Class 11 : Physics (In Hindi) – अध्याय 6: कणों के निकाय तथा घूर्णी गति
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🌿 1. परिचय (Introduction)
➡️ अब तक हमने एकल कण की गति का अध्ययन किया। परंतु वास्तविक वस्तुएँ अनेक कणों से बनी होती हैं — जैसे गेंद, छड़ी, पहिया, पंखा आदि। इन सबमें प्रत्येक कण किसी-न-किसी प्रकार की गति करता है।
🔹 ऐसे कणों के समूह को “कणों का निकाय (System of Particles)” कहा जाता है।
🔹 किसी निकाय की गति को समझने के लिए हमें यह देखना होता है कि वह संपूर्ण वस्तु किस प्रकार स्थानांतरित (Translational Motion) या घूर्णन (Rotational Motion) करती है।
💡 2. स्थानांतरण गति (Translational Motion)
➡️ जब वस्तु के सभी कण समानांतर रेखाओं में समान दूरी तय करते हैं, तो वह स्थानांतरण गति कहलाती है।
उदाहरण: चलती कार, उड़ता विमान, सरकती मेज इत्यादि।
✔️ इसमें वस्तु का आकार या दिशा नहीं बदलती।
💡 3. द्रव्यमान केंद्र (Centre of Mass)
➡️ द्रव्यमान केंद्र वह बिंदु होता है जहाँ पूरे निकाय का द्रव्यमान केंद्रित माना जा सकता है।
🔹 यदि किसी वस्तु को उस बिंदु पर बल लगाया जाए, तो वह केवल स्थानांतरित होगी, घूमेगी नहीं।
✏️ सूत्र:
यदि किसी निकाय में n कण हों जिनके द्रव्यमान m₁, m₂, m₃,… और स्थिति सदिश r₁, r₂, r₃,… हों, तो
r_cm = (m₁r₁ + m₂r₂ + … + mₙrₙ) / (m₁ + m₂ + … + mₙ)
✔️ इसे द्रव्यमान केंद्र का स्थिति सदिश कहा जाता है।
⚡ 4. द्रव्यमान केंद्र का वेग और त्वरण
➡️ द्रव्यमान केंद्र का वेग, निकाय के कुल संवेग और कुल द्रव्यमान से सम्बद्ध होता है।
💡 सूत्र:
v_cm = (m₁v₁ + m₂v₂ + … + mₙvₙ) / (m₁ + m₂ + … + mₙ)
✏️ यदि किसी निकाय पर कोई बाहरी बल कार्य करे, तो
F_ext = M a_cm
जहाँ M = कुल द्रव्यमान, a_cm = द्रव्यमान केंद्र का त्वरण।
✔️ यह न्यूटन का दूसरा नियम सम्पूर्ण निकाय पर भी लागू होता है।
🧠 5. रेखीय संवेग संरक्षण (Conservation of Linear Momentum)
➡️ यदि किसी प्रणाली पर कोई बाहरी बल न लगे, तो कुल रेखीय संवेग स्थिर रहता है।
💡 p_total = स्थिर
उदाहरण: बन्दूक से गोली चलाना — बन्दूक पीछे की ओर झटके से चलती है जिससे संवेग संरक्षण होता है।
🟢 6. दो पिंडों की प्रत्यास्थ एवं अप्रत्यास्थ टक्कर (Elastic and Inelastic Collision)
🔹 प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision):
जहाँ संवेग और गतिज ऊर्जा दोनों संरक्षित रहते हैं।
उदाहरण: बिलियर्ड की गेंदों की टक्कर।
🔹 अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic Collision):
जहाँ संवेग तो संरक्षित रहता है, परंतु गतिज ऊर्जा आंशिक रूप से ऊष्मा में बदल जाती है।
उदाहरण: मिट्टी की गेंद का दीवार से टकराना।
✔️ दोनों ही स्थितियों में,
m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂
🔴 7. घूर्णी गति (Rotational Motion)
➡️ जब कोई वस्तु किसी नियत अक्ष के चारों ओर घूमती है, तो वह घूर्णी गति करती है।
उदाहरण: पहिया घूमना, पंखे का ब्लेड, पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना।
🔹 प्रत्येक कण वृत्ताकार पथ पर चलता है।
🔹 प्रत्येक कण की कोणीय स्थिति, कोणीय वेग और कोणीय त्वरण होता है।

💡 8. कोणीय विस्थापन, कोणीय वेग एवं कोणीय त्वरण
✏️ कोणीय विस्थापन (θ): किसी कण का कोण में परिवर्तन।
✏️ कोणीय वेग (ω): कोणीय विस्थापन की दर।
➡️ ω = dθ / dt
✏️ कोणीय त्वरण (α): कोणीय वेग की परिवर्तन दर।
➡️ α = dω / dt
⚙️ 9. रैखिक और कोणीय राशियों का सम्बन्ध
➡️ यदि कोई कण r त्रिज्या पर घूम रहा है —
🔹 रैखिक वेग: v = r ω
🔹 रैखिक त्वरण: a = r α
✔️ यह सम्बन्ध बताता है कि घूर्णन गति और रेखीय गति परस्पर सम्बद्ध हैं।
💡 10. जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia)
➡️ किसी वस्तु के घूर्णन का विरोध करने की प्रवृत्ति को जड़त्व आघूर्ण (I) कहते हैं।
✏️ यह द्रव्यमान के वितरण पर निर्भर करता है।
सूत्र: I = Σ mᵢ rᵢ²
✔️ वस्तु का द्रव्यमान जितना दूर अक्ष से होगा, I उतना अधिक होगा।
⚙️ 11. जड़त्व आघूर्ण की इकाई और आयाम
➡️ SI इकाई: kg·m²
➡️ आयाम: [M¹L²T⁰]
🧩 12. विभिन्न वस्तुओं के लिए जड़त्व आघूर्ण
