Class 11 : Physics (In Hindi) – अध्याय 4: गति के नियम
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
➡️ परिचय
हम जानते हैं कि कोई वस्तु तभी चलती या रुकती है जब उस पर कोई बल कार्य करता है।
वस्तुओं की गति और उन पर लगने वाले बल के सम्बन्ध का अध्ययन गति के नियम (Laws of Motion) कहलाता है।
ये नियम सर्वप्रथम सर आइज़ैक न्यूटन (Isaac Newton) द्वारा प्रतिपादित किए गए थे।

🟢 बल (Force)
➡️ किसी वस्तु की अवस्था (विश्राम या गति) को बदलने वाला कारण बल कहलाता है।
यह एक सदिश राशि है क्योंकि इसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
SI इकाई: न्यूटन (N)
प्रतीक: F
✏️ न्यूटन का 1 इकाई बल:
यदि 1 kg द्रव्यमान वाली वस्तु को 1 m/s² का त्वरण दिया जाए, तो बल = 1 न्यूटन।
अर्थात्
F = m a
🔴 न्यूटन के गति के नियम (Newton’s Laws of Motion)
💡 पहला नियम – जड़त्व का नियम (Law of Inertia)
➡️ यदि किसी वस्तु पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं करता, तो वह वस्तु अपनी अवस्था (विश्राम या समान गति) बनाए रखती है।
अर्थात्
वस्तु तब तक अपनी चाल या विश्राम की अवस्था नहीं बदलती जब तक कोई बाह्य बल न लगाया जाए।
✔️ यह नियम यह बताता है कि गति में परिवर्तन का कारण बल होता है।
🔸 जड़त्व (Inertia):
किसी वस्तु का अपनी अवस्था बनाए रखने की प्रवृत्ति।
जड़त्व के प्रकार:
1️⃣ विश्राम का जड़त्व: वस्तु तब तक स्थिर रहेगी जब तक बल न लगाया जाए।
2️⃣ गति का जड़त्व: गतिशील वस्तु तब तक चलती रहेगी जब तक बल न रोके।
3️⃣ दिशा का जड़त्व: वस्तु की दिशा तब तक नहीं बदलेगी जब तक बल न लगाया जाए।

🟡 दूसरा नियम – बल और त्वरण का नियम (Law of Force and Acceleration)

➡️ वस्तु पर लगाया गया बल वस्तु के द्रव्यमान और प्राप्त त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
💡 गणितीय रूप:
F = m a
जहाँ,
F = बल, m = द्रव्यमान, a = त्वरण।
✔️ बल की दिशा त्वरण की दिशा के समान होती है।
✏️ निष्कर्ष:
यदि m स्थिर है → F ∝ a
यदि F स्थिर है → a ∝ 1/m
🔴 तीसरा नियम – क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम (Law of Action and Reaction)

➡️ प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है।
💡 गणितीय रूप:
F₁₂ = −F₂₁
अर्थात् यदि कोई वस्तु A वस्तु B पर बल लगाती है, तो B वस्तु A पर समान परिमाण का परन्तु विपरीत दिशा में बल लगाती है।
✔️ दोनों बल एकसमान और विपरीत होते हैं, परन्तु भिन्न वस्तुओं पर लगते हैं।
उदाहरण:
1️⃣ जब व्यक्ति दीवार को धक्का देता है, दीवार भी समान बल से पीछे धक्का देती है।
2️⃣ बन्दूक से गोली चलाने पर बन्दूक पीछे हटती है (recoil)।
🌿 बलों के प्रकार (Types of Forces)
1️⃣ संपर्क बल (Contact Forces):
जो प्रत्यक्ष संपर्क में लगते हैं।
➡️ जैसे – घर्षण बल, अभिलंब बल, तन्य बल आदि।
2️⃣ असंपर्क बल (Non-contact Forces):
जो दूरी पर कार्य करते हैं।
➡️ जैसे – गुरुत्वाकर्षण बल, विद्युत बल, चुंबकीय बल।
💡 घर्षण बल (Frictional Force)
➡️ यह वह बल है जो दो सतहों के बीच गति का विरोध करता है।
घर्षण बल की दिशा: गति की विपरीत दिशा में।
घर्षण के प्रकार:
1️⃣ स्थैतिक घर्षण (Static Friction): गति प्रारंभ करने से पहले का प्रतिरोध।
2️⃣ गतिज घर्षण (Kinetic Friction): गति के दौरान का प्रतिरोध।
3️⃣ संपर्कक घर्षण (Rolling Friction): पहिए के लुढ़कने पर उत्पन्न घर्षण।
घर्षण का अधिकतम मान:
fₘₐₓ = μₛ N
जहाँ μₛ = स्थैतिक घर्षण गुणांक, N = अभिलंब बल।
🧠 तन्य बल (Tension Force)
➡️ किसी डोरी या रस्सी में खिंचाव के कारण उत्पन्न बल को तन्य बल कहते हैं।
यह हमेशा डोरी के समान दिशा में बाहर की ओर कार्य करता है।
⚡ अभिलंब बल (Normal Force)
➡️ सतह द्वारा वस्तु पर लगाया गया बल, जो सतह के लंबवत होता है।
प्रतीक: N
उदाहरण: यदि कोई ब्लॉक क्षैतिज सतह पर रखा है, तो सतह द्वारा ऊपर की ओर N बल लगता है।
🔵 भार (Weight)
➡️ किसी वस्तु पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण लगने वाला बल भार कहलाता है।
W = m g
जहाँ g = 9.8 m/s² (गुरुत्व त्वरण)
✔️ भार एक सदिश राशि है जो सदैव नीचे (पृथ्वी की ओर) कार्य करता है।
🟢 मुक्त पिंड आरेख (Free Body Diagram – FBD)
💡 किसी वस्तु पर लगने वाले सभी बलों को एक चित्र में प्रदर्शित करने को मुक्त पिंड आरेख कहते हैं।
यह विश्लेषण को सरल बनाता है।
🔴 घर्षण रहित समतल पर गति (Motion on Smooth Surface)
➡️ यदि सतह घर्षण रहित है, तो वस्तु पर केवल आवश्यक बल कार्य करते हैं —
अभिलंब बल (N)
भार (mg)
अर्थात् बल का कोई अवरोध नहीं होता, इसलिए गति समान रहती है।
🟡 समान वृत्तीय गति में बल (Centripetal Force)
