Class 11, PHYSICS (Hindi)

Class 11 : Physics (In Hindi) – अध्याय 3: समतल में गति

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन

🔵 भाग 1 : विस्तृत व्याख्या (Explanation)
➡️ परिचय
जब कोई वस्तु केवल एक ही रेखा (सीधी या वक्र) में चलती है, तो उसे एक आयामी गति (One-dimensional motion) कहते हैं।
किन्तु जब कोई वस्तु एक ही समय में दो दिशाओं में चलती है — जैसे पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण — तो उसकी स्थिति दो निर्देशांक (x, y) से व्यक्त की जाती है।
इस प्रकार की गति को समतल में गति (Motion in a Plane) कहा जाता है।



🟢 स्थिति सदिश (Position Vector)
➡️ यदि कोई वस्तु मूल बिन्दु O से P(x, y) बिन्दु तक पहुँची हो,
तो उसकी स्थिति को सदिश r = xî + yĵ द्वारा व्यक्त किया जाता है।
यहाँ
✏️ x = क्षैतिज दिशा में विस्थापन
✏️ y = ऊर्ध्वाधर दिशा में विस्थापन
💡 Concept: सदिश (Vector) वे राशियाँ हैं जिनमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।



🔴 विस्थापन सदिश (Displacement Vector)
यदि वस्तु की स्थिति P₁(x₁, y₁) से P₂(x₂, y₂) तक बदलती है, तो
➡️ विस्थापन सदिश = Δr = (x₂ − x₁)î + (y₂ − y₁)ĵ
इसका परिमाण:
|Δr| = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]

🟡 वेग (Velocity)
जब कोई वस्तु किसी निश्चित दिशा में समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है, तो उसे वेग कहते हैं।
➡️ औसत वेग = विस्थापन / समय
v_avg = (r₂ − r₁) / (t₂ − t₁)
क्षणिक वेग (Instantaneous Velocity):
v = dr/dt = vₓ î + vᵧ ĵ
जहाँ
vₓ = dx/dt
vᵧ = dy/dt
✔️ दिशा = विस्थापन की दिशा के समान होती है।

🌿 त्वरण (Acceleration)
➡️ जब किसी वस्तु का वेग समय के साथ बदलता है, तो उस परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।
a = dv/dt = aₓ î + aᵧ ĵ
जहाँ
aₓ = dvₓ/dt
aᵧ = dvᵧ/dt

💡 सदिश जोड़ (Vector Addition)
यदि दो सदिश A और B हों, तो
परिणामी सदिश R = A + B
और उसका परिमाण:
|R| = √(A² + B² + 2AB cosθ)
✔️ यह नियम सन्नति नियम (Triangle Law of Vector Addition) कहलाता है।

🔵 सदिश घटाव (Vector Subtraction)
A − B = A + (−B)
(−B) का अर्थ है B की दिशा के विपरीत समान परिमाण वाला सदिश।

🟢 अदिश गुणन (Adish Product)
A • B = AB cosθ
➡️ यह एक अदिश राशि देता है।
उदाहरण: बल • विस्थापन = कार्य (Work)

🔴 सदिश गुणन (Vector Product)
A × B = AB sinθ n̂
➡️ यह एक नया सदिश देता है जिसकी दिशा n̂ होती है (A और B के लम्बवत)।
उदाहरण: कोणीय संवेग (Angular Momentum), बलाघूर्ण (Torque)

🟡 समतल में प्रक्षेप्य गति (Projectile Motion)


💡 जब कोई वस्तु किसी कोण θ पर प्रारंभिक वेग u के साथ फेंकी जाती है, तो उसका पथ एक परवलय (Parabola) बनाता है।
➡️ घटक वेग
uₓ = u cosθ
uᵧ = u sinθ
➡️ समय के साथ वेग
vₓ = uₓ (स्थिर)
vᵧ = uᵧ − g t
➡️ समय के साथ स्थिति
x = uₓ t
y = uᵧ t − ½ g t²

✏️ प्रक्षेप्य की अधिकतम ऊँचाई (Maximum Height)
H = (u² sin²θ) / (2g)

उड़ान का समय (Time of Flight)
T = (2u sinθ) / g

🌿 क्षैतिज दूरी (Horizontal Range)
R = (u² sin2θ) / g
💡 अधिकतम रेंज तब होती है जब θ = 45°, तब
R_max = (u²) / g



🧠 समान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion)
जब कोई वस्तु समान गति से वृत्त पर घूमती है, तो उसकी दिशा निरन्तर बदलती रहती है।
इसलिए उसका वेग परिवर्तनशील होता है।
➡️ केन्द्राभिमुख त्वरण
a = v² / r
➡️ केन्द्राभिमुख बल
F = m v² / r
✔️ दिशा हमेशा वृत्त के केन्द्र की ओर होती है।

🔵 कोणीय वेग (Angular Velocity)
ω = θ / t
और रैखिक वेग (Linear velocity):
v = r ω

🟢 कोणीय विस्थापन (Angular Displacement)
वृत्त पर वस्तु द्वारा बनाया गया कोण θ कहलाता है।

💡 रेडियन और डिग्री संबंध
1 रेडियन = 180° / π

🔴 सदिशों का विश्लेषण (Resolution of Vectors)


कोई भी सदिश A को दो लम्बवत घटकों में विभाजित किया जा सकता है:
Aₓ = A cosθ
Aᵧ = A sinθ
➡️ परिणामी सदिश:
A = Aₓ î + Aᵧ ĵ
|A| = √(Aₓ² + Aᵧ²)

🌿 सापेक्ष गति (Relative Motion)
यदि दो वस्तुएँ एक साथ गतिशील हों, तो एक की गति दूसरे की सापेक्ष भिन्न होती है।
vₐᵦ = vₐ − vᵦ
✔️ दिशा और परिमाण दोनों पर निर्भर।

🧠 सारांशिक समीकरण (Summary Equations)
1️⃣ v = u + a t
2️⃣ s = u t + ½ a t²
3️⃣ v² = u² + 2 a s
4️⃣ R = (u² sin2θ)/g
5️⃣ a_c = v² / r