🔵 पतली छड़ (लंबाई L, केंद्र से): I = (1/12) M L²
🟢 पतली छड़ (एक सिरे से): I = (1/3) M L²
🔴 ठोस गोला: I = (2/5) M R²
🟡 खोखला गोला: I = (2/3) M R²
🔵 ठोस बेलन: I = (1/2) M R²
🟢 खोखला बेलन: I = M R²
💡 13. समानांतर अक्ष प्रमेय (Parallel Axis Theorem)
➡️ यदि किसी वस्तु का जड़त्व आघूर्ण I_cm हो और नया अक्ष द्रव्यमान केंद्र से दूरी d पर समानांतर खींचा जाए, तो —
I = I_cm + M d²
💡 14. लम्बवत अक्ष प्रमेय (Perpendicular Axis Theorem)
➡️ समतल पिंड के लिए, यदि दो अक्ष X और Y पिंड के तल में हों तथा Z उन पर लम्ब हो,
तो —
I_z = I_x + I_y
⚡ 15. घूर्णी गतिज ऊर्जा (Rotational Kinetic Energy)
➡️ किसी वस्तु के घूर्णन के कारण उसमें ऊर्जा होती है —
K = ½ I ω²
✔️ यह रेखीय गतिज ऊर्जा (½ m v²) के समान है।
🧠 16. कोणीय संवेग (Angular Momentum)
➡️ किसी घूर्णनशील निकाय की जड़त्वीय गति का मापक कोणीय संवेग (L) कहलाता है।
L = I ω
💡 संरक्षण का नियम:
यदि किसी निकाय पर कोई बाहरी आघूर्ण न लगे, तो उसका कोणीय संवेग स्थिर रहता है।
L = स्थिर
उदाहरण: बर्फ पर घूमता नर्तक जब हाथ समेटता है तो उसकी ω बढ़ जाती है क्योंकि I घटता है।
💡 17. आघूर्ण (Torque)
➡️ किसी वस्तु को घुमाने वाले बल का मापक आघूर्ण कहलाता है।
τ = r × F
जहाँ τ = आघूर्ण, r = बल की बाँह, F = बल।
✔️ यदि F बल वस्तु के केंद्र से होकर गुज़रे, तो τ = 0 होता है।
🔴 18. घूर्णी गति का न्यूटन का दूसरा नियम
➡️ रेखीय गति के लिए: F = m a
➡️ घूर्णी गति के लिए: τ = I α
✔️ इसका अर्थ है कि आघूर्ण वस्तु में कोणीय त्वरण उत्पन्न करता है।
💡 19. रोलिंग गति (Rolling Motion)
➡️ जब कोई वस्तु एक साथ स्थानांतरित और घूर्णन गति करती है, तो वह रोलिंग गति कहलाती है।
उदाहरण: लुढ़कता पहिया।
शर्त: v_cm = R ω
🧮 20. घर्षण की भूमिका
➡️ रोलिंग गति में घर्षण बहुत महत्त्वपूर्ण होता है क्योंकि यह फिसलन रोकता है और घूर्णन व स्थानांतरण में समन्वय बनाए रखता है।
⚡ 21. कार्य और ऊर्जा का घूर्णी रूप
➡️ यदि वस्तु पर आघूर्ण τ लगाया जाए और वह θ कोण से घूमे, तो
कार्य = τ θ
➡️ शक्ति = τ ω
✔️ 22. घूर्णन गति का ऊर्जा संरक्षण
➡️ यदि कोई बाहरी आघूर्ण न हो, तो
½ I ω² + m g h = स्थिर
💡 यह दर्शाता है कि कुल यांत्रिक ऊर्जा (स्थितिज + घूर्णी गतिज) संरक्षित रहती है।
🧠 23. घूर्णन संतुलन (Rotational Equilibrium)
➡️ जब किसी निकाय पर लगने वाले कुल आघूर्णों का योग शून्य हो, तो वह संतुलन में होता है।
Σ τ = 0
उदाहरण: समतल पर रखा समान छड़ जब बराबर भारों से संतुलित होता है।
🔶 भाग 2 : सारांश (Summary ~300 शब्द)
🔹 किसी वस्तु के द्रव्यमान केंद्र पर बल लगाने से वस्तु केवल स्थानांतरित होती है।
🔹 द्रव्यमान केंद्र का वेग बाहरी बलों पर निर्भर करता है।
🔹 यदि किसी प्रणाली पर कोई बाहरी बल न लगे, तो कुल संवेग स्थिर रहता है।
🔹 घूर्णन गति में वस्तु किसी नियत अक्ष के चारों ओर घूमती है।
🔹 कोणीय विस्थापन, कोणीय वेग और कोणीय त्वरण — घूर्णन के प्रमुख चर हैं।
🔹 जड़त्व आघूर्ण (I) घूर्णन के लिए उसी प्रकार महत्त्वपूर्ण है जैसे द्रव्यमान (m) रेखीय गति के लिए।
🔹 घूर्णी गतिज ऊर्जा K = ½ I ω² से दी जाती है।
🔹 कोणीय संवेग L = I ω और τ = I α से सम्बन्धित है।
🔹 समानांतर अक्ष प्रमेय: I = I_cm + M d²
🔹 लम्बवत अक्ष प्रमेय: I_z = I_x + I_y
🔹 रोलिंग गति में v_cm = R ω
🔹 ऊर्जा संरक्षण नियम — यदि कोई बाहरी आघूर्ण नहीं हो, तो कुल यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहती है।
📝 Quick Recap
1️⃣ द्रव्यमान केंद्र का सूत्र — r_cm = (Σ mᵢ rᵢ) / Σ mᵢ
2️⃣ जड़त्व आघूर्ण — I = Σ mᵢ rᵢ²
3️⃣ कोणीय संवेग — L = I ω
4️⃣ घूर्णी गतिज ऊर्जा — K = ½ I ω²
5️⃣ आघूर्ण — τ = r × F
6️⃣ रोलिंग गति में — v_cm = R ω
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पाठ्यपुस्त के प्रश्न
🔵🔵🔵
प्रश्न 6.1
एकसमान घनत्व रूप वाले निम्नलिखित पिंडों में प्रत्येक के द्रव्यमान केंद्र की अवस्थिति लिखिए :
(a) गोला (b) सिलिंडर (c) छल्ला (d) घन
क्या किसी पिंड का द्रव्यमान केंद्र आवश्यक रूप से उस पिंड के भीतर स्थित होता है ?
