Class 11 : BIology (In Hindi) – अध्याय 19: रासायनिक समन्वय तथा एकीकरण
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🌿✨ प्रस्तावना
🧠 शरीर के विभिन्न अंग अनेक कार्य करते हैं। इन कार्यों में समन्वय आवश्यक है ताकि शरीर का संतुलन बना रहे।
🌿 जब यह समन्वय रासायनिक दूतों (हार्मोन) के माध्यम से होता है, तो इसे रासायनिक समन्वय कहते हैं।
🧬 इस समन्वय का संचालन अंतःस्रावी ग्रन्थियाँ (Endocrine glands) करती हैं।
💡 मुख्य विचार:
रासायनिक समन्वय = हार्मोन द्वारा नियंत्रित संतुलन प्रणाली।
🔵 1️⃣ अंतःस्रावी ग्रन्थियाँ : परिचय
🧠 अंतःस्रावी ग्रन्थियाँ शरीर के विभिन्न भागों में स्थित विशेष ऊतक हैं जो हार्मोन नामक रासायनिक पदार्थ स्रावित करती हैं।
🪴 विशेषताएँ:
🔹 नलिकाएँ नहीं होतीं (नलिकाहीन ग्रन्थियाँ)
🔹 हार्मोन सीधे रक्त में स्रावित होते हैं
🔹 कार्य — शारीरिक वृद्धि, चयापचय, प्रजनन, जल संतुलन, तनाव नियंत्रण आदि
🟢 2️⃣ हार्मोन की विशेषताएँ
💧 रासायनिक द्रव्य
🧠 अत्यल्प मात्रा में प्रभावशाली
⚡ विशिष्ट लक्ष्य कोशिकाओं पर कार्य
🌿 संतुलित स्राव आवश्यक — अधिक/कम स्राव से रोग
✏️ नोट: हार्मोन = शरीर का रासायनिक संदेशवाहक
🧬 3️⃣ मानव अंतःस्रावी ग्रन्थियाँ
नीचे मुख्य ग्रन्थियों का क्रमबद्ध विवरण दिया गया है —
🟣 (क) हाइपोथैलेमस (Hypothalamus)

📍स्थान — मस्तिष्क के प्रमस्तिष्क के नीचे
🧠 यह तंत्रिकीय और अंतःस्रावी तंत्र के बीच सेतु है।
🔹 कार्य:
1️⃣ रिलीजिंग हार्मोन स्रावित करना
2️⃣ पियूषिका ग्रन्थि को नियंत्रित करना
💡 महत्त्व: शरीर का “रासायनिक नियंत्रक केंद्र”
🔵 (ख) पियूषिका ग्रन्थि (Pituitary Gland)


📍स्थान — मस्तिष्क के आधार पर
🧠 इसे मुख्य ग्रन्थि (Master gland) कहते हैं क्योंकि यह अन्य ग्रन्थियों को नियंत्रित करती है।
🔹 1. अग्र खण्ड (Anterior lobe)
🧪 वृद्धि हार्मोन (GH) – शरीर की वृद्धि
🧪 थायरॉयड उद्दीपक हार्मोन (TSH) – थायरॉयड सक्रिय
🧪 एड्रिनोकोर्टिकोट्रॉपिक हार्मोन (ACTH) – अधिवृक्क ग्रन्थि सक्रिय
🧪 गोनाडोट्रॉपिक हार्मोन (FSH, LH) – प्रजनन ग्रन्थियाँ सक्रिय
🧪 प्रोलैक्टिन – दुग्ध स्राव
🔹 2. पश्च खण्ड (Posterior lobe)
💧 ऑक्सीटोसिन – प्रसव संकुचन
💧 वैसोप्रेसिन (ADH) – जल संतुलन
🟢 (ग) थायरॉयड ग्रन्थि (Thyroid Gland)


📍स्थान — गर्दन में स्वरयंत्र के समीप
🧪 थायरॉक्सिन स्रावित करती है
💡 कार्य — चयापचय दर नियंत्रित करना, वृद्धि व विकास
⚠️ अल्प स्राव → बौनापन, मिक्सीडीमा
⚠️ अधिक स्राव → ग्रेव्स रोग
🟡 (घ) पैराथायरॉयड ग्रन्थि

📍स्थान — थायरॉयड के पीछे चार छोटी ग्रन्थियाँ
🧪 पैराथॉर्मोन – रक्त में कैल्शियम स्तर नियंत्रित
🔴 (ङ) अधिवृक्क ग्रन्थि (Adrenal Gland)

📍स्थान — गुर्दों के ऊपर टोपी के समान

दो भाग —
1️⃣ बाह्य भाग (कॉर्टेक्स)
🧪 मिनरलोकॉर्टिकॉयड – जल व लवण संतुलन
