Biology (Hindi), Class 11

Class 11 : BIology (In Hindi) – अध्याय 6: पुष्पी पादपों का शरीर

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन


🌿✨ प्रस्तावना
🧠 पुष्पी पादप वे पौधे हैं जिनमें फूल, फल और बीज बनते हैं।
🌱 ये पृथ्वी पर सबसे अधिक विकसित, विविध और सर्वाधिक फैले हुए पौधे हैं।
🌿 इनका शरीर विभिन्न अंगों से मिलकर बना होता है, जो विशेष कार्यों के लिए अनुकूलित होते हैं।
📘 इस अध्याय में हम पुष्पी पादपों के शरीर की संरचना का अध्ययन करेंगे, जिसमें उनके पोषण अंग और प्रजनन अंग सम्मिलित हैं।
💡 मुख्य विचार:
पौधों का शरीर एक संगठित इकाई है जिसमें प्रत्येक अंग का विशेष कार्य और संरचना होती है।

🔵 1️⃣ पुष्पी पादपों का शरीर — संकल्पना
🌿 किसी भी पुष्पी पादप का शरीर दो प्रमुख तंत्रों में विभाजित होता है —
1️⃣ मूल तंत्र (Root System)
2️⃣ पर्ण तंत्र (Shoot System)
🧬 ये दोनों तंत्र मिलकर पौधे की संपूर्ण जीवन-क्रियाओं — जैसे जल व पोषक ग्रहण, भोजन निर्माण, प्रजनन, वृद्धि और अनुकूलन — को संचालित करते हैं।

🟢 2️⃣ मूल तंत्र (Root System)
🌱 परिभाषा
🪴 पौधे का भूमिगत भाग, जो जल व खनिजों का अवशोषण, स्थिरता तथा भोजन का भंडारण करता है, मूल तंत्र कहलाता है।

Diagram showing open and closed stomata on the chart illustration



🧬 विशेषताएँ
सामान्यतः भूमिगत, अहरित
नोड, इंटरनोड रहित
शाखाओं के रूप में पार्श्व मूल निकलती हैं
भूमि की ओर वृद्धि (धनात्मक भूगुरुत्व)

🌿 मूल तंत्र के प्रकार
🔵 (क) नलिका मूल तंत्र
भ्रूण की मूलिका से विकसित मुख्य मूल व उसकी पार्श्व शाखाएँ।
📘 उदाहरण: सरसों, मटर
🟢 (ख) रेशेदार मूल तंत्र
तने के आधार से समान आकार की कई मूलें निकलती हैं।
📘 उदाहरण: गेहूँ, मक्का
🟡 (ग) अपसारी मूल तंत्र
तने या पत्तियों से उत्पन्न मूलें।
📘 उदाहरण: गन्ना, मीठा आलू

🌱 मूल के भाग
1️⃣ मूल शीर्ष क्षेत्र – मूल टोपी द्वारा सुरक्षित
2️⃣ विभाजन क्षेत्र – कोशिकाओं का विभाजन
3️⃣ विस्तार क्षेत्र – कोशिकाएँ लम्बी होती हैं
4️⃣ परिपक्वता क्षेत्र – मूल रोम बनते हैं जो जल अवशोषित करते हैं

🌿 मूल के रूपांतरण
🌾 (क) संग्रहण हेतु
गाजर – शंक्वाकार
मूली – सूजाकार
शलजम – नाभिकाकार
🪵 (ख) सहारा देने हेतु
बरगद – प्रपाद मूल
मक्का – स्तंभ मूल
💧 (ग) श्वसन हेतु
सुंदरवन के पौधों में श्वसन मूल
🪴 (घ) आरोहण हेतु
पान – आरोही मूल
🧪 (ङ) परपोषी हेतु
अमरबेल – परपोषी मूल

🟡 3️⃣ पर्ण तंत्र (Shoot System)
🌱 परिभाषा
🌿 पौधे का ऊपरी भाग, जो तना, पत्तियाँ, पुष्प, फल और शाखाओं से मिलकर बना है, पर्ण तंत्र कहलाता है।
🧠 कार्य
पौधे को स्थायित्व व ऊँचाई प्रदान करना
पत्तियों, पुष्पों, फलों को वहन करना
जल, खनिज और भोज्य पदार्थों का परिवहन
प्रकाश संश्लेषण व भंडारण