उत्तर 6.1
(a) गोला: केंद्र पर स्थित।
(b) सिलिंडर: केंद्रीय अक्ष पर मध्य में।
(c) छल्ला: वृत्त के केंद्र पर।
(d) घन: उसके केंद्र पर।
💡 सभी समघनत्व पिंडों में द्रव्यमान केंद्र उनकी सममिति के कारण मध्य में होता है।
✔️ किसी पिंड का द्रव्यमान केंद्र हमेशा उसके भीतर हो, यह आवश्यक नहीं (जैसे – छल्ला, खोखला गोला)।
प्रश्न 6.2
HCl अणु में दो परमाणुओं के बीच दूरी लगभग 1.27Å है। इस अणु के द्रव्यमान केंद्र को हाइड्रोजन परमाणु से मापिए।
उत्तर 6.2
मान लें H का द्रव्यमान = 1u और Cl का द्रव्यमान = 35.5u
कुल दूरी = 1.27Å
द्रव्यमान केंद्र की दूरी (x) हाइड्रोजन से:
x = (m₂ × d) / (m₁ + m₂) = (35.5×1.27) / (1+35.5) = 45.085 / 36.5 = 1.235Å
✔️ द्रव्यमान केंद्र हाइड्रोजन से 1.235Å की दूरी पर क्लोरीन की ओर स्थित है।
प्रश्न 6.3
कोई व्यक्ति खड़ी हुई ट्रॉली पर सवार होकर पृथ्वी के सापेक्ष वेग v से दौड़ना शुरू करता है। तब ट्रॉली (व्यक्ति के सापेक्ष) किस दिशा में गति करती है ?
उत्तर 6.3
💡 संवेग संरक्षण के अनुसार जब व्यक्ति आगे की दिशा में दौड़ता है तो ट्रॉली पीछे की दिशा में चलती है।
✔️ ट्रॉली की गति व्यक्ति की गति के विपरीत दिशा में होती है।
प्रश्न 6.4
स्लाइडिंग बल युग्म का परिणामी क्या होता है?
उत्तर 6.4
समान्तर, समान मान वाले तथा विपरीत दिशा में लगाए गए दो बलों का युग्म किसी वस्तु को घूर्णन प्रदान करता है।
✔️ इसका परिणामी बल शून्य होता है परंतु घूर्णन आघूर्ण (Torque) उत्पन्न करता है।
प्रश्न 6.5
एक कण, जिसके निर्देशांक समय t के अनुसार x, y, z अक्षों के अनुक्रम में हैं: x, y, z हैं।
उसके संबंध सदिश p के अवयव px, py, pz हैं।
कणीय संवेग l के अक्षों के अनुक्रम अवयव ज्ञात कीजिए।
उत्तर 6.5
💡 कणीय संवेग l = r × p
अतः इसके अवयव हैं:
lₓ = y p_z − z p_y
l_y = z pₓ − x p_z
l_z = x p_y − y pₓ
✔️ यदि कण केवल x–y तल में गतिमान है तो केवल z-अवयव (l_z) ही शेष रहेगा।
प्रश्न 6.6
दो कण जिनमें से प्रत्येक का द्रव्यमान m एवं चाल v है, समान्तर रेखाओं के अनुरूप, विपरीत दिशाओं में चलते हैं। दिखाइए कि उनका निकाय का कुल कणीय संवेग समान रहता है, चाहे हम किस बिंदु के सापेक्ष कणीय संवेग लें।
उत्तर 6.6
💡 दो समान द्रव्यमान वाले कण जब समान चाल से विपरीत दिशा में चलते हैं, तब उनके रैखिक संवेग समान व विपरीत होते हैं।
इसलिए किसी भी बिंदु के सापेक्ष उनका कुल कणीय संवेग शून्य होता है।
✔️ कणीय संवेग स्थिति बिंदु पर निर्भर नहीं करता।
प्रश्न 6.7
एक असमान छड़ W भार की, दो दीवारों के बीच चित्र 6.33 के अनुसार लटकी हुई है।
यदि प्रत्येक रस्सी ऊर्ध्वाधर से क्रमशः 36.9° और 53.1° का कोण बनाती है तथा छड़ की लंबाई 2 m है, तो छड़ के बाएँ सिरे से इसके गुरुत्व केंद्र की दूरी ज्ञात कीजिए।
उत्तर 6.7
T₁ और T₂ रस्सियों में तनाव हैं।
संतुलन की शर्तें:
ΣF_y = 0 ⇒ T₁ sin36.9° + T₂ sin53.1° = W
Στ = 0 ⇒ T₂ sin53.1°×2 = W×x
जहाँ x = गुरुत्व केंद्र की दूरी
T₁ cos36.9° = T₂ cos53.1° ⇒ T₁/T₂ = 0.6/0.8 = 3/4
sin36.9° = 0.6, sin53.1° = 0.8
W = T₁×0.6 + T₂×0.8 ⇒ W = (0.6×3T₂/4) + 0.8T₂ = 1.25T₂
⇒ T₂ = 0.8W
अब, W×x = T₂ sin53.1°×2 ⇒ W×x = 0.8W×0.8×2 = 1.28W
x = 1.28 m
✔️ गुरुत्व केंद्र छड़ के बाएँ सिरे से 1.28 m दूर है।
प्रश्न 6.8
एक कार का भार 1800 kg है। इसके अगले और पिछले पहियों के बीच दूरी 1.8 m है।
इसका गुरुत्व केंद्र आगे की धुरी से 1.05 m पीछे है।
गणना कीजिए —
(a) प्रत्येक पहिए पर भार कितना होगा?
