Class 11 : BIology (In Hindi) अध्याय 12: पादप में श्वसन
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🌿✨ प्रस्तावना
🪴 श्वसन जीवों में घटित होने वाली एक मूलभूत जैविक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से वे भोजन अणुओं से ऊर्जा मुक्त करते हैं।
🌱 पादपों में यह ऊर्जा वृद्धि, संचलन, आयन परिवहन तथा विविध चयापचयी क्रियाओं में उपयोग होती है।
🧠 पादपों में श्वसन निरंतर चलता है और यह जीवन की अवधारणात्मक आवश्यकता है।
💡 मुख्य विचार:
“श्वसन जीवन की ऊर्जा प्राप्ति का प्रमुख साधन है।”
🔵 1️⃣ श्वसन की परिभाषा
🌿 श्वसन वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें कार्बनिक यौगिकों का ऑक्सीकरण होकर ऊर्जा (एटीपी) उत्पन्न होती है।
🧪 सामान्य समीकरण —
C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा (ATP)

🟢 2️⃣ श्वसन के प्रकार

1️⃣ वायवीय श्वसन (एरोबिक)

ऑक्सीजन की उपस्थिति में
उत्पाद: कार्बन डाइऑक्साइड + जल + अधिक ऊर्जा
2️⃣ अवायवीय श्वसन (ऐनएरोबिक)
ऑक्सीजन के अभाव में
उत्पाद: एथेनॉल/लैक्टिक अम्ल + कम ऊर्जा
💡 टिप: पादपों में प्रमुखतः वायवीय श्वसन होता है।
🟡 3️⃣ श्वसन की अवस्थाएँ
पादपों में श्वसन तीन प्रमुख चरणों में घटित होता है —
1️⃣ ग्लाइकोलाइसिस
2️⃣ क्रीब्स चक्र (त्रिकर्बनिक अम्ल चक्र)
3️⃣ इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र
🌱 (क) ग्लाइकोलाइसिस
📍 स्थान – कोशिकाद्रव्य
📍 क्रिया – ग्लूकोज़ (6C) → दो पाइरुविक अम्ल (3C)
🧬 प्रमुख परिणाम —
2 एटीपी लाभ
2 एनएडीएच₂ का निर्माण
💡 अवधारणा:
ग्लाइकोलाइसिस ऑक्सीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति दोनों में घटित होती है।

🌿 (ख) पाइरुविक अम्ल का भाग्य
🧪 ग्लाइकोलाइसिस के बाद निर्मित पाइरुविक अम्ल का रूप तीन स्थितियों में परिवर्तित होता है —
1️⃣ वायवीय श्वसन में – माइटोकॉन्ड्रिया में प्रवेश, CO₂ + H₂O + ऊर्जा
2️⃣ अवायवीय स्थिति में – एथेनॉल व CO₂
3️⃣ लैक्टिक अम्ल निर्माण – ऑक्सीजन के अभाव में
🔥 (ग) क्रीब्स चक्र

📍 स्थान – माइटोकॉन्ड्रिया का मैट्रिक्स
📍 प्रारम्भ – पाइरुविक अम्ल → एसीटिल को-ए
🧠 प्रमुख घटनाएँ —
CO₂ का उत्सर्जन
एनएडीएच₂, एफएडीएच₂ का निर्माण
थोड़ी मात्रा में एटीपी
💡 मुख्य विचार:
क्रीब्स चक्र पूर्ण ऑक्सीकरण का केंद्र है।
⚡ (घ) इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र

📍 स्थान – माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली
🧬 एनएडीएच₂ व एफएडीएच₂ से इलेक्ट्रॉन प्रवाहित होकर एटीपी उत्पन्न करते हैं।
अंत में ऑक्सीजन इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर जल बनाती है।
🌿 परिणाम —
प्रति ग्लूकोज़ लगभग 38 एटीपी।
🔴 4️⃣ अवायवीय श्वसन


🧪 ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में पाइरुविक अम्ल → एथेनॉल + CO₂ + ऊर्जा
उदाहरण — यीस्ट में किण्वन प्रक्रिया।
🧠 5️⃣ श्वसन गुणांक (RQ)
🧪 यह अनुपात है —
RQ = निर्मित CO₂ / प्रयुक्त O₂
🔹 कार्बोहाइड्रेट हेतु – 1
🔹 वसा हेतु – < 1 🔹 प्रोटीन हेतु – > 1
💡 अवधारणा:
RQ से श्वसन में प्रयुक्त पदार्थ का प्रकार ज्ञात किया जा सकता है।
🧬 6️⃣ श्वसन की ऊर्जा उपज
🌿 1 ग्लूकोज़ → 38 एटीपी
🔹 ग्लाइकोलाइसिस – 2 एटीपी
🔹 क्रीब्स चक्र – 2 एटीपी
🔹 इलेक्ट्रॉन परिवहन – 34 एटीपी
🌾 7️⃣ पादपों में श्वसन की विशेषताएँ
✔️ निरंतर घटित
✔️ सभी कोशिकाओं में
✔️ मुख्यतः वायवीय
✔️ उत्पाद – CO₂ व जल
✔️ ऊर्जा का रूप – एटीपी
🧪 8️⃣ प्रकाश-संश्लेषण व श्वसन का संबंध
🌞 प्रकाश-संश्लेषण: CO₂ अवशोषण, O₂ उत्सर्जन, ऊर्जा संचय
🌿 श्वसन: O₂ अवशोषण, CO₂ उत्सर्जन, ऊर्जा मुक्त
💡 मुख्य विचार:
दोनों प्रक्रियाएँ एक-दूसरे की पूरक हैं।
🌍 9️⃣ श्वसन का महत्त्व
🧠 ऊर्जा प्राप्ति
🌱 वृद्धि, मरम्मत, परिवहन
⚡ आयन पम्पन
🧬 रासायनिक संश्लेषण
💡✏️ अवधारणात्मक नोट
🔹 श्वसन जीवन क्रियाओं हेतु ऊर्जा प्रदान करता है।
🔹 वायवीय श्वसन सर्वाधिक दक्ष।
🔹 ऑक्सीजन अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्रहणकर्ता।
📝 त्वरित पुनरावृत्ति
🔹 श्वसन = ग्लूकोज़ + O₂ → CO₂ + H₂O + ऊर्जा
🔹 चरण – ग्लाइकोलाइसिस, क्रीब्स चक्र, इलेक्ट्रॉन परिवहन
🔹 वायवीय > अवायवीय
🔹 एटीपी = सार्वभौमिक ऊर्जा मुद्रा
📘 सारांश
🪴 पादपों में श्वसन एक आवश्यक चयापचयी क्रिया है।
🧬 इसमें भोजन अणुओं का ऑक्सीकरण होकर ऊर्जा उत्पन्न होती है।
🌿 यह ऊर्जा वृद्धि, संश्लेषण, परिवहन में प्रयुक्त होती है।
🧠 वायवीय श्वसन सर्वाधिक प्रभावी है, जिसमें 38 एटीपी उत्पन्न होते हैं।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔵 प्रश्न 1: इनमें अंतर कीजिए —
(अ) साँस (स्वसन) और श्वसन
(ब) ग्लाइकोलाइसिस तथा क्रेब्स चक्र
(स) ऐरोबिक स्वसन तथा एनैरोबिक स्वसन
🟢 उत्तर:
(अ) साँस (स्वसन) और श्वसन में अंतर
विशेषता साँस (Respiration) श्वसन (Breathing)
प्रक्रिया कोशिकीय स्तर पर ऊर्जा उत्पन्न करने की क्रिया गैसों का अंदर-बाहर जाना
स्थान माइटोकॉन्ड्रिया श्वसन अंग
उत्पाद ऊर्जा (ATP), CO₂, H₂O केवल गैसों का आदान-प्रदान
