Class 11, PHYSICS (Hindi)

Class 11 : Physics (In Hindi) – अध्याय 14: तरंगें

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन



🔵 परिचय
प्रकृति में हमें अनेक दोलन और तरंगें देखने को मिलती हैं — जैसे ध्वनि तरंगें, जल तरंगें, प्रकाश तरंगें आदि।
जब कोई वस्तु दोलन करती है, तो यह अपने आस-पास के माध्यम में ऊर्जा का संचरण करती है। तरंग वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा ऊर्जा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचती है, परंतु पदार्थ का शुद्ध स्थानांतरण नहीं होता।
💡 मुख्य अवधारणा:
➡️ दोलन ऊर्जा का स्रोत है।
➡️ माध्यम कण केवल अपनी औसत स्थिति के आस-पास दोलन करते हैं।
➡️ ऊर्जा तरंग के रूप में प्रसारित होती है।



🟢 तरंगों के प्रकार
तरंगें दो मुख्य प्रकार की होती हैं —
1️⃣ यांत्रिक तरंगें (Mechanical Waves):
ये तरंगें किसी माध्यम में ही चल सकती हैं क्योंकि इनमें कणों के आपसी बल आवश्यक होते हैं।
उदाहरण: ध्वनि तरंग, जल तरंग, रस्सी की तरंग।
2️⃣ विद्युतचुंबकीय तरंगें (Electromagnetic Waves):


ये तरंगें निर्वात में भी चल सकती हैं।
उदाहरण: प्रकाश, एक्स-किरणें, रेडियो तरंगें।

🔴 यांत्रिक तरंगों का वर्गीकरण
💡 यांत्रिक तरंगें दो प्रकार की होती हैं —
(i) अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse Waves):


➡️ कणों का दोलन तरंग के प्रसार की दिशा के लंबवत होता है।
➡️ उदाहरण: रस्सी में उत्पन्न तरंगें।
✔️ इनमें तरंग शिखर (Crest) और तरंग गर्त (Trough) बनते हैं।
(ii) अनुदैर्ध्य तरंगें (Longitudinal Waves):
➡️ कणों का दोलन तरंग के प्रसार की दिशा के समानांतर होता है।
➡️ उदाहरण: वायु में चलने वाली ध्वनि तरंग।
✔️ इनमें संपीड़न (Compression) और प्रसारण (Rarefaction) बनते हैं।


🟡 तरंग के मुख्य पैरामीटर
1️⃣ आयाम (Amplitude A): अधिकतम विस्थापन।
2️⃣ तरंगदैर्घ्य (λ): दो समान फेज़ वाले बिंदुओं के बीच की दूरी।
3️⃣ आवृत्ति (f): प्रति सेकंड दोलनों की संख्या।
4️⃣ काल (T): एक दोलन के लिए आवश्यक समय।
5️⃣ तरंग वेग (v): v = λf
6️⃣ कोणीय आवृत्ति (ω): ω = 2πf
7️⃣ तरंग संख्या (k): k = 2π/λ

✏️ तरंग समीकरण
यदि कोई तरंग x-अक्ष के साथ +x दिशा में चलती है, तो उसका समीकरण होता है —
➡️ y(x, t) = A sin(kx – ωt + φ)
यदि तरंग –x दिशा में चलती है —
➡️ y(x, t) = A sin(kx + ωt + φ)
जहाँ,
A = आयाम
k = 2π/λ
ω = 2πf
φ = प्रारंभिक चरण
✔️ यह समीकरण तरंग की गति, फेज़ और समयानुसार स्थिति बताता है।


🧠 तरंग की चाल (Wave Velocity)
तरंग चाल (v):
v = λ/T = λf
ध्वनि तरंगों के लिए:
v = √(E/ρ)
जहाँ,
E = प्रत्यास्थता गुणांक (Elastic modulus)
ρ = माध्यम का घनत्व
💡 कठोर माध्यम में ध्वनि की गति अधिक और हल्के माध्यम में कम होती है।

🌿 अध्यारोपण सिद्धांत (Principle of Superposition)
जब दो या अधिक तरंगें एक ही माध्यम में एक साथ चलती हैं, तो परिणामी विस्थापन सभी व्यक्तिगत तरंगों के विस्थापनों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।
➡️ y = y₁ + y₂
✔️ यह सिद्धांत स्थायी तरंगों (Standing Waves) और हस्तक्षेप (Interference) का आधार है।

🔵 स्थायी तरंगें (Standing Waves)
जब दो समान आयाम और समान आवृत्ति की तरंगें विपरीत दिशा में चलती हैं और एक-दूसरे पर अध्यारोपित होती हैं, तो स्थायी तरंगें बनती हैं।
स्थायी तरंग समीकरण:
y = 2A sin(kx) cos(ωt)
💡 इन तरंगों में ऊर्जा का संचार नहीं होता — ऊर्जा केवल कुछ निश्चित बिंदुओं (Nodes और Antinodes) के बीच दोलन करती है।
✔️ नोड (Node): जहाँ विस्थापन शून्य होता है।
✔️ एंटी-नोड (Antinode): जहाँ विस्थापन अधिकतम होता है।

🟢 तरंग का परावर्तन (Reflection of Waves)
जब कोई तरंग किसी अवरोध से टकराती है —
➡️ खुला सिरा (Free End): तरंग समान फेज़ में लौटती है।
➡️ बंद सिरा (Fixed End): तरंग विपरीत फेज़ में लौटती है।
✔️ परावर्तन से तरंग की दिशा बदल जाती है, परंतु उसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है।

🔴 अनुनाद (Resonance)
जब बाहरी बल द्वारा दी गई आवृत्ति किसी प्रणाली की प्राकृतिक आवृत्ति के बराबर होती है, तो दोलन का आयाम बहुत बढ़ जाता है।
➡️ इसे अनुनाद (Resonance) कहते हैं।
उदाहरण: ट्यूनिंग फोर्क का ध्वनि में प्रतिध्वनि देना।

