Class 11, PHYSICS (Hindi)

Class 11 : Physics (In Hindi) – 12: अणुगति सिद्धांत

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन

🔶 1️⃣ विस्तृत व्याख्या (~1700 शब्द)
🔵 परिचय (Introduction)
अणुगति सिद्धांत गैसों के स्थूल गुणों (जैसे दाब, आयतन, तापमान) को अणुओं की सूक्ष्म गति के आधार पर समझाने वाला सिद्धांत है।
यह बताता है कि गैसें असंख्य सूक्ष्म कणों (अणुओं) से बनी होती हैं जो निरंतर गति में रहते हैं।
💡 मुख्य विचार:
➡️ गैस के अणु स्वतंत्र, यादृच्छिक और निरंतर गति में रहते हैं।
➡️ गैस का दाब, तापमान और आयतन — इन अणुओं की गति का औसत परिणाम हैं।
➡️ तापमान किसी गैस की औसत गतिज ऊर्जा का प्रत्यक्ष माप है।



🟢 गैसों के अणुगति सिद्धांत की परिकल्पनाएँ (Postulates of Kinetic Theory)
1️⃣ गैस अत्यंत सूक्ष्म अणुओं से बनी होती है, जिनका आयतन नगण्य होता है।
2️⃣ अणु निरंतर अनियमित गति में रहते हैं और एक-दूसरे व पात्र की दीवारों से प्रत्यास्थ टक्करों करते हैं।
3️⃣ अणुओं के बीच आकर्षण और विकर्षण बल नगण्य होते हैं।
4️⃣ टक्करे पूर्णतः प्रत्यास्थ (Elastic) होते हैं, ऊर्जा नष्ट नहीं होती।
5️⃣ अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा तापमान के समानुपाती होती है।
✏️ समीकरण:
E_avg = (3/2) kT
जहाँ,
k = बोल्ट्ज़मान नियतांक = 1.38 × 10⁻²³ J/K
T = तापमान (Kelvin में)

🔴 गैस के दाब का गतिज सिद्धान्त से व्युत्पादन (Pressure Derivation)
मान लीजिए एक घनाकार पात्र की भुजा l है और उसमें m द्रव्यमान वाले अणु वेग v से गति कर रहे हैं।
दीवार से टकराने पर एक अणु का संवेग परिवर्तन = 2 m vₓ
दीवार पर लगने वाला बल = Δp / Δt = (m vₓ²)/l
अब सभी अणुओं के लिए औसत मान लें,
P = (1/3) ρ v²
जहाँ,
ρ = गैस का घनत्व
v² = औसत वर्ग वेग
💡 निष्कर्ष: गैस का दाब उसके अणुओं की गति पर निर्भर करता है।

🟡 अणुओं के विभिन्न वेग (Types of Molecular Speeds)
अणुगति सिद्धांत में तीन प्रकार के वेग परिभाषित किए जाते हैं:
✳️ (1) माध्य वेग (Average speed):
v_avg = (8RT / πM)¹ᐟ²
✳️ (2) माध्य वर्ग वेग (Root mean square speed):
v_rms = (3RT / M)¹ᐟ²
✳️ (3) सर्वाधिक संभाव्य वेग (Most probable speed):
v_mp = (2RT / M)¹ᐟ²
➡️ संबन्ध:
v_rms > v_avg > v_mp

🔵 ऊर्जा और तापमान का सम्बन्ध (Energy and Temperature Relation)
गैस के प्रत्येक अणु की औसत गतिज ऊर्जा —
E_avg = (3/2) kT
और एक मोल गैस के लिए —
E_total = (3/2) RT
💡 यह स्पष्ट करता है कि तापमान वास्तव में अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा का माप है।

🟢 मुक्तता की संख्या (Degrees of Freedom)
किसी अणु की स्वतंत्र गति करने की दिशाओं की संख्या को मुक्तता की संख्या (f) कहते हैं।
✏️ मुख्य उदाहरण:
🔹 एकपरमाणुक गैस (He, Ne, Ar): f = 3
🔹 द्विपरमाणुक गैस (H₂, O₂, N₂): f = 5
🔹 बहुपरमाणुक गैस (CO₂, NH₃): f = 6
प्रत्येक अणु की ऊर्जा = (f/2) kT
और प्रति मोल ऊर्जा = (f/2) RT

🔴 मोलर विशिष्ट ऊष्मा (Molar Specific Heat)
जब किसी गैस को 1 मोल मात्रा में 1 K तक गरम किया जाए तो दी गई ऊष्मा उसकी मोलर विशिष्ट ऊष्मा कहलाती है।
✏️ समवॉलकीय (Cᵥ):
Cᵥ = (1/n) (ΔQ / ΔT) जब आयतन स्थिर रहे।
✏️ समदाब (Cₚ):
Cₚ = (1/n) (ΔQ / ΔT) जब दाब स्थिर रहे।
➡️ संबंध:
Cₚ − Cᵥ = R
💡 गामा (γ):
γ = Cₚ / Cᵥ