➡️ वृत्तीय गति के लिए आवश्यक बल केन्द्राभिमुख बल होता है।
F = m v² / r
✔️ यह हमेशा वृत्त के केन्द्र की ओर कार्य करता है।

✏️ न्यूटन के नियमों का संयुक्त अनुप्रयोग:
1️⃣ रॉकेट का उर्ध्वगमन – क्रिया-प्रतिक्रिया सिद्धान्त।
2️⃣ वाहन का मोड़ लेना – केन्द्राभिमुख बल।
3️⃣ ब्लॉक का फिसलना – घर्षण बल।
🟢 भाग 2 : सारांश (Summary)
🔹 गति के तीन नियम न्यूटन द्वारा प्रतिपादित किए गए।
🔹 पहला नियम — जड़त्व का सिद्धान्त।
🔹 दूसरा नियम — F = m a, बल और त्वरण का सम्बन्ध।
🔹 तीसरा नियम — क्रिया और प्रतिक्रिया बल बराबर पर विपरीत दिशा में।
🔹 घर्षण बल गति का विरोध करता है।
🔹 तन्य बल डोरी के साथ बाहर की ओर कार्य करता है।
🔹 भार = m g, सदैव नीचे की ओर।
🔹 केन्द्राभिमुख बल = m v² / r, वृत्तीय गति को बनाए रखता है।
📝 त्वरित पुनरावलोकन (Quick Recap)
1️⃣ 💡 F = m a — बल और त्वरण का मूल सम्बन्ध।
2️⃣ ⚡ प्रत्येक क्रिया के बराबर प्रतिक्रिया बल होता है।
3️⃣ 🌿 घर्षण बल गति का विरोध करता है।
4️⃣ 🧠 भार पृथ्वी की ओर, अभिलंब बल सतह के लम्बवत।
5️⃣ 🔵 वृत्तीय गति में बल केन्द्र की ओर होता है।
6️⃣ ✔️ न्यूटन के नियम सभी यांत्रिक गति की नींव हैं।
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पाठ्यपुस्त के प्रश्न
(सरलता हेतु संख्यात्मक गणनाओं में g = 10 m s⁻²)
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प्रश्न 4.1
निम्नलिखित पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा लिखिए :
(a) एकसमान चाल से नीचे गिरती वर्षा की कोई बूँद,
(b) जल में तैरता 10 g … का कोई कण, (स्कैन में यह एक शब्द अस्पष्ट है; शेष प्रश्न अक्षरशः)
(c) कुशलता से आकाश में स्थिर रोकी गई कोई पतंग,
(d) 30 km h⁻¹ के एकसमान वेग से उबड़–खाबड़ सड़क पर गतिशील कोई कार,
(e) सभी गुरुत्वीय क्षेत्रों से दूर तथा विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों से मुक्त, अंतरिक्ष में तीव्र चाल वाला इलेक्ट्रॉन।
उत्तर 4.1
➡️ एकसमान चाल/स्थिर अवस्था ⇒ नेट बल = 0 N (दिशा लागू नहीं)
(a) ✔️ 0 N (टर्मिनल वेग पर बूँद)
(b) ✔️ 0 N (तैरने पर भार = उपथर्स्ट)
(c) ✔️ 0 N (तनाव, भार, घर्षण का संतुलन)
(d) ✔️ 0 N (इंजन बल = प्रतिरोध, क्षैतिज नेट 0)
(e) ✔️ 0 N (दूरस्थ, E/B/गुरुत्व शून्य)
प्रश्न 4.2
0.05 kg द्रव्यमान का कोई कंकड़ ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंका गया है। नीचे दी गई प्रत्येक परिस्थिति में कंकड़ पर लग रहे नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा लिखिए :
(a) ऊपर की गति के समय,
(b) नीचे की गति के समय,
(c) उच्चतम बिंदु पर, जहाँ वेग शून्य पर रहता है। यदि कंकड़ को क्षैतिज दिशा से 45° कोण पर फेंका जाए, तो क्या आपके उत्तर में कोई परिवर्तन होगा?
(वायु–प्रतिरोध को उपेक्षणीय मानिए।)
उत्तर 4.2
m = 0.05 kg, g = 10 ⇒ mg = 0.50 N नीचे की ओर
(a) 0.50 N नीचे, (b) 0.50 N नीचे, (c) 0.50 N नीचे।
💡 तिर्यक फेंकने पर भी नेट बल = mg नीचे (कोई परिवर्तन नहीं)।
प्रश्न 4.3
0.1 kg पत्थर के प्रत्येक पर स्थित नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थितियों में ज्ञात कीजिए :
(a) पत्थर को स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात,
(b) पत्थर को 36 km h⁻¹ की एकसमान चाल से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात,
(c) पत्थर को 1 m s⁻¹ के वेग से रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात,
(d) पत्थर 1 m s⁻² के समान त्वरण वाली रेलगाड़ी के फर्श पर पड़ा हो और रेलगाड़ी के समक्ष दिशा में हो।
(वायु–प्रतिरोध उपेक्षणीय)
उत्तर 4.3
m = 0.1 kg, g = 10
(a)–(c) गिरते ही केवल भार: |F| = mg = 1.0 N नीचे।
(d) फर्श पर टिके रहने हेतु क्षैतिज स्थैतिक घर्षण f = ma = 0.1×1 = 0.10 N आगे; साथ ही भार 1.0 N नीचे।
➡️ नेट परिमाण = √(1.0² + 0.10²) ≈ 1.005 N, दिशा: नीचे की ओर से ~tan⁻¹(0.10/1.0) ≈ 5.7° आगे की ओर झुकी।
प्रश्न 4.4
l लंबाई की एक डोरी का एक सिरा m द्रव्यमान के किसी कण से तथा दूसरा सिरा चिकनी क्षैतिज मेज़ पर लगी खूँटी से बँधा है। यदि कण u चाल से वृत्त में गति करता है तो कण पर (केंद्र की ओर निर्देशित) नेट बल है :
(i) T, (ii) T − mu²/l, (iii) T + mu²/l, (iv) 0
(T डोरी में तनाव है।)
उत्तर 4.4
✔️ सही विकल्प: (i) T
क्योंकि क्षैतिज दिशा में एकमात्र बल तनाव T है और T = mu²/l (यही अभिकेन्द्री नेट बल है)।
प्रश्न 4.5
15 m s⁻¹ की आरंभिक चाल से गतिशील 20 kg सलीज़ के किसी पिंड पर 50 N का स्थायी मन्दन बल आरोपित किया गया है। पिंड को रुकने में कितना समय लगेगा?
