Class 11 : BIology (In Hindi) – अध्याय 4: प्राणि जगत
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🔷 परिचय: प्राणि जगत की विविधता 🌍
प्रकृति में प्राणियों की अत्यधिक विविधता देखने को मिलती है। चाहे वह एकलकोशिकीय ऐमीबा हो या बहुकोशिकीय मानव, सभी प्राणी कुछ सामान्य विशेषताएँ साझा करते हैं, परंतु फिर भी प्रत्येक की संरचना, कार्यप्रणाली, आवास और जीवन चक्र में भिन्नता होती है।
🔵 प्रमुख उद्देश्य — इस अध्याय में विद्यार्थियों को प्राणियों के वर्गीकरण, उनके लक्षणों, और विभिन्न संघों (phylum) के बारे में क्रमबद्ध जानकारी दी गई है।
✏️ नोट: यह अध्याय ‘प्राकृतिक वर्गीकरण’ प्रणाली के माध्यम से सभी प्रमुख प्राणी संघों को समझाने पर केन्द्रित है।
🟢 प्राणी जगत की विविधता
विश्व में अब तक खोजे गए प्राणियों की संख्या लगभग 11 लाख से अधिक है। इतनी विविधता के कारण उन्हें वर्गीकृत करना आवश्यक होता है।
💡 संकल्पना: वर्गीकरण एक प्रणालीबद्ध प्रक्रिया है जिससे हम प्राणियों को उनके लक्षणों के अनुसार समूहों में बाँट सकते हैं।
🔴 वर्गीकरण का आधार
➡️ वर्गीकरण निम्नलिखित आधारों पर किया जाता है:
🟡 कोशिकीय संगठन: एककोशिकीय या बहुकोशिकीय
🟢 शरीर की संरचना: शरीर सममित या असममित
🔵 कोष्ठिका की दीवार: उपस्थित या अनुपस्थित
🔴 शरीर की स्तर योजना: डाइप्लोब्लास्टिक या ट्रिप्लोब्लास्टिक
🟠 सहजीविता, उत्सर्जन, पाचन, जनन आदि की प्रणाली
🔵 प्राणी संघों का परिचय (Phyla Introduction)
पोरिफेरा (स्पंज)

➡️ ये सबसे सरल बहुकोशिकीय प्राणी होते हैं।
✔️ शरीर पर छिद्र होते हैं जिन्हें ऑस्टिया कहते हैं।
✔️ जल संचरण तंत्र द्वारा भोजन और ऑक्सीजन का संचरण होता है।
✏️ नोट: इनमें कोई विशिष्ट ऊतक नहीं होते।
सीलेंट्रेटा (नाइडेरिया)
➡️ शरीर द्विस्तरीय (डाइप्लोब्लास्टिक) होता है।
✔️ इनमें नाइडोब्लास्ट कोशिकाएँ होती हैं जो शिकार पकड़ने और रक्षा में सहायक हैं।
✔️ रेडियल सममिति पाई जाती है।
🌿 उदाहरण: हाइड्रा, जेलीफ़िश

fig.-जेलीफ़िश
टीनोफोरा
➡️ केवल समुद्री और द्विस्तरीय जीव।
✔️ इनमें कॉम्ब प्लेट्स होते हैं जो गति में सहायक होते हैं।
✔️ जीवदीप्ति (bioluminescence) पाई जाती है।
प्लैटिहेलमिंथीज़ (चपटे कृमि)
➡️ शरीर त्रिस्तरीय और चपटा होता है।
✔️ परजीवी होते हैं जैसे टीनिया और फ़ेसिओला।
✔️ पाचन प्रणाली अधूरी या अनुपस्थित होती है।
🧠 स्मरणीय तथ्य: इनमें पुनर्जनन की उच्च क्षमता होती है।
ऐस्किहेल्मिन्थीज़ (गोल कृमि)
➡️ शरीर बेलनाकार और त्रिस्तरीय होता है।
✔️ परजीवी होते हैं जैसे ऐस्कैरिस।
✔️ पूर्ण पाचन तंत्र होता है।
ऐनेलिडा (कृमिलकीट)
➡️ खंडित शरीर संरचना (सेगमेंटेशन)।
✔️ लचकदार शरीर, त्वचा से श्वसन।
✔️ बंद परिसंचरण तंत्र।