(b) यदि कार का इंजन आगे की ओर हो और 30% भार स्थानांतरित हो जाए, तो अगले पहिए पर कितना भार होगा?
उत्तर 6.8
💡 (a) कुल भार = mg = 1800×9.8 = 17640 N
क्षण संतुलन से:
W₁×1.8 = 17640×1.05 ⇒ W₁ = (17640×1.05)/1.8 = 10290 N
W₂ = 17640 − 10290 = 7350 N
✔️ आगे के पहियों पर भार = 10290 N, पीछे के पर = 7350 N
(b) 30% भार स्थानांतरित होने पर:
नया भार = 10290 + 0.3×17640 = 15582 N (आगे)
🔵🔵🔵
प्रश्न 6.11
20 kg द्रव्यमान का कोई ठोस सिलिंडर अपने अक्ष के परितः 100 rad s⁻¹ की कोणीय चाल से घूर्णन कर रहा है।
सिलिंडर की त्रिज्या 0.25 m है।
सिलिंडर के घूर्णन से संबंधित गतिज ऊर्जा क्या है?
सिलिंडर का अपने अक्ष के परितः कोणीय संवेग का परिमाण क्या है?
उत्तर 6.11
💡 ठोस सिलिंडर के लिए जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia):
➡️ I = (1/2) m r²
✏️ दिए गए —
m = 20 kg, r = 0.25 m, ω = 100 rad s⁻¹
👉 I = (1/2) × 20 × (0.25)² = 0.625 kg·m²
✔️ गतिज ऊर्जा (K.E.)
K = (1/2) I ω²
= (1/2) × 0.625 × (100)²
= 0.3125 × 10⁴ = 3125 J
✔️ कोणीय संवेग (L)
L = I ω = 0.625 × 100 = 62.5 kg·m²/s
प्रश्न 6.12
(a) कोई चक्का स्थिर अक्ष (घूर्णीय) पर अपनी भुजाओं को फैलाकर 40 rev/min की कोणीय चाल से घूम रहा है।
फिर वह अपनी भुजाओं को वापस सिकोड़ लेता है जिससे उसका जड़त्व आघूर्ण पहले की तुलना में 2/5 गुना रह जाता है।
तो, नई कोणीय चाल क्या होगी?
(मानिए घूर्णीय गति घर्षणरहित है।)
(b) क्या चक्के की गतिज ऊर्जा अधिक होगी या कम?
उत्तर 6.12
✏️ प्रारंभिक कोणीय चाल ω₁ = 40 rev/min
= 40 × (2π/60) = 4.19 rad/s
💡 कोणीय संवेग संरक्षण:
I₁ ω₁ = I₂ ω₂ ⇒ ω₂ = (I₁/I₂) ω₁
चूंकि I₂ = (2/5) I₁ ⇒ ω₂ = (I₁ / (2/5)I₁) ω₁ = (5/2) ω₁
✔️ ω₂ = (5/2) × 4.19 = 10.47 rad/s
🔸 इसलिए कोणीय चाल बढ़ जाती है।
💡 गतिज ऊर्जा = (1/2) I ω²
K₂/K₁ = (I₂ ω₂²) / (I₁ ω₁²)
= ((2/5) × (5/2)²) = (2/5) × (25/4) = 2.5
✔️ नई गतिज ऊर्जा प्रारंभिक से 2.5 गुना बढ़ जाती है।
प्रश्न 6.13
3 kg द्रव्यमान और 40 cm त्रिज्या के किसी खोखले सिलिंडर पर कोई समतल ढलान पर रस्सी लपेटी गई है।
यदि रस्सी को 30 N बल से खींचा जाता है, तो सिलिंडर का कोणीय त्वरण ज्ञात कीजिए।
(रस्सी फिसलती नहीं है।)
उत्तर 6.13
✏️ दिए गए —
m = 3 kg, r = 0.4 m, F = 30 N
💡 खोखले सिलिंडर का जड़त्व आघूर्ण:
I = m r²
➡️ बलाघूर्ण τ = F × r = 30 × 0.4 = 12 N·m
✔️ कोणीय त्वरण (α)
α = τ / I = (12) / (3 × 0.4²) = 12 / 0.48 = 25 rad/s²
प्रश्न 6.14
एक रोटर (घूर्णक) जो 200 rad/s की कोणीय चाल बनाए रखता है, 180 N·m बलाघूर्ण द्वारा कार्य करता है।
यदि शक्ति का उपयोग स्थिर चाल बनाए रखने में होता है, तो घूर्णक की शक्ति ज्ञात कीजिए।
क्या शक्ति का प्रयोग दक्षता 100% से होता है?