💡 ध्वनि तरंगें (Sound Waves)
➡️ ध्वनि एक यांत्रिक अनुदैर्ध्य तरंग है जो माध्यम में संपीड़न और प्रसारण के रूप में चलती है।
➡️ यह ठोस, द्रव, और गैस सभी माध्यमों में फैल सकती है, परंतु निर्वात में नहीं।
ध्वनि की गति:
v = √(γRT/M)
जहाँ,
γ = विशिष्ट ऊष्मा अनुपात, R = गैस स्थिरांक, T = तापमान, M = आणविक द्रव्यमान।
✔️ तापमान बढ़ने पर ध्वनि की गति बढ़ती है।

🧩 डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect)
जब ध्वनि का स्रोत या पर्यवेक्षक एक-दूसरे की ओर या दूर गतिमान होते हैं, तो सुनी गई आवृत्ति में परिवर्तन होता है।
परिणामी आवृत्ति:
f’ = f (v ± v₀)/(v ∓ vₛ)
जहाँ,
v = माध्यम में ध्वनि की चाल
v₀ = पर्यवेक्षक की चाल
vₛ = स्रोत की चाल
💡 यदि स्रोत पास आ रहा हो ⇒ आवृत्ति बढ़ती है
💡 यदि स्रोत दूर जा रहा हो ⇒ आवृत्ति घटती है

✳️ वायु स्तंभ और तारों में अनुनाद
1️⃣ वायु स्तंभ (Air Column):
एक सिरा बंद, दूसरा खुला ⇒ केवल विषम हार्मोनिक संभव।
दोनों सिरे खुले ⇒ सभी हार्मोनिक उपस्थित।
2️⃣ तार (String):
दोनों सिरे स्थिर ⇒ नोड्स पर स्थिर बिंदु।
fₙ = n(v/2L)
जहाँ n = 1, 2, 3,…
✔️ प्रथम, द्वितीय और तृतीय हार्मोनिक क्रमशः मूल, द्विगुणित और त्रिगुणित आवृत्तियाँ दर्शाते हैं।


📘 सारांश (Summary)
🔹 तरंगें ऊर्जा के संचार की विधि हैं, पदार्थ का नहीं।
🔹 यांत्रिक तरंगें माध्यम पर निर्भर होती हैं; विद्युतचुंबकीय नहीं।
🔹 अनुप्रस्थ तरंग में कण लंबवत दोलन करते हैं, अनुदैर्ध्य में समानांतर।
🔹 v = λf तरंग का मूल संबंध है।
🔹 अध्यारोपण सिद्धांत से स्थायी तरंगें उत्पन्न होती हैं।
🔹 ध्वनि की गति तापमान और माध्यम पर निर्भर करती है।
🔹 डॉप्लर प्रभाव से आवृत्ति में परिवर्तन देखा जाता है।
🔹 अनुनाद से दोलन का आयाम अधिकतम हो जाता है।

📝 Quick Recap
✔️ तरंग वह प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा चलती है, पदार्थ नहीं।
✔️ यांत्रिक तरंगें: अनुप्रस्थ व अनुदैर्ध्य।
✔️ तरंग समीकरण: y = A sin(kx – ωt + φ)
✔️ स्थायी तरंग: y = 2A sin(kx) cos(ωt)
✔️ ध्वनि की चाल: v = √(γRT/M)
✔️ डॉप्लर प्रभाव: f’ = f(v ± v₀)/(v ∓ vₛ)

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पाठ्यपुस्त के प्रश्न

🔹 प्रश्न 14.1
2.50 kg द्रव्यमान की 20 cm लम्बी लचीली डोरी पर 200 N का तनाव है। यदि इस डोरी के एक सिरे को झटका दिया जाए, तो उत्पन्न तरंग दूसरे सिरे तक कितने समय में पहुँचेगी?
✏️ दिए गए:
m = 2.50 kg, L = 20 cm = 0.20 m, T = 200 N
💡 रैखिक घनत्व:
μ = m / L = 2.50 / 0.20 = 12.5 kg m⁻¹
💡 तरंग का वेग:
v = √(T / μ) = √(200 / 12.5) = √16 = 4 m s⁻¹
💡 समय:
t = L / v = 0.20 / 4 = 0.05 s
✔️ उत्तर: तरंग को दूसरे सिरे तक पहुँचने में 0.05 सेकण्ड लगेंगे।

🔷 प्रश्न 14.2
300 m ऊँची मीनार के शीर्ष से गिराया गया पत्थर मीनार के आधार पर स्थित व्यक्ति के कानों से टकराता है। यदि वायु में ध्वनि की चाल 340 m s⁻¹ है, तो पत्थर के टकराने की ध्वनि व्यक्ति के कानों तक कितनी देर बाद पहुँचेगी?
(g = 9.8 m s⁻²)

✏️ दिए गए:
ऊँचाई (h) = 300 m
गुरुत्व त्वरण (g) = 9.8 m s⁻²
ध्वनि की चाल (v) = 340 m s⁻¹

🔵 पहले पत्थर के गिरने का समय:
सूत्र — h = ½ g t₁²
➡️ t₁ = √(2h / g)
= √(2 × 300 / 9.8)
= √(600 / 9.8)
= √61.22
= 7.82 s
🟢 अब ध्वनि के लौटने का समय:
t₂ = h / v = 300 / 340 = 0.882 s

💡 कुल समय:
T = t₁ + t₂ = 7.82 + 0.88 = 8.70 s

✔️ उत्तर: व्यक्ति को पत्थर के टकराने की आवाज़ लगभग 8.7 सेकण्ड बाद सुनाई देगी।
🔹 प्रश्न 14.3
12.0 m लम्बे स्टील के तार का द्रव्यमान 2.10 kg है। इस पर कितना तनाव रखा जाए कि तार में अनुप्रस्थ तरंग का वेग 20 °C पर वायु में ध्वनि के वेग 343 m s⁻¹ के बराबर हो?
✏️ रैखिक घनत्व:
μ = m / L = 2.10 / 12 = 0.175 kg m⁻¹
💡 तनाव:
T = μ v² = 0.175 × (343)² = 0.175 × 117 649 ≈ 20 589 N
✔️ उत्तर: आवश्यक तनाव ≈ 2.06 × 10⁴ N