🔴 4️⃣ तना (Stem)
🌿 लक्षण
ऊपर की ओर बढ़ता है
गांठ व अंतरगांठ उपस्थित
पार्श्व शाखाएँ निकलती हैं

🌾 तने के परिवर्तन
🧺 (क) भूमिगत
अदरक – प्रकन्द
आलू – कंद
प्याज – पर्णकंद
अरेवी – शल्ककंद
🌿 (ख) उपभूमिगत
दूब – धावक
पुदीना – शोषक
जलकुंभी – अवपाती
🌳 (ग) वायवीय
मटर – कुंडल
नागफनी – पर्णकाण्ड
बेर – काँटे

🟢 5️⃣ पत्ती (Leaf)


🌿 परिभाषा
🍃 तने का पार्श्व अंग जो प्रकाश संश्लेषण, वाष्पोत्सर्जन, गैस विनिमय करता है।
⚙️ अंग
1️⃣ पर्णाधार
2️⃣ डंठल
3️⃣ पर्णफलक

🧪 शिरा विन्यास
जालिकानुमा – द्विबीजपत्री
समांतर – एकबीजपत्री

🌾 पर्णविन्यास
वैकल्पिक
विपरीत
चक्राकार

🪴 पत्तियों के रूपांतरण
कुंडल – आरोहण हेतु (मटर)
काँटे – संरक्षण हेतु (नागफनी)
संग्रहण पत्तियाँ – प्याज
कीटभक्षी – पिचर पादप

🔵 6️⃣ पुष्प (Flower)
🌸 परिभाषा
फूल पौधे का प्रजनन अंग है जो बीज निर्माण करता है।
🧭 चक्र
1️⃣ दलपुंज
2️⃣ पुष्पदलपुंज
3️⃣ केसरपुंज
4️⃣ अंडपुंज

🌺 विशेषताएँ
प्रजनन के लिए आवश्यक
सजावटी व आकर्षक
मधुरस उत्पन्न

🟢 7️⃣ फल (Fruit)
🌱 परिभाषा
निषेचन के बाद अंडाशय से निर्मित संरचना जो बीज की रक्षा करती है।
🌿 प्रकार
सच्चा फल – केवल अंडाशय से
असत्य फल – अन्य भागों से भी

🟡 8️⃣ बीज (Seed)
🌾 परिभाषा
परिपक्व बीजांड जो भ्रूण, बीजपत्र और बीजावरण से मिलकर बना है।
🌱 प्रकार
द्विबीजपत्री – दो बीजपत्र
एकबीजपत्री – एक बीजपत्र

💡✏️ अवधारणात्मक नोट
🧠 पौधे का शरीर विभिन्न अंगों से मिलकर बना एक समन्वित तंत्र है।
🌿 प्रत्येक अंग विशेष कार्य करता है।
⚙️ सभी अंग मिलकर जीवन-क्रियाओं को पूर्ण करते हैं।

🌍 9️⃣ महत्त्व
✔️ पौधों की पहचान
✔️ वर्गीकरण का आधार
✔️ कृषि विज्ञान में उपयोग
✔️ अनुकूलन की समझ

📝 त्वरित पुनरावृत्ति
🌿 दो तंत्र – मूल तंत्र, पर्ण तंत्र
🌱 मूल – अवशोषण, सहारा, भंडारण
🌾 तना – वहन, परिवहन, परिवर्तन
🍃 पत्ती – प्रकाश संश्लेषण
🌸 पुष्प – प्रजनन
🍈 फल – बीज संरक्षण
🌾 बीज – भ्रूण संरचना

📘 सारांश
🧬 पुष्पी पादपों का शरीर अंगों का समूह है जो संयुक्त रूप से जीवन-क्रियाएँ करते हैं।
🌱 मूल व पर्ण तंत्र मिलकर पौधे की वृद्धि, पोषण और प्रजनन में सहायक होते हैं।
🌿 प्रत्येक अंग की विशिष्ट संरचना और कार्य होता है।