उत्तर 6.14
💡 शक्ति (Power) = बलाघूर्ण × कोणीय चाल
P = τ × ω = 180 × 200 = 36,000 W = 36 kW
✔️ यह आदर्श स्थिति में दक्षता 100% दर्शाती है।
परंतु व्यवहार में यांत्रिक हानियों के कारण दक्षता <100% रहती है।
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प्रश्न 6.15
R त्रिज्या वाली समान घनत्व की डिस्क से R/2 त्रिज्या का एक वृत्ताकार भाग काट कर निकाल दिया गया है।
इस प्रकार नयी बची हुई डिस्क का केंद्र मूल डिस्क के केंद्र से R/2 दूरी पर है।
अवशिष्ट डिस्क के गुरुत्व केंद्र की स्थिति ज्ञात कीजिए।
उत्तर 6.15
✏️ मान लें —
मूल डिस्क का क्षेत्रफल A₁ = πR²
कटी हुई डिस्क का क्षेत्रफल A₂ = π(R/2)² = (πR²)/4
👉 बची हुई डिस्क का क्षेत्रफल A = A₁ − A₂ = (3/4)πR²
मूल डिस्क का केंद्र O और छोटी डिस्क का केंद्र O′ के बीच दूरी = R/2
💡 गुरुत्व केंद्र (G) की स्थिति —
x̄ = (A₁x₁ − A₂x₂) / (A₁ − A₂)
मूल डिस्क का केंद्र O पर ⇒ x₁ = 0
कटी डिस्क का केंद्र O′ पर ⇒ x₂ = R/2
⇒ x̄ = (0 − (πR²/4)(R/2)) / ((3/4)πR²) = (−R/8) / (3/4) = −R/6
✔️ अतः गुरुत्व केंद्र O से R/6 दूरी पर कटी हुई ओर की विपरीत दिशा में होगा।
प्रश्न 6.16
एक मीटर छड़ के सिरों के नीचे धूल-भार रखने पर यह संतुलित हो जाती है।
यदि 5 g का भार 12.0 cm बिंदु पर रखा जाए और दूसरा भार 45.0 cm बिंदु पर रखा जाए,
तो छड़ का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
उत्तर 6.16
💡 संतुलन की स्थिति में आघूर्ण समान होते हैं।
मान लें छड़ का द्रव्यमान = M g और द्रव्यमान केंद्र x₀ पर है।
आघूर्ण समीकरण:
(5×(x₀−12)) = M×(50−x₀) + (5×(45−x₀))
संतुलन के लिए द्रव्यमान केंद्र 50 cm पर होगा (क्योंकि छड़ समघनत्व है)।
गणना करने पर M = 20 g प्राप्त होता है।
✔️ छड़ का द्रव्यमान 20 g है।
प्रश्न 6.17
एक ठोस गोला, बिना फिसलन के, समान ऊँचाई h से क्रमशः फिसलने और लुढ़कने के लिए छोड़ा जाता है।
(a) क्या दोनों एक साथ तली पर पहुँचेंगे?
(b) किसे तली पर पहुँचने में अधिक समय लगेगा?
(c) यदि नहीं, तो कौन और क्यों?
उत्तर 6.17
💡 फिसलने पर संपूर्ण स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा (1/2 mv²) में बदलती है।
लुढ़कने पर स्थितिज ऊर्जा (1/2 mv² + 1/2 Iω²) में बदलती है।
ठोस गोले के लिए I = (2/5)mR² और ω = v/R ⇒ कुल ऊर्जा = (7/10)mv²
⇒ vₗुढ़कना = √(10gh/7), vफिसलना = √(2gh)
चूँकि √(2gh) > √(10gh/7),
✔️ इसलिए फिसलता हुआ गोला पहले तली पर पहुँचेगा, लुढ़कने वाला बाद में।
प्रश्न 6.18
2 m लंबाई वाली किसी समान छड़ का भार 100 kg है।
एक छोर दीवार से जुड़ा है और दूसरा सिरा टॉर्क के अधीन संतुलन में है।
छड़ पर बलाघूर्ण का परिमाण ज्ञात कीजिए।
उत्तर 6.18
💡 भार W = mg = 100×9.8 = 980 N
गुरुत्व केंद्र पर बल लगता है ⇒ दूरी = L/2 = 1 m
बलाघूर्ण τ = W × (L/2) = 980×1 = 980 N·m
✔️ बलाघूर्ण = 980 N·m
प्रश्न 6.19
किसी उपग्रह का द्रव्यमान 5.30×10²⁶ kg है और उसकी त्रिज्या 6.37×10⁶ m है।
घूर्णन वेग 1.94×10⁴ km/h है।
घूर्णन के कारण सतह पर केंद्राभिमुख त्वरण ज्ञात कीजिए।
उत्तर 6.19
💡 ω = v / r
v = 1.94×10⁴ km/h = 1.94×10⁴×(1000/3600) = 5388.9 m/s
ω = 5388.9 / 6.37×10⁶ = 8.46×10⁻⁴ rad/s
केंद्राभिमुख त्वरण a = ω²r = (8.46×10⁻⁴)² × 6.37×10⁶ = 4.56 m/s²
✔️ केंद्राभिमुख त्वरण = 4.56 m/s²
प्रश्न 6.20
एक ठोस गोला बिना फिसलन के 30° झुके तल पर नीचे की ओर लुढ़कता है।
यदि तल की लंबाई 10 m है, तो नीचे पहुँचने में समय ज्ञात कीजिए।
उत्तर 6.20
💡 ठोस गोले के लिए a = (5/7)g sinθ
a = (5/7)×9.8×sin30° = (5/7)×9.8×0.5 = 3.5 m/s²
s = ut + (1/2)at² ⇒ 10 = 0 + (1/2)×3.5×t²
t² = 20/3.5 = 5.71 ⇒ t = 2.39 s
✔️ गोला 2.39 सेकंड में तली तक पहुँचेगा।
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)
सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।
⚙️ Response 1 (प्रश्न 1–18 : बहुविकल्पी प्रश्न / MCQs)
Question 1:
द्रव्यमान केंद्र किसे कहते हैं?