🔹 प्रश्न 14.4
सूत्र u = √(γ P / ρ) का उपयोग कर यह स्पष्ट कीजिए कि वायु में ध्वनि की चाल
(a) दाब पर निर्भर क्यों नहीं करती,
(b) ताप बढ़ने पर क्यों बढ़ती है,
(c) आर्द्रता बढ़ने पर क्यों बढ़ती है।
✏️ (a) दाब पर निर्भरता नहीं:
आदर्श गैस समीकरण ρ = PM / RT से
u = √(γ P / ρ) = √(γ RT / M)
इसमें P नहीं है, अतः दाब बदलने से चाल नहीं बदलती (जब T व M स्थिर हों)।
✏️ (b) ताप बढ़ने पर चाल बढ़ती है:
u = √(γ R T / M) ⇒ u ∝ √T
✔️ ताप बढ़ने से ध्वनि की चाल बढ़ती है।
✏️ (c) आर्द्रता बढ़ने पर चाल बढ़ती है:
जलवाष्प का अणु-द्रव्यमान 18 सूखी वायु (≈29) से कम होता है।
आर्द्रता बढ़ने पर औसत M घटता है और u ∝ 1/√M से चाल बढ़ जाती है।
✔️ उत्तर: आर्द्र, गर्म वायु में ध्वनि तेज़ चलती है।

🔹 प्रश्न 14.5
आपने यह सीखा है कि एक विमा में प्रगामी तरंग का फलन y = f(x, t) ऐसा होना चाहिए जिसमें x और t का संयोजन (x − vt) या (x + vt) के रूप में आता हो; अर्थात् y = f(x ∓ vt).
क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है?
नीचे दिए गए रूपों को जाँचकर बताइए कि क्या वे किसी प्रगामी तरंग को निरूपित करते हैं:
(a) y = (x − vt)²
(b) y = log[(x + vt)/x]
(c) y = 1/(x + vt)
✏️ उत्तर:
🔵 सिद्धांत — यदि y को केवल (x − vt) या (x + vt) के एकल फलन के रूप में लिखा जा सके, तो वह क्रमशः +x या −x दिशा में वेग v से चलती प्रगामी तरंग है।
यदि x और t अलग-अलग रूप में उपस्थित हों (केवल संयोजन नहीं), तो वह प्रगामी तरंग नहीं है।
🟢 (a) y = (x − vt)²
यह f(x − vt) का ही रूप है।
✔️ प्रगामी तरंग, दिशा: +x, वेग = v
🟡 (b) y = log[(x + vt)/x] = log(1 + vt/x)
x और t अलग-अलग हैं।
✖️ प्रगामी तरंग नहीं
🔴 (c) y = 1/(x + vt)
यह f(x + vt) का रूप है।
✔️ प्रगामी तरंग, दिशा: −x, वेग = v

🔹 प्रश्न 14.6
कोई समदाब माध्यम (वायु) में 1000 kHz आवृत्ति की पार्श्व ध्वनि उत्पन्न करता है। यह ध्वनि जल की सतह से टकराती है।
(a) परावर्तित (वायु में) तथा अपवर्तित (जल में) तरंगों की आवृत्ति क्या होगी?
(b) वायु तथा जल में तरंगों की तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए।
(वायु में ध्वनि का वेग 340 m s⁻¹ और जल में 1486 m s⁻¹ है।)
✏️ उत्तर:
💡 आवृत्ति सीमा पर स्थिर रहती है — न परावर्तन में बदलती है, न अपवर्तन में।
(a)
परावर्तित आवृत्ति fᵣ = 1000 kHz = 1.0 × 10⁶ Hz
अपवर्तित आवृत्ति fₜ = 1.0 × 10⁶ Hz
(b) तरंगदैर्घ्य (λ = v/f):
🟢 वायु में: λₐᵢᵣ = 340 / (1.0 × 10⁶) = 3.40 × 10⁻⁴ m = 0.34 mm
🔵 जल में: λʷₐₜₑᵣ = 1486 / (1.0 × 10⁶) = 1.486 × 10⁻³ m = 1.486 mm
✔️ निष्कर्ष:
दोनों माध्यमों में आवृत्ति = 1000 kHz (अपरिवर्तित)
तरंगदैर्घ्य: वायु = 0.34 mm, जल = 1.49 mm (लगभग)

🔹 प्रश्न 14.7
किसी अस्पताल में डॉक्टरों ने रक्तधारा की गति ज्ञात करने के लिए पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) स्कैनर का प्रयोग किया।
उस ऊतक में ध्वनि की चाल 1.7 km s⁻¹ है और स्कैनर की प्रेषित आवृत्ति 4.2 MHz है।
यदि रक्त का प्रवाह स्रोत की ओर है, तो प्राप्त तरंग की आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
✏️ दिए गए:
ध्वनि की चाल v = 1.7 × 10³ m/s
प्रेषित आवृत्ति f = 4.2 × 10⁶ Hz
रक्त की गति u = 0.3 m/s (औसत मान लिया गया)
💡 डॉप्लर प्रभाव का सूत्र:
f’ = f × (v + u) / v
f’ = 4.2 × 10⁶ × (1700 + 0.3) / 1700
f’ = 4.2 × 10⁶ × 1.000176 = 4.20074 × 10⁶ Hz
आवृत्ति में परिवर्तन:
Δf = f’ − f = 0.00074 × 10⁶ = 740 Hz
✔️ उत्तर:
प्राप्त तरंग की आवृत्ति = 4.20074 MHz
आवृत्ति में वृद्धि = 740 Hz

🔹 प्रश्न 14.8
किसी तरंग का समीकरण है —
y(x, t) = 3.0 sin(36t + 0.018x + π/4)
(a) क्या यह प्रगामी तरंग है अथवा स्थायी?
(b) यदि यह प्रगामी तरंग है, तो इसकी चाल, तरंगदैर्घ्य और दिशा ज्ञात कीजिए।
(c) समय के साथ कण का अधिकतम विस्थापन क्या है?
(d) x = 0 और t = 0 पर कण का प्रारंभिक विस्थापन और प्रारंभिक वेग ज्ञात कीजिए।
✏️ दिया गया समीकरण:
y = 3.0 sin(36t + 0.018x + π/4)
मानक रूप:
+x दिशा की तरंग: y = A sin(ωt − kx + φ)
−x दिशा की तरंग: y = A sin(ωt + kx + φ)
यहाँ +kx है ⇒ तरंग −x दिशा में प्रगामी है।
✔️ यह प्रगामी तरंग है।