🔴 भौतिक उदाहरण
➡️ गेंद को कोण पर फेंकना → प्रक्षेप्य गति
➡️ पंखे के ब्लेड का घूमना → वृत्तीय गति
➡️ उपग्रह का पृथ्वी की परिक्रमा करना → केन्द्राभिमुख गति

🟢 भाग 2 : सारांश (Summary)
🔹 समतल में गति का अर्थ है — ऐसी गति जो दो दिशाओं (x और y) में होती है।
🔹 स्थिति सदिश: r = xî + yĵ
🔹 विस्थापन सदिश: Δr = (x₂ − x₁)î + (y₂ − y₁)ĵ
🔹 औसत वेग = विस्थापन / समय
🔹 त्वरण = dv/dt
🔹 सदिश जोड़ का नियम: |R| = √(A² + B² + 2AB cosθ)
🔹 प्रक्षेप्य गति के मुख्य सूत्र:
  H = (u² sin²θ)/(2g)
  T = (2u sinθ)/g
  R = (u² sin2θ)/g
🔹 समान वृत्तीय गति में केन्द्राभिमुख बल: F = m v² / r

📝 त्वरित पुनरावलोकन (Quick Recap)
1️⃣ 💡 समतल में गति दो दिशाओं में होती है — x और y।
2️⃣ ⚡ प्रक्षेप्य गति का पथ परवलय होता है।
3️⃣ 🌿 वृत्तीय गति में बल हमेशा केन्द्र की ओर होता है।
4️⃣ 🧠 सदिश जोड़ में दिशा और परिमाण दोनों का ध्यान रखना होता है।
5️⃣ ✔️ वेग, त्वरण और बल — सभी सदिश राशियाँ हैं।
6️⃣ 🔵 केन्द्राभिमुख बल = m v² / r

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पाठ्यपुस्त के प्रश्न

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प्रश्न 3.1
निम्नलिखित भौतिक राशियों में से बताइए कि कौन-सी सदिश हैं और कौन-सी अदिश :
आयतन, द्रव्यमान, चाल, त्वरण, घनत्व, मोल संख्या, वेग, कोणीय आवृत्ति, विस्थापन, कोणीय वेग।

उत्तर 3.1
🟢 अदिश: आयतन, द्रव्यमान, चाल, घनत्व, मोल संख्या, कोणीय आवृत्ति
🔵 सदिश: त्वरण, वेग, विस्थापन, कोणीय वेग

✏️ कारण (एक-एक चरण):
➡️ अदिश में केवल परिमाण होता है; दिशा नहीं।
➡️ सदिश में परिमाण के साथ दिशा भी होती है (जैसे वेग, त्वरण, विस्थापन, कोणीय वेग)।

प्रश्न 3.2
निम्नलिखित सूची में से दो अदिश राशियों को छाँटिए—
बल, कोणीय संवेग, कार्य, धारा, रैखिक संवेग, विद्युत क्षेत्र, औसत वेग, चुंबकीय आघूर्ण, आपेक्षिक वेग।

उत्तर 3.2
🟢 अदिश राशियाँ: कार्य, धारा

✏️ कारण: बल/संवेग/विद्युत क्षेत्र/औसत वेग/आपेक्षिक वेग/चुंबकीय आघूर्ण — सभी दिशा-युक्त सदिश हैं; कार्य और धारा का केवल परिमाण होता है।

प्रश्न 3.3
निम्नलिखित सूची में से एकमात्र सदिश राशि को छाँटिए—
ताप, दाब, आवेग, समय, शक्ति, पूरी पथ-लंबाई, ऊर्जा, गुरुत्वीय विभव, घर्षण गुणांक, आवेश।

उत्तर 3.3
🔵 सदिश राशि: आवेग

✏️ कारण: आवेग (समय-समाकलित बल) का दिशा वही होती है जो बल/संवेग परिवर्तन की होती है; शेष सभी अदिश हैं।

प्रश्न 3.4
कारण सहित बताइए कि अदिश तथा सदिश राशियों के साथ क्या निम्नलिखित बीजगणितीय क्रियाएँ अर्थपूर्ण हैं?
(a) दो अदिशों को जोड़ना,
(b) एक ही विमाओं के एक सदिश व एक अदिश को जोड़ना,
(c) एक सदिश को एक अदिश से गुणा करना,
(d) दो अदिशों का गुणन,
(e) दो सदिशों को जोड़ना,
(f) एक सदिश के घटक को उसी सदिश से जोड़ना।

उत्तर 3.4
(a) ✔️ अर्थपूर्ण — अदिश + अदिश → अदिश (विमाएँ एक-सी हों)।
(b) ❌ अर्थपूर्ण नहीं — सदिश + अदिश का कोई अर्थ नहीं (प्रकृति भिन्न)।
(c) ✔️ अर्थपूर्ण — अदिश×सदिश → सदिश (परिमाण स्केल होता है, दिशा वही रहती है)।
(d) ✔️ अर्थपूर्ण — अदिश×अदिश → अदिश (उदाहरण: कार्य = बल का अदिश परिमाण × विस्थापन का अदिश परिमाण नहीं; यहाँ मात्र सामान्य अदिश×अदिश का संदर्भ है)।
(e) ✔️ अर्थपूर्ण — सदिश + सदिश → सदिश (एक-सी विमाएँ व उपयुक्त संदर्भ आवश्यक)।
(f) ❌ अर्थपूर्ण नहीं — “घटक” यदि सदिश-घटक (a_x î इत्यादि) माना जाए तो सदिश + उसके किसी एक घटक का जोड़ भौतिक रूप से परिभाषित नहीं; केवल स्केलर-घटक a_x अदिश है, उसे सदिश a से नहीं जोड़ा जाता।

प्रश्न 3.5
निम्नलिखित में से प्रत्येक कथन को ध्यानपूर्वक पढ़िए और कारण सहित बताइए कि यह सत्य है या असत्य :
(a) किसी सदिश का परिमाण सदैव एक अदिश होता है,
(b) किसी सदिश का प्रत्येक घटक सदैव अदिश होता है,
(c) किसी कण द्वारा चली गई पथ की कुल लंबाई सदैव विस्थापन सदिश के परिमाण के बराबर होती है,
(d) किसी कण की औसत चाल (पथ तय करने में लगे समय द्वारा विभाजित कुल पथ-लंबाई) समय के समान-अंतराल में कण के औसत वेग के परिमाण से अधिक या उसके बराबर होती है,
(e) उन तीन सदिशों का योग जो एक समतल में नहीं हैं, कभी भी शून्य सदिश नहीं होता।