🧪 ग्लूकोकॉर्टिकॉयड – ऊर्जा संतुलन
2️⃣ भीतरी भाग (मेडुला)
⚡ एड्रिनालिन व नॉरएड्रिनालिन – भय/तनाव प्रतिक्रिया (“Fight or Flight”)
🟢 (च) अग्न्याशय (Pancreas)

📍स्थान — उदर गुहा में
🧪 इंसुलिन – रक्त ग्लूकोज़ घटाता
🧪 ग्लूकागॉन – रक्त ग्लूकोज़ बढ़ाता
⚠️ इंसुलिन की कमी → मधुमेह
🟣 (छ) गोनाड (प्रजनन ग्रन्थियाँ)
🧬 अण्डाशय (Ovary)

🧪 एस्ट्रोजन – स्त्री लक्षण
🧪 प्रोजेस्टेरोन – गर्भधारण
🧬 वृषण (Testis)
🧪 टेस्टोस्टेरोन – पुरुष लक्षण

🟡 (ज) पीनियल ग्रन्थि (Pineal)
🧪 मेलाटोनिन – नींद-जागरण चक्र नियंत्रित

⚙️ 4️⃣ हार्मोनल समन्वय
🌿 शरीर में सभी हार्मोन एक दूसरे के साथ समन्वित होकर कार्य करते हैं।
💡 उदाहरण —
🔹 इंसुलिन व ग्लूकागॉन – रक्त ग्लूकोज़ संतुलन
🔹 थायरॉक्सिन व GH – वृद्धि संतुलन
🧠 5️⃣ फीडबैक नियंत्रण
🧬 हार्मोन स्राव नकारात्मक प्रतिपुष्टि (Negative feedback) द्वारा नियंत्रित होता है।
उदाहरण —
जब रक्त में थायरॉक्सिन बढ़ता है → TSH का स्राव घटता है → थायरॉक्सिन सामान्य
⚠️ 6️⃣ हार्मोन असंतुलन से रोग
🔴 मधुमेह – इंसुलिन की कमी
🔴 ग्वाइटर – आयोडीन की कमी
🔴 ड्वार्फिज्म – GH की कमी
🔴 गिगैन्टिज्म – GH की अधिकता
✏️ 💡 अवधारणात्मक नोट
🧪 हार्मोन = रासायनिक संदेशवाहक
🧠 अंतःस्रावी ग्रन्थियाँ = नियंत्रण केंद्र
⚙️ समन्वय = सभी ग्रन्थियों का सामंजस्य
💧 फीडबैक तंत्र = संतुलन बनाए रखना
🧠🪴 📝 त्वरित पुनरावृत्ति
🌿 अंतःस्रावी तंत्र = रासायनिक नियंत्रण प्रणाली
🧠 हाइपोथैलेमस = नियंत्रक
🧪 पियूषिका = मास्टर ग्रन्थि
🧬 थायरॉयड = चयापचय
⚡ अधिवृक्क = तनाव प्रतिक्रिया
💧 अग्न्याशय = ग्लूकोज़ नियंत्रण
🧬 गोनाड = प्रजनन
🌙 पीनियल = नींद चक्र
📘 सारांश
🧠 शरीर के सभी कार्यों का रासायनिक समन्वय अंतःस्रावी तंत्र द्वारा किया जाता है।
🌿 प्रत्येक हार्मोन विशिष्ट कार्य करता है।
⚙️ समुचित संतुलन से ही शरीर स्वस्थ रहता है।
💡 फीडबैक तंत्र द्वारा हार्मोन स्राव नियंत्रित होता है।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔵 प्रश्न 1:
निम्नलिखित की परिभाषा लिखिए —
(क) वाह्य:स्रावी ग्रंथियाँ
(ख) अंतःस्रावी ग्रंथियाँ
(ग) हार्मोन
🟢 उत्तर:
✔️ (क) वाह्य:स्रावी ग्रंथियाँ:
वे ग्रंथियाँ होती हैं जो अपना स्राव नलिका (duct) के माध्यम से शरीर के किसी अंग या सतह पर छोड़ती हैं। इन ग्रंथियों का स्राव किसी विशेष स्थान पर कार्य करता है।
उदाहरण — स्वेद ग्रंथि (पसीना छोड़ने वाली), लार ग्रंथि (लार छोड़ने वाली), दुग्ध ग्रंथि आदि।
✏️ विशेषता: इनमें नलिकाएँ उपस्थित होती हैं, इसलिए इन्हें “नलिकायुक्त ग्रंथि” भी कहते हैं।
✔️ (ख) अंतःस्रावी ग्रंथियाँ:
ये ग्रंथियाँ नलिकाविहीन (ductless) होती हैं। इनका स्राव, जिसे हार्मोन कहते हैं, सीधे रक्त में छोड़ दिया जाता है। यह रक्त के माध्यम से लक्ष्य अंगों तक पहुँचकर विशेष शारीरिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है।