उत्तर 4.5
a = F/m = 50/20 = 2.5 m s⁻² (विपरीत दिशा)
t = u/a = 15/2.5 = 6 s.
प्रश्न 4.6
3.0 kg पिंड पर आरोपित कोई बल 25 s में उसकी चाल को 2.0 m s⁻¹ से 3.5 m s⁻¹ कर देता है। (दिशा अपरिवर्तित) बल का परिमाण व दिशा क्या है?
उत्तर 4.6
a = (v − u)/t = (3.5 − 2.0)/25 = 0.06 m s⁻²
F = ma = 3.0 × 0.06 = 0.18 N, दिशा: गति की दिशा में।
प्रश्न 4.7
4.0 kg पिंड के किसी बिंदु पर 8 N व 6 N के दो लम्बवत बल कार्यशील हों। पिंड के त्वरण का परिमाण व दिशा ज्ञात कीजिए।
उत्तर 4.7
F_res = √(8² + 6²) = 10 N
a = F/m = 10/4 = 2.5 m s⁻²
दिशा: tanθ = 6/8 ⇒ θ ≈ 36.9°, 8 N के अनुदिश से 6 N की ओर।
प्रश्न 4.8
36 km h⁻¹ की चाल से गतिमान कोई वाहन चालक सड़क के बीच एक बच्चे को देखकर 4.0 s में वाहन रोक देता है। यदि वाहन बच्चे के ठीक निकट रुकता है, तो वाहन पर लगा औसत मन्दन बल क्या है? (वाहन व चालक के कुल द्रव्यमान क्रमशः ~ 400 kg व 65 kg माने गए हैं।)
उत्तर 4.8
u = 36 km h⁻¹ = 10 m s⁻¹, v = 0, t = 4 s
a = (v − u)/t = −10/4 = −2.5 m s⁻²
कुल m ≈ 400 + 65 = 465 kg
F_avg = m|a| = 465 × 2.5 = 1.16 × 10³ N (गति के विपरीत)।
प्रश्न 4.9
20,000 kg द्रव्यमान वाली किसी रॉकेट को 5 m s⁻² के ऊर्ध्व आरंभिक त्वरण के साथ प्रक्षेप किया जाता है। रॉकेट का आरंभिक प्रेरक बल (थ्रस्ट) ज्ञात कीजिए।
उत्तर 4.9
थ्रस्ट = m(g + a) = 20000 × (10 + 5) = 3.0 × 10⁵ N (ऊर्ध्व)।
प्रश्न 4.10
उत्तर की ओर 10 m s⁻¹ की एकसमान आरंभिक चाल से गतिमान 0.40 kg पिंड पर पश्चिम दिशा के अनुदिश 8.0 N का स्थायी बल 30 s तक आरोपित किया गया। जिस क्षण बल आरोपित किया गया उसे t = 0 तथा उस समय पिंड की स्थिति x = 0 मानिए। t = 5 s, 25 s, 100 s पर इस कण की स्थिति क्या होगी?
उत्तर 4.10
धुरी: +x = पश्चिम, +y = उत्तर
aₓ = F/m = 8/0.40 = 20 m s⁻², uₓ = 0, u_y = 10, a_y = 0
x(t) = ½ aₓ t² = 10 t², y(t) = u_y t = 10 t
➡️ t = 5 s: (x, y) = (250 m, 50 m)
➡️ t = 25 s: (x, y) = (6250 m, 250 m)
➡️ t = 100 s: (x, y) = (100000 m, 1000 m)
प्रश्न 4.11
कोई ट्रक विश्रामावस्था से गति आरंभ करके 2.0 m s⁻² के समान त्वरण से गतिशील रहता है। t = 10 s पर, ट्रक के ऊपर खड़ा एक व्यक्ति धरती से 6 m ऊँचाई से कोई वस्तु बाहर गिराता है। t = 11 s पर, वस्तु का (a) वेग, तथा (b) स्थान क्या है? (वायु–प्रतिरोध उपेक्षणीय)
उत्तर 4.11
t_drop = 10 s पर ट्रक का क्षैतिज वेग: vₓ₀ = a t = 2×10 = 20 m s⁻¹
गिराने पर वस्तु के प्रारंभिक घटक: uₓ = 20, u_y = 0, ऊँचाई h = 6 m
Δt = 1 s (11 s − 10 s), g = 10
(a) वेग घटक: vₓ = 20 (अपरिवर्तित), v_y = gΔt = 10 m s⁻¹ (नीचे)
वेग का परिमाण |v| = √(20² + 10²) = √500 = 22.36 m s⁻¹; दिशा: tanθ = 10/20 ⇒ θ = 26.6° क्षैतिज से नीचे।
(b) स्थान: क्षैतिज दूरी x = uₓ Δt = 20 m आगे; ऊर्ध्व स्थिति: y = h − ½ gΔt² = 6 − 5 = 1 m ऊँचाई पर।
प्रश्न 4.11
कोई ट्रक विश्रामावस्था से गति आरंभ करके 2.0 m s⁻² के समान त्वरण से गतिशील रहता है। t = 10 s पर, ट्रक के ऊपर खड़ा एक व्यक्ति धरती से 6 m की ऊँचाई से कोई पत्थर बाहर गिराता है। t = 11 s पर, पत्थर का (a) वेग, तथा (b) स्थान ज्ञात कीजिए।
(वायु–प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।)
उत्तर 4.11
🧮 दिया गया:
aₓ = 2.0 m s⁻², t_drop = 10 s, h = 6 m, g = 10 m s⁻²
🧮 चरण 1:
t_drop पर ट्रक का क्षैतिज वेग vₓ₀ = aₓt = 2×10 = 20 m s⁻¹