उत्तर 3.5
(a) ✔️ सत्य — परिमाण दिशा-रहित होता है, अतः अदिश।
(b) ❌ असत्य — सदिश-घटक (a_x î, a_y ĵ…) स्वयं सदिश होते हैं; केवल स्केलर-घटक a_x, a_y अदिश हैं।
(c) ❌ असत्य — सामान्यतः कुल पथ-लंबाई ≥ |विस्थापन|; समता केवल सीधी रेखा, दिशा-परिवर्तन शून्य होने पर।
(d) ✔️ सत्य — औसत चाल = कुल पथ-लंबाई/समय; औसत वेग का परिमाण = |कुल विस्थापन|/समय; इसलिए औसत चाल ≥ |औसत वेग|।
(e) ✔️ सत्य — तीन सदिशों का योग शून्य होने पर वे एक बंद त्रिभुज बनाते हैं, जो सदैव एक ही समतल में होता है; अतः असमतलीय तीन सदिशों का योग शून्य नहीं हो सकता।

प्रश्न 3.6
निम्नलिखित असमिकाओं को ज्यामिति या किसी अन्य विधि द्वारा स्थापित कीजिए :
(a) |a + b| ≤ |a| + |b|
(b) |a + b| ≥ ||a| − |b||
(c) |a − b| ≤ |a| + |b|
(d) |a − b| ≥ ||a| − |b||
इनमें समता का चिह्न कब लागू होता है?

उत्तर 3.6
💡 आधार: कोज़ नियम से
|a ± b|² = |a|² + |b|² ± 2|a||b| cosθ

(a) |a + b|² = |a|² + |b|² + 2|a||b| cosθ ≤ (|a| + |b|)² क्योंकि cosθ ≤ 1
➡️ अतः |a + b| ≤ |a| + |b|
✔️ समता तब, जब θ = 0° (a और b समदिश)

(b) |a + b|² = |a|² + |b|² + 2|a||b| cosθ ≥ (|a| − |b|)² क्योंकि cosθ ≥ −1
➡️ अतः |a + b| ≥ ||a| − |b||
✔️ समता तब, जब θ = 180° (a और b विपरीत-दिश)

(c) |a − b| = |a + (−b)| ≤ |a| + |−b| = |a| + |b| (भाग (a) का प्रयोग)
✔️ समता तब, जब a और b विपरीत-दिश हों (θ = 180°)

(d) |a − b|² = |a|² + |b|² − 2|a||b| cosθ ≥ (|a| − |b|)²
➡️ अतः |a − b| ≥ ||a| − |b||
✔️ समता तब, जब θ = 0° (a और b समदिश)

प्रश्न 3.7
दिया है a + b + c + d = 0, नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है :
(a) a, b, c तथा d में से प्रत्येक शून्य सदिश है,
(b) (a + c) का परिमाण (b + d) के परिमाण के बराबर है,
(c) a का परिमाण b, c तथा d के परिमाणों के योग से कभी भी अधिक नहीं हो सकता,
(d) यदि a तथा d सहरेखीय नहीं हैं तो b + c अवश्य ही a तथा d के समतल में होगा, और यह a तथा d के अनुदिश होगा यदि वे सहरेखीय हैं।

उत्तर 3.7
✔️ सही कथन: (b), (c), (d)
✏️ कारण-दर-कारण:
➡️ a + b + c + d = 0 ⇒ a + c = −(b + d) ⇒ |a + c| = |b + d| ⇒ (b) सही।
➡️ |a| = |−(b + c + d)| = |b + c + d| ≤ |b| + |c| + |d| (त्रिभुज असमिका) ⇒ (c) सही।
➡️ b + c = −(a + d) ⇒ b + c वही समतल तय करेगा जो a और d तय करते हैं; यदि a, d सहरेखीय हों तो b + c उन्हीं के अनुदिश होगा ⇒ (d) सही।
➡️ (a) गलत — योग शून्य होने से प्रत्येक का शून्य होना आवश्यक नहीं।

प्रश्न 3.8
तीन लड़कियाँ 200 m त्रिज्या वाली वृतीय बर्फ़ीली सतह पर स्केटिंग कर रही हैं। वे सतह के किनारे के बिंदु P से स्केटिंग शुरू करती हैं तथा P के व्यासीय विपरीत बिंदु Q पर विभिन्न पथों से होकर पहुँचती हैं जैसा कि चित्र 3.19 में दिखाया गया है। प्रत्येक लड़की के विस्थापन सदिश का परिमाण कितना है? किस लड़की के लिए यह वास्तव में स्केट किए गए पथ की लंबाई के बराबर है?

उत्तर 3.8
🧮 चरण 1: प्रारम्भ बिंदु P, अंतिम बिंदु Q (व्यास के विपरीत छोर)।
🧮 चरण 2: त्रिज्या R = 200 m ⇒ व्यास = 2R = 400 m.
✔️ प्रत्येक लड़की का विस्थापन परिमाण = |PQ| = 2R = 400 m (पथ चाहे जो हो, प्रारम्भ-अंत बिंदु समान)।
✔️ पथ-लंबाई = विस्थापन केवल तब जब पथ सीधी रेखा में व्यास के सहारे हो (जो P से Q तक केन्द्र से होकर जाता है)।

प्रश्न 3.9
कोई साइकिल सवार किसी वृतीय पार्क के केंद्र O से चलना शुरू करता है तथा पार्क के किनारे P पर पहुँचता है; पुनः वह पार्क की परिधि के अनुसार साइकिल चलाता हुआ 90° के रास्ते (जैसा चित्र 3.20 में दिखाया गया है) के बाद वापस आ जाता है। पार्क की परिधि 1 km है। यदि पूरे चक्कर में 10 मिनट लगते हों तो साइकिल सवार का (a) कुल विस्थापन, (b) औसत वेग, तथा (c) औसत चाल क्या होगी?