उदाहरण — पीयूषिका (pituitary), थायरॉयड, अधिवृक्क, अग्न्याशय, जनन ग्रंथियाँ।
💡 कार्य: वृद्धि, विकास, चयापचय, प्रजनन, जल एवं लवण संतुलन को नियंत्रित करना।
✔️ (ग) हार्मोन:
यह रासायनिक द्रव्य होता है जो अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित होता है। हार्मोन शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को समन्वित व नियंत्रित करते हैं।
इनका प्रभाव लक्ष्य कोशिकाओं पर पड़ता है।
💡 उदाहरण: इंसुलिन, थायरोक्सिन, टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन आदि।
🔵 प्रश्न 2:
हमारे शरीर में पाई जाने वाली अंतःस्रावी ग्रंथियों की स्थिति का चित्र बनाकर प्रदर्शित कीजिए।
🟢 उत्तर:
📘 एनसीईआरटी चित्र में निम्न ग्रंथियाँ दर्शाई जाती हैं —
1️⃣ पीयूषिका ग्रंथि — मस्तिष्क के आधार पर
2️⃣ पीनियल ग्रंथि — मस्तिष्क के भीतर
3️⃣ थायरॉयड ग्रंथि — गले के अग्रभाग में
4️⃣ अधिवृक्क ग्रंथि — दोनों वृक्कों के ऊपर
5️⃣ अग्न्याशय — उदर के मध्य भाग में
6️⃣ अंडाशय (स्त्री में) — गर्भाशय के दोनों ओर
7️⃣ वृषण (पुरुष में) — अंडकोश में स्थित
✏️ नोट: यह चित्र एनसीईआरटी पुस्तक के पृष्ठ पर दिया गया है, परीक्षा में चित्र बनाकर प्रत्येक ग्रंथि को नामांकित करें।
🔵 प्रश्न 3:
निम्न द्वारा स्रावित हार्मोन का नाम लिखिए —
(क) हाइपोथैलेमस
(ख) पीयूषिका ग्रंथि
(ग) अधिवृक्क ग्रंथि
(घ) अग्न्याशय
(ङ) वृषण
(च) अंडाशय
(छ) जठर-अंत्रीय पथ
🟢 उत्तर:
✔️ (क) हाइपोथैलेमस:
रिलीज़िंग हार्मोन (उत्तेजक) और इन्हिबिटिंग हार्मोन (निरोधक) स्रावित करता है जो पीयूषिका को नियंत्रित करते हैं।
उदाहरण — GH-RH, GH-IH, TSH-RH।
✔️ (ख) पीयूषिका ग्रंथि (Pituitary):
इसे “मास्टर ग्रंथि” कहा जाता है।
मुख्य हार्मोन — ग्रोथ हार्मोन (GH), थायरॉयड उत्तेजक हार्मोन (TSH), गोनाडोट्रॉपिक हार्मोन (FSH, LH), एड्रेनोकोर्टिकोट्रॉपिक हार्मोन (ACTH)।
✔️ (ग) अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal):
एड्रेनालिन (आपातकालीन हार्मोन), नॉरएड्रेनालिन, एल्डोस्टेरोन, कोर्टिसोल आदि स्रावित करता है।
✔️ (घ) अग्न्याशय (Pancreas):
इंसुलिन और ग्लूकागोन स्रावित करता है जो रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा को नियंत्रित करते हैं।
✔️ (ङ) वृषण (Testis):
टेस्टोस्टेरोन हार्मोन स्रावित करता है जो पुरुषों के द्वितीयक यौन लक्षणों का विकास करता है।
✔️ (च) अंडाशय (Ovary):
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन स्रावित करती है।
✔️ (छ) जठर-अंत्रीय पथ (Gastrointestinal Tract):
गैस्ट्रिन, सीक्रेटिन, कोलेसिस्टोकाइनिन आदि हार्मोन स्रावित करता है।
🔵 प्रश्न 4:
तक्ता स्थानों की पूर्ति कीजिए —