🌿 उदाहरण: केंचुआ, रक्तकृमि

आर्थोपोडा (संयुक्तपाद कीट)

➡️ सबसे बड़ा प्राणी संघ।
✔️ खंडित शरीर और युग्मित अंग।
✔️ खुला परिसंचरण तंत्र।
✔️ एक्किसोस्केलेटन चिटिन का बना होता है।
💡 उदाहरण: तितली, मच्छर, झींगा
मोलस्का (नरम शरीर वाले जीव)
➡️ शरीर नरम, सिर, पाद और आवरण से युक्त।
✔️ प्रमुख अंग है रेडूला (रैखिक दंत रचना)।
✔️ खुला परिसंचरण तंत्र।
🌿 उदाहरण: सीप, घोंघा, ऑक्टोपस

ऑक्टोपस

एकाइनोडर्मेटा (कंटकीय त्वचा वाले जीव)
➡️ केवल समुद्री जीव।
✔️ पंचगुण सममिति (पंचरेडियल)
✔️ जल संचरण तंत्र द्वारा गति, श्वसन और उत्सर्जन।
✏️ नोट: ये ड्यूटेरोस्टोम जीव हैं।
हेमीकॉर्डेटा
➡️ पहले इन्हें कॉर्डेट में रखा जाता था।
✔️ अर्ध-रज्जुकीय (partial notochord)।
✔️ शरीर तीन भागों में विभाजित – सिर, कॉलर, धड़।
🌿 उदाहरण: बालानोग्लॉसस
🟢 कॉर्डेटा संघ का वर्गीकरण
कॉर्डेटा की विशेषता है – नोटोकॉर्ड, पृष्ठरज्जु, डोरसल नर्व कॉर्ड, और फेरिंजियल गिल स्लिट्स।
➡️ तीन प्रमुख उपसंघ:
🔶 1. यूरोकॉर्डेटा
✔️ लार्वा अवस्था में ही नोटोकॉर्ड।
✔️ उदाहरण: हेरडिमानिया
🔶 2. सीफैलोकॉर्डेटा
✔️ संपूर्ण जीवन में नोटोकॉर्ड विद्यमान।
✔️ उदाहरण: एम्फिऑक्सस
🔶 3. वर्टिब्रेटा (कशेरुकी)
➡️ इनमें रीढ़ की हड्डी होती है।
✔️ द्विपार्श्वीय सममिति
✔️ विभाजित शरीर – सिर, धड़, पूंछ
✔️ बंद परिसंचरण तंत्र
🔵 वर्टिब्रेटा के वर्ग
🐟 (क) पाइसीज़ (मछलियाँ)
✔️ दो कक्षीय हृदय
✔️ गलफड़ों द्वारा श्वसन
✔️ स्केल्स से आवृत शरीर
✔️ शल्कयुक्त त्वचा
🐸 (ख) एम्फीबिया (उभयचर)

✔️ जल और थल दोनों पर जीवन
✔️ तीन कक्षीय हृदय
✔️ त्वचा और फेफड़ों द्वारा श्वसन
🌿 उदाहरण: मेंढक, टोड
🐍 (ग) रेप्टीलिया (सरीसृप)
✔️ शुष्क त्वचा, शल्कों से ढकी
✔️ तीन कक्षीय हृदय (मगरमच्छ को छोड़कर – चार कक्ष)
✔️ अंडों में सख्त आवरण
🌿 उदाहरण: साँप, छिपकली
🐦 (घ) एवेस (पक्षी)
✔️ पंख, उड़ान योग्य शरीर
✔️ चार कक्षीय हृदय
✔️ फेफड़ों द्वारा श्वसन
✔️ उड़ान की अनुकूलन संरचना
🌿 उदाहरण: कबूतर, तोता
🐵 (ङ) मैमेलिया (स्तनधारी)
✔️ स्तनों से बच्चों को दूध पिलाते हैं
✔️ बालों से ढका शरीर
✔️ चार कक्षीय हृदय
✔️ मस्तिष्क अत्यधिक विकसित
🌿 उदाहरण: मानव, कुत्ता, शेर
🧠 क्यों महत्वपूर्ण है यह पाठ?
🧪 “प्राणि जगत” अध्याय से विद्यार्थी संपूर्ण जीवों की संरचना और वर्गीकरण की बुनियादी समझ विकसित करते हैं। इससे उन्हें जैव विविधता, पारिस्थितिकी, और विकासवाद की परिकल्पना में स्पष्टता मिलती है।
📘 📝 क्विक रीकैप:
🔹 प्राणियों की पहचान और विविधता
🔹 वर्गीकरण के आधार
🔹 11 प्रमुख संघों की विशेषताएँ
🔹 कॉर्डेटा के उपवर्ग – यूरोकॉर्डेटा, सीफैलोकॉर्डेटा, वर्टिब्रेटा
🔹 वर्टिब्रेटा के पाँच वर्ग
✅ “यह पाठ क्यों महत्त्वपूर्ण है?”