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न


🔵 प्रश्न 1:
निम्नलिखित में शरीर के आधार पर अंतर करो —
(क) एकबीजपत्री मूल तथा द्विबीजपत्री मूल
(ख) एकबीजपत्री तना तथा द्विबीजपत्री तना
🟢 उत्तर:
🌿 (क) एकबीजपत्री मूल बनाम द्विबीजपत्री मूल
1️⃣ जाइलम संरचना: एकबीजपत्री मूल में जाइलम बहु-तारा (पॉलीआर्च) होता है, जबकि द्विबीजपत्री मूल में जाइलम कम तारा (टेट्राआर्च या पेंटाआर्च) होता है।
2️⃣ वस्कुलर बंडल व्यवस्था: एकबीजपत्री मूल में वस्कुलर बंडल वृत्तीय रूप में व्यवस्थित रहते हैं; द्विबीजपत्री मूल में वे केंद्राभिमुख होते हैं।
3️⃣ माध्य स्थली (Pith): एकबीजपत्री मूल में माध्य स्थली बड़ी होती है, द्विबीजपत्री में अनुपस्थित या बहुत छोटी।
4️⃣ द्वितीयक वृद्धि: एकबीजपत्री मूल में नहीं होती, जबकि द्विबीजपत्री मूल में द्वितीयक वृद्धि होती है।
🌿 (ख) एकबीजपत्री तना बनाम द्विबीजपत्री तना
1️⃣ वस्कुलर बंडल: एकबीजपत्री तने में वस्कुलर बंडल बिखरे हुए रहते हैं, द्विबीजपत्री तने में वृत्तीय रूप से व्यवस्थित।
2️⃣ कैम्बियम की उपस्थिति: एकबीजपत्री तने में अनुपस्थित; द्विबीजपत्री तने में उपस्थित, जिससे द्वितीयक वृद्धि संभव।
3️⃣ माध्य स्थली: एकबीजपत्री तने में स्पष्ट नहीं, द्विबीजपत्री तने में स्पष्ट।
4️⃣ द्वितीयक वृद्धि: एकबीजपत्री तनों में नहीं होती, द्विबीजपत्री तनों में होती है।

🔵 प्रश्न 2:
आप एक शाकीय तने की अनुप्रस्थ काट का सूक्ष्मदर्शी से अवलोकन करो। आप कैसे पता करोगे कि यह एकबीजपत्री तना अथवा द्विबीजपत्री तना है? इसके कारण बताओ।
🟢 उत्तर:
💡 यदि सूक्ष्मदर्शी में तने की काट में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो पहचान सकते हैं —
🌿 एकबीजपत्री तना:
वस्कुलर बंडल बिखरे हुए
कैम्बियम अनुपस्थित
द्वितीयक वृद्धि नहीं
🌿 द्विबीजपत्री तना:
वस्कुलर बंडल वृत्तीय व्यवस्था में
कैम्बियम उपस्थित
द्वितीयक वृद्धि संभव
➡️ इन लक्षणों के आधार पर तने का वर्ग निर्धारण किया जा सकता है।

🔵 प्रश्न 3:
सूक्ष्मदर्शी किसी पौधे के तने की अनुप्रस्थ काट निम्नलिखित शरीर संरचना दर्शाती है —
(क) संवहनी बंडल संयुक्त, फेरे हुए तथा उसके चारों ओर स्क्लेरेंकाइमा आवरण है।
(ख) रूपात्मक पेरिसायकल नहीं है।
यह काट किस प्रकार की है?
🟢 उत्तर:
🌿 यह एकबीजपत्री तना की काट है क्योंकि —
संवहनी बंडल संयुक्त और फेरे हुए होते हैं।
स्क्लेरेंकाइमा आवरण से घिरे होते हैं।
रूपात्मक पेरिसायकल अनुपस्थित होता है।

🔵 प्रश्न 4:
एंडोडर्मिस क्या है? इसका निर्माण कहाँ और किससे होता है?
🟢 उत्तर:
🌿 एंडोडर्मिस मूल या तने के कॉर्टेक्स की सबसे भीतरी परत है।
💡 यह एक परत मोटी उपकला कोशिकाओं से बनी होती है जिसमें कैस्पेरियन पट्टियाँ (Casparian strips) होती हैं।
✔️ कार्य — बाह्य पदार्थों का नियंत्रित प्रवेश एवं जल परिवहन का विनियमन।