(ब) ग्लाइकोलाइसिस और क्रेब्स चक्र में अंतर
| विशेषता | ग्लाइकोलाइसिस | क्रेब्स चक्र |
| स्थान | कोशिका द्रव्य | माइटोकॉन्ड्रिया |
| उत्पाद | पाइरूविक अम्ल | CO₂, H₂O, NADH |
(स) ऐरोबिक एवं एनैरोबिक स्वसन में अंतर
| विशेषता | ऐरोबिक स्वसन | एनैरोबिक स्वसन |
| ऑक्सीजन की आवश्यकता | होती है | नहीं होती |
| उत्पाद | CO₂, H₂O, अधिक ऊर्जा | अल्कोहल/लैक्टिक अम्ल, कम ऊर्जा |
🔵 प्रश्न 2: स्वसनीय क्रियाश्रय क्या है? सर्वाधिक सामान्य क्रियाश्रय का नाम बताइए।
🟢 उत्तर:
🌿 स्वसनीय क्रियाश्रय वह पदार्थ है जो श्वसन के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।
✔️ सर्वाधिक सामान्य क्रियाश्रय — ग्लूकोज़।
🔵 प्रश्न 3: ग्लाइकोलाइसिस को रेखा द्वारा बनाइए।
🟢 उत्तर:
ग्लूकोज़ (6C) → 2 पाइरूविक अम्ल (3C)
📍 यह प्रक्रिया कोशिका द्रव्य में होती है।
📍 उत्पाद: 2 ATP, 2 NADH
🔵 प्रश्न 4: ऐरोबिक श्वसन के मुख्य चरण कौन-कौन से हैं?
🟢 उत्तर:
1️⃣ ग्लाइकोलाइसिस — कोशिका द्रव्य में
2️⃣ क्रेब्स चक्र — माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में
3️⃣ इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र — आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली में
🔵 प्रश्न 5: क्रेब्स चक्र का समय रेखा चित्र बनाइए।
🟢 उत्तर (सारांश):
एसेटाइल CoA → साइट्रिक अम्ल → अल्फा-किटोग्लूटारिक अम्ल → सुक्सिनिक अम्ल → मॅलिक अम्ल → ऑक्सालोएसेटिक अम्ल
📍 उत्पाद: 3 NADH, 1 FADH₂, 1 ATP
🔵 प्रश्न 6: इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
✔️ यह तंत्र माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर स्थित होता है।
✔️ NADH व FADH₂ अपने इलेक्ट्रॉन इस तंत्र को देते हैं।
✔️ इलेक्ट्रॉन श्रृंखला से गुजरते हुए ATP का निर्माण होता है।
✔️ अंतिम इलेक्ट्रॉन स्वीकर्ता ऑक्सीजन होती है, जिससे जल (H₂O) बनता है।
🔵 प्रश्न 7: निम्न के मध्य अंतर कीजिए —
(अ) ऐरोबिक स्वसन और एनैरोबिक स्वसन
(ब) ग्लाइकोलाइसिस तथा क्रेब्स चक्र
(स) ग्लाइकोलाइसिस तथा ऑक्सीडेटिव अपघटन
🟢 उत्तर:
(अ) पहले प्रश्न 1 में दिया गया है।
(ब) स्थान, उत्पाद और ऊर्जा की मात्रा में अंतर (ऊपर देखें)।
(स) ग्लाइकोलाइसिस में ग्लूकोज़ टूटकर पाइरूविक अम्ल बनता है जबकि ऑक्सीडेटिव अपघटन में पाइरूविक अम्ल आगे टूटकर CO₂ व H₂O बनाता है।
🔵 प्रश्न 8: एक एटीपी के अपघटन से प्राप्त ऊर्जा की मात्रा के आधार पर आप क्या कल्पना करते हैं?
