लगभग 1.5 लाख जीव-जंतु प्रजातियाँ।
🌍 (ग) पारितांत्रिक विविधता (Ecosystem Diversity)
🌱 किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पारितंत्रों की विविधता — जैसे वन, मरुस्थल, तालाब, पर्वतीय क्षेत्र।
🟡 3️⃣ जीव विविधता का वितरण
🌍 पृथ्वी पर जीवों का वितरण समान नहीं है।
🌿 उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में सर्वाधिक विविधता होती है क्योंकि वहाँ तापमान और वर्षा अनुकूल होती है।
📈 लैटिट्यूडिनल प्रवणता —
➡️ विषुवत रेखा की ओर बढ़ने पर विविधता बढ़ती है।
➡️ ध्रुवों की ओर घटती है।
💡 भारत जैसे देश में पर्वत, वन, जलाशय, मरुस्थल आदि के कारण विशाल विविधता पाई जाती है।
🔴 4️⃣ भारत में जीव विविधता
🪴 भारत 12 मेगाविविधता देशों में शामिल है।
📍 प्रमुख जैव-भौगोलिक क्षेत्र — हिमालय, मरुस्थल, तटीय क्षेत्र, द्वीप, वन क्षेत्र।
📘 भारत में —
पौधों की प्रजातियाँ ≈ 47,000
पशुओं की प्रजातियाँ ≈ 89,000
🌿 विशेष क्षेत्र —
पश्चिमी घाट
पूर्वोत्तर क्षेत्र
सुंदरवन
अंडमान-निकोबार द्वीप
🌿 5️⃣ जीव विविधता का महत्त्व
🧠 (क) पारिस्थितिक दृष्टि से
विविध प्रजातियाँ पारितंत्र को स्थिर बनाती हैं।
पोषक चक्र और ऊर्जा प्रवाह को नियंत्रित करती हैं।
🍃 (ख) आर्थिक दृष्टि से
भोजन, औषधि, ईंधन, रेशा, रबर, मसाले, वन उत्पाद।
🧪 (ग) वैज्ञानिक व आनुवांशिक दृष्टि से
नई औषधियों और प्रौद्योगिकियों के विकास का आधार।
💚 (घ) सौन्दर्य एवं सांस्कृतिक दृष्टि से
प्रकृति की विविधता से मनुष्य को मानसिक शांति और प्रेरणा मिलती है।
🧬 6️⃣ जीव विविधता के ह्रास के कारण
1️⃣ वासस्थान विनाश – वन कटाई, शहरीकरण।
2️⃣ अत्यधिक दोहन – अंधाधुंध शिकार, वनों का दोहन।
3️⃣ आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ – स्थानीय जीवों को विस्थापित करती हैं।
4️⃣ प्रदूषण – वायु, जल, मृदा प्रदूषण।
5️⃣ जलवायु परिवर्तन – तापमान वृद्धि, वर्षा परिवर्तन।
6️⃣ जनसंख्या वृद्धि – संसाधनों पर दबाव।
⚠️ परिणाम:
प्रजातियों का विलुप्त होना।
पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ना।

🌱 7️⃣ विलुप्तप्राय एवं संकटग्रस्त प्रजातियाँ
🧪 वे प्रजातियाँ जिनकी संख्या बहुत कम हो गई है और विलुप्त होने का खतरा है।
📘 उदाहरण —
बाघ
गैंडा
हाथी
कस्तूरी मृग
🟢 8️⃣ जीव विविधता संरक्षण के उपाय
🌿 (क) स्थल आधारित संरक्षण (In-situ)
जीवों को उनके प्राकृतिक वासस्थान में सुरक्षित रखना।
🧭 उपाय:
राष्ट्रीय उद्यान
अभयारण्य
जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र
💡 यह तरीका जीवों के साथ पारितंत्र को भी सुरक्षित रखता है।
🌾 (ख) स्थल के बाहर संरक्षण (Ex-situ)
जीवों को कृत्रिम वातावरण में सुरक्षित रखना।
🧪 उपाय:
वनस्पति उद्यान
प्राणी उद्यान
बीज बैंक
जर्मप्लाज्म भंडार
🔴 9️⃣ भारत में संरक्षण प्रयास
🌿 जैव विविधता अधिनियम (2002)
📘 राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण की स्थापना।
🧠 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (1972)
🌱 परियोजनाएँ –
प्रोजेक्ट टाइगर
प्रोजेक्ट हाथी
बायोस्फीयर रिजर्व कार्यक्रम
🧭 10️⃣ जैव विविधता हॉटस्पॉट
🪴 ऐसे क्षेत्र जहाँ अत्यधिक विविधता और अधिक विलुप्तप्राय प्रजातियाँ होती हैं।