हार्मोन लक्ष्य ग्रंथि
थायरॉयड उत्तेजक हार्मोन थायरॉयड ग्रंथि
अधिवृक्ककोर्टिकोट्रॉपिक हार्मोन अधिवृक्क ग्रंथि
गोनाडोट्रॉपिक हार्मोन वृषण / अंडाशय
मेलानो साइट उत्तेजक हार्मोन त्वचा की रंगद्रव्य कोशिकाएँ
🔵 प्रश्न 5:
निम्नलिखित हार्मोन के कार्यों के बारे में टिप्पणी लिखिए —
(क) थायरॉयड हार्मोन
(ख) अधिवृक्क हार्मोन
(ग) इंसुलिन
(घ) ग्लूकागोन
(ङ) एस्ट्रोजन
🟢 उत्तर:
✔️ थायरॉयड हार्मोन (थायरोक्सिन):
यह शरीर के चयापचय की दर को नियंत्रित करता है। वृद्धि, ऊर्जा उत्पादन, तापमान नियंत्रण में सहायक होता है।
कमी होने पर गॉइटर या क्रेटिनिज़्म, अधिकता पर एक्सोफथैल्मिक गॉइटर होता है।
✔️ अधिवृक्क हार्मोन (एड्रेनालिन):
तनाव की अवस्था में “आपातकालीन हार्मोन” के रूप में कार्य करता है। हृदय गति, रक्तचाप और ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाता है।
✔️ इंसुलिन:
रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा घटाता है, ग्लाइकोजन संश्लेषण को बढ़ाता है।
कमी से मधुमेह (डायबिटीज मेलिटस) होता है।
✔️ ग्लूकागोन:
रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ाता है, ग्लाइकोजन का अपघटन कराता है।
✔️ एस्ट्रोजन:
महिलाओं में द्वितीयक यौन लक्षणों (स्तन विकास, मासिक धर्म) का विकास करता है।
🔵 प्रश्न 6:
निम्न के उदाहरण दीजिए —
(क) हार्मोन द्वारा नियन्त्रित हार्मोन
(ख) हार्मोन-समान पदार्थ
🟢 उत्तर:
✔️ (क) उदाहरण:
TSH द्वारा थायरॉयड हार्मोन का नियंत्रण।
ACTH द्वारा कोर्टिसोल हार्मोन का नियंत्रण।
✔️ (ख) उदाहरण:
गैस्ट्रिन, सीक्रेटिन, एरिथ्रोपॉयटिन आदि हार्मोन-समान रासायनिक द्रव्य हैं।
🔵 प्रश्न 7:
निम्नलिखित विकार किस हार्मोन की कमी के कारण होते हैं —
(क) ड्वार्फिज़्म
(ख) गॉइटर
(ग) क्रेटिनिज़्म
🟢 उत्तर:
✔️ ड्वार्फिज़्म: ग्रोथ हार्मोन (GH) की कमी से
✔️ गॉइटर: आयोडीन की कमी → थायरोक्सिन की कमी
✔️ क्रेटिनिज़्म: जन्म से थायरॉयड हार्मोन की कमी
🔵 प्रश्न 8:
एस एफ एस (SFS) के कार्यों का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
स्रावी फीडबैक प्रणाली (Secretion Feedback System) हार्मोन स्राव को नियंत्रित करती है।
✔️ नकारात्मक फीडबैक: हार्मोन की अधिकता होने पर ग्रंथि स्राव रोक देती है।
✔️ सकारात्मक फीडबैक: कभी-कभी वृद्धि हेतु स्राव बढ़ जाता है।
उदाहरण — थायरॉयड हार्मोन की अधिकता → TSH का स्राव घट जाता है।
🔵 प्रश्न 9:
निम्नलिखित के जोड़ बनाइए —
स्तंभ I स्तंभ II
टी एस एच थायरॉयड ग्रंथि
पी टी एच पैरेथायरॉयड ग्रंथि
एड्रेनालिन अधिवृक्क ग्रंथि
इंसुलिन अग्न्याशय
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)
सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।
🔴 प्रश्न 1:
रासायनिक समन्वय किसके द्वारा किया जाता है?