🟡 अणुगति सिद्धान्त और ऊष्मा धारिता का सम्बन्ध
🔹 एकपरमाणुक गैस के लिए f = 3
Cᵥ = (3/2) R, Cₚ = (5/2) R, γ = 5/3
🔹 द्विपरमाणुक गैस के लिए f = 5
Cᵥ = (5/2) R, Cₚ = (7/2) R, γ = 7/5
🔹 बहुपरमाणुक गैस के लिए f = 6
Cᵥ = 3R, Cₚ = 4R, γ = 4/3

🔵 बोल्ट्ज़मान नियतांक (Boltzmann Constant)
बोल्ट्ज़मान नियतांक गैस नियतांक और एवोगैड्रो संख्या के बीच सम्बन्ध स्थापित करता है।
k = R / Nₐ
जहाँ,
R = 8.31 J mol⁻¹ K⁻¹
Nₐ = 6.022 × 10²³ mol⁻¹
💡 इससे एक अणु की औसत गतिज ऊर्जा ज्ञात की जा सकती है।

🟢 गैसों के अणुओं की गति का वितरण (Maxwell’s Distribution)
मैक्सवेल के अनुसार, गैस के अणुओं के सभी वेग समान नहीं होते, बल्कि वे वितरण के अनुसार विभाजित होते हैं।
✏️ वितरण फलन:
f(v) = 4π (m / 2πkT)³ᐟ² v² e^(-mv² / 2kT)
💡 विश्लेषण:
➡️ कुछ अणु बहुत धीमी गति के होते हैं।
➡️ कुछ बहुत तेज़ होते हैं।
➡️ अधिकांश अणुओं की गति औसत के निकट होती है।

🔴 गैस के दाब और ऊर्जा का सम्बन्ध (Pressure-Energy Relation)
P = (2/3) (N/V) × (½ m v²)
यह बताता है कि दाब अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा पर निर्भर करता है।
जितनी अधिक ऊर्जा, उतना अधिक दाब।

🟡 तापमान का भौतिक अर्थ (Physical Meaning of Temperature)
तापमान वस्तुतः किसी गैस के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा का माप है।
तापमान बढ़ने पर अणुओं की औसत गति बढ़ जाती है।
✔️ निष्कर्ष: तापमान ऊर्जा का सांख्यिकीय माप है।

🔵 गैसों का द्रव और ठोस में परिवर्तन (Condensation)
जब गैस ठण्डी होती है, तो अणुओं की गतिज ऊर्जा घट जाती है और आकर्षण बल प्रमुख हो जाते हैं।
फलस्वरूप गैस संघनित होकर द्रव या ठोस अवस्था में परिवर्तित हो जाती है।

🟢 अणुगति सिद्धांत के अनुप्रयोग (Applications of Kinetic Theory)
1️⃣ गैसों के दाब, तापमान और आयतन के सम्बन्ध की व्याख्या।
2️⃣ ऊष्मा धारिता और विशिष्ट ऊष्मा का निर्धारण।
3️⃣ गैसों के प्रसार, उर्ध्वपातन और श्यानता का स्पष्टीकरण।
4️⃣ तापमान का भौतिक अर्थ स्पष्ट करना।



🔷 2️⃣ सारांश (~300 शब्द)
🔹 अणुगति सिद्धांत गैसों के स्थूल गुणों को अणुओं की सूक्ष्म गति के आधार पर स्पष्ट करता है।
🔹 गैसें सूक्ष्म अणुओं से बनी होती हैं जो निरंतर गति में रहते हैं।
🔹 गैस का दाब P = (1/3) ρ v² से प्राप्त होता है।
🔹 औसत गतिज ऊर्जा E = (3/2) kT होती है।
🔹 तापमान अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा का माप है।
🔹 मुक्तता की संख्या f के अनुसार ऊर्जा = (f/2) RT प्रति मोल।
🔹 एकपरमाणुक, द्विपरमाणुक व बहुपरमाणुक गैसों की विशिष्ट ऊष्माएँ क्रमशः भिन्न होती हैं।
🔹 बोल्ट्ज़मान नियतांक k = R / Nₐ होता है।
🔹 गैसों का वेग वितरण मैक्सवेल के नियम से दिया जाता है।
🔹 अणुगति सिद्धांत गैसों के व्यवहार को भली-भाँति स्पष्ट करता है और ऊष्मागतिकी की नींव रखता है।

🧠 3️⃣ 📝 Quick Recap (संक्षिप्त पुनरावृत्ति)
✅ गैस का दाब — P = (1/3) ρ v²
✅ औसत ऊर्जा — E = (3/2) kT
✅ मुक्तता की संख्या — f
✅ विशिष्ट ऊष्मा सम्बन्ध — Cₚ − Cᵥ = R
✅ अनुपात — γ = Cₚ/Cᵥ
✅ वेग सम्बन्ध — v_rms > v_avg > v_mp
✅ बोल्ट्ज़मान नियतांक — k = R/Nₐ