💡 तरंग की चाल:
ω = 36 rad/s, k = 0.018 m⁻¹
v = ω / k = 36 / 0.018 = 2000 m/s

💡 तरंगदैर्घ्य:
λ = 2π / k = 2π / 0.018 = 349 m

💡 अधिकतम विस्थापन (आयाम):
A = 3.0 m

💡 x = 0, t = 0 पर:
y = 3.0 sin(π/4) = 3 × 1/√2 = 2.12 m
✔️ प्रारंभिक विस्थापन = 2.12 m
प्रारंभिक वेग:
vᵧ = ∂y/∂t = Aω cos(ωt + kx + φ)
x = 0, t = 0 पर
vᵧ = 3 × 36 × cos(π/4) = 108 × 1/√2 = 76.4 m/s
✔️ प्रारंभिक वेग = 76.4 m/s

🔹 प्रश्न 14.9
प्रश्न 14.8 में वर्णित तरंग के लिए x = 0 cm, 2 cm तथा 4 cm के लिए विस्थापन (y) और समय (t) के बीच ग्राफ आकृतियाँ बनाइए।
इन प्राचलों का आयाम क्या है?
आयाम, आवृत्ति तथा तरंगदैर्घ्य में से किन पहलुओं में प्रगामी तरंग में समानता बनी रहती है और किन पहलुओं में भिन्नता आती है?
✏️ दिया गया समीकरण (प्रश्न 14.8 से):
y(x, t) = 3.0 sin(36t + 0.018x + π/4)

💡 (1) विभिन्न बिंदुओं के लिए समीकरण:
x = 0 cm ⇒ y₁ = 3 sin(36t + π/4)
x = 2 cm = 0.02 m ⇒ y₂ = 3 sin(36t + 0.018 × 0.02 + π/4)
x = 4 cm = 0.04 m ⇒ y₃ = 3 sin(36t + 0.018 × 0.04 + π/4)
y₂ = 3 sin(36t + 0.00036 + π/4)
y₃ = 3 sin(36t + 0.00072 + π/4)
➡️ सभी तरंगों का आयाम A = 3.0 m है (एक समान)।
➡️ समय के साथ इन तीनों बिंदुओं के ग्राफ समान प्रकार के साइन वेव होंगे, पर उनके फेज में हल्का अंतर होगा।

💡 (2) समानताएँ और भिन्नताएँ:
🟢 समानताएँ: आयाम, आवृत्ति, तरंगदैर्घ्य
🔵 भिन्नता: फेज (x के बढ़ने से फेज बदलता है)
✔️ उत्तर: तीनों बिंदुओं के लिए तरंगों का आयाम 3 m है, पर उनके फेज में थोड़ा अंतर है। प्रगामी तरंग में आयाम, आवृत्ति और तरंगदैर्घ्य समान रहते हैं, जबकि फेज भिन्न होता है।

🔹 प्रश्न 14.10
प्रगामी गुणात्मक तरंग —
y(x, t) = 2.0 cos 2π (10t − 0.0080x + 0.35)
जिसमें x और y मीटर में तथा t सेकण्ड में मापा गया है।
उन दो निकटवर्ती बिंदुओं के बीच चरण भिन्नता ज्ञात कीजिए जिनकी दूरी 0.5 m है।
✏️ सामान्य रूप:
y = A cos 2π (ft − x/λ + φ)
यहाँ से तरंगदैर्घ्य λ ज्ञात करते हैं —
2π (10t − 0.0080x + 0.35) ⇒ 0.0080 = 1/λ
⇒ λ = 1 / 0.0080 = 125 m

💡 चरण भिन्नता (Δφ):
Δφ = (2π / λ) × Δx
= (2π / 125) × 0.5 = 2π × 0.004 = 0.008π rad
✔️ उत्तर:
निकटवर्ती दो बिंदुओं के बीच चरण भिन्नता 0.008π rad (लगभग 0.025 rad) है।

🔹 प्रश्न 14.11
किसी तनी हुई डोरी पर अनुप्रस्थ विस्थापन दिया है —
y(x, t) = 0.06 sin((2π/3) x) cos(120π t)
जहाँ y और x मीटर में तथा t सेकंड में है। डोरी की लंबाई 1.5 m है और कुल द्रव्यमान 3.0×10⁻³ kg है।
उत्तर:
(a) यह एक स्थिर तरंग (Standing Wave) है क्योंकि y(x, t) = X(x) × T(t) के रूप में लिखा गया है, जबकि प्रगामी तरंग का स्वरूप y = f(x ± vt) होता है।
(b) k = 2π/3 ⇒ λ = 2π/k = 3 m
ω = 120π ⇒ f = ω/2π = 60 Hz
नोड (स्थिर बिंदु): sin(kx) = 0 ⇒ x = nπ/k = 1.5n
अतः x = 0 m और x = 1.5 m पर नोड हैं।
एण्टीनोड (अधिकतम विस्थापन वाले बिंदु):
kx = (2n+1)π/2 ⇒ x = (2n+1)/2 × 1.5 = 0.75 m (मध्य बिंदु)।
आयाम (Amplitude): A = 0.06 m (अधिकतम)।
(c) तरंग का वेग v = ω/k = 120π ÷ (2π/3) = 180 m/s
रैखिक घनत्व μ = (3.0×10⁻³)/1.5 = 2.0×10⁻³ kg/m
तनाव T = μv² = 2.0×10⁻³ × (180)² = 64.8 N
अतः डोरी में तनाव = 64.8 N और तरंग का वेग = 180 m/s

🔹 प्रश्न 14.12
(i) समान आयाम वाले बिंदु: वे बिंदु जो किसी नोड से समान दूरी पर हों।
(ii) समान फेज वाले बिंदु: एक ही नोड के बीच स्थित सभी कण एक समान फेज में होते हैं।
(iii) x = 0.375 m पर आयाम:
kx = (2π/3) × 0.375 = π/4
A = 0.06 sin(π/4) = 0.06/√2 = 0.042 m
✔️ आयाम = 0.042 m
✔️ यह बिंदु एण्टीनोड नहीं है, परंतु यह नोड और एण्टीनोड के बीच स्थित है।