📍 भारत में —
पश्चिमी घाट
पूर्वी हिमालय
🧬 11️⃣ रेड डाटा पुस्तक
📘 यह पुस्तक उन प्रजातियों की सूची है जो संकटग्रस्त या विलुप्तप्राय हैं।
🧪 अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा प्रकाशित।
🌿 12️⃣ सामुदायिक भागीदारी
🌱 स्थानीय समुदाय संरक्षण में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
उदाहरण:
बिश्नोई समुदाय – हरियाणा
चिपको आन्दोलन – उत्तराखंड
💡✏️ अवधारणात्मक नोट
🔹 जीव विविधता पृथ्वी के जीवन का बीमा है।
🔹 प्रत्येक प्रजाति पारितंत्र के संतुलन में योगदान देती है।
🔹 संरक्षण अनिवार्य है ताकि भविष्य में जीवन सुरक्षित रहे।
🌍 13️⃣ संरक्षण का महत्त्व
✔️ पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना।
✔️ आनुवांशिक भण्डार की रक्षा।
✔️ प्राकृतिक संसाधनों की निरंतरता।
✔️ मानव जीवन की सुरक्षा।
📝 त्वरित पुनरावृत्ति
🌿 जीव विविधता = अनुवांशिक + प्रजातीय + पारितांत्रिक विविधता
🌱 ह्रास के कारण – वनों की कटाई, प्रदूषण, आक्रामक प्रजातियाँ
🧬 संरक्षण – स्थल आधारित, स्थल के बाहर
📘 भारत में – राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, अधिनियम
🌍 हॉटस्पॉट – पश्चिमी घाट, पूर्वी हिमालय
📘 सारांश
🧠 जीव विविधता जीवन की विविधता का माप है।
🌿 इसका संरक्षण पारिस्थितिक संतुलन और मानव कल्याण के लिए आवश्यक है।
🌱 भारत जैव विविधता से समृद्ध है, परंतु अनेक प्रजातियाँ संकटग्रस्त हैं।
🧬 स्थायी विकास के लिए संरक्षण उपायों का पालन अनिवार्य है।
————————————————————————————————————————————————————————————————————————————
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔵 प्रश्न 1. जैव-विविधता के तीन आवश्यक घटकों (Components) के नाम बताइए।
🟢 उत्तर:
जैव-विविधता के तीन मुख्य घटक होते हैं—
1️⃣ आनुवंशिक विविधता (Genetic diversity): एक ही प्रजाति के विभिन्न जनसंख्याओं के बीच जीनों में विविधता।
2️⃣ प्रजातीय विविधता (Species diversity): किसी पारितंत्र में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों की संख्या।
3️⃣ पारितांत्रिक विविधता (Ecosystem diversity): विभिन्न पारितंत्रों जैसे—वन, मरुस्थल, पर्वतीय, जलीय आदि की विविधता।
🔵 प्रश्न 2. पारितांत्रिक किस प्रकार विश्व की कुल जातियों को आकर्षित करते हैं?
🟢 उत्तर:
🌿 पारितंत्र विभिन्न आवास (habitats) और पर्यावरणीय स्थितियाँ प्रदान करते हैं।
🌍 विविध पर्यावरणीय स्थितियाँ विभिन्न प्रकार की प्रजातियों को अनुकूलन और जीवन हेतु अवसर देती हैं।
इस कारण विश्व की कुल प्रजातियाँ विभिन्न पारितंत्रों में वितरित हैं।
🔵 प्रश्न 3. उच्च अक्षांशीय क्षेत्रों में सबसे अधिक स्तर की जाति-संपदा कहाँ मिलती है? इसकी तीन परिकल्पनाएँ दीजिए।
🟢 उत्तर:
🧭 सर्वाधिक जातीय संपदा उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों (Tropical regions) में पाई जाती है।
📘 परिकल्पनाएँ:
1️⃣ उष्ण कटिबंधों में स्थिर जलवायु व अनुकूल तापमान।
2️⃣ वर्षभर प्रकाश की उपलब्धता।
3️⃣ दीर्घकालीन विकास व विलुप्ति की कम दर।
🔵 प्रश्न 4. जीवों के संरक्षण में प्रजातीय विविधता का क्या महत्त्व है?