🔵 प्रश्न 5:
पुष्पी पादपों में तीन मूलभूत ऊतक तंत्र बताओ। प्रत्येक तंत्र के उत्क का उदाहरण दो।
🟢 उत्तर:
🌿 (क) आवरण ऊतक तंत्र (Epidermal tissue system):
उत्क — उपत्वचा, रंध्र, रोम
कार्य — सुरक्षा एवं विनिमय
🌿 (ख) मूल ऊतक तंत्र (Ground tissue system):
उत्क — परेंकाइमा, कोलेनकाइमा, स्क्लेरेंकाइमा
कार्य — सहारा, संचयन
🌿 (ग) संवहनी ऊतक तंत्र (Vascular tissue system):
उत्क — जाइलम, फ्लोएम
कार्य — जल व पोषक परिवहन

🔵 प्रश्न 6:
पादप शरीर का अध्ययन हमारे लिए कैसे उपयोगी है?
🟢 उत्तर:
🌿 यह अध्ययन निम्न कारणों से उपयोगी है —
1️⃣ पादपों की पहचान व वर्गीकरण
2️⃣ संरचनात्मक एवं क्रियात्मक समझ
3️⃣ कृषि, औषधि व बागवानी में प्रयोग
4️⃣ संवहनी तंत्र की कार्यप्रणाली का ज्ञान

🔵 प्रश्न 7:
मूलधार पथ की भीतरी रचना का वर्णन विभिन्न चित्रों की सहायता से करो।
🟢 उत्तर:
🌿 भीतरी रचना में मुख्य परतें —
उपत्वचा
कॉर्टेक्स
एंडोडर्मिस
पेरिसायकल
संवहनी बंडल (जाइलम, फ्लोएम)
माध्य स्थली
📘 चित्र में सभी भागों का हिन्दी नाम अंकित करें।

🔵 प्रश्न 8:
फ्लोएम कोशिकाओं की रचना तथा स्थिति उन्हें किस प्रकार विविध कार्य करने में सहायता करती है?
🟢 उत्तर:
🌿 फ्लोएम में चार प्रमुख घटक होते हैं:
1️⃣ छलनी नलिकाएँ — भोजन प्रवाह
2️⃣ साथी कोशिकाएँ — नियंत्रण
3️⃣ परेंकाइमा — संचयन
4️⃣ रेशे — यांत्रिक सहारा
💡 इनकी संरचना व स्थिति उन्हें खाद्य पदार्थों के परिवहन व संचयन में सक्षम बनाती है।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)

सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।


🔴 प्रश्न 1:
पादपों की आन्तरिक रचना के अध्ययन को क्या कहा जाता है?
🔵 1️⃣ आकारिकी
🟢 2️⃣ अंगरचना-विज्ञान
🟡 3️⃣ कोशिका-विज्ञान
🔴 4️⃣ वर्गिकी
🟢 उत्तर: 2️⃣ अंगरचना-विज्ञान

🔴 प्रश्न 2:
विभज्योतक ऊतक का प्रमुख कार्य क्या है?
🔵 1️⃣ स्थिरता प्रदान करना
🟢 2️⃣ नई कोशिकाएँ बनाना
🟡 3️⃣ पदार्थ संचय करना
🔴 4️⃣ संरक्षण करना
🟢 उत्तर: 2️⃣ नई कोशिकाएँ बनाना

🔴 प्रश्न 3:
प्राथमिक वृद्धि किससे होती है?
🔵 1️⃣ शीर्षस्थ विभज्योतक
🟢 2️⃣ अन्तरस्थ विभज्योतक
🟡 3️⃣ पार्श्व विभज्योतक
🔴 4️⃣ स्थायी ऊतक
🟢 उत्तर: 1️⃣ शीर्षस्थ विभज्योतक

🔴 प्रश्न 4:
द्वितीयक वृद्धि के लिए उत्तरदायी ऊतक कौन-से हैं?
🔵 1️⃣ शीर्षस्थ विभज्योतक
🟢 2️⃣ पार्श्व विभज्योतक
🟡 3️⃣ अन्तरस्थ विभज्योतक
🔴 4️⃣ पैरेंकाइमा
🟢 उत्तर: 2️⃣ पार्श्व विभज्योतक