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पाठ्यपुस्त के प्रश्न

🔷 प्रश्न 12.1
ऑक्सीजन के अणुओं के आयतन और STP पर इनके द्वारा घेरे गए कुल आयतन का अनुपात ज्ञात कीजिए।
क्रियाशील ऑक्सीजन के एक अणु का व्यास 3 Å लीजिए।
उत्तर:
✏️ दिया गया:
व्यास (d) = 3 Å = 3×10⁻¹⁰ m
STP पर 1 मोल गैस का आयतन = 22.4×10⁻³ m³
1 मोल में अणुओं की संख्या = N = 6.022×10²³
🟢 चरण 1: एक अणु का आयतन
V₁ = (4/3)πr³ = (4/3)π(1.5×10⁻¹⁰)³
➡️ V₁ = (4/3)π(3.375×10⁻³⁰) = 1.41×10⁻²⁹ m³
🟡 चरण 2: एक मोल अणुओं का कुल आयतन
V_total = N × V₁ = 6.022×10²³ × 1.41×10⁻²⁹ = 8.49×10⁻⁶ m³
🔵 चरण 3: अनुपात = V_total / V_molar
= (8.49×10⁻⁶) / (22.4×10⁻³) = 3.79×10⁻⁴
✔️ अतः अनुपात = 3.8×10⁻⁴
अर्थात् वास्तविक अणुओं द्वारा घेरा गया आयतन कुल गैसीय आयतन का लगभग 0.038% है।

🔷 प्रश्न 12.2
सामान्य अवस्था (STP) पर किसी गैस (आदर्श) के 1 मोल द्वारा घेरे गए आयतन का मान 22.4 लीटर दिया गया है।
सिद्ध कीजिए कि यह मान PV = RT से प्राप्त किया जा सकता है।
उत्तर:
✏️ दिया गया:
P = 1 atm = 1.013×10⁵ N/m²
R = 8.31 J·mol⁻¹·K⁻¹
T = 273 K
🟢 समीकरण: PV = RT
➡️ V = RT / P
V = (8.31×273) / (1.013×10⁵)
= 2268.63 / 1.013×10⁵
= 2.24×10⁻² m³
🟡 m³ से लीटर में परिवर्तन:
1 m³ = 1000 L
V = 2.24×10⁻² × 1000 = 22.4 L
✔️ अतः 1 मोल गैस STP पर 22.4 L आयतन घेरती है।

🔷 प्रश्न 12.3
चित्र 12.8 में ऑक्सीजन के 1.00×10⁻³ kg द्रव्यमान के लिए P बनाम PV/T का ग्राफ़ दिखाया गया है।
प्रश्न पूछे गए हैं:
(a) बिंदीदार रेखा क्या दर्शाती है?
(b) क्या T₁ > T₂ या T₁ < T₂ ?
(c) क्या P का मान बढ़ाने से PV/T का मान आदर्श गैस के समीकरण के अनुसार बढ़ता या घटता है?
(d) 1.00×10⁻³ kg ऑक्सीजन में कितने मोल हैं?
(e) P = 1.0×10⁵ N/m² और T = 300 K पर PV/T का मान ज्ञात कीजिए।
(f) ऑक्सीजन के लिए गैस नियतांक R की सहायता से निकालिए कि ऑक्सीजन के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा क्या है।

उत्तर:
✏️ (a) बिंदीदार रेखा आदर्श गैस के लिए PV/T के नियत मान को दर्शाती है।
🟢 (b) जब ताप T बढ़ता है, गैस अधिक आदर्श व्यवहार करती है।
चित्र में T₂ का ग्राफ़ बिंदीदार रेखा के अधिक समीप है, अतः
➡️ T₂ > T₁
🟡 (c) वास्तविक गैस के लिए दाब बढ़ाने पर आकर्षण प्रभाव बढ़ता है, अतः PV/T का मान घटता है।
🔵 (d) मोलों की संख्या:
m = 1.00×10⁻³ kg = 1.0 g
ऑक्सीजन का आणविक द्रव्यमान M = 32 g/mol
n = m / M = 1.0 / 32 = 3.125×10⁻² mol
🔴 (e) PV/T = nR
= (3.125×10⁻²) × 8.31 = 0.259 J/K
🟢 (f) प्रति अणु औसत गतिज ऊर्जा:
E = (3/2)kT, जहाँ k = R / N_A
➡️ E = (3/2)(8.31 / 6.022×10²³) × 300
= (1.5 × 1.38×10⁻²³ × 300)
= 6.21×10⁻²¹ J प्रति अणु
✔️ अतः प्रत्येक ऑक्सीजन अणु की औसत गतिज ऊर्जा 6.2×10⁻²¹ J है।