गिराने पर पत्थर के आरंभिक घटक:
uₓ = 20 m s⁻¹, u_y = 0, Δt = 1 s
🧮 चरण 2:
(a) वेग घटक:
vₓ = 20 (अपरिवर्तित), v_y = gΔt = 10×1 = 10 m s⁻¹ नीचे
⇒ |v| = √(20² + 10²) = 22.36 m s⁻¹
दिशा: tanθ = 10/20 ⇒ θ = 26.6° क्षैतिज से नीचे
🧮 चरण 3:
(b) स्थिति:
x = uₓΔt = 20×1 = 20 m आगे
y = h − ½ gΔt² = 6 − 5 = 1 m ऊँचाई पर
✔️ अतः: वेग = 22.36 m s⁻¹, दिशा 26.6°, स्थिति (20 m, 1 m)।
प्रश्न 4.12
किसी समतल सतह से 2 m लंबी डोरी व 0.1 kg द्रव्यमान की गोलक को लटकाकर स्थिर अवस्था में रखा गया। गोलक पर 1 m s⁻¹ की क्षैतिज चाल से कोई वायु प्रवाह कार्य करता है। (a) गोलक का विचलन कोण θ ज्ञात करें, (b) तनाव T ज्ञात करें।
उत्तर 4.12
🧮 चरण 1:
डोरी पर बल संतुलन:
T cosθ = mg … (i)
T sinθ = m v² / r … (ii)
यहाँ r = L sinθ
tanθ = v² / (r g) = v² / (L sinθ g)
यह एक अचर समीकरण है।
क्योंकि θ बहुत छोटा है, sinθ ≈ θ (रेडियन में) मानें,
⇒ θ = v² / (Lg) = 1² / (2×10) = 0.05 rad = 2.86°
🧮 चरण 2:
T = mg / cosθ ≈ 0.1×10 / cos(2.86°) = 1.00 N (लगभग)
✔️ अतः विचलन कोण = 2.86°, तनाव = 1.00 N।
प्रश्न 4.13
किसी व्यक्ति की द्रव्यमान 70 kg है और वह किसी लिफ्ट में तुला पर खड़ा है जो :
(a) 10 m s⁻² के एकसमान त्वरण से ऊपर जा रही है,
(b) 5 m s⁻² के एकसमान त्वरण से नीचे जा रही है,
(c) 5 m s⁻¹ की एकसमान चाल से ऊपर जा रही है,
(d) यदि रस्सी टूट जाए तो व्यक्ति का पठनीय भार क्या होगा?
उत्तर 4.13
m = 70 kg, g = 10 m s⁻²
(a) N = m(g + a) = 70(10 + 10) = 1400 N
(b) N = m(g − a) = 70(10 − 5) = 350 N
(c) N = mg = 70×10 = 700 N
(d) रस्सी टूटने पर मुक्त पतन ⇒ N = 0
✔️ अतः पठनीय भार: (a) 1400 N, (b) 350 N, (c) 700 N, (d) 0 N
प्रश्न 4.14
चित्र 4.16 में 4 kg पिंड के स्थिति–समय ग्राफ दर्शाया गया है।
(a) t < 0; t > 4 s; 0 < t < 4 s के लिए पिंड पर लगने वाले बल का परिमाण क्या है?
(b) t = 0 तथा t = 4 s पर बल का क्या मान है?
(केवल एक आयामी गति पर विचार कीजिए।)
उत्तर 4.14
🧮 विश्लेषण:
चित्र से: 0–4 s में स्थिति 0 से 3 m ⇒ समान गति
t > 4 s पर स्थिति स्थिर ⇒ गति शून्य
(a) 0 < t < 4 s: v = (3−0)/4 = 0.75 m/s ⇒ a = 0 ⇒ F = 0
t > 4 s: स्थिर ⇒ v = 0 ⇒ F = 0
t < 0: स्थिति नहीं बदलती ⇒ F = 0
(b) t = 0 या 4 s पर भी त्वरण में कोई परिवर्तन नहीं ⇒ F = 0
✔️ पिंड पर प्रत्येक समय बल = 0 N
प्रश्न 4.15
किसी क्षैतिज मेज़ पर रखे 10 kg तथा 20 kg के दो पिंड एक-दूसरे से जुड़े हैं। किसी एक छोर पर 600 N का क्षैतिज बल लगाया गया है। यदि घर्षण उपेक्षणीय है —
(a) दोनों का त्वरण ज्ञात करें।
(b) दोनों के बीच डोरी में तनन ज्ञात करें।
उत्तर 4.15
m₁ = 10 kg, m₂ = 20 kg, F = 600 N
कुल द्रव्यमान = 30 kg
(a) a = F / (m₁ + m₂) = 600/30 = 20 m s⁻²
(b) डोरी तनन = पीछे वाले पिंड को खींचने वाला बल = m₁ a = 10×20 = 200 N
✔️ त्वरण = 20 m/s², तनन = 200 N.
प्रश्न 4.16
8 kg तथा 12 kg के दो पिंड एक-दूसरे से जुड़े हैं और 600 N का बल उनके एक सिरे पर कार्य करता है। बल क्षैतिज दिशा में है और घर्षण नगण्य है।
(a) दोनों का त्वरण ज्ञात करें।
(b) दोनों के बीच डोरी में तनन ज्ञात करें।
उत्तर 4.16
m₁ = 8 kg, m₂ = 12 kg, F = 600 N
कुल द्रव्यमान = 20 kg
(a) a = F / (m₁ + m₂) = 600/20 = 30 m s⁻²
(b) तनन T = m₁ a = 8×30 = 240 N
✔️ त्वरण = 30 m/s², तनन = 240 N.