🟢 उत्तर:
प्रजातीय विविधता से पारितंत्र की स्थिरता बनी रहती है।
प्रत्येक प्रजाति विशिष्ट कार्य करती है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन कायम रहता है।
औषधीय, कृषि एवं आर्थिक लाभ भी प्राप्त होते हैं।
🔵 प्रश्न 5. किसी भौगोलिक क्षेत्र में जाति संपदा का मुख्य कारण क्या है?
🟢 उत्तर:
मुख्य कारण —
🌿 अनुकूल जलवायु
🌧️ वर्षा की प्रचुरता
🏞️ विविध स्थलाकृति
🌞 प्रकाश की पर्याप्तता
💡 इनसे विविध आवास बनते हैं, जो अधिक प्रजातियों को समर्थन देते हैं।
🔵 प्रश्न 6. पारितंत्र के कार्यों को क्यों जैवविविधता कैसे उपयोगी है?
🟢 उत्तर:
🌿 जैवविविधता पारितंत्र के पोषण चक्र, ऊर्जा प्रवाह, परागण, अपघटन आदि कार्यों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
⚙️ यह पारितंत्र की उत्पादकता और स्थिरता को सुनिश्चित करती है।
🔵 प्रश्न 7. पवित्र उपवन क्या हैं? उनकी संरक्षण में क्या भूमिका है?
🟢 उत्तर:
📘 परिभाषा: ऐसे वन क्षेत्र जहाँ धार्मिक मान्यताओं के कारण मानव हस्तक्षेप व वनों की कटाई निषिद्ध होती है।
📘 भूमिका:
स्थानीय जैवविविधता का संरक्षण
संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण
परंपरागत ज्ञान का संरक्षण
📍 उदाहरण: मेघालय, नागालैंड, राजस्थान में पवित्र उपवन।
🔵 प्रश्न 8. पारितंत्र सेवाओं के अंतर्गत खाद्य एवं भू-अपक्षय नियंत्रण आते हैं। यह किस प्रकार के पारितंत्र कार्यों (Ecological Functions) द्वारा पूर्ण होते हैं?
🟢 उत्तर:
📘 पारितंत्र सेवाएँ —
खाद्य उत्पादन (प्राथमिक उत्पादकता)
मिट्टी संरक्षण (जड़ प्रणाली द्वारा अपक्षय नियंत्रण)
वायुमंडलीय शुद्धिकरण
📘 ये सेवाएँ पारितंत्र की विनियामक (Regulating) एवं आपूर्तिक (Provisioning) सेवाओं में आती हैं।
🔵 प्रश्न 9. पौधों की जाति विविधता (22 प्रतिशत) जबकि जंतुओं (72 प्रतिशत) की अपेक्षा बहुत कम है; इसका क्या कारण है?
🟢 उत्तर:
जंतु अपनी गतिशीलता से अधिक विविध आवासों में अनुकूलित हो सकते हैं।
पौधों की सीमित गतिशीलता विविधता को सीमित करती है।
प्राणी प्रजनन एवं व्यवहार में विविधता अधिक प्रदर्शित करते हैं।
🔵 प्रश्न 10. क्या आप ऐसे विश्व की कल्पना कर सकते हैं जहाँ हम जानबूझकर किसी जाति को विलुप्त करना चाहें? क्या यह उचित होगा?
🟢 उत्तर:
📘 नहीं, प्रत्येक जाति पारितंत्र में विशिष्ट भूमिका निभाती है।
📘 किसी जाति को नष्ट करने से पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है।
📘 इसलिए जानबूझकर विलुप्ति नैतिक व वैज्ञानिक दृष्टि से अनुचित है।
————————————————————————————————————————————————————————————————————————————
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
🔵 प्रश्न 1: जैव विविधता से क्या अभिप्राय है?