🔵 1️⃣ तंत्रिका तंत्र
🟢 2️⃣ अंतःस्रावी ग्रंथियाँ
🟡 3️⃣ रक्त परिसंचरण
🔴 4️⃣ अस्थि तंत्र
🟢 उत्तर: 2️⃣ अंतःस्रावी ग्रंथियाँ
🔴 प्रश्न 2:
कौन-सी ग्रंथि “प्रधान ग्रंथि” कहलाती है?
🔵 1️⃣ थायरॉइड
🟢 2️⃣ पीयूष ग्रंथि (पिट्यूटरी)
🟡 3️⃣ अधिवृक्क
🔴 4️⃣ अग्न्याशय
🟢 उत्तर: 2️⃣ पीयूष ग्रंथि (पिट्यूटरी)
🔴 प्रश्न 3:
कौन-सी ग्रंथि मिश्रित ग्रंथि कहलाती है?
🔵 1️⃣ थायरॉइड
🟢 2️⃣ अग्न्याशय
🟡 3️⃣ अधिवृक्क
🔴 4️⃣ पीयूष
🟢 उत्तर: 2️⃣ अग्न्याशय
🔴 प्रश्न 4:
थायरॉइड ग्रंथि से कौन-सा हार्मोन स्रावित होता है?
🔵 1️⃣ इंसुलिन
🟢 2️⃣ थायरॉक्सिन
🟡 3️⃣ एड्रिनलिन
🔴 4️⃣ ग्लूकागन
🟢 उत्तर: 2️⃣ थायरॉक्सिन
🔴 प्रश्न 5:
अग्न्याशय का कौन-सा हार्मोन रक्त में शर्करा घटाता है?
🔵 1️⃣ ग्लूकागन
🟢 2️⃣ इंसुलिन
🟡 3️⃣ थायरॉक्सिन
🔴 4️⃣ एड्रिनलिन
🟢 उत्तर: 2️⃣ इंसुलिन
🔴 प्रश्न 6:
एड्रिनलिन हार्मोन का कार्य क्या है?
🔵 1️⃣ नींद लाना
🟢 2️⃣ तनाव की स्थिति में शरीर को तैयार करना
🟡 3️⃣ हड्डियों की वृद्धि
🔴 4️⃣ दूध का निर्माण
🟢 उत्तर: 2️⃣ तनाव की स्थिति में शरीर को तैयार करना
🔴 प्रश्न 7:
कौन-सा हार्मोन रक्त में कैल्शियम का स्तर नियंत्रित करता है?
🔵 1️⃣ इंसुलिन
🟢 2️⃣ कैल्सिटोनिन
🟡 3️⃣ थायरॉक्सिन
🔴 4️⃣ एड्रिनलिन
🟢 उत्तर: 2️⃣ कैल्सिटोनिन
🔴 प्रश्न 8:
कौन-सी ग्रंथि शरीर की जैविक घड़ी कहलाती है?
🔵 1️⃣ पीनियल ग्रंथि
🟢 2️⃣ अधिवृक्क
🟡 3️⃣ पीयूष
🔴 4️⃣ थायरॉइड
🟢 उत्तर: 1️⃣ पीनियल ग्रंथि
🔴 प्रश्न 9:
कौन-सी ग्रंथि युग्मित होती है?
🔵 1️⃣ थायरॉइड
🟢 2️⃣ अधिवृक्क
🟡 3️⃣ पीनियल
🔴 4️⃣ पीयूष
🟢 उत्तर: 2️⃣ अधिवृक्क
🔴 प्रश्न 10:
कौन-सा हार्मोन “फाइट ऑर फ्लाइट” प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है?
🔵 1️⃣ ग्लूकागन
🟢 2️⃣ एड्रिनलिन
🟡 3️⃣ थायरॉक्सिन
🔴 4️⃣ इंसुलिन
🟢 उत्तर: 2️⃣ एड्रिनलिन
🔴 प्रश्न 11:
अंतःस्रावी ग्रंथि से क्या स्रावित होता है?
🟢 उत्तर:
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ हार्मोन नामक रासायनिक पदार्थ स्रावित करती हैं जो रक्त द्वारा लक्ष्य अंगों तक पहुँचकर क्रियाओं का समन्वय करते हैं।
🔴 प्रश्न 12:
पीयूष ग्रंथि का स्थान और कार्य बताइए।
🟢 उत्तर:
पीयूष ग्रंथि मस्तिष्क के आधार पर हाइपोथैलेमस के नीचे स्थित होती है।
इसे प्रधान ग्रंथि कहते हैं क्योंकि यह अन्य ग्रंथियों के कार्यों को नियंत्रित करती है जैसे थायरॉइड, अधिवृक्क, जनन ग्रंथियाँ।
🔴 प्रश्न 13:
रासायनिक समन्वय क्या है?