उत्तर 3.9
🧮 चरण 1: परिधि C = 1 km = 1000 m ⇒ त्रिज्या R = C/(2π) = 1000/(2π) m.
🧮 चरण 2: मार्ग-लंबाई = O→P (R) + चाप PQ (90°) + Q→O (R)
  = R + C/4 + R = 2R + 1000/4
  = 2·(1000/(2π)) + 250 = 1000/π + 250 m ≈ 568.3 m.
🧮 चरण 3: समय T = 10 मिनट = 600 s.
(a) कुल विस्थापन = 0 (आरम्भ और अंत — दोनों O पर)।
(b) औसत वेग = |कुल विस्थापन| / T = 0/600 = 0 m s⁻¹ (सदिश भी शून्य)।
(c) औसत चाल = कुल मार्ग-लंबाई / T
  = (1000/π + 250)/600 m s⁻¹ ≈ 0.95 m s⁻¹ (≈ 3.41 km h⁻¹).

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प्रश्न 3.10
किसी खुले मैदान में कोई मोटर चालक एक सीधी राह अपनाता है जो प्रत्येक 500 m के बाद उसके बाँए और 60° के कोण पर मुड़ जाता है। किसी दिए मोड़ से शुरू होकर मोटर चालक का तीसरे, चौथेआठवें मोड़ पर विस्थापन बताइए। प्रत्येक स्थिति में चालक द्वारा तय की गई कुल पथ-लंबाई के साथ विस्थापन के परिमाण की तुलना कीजिए।

उत्तर 3.10
🧮 चरण 1: प्रत्येक मोड़ पर चालक 60° का कोण बाँई दिशा में बनाता है और 500 m दूरी तय करता है।
इस प्रकार प्रत्येक पथ को एक समानभुज षट्भुज के भुजा के समान माना जा सकता है।

🧮 चरण 2:
हर बार दिशा बदलने से चाल का विस्थापन अगले मोड़ पर जुड़ता है।
प्रत्येक मोड़ पर विस्थापन का परिमाण वेक्टर जोड़ से मिलता है।

🔹 तीसरे मोड़ पर:
विस्थापन = 500 × √3 = 866 m
पथ लंबाई = 3 × 500 = 1500 m

🔹 चौथे मोड़ पर:
विस्थापन = 1000 m
पथ लंबाई = 4 × 500 = 2000 m

🔹 आठवें मोड़ पर:
चूँकि 6 मोड़ पूरे करने पर वह प्रारंभिक दिशा में लौट आता है,
इसलिए 8वें मोड़ पर विस्थापन = 2 मोड़ का विस्थापन = 500 × √3 = 866 m
पथ लंबाई = 8 × 500 = 4000 m

💡 तुलना: प्रत्येक स्थिति में विस्थापन < पथ लंबाई.

प्रश्न 3.11
कोई यात्री किसी नए शहर में आया है और वह स्टेशन से किसी सीधी सड़क पर स्थित किसी होटल तक जो 10 km दूर है, जाना चाहता है। वह कोई वैकल्पिक टैक्सी चालक से सफ़र करता है जो 23 km के चक्करदार रास्ते से उसे ले जाता है और 28 मिनट में होटल पहुँचता है।

(a) चालक की औसत चाल, और (b) औसत वेग का परिमाण क्या होगा? क्या वे समान हैं?

उत्तर 3.11
🧮 दिए गए:
पथ लंबाई = 23 km = 23000 m
विस्थापन = 10 km = 10000 m
समय = 28 मिनट = 28 × 60 = 1680 s

(a) औसत चाल = कुल पथ / समय
➡️ v₁ = 23000 / 1680 = 13.7 m/s

(b) औसत वेग = विस्थापन / समय
➡️ v₂ = 10000 / 1680 = 5.95 m/s

✏️ स्पष्टीकरण:
दोनों भिन्न हैं क्योंकि औसत चाल केवल दूरी पर निर्भर है जबकि औसत वेग दिशा-सहित विस्थापन पर निर्भर।

प्रश्न 3.12
किसी गेंद को हाल की ऊँचाई 25 m तक फेंका है। (a) यह अधिकतम ऊँचाई कितनी होगी जब इसे 40 m s⁻¹ की चाल से फेंका जाए?

उत्तर 3.12
🧮 दिए गए:
प्रारंभिक चाल u₁ = ? (पहली स्थिति की ऊँचाई 25 m)
दूसरी स्थिति में u₂ = 40 m/s

पहली स्थिति से g = 10 m/s² मानें।
v = 0 पर h = u² / (2g) ⇒ 25 = u₁² / (2×10) ⇒ u₁ = √(500) = 22.36 m/s

अब दूसरी स्थिति के लिए —
h₂ = u₂² / (2g) = (40²)/(20) = 80 m

✔️ अतः अधिकतम ऊँचाई = 80 m.

प्रश्न 3.13
क्रिकेट का कोई खिलाड़ी गेंद को किसी गेंद को 100 m की अधिकतम क्षैतिज दूरी तक फेंक सकता है। वह खिलाड़ी उसी गेंद को ऊर्ध्व दिशा में कितनी ऊँचाई तक फेंक सकता है?

उत्तर 3.13
💡 अधिकतम क्षैतिज दूरी R = (u² sin2θ)/g,
अधिकतम R तब जब θ = 45°, तब R = u²/g ⇒ u² = Rg.
ऊर्ध्व फेंकने पर अधिकतम ऊँचाई h = u²/(2g).
h = (Rg)/(2g) = R/2 = 100/2 = 50 m.

✔️ अतः ऊर्ध्व दिशा में गेंद 50 m ऊँचाई तक जा सकेगी।

प्रश्न 3.14
80 cm लम्बे डोरी के एक सिरे पर एक पत्थर बाँधा गया है और इसे किसी एकसमान चाल से किसी क्षैतिज वृत्त में घुमाया जाता है। यदि पत्थर 25 s में 14 चक्कर लगाता है, तो पत्थर का त्वरण का परिमाण और दिशा क्या होगी?