🟢 उत्तर:
1️⃣ एक एटीपी के अपघटन से लगभग 7.3 किलो कैलोरी (30.5 kJ) ऊर्जा मुक्त होती है।
2️⃣ यह ऊर्जा जैव-रासायनिक क्रियाओं में उपयोग होती है।
🔵 प्रश्न 9: “स्वसन पथ एक ऐंफिबोलिक पथ होता है” — स्पष्ट करें।
🟢 उत्तर:
🌿 श्वसन पथ में अपचयन (Catabolism) व संश्लेषण (Anabolism) दोनों क्रियाएँ होती हैं।
➡️ इसलिए इसे एम्फिबोलिक (Amphibolic) कहते हैं।
🔵 प्रश्न 10: श्वसन गुणांक को परिभाषित कीजिए।
🟢 उत्तर:
📘 श्वसन गुणांक (RQ) = CO₂ उत्सर्जन / O₂ उपभोग
✔️ कार्बोहाइड्रेट के लिए RQ = 1
✔️ वसा के लिए RQ < 1
✔️ प्रोटीन के लिए RQ ≈ 0.8
🔵 प्रश्न 11: ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण क्या है?
🟢 उत्तर:
🌿 इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र में ADP का फॉस्फेट के साथ संयोजन होकर ATP बनना ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण कहलाता है।
🔵 प्रश्न 12: श्वसन के प्रत्येक चरण में मुक्त होने वाली ऊर्जा का क्या महत्त्व है?
🟢 उत्तर:
1️⃣ प्रत्येक चरण में ऊर्जा का नियंत्रित निर्गमन होता है।
2️⃣ यह ऊर्जा कोशिका की जैविक क्रियाओं में प्रयुक्त होती है।
3️⃣ ATP के रूप में ऊर्जा का संचय होता है।
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)
सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।
🔴 प्रश्न 1:
श्वसन की परिभाषा क्या है?
🔵 1️⃣ ऑक्सीजन ग्रहण और कार्बन डाइऑक्साइड निष्कासन
🟢 2️⃣ ग्लूकोज़ का ऑक्सीकरण कर ऊर्जा प्राप्त करना
🟡 3️⃣ केवल ऑक्सीजन का उपयोग
🔴 4️⃣ केवल CO₂ उत्सर्जन
🟢 उत्तर: 2️⃣ ग्लूकोज़ का ऑक्सीकरण कर ऊर्जा प्राप्त करना
🔴 प्रश्न 2:
पादपों में श्वसन की प्रक्रिया कहां घटित होती है?
🔵 1️⃣ क्लोरोप्लास्ट
🟢 2️⃣ माइटोकॉण्ड्रिया
🟡 3️⃣ राइबोसोम
🔴 4️⃣ केन्द्रक
🟢 उत्तर: 2️⃣ माइटोकॉण्ड्रिया
🔴 प्रश्न 3:
एरोबिक श्वसन में कौन-सी गैस प्रयुक्त होती है?
🔵 1️⃣ CO₂
🟢 2️⃣ O₂
🟡 3️⃣ N₂
🔴 4️⃣ H₂
🟢 उत्तर: 2️⃣ O₂
🔴 प्रश्न 4:
एरोबिक श्वसन में अंतिम उत्पाद क्या हैं?
🔵 1️⃣ CO₂ और H₂O
🟢 2️⃣ लैक्टिक अम्ल
🟡 3️⃣ एथिल अल्कोहल
🔴 4️⃣ ऑक्सीजन
🟢 उत्तर: 1️⃣ CO₂ और H₂O
🔴 प्रश्न 5:
एनेरोबिक श्वसन कहाँ होता है?
🔵 1️⃣ ऑक्सीजन की उपस्थिति में
🟢 2️⃣ ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में
🟡 3️⃣ जल में
🔴 4️⃣ क्लोरोप्लास्ट में
🟢 उत्तर: 2️⃣ ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में
🔴 प्रश्न 6:
ग्लाइकोलाइसिस कहाँ घटित होती है?