🔴 1️⃣ केवल पौधों की विविधता
🟢 2️⃣ जीवों की कुल विविधता – पौधे, पशु और सूक्ष्मजीव
🟡 3️⃣ केवल प्राणियों की विविधता
🔵 4️⃣ केवल सूक्ष्मजीवों की विविधता
🟢 उत्तर: 2️⃣ जीवों की कुल विविधता – पौधे, पशु और सूक्ष्मजीव
🔵 प्रश्न 2:
विश्व की सबसे अधिक जैव विविधता किस क्षेत्र में पाई जाती है?
🔴 1️⃣ टुंड्रा क्षेत्र
🟢 2️⃣ उष्णकटिबंधीय वर्षावन
🟡 3️⃣ मरुस्थल
🔵 4️⃣ पर्वतीय क्षेत्र
🟢 उत्तर: 2️⃣ उष्णकटिबंधीय वर्षावन
🔵 प्रश्न 3:
भारत में सबसे अधिक जैव विविधता किस प्रदेश में पाई जाती है?
🔴 1️⃣ राजस्थान
🟢 2️⃣ पश्चिमी घाट
🟡 3️⃣ गुजरात
🔵 4️⃣ पंजाब
🟢 उत्तर: 2️⃣ पश्चिमी घाट
🔵 प्रश्न 4:
निम्न में से कौन जैव विविधता का घटक नहीं है?
🔴 1️⃣ आनुवंशिक विविधता
🟢 2️⃣ प्रजातीय विविधता
🟡 3️⃣ पारितांत्रिक विविधता
🔵 4️⃣ भौतिक विविधता
🟢 उत्तर: 4️⃣ भौतिक विविधता
🔵 प्रश्न 5:
“हॉट-स्पॉट” शब्द जैव विविधता के संदर्भ में किसके लिए प्रयोग किया जाता है?
🔴 1️⃣ अत्यधिक ताप वाले क्षेत्र
🟢 2️⃣ अत्यधिक जैव विविधता वाले क्षेत्र
🟡 3️⃣ मरुस्थलीय क्षेत्र
🔵 4️⃣ शीत प्रदेश
🟢 उत्तर: 2️⃣ अत्यधिक जैव विविधता वाले क्षेत्र
🔵 प्रश्न 6:
निम्न में से कौन-सा भारत का जैव विविधता हॉट-स्पॉट है?
🔴 1️⃣ हिमालय
🟢 2️⃣ पश्चिमी घाट
🟡 3️⃣ सुन्दरवन
🔵 4️⃣ दक्कन पठार
🟢 उत्तर: 2️⃣ पश्चिमी घाट
🔵 प्रश्न 7:
जैव विविधता संरक्षण के दो प्रमुख प्रकार कौन से हैं?
🔴 1️⃣ स्थल और जल संरक्षण
🟢 2️⃣ अंतःस्थित (In situ) एवं बहिर्स्थित (Ex situ) संरक्षण
🟡 3️⃣ जनसंख्या एवं समुदाय संरक्षण
🔵 4️⃣ आनुवंशिक एवं प्रजातीय संरक्षण
🟢 उत्तर: 2️⃣ अंतःस्थित (In situ) एवं बहिर्स्थित (Ex situ) संरक्षण
🔵 प्रश्न 8:
निम्न में से कौन-सा बहिर्स्थित संरक्षण का उदाहरण है?
🔴 1️⃣ राष्ट्रीय उद्यान
🟢 2️⃣ वनस्पति उद्यान
🟡 3️⃣ अभयारण्य
🔵 4️⃣ बायोस्फीयर रिज़र्व
🟢 उत्तर: 2️⃣ वनस्पति उद्यान
🔵 प्रश्न 9:
भारत में जैव विविधता अधिनियम (Biodiversity Act) कब पारित हुआ?
🔴 1️⃣ 1990
🟢 2️⃣ 2002
🟡 3️⃣ 2010
🔵 4️⃣ 1995
🟢 उत्तर: 2️⃣ 2002
🔵 प्रश्न 10:
“रेड डेटा बुक” क्या दर्शाती है?