🔷 प्रश्न 12.4
एक ऑक्सीजन सिलिंडर जिसका आयतन 30 लीटर है, में ऑक्सीजन का दाब 15 atm तथा ताप 27°C है। इसमें से कुछ गैस निकाल लेने के बाद दाब 11 atm तथा ताप 17°C हो जाता है। ज्ञात कीजिए कि सिलिंडर से ऑक्सीजन की कितनी मात्रा निकली।
(मान: R = 8.31 J mol⁻¹ K⁻¹, O₂ का अणु-द्रव्यमान = 32 u)
उत्तर:
✏️ दिया गया
🔵 V = 30 L = 0.030 m³ (आयतन स्थिर)
🟢 P₁ = 15 atm, T₁ = 27°C = 300 K
🟠 P₂ = 11 atm, T₂ = 17°C = 290 K
🔸 1 atm = 1.013×10⁵ N m⁻²
🟡 चरण 1: प्रारम्भिक मोल (n₁)
n₁ = P₁V/(RT₁)
= (15×1.013×10⁵ × 0.030) / (8.31×300)
18.29 mol
🔵 चरण 2: अंतिम मोल (n₂)
n₂ = P₂V/(RT₂)
= (11×1.013×10⁵ × 0.030) / (8.31×290)
13.87 mol
🔴 चरण 3: निकली गैस (Δn) व द्रव्यमान
Δn = n₁ − n₂ ≈ 4.41 mol
द्रव्यमान m = Δn × 32 g mol⁻¹ ≈ 141 g (≈ 0.141 kg)
✔️ अतः सिलिंडर से लगभग 4.41 mol (≈ 0.141 kg) ऑक्सीजन निकली।

🔷 प्रश्न 12.5
वायु का एक बुलबुला, जिसका आयतन 1.0 cm³ है, 40 m गहराई वाली झील की तली पर 12°C ताप पर है। यह ऊपर सतह तक उठकर 35°C ताप पर आ जाता है। सतह पर इसका आयतन ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
✏️ दिया गया
🔵 V₁ = 1.0 cm³ = 1.0×10⁻⁶ m³, T₁ = 12°C = 285 K
🟢 T₂ = 35°C = 308 K
🟠 सतह पर दाब P₂ = P₀ = 1.013×10⁵ N m⁻²
🔸 तली पर दाब P₁ = P₀ + ρgh = 1.013×10⁵ + (1000×9.8×40) = 4.933×10⁵ N m⁻²
💡 आदर्श गैस संबंध: P₁V₁/T₁ = P₂V₂/T₂ ⇒
V₂ = V₁ (P₁/P₂) (T₂/T₁)
➡️ V₂ = 1.0×10⁻⁶ × (4.933×10⁵ / 1.013×10⁵) × (308/285)
5.26×10⁻⁶ m³ = 5.26 cm³
✔️ अतः सतह पर बुलबुले का आयतन ≈ 5.26 cm³ होगा।

🔷 प्रश्न 12.6

एक कमरे का आयतन 25.0 m³, ताप 27°C (≈ 300 K) तथा दाब 1 atm है। कमरे में वायु के कुल अणुओं की संख्या तथा मोल/द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
✏️ दिया गया
🔵 V = 25.0 m³, P = 1.013×10⁵ N m⁻², T = 300 K
🟢 k = 1.38×10⁻²³ J K⁻¹, R = 8.31 J mol⁻¹ K⁻¹
🟡 (क) कुल अणु (N): PV = NkT
N = PV/(kT)
= (1.013×10⁵ × 25.0) / (1.38×10⁻²³ × 300)
6.12×10²⁶ अणु
🔵 (ख) कुल मोल (n): PV = nRT
n = PV/(RT)
= (1.013×10⁵ × 25.0) / (8.31×300)
1.016×10³ mol
🔴 (ग) वायु का द्रव्यमान (औसत अणु-द्रव्यमान ≈ 29 g mol⁻¹)
m ≈ n × 29 g mol⁻¹ ≈ 29.5 kg
✔️ अतः कमरे में लगभग 6.12×10²⁶ अणु (≈ 1.016×10³ mol) हैं और वायु का द्रव्यमान लगभग 29.5 kg है।

🔷 प्रश्न 12.7
हीलियम परमाणु की औसत तापीय ऊर्जा का आकलन कीजिए —
(i) कमरे के ताप (27°C) पर,
(ii) सूर्य के पृष्ठीय ताप (6000 K) पर,
(iii) 100 लाख केल्विन ताप (तारे के केंद्र का सामान्य ताप) पर।
उत्तर:
✏️ सूत्र:
औसत तापीय ऊर्जा, 𝐸 = (3/2)kT
जहाँ
k = 1.38×10⁻²³ J K⁻¹

🟢 (i) कमरे के ताप पर, T = 27°C = 300 K
E₁ = (3/2) × 1.38×10⁻²³ × 300
= 6.21×10⁻²¹ J

🟡 (ii) सूर्य के पृष्ठीय ताप पर, T = 6000 K
E₂ = (3/2) × 1.38×10⁻²³ × 6000
= 1.24×10⁻¹⁹ J

🔵 (iii) 100 लाख K पर, T = 1×10⁷ K
E₃ = (3/2) × 1.38×10⁻²³ × 1×10⁷
= 2.07×10⁻¹⁶ J
✔️ अतः
कमरे पर = 6.2×10⁻²¹ J
सूर्य की सतह पर = 1.2×10⁻¹⁹ J
तारे के केंद्र पर = 2.1×10⁻¹⁶ J