🔵 1️⃣ माइटोकॉण्ड्रिया
🟢 2️⃣ साइटोप्लाज्म
🟡 3️⃣ क्लोरोप्लास्ट
🔴 4️⃣ केन्द्रक
🟢 उत्तर: 2️⃣ साइटोप्लाज्म
🔴 प्रश्न 7:
ग्लाइकोलाइसिस का अंतिम उत्पाद क्या है?
🔵 1️⃣ पायरुविक अम्ल
🟢 2️⃣ लैक्टिक अम्ल
🟡 3️⃣ एथिल अल्कोहल
🔴 4️⃣ CO₂
🟢 उत्तर: 1️⃣ पायरुविक अम्ल
🔴 प्रश्न 8:
क्रेब्स चक्र कहाँ घटित होता है?
🔵 1️⃣ साइटोप्लाज्म
🟢 2️⃣ माइटोकॉण्ड्रिया की आंतरिक मैट्रिक्स में
🟡 3️⃣ थाइलेकॉयड
🔴 4️⃣ क्लोरोप्लास्ट
🟢 उत्तर: 2️⃣ माइटोकॉण्ड्रिया की आंतरिक मैट्रिक्स में
🔴 प्रश्न 9:
एक ग्लूकोज़ अणु के ऑक्सीकरण से कितने ATP बनते हैं?
🔵 1️⃣ 2
🟢 2️⃣ 36
🟡 3️⃣ 18
🔴 4️⃣ 12
🟢 उत्तर: 2️⃣ 36
🔴 प्रश्न 10:
एनेरोबिक श्वसन का उत्पाद क्या है?
🔵 1️⃣ CO₂ और जल
🟢 2️⃣ एथिल अल्कोहल व CO₂
🟡 3️⃣ ATP और NADH
🔴 4️⃣ लैक्टिक अम्ल
🟢 उत्तर: 2️⃣ एथिल अल्कोहल व CO₂
🔴 प्रश्न 11:
श्वसन में कौन-सी प्रक्रिया सर्वप्रथम घटित होती है?
🔵 1️⃣ ग्लाइकोलाइसिस
🟢 2️⃣ क्रेब्स चक्र
🟡 3️⃣ इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला
🔴 4️⃣ फॉस्फोरीलेशन
🟢 उत्तर: 1️⃣ ग्लाइकोलाइसिस
🔴 प्रश्न 12:
ATP को क्या कहा जाता है?
🔵 1️⃣ जीवन शक्ति
🟢 2️⃣ ऊर्जा की मुद्रा
🟡 3️⃣ ऑक्सीजन वाहक
🔴 4️⃣ प्रोटीन
🟢 उत्तर: 2️⃣ ऊर्जा की मुद्रा
🔴 प्रश्न 13:
श्वसन क्या है?
🟢 उत्तर:
श्वसन एक जैव-रासायनिक ऑक्सीकरण प्रक्रिया है जिसमें ग्लूकोज़ जैसे कार्बनिक यौगिकों का ऑक्सीकरण होकर ऊर्जा (ATP) का निर्माण होता है।
इस प्रक्रिया में CO₂ और H₂O उत्सर्जित होते हैं।
✔️ निष्कर्ष: श्वसन से पादपों को ऊर्जा प्राप्त होती है जो वृद्धि, परिवहन और संश्लेषण क्रियाओं में प्रयुक्त होती है।
🔴 प्रश्न 14:
श्वसन के प्रकार लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ एरोबिक श्वसन: ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है; उत्पाद — CO₂, H₂O, ATP।
2️⃣ एनेरोबिक श्वसन: ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है; उत्पाद — एथिल अल्कोहल, CO₂, थोड़ी ऊर्जा।
✔️ निष्कर्ष: दोनों प्रक्रियाओं से ऊर्जा मिलती है पर एरोबिक श्वसन अधिक प्रभावी है।
🔴 प्रश्न 15:
एरोबिक श्वसन की विशेषताएँ लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ यह ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है।
2️⃣ ग्लूकोज़ का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है।
3️⃣ अंतिम उत्पाद — CO₂ और H₂O।
4️⃣ एक ग्लूकोज़ से लगभग 36 ATP बनते हैं।
✔️ निष्कर्ष: यह पादपों में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।
🔴 प्रश्न 16:
एनेरोबिक श्वसन का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है।
2️⃣ ग्लूकोज़ का अपूर्ण ऑक्सीकरण होता है।
3️⃣ उत्पाद — एथिल अल्कोहल, CO₂, 2 ATP।
4️⃣ उदाहरण — खमीर कोशिका।
✔️ निष्कर्ष: यह सीमित ऊर्जा प्रदान करता है पर कुछ परिस्थितियों में उपयोगी है।
🔴 प्रश्न 17:
ग्लाइकोलाइसिस क्या है?