🔴 1️⃣ आर्थिक सर्वेक्षण
🟢 2️⃣ लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची
🟡 3️⃣ वनस्पति संरक्षण की सूची
🔵 4️⃣ औषधीय पौधों की सूची
🟢 उत्तर: 2️⃣ लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची
🔵 प्रश्न 11:
भारत में कुल कितने जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) हैं?
🟢 उत्तर:
भारत में कुल 18 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं — नीलगिरी, सुंदरबन, मानस और सिमलीपाल।
🔵 प्रश्न 12:
लुप्तप्राय प्रजातियों से क्या अभिप्राय है?
🟢 उत्तर:
ऐसी प्रजातियाँ जिनका अस्तित्व गंभीर संकट में है और जिनकी संख्या निरंतर घट रही है, उन्हें लुप्तप्राय (Endangered) प्रजातियाँ कहा जाता है।
🔴 प्रश्न 13:
जैव विविधता के तीन स्तरों का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity): एक ही प्रजाति के भीतर जीनों का विविध रूप जैसे – धान की विभिन्न किस्में।
2️⃣ प्रजातीय विविधता (Species Diversity): किसी पारितंत्र में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों की संख्या।
3️⃣ पारितांत्रिक विविधता (Ecosystem Diversity): भिन्न-भिन्न पारितंत्रों का अस्तित्व जैसे – वन, मरुस्थल, जलाशय आदि।
✔️ निष्कर्ष: ये तीनों स्तर मिलकर जीवन की जटिलता और स्थिरता को बनाते हैं।
🔴 प्रश्न 14:
भारत की जैव विविधता के तीन हॉट-स्पॉट के नाम लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ भारत में तीन जैव विविधता हॉट-स्पॉट हैं –
हिमालय क्षेत्र 🏔️
पश्चिमी घाट 🌿
इंडो-बर्मा क्षेत्र 🌾
2️⃣ इन क्षेत्रों में अत्यधिक प्रजातीय विविधता और स्थानिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
✔️ निष्कर्ष: हॉट-स्पॉट क्षेत्रों का संरक्षण जैव विविधता की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
🔴 प्रश्न 15:
जैव विविधता के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ यह भोजन, औषधि, ईंधन और रेशों का स्रोत है।
2️⃣ पारितंत्र की स्थिरता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखती है।
3️⃣ आर्थिक, वैज्ञानिक और सौंदर्यात्मक दृष्टि से भी अमूल्य है।
✔️ निष्कर्ष: जैव विविधता जीवन की समग्र सुरक्षा और समृद्धि का आधार है।
🔴 प्रश्न 16:
अंतःस्थित संरक्षण (In situ Conservation) क्या है?
🟢 उत्तर:
1️⃣ जीवों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास में किया जाता है।
2️⃣ इसके उदाहरण हैं – राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र।
3️⃣ यह संरक्षण विधि जीवों को उनके प्राकृतिक पर्यावरण में सुरक्षित रखती है।
✔️ निष्कर्ष: अंतःस्थित संरक्षण प्रजातियों की प्राकृतिक विविधता बनाए रखता है।
🔴 प्रश्न 17:
बहिर्स्थित संरक्षण (Ex situ Conservation) क्या है?
🟢 उत्तर:
1️⃣ जीवों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास से बाहर किया जाता है।
2️⃣ इसके उदाहरण हैं – वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान, जर्म प्लाज्म बैंक, बीज बैंक।
3️⃣ यह विधि विशेष रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए उपयोगी है।
✔️ निष्कर्ष: बहिर्स्थित संरक्षण प्रजातियों को कृत्रिम रूप से संरक्षित रखता है।
🔴 प्रश्न 18:
‘रेड डेटा बुक’ का क्या महत्व है?
🟢 उत्तर:
1️⃣ इसमें विलुप्त, लुप्तप्राय और दुर्लभ प्रजातियों की सूची होती है।
2️⃣ यह विश्व संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा प्रकाशित की जाती है।
3️⃣ इससे वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं को संरक्षण की प्राथमिकता तय करने में सहायता मिलती है।
✔️ निष्कर्ष: रेड डेटा बुक जैव संरक्षण की दिशा में महत्त्वपूर्ण दस्तावेज है।
🔴 प्रश्न 19:
भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए कौन-से कानून बनाए गए हैं?