🔹 प्रश्न 14.13
(a) y = 2 cos(3x) sin(10t)
→ y = X(x) × T(t) ⇒ स्थिर तरंग, प्रगामी नहीं।
(b) y = 2√(x − vt)
→ केवल (x − vt) पर निर्भर ⇒ प्रगामी तरंग, दिशा +x, वेग = v
(c) y = 3 sin(5x − 0.5t) + 4 cos(5x − 0.5t)
→ एक ही फेज वाले दो तरंगों का योग ⇒ y = 5 sin(5x − 0.5t + δ) जहाँ δ = tan⁻¹(4/3)
प्रगामी तरंग, दिशा +x
k = 5 ⇒ λ = 2π/5 = 1.26 m
ω = 0.5 ⇒ f = ω/2π = 0.0796 Hz
v = ω/k = 0.1 m/s
(d) y = cosx sin t + cos2x sin2t
→ दो अलग-अलग k व ω की तरंगें हैं ⇒ एकल प्रगामी तरंग नहीं

🔹 प्रश्न 14.14
दो स्थिर सिरों के बीच तनी हुई तार अपनी मूल अवस्था में 45 Hz आवृत्ति से कम्पन करती है। इस तार का द्रव्यमान 3.5 × 10⁻² kg तथा रैखिक घनत्व 4.0 × 10⁻² kg m⁻¹ है।
(a) तार पर अनुप्रस्थ तरंग की चाल क्या है?
(b) तार में तनाव कितना है?

🔹 उत्तर:
✏️ दिए गए हैं:
लंबाई = L = 3.5 × 10⁻² / (4.0 × 10⁻²) = 0.875 m
(क्योंकि रैखिक घनत्व μ = m/L ⇒ L = m/μ)
आवृत्ति (fundamental) = f₁ = 45 Hz
रैखिक घनत्व = μ = 4.0 × 10⁻² kg/m

💡 (a) अनुप्रस्थ तरंग की चाल (v):
मूल आवृत्ति के लिए,
f₁ = v / (2L)
अतः
v = 2L × f₁
➡️ v = 2 × 0.875 × 45
v = 78.75 m/s
अतः तार में अनुप्रस्थ तरंग की चाल = 78.8 m/s (लगभग)

💡 (b) तार में तनाव (T):
T = μv²
➡️ T = (4.0 × 10⁻²) × (78.75)²
T = 0.04 × 6206.25
T = 248.25 N

✔️ अंतिम उत्तर:
(a) तरंग की चाल = 78.8 m/s
(b) तार में तनाव = 248 N (लगभग)
🔹 प्रश्न 14.15
एक सिरे पर खुली तथा दूसरे सिरे पर बंद 1 m लंबी नली में, किसी नियत आवृत्ति (340 Hz आवृत्ति का स्थायी कंपन) के साथ जब नली में वायु स्तंभ 25.5 cm और 79.3 cm लंबाई पर अनुनाद दर्शाती है, तो प्रमाणित कीजिए कि वायु में ध्वनि की चाल का आंकलन करें।
✏️ दिया गया:
पहला अनुनाद = l₁ = 25.5 cm = 0.255 m
दूसरा अनुनाद = l₂ = 79.3 cm = 0.793 m
आवृत्ति (f) = 340 Hz
💡 दो अनुनादों के बीच का अंतर:
l₂ − l₁ = (3λ/4 − λ/4) = λ/2
➡️ λ/2 = 0.793 − 0.255 = 0.538 m
∴ λ = 2 × 0.538 = 1.076 m
ध्वनि की चाल v = f × λ
➡️ v = 340 × 1.076 = 366 m/s
✔️ उत्तर: वायु में ध्वनि की चाल 366 m/s है।

🔹 प्रश्न 14.16
100 cm लंबी स्टील-छड़ अपने मध्य बिंदु पर स्थिर की गई है। इसके अनुदैर्ध्य कंपन की मूल आवृत्ति 2.53 kHz है। स्टील में ध्वनि की चाल क्या है?
✏️ दिया गया:
लंबाई L = 100 cm = 1.0 m
मूल आवृत्ति f = 2.53 kHz = 2.53×10³ Hz
💡 छड़ दोनों सिरों पर मुक्त और मध्य में स्थिर है, अतः
λ = 2L = 2 × 1 = 2 m
v = f × λ
➡️ v = 2.53×10³ × 2 = 5.06×10³ m/s
✔️ उत्तर: स्टील में ध्वनि की चाल = 5.06 × 10³ m/s

🔹 प्रश्न 14.17
20 cm लंबाई का पाइप एक सिरे पर बंद है। यदि 430 Hz आवृत्ति के स्रोत द्वारा उत्पन्न ध्वनि इस पाइप को अनुनादित करती है, तो बताइए कि पाइप में कौन-सा गुणात्मक (harmonic) अनुनाद उत्पन्न होगा? वायु में ध्वनि की चाल 340 m/s है।
✏️ दिया गया:
L = 20 cm = 0.20 m
v = 340 m/s
f = 430 Hz
💡 बंद पाइप के लिए:
fₙ = n × v / 4L , जहाँ n = 1, 3, 5,…
f₁ = v / 4L = 340 / (4 × 0.20) = 425 Hz
यह दी गई आवृत्ति (430 Hz) के बहुत समीप है,
∴ यह प्रथम अनुनाद (पहला हार्मोनिक) है।
✔️ उत्तर: यह पाइप पहले हार्मोनिक (n = 1) पर अनुनादित होगा।
🔹 प्रश्न 14.18
सितार की दो तारें A तथा B एक साथ ‘m’ स्वर बजा रही हैं तथा थोड़ी-थोड़ी खिंचाव में भिन्नता होने के कारण 6 Hz आवृत्ति के कंपन उत्पन्न कर रही हैं।
यदि A तार का तनाव कुछ घटाने पर कंपन की आवृत्ति 3 Hz रह जाती है और A की मूल आवृत्ति 324 Hz है, तो B की आवृत्ति क्या होगी?