उत्तर 3.14
🧮 दिए गए:
r = 0.8 m, T = 25 s / 14 = 1.7857 s, ω = 2π/T = 3.52 rad/s.
केन्द्राभिमुख त्वरण a = ω²r = (3.52)² × 0.8 = 9.9 m/s²

दिशा: सदैव वृत्त के केंद्र की ओर।

प्रश्न 3.15
कोई वायुपोत 900 km/h की एकसमान चाल से उड़ रहा है और 1 km त्रिज्या का कोई क्षैतिज वृत बनाता है। इसके अभिकेन्द्र त्वरण और गुरुत्वीय त्वरण के अनुपात की तुलना कीजिए।

उत्तर 3.15
🧮 दिए गए:
v = 900 km/h = 900×1000/3600 = 250 m/s, r = 1000 m.
अभिकेन्द्र त्वरण a = v²/r = (250)²/1000 = 62500/1000 = 62.5 m/s²
अनुपात = a/g = 62.5 / 9.8 ≈ 6.38

✔️ अतः अभिकेन्द्र त्वरण, g से लगभग 6.4 गुना अधिक है।

प्रश्न 3.16
निम्न दिए गए कथनों को उचित ठहराइए या अस्वीकार कीजिए—
(a) जब किसी पंखे के ब्लेड स्थिर होते हैं तब वे त्वरित गति में होते हैं।
(b) जब पंखे के ब्लेड एकसमान चाल से घूमते हैं तब वे एकसमान गति में होते हैं।
(c) कोई कण जो एकसमान चाल से वृत्त में गति कर रहा है, उस पर कोई त्वरण कार्य नहीं करता।

उत्तर 3.16
(a) ❌ गलत — स्थिर अवस्था में वे गति नहीं कर रहे, अतः न तो चाल है न त्वरण।
(b) ❌ गलत — एकसमान चाल से घूमने पर भी दिशा बदलती है, अतः गति असमान (त्वरण विद्यमान)।
(c) ❌ गलत — वृत्तीय गति में दिशा निरंतर बदलने के कारण अभिकेन्द्र त्वरण कार्यरत होता है।

✔️ अतः तीनों कथन अस्वीकार्य हैं।

प्रश्न 3.17
किसी कण की स्थिति सदिश निम्नलिखित है :
r = (3.0t î − 2.0t² ĵ + 4.0k̂) m
समय t सेकंड में है तथा सभी गुणकों के मात्रक इस प्रकार हैं कि r मीटर में व्यक्त हो जाए।

(a) कण का वेग ज्ञात कीजिए।
(b) t = 2.0 s पर कण के वेग का परिमाण तथा दिशा ज्ञात कीजिए।

उत्तर 3.17
🧮 चरण 1:
वेग सदिश v = dr/dt = (3.0 î − 4.0t ĵ) m/s

🧮 चरण 2:
t = 2 s पर,
v = (3.0 î − 8.0 ĵ) m/s

वेग का परिमाण |v| = √(3² + (−8)²) = √(9 + 64) = √73 = 8.54 m/s

🧭 दिशा:
tan θ = |v_y / v_x| = 8/3 ⇒ θ = tan⁻¹(8/3) = 69.4°
अर्थात् वेग की दिशा x-अक्ष से 69.4° नीचे (ऋणात्मक y-दिशा में)।

प्रश्न 3.18
कोई कण t = 0 s पर मूल बिंदु से 10 m/s की चाल से चलना प्रारंभ करता है और x–y समतल में एकसमान त्वरण (8.0 î + 2.0 ĵ) m/s² गति करता है।

(a) किस क्षण कण का x-निर्देशांक 16 m होगा?
(b) इस क्षण इसकी चाल कितनी होगी?

उत्तर 3.18
🧮 दिए गए:
u = (10 î) m/s, a = (8 î + 2 ĵ) m/s²

x = uₓt + (1/2)aₓt²
⇒ 16 = 10t + (1/2)(8)t² = 10t + 4t²
⇒ 4t² + 10t − 16 = 0
⇒ t = 1.11 s (धनात्मक मूल)

(a) ✔️ x = 16 m पर समय = 1.11 s

(b) y = u_y t + (1/2)a_y t² = 0 + (1/2)(2)(1.11)² = 1.23 m
कुल स्थिति r = (16 î + 1.23 ĵ) m

चाल v = u + at = (10 î + 0 ĵ) + (8 î + 2 ĵ)(1.11)
= (10 + 8.88) î + (2.22) ĵ = (18.88 î + 2.22 ĵ) m/s

|v| = √(18.88² + 2.22²) = 19.01 m/s

✔️ चाल = 19.0 m/s,
दिशा = tan⁻¹(2.22/18.88) = 6.7° x-अक्ष से ऊपर।

प्रश्न 3.19
î, ĵ क्रमशः x- व y-अक्षों के अनुक्रमीय एकक सदिश हैं। सदिश î + ĵ तथा î − ĵ का परिमाण तथा दिशा क्या होगा?

उत्तर 3.19
(a) |î + ĵ| = √(1² + 1²) = √2,
दिशा θ₁ = tan⁻¹(1/1) = 45° (x-अक्ष से ऊपर)।

(b) |î − ĵ| = √(1² + (−1)²) = √2,
दिशा θ₂ = tan⁻¹(−1/1) = −45° (x-अक्ष से नीचे)।

प्रश्न 3.20
किसी विस्थापन पर चल रहे कण की औसत चाल के लिए निम्नलिखित समीकरणों में से कौन-सा सत्य है?

(a) v̄_avg = (1/2)(v(t₁) + v(t₂))
(b) v̄_avg = |r(t₂) − r(t₁)| / (t₂ − t₁)
(c) v̄_avg = (v₀ + a t)/2
(d) r(t₂) = r(t₁) + v₀(t₂ − t₁) + (1/2)a(t₂ − t₁)²

उत्तर 3.20
✔️ सही विकल्प: (d)

✏️ व्याख्या:
समान त्वरण गति में स्थिति का समीकरण होता है —
r = r₀ + v₀t + (1/2)a t²
जो विकल्प (d) से मेल खाता है।

प्रश्न 3.21
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन एकसमान वृत्तीय गति के बारे में सही नहीं है?