🟢 उत्तर:
यह श्वसन की प्रारंभिक अवस्था है जो साइटोप्लाज्म में होती है।
इसमें एक ग्लूकोज़ अणु का अपघटन होकर दो पायरुविक अम्ल बनते हैं तथा 2 ATP और 2 NADH प्राप्त होते हैं।
✔️ निष्कर्ष: यह चरण ऑक्सीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति दोनों में होता है।
🔴 प्रश्न 18:
क्रेब्स चक्र कहाँ होता है और क्या उत्पादित करता है?
🟢 उत्तर:
1️⃣ स्थान: माइटोकॉण्ड्रिया की मैट्रिक्स।
2️⃣ प्रारंभिक पदार्थ: एसिटाइल CoA।
3️⃣ उत्पाद: CO₂, NADH, FADH₂, और ATP।
✔️ निष्कर्ष: यह चरण उच्च ऊर्जा इलेक्ट्रॉन प्रदान करता है जो ATP निर्माण में सहायक हैं।
🔴 प्रश्न 19:
इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला क्या है?
🟢 उत्तर:
यह माइटोकॉण्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर घटित होती है।
NADH और FADH₂ से प्राप्त इलेक्ट्रॉन क्रमशः श्रृंखला से गुजरते हैं और ATP बनाते हैं।
अंत में इलेक्ट्रॉन O₂ से मिलकर जल बनाते हैं।
✔️ निष्कर्ष: यह श्वसन का ऊर्जा उत्पादक चरण है।
🔴 प्रश्न 20:
ATP का महत्व लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ इसे ऊर्जा की मुद्रा कहा जाता है।
2️⃣ यह विभिन्न जैव रासायनिक क्रियाओं को ऊर्जा प्रदान करता है।
3️⃣ श्वसन से निर्मित ATP का उपयोग संश्लेषण, परिवहन और वृद्धि में होता है।
✔️ निष्कर्ष: ATP कोशिका की ऊर्जा आवश्यकता पूरी करता है।
🔴 प्रश्न 21:
श्वसन और प्रकाश संश्लेषण में अंतर लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ प्रकाश संश्लेषण ऊर्जा संचय की प्रक्रिया है, जबकि श्वसन ऊर्जा विमोचन की।
2️⃣ प्रकाश संश्लेषण में CO₂ का उपभोग और श्वसन में उत्सर्जन होता है।
3️⃣ एक दिन की ऊर्जा संतुलन दोनों प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है।
✔️ निष्कर्ष: दोनों प्रक्रियाएँ परस्पर पूरक हैं।
🔴 प्रश्न 22:
श्वसन का जैविक महत्व बताइए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ ATP निर्माण द्वारा ऊर्जा की उपलब्धता।
2️⃣ वृद्धि और मरम्मत हेतु ऊर्जा।
3️⃣ पदार्थों के परिवहन और संश्लेषण में सहायता।
✔️ निष्कर्ष: श्वसन जीवन क्रियाओं का ऊर्जा आधार है।
🔴 प्रश्न 23:
श्वसन की प्रक्रिया का विस्तृत वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
श्वसन एक जैव-रासायनिक ऑक्सीकरण प्रक्रिया है जिसमें कार्बनिक यौगिक जैसे ग्लूकोज़ का क्रमिक अपघटन होकर ऊर्जा (ATP) का निर्माण होता है। यह तीन मुख्य चरणों में होती है—
1️⃣ ग्लाइकोलाइसिस: यह साइटोप्लाज्म में होती है, जहाँ एक ग्लूकोज़ अणु से 2 पायरुविक अम्ल, 2 ATP (नेट) और 2 NADH बनते हैं।