प्रश्न 4.17
[स्कैन के आरम्भिक शब्द धुंधले हैं, पर आशय स्पष्ट है:]
प्रयोगशाला के जड़त्वीय फ्रेम में कोई कण/नाभिक विश्राम में है। यदि वह टूटकर/विघटित होकर दो भागों में बँट जाता है, तो दिखाइए कि उत्पाद विपरीत दिशाओं में गति करेंगे।
उत्तर 4.17
💡 संवेग संरक्षण: प्रारम्भ में कुल संवेग 0 (कण विश्राम में)।
यदि द्रव्यमान m₁, m₂ हों और वेग v₁, v₂ हों, तो
🔹 Σp = 0 ⇒ m₁v₁ + m₂v₂ = 0 ⇒ m₁v₁ = − m₂v₂
➡️ अतः दोनों के संवेग बराबर–विपरीत एवं दिशाएँ विपरीत होंगी।
(बाह्य बल न होने पर आन्तरिक विखंडन बल कुल संवेग नहीं बदलता।)
प्रश्न 4.18
दो बिलियर्ड गेंदें, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान 0.05 kg है, 6 m s⁻¹ की चाल से विपरीत दिशाओं में गति कर रही हैं और आमने-सामने संघट्ट करके उसी चाल से लौट आती हैं। प्रत्येक गेंद पर दूसरी गेंद कितना आवेग लगाती है?
उत्तर 4.18
🔹 एक गेंद के लिए परिवर्तन संवेग:
Δp = m(v_f − v_i) = 0.05[ (−6) − (+6) ] = −0.05×12 = −0.60 kg m s⁻¹
➡️ आवेग का परिमाण 0.60 N s (दिशा विपरीत)।
⭕ दूसरी गेंद पर भी 0.60 N s (बराबर व विपरीत)।
प्रश्न 4.19
100 kg द्रव्यमान की किसी तोप द्वारा 0.020 kg का गोला दागा जाता है। यदि गोले की नालमुखी चाल 80 m s⁻¹ है, तो तोप की प्रतिक्षेप चाल क्या है?
उत्तर 4.19
🧮 0 = M V + m v ⇒ V = −(m v)/M
= −(0.020×80)/100 = −0.016 m s⁻¹
➡️ परिमाण 0.016 m s⁻¹ (गोले की विपरीत दिशा में)।
प्रश्न 4.20
कोई बल्लेबाज किसी गेंद को 45° के कोण पर विक्षेपित कर देता है। ऐसा करने में वह गेंद की आरंभिक चाल 54 km h⁻¹ (= 15 m s⁻¹) को नहीं बदलता। गेंद को कितना आवेग दिया जाता है? (गेंद का द्रव्यमान 0.15 kg)
उत्तर 4.20
💡 चाल समान, केवल दिशा बदली ⇒ वेग के बीच कोण θ = 45°।
|Δv| = √(v² + v² − 2v² cosθ) = 2v sin(θ/2)
= 2(15) sin 22.5° ≈ 30×0.3827 = 11.48 m s⁻¹
➡️ आवेग J = m|Δv| = 0.15×11.48 ≈ 1.72 N s, दिशा: प्रारम्भिक से अंतिम वेग की ओर।
(यदि θ का अर्थ भिन्न दिया जाए तो J = 2mv sin(θ/2) सूत्र से उसी अनुसार रखें।)
प्रश्न 4.21
किसी डोरी के एक सिरे से बाँधा 0.25 kg द्रव्यमान का कोई पत्थर क्षैतिज तल में 1.5 m त्रिज्या के वृत्त पर 40 rev/min की चाल से चक्कर लगाता है। डोरी में तनाव कितना है? यदि डोरी 200 N के अधिकतम तनाव को सहन कर सकती है, तो वह अधिकतम चाल तथा अधिकतम कोणीय आवृत्ति जिससे पत्थर को घुमाया जा सकता है, क्या होगी?
उत्तर 4.21
🔹 ω = 40×(2π)/60 = 4.188 rad s⁻¹
v = ω r = 4.188×1.5 = 6.283 m s⁻¹
T = m v² / r = 0.25×(6.283)² / 1.5 ≈ 6.58 N
🔹 T_max = 200 N ⇒ v_max = √(T_max r / m)
= √(200×1.5/0.25) = √1200 = 34.64 m s⁻¹
ω_max = v_max / r = 34.64/1.5 = 23.09 s⁻¹
rev/min = (ω_max/2π)×60 ≈ 221 rpm.
प्रश्न 4.22
यदि अभ्यास 4.21 में पत्थर की चाल को अधिकतम निर्भरित सीमा से भी अधिक कर दिया जाए तथा डोरी अचानक टूट जाए, तो डोरी के टूटने के पश्चात पत्थर के प्रक्षेप का सही वर्णन निम्नलिखित में से कौन करता है :
(a) वह पत्थर झटके के साथ त्रिज्यात: बाहर की ओर जाता है।
(b) डोरी टूटने के क्षण पत्थर स्पर्शरेखीय पथ पर उड़ जाता है।
(c) पत्थर स्पर्शी से किसी कोण पर, जिसका परिमाण पत्थर की चाल पर निर्भर करता है, उड़ जाता है।
उत्तर 4.22
✔️ सही: (b) — जड़त्व के कारण स्पर्शरेखा की दिशा में गति।
(a), (c) गलत — त्रिज्या की दिशा में कोई तात्कालिक बल नहीं, चाल पर कोण निर्भर नहीं।
प्रश्न 4.23
स्पष्ट कीजिए कि क्यों :
(a) कोई घोड़ा तिरछ दिशस्थान में किसी गाड़ी को खींचते हुए दौड़ नहीं सकता।
(b) किसी तीव्र गति से चल रही बस के अचानक रुकने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं।
(c) लान मूवर को धकेलने की तुलना में खींचना आसान होता है।
(d) क्रिकेट का खिलाड़ी गेंद को लपकते समय अपने हाथ गेंद के साथ पीछे को खींचता है।
उत्तर 4.23
(a) 🔹 घर्षण का क्षैतिज घटक ही खींचने की दिशा में कार्य कर गाड़ी को खींचता है। तिरछा (आड़े–टेढ़े) खींचने पर सामान्य अभिक्रिया बदलती है, उपलब्ध घर्षण घट जाता है; अतः दौड़ते हुए प्रभावी खिंचाव नहीं मिल पाता।
(b) 🔹 जड़त्व का नियम — बस रुकती है पर यात्रियों का शरीर पूर्व चाल से आगे बढ़ना चाहता है; सीट/फर्श के सहारे रुकने तक वे आगे की ओर झुक/फिसल सकते हैं।
(c) 🔹 धकेलने पर बल का ऊर्ध्व घटक नीचे की ओर होता है ⇒ सामान्य अभिक्रिया बढ़ती है ⇒ घर्षण μN बढ़ जाता है ⇒ चलाना कठिन।
🔹 खींचने पर ऊर्ध्व घटक ऊपर की ओर ⇒ N घटता है ⇒ μN घटता है ⇒ चलाना आसान।
(d) 🔹 कैच लेते समय समय Δt बढ़ाने से औसत बल F = Δp/Δt कम हो जाता है; हाथ पीछे ले जाने से रोकने का समय बढ़ता है ⇒ चोट कम, सुरक्षित कैच।
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
✳️ Section A — बहुविकल्पी प्रश्न (Q1–Q18)
Question 1:
किसी वस्तु की अवस्था (विश्राम या गति) को बदलने वाला कारण क्या है?