💡 यह अध्याय न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत उपयोगी है, बल्कि यह हमारे आसपास के पर्यावरण, जैव विविधता और विकासवाद की वैज्ञानिक समझ को भी गहराई प्रदान करता है।
🌱 यह हमें सिखाता है कि किस प्रकार विभिन्न प्राणी संरचना और कार्यों के आधार पर एक क्रमबद्ध प्रणाली में संगठित होते हैं — यही विज्ञान की खूबसूरती है!


✨ सारांश (300 शब्दों में)
🟢 प्राणि जगत अध्याय में पृथ्वी पर पाई जाने वाली सभी प्रकार की प्रजातियों को समझने और उन्हें व्यवस्थित ढंग से वर्गीकृत करने की पद्धति को सिखाया गया है।
🔵 सभी प्राणियों को उनकी संरचना, पाचन, उत्सर्जन, कोशिका की बनावट और जीवनचक्र के आधार पर विभिन्न संघों में बाँटा गया है। कुल 11 प्रमुख संघों जैसे पोरिफेरा, सीलेंट्रेटा, टीनोफोरा, प्लैटिहेल्मिन्थीज़, ऐस्किहेल्मिन्थीज़, ऐनेलिडा, आर्थोपोडा, मोलस्का, एकाइनोडर्मेटा, हेमीकॉर्डेटा और कॉर्डेटा को समझाया गया है।
🟡 कॉर्डेटा संघ को विशेष रूप से विस्तार से समझाया गया है क्योंकि इसमें वे प्राणी आते हैं जिनमें पृष्ठरज्जु होती है। यह तीन भागों में बाँटा गया है — यूरोकॉर्डेटा, सीफैलोकॉर्डेटा और वर्टिब्रेटा।
🔴 वर्टिब्रेटा को पाँच वर्गों – पाइसीज़ (मछलियाँ), एम्फीबिया (उभयचर), रेप्टीलिया (सरीसृप), एवेस (पक्षी) और मैमेलिया (स्तनधारी) में विभाजित किया गया है।
✔️ इस पाठ के अंतर्गत प्रत्येक वर्ग के उदाहरण, उनकी विशेषताएँ, शारीरिक संरचना तथा उनका पर्यावरणीय महत्व भी स्पष्ट किया गया है।
📚 यह अध्याय न केवल जीव विज्ञान की नींव मजबूत करता है, बल्कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
❓1. यदि मूलभूत लक्षण ज्ञात न हों तो प्राणियों को वर्गीकरण में आप क्या परेशानियाँ महसूस करोगे?
✅ उत्तर:
🔸 पहचान एवं नामकरण में कठिनाई
🔹 पारस्परिक तुलना और अध्ययन असंभव
🔸 विकासात्मक संबंधों का अनुमान नहीं लगाया जा सकता
🔹 वैज्ञानिक संवाद बाधित होता है
❓2. यदि आपको एक नमूना (स्पेसिमेन) दे दिया जाए तो वर्गीकरण हेतु आप क्या क्रम अपनाएँगे?
✅ उत्तर:
1️⃣ शरीर संरचना का निरीक्षण
2️⃣ स्तर (कोशिकीय/ऊतक/अंग स्तर)
3️⃣ भ्रूणीय परतों की संख्या
4️⃣ सहसममिति या विषममिति
5️⃣ कायगुहा (coelom) की उपस्थिति
6️⃣ खंडन (segmentation) की जाँच
7️⃣ वर्ग, गण आदि की पहचान
❓3. देखे/छुए गए प्रमुख या अज्ञात प्राणियों के वर्गीकरण को किस प्रकार सरल बनाया जा सकता है?
✅ उत्तर:
🔹 प्रमुख लक्षणों का सूक्ष्म निरीक्षण
🔸 वर्गों में रखे गए पूर्व प्राणियों से तुलना
🔹 उपलब्ध पहचान कुंजी (identification keys) का उपयोग
🔸 स्वरूप, गति, अंगों की रचना, पोषण विधि का अध्ययन
❓4. कोशिकीय एवं ऊतक संगठन स्तर में विशेष अंतर स्पष्ट कीजिए।
✅ उत्तर:
विशेषता कोशिकीय स्तर ऊतक स्तर
परिभाषा केवल कोशिकाओं का समूह विशिष्ट कार्य हेतु कोशिकाओं का समूह
उदाहरण स्पॉन्ज (Porifera) जेलीफ़िश (Cnidaria)
❓5. प्रगुण तथा अपदगुण परिवर्धन में क्या अंतर है?