🔴 प्रश्न 5:
सरल स्थायी ऊतक कौन-से हैं?
🔵 1️⃣ पैरेंकाइमा, कोलेंकाइमा, स्क्लेरेन्काइमा
🟢 2️⃣ जाइलम और फ्लोएम
🟡 3️⃣ एपिडर्मिस
🔴 4️⃣ कॉर्क
🟢 उत्तर: 1️⃣ पैरेंकाइमा, कोलेंकाइमा, स्क्लेरेन्काइमा

🔴 प्रश्न 6:
जाइलम का जीवित घटक कौन है?
🔵 1️⃣ नलिकाएँ
🟢 2️⃣ जाइलम पारेंकाइमा
🟡 3️⃣ ट्रैकिड
🔴 4️⃣ जाइलम रेशे
🟢 उत्तर: 2️⃣ जाइलम पारेंकाइमा

🔴 प्रश्न 7:
फ्लोएम में कौन-सी कोशिका मृत होती है?
🔵 1️⃣ चलनी नलिकाएँ
🟢 2️⃣ सहचारी कोशिकाएँ
🟡 3️⃣ फ्लोएम पारेंकाइमा
🔴 4️⃣ फ्लोएम रेशे
🟢 उत्तर: 4️⃣ फ्लोएम रेशे

🔴 प्रश्न 8:
कॉर्क की कोशिकाएँ जलरोधी क्यों होती हैं?
🔵 1️⃣ सेल्यूलोज
🟢 2️⃣ सुबेरिन
🟡 3️⃣ लिग्निन
🔴 4️⃣ क्यूटिन
🟢 उत्तर: 2️⃣ सुबेरिन

🔴 प्रश्न 9:
द्विबीजपत्री तने में वाहिकीय बण्डल की व्यवस्था कैसी होती है?
🔵 1️⃣ रेखिक
🟢 2️⃣ बिखरी हुई
🟡 3️⃣ वृत्तीय
🔴 4️⃣ अनियमित
🟢 उत्तर: 3️⃣ वृत्तीय

🔴 प्रश्न 10:
द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक वृद्धि किसके कारण होती है?
🔵 1️⃣ शीर्षस्थ विभज्योतक
🟢 2️⃣ संवहनी कैंबियम
🟡 3️⃣ जाइलम
🔴 4️⃣ फ्लोएम
🟢 उत्तर: 2️⃣ संवहनी कैंबियम

🔴 प्रश्न 11:
सरल स्थायी ऊतकों के प्रकार लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ पैरेंकाइमा — जीवित, पतली भित्ति, भोजन संचयन।
2️⃣ कोलेंकाइमा — जीवित, कोनों पर मोटाई, समर्थन।
3️⃣ स्क्लेरेन्काइमा — मृत, लिग्निनयुक्त, कठोरता प्रदान करता है।

🔴 प्रश्न 12:
जटिल स्थायी ऊतकों के नाम लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ जाइलम — जल व खनिजों का परिवहन।
2️⃣ फ्लोएम — भोजन का परिवहन।


🔴 प्रश्न 13:
विभज्योतक ऊतक की परिभाषा लिखिए तथा इसके प्रकार बताइए।
🟢 उत्तर:
विभज्योतक ऊतक वे ऊतक हैं जिनकी कोशिकाएँ लगातार विभाजन करती रहती हैं और नई कोशिकाएँ उत्पन्न करती हैं।
📘 प्रकार:
1️⃣ शीर्षस्थ विभज्योतक: जड़ और प्ररोह के शीर्ष पर स्थित, प्राथमिक वृद्धि के लिए उत्तरदायी।
2️⃣ अन्तरस्थ विभज्योतक: ग्रंथियों के आधार या गाठों पर पाया जाता है, जैसे — घास में।
3️⃣ पार्श्व विभज्योतक: तने व जड़ के किनारों पर पाया जाता है, द्वितीयक वृद्धि कराता है।