🟢 उत्तर:
रासायनिक समन्वय वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से शरीर की विभिन्न क्रियाएँ हार्मोन नामक रासायनिक संदेशवाहकों द्वारा नियंत्रित और संयोजित की जाती हैं।
हार्मोन अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित होकर रक्त में मिलते हैं और लक्ष्य अंगों पर कार्य करते हैं।
✔️ निष्कर्ष: हार्मोन शरीर के विकास, चयापचय, प्रजनन और आंतरिक संतुलन को नियंत्रित करते हैं।
🔴 प्रश्न 14:
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ क्या हैं?
🟢 उत्तर:
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ वे ग्रंथियाँ हैं जिनमें नलिकाएँ नहीं होतीं, अतः ये अपने स्राव (हार्मोन) को सीधे रक्त में छोड़ती हैं।
इनके स्राव शरीर के विशेष अंगों पर कार्य कर क्रियाओं का समन्वय करते हैं।
उदाहरण: पीयूष, थायरॉइड, अधिवृक्क, अग्न्याशय, गोनैड्स।
✔️ निष्कर्ष: ये ग्रंथियाँ शरीर की विभिन्न जैव-रासायनिक क्रियाओं का नियंत्रण करती हैं।
🔴 प्रश्न 15:
पीयूष ग्रंथि का कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
पीयूष ग्रंथि “प्रधान ग्रंथि” है।
1️⃣ यह अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों (थायरॉइड, अधिवृक्क, जनन ग्रंथियाँ) को नियंत्रित करती है।
2️⃣ विकास हार्मोन स्रावित कर शरीर की वृद्धि करती है।
3️⃣ ACTH, TSH, FSH, LH, PRL, ADH आदि हार्मोन स्रावित करती है।
✔️ निष्कर्ष: यह शरीर की अधिकांश अंतःस्रावी क्रियाओं का नियामक केंद्र है।
🔴 प्रश्न 16:
थायरॉइड ग्रंथि और उसका हार्मोन बताइए।
🟢 उत्तर:
थायरॉइड ग्रंथि गर्दन में स्वरयंत्र के नीचे स्थित होती है।
यह थायरॉक्सिन हार्मोन स्रावित करती है जो चयापचय की दर, वृद्धि और ऊर्जा उत्पादन को नियंत्रित करता है।
इसमें आयोडीन की उपस्थिति आवश्यक है।
✔️ निष्कर्ष: थायरॉक्सिन की कमी से घेंघा रोग होता है।
🔴 प्रश्न 17:
अग्न्याशय के हार्मोन और उनके कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
अग्न्याशय दो हार्मोन स्रावित करता है —
1️⃣ इंसुलिन: रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा घटाता है।
2️⃣ ग्लूकागन: रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ाता है।
दोनों मिलकर रक्त शर्करा स्तर को संतुलित रखते हैं।
✔️ निष्कर्ष: इन हार्मोनों की असंतुलन से मधुमेह होता है।
🔴 प्रश्न 18:
अधिवृक्क ग्रंथि के कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ यह एड्रिनलिन और नॉरएड्रिनलिन हार्मोन स्रावित करती है जो तनाव की स्थिति में शरीर को तैयार करते हैं।
2️⃣ कोर्टिसोल ऊर्जा उत्पादन में सहायक है।
3️⃣ ऐल्डोस्टेरोन जल और लवण संतुलन बनाए रखता है।
✔️ निष्कर्ष: यह शरीर की तनाव प्रतिक्रिया और द्रव संतुलन को नियंत्रित करती है।
🔴 प्रश्न 19:
रासायनिक समन्वय में हार्मोन की भूमिका समझाइए।
🟢 उत्तर:
हार्मोन विशेष कोशिकाओं में निर्मित रासायनिक संदेशवाहक हैं।
ये रक्त द्वारा लक्ष्य अंगों तक पहुँचकर उनके कार्यों को उत्तेजित या अवरुद्ध करते हैं।
इनसे वृद्धि, चयापचय, प्रजनन, जल संतुलन आदि नियंत्रित होते हैं।
✔️ निष्कर्ष: हार्मोन शरीर की सभी प्रमुख जैविक क्रियाओं का समन्वय करते हैं।
🔴 प्रश्न 20:
पीनियल ग्रंथि का कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
यह मस्तिष्क में स्थित छोटी ग्रंथि है जो मेलाटोनिन हार्मोन स्रावित करती है।
यह नींद-जागरण चक्र तथा जैविक घड़ी को नियंत्रित करती है।
✔️ निष्कर्ष: यह शरीर की लयबद्ध गतिविधियों का समन्वय करती है।
🔴 प्रश्न 21:
कौन-सी ग्रंथि शरीर की जैविक घड़ी कहलाती है और क्यों?