✅ उत्तर:
🔹 प्रगुण परिवर्धन: वृद्धि में कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है
🔸 अपदगुण परिवर्धन: कोशिकाएँ आकार में बड़ी होती हैं, संख्या नहीं बढ़ती
❓6. पेसिलियेटेड प्रोटोजोआन्स के विशेष लक्षण बताओ।
✅ उत्तर:
🔹 बहुसंख्यक रेशेदार कशाभिकाएँ (cilia)
🔸 जलीय आवास
🔹 दो केंद्रक (एक बड़ा, एक छोटा)
🔸 उदाहरण: Paramecium
❓7. ज्वालाभुज प्राणी–समूह का सबसे बड़ा वर्ग कौन–सा है? इस वर्ग के प्रमुख लक्षण बताओ।
✅ उत्तर:
✔️ आर्थोपोडा (Arthropoda) – सबसे बड़ा समूह
🔹 खंडित शरीर – सिर, वक्ष, उदर
🔸 संयुक्त टांगे (jointed appendages)
🔹 बहिर्जात कंकाल (chitinous)
🔸 खुली परिसंचरण प्रणाली
🔹 उदाहरण: Cockroach, Spider, Crab
❓8. जल परिवहन तंत्र किस वर्ग के प्रमुख लक्षणों में से एक है?
✅ उत्तर:
✔️ (अ) पोरिफेरा
📌 स्पॉन्जों में शरीर में जल का संचार छोटे छिद्रों (ostia) से होकर होता है → केंद्रीय गुहा से बाहर
❓9. सभी कॉर्डेट (Chordates) एकगुहा (कॉएलोमेट) हैं, लेकिन सभी रज्जुक धारी कॉर्डेट नहीं होते हैं। इस कथन को स्पष्ट करो।
✅ उत्तर:
🔸 कॉर्डेट में अंतःपृष्ठीय (notochord), पृष्ठ रज्जु, ग्रसनी छिद्र, पृष्ठीय नाड़ी पाई जाती है
🔹 परंतु सभी कॉर्डेट में कशेरुक (vertebrae) नहीं होते
🔸 Ammocoetes जैसे प्राणी कॉर्डेट हैं पर कशेरुक रहित (protochordata)
❓10. मछलियों में वायु-आधार (एयर ब्लैडर) की उपस्थिति का क्या महत्त्व है?
✅ उत्तर:
🔹 मछलियों को जल में स्थिर रखने हेतु
🔸 तैरने में ऊर्जा की बचत
🔹 गहराई में समायोजन
📌 उपास्थिक मछलियों (cartilaginous fishes) में अनुपस्थित – इसलिए उन्हें तैरते रहना पड़ता है
❓11. पक्षियों में उड़ने हेतु क्या–क्या संरचनाएँ हैं?
✅ उत्तर:
🔸 खोखली एवं हल्की हड्डियाँ
🔹 वायुरंध्रयुक्त फेफड़े
🔸 पंख एवं अग्रपादों का पंखों में रूपांतरण
🔹 शक्तिशाली वक्षीय पेशियाँ
🔸 उच्च ऊष्मजनन दर
❓12. अंडोत्सर्जन तथा शिशुजन्म द्वारा उत्पन्न अंडों या जन्म संख्या में अंतर क्यों होता है? यदि हो तो क्यों? यदि नहीं तो क्यों?
✅ उत्तर:
🔹 अंडोत्सर्जक प्राणी अधिक संख्या में अंडे देते हैं – बाह्य निषेचन में अधिक मृत्यु संभावित
🔸 शिशुजन्म प्राणी कम संख्या में संतानें देते हैं – आंतरिक निषेचन व सुरक्षा सुनिश्चित होती है
❓13. निम्नलिखित में से शारीरिक ठंडापन किनमें पहले देखा गया?