🔴 प्रश्न 14:
सरल स्थायी ऊतकों के नाम व कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ पैरेंकाइमा: जीवित, पतली भित्ति वाली कोशिकाएँ; कार्य — भोजन संचयन, मरम्मत।
2️⃣ कोलेंकाइमा: जीवित, कोनों पर मोटाई; कार्य — समर्थन और लचक।
3️⃣ स्क्लेरेन्काइमा: मृत, लिग्निनयुक्त; कार्य — कठोरता व यांत्रिक शक्ति।
✔️ निष्कर्ष: ये ऊतक संरचनात्मक स्थायित्व प्रदान करते हैं।

🔴 प्रश्न 15:
जटिल स्थायी ऊतक क्या हैं? जाइलम के घटक लिखिए।
🟢 उत्तर:
विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने ऊतक जो मिलकर एक कार्य करते हैं, जटिल स्थायी ऊतक कहलाते हैं।
📘 जाइलम के घटक:
1️⃣ ट्रैकिड — जल परिवहन
2️⃣ नलिकाएँ — जल प्रवाह
3️⃣ जाइलम रेशे — यांत्रिक समर्थन
4️⃣ जाइलम पारेंकाइमा — भोजन संचयन

🔴 प्रश्न 16:
फ्लोएम के घटक और उनके कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
📘 घटक:
1️⃣ चलनी नलिकाएँ — भोजन परिवहन
2️⃣ सहचारी कोशिकाएँ — नियंत्रण व सहकार्य
3️⃣ फ्लोएम पारेंकाइमा — भोजन संचयन
4️⃣ फ्लोएम रेशे — यांत्रिक समर्थन
✔️ कार्य: पत्तियों से अन्य अंगों तक भोजन का परिवहन।

🔴 प्रश्न 17:
जाइलम और फ्लोएम में अंतर लिखिए।
🟢 उत्तर:
विशेषता जाइलम फ्लोएम
कार्य जल व खनिजों का परिवहन भोजन का परिवहन
दिशा एकदिश (नीचे से ऊपर) द्विदिश
कोशिकाएँ अधिकांश मृत अधिकांश जीवित
✔️ निष्कर्ष: दोनों मिलकर संवहन तंत्र बनाते हैं।

🔴 प्रश्न 18:
रक्षक ऊतक की संरचना और कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
📘 संरचना:
1️⃣ एक परत वाली कोशिकाएँ — एपिडर्मिस
2️⃣ कभी-कभी मोमी परत — क्यूटिकल
3️⃣ कुछ स्थानों पर छिद्र — रंध्र (स्टोमेटा)
📘 कार्य:
✔️ आन्तरिक भागों की रक्षा
✔️ जल हानि से बचाव
✔️ गैसों का आदान-प्रदान

🔴 प्रश्न 19:
कोलेंकाइमा ऊतक की संरचना और कार्य बताइए।
🟢 उत्तर:
📘 संरचना: जीवित कोशिकाएँ, कोनों पर मोटाई (सेल्यूलोज/पेक्टिन)।
📘 कार्य: यांत्रिक समर्थन, लचक, प्रकाश संश्लेषण में सहायक।
📘 स्थान: युवा तनों में बाहरी भाग में।

🔴 प्रश्न 20:
स्क्लेरेन्काइमा की संरचना और कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
📘 संरचना: मृत कोशिकाएँ, मोटी लिग्निनयुक्त भित्तियाँ।
📘 कार्य: कठोरता, मजबूती और समर्थन प्रदान करना।
📘 स्थान: बीजावरण, कठोर फल आवरण में।

🔴 प्रश्न 21:
एपिडर्मिस की विशेषताएँ लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ एक परत वाली कोशिकाएँ, पारदर्शी।
2️⃣ कुछ कोशिकाओं में क्यूटिकल परत।
3️⃣ गैसों के आदान-प्रदान हेतु रंध्र उपस्थित।
4️⃣ मूलों में रोम जल अवशोषण के लिए।
✔️ कार्य: सुरक्षा, जल संरक्षण, गैसीय आदान-प्रदान।

🔴 प्रश्न 22:
विभज्योतक और स्थायी ऊतकों में अंतर लिखिए।
🟢 उत्तर:
विशेषता विभज्योतक ऊतक स्थायी ऊतक
कोशिका विभाजन निरंतर होता है नहीं होता
कोशिका आकार छोटा, गोल बड़ा, स्थिर
कार्य वृद्धि विशिष्ट कार्य

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