(a) कण की चाल स्थिर रहती है।
(b) कण का त्वरण स्थिर नहीं होता।
(c) कण की चाल का दिशा स्थिर रहता है।
(d) वेग निरंतर बदलता रहता है।

उत्तर 3.21
✔️ गलत कथन: (c)
✏️ कारण: एकसमान वृत्तीय गति में चाल का परिमाण समान रहता है परंतु दिशा निरंतर बदलती है।

प्रश्न 3.22
कोई कण एक समतल पथ पर 3400 m की दूरी 10 s में तय करता है और प्रारंभिक वेग 30 m/s तथा अंतिम वेग 40 m/s है। त्वरण तथा औसत वेग ज्ञात कीजिए।

उत्तर 3.22
🧮 दिए गए:
s = 3400 m, u = 30 m/s, v = 40 m/s, t = 10 s

(a) त्वरण a = (v − u)/t = (40 − 30)/10 = 1 m/s²

(b) औसत वेग = (u + v)/2 = (30 + 40)/2 = 35 m/s

✔️ अतः त्वरण = 1 m/s² और औसत वेग = 35 m/s.

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

✳️ Section A – बहुविकल्पी प्रश्न (Q1–Q18)

Question 1:
यदि कोई वस्तु x–y समतल में चलती है, तो उसकी स्थिति किससे व्यक्त होती है?
🔵 (A) केवल एक निर्देशांक से
🟢 (B) केवल समय से
🟠 (C) दो निर्देशांकों से
🔴 (D) केवल दिशा से
Answer: (C) दो निर्देशांकों से

Question 2:
स्थिति सदिश r = xî + yĵ में ‘x’ और ‘y’ क्रमशः क्या दर्शाते हैं?
🔵 (A) समय और दूरी
🟢 (B) दिशा और कोण
🟠 (C) x तथा y अक्ष पर विस्थापन
🔴 (D) वेग और त्वरण
Answer: (C) x तथा y अक्ष पर विस्थापन

Question 3:
यदि वस्तु की स्थिति P₁(x₁, y₁) से P₂(x₂, y₂) तक बदली हो, तो उसका विस्थापन होगा —
🔵 (A) (x₂ + x₁)î + (y₂ + y₁)ĵ
🟢 (B) (x₂ − x₁)î + (y₂ − y₁)ĵ
🟠 (C) (x₁ − x₂)î + (y₁ − y₂)ĵ
🔴 (D) केवल x₂ − x₁
Answer: (B) (x₂ − x₁)î + (y₂ − y₁)ĵ

Question 4:
विस्थापन का परिमाण ज्ञात करने का सूत्र क्या है?
🔵 (A) |r| = √(x² + y²)
🟢 (B) |Δr| = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]
🟠 (C) |r| = (x + y)/2
🔴 (D) |r| = x − y
Answer: (B) |Δr| = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]

Question 5:
सदिश राशि में क्या पाया जाता है?
🔵 (A) केवल परिमाण
🟢 (B) केवल दिशा
🟠 (C) परिमाण और दिशा दोनों
🔴 (D) इनमें से कोई नहीं
Answer: (C) परिमाण और दिशा दोनों

Question 6:
अदिश राशि का उदाहरण कौन-सा है?
🔵 (A) बल
🟢 (B) विस्थापन
🟠 (C) कार्य
🔴 (D) वेग
Answer: (C) कार्य

Question 7:
सन्नति नियम (Triangle Law of Vector Addition) का उपयोग किसके लिए किया जाता है?
🔵 (A) अदिश जोड़ के लिए
🟢 (B) सदिश जोड़ के लिए
🟠 (C) घटाव के लिए
🔴 (D) कोण ज्ञात करने के लिए
Answer: (B) सदिश जोड़ के लिए

Question 8:
दो सदिशों के बीच कोण θ हो तो परिणामी का परिमाण होगा —
🔵 (A) √(A² + B² + 2AB cosθ)
🟢 (B) √(A² + B² − 2AB sinθ)
🟠 (C) A + B sinθ
🔴 (D) A − B cosθ
Answer: (A) √(A² + B² + 2AB cosθ)

Question 9:
A × B का परिणाम क्या होता है?
🔵 (A) अदिश
🟢 (B) सदिश
🟠 (C) आयाम रहित
🔴 (D) इनमें से कोई नहीं
Answer: (B) सदिश

Question 10:
A • B का परिणाम क्या होता है?
🔵 (A) सदिश
🟢 (B) अदिश
🟠 (C) आयामी रहित
🔴 (D) इनमें से कोई नहीं
Answer: (B) अदिश

Question 11:
प्रक्षेप्य गति का पथ कैसा होता है?
🔵 (A) वृत्ताकार
🟢 (B) सीधी रेखा
🟠 (C) परवलय
🔴 (D) सर्पिल
Answer: (C) परवलय

Question 12:
प्रक्षेप्य की अधिकतम ऊँचाई का सूत्र क्या है?
🔵 (A) H = (u² sin²θ)/(2g)
🟢 (B) H = (u² cos²θ)/(2g)
🟠 (C) H = u²/g
🔴 (D) H = 2u² sinθ
Answer: (A) H = (u² sin²θ)/(2g)

Question 13:
उड़ान का कुल समय होगा —
🔵 (A) T = (2u cosθ)/g
🟢 (B) T = (2u sinθ)/g
🟠 (C) T = u/g
🔴 (D) T = (u² sin2θ)/g
Answer: (B) T = (2u sinθ)/g

Question 14:
प्रक्षेप्य की क्षैतिज दूरी R का सूत्र —
🔵 (A) R = (u² sin2θ)/g
🟢 (B) R = (u² cosθ)/g
🟠 (C) R = (u² sinθ)/g
🔴 (D) R = (u sin²θ)/g
Answer: (A) R = (u² sin2θ)/g

Question 15:
समान वृत्तीय गति में केन्द्राभिमुख त्वरण होगा —
🔵 (A) a = v/r
🟢 (B) a = v²/r
🟠 (C) a = r²/v
🔴 (D) a = v²/r²
Answer: (B) a = v²/r