🔷 प्रश्न 12.8
तीन बर्तनों में समान दाब और ताप पर —
पहले में एक परमाणुक (He), दूसरे में द्विपरमाणुक (H₂), और तीसरे में त्रिपरमाणुक (SO₂) गैस भरी है।
क्या इन सभी में अणुओं की संख्या समान है? क्या उनकी औसत गतिज ऊर्जा समान है?
उत्तर:
✏️ दिया गया: सभी बर्तनों में समान दाब (P), आयतन (V) और ताप (T)।
🟢 आदर्श गैस समीकरण: PV = nRT
⇒ n ∝ 1/R, पर यहाँ P, V, T समान हैं, इसलिए n समान होगा।
अतः प्रत्येक पात्र में मोल संख्या समान।
🟡 अणुओं की संख्या (N):
N = n × N_A ⇒ समान होगी।
🔵 औसत गतिज ऊर्जा (E):
E = (3/2)kT ⇒ केवल T पर निर्भर।
सभी का T समान ⇒ औसत गतिज ऊर्जा समान।
✔️ निष्कर्ष:
तीनों बर्तनों में अणुओं की संख्या समान और उनकी औसत गतिज ऊर्जा समान होगी।

🔷 प्रश्न 12.9
एक ताप पर आर्गन गैस सिलिंडर में अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा 1.5×10⁻²¹ J है।
-20°C पर हीलियम गैस परमाणुओं की औसत गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
(Ar का परमाणु द्रव्यमान = 39.9 u, He का परमाणु द्रव्यमान = 4.0 u)
उत्तर:
✏️ औसत गतिज ऊर्जा E = (3/2)kT ⇒ केवल ताप पर निर्भर।
E_He / E_Ar = T_He / T_Ar
🟢 दिया गया:
E_Ar = 1.5×10⁻²¹ J
T_Ar = 273 K (क्योंकि “एक ताप” का अर्थ सामान्य ताप)
T_He = −20°C = 253 K
➡️ E_He = E_Ar × (T_He / T_Ar)
= 1.5×10⁻²¹ × (253 / 273)
= 1.39×10⁻²¹ J
✔️ अतः हीलियम अणु की औसत गतिज ऊर्जा = 1.39×10⁻²¹ J।

🔷 प्रश्न 12.10
किसी गैस सिलिंडर में 2.0 atm दाब, 17°C ताप पर नाइट्रोजन गैस भरी है।
नाइट्रोजन के अणु-द्रव्यमान 28 u हैं। सिलिंडर में 10.4 A विद्युत धारा बहाने पर गैस का द्रव्यमान 1.0×10⁻⁷ kg s⁻¹ की दर से बाहर निकलता है।
गैस के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
✏️ दिया गया:
P = 2.0 atm = 2.026×10⁵ N/m²
T = 17°C = 290 K
M = 28×10⁻³ kg mol⁻¹
R = 8.31 J mol⁻¹ K⁻¹
🟢 औसत गतिज ऊर्जा:
E = (3/2)(R/M)T
➡️ E = (3/2) × (8.31 / 0.028) × 290
= 1.5 × 296.78 × 290
= 1.29×10⁵ J mol⁻¹
🔵 प्रति अणु औसत गतिज ऊर्जा:
E_avg = (E / N_A)
= (1.29×10⁵) / (6.022×10²³)
= 2.14×10⁻¹⁹ J
✔️ अतः नाइट्रोजन के एक अणु की औसत गतिज ऊर्जा 2.14×10⁻¹⁹ J है।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

.🔹 Section A : बहुविकल्पीय प्रश्न (Q1–Q18)

Question 1.
अणुगति सिद्धांत का मुख्य आधार क्या है?
🔵 (A) अणुओं का घूर्णन
🟢 (B) अणुओं की अनियमित गति
🟠 (C) अणुओं का स्थायित्व
🔴 (D) अणुओं का आपसी आकर्षण
Answer: (B) अणुओं की अनियमित गति

Question 2.
गैस का दाब किस पर निर्भर करता है?
🔵 (A) आयतन
🟢 (B) अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा
🟠 (C) तापमान
🔴 (D) केवल द्रव्यमान
Answer: (B) अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा

Question 3.
गतिज सिद्धांत के अनुसार, गैस का दाब P किस सूत्र से दिया जाता है?
🔵 (A) P = ρv
🟢 (B) P = (1/3)ρv²
🟠 (C) P = (3/2)kT
🔴 (D) P = RT
Answer: (B) P = (1/3)ρv²

Question 4.
यदि किसी गैस का तापमान दोगुना कर दिया जाए तो उसके अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा —
🔵 (A) दोगुनी होगी
🟢 (B) आधी होगी
🟠 (C) चार गुनी होगी
🔴 (D) अपरिवर्तित रहेगी
Answer: (A) दोगुनी होगी