✏️ दिया गया:
fₐ = 324 Hz
बीट्स की आवृत्ति (पहले) = 6 Hz
तनाव घटाने पर बीट्स = 3 Hz
💡 बीट्स का सूत्र:
ν_beats = |fₐ − f_b|
पहली स्थिति में:
|fₐ − f_b| = 6 … (1)
दूसरी स्थिति (तनाव घटाने से A की आवृत्ति घटती है):
अब fₐ’ < fₐ
∴ |fₐ’ − f_b| = 3 … (2)
👉 चूंकि तनाव घटने से fₐ’ कम होती है, इसलिए f_b पहले fₐ से अधिक था।
(1) से f_b = fₐ + 6 = 324 + 6 = 330 Hz
✔️ उत्तर: B तार की आवृत्ति = 330 Hz

🔹 प्रश्न 14.19
स्पष्ट कीजिए (अथवा लिखिए):
(a) किसी माध्यम में व्याघात तरंग (transverse wave) एवं अनुदैर्ध्य तरंग (longitudinal wave) में क्या अंतर है।
(b) ध्वनि के सुनाई न देने पर क्या परिस्थितियाँ होती हैं।
(c) परावर्तन नियम के अनुसार ध्वनि का परावर्तन कैसे होता है।
(d) तरंग गति के अनुप्रस्थ एवं अनुदैर्ध्य रूपों में मुख्य अंतर लिखिए।
(e) घनत्वीय माध्यम में तरंगों के साथ-साथ आकृति परिवर्तन क्यों हो जाता है।

✏️ उत्तर:
(a) अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse waves): इनमें कणों का दोलन तरंग के प्रसार की दिशा के लम्बवत् होता है।
अनुदैर्ध्य तरंगें (Longitudinal waves): इनमें कणों का दोलन तरंग के प्रसार की दिशा के समानान्तर होता है।
(b) जब तरंगों का परावर्तन, अपवर्तन या हस्तक्षेप इस प्रकार होता है कि उनकी आयाम एक-दूसरे को शून्य कर दें, तब ध्वनि सुनाई नहीं देती।
(c) परावर्तन का नियम: ध्वनि तरंगों का आपतन कोण = परावर्तन कोण होता है। ध्वनि चिकने और कठोर पृष्ठों से परावर्तित होती है।
(d) मुख्य अंतर:
अनुप्रस्थ तरंगें ठोसों में चल सकती हैं, द्रवों-गैसों में नहीं।
अनुदैर्ध्य तरंगें ठोस, द्रव और गैस सभी में चल सकती हैं।
(e) घनत्वीय माध्यम में तरंग के साथ-साथ माध्यम के कणों की आकृति में भी अस्थायी परिवर्तन आता है, क्योंकि कणों में दाब और विरलन उत्पन्न होते हैं।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

🌀 खंड-A (प्रश्न 1–18 : बहुविकल्पीय प्रश्न – MCQs)

प्रश्न 1. तरंग वह प्रक्रिया है जिसमें —
🔵 (A) ऊर्जा और पदार्थ दोनों संचरित होते हैं
🟢 (B) केवल ऊर्जा संचरित होती है
🟠 (C) केवल पदार्थ संचरित होता है
🔴 (D) न ऊर्जा न पदार्थ संचरित होता है
Answer: (B) केवल ऊर्जा संचरित होती है

प्रश्न 2. किसी तरंग का तरंगदैर्घ्य (λ) वह दूरी है —
🔵 (A) जिसमें कण अधिकतम विस्थापित होता है
🟢 (B) दो समान फेज़ वाले बिंदुओं के बीच
🟠 (C) एक पूरा चक्र पूरा करने में तय दूरी
🔴 (D) इनमें से कोई नहीं
Answer: (B) दो समान फेज़ वाले बिंदुओं के बीच

प्रश्न 3. तरंग की गति v किसके समानुपाती होती है?
🔵 (A) आवृत्ति
🟢 (B) तरंगदैर्घ्य
🟠 (C) λf
🔴 (D) A²
Answer: (C) λf

प्रश्न 4. अनुप्रस्थ तरंगों में कणों का दोलन किस दिशा में होता है?
🔵 (A) तरंग प्रसार की दिशा में
🟢 (B) तरंग प्रसार की दिशा के लंबवत
🟠 (C) कोणीय दिशा में
🔴 (D) परवलयीय दिशा में
Answer: (B) तरंग प्रसार की दिशा के लंबवत

प्रश्न 5. अनुदैर्ध्य तरंगें किस माध्यम में चल सकती हैं?
🔵 (A) ठोस में
🟢 (B) द्रव में
🟠 (C) गैस में
🔴 (D) उपरोक्त सभी में
Answer: (D) उपरोक्त सभी में

प्रश्न 6. y = A sin(kx − ωt) का अर्थ है —
🔵 (A) तरंग +x दिशा में चल रही है
🟢 (B) तरंग −x दिशा में चल रही है
🟠 (C) स्थायी तरंग
🔴 (D) परावर्तित तरंग
Answer: (A) तरंग +x दिशा में चल रही है

प्रश्न 7. तरंग संख्या k = ?
🔵 (A) 2π/λ
🟢 (B) λ/2π
🟠 (C) ω/λ
🔴 (D) 2πλ
Answer: (A) 2π/λ

प्रश्न 8. तरंग समीकरण y = 0.02 sin(2πx − 100πt) में आवृत्ति = ?
🔵 (A) 50 Hz
🟢 (B) 100 Hz
🟠 (C) 25 Hz
🔴 (D) 200 Hz
Answer: (A) 50 Hz

प्रश्न 9. माध्यम के घनत्व में वृद्धि से ध्वनि की गति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
🔵 (A) बढ़ जाती है
🟢 (B) घट जाती है
🟠 (C) समान रहती है
🔴 (D) शून्य हो जाती है
Answer: (B) घट जाती है

प्रश्न 10. v = √(E/ρ) में E का अर्थ है —
🔵 (A) द्रव्यमान
🟢 (B) प्रत्यास्थता गुणांक
🟠 (C) ऊर्जा
🔴 (D) तापमान
Answer: (B) प्रत्यास्थता गुणांक