🟢 उत्तर:
1️⃣ जैव विविधता अधिनियम, 2002
2️⃣ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972
3️⃣ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
✔️ निष्कर्ष: ये अधिनियम भारत की जैव संपदा की रक्षा के लिए कानूनी आधार प्रदान करते हैं।
🔴 प्रश्न 20:
जैव विविधता पर मानव गतिविधियों के प्रभाव बताइए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ वनों की कटाई, औद्योगिकीकरण और प्रदूषण से आवास नष्ट हो रहे हैं।
2️⃣ विदेशी प्रजातियों का आक्रमण और अधिक जनसंख्या भी विविधता घटाते हैं।
3️⃣ शिकार और अवैध व्यापार से अनेक प्रजातियाँ विलुप्त हो गई हैं।
✔️ निष्कर्ष: मानव गतिविधियाँ जैव विविधता के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।
🔴 प्रश्न 21:
राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य में अंतर लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ राष्ट्रीय उद्यान: सरकार द्वारा संरक्षित क्षेत्र जहाँ मानव हस्तक्षेप पूर्णतः वर्जित है।
2️⃣ अभयारण्य: वह क्षेत्र जहाँ सीमित मानवीय गतिविधियाँ जैसे अनुसंधान या पर्यटन अनुमति प्राप्त हैं।
✔️ निष्कर्ष: दोनों ही संरक्षण के महत्त्वपूर्ण साधन हैं, पर राष्ट्रीय उद्यान अधिक कठोर सुरक्षा प्रदान करते हैं।
🔴 प्रश्न 22:
जैव विविधता के संरक्षण हेतु व्यक्तियों की क्या भूमिका हो सकती है?
🟢 उत्तर:
1️⃣ स्थानीय स्तर पर वृक्षारोपण, जल संरक्षण और वन्यजीवों की रक्षा।
2️⃣ प्लास्टिक और रासायनिक प्रदूषण को कम करना।
3️⃣ पर्यावरण शिक्षा और जन-जागरूकता फैलाना।
✔️ निष्कर्ष: प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग जैव विविधता की रक्षा का आधार है।
🔴 प्रश्न 23:
जैव विविधता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन के संतुलन की मूल धुरी है।
2️⃣ यह मनुष्य को भोजन, औषधि, रेशा, ईंधन और औद्योगिक कच्चा माल प्रदान करती है।
3️⃣ विविध प्रजातियाँ पर्यावरणीय सेवाएँ देती हैं – जैसे परागण, अपघटन, जल और वायु शुद्धि।
4️⃣ यह पारितंत्र की स्थिरता, पारस्परिक सहयोग और अनुकूलन क्षमता बढ़ाती है।
5️⃣ जैव विविधता से वैज्ञानिक अनुसंधान, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलता है।
✔️ निष्कर्ष: जैव विविधता केवल प्राकृतिक संपदा नहीं बल्कि जीवन के अस्तित्व की अनिवार्य शर्त है।
🔴 प्रश्न 24:
जैव विविधता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ वनों की कटाई: आवास विनाश से असंख्य प्रजातियाँ विलुप्त हो रही हैं।
2️⃣ प्रदूषण: जल, वायु व मृदा प्रदूषण से जीवों का अस्तित्व संकट में है।
3️⃣ अत्यधिक दोहन: शिकार और संसाधनों के अत्यधिक उपयोग से संतुलन बिगड़ता है।
4️⃣ विदेशी प्रजातियाँ: बाहरी प्रजातियाँ स्थानीय जीवों की प्रतिस्पर्धा में उन्हें नष्ट कर देती हैं।
5️⃣ जलवायु परिवर्तन: तापमान वृद्धि और वर्षा में अनियमितता भी प्रभाव डालती है।
✔️ निष्कर्ष: मानव-जनित गतिविधियाँ जैव विविधता ह्रास की सबसे बड़ी जिम्मेदार हैं।
🔴 प्रश्न 25:
अंतःस्थित (In situ) और बहिर्स्थित (Ex situ) संरक्षण की तुलना कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ अंतःस्थित संरक्षण: इसमें जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखा जाता है, जैसे – राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र।
2️⃣ बहिर्स्थित संरक्षण: इसमें जीवों को उनके आवास से बाहर कृत्रिम रूप से संरक्षित किया जाता है, जैसे – वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान, बीज बैंक।
3️⃣ अंतःस्थित संरक्षण प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखता है जबकि बहिर्स्थित संरक्षण अत्यंत संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाता है।