Question 16:
सापेक्ष वेग का सूत्र क्या है?
🔵 (A) vₐᵦ = vₐ + vᵦ
🟢 (B) vₐᵦ = vₐ − vᵦ
🟠 (C) vₐᵦ = vᵦ − vₐ
🔴 (D) vₐᵦ = ½(vₐ + vᵦ)
Answer: (B) vₐᵦ = vₐ − vᵦ

Question 17:
कोणीय वेग का सूत्र क्या है?
🔵 (A) ω = v/r
🟢 (B) ω = θ/t
🟠 (C) ω = r/t
🔴 (D) ω = θr
Answer: (B) ω = θ/t

Question 18:
प्रक्षेप्य की अधिकतम दूरी कब प्राप्त होती है?
🔵 (A) θ = 30°
🟢 (B) θ = 60°
🟠 (C) θ = 45°
🔴 (D) θ = 90°
Answer: (C) θ = 45°

🟢 Section B — लघु उत्तर प्रश्न (Q19–Q23)

Question 19:
सदिश और अदिश राशियों में क्या अन्तर है?
Answer:
🔵 सदिश राशि: जिन राशियों में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
उदाहरण — वेग, बल, विस्थापन, त्वरण।
🟢 अदिश राशि: जिन राशियों में केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं।
उदाहरण — कार्य, समय, ऊर्जा, तापमान।
💡 मुख्य अंतर: दिशा की उपस्थिति या अनुपस्थिति ही दोनों को अलग करती है।

Question 20:
स्थिति सदिश क्या है और इसे कैसे व्यक्त किया जाता है?
Answer:
➡️ जब कोई वस्तु किसी बिन्दु O से P(x, y) पर स्थित होती है, तो उसकी स्थिति को एक सदिश द्वारा दर्शाया जाता है।
इस स्थिति सदिश को लिखा जाता है:
r = xî + yĵ
जहाँ x और y क्रमशः क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर विस्थापन हैं।
✔️ यह वस्तु की स्थिति बताने वाला सदिश होता है।

Question 21:
सन्नति नियम (Triangle Law of Vector Addition) को समझाइए।
Answer:
➡️ यदि दो सदिश A और B को सिर और पूँछ से जोड़ दिया जाए, तो परिणामी सदिश R उस त्रिभुज की तीसरी भुजा द्वारा प्रदर्शित होता है।
परिणामी का परिमाण —
|R| = √(A² + B² + 2AB cosθ)
जहाँ θ = दोनों सदिशों के बीच कोण।
✔️ यह नियम सदिश जोड़ के लिए उपयोग होता है।

Question 22:
प्रक्षेप्य गति क्या है? इसका पथ कैसा होता है?
Answer:
💡 जब कोई वस्तु किसी कोण θ पर प्रारंभिक वेग u से फेंकी जाती है और उस पर केवल गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है, तो उसकी गति प्रक्षेप्य गति कहलाती है।
➡️ इसका पथ एक परवलय (Parabola) होता है।
मुख्य समीकरण:
x = u cosθ t
y = u sinθ t − ½ g t²

Question 23:
समान वृत्तीय गति में केन्द्राभिमुख बल का सूत्र लिखिए।
Answer:
जब कोई वस्तु वृत्त पर समान गति से घूमती है, तो उस पर केन्द्र की ओर एक बल लगता है।
➡️ यह बल केन्द्राभिमुख बल कहलाता है।
सूत्र:
F = m v² / r
जहाँ
m = वस्तु का द्रव्यमान,
v = उसकी चाल,
r = वृत्त की त्रिज्या।
✔️ दिशा सदैव वृत्त के केन्द्र की ओर होती है।

🔴 Section C — मध्य-लंबाई प्रश्न (Q24–Q27)

Question 24:
सदिशों के अदिश गुणन (Dot Product) को परिभाषित कीजिए।
Answer:
➡️ जब दो सदिशों A और B का गुणन इस प्रकार किया जाए कि परिणाम अदिश हो, तो उसे अदिश गुणन कहते हैं।
परिभाषा:
A • B = AB cosθ
जहाँ θ = दोनों सदिशों के बीच कोण।
💡 यह गुणन केवल उनके बीच की समान दिशा के अनुपात को दर्शाता है।
उदाहरण: बल • विस्थापन = कार्य।

Question 25:
सदिशों के सदिश गुणन (Cross Product) की व्याख्या कीजिए।
Answer:
➡️ जब दो सदिश A और B का गुणन इस प्रकार किया जाए कि परिणाम एक नया सदिश बने, तो उसे सदिश गुणन कहते हैं।
परिभाषा:
A × B = AB sinθ n̂
जहाँ n̂ = A और B दोनों के लम्बवत दिशा में इकाई सदिश।
💡 उदाहरण: बलाघूर्ण (Torque) = r × F

Question 26:
सापेक्ष गति (Relative Motion) की व्याख्या कीजिए और सूत्र लिखिए।
Answer:
जब दो वस्तुएँ एक साथ गतिशील होती हैं, तो एक वस्तु की गति दूसरी की दृष्टि में भिन्न होती है।
➡️ सापेक्ष गति का सूत्र है:
vₐᵦ = vₐ − vᵦ
यह दर्शाता है कि “A” का “B” के सापेक्ष वेग, दोनों के वेगों के अन्तर के बराबर है।
✔️ यह दिशा और परिमाण दोनों पर निर्भर करता है।

Question 27:
प्रक्षेप्य गति के तीन मुख्य समीकरण लिखिए और उनके अर्थ बताइए।
Answer:
1️⃣ अधिकतम ऊँचाई (H):
H = (u² sin²θ)/(2g)
यह ऊँचाई का अधिकतम मान है जहाँ ऊर्ध्वाधर वेग शून्य हो जाता है।
2️⃣ उड़ान का समय (T):
T = (2u sinθ)/g
यह वह कुल समय है जब तक प्रक्षेप्य भूमि से ऊपर रहता है।
3️⃣ क्षैतिज दूरी (R):
R = (u² sin2θ)/g
यह प्रक्षेप्य द्वारा तय की गई कुल दूरी है।
💡 θ = 45° पर R अधिकतम होता है।