🔵 (A) जहाँ वस्तु का पूरा द्रव्यमान केंद्रित माना जा सके
🟢 (B) जहाँ से वस्तु का घूर्णन आरम्भ होता है
🟠 (C) वस्तु का मध्य बिंदु
🔴 (D) बल का केंद्र
Answer: (A) जहाँ वस्तु का पूरा द्रव्यमान केंद्रित माना जा सके
Question 2:
दो समान द्रव्यमान वाले पिंडों का द्रव्यमान केंद्र कहाँ होता है?
🔵 (A) हल्के पिंड की ओर
🟢 (B) भारी पिंड की ओर
🟠 (C) दोनों के मध्य
🔴 (D) किसी भी ओर
Answer: (C) दोनों के मध्य
Question 3:
यदि किसी निकाय पर कोई बाहरी बल न लगे, तो —
🔵 (A) कुल संवेग बदलता है
🟢 (B) कुल संवेग स्थिर रहता है
🟠 (C) ऊर्जा बढ़ती है
🔴 (D) शक्ति घटती है
Answer: (B) कुल संवेग स्थिर रहता है
Question 4:
द्रव्यमान केंद्र का स्थिति सदिश होता है —
🔵 (A) r_cm = (m₁r₁ + m₂r₂)/(m₁ + m₂)
🟢 (B) r_cm = (m₁ + m₂)/r₁r₂
🟠 (C) r_cm = m₁r₁r₂
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) r_cm = (m₁r₁ + m₂r₂)/(m₁ + m₂)
Question 5:
द्रव्यमान केंद्र की गति का नियम किस पर आधारित है?
🔵 (A) संवेग संरक्षण पर
🟢 (B) ऊर्जा संरक्षण पर
🟠 (C) न्यूटन के द्वितीय नियम पर
🔴 (D) संवेग के परिवर्तन पर
Answer: (C) न्यूटन के द्वितीय नियम पर
Question 6:
किसी कठोर पिंड की गति को दो भागों में बाँटा जा सकता है —
🔵 (A) घूर्णन व स्थानांतरण गति
🟢 (B) केवल घूर्णन गति
🟠 (C) केवल स्थानांतरण गति
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (A) घूर्णन व स्थानांतरण गति
Question 7:
घूर्णी गति में कोणीय विस्थापन का प्रतीक है —
🔵 (A) ω
🟢 (B) θ
🟠 (C) α
🔴 (D) τ
Answer: (B) θ
Question 8:
कोणीय वेग ω और रैखिक वेग v का सम्बन्ध —
🔵 (A) v = ω / r
🟢 (B) v = r ω
🟠 (C) v = ω² r
🔴 (D) v = r / ω
Answer: (B) v = r ω
Question 9:
कोणीय त्वरण (α) की SI इकाई है —
🔵 (A) rad/s
🟢 (B) rad/s²
🟠 (C) m/s
🔴 (D) m/s²
Answer: (B) rad/s²
Question 10:
जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) का सूत्र है —
🔵 (A) I = Σ mᵢ rᵢ
🟢 (B) I = Σ mᵢ rᵢ²
🟠 (C) I = m r
🔴 (D) I = m r² / 2
Answer: (B) I = Σ mᵢ rᵢ²
Question 11:
जड़त्व आघूर्ण की SI इकाई है —
🔵 (A) kg·m
🟢 (B) kg·m²
🟠 (C) kg·m/s
🔴 (D) kg·m/s²
Answer: (B) kg·m²
Question 12:
घूर्णन गति में आघूर्ण का प्रतीक है —
🔵 (A) τ
🟢 (B) α
🟠 (C) ω
🔴 (D) L
Answer: (A) τ
Question 13:
घूर्णन गति के लिए न्यूटन का दूसरा नियम है —
🔵 (A) τ = I ω
🟢 (B) τ = I α
🟠 (C) τ = I / α
🔴 (D) τ = α / I
Answer: (B) τ = I α
Question 14:
घूर्णी गतिज ऊर्जा का सूत्र है —
🔵 (A) K = ½ I ω²
🟢 (B) K = I ω
🟠 (C) K = I / ω²
🔴 (D) K = ω² / I
Answer: (A) K = ½ I ω²
Question 15:
यदि किसी वस्तु पर कुल आघूर्ण शून्य हो, तो —
🔵 (A) वस्तु का कोणीय संवेग बदलता है
🟢 (B) कोणीय संवेग स्थिर रहता है
🟠 (C) ω बढ़ती है
🔴 (D) I घटता है
Answer: (B) कोणीय संवेग स्थिर रहता है
Question 16:
समानांतर अक्ष प्रमेय का सूत्र है —
🔵 (A) I = I_cm + M d²
🟢 (B) I = I_cm − M d²
🟠 (C) I = I_cm / M d²
🔴 (D) I = M d² / I_cm
Answer: (A) I = I_cm + M d²
Question 17:
लम्बवत अक्ष प्रमेय लागू होता है —
🔵 (A) किसी भी ठोस वस्तु पर
🟢 (B) समतल पिंड पर
🟠 (C) केवल गोले पर
🔴 (D) किसी भी रेखा पर
Answer: (B) समतल पिंड पर
Question 18:
रोलिंग गति के लिए शर्त है —
🔵 (A) v_cm = ω / R
🟢 (B) v_cm = R ω
🟠 (C) v_cm = R / ω
🔴 (D) v_cm = ω² R
Answer: (B) v_cm = R ω
⚙️ Response 2 (प्रश्न 19–27 : लघु एवं मध्य उत्तर प्रश्न)
Question 19:
द्रव्यमान केंद्र की गति का नियम लिखिए।
Answer:
➡️ किसी निकाय के द्रव्यमान केंद्र की गति न्यूटन के द्वितीय नियम का पालन करती है।
✏️ यदि किसी प्रणाली पर कुल बाहरी बल कार्य करे, तो
Fₑₓₜ = M a_cm
जहाँ M = कुल द्रव्यमान तथा a_cm = द्रव्यमान केंद्र का त्वरण।
💡 इसका अर्थ है — द्रव्यमान केंद्र उसी प्रकार गति करता है जैसे पूरा द्रव्यमान एक बिंदु पर केंद्रित हो।
Question 20:
जड़त्व आघूर्ण क्या है?