2️⃣ क्रेब्स चक्र: माइटोकॉण्ड्रियल मैट्रिक्स में होता है। पायरुविक अम्ल का पूर्ण ऑक्सीकरण होकर CO₂, NADH, FADH₂ और ATP बनते हैं।
3️⃣ इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला: माइटोकॉण्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर होती है जहाँ NADH और FADH₂ से इलेक्ट्रॉन प्रवाहित होकर लगभग 34 ATP उत्पन्न करते हैं।
कुल उत्पाद: CO₂ + H₂O + 36 ATP।
✔️ निष्कर्ष: यह ऊर्जा-उत्पादक प्रक्रिया पादपों की सभी जीवन क्रियाओं का आधार है।
🔴 प्रश्न 24:
ग्लाइकोलाइसिस की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
ग्लाइकोलाइसिस श्वसन की प्रथम अवस्था है जो साइटोप्लाज्म में होती है। इसमें 6-कार्बन युक्त ग्लूकोज़ अणु का अपघटन होकर दो 3-कार्बन युक्त पायरुविक अम्ल बनते हैं।
प्रमुख चरण —
1️⃣ फॉस्फोरीलेशन: ग्लूकोज़ से ग्लूकोज़-6-फॉस्फेट बनता है।
2️⃣ आइसोमरीकरण: फ्रक्टोज़-6-फॉस्फेट बनता है।
3️⃣ क्लेवेज: फ्रक्टोज़ 1,6-बाइफॉस्फेट दो 3C यौगिकों में विभाजित होता है।
4️⃣ ऑक्सीकरण व ATP निर्माण: NADH और ATP बनते हैं।
उत्पाद: 2 पायरुविक अम्ल, 4 ATP (नेट 2 ATP लाभ), 2 NADH।
✔️ निष्कर्ष: यह चरण एरोबिक और एनेरोबिक दोनों श्वसन में समान रहता है।
🔴 प्रश्न 25:
क्रेब्स चक्र की प्रक्रिया समझाइए।
🟢 उत्तर:
क्रेब्स चक्र माइटोकॉण्ड्रिया की मैट्रिक्स में होता है। इसमें ग्लाइकोलाइसिस से प्राप्त पायरुविक अम्ल पहले एसिटाइल CoA में बदलता है।
इसके बाद एसिटाइल CoA (2C) ऑक्सालोएसेटिक अम्ल (4C) से मिलकर सिट्रिक अम्ल (6C) बनाता है।
इस चक्र में क्रमिक ऑक्सीकरण व अपघटन से निम्न पदार्थ बनते हैं—
1️⃣ 3 NADH
2️⃣ 1 FADH₂
3️⃣ 1 ATP (सब्सट्रेट स्तर फॉस्फोरीलेशन से)
4️⃣ 2 CO₂ (अपशिष्ट)
यह चक्र दो बार चलता है (प्रति ग्लूकोज़)।
✔️ निष्कर्ष: क्रेब्स चक्र ऊर्जा-समृद्ध इलेक्ट्रॉन वाहक उत्पन्न करता है जो आगे ATP निर्माण हेतु ETC में प्रवेश करते हैं।
🔴 प्रश्न 26:
इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला (ETC) श्वसन की अंतिम और सर्वाधिक ऊर्जा-उत्पादक अवस्था है।
1️⃣ यह माइटोकॉण्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर स्थित होती है।
2️⃣ NADH व FADH₂ से इलेक्ट्रॉन श्रृंखला में प्रवेश करते हैं और क्रमशः फ्लेवोप्रोटीन, क्यू-कोएंजाइम, साइटोक्रोम b, c, a, a₃ से होकर गुजरते हैं।
3️⃣ इलेक्ट्रॉन प्रवाह से मुक्त ऊर्जा का उपयोग ATP सिंथेसिस हेतु होता है (ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरीलेशन)।
4️⃣ अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्रहिता ऑक्सीजन है जो H⁺ से मिलकर जल बनाती है।
उत्पाद: लगभग 34 ATP और H₂O।