✅ उत्तर: ✔ (घ) अस्थिरजीव (Agnatha)
📌 अस्थिरजीव सबसे सरल कशेरुक हैं, इनमें शरीर का तापमान परिवेश पर निर्भर होता है
❓14. निम्न का मिलान करें:
| (i) स्पंज → (घ) पोरिफेरा
| (ii) पाशववर्तुल → (छ) रोटिफेरा
| (iii) जन्तु → (झ) मोलस्का
| (iv) केन्द्रीय पृष्ठरज्जु → (ज) रज्जुधारी
| (v) कूड़ा → (ड) एनिलिडा
| (vi) वायु → (ग) आर्थोपोडा
| (vii) कोशिकीयता → (क) प्रोटोजोआ
| (viii) ब्रायोनिक्स → (च) टीनोफोरा
❓15. मनुष्यों में पाए जाने वाले कुछ परजीवियों के नाम लिखिए।
✅ उत्तर:
🔹 Ascaris lumbricoides – गोल कृमि
🔹 Taenia solium – फीताकृमि
🔹 Entamoeba histolytica – आमाशी अमीबा
🔹 Wuchereria bancrofti – फाइलेरिया कृमि
🔹 Plasmodium vivax – मलेरिया रोगकारक
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)
सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।
🔹 Q1. निम्नलिखित में से कौन-सा अंगविभाजन रहित प्राणी है?
(A) ऐनेलिडा
(B) प्लेटिहेलमिन्थीस
(C) पोरिफेरा
(D) आर्थोपोडा
✔️ उत्तर: (C) पोरिफेरा
🔹 Q2. निम्नलिखित में से किस संघ में हेमोकोएल पाया जाता है?
(A) एकाइनोडर्मेटा
(B) आर्थोपोडा
(C) कॉर्डेटा
(D) सिलेंटरेटा
✔️ उत्तर: (B) आर्थोपोडा
🔹 Q3. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता केवल कॉर्डेटा में पाई जाती है?
(A) युग्मित परपाद
(B) नॉटोकॉर्ड
(C) संयुक्त आंखें
(D) रेस्पिरेटरी पिगमेंट
✔️ उत्तर: (B) नॉटोकॉर्ड
🔹 Q4. निम्नलिखित में से कौन-से प्राणी फ्लेम कोशिकाओं द्वारा उत्सर्जन करते हैं?
(A) ऐनेलिडा
(B) आर्थोपोडा
(C) प्लेटिहेलमिन्थीस
(D) मोलस्का
✔️ उत्तर: (C) प्लेटिहेलमिन्थीस
🔹 Q5. निम्नलिखित में से कौन-सा द्विपार्श्व सममित नहीं है?
(A) प्लानैरिया
(B) झिंगा
(C) स्टारफिश
(D) केंचुआ
✔️ उत्तर: (C) स्टारफिश
🔹 Q6. निम्नलिखित में से कौन-सा एक अंडजनक स्तनपायी है?
(A) शेर
(B) चमगादड़
(C) प्लैटीपस
(D) बंदर
✔️ उत्तर: (C) प्लैटीपस
🔹 Q7. कोएलोम को मेसोडर्मल उपकला से पूर्ण रूप से आच्छादित किसे कहते हैं?
(A) प्सूडोकोएलोमेट
(B) ट्रिप्लोब्लास्टिक
(C) यूकोएलोमेट
(D) एकोएलोमेट
✔️ उत्तर: (C) यूकोएलोमेट
🔹 Q8. कौन-सा संघ नालिकायुक्त पाचन तंत्र रखता है?
(A) प्लेटिहेलमिन्थीस
(B) सिलेंटरेटा
(C) ऐनेलिडा
(D) पोरिफेरा
✔️ उत्तर: (C) ऐनेलिडा
🔹 Q9. निम्नलिखित में से कौन द्विलिंगी नहीं होता?
(A) टेपवर्म
(B) ऐर्थवॉर्म
(C) लीच
(D) काक्रोच
✔️ उत्तर: (D) काक्रोच
🔹 Q10. स्टारफिश का जल संवहन तंत्र किसके लिए कार्य करता है?
(A) पोषण
(B) उत्सर्जन
(C) गति
(D) प्रजनन
✔️ उत्तर: (C) गति
🔹 Q11. निम्नलिखित में से किस संघ में पैटागियम पाया जाता है?
(A) पक्षी
(B) उभयचर
(C) सरीसृप
(D) स्तनपायी
✔️ उत्तर: (A) पक्षी
🔹 Q12. सिलेंटरेटा में पाया जाने वाला विशेष लक्षण है:
(A) फ्लेम कोशिकाएँ
(B) नीमैटोसिस्ट
(C) परपाद
(D) संयुक्त आंखें
✔️ उत्तर: (B) नीमैटोसिस्ट
🔹 Q13. निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रजातिगत नाम सही लिखा गया है?