Question 5.
गैस के अणु की औसत गतिज ऊर्जा E = (3/2)kT का अर्थ है —
🔵 (A) ऊर्जा आयतन पर निर्भर करती है
🟢 (B) ऊर्जा तापमान के समानुपाती है
🟠 (C) ऊर्जा अणु के द्रव्यमान पर निर्भर करती है
🔴 (D) ऊर्जा स्थिर रहती है
Answer: (B) ऊर्जा तापमान के समानुपाती है

Question 6.
बोल्ट्ज़मान नियतांक (k) किसके बीच सम्बन्ध स्थापित करता है?
🔵 (A) दबाव और तापमान
🟢 (B) गैस नियतांक और एवोगैड्रो संख्या
🟠 (C) ऊर्जा और दाब
🔴 (D) आयतन और तापमान
Answer: (B) गैस नियतांक और एवोगैड्रो संख्या

Question 7.
यदि किसी गैस का तापमान शून्य केल्विन हो जाए तो —
🔵 (A) सभी अणु स्थिर हो जाते हैं
🟢 (B) ऊर्जा बढ़ जाती है
🟠 (C) दाब बढ़ता है
🔴 (D) वेग दोगुना हो जाता है
Answer: (A) सभी अणु स्थिर हो जाते हैं

Question 8.
मुक्तता की संख्या (Degrees of Freedom) का अर्थ है —
🔵 (A) ऊर्जा का प्रकार
🟢 (B) स्वतंत्र गतियों की संख्या
🟠 (C) कुल अणुओं की संख्या
🔴 (D) अणुओं की द्रव्यमान संख्या
Answer: (B) स्वतंत्र गतियों की संख्या

Question 9.
एकपरमाणुक गैस के लिए मुक्तता की संख्या f का मान होता है —
🔵 (A) 2
🟢 (B) 3
🟠 (C) 4
🔴 (D) 5
Answer: (B) 3

Question 10.
द्विपरमाणुक गैस के लिए γ (गामा) का मान होता है —
🔵 (A) 5/3
🟢 (B) 7/5
🟠 (C) 4/3
🔴 (D) 3/2
Answer: (B) 7/5

Question 11.
आदर्श गैस के लिए Cₚ − Cᵥ = ?
🔵 (A) 0
🟢 (B) R
🟠 (C) γ
🔴 (D) RT
Answer: (B) R

Question 12.
Cₚ/Cᵥ का अनुपात कहलाता है —
🔵 (A) गामा
🟢 (B) अल्फा
🟠 (C) बीटा
🔴 (D) सिग्मा
Answer: (A) गामा

Question 13.
अणुगति सिद्धांत में तापमान का अर्थ क्या है?
🔵 (A) कुल अणुओं की संख्या
🟢 (B) औसत गतिज ऊर्जा का माप
🟠 (C) अणु की गति की दिशा
🔴 (D) द्रव्यमान का मान
Answer: (B) औसत गतिज ऊर्जा का माप

Question 14.
P, V और T के बीच सम्बन्ध क्या है?
🔵 (A) PV = RT
🟢 (B) PV = nRT
🟠 (C) PV = kT
🔴 (D) PV = 3RT
Answer: (B) PV = nRT

Question 15.
यदि तापमान बढ़े तो गैस अणुओं की औसत गति —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) बढ़ती है
🟠 (C) समान रहती है
🔴 (D) पहले घटती फिर बढ़ती
Answer: (B) बढ़ती है

Question 16.
मैक्सवेल के अनुसार, गैस के सभी अणु समान वेग से नहीं चलते क्योंकि —
🔵 (A) तापमान अलग-अलग होता है
🟢 (B) अणुओं के टकराव के कारण वेग बदलता है
🟠 (C) गैस का दाब स्थिर नहीं रहता
🔴 (D) सभी अणुओं का द्रव्यमान समान नहीं होता
Answer: (B) अणुओं के टकराव के कारण वेग बदलता है

Question 17.
यदि γ = 5/3 हो, तो गैस का प्रकार है —
🔵 (A) द्विपरमाणुक
🟢 (B) बहुपरमाणुक
🟠 (C) एकपरमाणुक
🔴 (D) द्रव
Answer: (C) एकपरमाणुक

Question 18.
आदर्श गैस समीकरण PV = nRT में R का मान SI इकाइयों में होता है —
🔵 (A) 8.31 J mol⁻¹ K⁻¹
🟢 (B) 1.38 × 10⁻²³ J mol⁻¹ K⁻¹
🟠 (C) 273 J mol⁻¹ K⁻¹
🔴 (D) 6.02 × 10²³ J mol⁻¹ K⁻¹
Answer: (A) 8.31 J mol⁻¹ K⁻¹

Question 19.
अणुगति सिद्धांत की दो मुख्य परिकल्पनाएँ लिखिए।
Answer:
🔵 (1) गैसें अत्यन्त सूक्ष्म अणुओं से बनी होती हैं जो निरंतर अनियमित गति में रहते हैं।
🔵 (2) अणुओं के बीच टक्करें प्रत्यास्थ होती हैं, अतः उनकी कुल गतिज ऊर्जा स्थिर रहती है।
💡 नोट: इन परिकल्पनाओं के आधार पर गैसों का दाब और तापमान व्युत्पन्न किया जा सकता है।