प्रश्न 11. ध्वनि तरंग किस प्रकार की होती है?
🔵 (A) अनुप्रस्थ
🟢 (B) अनुदैर्ध्य
🟠 (C) मिश्रित
🔴 (D) विद्युतचुंबकीय
Answer: (B) अनुदैर्ध्य

प्रश्न 12. तरंग में नोड वह बिंदु है जहाँ —
🔵 (A) विस्थापन अधिकतम है
🟢 (B) विस्थापन शून्य है
🟠 (C) वेग अधिकतम है
🔴 (D) ऊर्जा अधिकतम है
Answer: (B) विस्थापन शून्य है

प्रश्न 13. एंटी-नोड पर विस्थापन —
🔵 (A) शून्य
🟢 (B) न्यूनतम
🟠 (C) अधिकतम
🔴 (D) अपरिभाषित
Answer: (C) अधिकतम

प्रश्न 14. तरंग की ऊर्जा का मान अनुपाती होता है —
🔵 (A) A
🟢 (B) A²
🟠 (C) A³
🔴 (D) √A
Answer: (B) A²

प्रश्न 15. डॉप्लर प्रभाव किसके कारण होता है?
🔵 (A) तापमान के कारण
🟢 (B) स्रोत और पर्यवेक्षक की सापेक्ष गति
🟠 (C) दाब परिवर्तन
🔴 (D) घनत्व परिवर्तन
Answer: (B) स्रोत और पर्यवेक्षक की सापेक्ष गति

प्रश्न 16. एक ही दिशा में चलने वाली दो तरंगें मिलती हैं तो यह कहलाता है —
🔵 (A) परावर्तन
🟢 (B) अध्यारोपण
🟠 (C) प्रतिध्वनि
🔴 (D) विवर्तन
Answer: (B) अध्यारोपण

प्रश्न 17. v = √(γRT/M) में γ क्या है?
🔵 (A) गैस का तापमान
🟢 (B) गैस का घनत्व
🟠 (C) विशिष्ट ऊष्मा का अनुपात
🔴 (D) गैस स्थिरांक
Answer: (C) विशिष्ट ऊष्मा का अनुपात

प्रश्न 18. डॉप्लर प्रभाव के अनुसार यदि स्रोत पास आ रहा है तो सुनाई देने वाली आवृत्ति —
🔵 (A) घटती है
🟢 (B) बढ़ती है
🟠 (C) समान रहती है
🔴 (D) समाप्त हो जाती है
Answer: (B) बढ़ती है

⚡ खंड-B (संक्षिप्त एवं मध्यम उत्तर प्रश्न)

प्रश्न 19. तरंग क्या है? यांत्रिक तरंगों के प्रकार बताइए।
उत्तर:
🟢 तरंग वह प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानांतरित होती है, परंतु माध्यम के कण अपने औसत स्थान से आगे-पीछे दोलन करते हैं।
यांत्रिक तरंगें दो प्रकार की होती हैं —
1️⃣ अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse Waves): कणों का दोलन तरंग की चाल की दिशा के लंबवत होता है।
2️⃣ अनुदैर्ध्य तरंगें (Longitudinal Waves): कणों का दोलन तरंग की चाल की दिशा के समानांतर होता है।

प्रश्न 20. अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर लिखिए।
उत्तर:
🔵 अनुप्रस्थ तरंग:
➡️ कणों का दोलन तरंग की दिशा के लंबवत होता है।
➡️ शिखर और गर्त बनते हैं।
➡️ ठोस और रस्सी में उत्पन्न की जा सकती है।
🟢 अनुदैर्ध्य तरंग:
➡️ कणों का दोलन तरंग की दिशा के समानांतर होता है।
➡️ संपीड़न और प्रसारण बनते हैं।
➡️ गैसों और द्रवों में उत्पन्न की जा सकती है।

प्रश्न 21. तरंग का तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति और चाल के बीच संबंध लिखिए।
उत्तर:
💡 तरंग का मूल संबंध है —
➡️ v = λf
जहाँ,
v = तरंग की चाल
λ = तरंगदैर्घ्य
f = आवृत्ति
✔️ यदि T काल हो, तो v = λ/T भी लिखा जा सकता है।

प्रश्न 22. अध्यारोपण सिद्धांत (Superposition Principle) को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
🟠 जब दो या अधिक तरंगें किसी माध्यम में एक साथ चलती हैं, तो किसी बिंदु पर कुल विस्थापन सभी तरंगों के विस्थापनों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।
➡️ y = y₁ + y₂
✔️ यह सिद्धांत स्थायी तरंगों और हस्तक्षेप जैसी घटनाओं की व्याख्या करता है।

प्रश्न 23. स्थायी तरंग (Standing Wave) क्या है? इसका समीकरण लिखिए।
उत्तर:
🔵 जब समान आवृत्ति और आयाम की दो तरंगें विपरीत दिशाओं में चलती हैं और एक-दूसरे पर अध्यारोपित होती हैं, तो स्थायी तरंग बनती है।
➡️ इसका समीकरण है —
y = 2A sin(kx) cos(ωt)
✔️ इसमें ऊर्जा का संचार नहीं होता, बल्कि नोड (Nodes) और एंटी-नोड (Antinodes) बनते हैं।

प्रश्न 24. नोड (Node) और एंटी-नोड (Antinode) में अंतर बताइए।
उत्तर:
🟢 नोड: वह बिंदु जहाँ विस्थापन सदैव शून्य रहता है।
🟠 एंटी-नोड: वह बिंदु जहाँ विस्थापन अधिकतम होता है।
💡 नोड और एंटी-नोड वैकल्पिक रूप से स्थायी तरंग में बनते हैं।

प्रश्न 25. ध्वनि की चाल किन-किन कारकों पर निर्भर करती है?
उत्तर:
🔴 ध्वनि की चाल (v) पर प्रभाव डालने वाले कारक —
1️⃣ माध्यम की प्रत्यास्थता (Elasticity) ⇒ v ∝ √E
2️⃣ माध्यम का घनत्व (Density) ⇒ v ∝ 1/√ρ
3️⃣ तापमान ⇒ तापमान बढ़ने पर चाल बढ़ती है।
✔️ गैस के लिए: v = √(γRT/M)