🔵 (A) ऊर्जा
🟢 (B) बल
🟠 (C) कार्य
🔴 (D) दूरी
Answer: (B) बल
Question 2:
1 न्यूटन बल की परिभाषा क्या है?
🔵 (A) वह बल जो 1 g द्रव्यमान को 1 m/s² का त्वरण दे।
🟢 (B) वह बल जो 1 kg द्रव्यमान को 1 m/s² का त्वरण दे।
🟠 (C) वह बल जो 1 kg द्रव्यमान को 10 m/s² का त्वरण दे।
🔴 (D) वह बल जो 1 g द्रव्यमान को 10 m/s² का त्वरण दे।
Answer: (B) वह बल जो 1 kg द्रव्यमान को 1 m/s² का त्वरण दे।
Question 3:
न्यूटन का पहला नियम क्या बताता है?
🔵 (A) बल और त्वरण का सम्बन्ध
🟢 (B) जड़त्व का सिद्धान्त
🟠 (C) क्रिया-प्रतिक्रिया
🔴 (D) द्रव्यमान और भार
Answer: (B) जड़त्व का सिद्धान्त
Question 4:
किसी वस्तु की अपनी अवस्था बनाए रखने की प्रवृत्ति कहलाती है —
🔵 (A) बल
🟢 (B) जड़त्व
🟠 (C) द्रव्यमान
🔴 (D) गति
Answer: (B) जड़त्व
Question 5:
किसी वस्तु पर लगाया गया बल यदि दोगुना किया जाए तो उसका त्वरण —
🔵 (A) आधा
🟢 (B) दोगुना
🟠 (C) समान
🔴 (D) शून्य
Answer: (B) दोगुना
Question 6:
न्यूटन के दूसरे नियम का गणितीय रूप है —
🔵 (A) F = m / a
🟢 (B) F = m a
🟠 (C) F = m² a
🔴 (D) F = a / m
Answer: (B) F = m a
Question 7:
क्रिया-प्रतिक्रिया बल —
🔵 (A) एक ही वस्तु पर लगते हैं
🟢 (B) दो भिन्न वस्तुओं पर लगते हैं
🟠 (C) केवल गतिशील वस्तु पर लगते हैं
🔴 (D) केवल विश्राम अवस्था में लगते हैं
Answer: (B) दो भिन्न वस्तुओं पर लगते हैं
Question 8:
किसी ब्लॉक का भार 10 N है और वह क्षैतिज सतह पर रखा है। अभिलंब बल का परिमाण क्या होगा?
🔵 (A) 0 N
🟢 (B) 5 N
🟠 (C) 10 N
🔴 (D) 20 N
Answer: (C) 10 N
Question 9:
यदि किसी वस्तु पर शुद्ध बल शून्य हो, तो —
🔵 (A) वस्तु का त्वरण बढ़ेगा
🟢 (B) वस्तु की गति समान रहेगी
🟠 (C) वस्तु रुक जाएगी
🔴 (D) वस्तु पर ऊर्जा बढ़ेगी
Answer: (B) वस्तु की गति समान रहेगी
Question 10:
न्यूटन का तीसरा नियम कहता है —
🔵 (A) प्रत्येक क्रिया का समान दिशा में बल होता है।
🟢 (B) प्रत्येक क्रिया का विपरीत दिशा में समान बल होता है।
🟠 (C) बल का परिमाण परिवर्तनशील है।
🔴 (D) बल दिशा पर निर्भर नहीं करता।
Answer: (B) प्रत्येक क्रिया का विपरीत दिशा में समान बल होता है।
Question 11:
बल की SI इकाई क्या है?