(A) homo sapiens
(B) Homo Sapiens
(C) Homo sapiens
(D) Homo-sapiens
✔️ उत्तर: (C) Homo sapiens
🔹 Q14. मोलस्का की निम्नलिखित विशेषता कौन-सी है?
(A) हेमोकोएल
(B) मेटामेरिज्म
(C) रेडियल सममिति
(D) द्विस्तरीयता
✔️ उत्तर: (A) हेमोकोएल
🔹 Q15. निम्नलिखित में से कौन तंत्रिका रज्जु को पीठीय ओर रखता है?
(A) स्टारफिश
(B) काक्रोच
(C) मेंढक
(D) ऐर्थवॉर्म
✔️ उत्तर: (C) मेंढक
🔹 Q16. कथन/कारक (Assertion/Reason):
कथन (A): ऐनेलिडा में मेटामेरिक खंडन पाया जाता है।
कारक (R): ऐनेलिडा में खंडों की भीतरी और बाहरी समानता होती है।
(A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सही है पर R गलत है।
(D) A गलत है पर R सही है।
✔️ उत्तर: (A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
🔸 Q17–Q18 (अतिरिक्त MCQ):
🔹 Q17. सिलेंटरेटा में कौन-सी कोशिकाएं रक्षा और शिकार में सहायता करती हैं?
(A) स्क्लेरोब्लास्ट
(B) नीमैटोब्लास्ट
(C) सीनोसाइट्स
(D) फ्लेम कोशिकाएं
✔️ उत्तर: (B) नीमैटोब्लास्ट
🔹 Q18. निम्नलिखित में से किस संघ में सिर नहीं पाया जाता?
(A) मोलस्का
(B) ऐनेलिडा
(C) एकाइनोडर्मेटा
(D) आर्थोपोडा
✔️ उत्तर: (C) एकाइनोडर्मेटा
🔹 Q19. द्विस्तरीय और त्रिस्तरीय जन्तुओं में अंतर स्पष्ट कीजिए।
✍️ उत्तर:
🔸 द्विस्तरीय जन्तु – जिनमें भ्रूण के विकास के समय केवल दो अंकुरित परतें होती हैं: बहिर्जर्म (ectoderm) और अंतर्जर्म (endoderm)।
🔸 त्रिस्तरीय जन्तु – जिनमें भ्रूण में तीन परतें होती हैं: बहिर्जर्म, मध्यजर्म (mesoderm) एवं अंतर्जर्म।
➡️ उदाहरण:
🟢 द्विस्तरीय – सिलेंटरेटा
🟢 त्रिस्तरीय – ऐनेलिडा, आर्थोपोडा
🔹 Q20. निम्नलिखित लक्षणों के आधार पर संघ बताइए:
“नालिकायुक्त पाचन तंत्र, मेटामेरिज्म, द्विपार्श्व सममिति, कोएलोम की उपस्थिति”
✍️ उत्तर:
➡️ यह सभी लक्षण ऐनेलिडा संघ के हैं।
✔️ विशेषताएँ:
🔹 नालिकायुक्त पाचन तंत्र
🔹 खंडन (मेटामेरिज्म)
🔹 द्विपार्श्व सममिति
🔹 सच्चा कोएलोम (यूकोएलोमेट)
🔹 Q21. नीमैटोब्लास्ट का कार्य समझाइए।
✍️ उत्तर:
🧬 नीमैटोब्लास्ट (Nematoblast) सिलेंटरेटा में पाई जाने वाली विशेष रक्षात्मक कोशिकाएँ हैं।
➡️ ये शिकार पकड़ने एवं शत्रु से रक्षा करने में सहायक होती हैं।
✔️ ये कोशिकाएँ डंक मारती हैं एवं विषाक्त द्रव छोड़ती हैं।
🟢 Section C (Q22–Q28): लघु उत्तर प्रश्न (3 अंक)
🔹 Q22. ट्रिप्लोब्लास्टिक जन्तु एवं उनके लाभ क्या हैं?