Answer:
➡️ किसी वस्तु की घूर्णन गति में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति को जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) कहते हैं।
✏️ सूत्र: I = Σ mᵢ rᵢ²
जहाँ mᵢ = प्रत्येक कण का द्रव्यमान, rᵢ = अक्ष से उसकी दूरी।
💡 यह द्रव्यमान वितरण पर निर्भर करता है — अक्ष से दूरी बढ़ने पर I भी बढ़ता है।
Question 21:
घूर्णी गति और स्थानांतरण गति में क्या समानता है?
Answer:
💡 दोनों प्रकार की गतियों में न्यूटन के नियम समान रूप से लागू होते हैं।
🔹 रेखीय गति में — F = m a
🔹 घूर्णी गति में — τ = I α
➡️ यहाँ F के स्थान पर τ, m के स्थान पर I और a के स्थान पर α आता है।
✔️ इसीलिए घूर्णी गति को “रेखीय गति का घूर्णीय समतुल्य” कहा जाता है।
Question 22:
घूर्णन गति में कार्य का सूत्र लिखिए।
Answer:
➡️ जब किसी वस्तु पर आघूर्ण τ कार्य करता है और वह θ कोण से घूमती है, तो
कार्य = τ θ
✔️ यदि τ स्थिर हो, तो कार्य सीधे θ के अनुपाती होता है।
💡 यह रेखीय गति के कार्य W = F s का घूर्णी रूप है।
Question 23:
लम्बवत अक्ष प्रमेय को कथन सहित लिखिए।
Answer:
➡️ कथन: किसी समतल पिंड के लिए, उसके तल में दो लम्बवत अक्षों (X, Y) तथा उन पर लम्बवत तीसरे अक्ष (Z) के जड़त्व आघूर्णों में यह सम्बन्ध होता है —
I_z = I_x + I_y
✏️ यह केवल समतल पिंडों पर लागू होता है।
💡 उदाहरण: वृत्तीय डिस्क के लिए I_z = I_x + I_y।
Question 24:
समानांतर अक्ष प्रमेय को कथन सहित लिखिए।
Answer:
➡️ कथन: यदि किसी वस्तु का जड़त्व आघूर्ण I_cm किसी अक्ष के सापेक्ष ज्ञात हो और नया अक्ष उससे दूरी d पर समानांतर खींचा जाए, तो —
I = I_cm + M d²
जहाँ M = वस्तु का कुल द्रव्यमान।
✔️ यह प्रमेय कठोर पिंडों पर किसी भी समानांतर अक्ष के लिए लागू होती है।
Question 25:
घूर्णी गतिज ऊर्जा का व्यंजक निकालिए।
Answer:
➡️ मानिए कोई कठोर पिंड ω कोणीय वेग से घूम रहा है।
प्रत्येक कण की गतिज ऊर्जा = ½ mᵢ vᵢ²
और vᵢ = rᵢ ω ⇒
K = ½ Σ mᵢ (rᵢ ω)² = ½ ω² Σ mᵢ rᵢ² = ½ I ω²
✔️ यह घूर्णी गतिज ऊर्जा का व्यंजक है।
Question 26:
कोणीय संवेग और आघूर्ण में सम्बन्ध लिखिए।
Answer:
➡️ किसी निकाय का कोणीय संवेग L समय के साथ आघूर्ण से सम्बद्ध है —
τ = dL/dt
💡 इसका अर्थ है कि किसी निकाय पर लगने वाला आघूर्ण, उसके कोणीय संवेग में परिवर्तन की दर के बराबर होता है।
✔️ यदि τ = 0 हो, तो L = स्थिर रहता है।
Question 27:
रोलिंग गति क्या होती है?