✔️ निष्कर्ष: दोनों विधियाँ परस्पर पूरक हैं और जैव संरक्षण के लिए आवश्यक हैं।
🔴 प्रश्न 26:
भारत में जैव विविधता संरक्षण हेतु की गई प्रमुख पहलों का उल्लेख कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ जैव विविधता अधिनियम, 2002 – संरक्षण एवं सतत उपयोग हेतु बनाया गया।
2️⃣ राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) – 2003 में स्थापित, जो नीति निर्धारण करता है।
3️⃣ जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र – 18 आरक्षित क्षेत्र जैसे नीलगिरी, मानस, सुंदरबन।
4️⃣ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 – विलुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा के लिए।
✔️ निष्कर्ष: भारत विश्व के जैव विविध देशों में अग्रणी है और इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठा रहा है।
🔴 प्रश्न 27:
हॉट-स्पॉट (Hotspot) क्या हैं? भारत के हॉट-स्पॉट क्षेत्रों का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ हॉट-स्पॉट वे क्षेत्र हैं जहाँ जैव विविधता अत्यधिक होती है परन्तु लुप्त होने का खतरा भी अधिक होता है।
2️⃣ इन क्षेत्रों में स्थानिक (Endemic) प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
3️⃣ भारत में तीन प्रमुख हॉट-स्पॉट हैं – हिमालय क्षेत्र, पश्चिमी घाट और इंडो-बर्मा क्षेत्र।
4️⃣ इन क्षेत्रों में कई प्रजातियाँ विश्व में केवल यहीं पाई जाती हैं।
✔️ निष्कर्ष: हॉट-स्पॉट क्षेत्र जैव विविधता संरक्षण की वैश्विक प्राथमिकता हैं।
🔴 प्रश्न 28:
रेड डेटा बुक का महत्व स्पष्ट कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ रेड डेटा बुक IUCN द्वारा प्रकाशित दस्तावेज़ है जिसमें लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची होती है।
2️⃣ यह प्रजातियों की स्थिति को सात श्रेणियों में विभाजित करती है – जैसे विलुप्त, संकटग्रस्त, दुर्लभ आदि।
3️⃣ वैज्ञानिकों को इससे यह जानकारी मिलती है कि किन जीवों को तत्काल संरक्षण की आवश्यकता है।
4️⃣ यह नीति निर्माण और पर्यावरण शिक्षा के लिए आधार प्रदान करती है।
✔️ निष्कर्ष: रेड डेटा बुक जैव विविधता की स्थिति का वैश्विक दर्पण है।
🔴 प्रश्न 29:
जैव विविधता संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ यूएन कन्वेंशन ऑन बायोलॉजिकल डाइवर्सिटी (CBD) – 1992 में रियो सम्मेलन में पारित हुआ।
2️⃣ CITES समझौता (1975): विलुप्तप्राय प्रजातियों के व्यापार को रोकने हेतु।
3️⃣ IUCN: संरक्षण हेतु वैज्ञानिक दिशा-निर्देश तैयार करता है।
4️⃣ UNESCO MAB कार्यक्रम: जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों की स्थापना को बढ़ावा देता है।
✔️ निष्कर्ष: अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैव विविधता की वैश्विक रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
🔴 प्रश्न 30:
जैव विविधता संरक्षण में मानव की भूमिका समझाइए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ मानव पर्यावरण का अभिन्न अंग है, इसलिए उसका उत्तरदायित्व भी सर्वाधिक है।
2️⃣ वृक्षारोपण, जैविक खेती, प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग और जल संरक्षण व्यक्तिगत कदम हैं।
3️⃣ शिक्षा और जागरूकता द्वारा समाज को प्रकृति-संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा सकता है।
4️⃣ सामुदायिक भागीदारी जैसे ‘चिपको आंदोलन’ इसके सफल उदाहरण हैं।
✔️ निष्कर्ष: मानव यदि प्रकृति का सहयोगी बने, तो जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित है।
————————————————————————————————————————————————————————————————————————————