✍️ उत्तर:
🧬 ट्रिप्लोब्लास्टिक जन्तुओं में भ्रूण की तीन परतें होती हैं – बहिर्जर्म, मध्यजर्म, अंतर्जर्म।
✔️ लाभ:
🔹 मध्यजर्म से आंतरिक अंग जैसे मांसपेशियाँ, रक्त, हृदय, गुर्दा आदि विकसित होते हैं।
🔹 इनसे अधिक जटिल संरचनाएँ विकसित हो सकती हैं।
🔹 अंगों की विशिष्टता और क्रियात्मक दक्षता अधिक होती है।
🔹 Q23. मोलस्का संघ की तीन प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
✍️ उत्तर:
🧬 मोलस्का के लक्षण:
🔹 नर्म शरीर, जो साधारणतः एक कवच से ढका होता है।
🔹 शरीर में पाद, सिर और विसरल थैली होते हैं।
🔹 श्वसन के लिए गलफड़े या फेफड़े होते हैं।
✔️ उदाहरण – स्नेल, ऑक्टोपस
🔹 Q24. यूकोएलोमेट एवं प्स्यूडोकोएलोमेट जन्तुओं में भेद कीजिए।
✍️ उत्तर:
🔹 यूकोएलोमेट – कोएलोम पूरी तरह से मेसोडर्म की उपकला से आच्छादित होता है (उदा: ऐनेलिडा)।
🔹 प्स्यूडोकोएलोमेट – कोएलोम मेसोडर्म की उपकला से पूर्णतः आच्छादित नहीं होता (उदा: नीमैटोडा)।
✅ यूकोएलोमेट जन्तु अधिक जटिल अंगों के विकास हेतु सक्षम होते हैं।
🔹 Q25. प्राणी वर्गीकरण में वर्ग और जाति की परिभाषा दीजिए।
✍️ उत्तर:
✔️ वर्ग (Class) – एक जीवविज्ञान की श्रेणी जिसमें एक जैसे लक्षण वाले अनेक कुल सम्मिलित होते हैं।
उदा: स्तनपायी (Mammalia)।
✔️ जाति (Species) – एक जीवों का ऐसा समूह जो आपस में प्रजनन कर सकता है और जीवित संतान उत्पन्न कर सकता है।
उदा: Homo sapiens
🔹 Q26. आर्थोपोडा संघ की संरचना और विविधता समझाइए।
✍️ उत्तर:
🧬 यह पृथ्वी का सबसे बड़ा संघ है।
✔️ लक्षण:
🔸 खंडित शरीर: सिर, वक्ष और उदर
🔸 युग्मित परपाद
🔸 संयुक्त आंखें
🔸 खुली परिसंचरण प्रणाली
➡️ उदाहरण: झिंगा, तितली, मकड़ी
🔹 Q27. पोरिफेरा संघ में जल प्रवाह तंत्र की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
✍️ उत्तर:
🌊 पोरिफेरा में जल प्रवाह तंत्र भोजन, श्वसन और उत्सर्जन हेतु आवश्यक होता है।
✔️ जल ओस्टिया द्वारा शरीर में प्रवेश करता है, स्पोंगोसिल से होता हुआ ऑस्कुलम द्वारा बाहर निकलता है।
➡️ इससे कोशिकाओं को पोषण एवं ऑक्सीजन प्राप्त होता है।
🔹 Q28. निम्नलिखित लक्षणों के आधार पर संघ पहचानिए:
“पाचक ग्रंथियाँ, रेडुला, द्विपार्श्व सममिति, खुला परिसंचरण”
✍️ उत्तर:
➡️ ये सभी लक्षण मोलस्का संघ के हैं।
✔️ रेडुला – एक रगड़ने वाली संरचना जो भोजन को घिसती है।
✔️ पाचक ग्रंथियाँ – पाचन में सहायक
🔹 Q29. नीचे दिया गया परिच्छेद पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
✍️ पाठ्यांश:
एक जीव वैज्ञानिक ने एक प्राणी देखा जिसका शरीर खंडित था, सिर एवं वक्ष पृथक-पृथक नहीं थे, युग्मित परपाद थे, खुली परिसंचरण प्रणाली थी तथा साँस लेने के लिए ट्रेकिया नामक संरचना थी।
🟢 प्रश्न:
(1) दिए गए प्राणी की पहचान कीजिए।
(2) इस संघ की दो अन्य विशेषताएँ लिखिए।
(3) इस संघ में परिसंचरण किस प्रकार होता है?