प्रश्न 26. डॉप्लर प्रभाव का क्या अर्थ है?
उत्तर:
🟢 जब ध्वनि का स्रोत या पर्यवेक्षक एक-दूसरे की सापेक्ष गति में होते हैं, तो सुनाई देने वाली आवृत्ति में परिवर्तन होता है।
➡️ यदि स्रोत पास आ रहा है ⇒ आवृत्ति बढ़ती है
➡️ यदि स्रोत दूर जा रहा है ⇒ आवृत्ति घटती है
सूत्र:
f’ = f (v ± v₀)/(v ∓ vₛ)

प्रश्न 27. एक स्थायी तरंग में क्रमागत नोडों के बीच की दूरी क्या होती है?
उत्तर:
🔵 स्थायी तरंग के समीकरण y = 2A sin(kx) cos(ωt) में,
नोड वहाँ बनते हैं जहाँ sin(kx) = 0
⇒ kx = nπ
⇒ x = n(λ/2)
✔️ अतः क्रमागत नोडों के बीच की दूरी λ/2 होती है।

🌊 खंड-C एवं D (दीर्घ एवं अनुप्रयोग आधारित प्रश्न)

प्रश्न 28. तरंग समीकरण y = A sin(kx − ωt + φ) का व्युत्पादन कीजिए और इसके प्रत्येक घटक का अर्थ बताइए।
उत्तर:
🟢 मान लीजिए कि एक तरंग x-अक्ष की धनात्मक दिशा में चल रही है।
माध्यम का कोई बिंदु, जब स्रोत से दूरी x पर हो और समय t पर दोलन करता हो, तो —
➡️ उसका विस्थापन समय पर निर्भर करता है।
➡️ स्रोत पर विस्थापन y = A sin(ωt + φ) होता है।
अब यदि तरंग x दूरी तक जा चुकी है, तो इसमें समय का विलंब t = x/v होगा।
इसलिए उस बिंदु पर विस्थापन होगा —
➡️ y = A sin[ω(t − x/v) + φ]
चूँकि k = 2π/λ और ω/v = k, अतः
➡️ y = A sin(ωt − kx + φ)
✔️ यही तरंग समीकरण है, जिसमें:
A → आयाम
k → तरंग संख्या = 2π/λ
ω → कोणीय आवृत्ति = 2πf
φ → प्रारंभिक चरण
💡 यह समीकरण बताता है कि तरंग कैसे समय और दूरी दोनों के साथ बदलती है।

प्रश्न 29. स्थायी तरंग के निर्माण की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
🔵 मान लीजिए समान आयाम (A), समान आवृत्ति (f) और समान माध्यम में चलने वाली दो तरंगें विपरीत दिशाओं में चल रही हैं —
➡️ y₁ = A sin(kx − ωt)
➡️ y₂ = A sin(kx + ωt)
अध्यारोपण सिद्धांत के अनुसार,
➡️ y = y₁ + y₂
➡️ y = A[sin(kx − ωt) + sin(kx + ωt)]
➡️ y = 2A sin(kx) cos(ωt)
✔️ यह स्थायी तरंग का समीकरण है।
💡 इसमें ऊर्जा का संचार नहीं होता; कुछ बिंदुओं पर विस्थापन सदैव शून्य (नोड) और कुछ पर अधिकतम (एंटी-नोड) रहता है।
नोड्स के बीच दूरी λ/2 होती है।

प्रश्न 30. एक माध्यम में 0.02 m तरंगदैर्घ्य और 200 Hz आवृत्ति की तरंग चल रही है। तरंग का वेग ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया गया: λ = 0.02 m, f = 200 Hz
तरंग का वेग v = λf
➡️ v = 0.02 × 200 = 4 m/s
✔️ अतः तरंग की चाल 4 m/s है।

प्रश्न 31. एक वायु स्तंभ की लम्बाई 17 cm है। यदि यह पहले अनुनाद पर ध्वनि उत्पन्न करता है (v = 340 m/s), तो ध्वनि की आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
वायु स्तंभ का पहला अनुनाद (एक सिरा बंद, दूसरा खुला) ⇒ L = λ/4
➡️ λ = 4L = 4 × 0.17 = 0.68 m
अब, v = fλ
➡️ f = v/λ = 340 / 0.68 = 500 Hz
✔️ अतः ध्वनि की आवृत्ति 500 Hz होगी।

प्रश्न 32. डॉप्लर प्रभाव का गणितीय व्यंजक निकालिए और इसके दो अनुप्रयोग बताइए।
उत्तर:
🟢 जब स्रोत और पर्यवेक्षक एक-दूसरे के सापेक्ष गति में होते हैं, तो सुनी गई आवृत्ति बदल जाती है।
व्यंजक:
f’ = f (v ± v₀)/(v ∓ vₛ)
जहाँ,
f’ = सुनी गई आवृत्ति
f = स्रोत की वास्तविक आवृत्ति
v = माध्यम में ध्वनि की चाल
v₀ = पर्यवेक्षक की चाल
vₛ = स्रोत की चाल
➤ जब स्रोत पास आता है ⇒ f’ > f
➤ जब स्रोत दूर जाता है ⇒ f’ < f
अनुप्रयोग:
1️⃣ रडार द्वारा वाहन की गति मापना।
2️⃣ तारों व ग्रहों की गति का निर्धारण (खगोल विज्ञान में)।

प्रश्न 33. दो समान आवृत्ति वाली तरंगें y₁ = 0.1 sin(100πt − 5x) और y₂ = 0.1 sin(100πt − 5x + π/2) माध्यम में चल रही हैं। परिणामी तरंग का आयाम ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
आयामों का संयोजन —
A₁ = A₂ = 0.1 m
फेज़ अंतर φ = π/2
➡️ परिणामी आयाम:
A = √(A₁² + A₂² + 2A₁A₂ cosφ)
➡️ A = √(0.1² + 0.1² + 2×0.1×0.1×cos(π/2))
➡️ A = √(0.01 + 0.01 + 0) = √(0.02) = 0.141 m
✔️ परिणामी तरंग का आयाम 0.141 m होगा।

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