Answer:
➡️ जब कोई वस्तु एक साथ घूर्णन और स्थानांतरण गति करती है, तो उसे रोलिंग गति कहते हैं।
उदाहरण: लुढ़कता पहिया।
💡 इस स्थिति में शर्त होती है —
v_cm = R ω
✔️ यदि यह शर्त टूटती है, तो वस्तु फिसलने लगती है।
⚙️ Response 3 (प्रश्न 28–33 : दीर्घ उत्तर एवं अनुप्रयोगात्मक प्रश्न)
प्रश्न 28:
द्रव्यमान केंद्र की संकल्पना को स्पष्ट कीजिए तथा इसके गति समीकरण को सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
➡️ किसी निकाय के सभी कणों का द्रव्यमान एक बिंदु पर केंद्रित मान लिया जाए जिससे वह बिंदु पूरे निकाय की गति को प्रदर्शित करे, उसे द्रव्यमान केंद्र (Centre of Mass) कहा जाता है।
✏️ मानिए किसी निकाय में n कण हैं जिनके द्रव्यमान m₁, m₂, m₃,… और स्थिति सदिश r₁, r₂, r₃,… हैं।
तब द्रव्यमान केंद्र का स्थिति सदिश होगा —
r_cm = (m₁r₁ + m₂r₂ + … + mₙrₙ) / (m₁ + m₂ + … + mₙ)
अब यदि प्रत्येक कण पर बल F₁, F₂,… लग रहा है,
तो सम्पूर्ण निकाय पर कुल बाहरी बल —
Fₑₓₜ = M a_cm
जहाँ M = कुल द्रव्यमान तथा a_cm = द्रव्यमान केंद्र का त्वरण।
✔️ अतः द्रव्यमान केंद्र की गति न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार होती है।
💡 यदि कुल बाहरी बल शून्य हो, तो द्रव्यमान केंद्र समान वेग से सीधी रेखा में चलता है।
प्रश्न 29:
घूर्णी गतिज ऊर्जा का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।
उत्तर:
➡️ मानिए एक कठोर निकाय किसी नियत अक्ष के चारों ओर कोणीय वेग ω से घूम रहा है।
निकाय के प्रत्येक कण की गतिज ऊर्जा —
Kᵢ = ½ mᵢ vᵢ²
परन्तु vᵢ = rᵢ ω ⇒
Kᵢ = ½ mᵢ (rᵢ ω)² = ½ mᵢ rᵢ² ω²
सभी कणों की कुल गतिज ऊर्जा —
K = Σ Kᵢ = ½ ω² Σ mᵢ rᵢ²
परिभाषा के अनुसार, Σ mᵢ rᵢ² = I
अतः, K = ½ I ω²
✔️ यह समीकरण घूर्णी गतिज ऊर्जा को व्यक्त करता है।
💡 यह रेखीय गतिज ऊर्जा (½ m v²) का घूर्णी रूप है।
प्रश्न 30:
समानांतर अक्ष प्रमेय को सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
➡️ कथन: यदि किसी निकाय का जड़त्व आघूर्ण I_cm किसी अक्ष के सापेक्ष ज्ञात हो, और नया अक्ष उससे दूरी d पर समानांतर खींचा जाए, तो
I = I_cm + M d²
✏️ सिद्धि:
मानिए किसी कण का द्रव्यमान mᵢ है और उसकी स्थिति द्रव्यमान केंद्र के सापेक्ष rᵢ है।
नए अक्ष से उसकी दूरी होगी —
rᵢ′ = rᵢ + d
अब, जड़त्व आघूर्ण —
I = Σ mᵢ (rᵢ′)² = Σ mᵢ (rᵢ² + 2rᵢd + d²)
= Σ mᵢ rᵢ² + 2d Σ mᵢ rᵢ + Σ mᵢ d²
परंतु द्रव्यमान केंद्र से, Σ mᵢ rᵢ = 0
अतः, I = I_cm + M d²
✔️ यह समानांतर अक्ष प्रमेय का व्यंजक है।
प्रश्न 31:
लम्बवत अक्ष प्रमेय का व्यंजक सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
➡️ कथन: किसी समतल पिंड के लिए, यदि दो अक्ष (X, Y) पिंड के तल में हों और तीसरा अक्ष (Z) उन दोनों पर लम्ब हो, तो
I_z = I_x + I_y
✏️ सिद्धि:
किसी कण का द्रव्यमान m और उसके निर्देशांक (x, y) हैं।
तब, Z-अक्ष से दूरी r² = x² + y²
अतः,
I_z = Σ m r² = Σ m (x² + y²) = Σ m x² + Σ m y² = I_x + I_y
✔️ अतः सिद्ध हुआ कि I_z = I_x + I_y
💡 यह केवल समतल पिंडों के लिए लागू होता है।
प्रश्न 32:
किसी ठोस बेलन (Solid Cylinder) के जड़त्व आघूर्ण का व्यंजक ज्ञात कीजिए जब वह अपने अक्ष के चारों ओर घूमता है।
उत्तर:
➡️ मानिए ठोस बेलन का त्रिज्या R और द्रव्यमान M है।
जड़त्व आघूर्ण की परिभाषा —
I = ∫ r² dm
जहाँ dm = (M / πR²) × 2πr dr = 2M r dr / R²
अब,
I = ∫₀ᴿ r² (2M r dr / R²) = (2M / R²) ∫₀ᴿ r³ dr
= (2M / R²) × (R⁴ / 4) = (½) M R²
✔️ अतः, ठोस बेलन का जड़त्व आघूर्ण —
I = (½) M R²
प्रश्न 33:
ऊर्जा संरक्षण के आधार पर घूर्णन गति के लिए ऊर्जा समीकरण स्थापित कीजिए।
उत्तर:
➡️ किसी घूर्णनशील वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा —
E = स्थितिज ऊर्जा (U) + घूर्णी गतिज ऊर्जा (K)
= m g h + ½ I ω²
यदि कोई बाहरी आघूर्ण या घर्षण कार्य न करे, तो कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।
अर्थात,
m g h + ½ I ω² = स्थिर
✔️ यह समीकरण दर्शाता है कि घूर्णन गति में भी ऊर्जा संरक्षण का सिद्धान्त लागू होता है।
💡 उदाहरण: लुढ़कते गोले की गति में स्थितिज ऊर्जा का एक भाग घूर्णी गतिज ऊर्जा में बदल जाता है।
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