(4) इस संघ का एक उदाहरण दीजिए।
✅ उत्तर:
(1) यह आर्थोपोडा संघ का प्राणी है।
(2) संयुक्त आंखें होती हैं, शरीर तीन भागों में विभाजित – सिर, वक्ष, उदर।
(3) परिसंचरण प्रणाली खुली होती है, रक्त ऊतकों के बीच खुला बहाव करता है।
(4) उदाहरण – झिंगा (Prawn), तिलचट्टा (Cockroach)
🔹 Q30. एक प्राणी के बारे में निम्नलिखित अवलोकन दिए गए हैं:
यह जन्तु द्विपार्श्व सममित है
इसकी त्वचा पर श्लेष्मा (mucus) होता है
पाद की सहायता से यह चल सकता है
इसमें रेडुला उपस्थित है
🟢 प्रश्न:
(1) प्राणी के संघ की पहचान कीजिए।
(2) रेडुला क्या है?
(3) इस संघ में परिसंचरण किस प्रकार होता है?
(4) एक उदाहरण दीजिए।
✅ उत्तर:
(1) यह मोलस्का संघ का प्राणी है।
(2) रेडुला भोजन को कूटने-रगड़ने वाली रास्पनुमा संरचना है।
(3) परिसंचरण प्रणाली खुली होती है।
(4) उदाहरण – घोंघा (Snail), ऑक्टोपस (Octopus)
🧾 Section E (Q31–Q33): दीर्घ उत्तर प्रश्न (5 अंक प्रत्येक)
🔹 Q31. पोरिफेरा संघ की संरचना, पोषण, और जल प्रवाह तंत्र का वर्णन कीजिए।
✍️ उत्तर:
🟢 संरचना:
🔸 पोरिफेरा के शरीर में छिद्र होते हैं जिन्हें ओस्टिया कहते हैं।
🔸 शरीर असममित या रेडियल सममित होता है।
🔸 कोई विशिष्ट ऊतक या अंग नहीं होते।
🟢 पोषण:
🔸 ये जीव निस्यंदक होते हैं – जल के साथ प्रवेश करने वाले सूक्ष्म कणों को छानते हैं।
🔸 कॉलर कोशिकाएँ भोजन ग्रहण करती हैं।
🟢 जल प्रवाह तंत्र:
🔸 जल ओस्टिया से प्रवेश करता है, स्पोंगोसिल से होकर ऑस्कुलम द्वारा बाहर निकलता है।
🔸 यही तंत्र पोषण, श्वसन व उत्सर्जन में सहायक होता है।
🟢 विशेषता:
🔸 पुनर्योजन की अद्भुत क्षमता होती है।
➡️ उदाहरण – स्पॉन्ज (Sycon, Spongilla)
🔹 Q32. सिलेंट्रेटा संघ के प्रमुख लक्षणों, पोषण एवं विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
✍️ उत्तर:
🟢 लक्षण:
🔸 द्विस्तरीय जन्तु (डिप्लोब्लास्टिक)
🔸 रेडियल सममिति
🔸 कोएलेंटेरॉन नामक एक गुहा
🔸 टेन्टाकल और नीमैटोब्लास्ट की उपस्थिति
🟢 पोषण:
🔸 मांसाहारी होते हैं
🔸 नीमैटोब्लास्ट से शिकार पकड़ते हैं
🔸 अंतःकोशिकीय व बहिर्कोशिकीय पाचन होता है
🟢 अन्य विशेषताएँ:
🔸 बहुभुजक (Polyp) एवं मेड्यूसा जैसे दो जीवन रूप
🔸 श्वसन एवं उत्सर्जन विसरण द्वारा होता है
🔸 तंत्रिका जाल उपस्थित होता है
➡️ उदाहरण – हाइड्रा, जेलीफ़िश, सी एनिमोन
🔹 Q33. ऐनेलिडा संघ की तीन प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए एवं इसकी जैविक महत्ता स्पष्ट कीजिए।
✍️ उत्तर:
🟢 प्रमुख विशेषताएँ:
🔸 खंडित शरीर (मेटामेरिज्म)
🔸 नालिकायुक्त पाचन तंत्र
🔸 बंद परिसंचरण प्रणाली
🟢 अन्य लक्षण:
🔸 द्विपार्श्व सममिति, त्रिस्तरीय संरचना
🔸 सच्चा कोएलोम
🔸 ब्रश के समान सेटे
🟢 जैविक महत्त्व:
🔸 मृदा की उर्वरता बढ़ाते हैं (उदाहरण: कृमि)
🔸 कुछ जलचर ऐनेलिडा प्रदूषण सूचक होते हैं
🔸 प्रजातियों की विविधता में योगदान देते हैं
➡️ उदाहरण – पृथ्वी कीट (Earthworm), लीच
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