🔵 (A) जूल
🟢 (B) न्यूटन
🟠 (C) पास्कल
🔴 (D) वाट
Answer: (B) न्यूटन
Question 12:
घर्षण बल की दिशा होती है —
🔵 (A) गति की दिशा में
🟢 (B) गति के विपरीत
🟠 (C) बल के समान दिशा में
🔴 (D) ऊर्ध्वाधर दिशा में
Answer: (B) गति के विपरीत
Question 13:
घर्षण बल का अधिकतम मान —
🔵 (A) fₘₐₓ = μₖ N
🟢 (B) fₘₐₓ = μₛ N
🟠 (C) fₘₐₓ = N / μₛ
🔴 (D) fₘₐₓ = μ² N
Answer: (B) fₘₐₓ = μₛ N
Question 14:
यदि किसी ब्लॉक पर 20 N बल लगाया गया और उसका द्रव्यमान 4 kg है, तो उसका त्वरण होगा —
🔵 (A) 2 m/s²
🟢 (B) 4 m/s²
🟠 (C) 5 m/s²
🔴 (D) 10 m/s²
Answer: (C) 5 m/s²
Question 15:
किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर —
🔵 (A) द्रव्यमान से स्वतंत्र होता है
🟢 (B) g के सीधे अनुपाती होता है
🟠 (C) द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है
🔴 (D) सदैव स्थिर रहता है
Answer: (B) g के सीधे अनुपाती होता है
Question 16:
वृत्तीय गति के लिए आवश्यक बल कहलाता है —
🔵 (A) घर्षण बल
🟢 (B) केन्द्राभिमुख बल
🟠 (C) तन्य बल
🔴 (D) अभिलंब बल
Answer: (B) केन्द्राभिमुख बल
Question 17:
क्रिया और प्रतिक्रिया बलों का परिमाण —
🔵 (A) समान
🟢 (B) असमान
🟠 (C) शून्य
🔴 (D) परिवर्ती
Answer: (A) समान
Question 18:
यदि कोई वस्तु सतह पर स्थिर हो, तो अभिलंब बल का मान बराबर होगा —
🔵 (A) शून्य
🟢 (B) भार (mg) के
🟠 (C) mg/2 के
🔴 (D) mg² के
Answer: (B) भार (mg) के
Question 19:
न्यूटन के तीन गति के नियम संक्षेप में लिखिए।
Answer:
➡️ पहला नियम (जड़त्व का नियम):
यदि किसी वस्तु पर कोई बाहरी बल कार्य नहीं करता, तो वह अपनी विश्राम या समान वेग वाली गति की अवस्था बनाए रखती है।
➡️ दूसरा नियम (बल और त्वरण का नियम):
वस्तु पर लगाया गया बल, द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
F = m a
➡️ तीसरा नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम):
प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है।
F₁₂ = −F₂₁
Question 20:
जड़त्व (Inertia) क्या है? इसके प्रकार लिखिए।
Answer:
💡 किसी वस्तु की अपनी अवस्था बनाए रखने की प्रवृत्ति को जड़त्व कहते हैं।
प्रकार:
1️⃣ विश्राम का जड़त्व: स्थिर वस्तु बल न लगने तक स्थिर रहती है।
2️⃣ गति का जड़त्व: गतिशील वस्तु बल न लगने तक चलती रहती है।
3️⃣ दिशा का जड़त्व: वस्तु की गति की दिशा तब तक नहीं बदलती जब तक बाहरी बल न लगाया जाए।
Question 21:
अभिलंब बल (Normal Force) क्या है?
Answer:
➡️ सतह द्वारा किसी वस्तु पर लगाया गया बल जो सतह के लंबवत (normal) होता है, उसे अभिलंब बल कहते हैं।
यह वस्तु के भार का संतुलन करता है।
उदाहरण:
यदि कोई ब्लॉक मेज पर रखा है, तो सतह द्वारा ऊपर की ओर लगाया गया बल N = mg के बराबर होगा।
Question 22:
घर्षण बल की परिभाषा दीजिए और इसके प्रकार लिखिए।
Answer:
💡 जब दो सतहें संपर्क में होती हैं और एक सतह दूसरी पर फिसलने का प्रयास करती है, तो गति का विरोध करने वाला बल घर्षण बल कहलाता है।
प्रकार:
1️⃣ स्थैतिक घर्षण (Static): गति प्रारंभ होने से पहले।
2️⃣ गतिज घर्षण (Kinetic): गति के दौरान।
3️⃣ संपर्कक घर्षण (Rolling): पहिए के लुढ़कने पर।
घर्षण का अधिकतम मान:
fₘₐₓ = μₛ N
Question 23:
क्रिया और प्रतिक्रिया बलों में क्या अन्तर है?
Answer:
➡️ जब कोई वस्तु दूसरी वस्तु पर बल लगाती है, तो दूसरी वस्तु भी पहली पर समान परिमाण का परन्तु विपरीत दिशा में बल लगाती है।
पहले बल को क्रिया बल और दूसरे को प्रतिक्रिया बल कहा जाता है।
💡 मुख्य बिंदु:
🔹 दोनों बलों का परिमाण समान होता है।
🔹 दोनों बल विपरीत दिशा में कार्य करते हैं।
🔹 दोनों बल भिन्न वस्तुओं पर लगते हैं।
🔹 ये दोनों बल एक ही समय पर लगते हैं।
✔️ निष्कर्ष:
क्रिया और प्रतिक्रिया बल परिमाण में समान, दिशा में विपरीत तथा एक ही समय पर अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं।
🔴 Section C — मध्य-लंबाई प्रश्न (Q24–Q27)
Question 24:
न्यूटन का दूसरा नियम सिद्ध कीजिए।
Answer:
➡️ मान लीजिए किसी वस्तु का द्रव्यमान m है, और उस पर बल F लगाया गया जिससे उसका वेग u से v तक t समय में बदलता है।
🔹 आरंभिक संवेग = m u
🔹 अंतिम संवेग = m v
संवेग में परिवर्तन = m(v − u)
समय t में परिवर्तन हुआ ⇒
बल = संवेग परिवर्तन / समय
अर्थात्
F = (m(v − u))/t
या
F = m a
✔️ निष्कर्ष:
बल वस्तु के द्रव्यमान और उसके त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
Question 25:
मुक्त पिंड आरेख (Free Body Diagram) क्या है?
Answer:
💡 किसी वस्तु पर लगने वाले सभी बलों को एक चित्र में प्रदर्शित करना मुक्त पिंड आरेख (FBD) कहलाता है।
इससे बलों का विश्लेषण सरल होता है।
उदाहरण:
यदि कोई ब्लॉक क्षैतिज सतह पर है, तो उस पर तीन बल लगेंगे —
1️⃣ भार (W = mg) नीचे की ओर
2️⃣ अभिलंब बल (N) ऊपर की ओर
3️⃣ घर्षण बल (f) गति की विपरीत दिशा में
✔️ FBD संतुलन की स्थिति निर्धारित करने में सहायक है।
Question 26:
तन्य बल (Tension) क्या है?
Answer:
➡️ किसी रस्सी या डोरी में खिंचाव के कारण उत्पन्न बल को तन्य बल (Tension) कहा जाता है।
यह बल सदैव डोरी के साथ बाहर की ओर कार्य करता है।
उदाहरण:
यदि कोई वस्तु डोरी से लटकाई गई है, तो डोरी में उत्पन्न बल तन्य बल कहलाएगा।
संतुलन अवस्था में,
T = mg
✔️ दिशा: तन्य बल का कार्य डोरी के साथ वस्तु से दूर की ओर होता है।
Question 27:
घर्षण बल का उपयोग किन परिस्थितियों में आवश्यक है?