🟢 उत्तर:
पीनियल ग्रंथि, क्योंकि यह मेलाटोनिन हार्मोन स्रावित करती है जो दिन-रात की लय, नींद और जागरण चक्र को नियंत्रित करता है।
✔️ निष्कर्ष: यह शरीर की जैविक घड़ी के रूप में कार्य करती है।
🔴 प्रश्न 22:
रासायनिक समन्वय और तंत्रिकीय समन्वय में अंतर लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ रासायनिक समन्वय: हार्मोन द्वारा, धीमा, दीर्घकालिक।
2️⃣ तंत्रिकीय समन्वय: तंत्रिका आवेग द्वारा, तीव्र, अल्पकालिक।
✔️ निष्कर्ष: दोनों मिलकर शरीर की क्रियाओं को सटीक रूप से नियंत्रित करते हैं।
🔴 प्रश्न 23:
रासायनिक समन्वय की आवश्यकता क्यों होती है?
🟢 उत्तर:
मानव शरीर में अनेक जैविक क्रियाएँ निरंतर चलती रहती हैं जिन्हें नियंत्रित एवं समन्वित करने हेतु रासायनिक संदेशों की आवश्यकता होती है।
1️⃣ हार्मोन कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों को विशेष कार्यों के लिए संकेत देते हैं।
2️⃣ ये शरीर में विकास, चयापचय, जल-संतुलन, प्रजनन, तनाव-प्रतिक्रिया जैसी क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
3️⃣ हार्मोन तंत्रिका तंत्र की तुलना में धीरे कार्य करते हैं, परंतु प्रभाव दीर्घकालिक होता है।
4️⃣ रासायनिक समन्वय के बिना विभिन्न अंगों में तालमेल नहीं बन पाता।
✔️ निष्कर्ष: हार्मोन शरीर की क्रियाओं को संतुलित कर स्थिरता (होमियोस्टैसिस) बनाए रखते हैं।
🔴 प्रश्न 24:
पीयूष ग्रंथि की संरचना और कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
संरचना: पीयूष ग्रंथि मस्तिष्क के आधार पर हाइपोथैलेमस के नीचे स्थित मटर के आकार की ग्रंथि है।
यह तीन भागों में विभाजित है — अग्र खंड, मध्य खंड और पश्च खंड।
कार्य:
1️⃣ अग्र खंड विकास हार्मोन, TSH, ACTH, FSH, LH, PRL स्रावित करता है।
2️⃣ पश्च खंड ADH और ऑक्सीटोसिन का स्राव करता है।
3️⃣ यह अन्य ग्रंथियों (थायरॉइड, अधिवृक्क, गोनैड्स) को नियंत्रित करती है।
✔️ निष्कर्ष: पीयूष ग्रंथि को “प्रधान ग्रंथि” कहा जाता है क्योंकि यह सभी अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों को प्रभावित करती है।
🔴 प्रश्न 25:
थायरॉइड ग्रंथि की भूमिका एवं हार्मोन के कार्य समझाइए।
🟢 उत्तर:
थायरॉइड ग्रंथि गर्दन में स्वरयंत्र के नीचे स्थित होती है।
यह थायरॉक्सिन हार्मोन स्रावित करती है।
कार्य:
1️⃣ शरीर के चयापचय की दर नियंत्रित करना।
2️⃣ ऊर्जा उत्पादन व शरीर के तापमान का नियमन।
3️⃣ वृद्धि और मानसिक विकास में सहायता।
4️⃣ कैल्सिटोनिन हार्मोन रक्त में कैल्शियम की मात्रा घटाता है।
कमी: थायरॉक्सिन की कमी से घेंघा, सुस्ती, मानसिक मंदता।
अधिकता: हाइपरथायरॉइडिज्म से चयापचय दर बढ़ जाती है।
✔️ निष्कर्ष: थायरॉइड शरीर की ऊर्जा और विकास प्रक्रिया का मुख्य नियंत्रक है।
🔴 प्रश्न 26:
अग्न्याशय की अंतःस्रावी भूमिका का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
अग्न्याशय एक मिश्रित ग्रंथि है जिसमें अंतःस्रावी और बहिःस्रावी दोनों भाग होते हैं।
इसका अंतःस्रावी भाग “लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ” कहलाता है, जो दो प्रमुख हार्मोन स्रावित करती हैं —