Question 20.
गैस के दाब का गतिज सिद्धान्त से समीकरण व्युत्पन्न कीजिए।
Answer:
➤ मान लीजिए, गैस m द्रव्यमान वाले अणुओं से बनी है जिनका वेग v है।
➤ दीवार पर टक्कर से एक अणु का संवेग परिवर्तन = 2 m vₓ
➤ टक्करों की दर = vₓ / 2l
➤ औसत बल F = m vₓ² / l
अतः, P = (1/3)ρv²
जहाँ,
ρ = गैस का घनत्व,
v = अणुओं का औसत वर्ग वेग।
✔️ यह समीकरण बताता है कि दाब अणुओं की गति से उत्पन्न होता है।

Question 21.
गैस के अणुओं के वेगों के प्रकार बताइए और उनके सूत्र लिखिए।
Answer:
गैस में तीन प्रकार के वेग परिभाषित होते हैं:
🔹 (1) माध्य वर्ग वेग (v_rms): v_rms = (3RT / M)¹ᐟ²
🔹 (2) औसत वेग (v_avg): v_avg = (8RT / πM)¹ᐟ²
🔹 (3) सर्वाधिक संभाव्य वेग (v_mp): v_mp = (2RT / M)¹ᐟ²
💡 संबंध: v_rms > v_avg > v_mp

Question 22.
गैस की औसत गतिज ऊर्जा तापमान पर कैसे निर्भर करती है?
Answer:
🔵 किसी गैस के एक अणु की औसत गतिज ऊर्जा —
E_avg = (3/2) kT
🔵 एक मोल गैस के लिए —
E_total = (3/2) RT
💡 अतः ऊर्जा ∝ तापमान
जब तापमान बढ़ता है, अणुओं की गति और ऊर्जा दोनों बढ़ते हैं।

Question 23.
मुक्तता की संख्या क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
Answer:
🟢 किसी अणु के स्वतंत्र रूप से गति करने की दिशाओं की संख्या को मुक्तता की संख्या (f) कहते हैं।
🔹 एकपरमाणुक गैस: f = 3
🔹 द्विपरमाणुक गैस: f = 5
🔹 बहुपरमाणुक गैस: f = 6
💡 नोट: प्रत्येक मुक्तता के लिए ऊर्जा = (½)kT होती है।

Question 24.
Cₚ और Cᵥ में अन्तर बताइए।
Answer:
🔹 Cᵥ (समवॉलकीय विशिष्ट ऊष्मा):
जब गैस का आयतन स्थिर रहे और उसे 1 K तक गरम किया जाए।
🔹 Cₚ (समदाब विशिष्ट ऊष्मा):
जब गैस का दाब स्थिर रहे और उसे 1 K तक गरम किया जाए।
📘 संबंध:
Cₚ − Cᵥ = R
और
γ = Cₚ / Cᵥ

Question 25.
बोल्ट्ज़मान नियतांक की परिभाषा दीजिए।
Answer:
बोल्ट्ज़मान नियतांक (k) गैस नियतांक (R) और एवोगैड्रो संख्या (Nₐ) के बीच सम्बन्ध बताता है:
k = R / Nₐ
जहाँ,
R = 8.31 J mol⁻¹ K⁻¹
Nₐ = 6.022 × 10²³ mol⁻¹
💡 इससे एक अणु की औसत गतिज ऊर्जा ज्ञात की जाती है।

Question 26.
एकपरमाणुक गैस के लिए Cᵥ, Cₚ और γ का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
एकपरमाणुक गैस के लिए f = 3
📘 अतः,
Cᵥ = (3/2) R
Cₚ = Cᵥ + R = (5/2) R
γ = Cₚ / Cᵥ = (5/3)
✔️ ये मान हिलियम, नीयॉन आदि पर लागू होते हैं।

Question 27.
गैस के दाब और ऊर्जा के बीच सम्बन्ध लिखिए।
Answer:
गतिज सिद्धान्त के अनुसार —
P = (2/3) (N/V) × (½ m v²)
🔹 इसका अर्थ है कि गैस का दाब अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा पर निर्भर करता है।
🔹 यदि अणुओं की गति बढ़े तो दाब भी बढ़ता है।
💡 यह सम्बन्ध गैस के सूक्ष्म और स्थूल गुणों को जोड़ता है।