Answer:
💡 यद्यपि घर्षण गति का विरोध करता है, परंतु यह कई उपयोगी कार्यों में आवश्यक है:
1️⃣ चलने में (पैर और जमीन के बीच पकड़)।
2️⃣ वाहन के ब्रेक लगाने में।
3️⃣ कलम से लिखने में।
4️⃣ वस्तुओं को पकड़ने में।
5️⃣ मशीनों के हिस्सों में नियंत्रण हेतु।
✔️ यदि घर्षण न हो, तो दैनिक जीवन की अधिकांश गतियाँ असंभव होंगी।
🔵 Section D — दीर्घ उत्तर प्रश्न (Q28–Q31)
Question 28:
न्यूटन के पहले गति के नियम को प्रयोग सहित समझाइए।
Answer:
➡️ नियम का कथन:
यदि किसी वस्तु पर कोई बाहरी बल कार्य नहीं करता, तो वस्तु अपनी विश्राम या समान वेग वाली गति की अवस्था बनाए रखती है।
💡 व्याख्या:
यह नियम वस्तु के जड़त्व (Inertia) को दर्शाता है।
बल का कार्य वस्तु की अवस्था में परिवर्तन लाने के लिए आवश्यक होता है।
उदाहरण:
1️⃣ जब वाहन अचानक चलना शुरू करता है, तो यात्री पीछे की ओर झुक जाता है — क्योंकि उसका शरीर विश्राम की अवस्था बनाए रखना चाहता है।
2️⃣ यदि वाहन अचानक रुकता है, तो यात्री आगे की ओर झुकता है — क्योंकि शरीर गति की अवस्था बनाए रखना चाहता है।
✔️ निष्कर्ष:
यह नियम बताता है कि बल ही गति या विश्राम की अवस्था में परिवर्तन का कारण है।
Question 29:
न्यूटन के दूसरे नियम का सिद्धान्त एवं समीकरण सिद्ध कीजिए।
Answer:
➡️ मान लीजिए किसी वस्तु का द्रव्यमान m है और उस पर बल F लगाया गया जिससे उसका वेग u से v तक t समय में बदल जाता है।
🧠 चरण-दर-चरण समाधान:
🔹 प्रारंभिक संवेग = m u
🔹 अंतिम संवेग = m v
🔹 संवेग में परिवर्तन = m(v − u)
समय t में परिवर्तन हुआ ⇒
बल = संवेग परिवर्तन / समय
अर्थात्
F = (m(v − u)) / t
क्योंकि (v − u)/t = a,
⟹ F = m a
✔️ निष्कर्ष:
बल वस्तु के द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
Question 30:
न्यूटन के तीसरे नियम को सिद्ध कीजिए और एक उदाहरण दीजिए।
Answer:
➡️ नियम का कथन:
प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है।
💡 गणितीय रूप:
F₁₂ = −F₂₁
अर्थात् यदि कोई वस्तु A, वस्तु B पर बल लगाती है, तो वस्तु B समान परिमाण का परन्तु विपरीत दिशा में बल वस्तु A पर लगाती है।
उदाहरण:
1️⃣ बन्दूक से गोली दागने पर गोली आगे बढ़ती है और बन्दूक पीछे की ओर झटके से जाती है (recoil)।
2️⃣ व्यक्ति जब नाव से कूदता है, तो नाव विपरीत दिशा में पीछे की ओर जाती है।
✔️ निष्कर्ष:
क्रिया और प्रतिक्रिया बल समान परिमाण के पर विपरीत दिशा में कार्य करते हैं।
Question 31:
घर्षण बल का कार्य सिद्ध कीजिए और इसके प्रभाव लिखिए।
Answer:
➡️ घर्षण वह बल है जो दो सतहों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करता है।
घर्षण का सूत्र:
fₘₐₓ = μₛ N
जहाँ:
μₛ = स्थैतिक घर्षण गुणांक,
N = अभिलंब बल।
प्रभाव:
1️⃣ घर्षण गति का विरोध करता है।
2️⃣ यह वस्तु को रुकने में सहायता करता है।
3️⃣ अत्यधिक घर्षण यांत्रिक हानि उत्पन्न करता है।
4️⃣ उपयुक्त घर्षण दैनिक जीवन के लिए आवश्यक है (चलना, लिखना, वाहन रोकना आदि)।
✔️ निष्कर्ष:
घर्षण एक उपयोगी परन्तु नियंत्रित करने योग्य बल है जो गति को नियंत्रित करता है।
🟡 Section E — अनुप्रयोग / केस आधारित प्रश्न (Q32–Q33)
Question 32 (Case-based):
एक ब्लॉक का द्रव्यमान 2 kg है जो क्षैतिज सतह पर रखा है। यदि उस पर 10 N का बल लगाया जाता है और घर्षण गुणांक μₖ = 0.2 है, तो उसका त्वरण ज्ञात कीजिए।
(g = 10 m/s²)
Answer:
🧮 दिया गया:
m = 2 kg, F = 10 N, μₖ = 0.2, g = 10 m/s²
➡️ घर्षण बल,
f = μₖ N = 0.2 × (2 × 10) = 4 N
➡️ शुद्ध बल,
Fₙₑₜ = F − f = 10 − 4 = 6 N
➡️ त्वरण,
a = Fₙₑₜ / m = 6 / 2 = 3 m/s²
✔️ उत्तर: वस्तु का त्वरण 3 m/s² है।
Question 33 (Application):
एक वस्तु को 20 m/s की चाल से ऊपर फेंका गया। यदि हवा का प्रतिरोध बल 2 N है और वस्तु का द्रव्यमान 1 kg है, तो वस्तु पर कार्य करने वाला शुद्ध बल ज्ञात कीजिए।
(g = 10 m/s²)
Answer:
🧮 दिया गया:
m = 1 kg, v = 20 m/s, g = 10 m/s², F_air = 2 N
➡️ भार,
W = m g = 1 × 10 = 10 N (नीचे की ओर)
➡️ कुल बल,
Fₙₑₜ = W + F_air = 10 + 2 = 12 N
✔️ उत्तर: वस्तु पर कार्य करने वाला शुद्ध बल 12 N नीचे की ओर है।
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