1️⃣ इंसुलिन (β कोशिकाएँ): यह रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा घटाता है, उसे ग्लाइकोजन में परिवर्तित करता है।
2️⃣ ग्लूकागन (α कोशिकाएँ): यह रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ाता है।
दोनों हार्मोन परस्पर विपरीत कार्य कर रक्त शर्करा स्तर संतुलित रखते हैं।
✔️ निष्कर्ष: इंसुलिन की कमी से मधुमेह (डायबिटीज मेलिटस) होता है, अतः अग्न्याशय शरीर की ऊर्जा संतुलन का केंद्र है।
🔴 प्रश्न 27:
अधिवृक्क ग्रंथि की संरचना व कार्य का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
अधिवृक्क ग्रंथियाँ युग्मित होती हैं और गुर्दों के ऊपर स्थित रहती हैं।
इनमें दो भाग होते हैं —
1️⃣ कॉर्टेक्स (बाहरी भाग): कोर्टिसोल, ऐल्डोस्टेरोन, सेक्स हार्मोन स्रावित करता है।
— कोर्टिसोल तनाव में ऊर्जा उत्पादन करता है।
— ऐल्डोस्टेरोन जल और लवण संतुलन बनाए रखता है।
2️⃣ मेडुला (भीतरी भाग): एड्रिनलिन और नॉरएड्रिनलिन स्रावित करता है।
— ये तनाव की स्थिति में “फाइट या फ्लाइट” प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं।
✔️ निष्कर्ष: अधिवृक्क ग्रंथि शरीर को संकट में सक्रिय कर आंतरिक संतुलन बनाए रखती है।
🔴 प्रश्न 28:
हार्मोन के कार्य की विशेषताएँ लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक हैं जो रक्त द्वारा लक्ष्य अंगों तक पहुँचते हैं।
2️⃣ ये बहुत सूक्ष्म मात्रा में कार्य करते हैं।
3️⃣ ये केवल विशिष्ट रिसेप्टर वाले अंगों पर कार्य करते हैं।
4️⃣ कार्य की गति धीमी परंतु प्रभाव दीर्घकालिक होता है।
5️⃣ इनका कार्य संतुलित और नियंत्रित होता है; अधिकता या कमी से रोग उत्पन्न होते हैं।
उदाहरण: इंसुलिन की कमी से मधुमेह, थायरॉक्सिन की कमी से घेंघा।
✔️ निष्कर्ष: हार्मोन शरीर की स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
🔴 प्रश्न 29:
रासायनिक एवं तंत्रिकीय समन्वय में तुलना कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ रासायनिक समन्वय: हार्मोन द्वारा नियंत्रित, धीमी गति, प्रभाव दीर्घकालिक, उदाहरण — वृद्धि, चयापचय।
2️⃣ तंत्रिकीय समन्वय: तंत्रिका आवेगों द्वारा, तीव्र गति, प्रभाव अल्पकालिक, उदाहरण — प्रतिवर्ती क्रिया।
दोनों परस्पर मिलकर शरीर की सभी क्रियाओं का नियंत्रण व तालमेल सुनिश्चित करते हैं।
✔️ निष्कर्ष: तंत्रिकीय समन्वय त्वरित कार्यों हेतु जबकि रासायनिक समन्वय दीर्घकालिक नियंत्रण हेतु आवश्यक है।
🔴 प्रश्न 30:
रासायनिक समन्वय में हाइपोथैलेमस की भूमिका समझाइए।
🟢 उत्तर:
हाइपोथैलेमस मस्तिष्क का भाग है जो तंत्रिका व अंतःस्रावी तंत्र को जोड़ता है।
1️⃣ यह रीलीजिंग और इनहिबिटिंग हार्मोन स्रावित कर पीयूष ग्रंथि को नियंत्रित करता है।
2️⃣ ADH और ऑक्सीटोसिन हार्मोन का स्राव करवाता है।
3️⃣ यह शरीर का तापमान, भूख, प्यास, नींद-जागरण चक्र नियंत्रित करता है।
4️⃣ तनाव, भय या भावनात्मक प्रतिक्रिया में हार्मोन स्राव को प्रभावित करता है।
✔️ निष्कर्ष: हाइपोथैलेमस तंत्रिका और हार्मोनल समन्वय का मुख्य केंद्र है।
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