✔️ निष्कर्ष: यह चरण श्वसन का ऊर्जा-निर्माण केंद्र है।
🔴 प्रश्न 27:
एरोबिक और एनेरोबिक श्वसन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ एरोबिक श्वसन:
ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है।
ग्लूकोज़ का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है।
उत्पाद: CO₂, H₂O, 36 ATP।
उदाहरण: उच्च पादप।
2️⃣ एनेरोबिक श्वसन:
ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है।
ग्लूकोज़ का अपूर्ण ऑक्सीकरण होता है।
उत्पाद: एथिल अल्कोहल, CO₂, 2 ATP।
उदाहरण: खमीर।
✔️ निष्कर्ष: एरोबिक श्वसन अधिक ऊर्जा प्रदान करता है, जबकि एनेरोबिक सीमित ऊर्जा।
🔴 प्रश्न 28:
ATP निर्माण की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
ATP निर्माण दो प्रकार से होता है —
1️⃣ सब्सट्रेट स्तर फॉस्फोरीलेशन: ग्लाइकोलाइसिस व क्रेब्स चक्र में सीधे ATP बनता है।
2️⃣ ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरीलेशन: इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला में NADH और FADH₂ के ऑक्सीकरण से मुक्त ऊर्जा ATP निर्माण में प्रयुक्त होती है।
प्रत्येक NADH से लगभग 3 ATP और प्रत्येक FADH₂ से 2 ATP बनते हैं।
कुल उत्पादन: लगभग 36 ATP।
✔️ निष्कर्ष: ATP को ऊर्जा की मुद्रा कहा जाता है जो सभी जैविक क्रियाओं में प्रयुक्त होती है।
🔴 प्रश्न 29:
श्वसन में ऑक्सीजन की भूमिका बताइए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ ऑक्सीजन इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला की अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्रहिता है।
2️⃣ यह इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन से मिलकर जल बनाती है।
3️⃣ इसके अभाव में NADH और FADH₂ का पुनर्जनन नहीं हो पाता जिससे ATP निर्माण रुक जाता है।
4️⃣ ऑक्सीजन की उपस्थिति में ही ग्लूकोज़ का पूर्ण ऑक्सीकरण संभव है।
✔️ निष्कर्ष: ऑक्सीजन ऊर्जा विमोचन का प्रमुख तत्व है, इसके बिना एरोबिक श्वसन संभव नहीं।
🔴 प्रश्न 30:
श्वसन का जैविक महत्व लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ ऊर्जा उत्पादन: ATP निर्माण से जीवन क्रियाओं हेतु ऊर्जा मिलती है।
2️⃣ वृद्धि व मरम्मत: नई कोशिकाएँ व ऊतक निर्माण में उपयोग।
3️⃣ संश्लेषण क्रियाएँ: प्रोटीन, वसा, एंजाइम निर्माण के लिए ऊर्जा।
4️⃣ ताप नियंत्रण: ऊर्जा का कुछ भाग ताप के रूप में निकलता है।
5️⃣ चयापचय समायोजन: मध्यवर्ती यौगिक अन्य जैव क्रियाओं में सहायक।
✔️ निष्कर्ष: श्वसन पादपों की सभी जीवन क्रियाओं की ऊर्जा आपूर्ति हेतु अनिवार्य प्रक्रिया है।
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