Question 28.
गतिज सिद्धांत के आधार पर गैस का दाब व्युत्पन्न कीजिए।
Answer:
💡 सिद्धान्त: गैस के अणु निरंतर अनियमित गति में रहते हैं और पात्र की दीवारों से प्रत्यास्थ टक्कर करते हैं।
दाब उन्हीं टक्करों के कारण उत्पन्न होता है।
➤ मान लीजिए घनाकार पात्र की भुजा l है, इसमें m द्रव्यमान वाले N अणु हैं।
✏️ Step 1:
एक अणु का x-दिशा में संवेग परिवर्तन = 2m vₓ
✏️ Step 2:
दीवार पर लगने वाला बल,
F = (m vₓ²)/l
✏️ Step 3:
सभी अणुओं का औसत मान लेने पर,
P = (1/3) ρ v²
जहाँ,
ρ = (N m)/V = गैस का घनत्व,
v² = अणुओं का औसत वर्ग वेग।
✔️ निष्कर्ष:
गैस का दाब उसके अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा के समानुपाती होता है।

Question 29.
प्रत्येक अणु की औसत गतिज ऊर्जा और तापमान के बीच सम्बन्ध व्युत्पन्न कीजिए।
Answer:
➤ गैस के दाब के लिए: P = (1/3) ρ v²
और आदर्श गैस समीकरण: PV = nRT
✏️ Step 1:
दोनों समीकरणों से,
(1/3) ρ v² = (nRT)/V
✏️ Step 2:
ρ = (nM)/V ⇒ v² = (3RT/M)
✏️ Step 3:
एक अणु की औसत गतिज ऊर्जा,
E = ½ m v² = (3/2) kT
💡 जहाँ:
k = R / Nₐ, बोल्ट्ज़मान नियतांक।
✔️ निष्कर्ष:
अणु की औसत गतिज ऊर्जा केवल तापमान पर निर्भर करती है, दाब या आयतन पर नहीं।

Question 30.
मुक्तता की संख्या (f) के आधार पर गैस की मोलर ऊष्मा धारिता का व्युत्पादन कीजिए।
Answer:
🔹 किसी अणु की कुल ऊर्जा = (f/2) kT
🔹 प्रति मोल ऊर्जा = (f/2) RT
✏️ Step 1:
Cᵥ = (1/n) (dQ/dT) = (f/2) R
✏️ Step 2:
Cₚ = Cᵥ + R = ((f + 2)/2) R
✏️ Step 3:
γ = Cₚ / Cᵥ = (f + 2)/f
💡 उदाहरण:
एकपरमाणुक गैस (f=3): γ = 5/3
द्विपरमाणुक गैस (f=5): γ = 7/5
बहुपरमाणुक गैस (f=6): γ = 4/3
✔️ निष्कर्ष:
मुक्तता की संख्या जितनी अधिक, ऊष्मा धारिता उतनी अधिक।

Question 31.
मैक्सवेल के वेग वितरण का गुणात्मक वर्णन कीजिए।
Answer:
💡 सिद्धान्त:
मैक्सवेल ने बताया कि गैस के सभी अणु समान वेग से नहीं चलते, बल्कि उनके वेगों का वितरण होता है।
✏️ Step 1:
वितरण फलन:
f(v) = 4π (m / 2πkT)³ᐟ² v² e^(-mv² / 2kT)
✏️ Step 2:
इससे तीन विशेष वेग परिभाषित किए जाते हैं —
🔹 सर्वाधिक संभाव्य वेग (v_mp) = (2kT/m)¹ᐟ²
🔹 औसत वेग (v_avg) = (8kT/πm)¹ᐟ²
🔹 माध्य वर्ग वेग (v_rms) = (3kT/m)¹ᐟ²
✏️ Step 3:
वेग वितरण वक्र असममित होता है — अधिकतम बिंदु v_mp पर होता है।
✔️ निष्कर्ष:
तापमान बढ़ाने पर वक्र दाएँ खिसकता है, अर्थात अणुओं की गति बढ़ती है।

Question 32.
अनुप्रयोग आधारित प्रश्न:
एक पात्र में हीलियम गैस 300 K तापमान पर है। यदि गैस का तापमान 1200 K कर दिया जाए तो v_rms में कितना परिवर्तन होगा?
Answer:
✏️ दिया गया:
T₁ = 300 K, T₂ = 1200 K
v_rms ∝ √T
✏️ Step 1:
v₂ / v₁ = √(T₂/T₁) = √(1200/300) = √4 = 2
✏️ Step 2:
अतः v₂ = 2 v₁
✔️ निष्कर्ष:
जब तापमान चार गुना बढ़ाया गया, तो अणुओं का माध्य वर्ग वेग दोगुना हो गया।

Question 33.
केस अध्ययन प्रश्न:
एक गैस में अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा 6.21 × 10⁻²¹ J है। उस गैस का तापमान ज्ञात कीजिए।
Answer:
✏️ दिया गया:
E_avg = 6.21 × 10⁻²¹ J
k = 1.38 × 10⁻²³ J/K
E_avg = (3/2) kT
✏️ Step 1:
T = (2E_avg) / (3k)
= (2 × 6.21 × 10⁻²¹) / (3 × 1.38 × 10⁻²³)
✏️ Step 2:
T = (12.42 × 10⁻²¹) / (4.14 × 10⁻²³)
= 3.0 × 10² K
✔️ निष्कर्ष:
गैस का तापमान 300 K है।

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