🔵 Section D — दीर्घ उत्तर प्रश्न (Q28–Q31)

Question 28:
सदिशों के सन्नति नियम (Triangle Law) को ज्यामितीय रूप से सिद्ध कीजिए।
Answer:
➡️ मान लीजिए दो सदिश A और B हैं।
इन दोनों को सिर-पूँछ क्रम में जोड़ें ताकि B का आरंभ A के अंत से हो।
🧠 तब तीसरी भुजा, जो पहले सदिश की पूँछ से दूसरे के सिर तक जाती है, परिणामी सदिश R को दर्शाती है।
अब,
त्रिभुज ABC में कोज प्रमेय से:
R² = A² + B² + 2AB cosθ
या
|R| = √(A² + B² + 2AB cosθ)
✔️ यही सन्नति नियम का गणितीय रूप है।
💡 निष्कर्ष: दो सदिशों का परिणामी सदिश उनके परिमाण और कोण पर निर्भर करता है।

Question 29:
समान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion) की व्याख्या करें।
Answer:
➡️ जब कोई वस्तु समान गति से वृत्त पर घूमती है, तो उसे समान वृत्तीय गति कहा जाता है।
यहाँ गति का परिमाण समान रहता है परंतु दिशा बदलती रहती है।
इसलिए वेग परिवर्तनशील होता है।
केन्द्राभिमुख त्वरण:
a = v² / r
केन्द्राभिमुख बल:
F = m v² / r
✔️ यह बल वृत्त के केन्द्र की ओर कार्य करता है।
मुख्य समीकरण:
यदि कोणीय वेग ω हो,
तो v = r ω और a = r ω²
💡 निष्कर्ष: वृत्तीय गति सदैव केन्द्राभिमुख बल के कारण संभव होती है।

Question 30:
प्रक्षेप्य गति के समीकरणों से उड़ान का समय, अधिकतम ऊँचाई तथा दूरी सिद्ध कीजिए।
Answer:
➡️ प्रारंभिक वेग u और कोण θ पर फेंकी गई वस्तु के लिए —
घटक वेग:
uₓ = u cosθ
uᵧ = u sinθ
1️⃣ उड़ान का समय (T):
ऊर्ध्वाधर दिशा में गति के लिए
vᵧ = uᵧ − g t
जब वस्तु भूमि पर लौटती है, y = 0
⟹ 0 = u sinθ − g(T/2) (ऊपर और नीचे बराबर समय)
T = (2u sinθ)/g
2️⃣ अधिकतम ऊँचाई (H):
ऊर्ध्वाधर वेग शून्य होने पर,
vᵧ = 0 ⇒ u sinθ = g t₁
t₁ = (u sinθ)/g
⟹ H = u sinθ × t₁ − ½ g t₁²
⟹ H = (u² sin²θ)/(2g)
3️⃣ क्षैतिज दूरी (R):
R = uₓ × T
= (u cosθ) × (2u sinθ)/g
⟹ R = (u² sin2θ)/g
💡 निष्कर्ष:
उड़ान का समय T पर निर्भर है।
H, sin²θ पर निर्भर है।
अधिकतम R, θ = 45° पर होती है।

Question 31:
सापेक्ष गति का सिद्धान्त समझाइए और उदाहरण सहित समझाएँ।
Answer:
➡️ जब दो वस्तुएँ गतिशील हों, तो एक की गति दूसरे की दृष्टि में सापेक्ष गति कहलाती है।
सूत्र:
vₐᵦ = vₐ − vᵦ
जहाँ
vₐᵦ = A की B के सापेक्ष गति,
vₐ = A का वेग,
vᵦ = B का वेग।
उदाहरण:
यदि दो नावें नदी में समानांतर चल रही हैं —
नाव A का वेग vₐ = 6 m/s
नाव B का वेग vᵦ = 4 m/s
तब
vₐᵦ = 6 − 4 = 2 m/s
अर्थात् नाव A, नाव B के सापेक्ष 2 m/s की गति से चल रही है।
💡 निष्कर्ष: सापेक्ष गति दिशा और परिमाण दोनों पर निर्भर करती है।

🟡 Section E — अनुप्रयोग / केस आधारित प्रश्न (Q32–Q33)

Question 32 (Case):
एक गेंद को 20 m/s की चाल से 30° कोण पर फेंका गया।
(गुरुत्वाकर्षण g = 10 m/s²)
इसका उड़ान का समय, अधिकतम ऊँचाई और दूरी ज्ञात कीजिए।
Answer:
➡️ दिए गए:
u = 20 m/s, θ = 30°, g = 10 m/s²
1️⃣ उड़ान का समय (T):
T = (2u sinθ)/g
= (2 × 20 × 0.5)/10 = 2 s
2️⃣ अधिकतम ऊँचाई (H):
H = (u² sin²θ)/(2g)
= (400 × 0.25)/(20) = 5 m
3️⃣ क्षैतिज दूरी (R):
R = (u² sin2θ)/g
= (400 × sin60°)/10
= (400 × 0.866)/10 = 34.64 m
✔️ अंतिम उत्तर:
T = 2 s, H = 5 m, R = 34.6 m

Question 33 (Application):
एक कार 20 m/s की चाल से उत्तर दिशा में चल रही है और दूसरी कार 15 m/s से पूर्व दिशा में।
पहली कार की दूसरी के सापेक्ष गति ज्ञात कीजिए।
Answer:
➡️ दिए गए:
v₁ = 20 m/s (उत्तर दिशा में)
v₂ = 15 m/s (पूर्व दिशा में)
सापेक्ष वेग:
v₁₂ = √(v₁² + v₂²)
= √(20² + 15²)
= √(400 + 225) = √625 = 25 m/s
💡 दिशा:
tanθ = v₂ / v₁ = 15 / 20 = 3/4
⟹ θ = tan⁻¹(3/4) = 36.87° (पूर्व से उत्तर की ओर)
✔️ अंतिम उत्तर:
सापेक्ष वेग = 25 m/s, दिशा = 36.9° उत्तर-पूर्व की ओर

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