Biology (Hindi), Class 11

Class 11 : BIology (In Hindi) – अध्याय 11: उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन


🌿✨ प्रस्तावना
🪴 प्रकाश-संश्लेषण वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें हरित पादप प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं।
🌞 सूर्य का प्रकाश, वायुमण्डलीय कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल की सहायता से ग्लूकोज़ का निर्माण करता है, और उपउत्पाद के रूप में ऑक्सीजन उत्सर्जित होती है।
🧠 यह पृथ्वी पर जीवन की ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है क्योंकि सभी जीव प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इसी पर निर्भर हैं।
💡 मुख्य विचार:
“प्रकाश-संश्लेषण पृथ्वी पर ऊर्जा की मूल कुंजी है।”

🔵 1️⃣ प्रकाश-संश्लेषण की परिभाषा
🌿 यह एक उष्माशोषी क्रिया है जिसमें पादप सूर्य के प्रकाश की सहायता से


6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
निर्माण करते हैं।



🟢 2️⃣ प्रकाश-संश्लेषण का ऐतिहासिक दृष्टिकोण
🧪 प्रिस्टले – 1770 ई. में बताया कि पादप वायु को शुद्ध करते हैं।


🧪 इंजेनहॉज – केवल हरित भाग प्रकाश में यह कार्य करते हैं।
🧪 सेनबे – प्रकाश-संश्लेषण में CO₂ का उपयोग होता है।
🧪 रॉबर्ट हिल – जल के विघटन से ऑक्सीजन निकलती है।
💡 टिप: प्रकाश-संश्लेषण की मूल भूमिका हरित लवक निभाते हैं।

🟡 3️⃣ प्रकाश-संश्लेषण के लिए आवश्यक घटक
🔹 प्रकाश ऊर्जा (सूर्य से)
🔹 जल (मूल से)
🔹 कार्बन डाइऑक्साइड (वायु से)
🔹 हरित लवक (पर्णहरितक कोशिकाओं में)
🔹 एंजाइम व इलेक्ट्रॉन परिवहन प्रणाली

🔴 4️⃣ हरित लवक (क्लोरोप्लास्ट) की संरचना


🪴 द्वि-झिल्लीदार अंगक, जिसमें स्ट्रोमा और ग्रैनम होते हैं।
🧬 ग्रैनम में थायलाकॉयड झिल्लियाँ — जहाँ प्रकाश-प्रतिक्रिया होती है।
स्ट्रोमा में एंजाइम — अंध-प्रतिक्रिया होती है।
💡 मुख्य विचार:
प्रकाश-प्रतिक्रिया थायलाकॉयड में, अंध-प्रतिक्रिया स्ट्रोमा में।

🌞 5️⃣ प्रकाश-संश्लेषण की अवस्थाएँ
प्रकाश-संश्लेषण दो प्रमुख चरणों में होता है —
1️⃣ प्रकाश-प्रतिक्रिया (प्रकाश चरण)
2️⃣ अंध-प्रतिक्रिया (कार्बन स्थिरीकरण चरण)

🌿 (क) प्रकाश-प्रतिक्रिया ☀️
⚡ यह चरण थायलाकॉयड झिल्लियों में घटित होता है।
मुख्य कार्य — एटीपी एवं एनएडीपीएच का निर्माण।
🧬 इसमें दो प्रकार के प्रकाश तंत्र कार्य करते हैं —
🔹 प्रकाश तंत्र – I (P700)
🔹 प्रकाश तंत्र – II (P680)
🧠 प्रमुख घटनाएँ —
✔️ प्रकाश का अवशोषण
✔️ जल का विघटन (फोटोलीसिस)
✔️ इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह
✔️ ऊर्जा युग्मन (एटीपी निर्माण)
✔️ एनएडीपीएच₂ का निर्माण
💧 फोटोलीसिस:
2H₂O → 4H⁺ + 4e⁻ + O₂
🌿 परिणाम:
उत्पन्न ऊर्जा (ATP) और अवकृतक शक्ति (NADPH₂) आगे के चरण में प्रयुक्त।

🌾 (ख) अंध-प्रतिक्रिया (डार्क रिएक्शन)
🧠 यह प्रकाश की अनुपस्थिति में भी चलती है, परंतु इसके लिए प्रकाश-चरण से प्राप्त एटीपी व एनएडीपीएच आवश्यक हैं।
स्थान — स्ट्रोमा
🧬 कैल्विन चक्र (कार्बन स्थिरीकरण)
मुख्य चरण —
1️⃣ CO₂ का स्थिरीकरण
2️⃣ 3-कार्बनी यौगिकों का निर्माण
3️⃣ ग्लूकोज़ निर्माण
🔹 प्रमुख एंजाइम — रुबिस्को (RuBisCO)
💡 समीकरण:
6CO₂ + 12NADPH₂ + 18ATP → C₆H₁₂O₆ + 12NADP⁺ + 18ADP + 18Pi

🧪 6️⃣ प्रकाश-प्रतिक्रिया में इलेक्ट्रॉन प्रवाह
🌀 दो प्रकार —
1️⃣ चक्रीय प्रवाह
🌿 केवल प्रकाश तंत्र – I भाग लेता है।
केवल ATP बनता है।
2️⃣ अचक्रीय प्रवाह
🌿 दोनों प्रकाश तंत्र कार्य करते हैं।
ATP + NADPH₂ + O₂ उत्पन्न।

🧬 7️⃣ प्रकाश-संश्लेषण के प्रकार
1️⃣ C₃ पादप – सामान्य पथ, उत्पाद 3-कार्बनी फॉस्फोग्लिसेरिक अम्ल।
2️⃣ C₄ पादप – विशेष पथ, प्रारंभिक उत्पाद 4-कार्बनी ऑक्सालोएसेटिक अम्ल।
3️⃣ CAM पादप – रात्रि में CO₂ अवशोषण (शुष्क क्षेत्र)।
💡 महत्त्व:
C₄ पादपों में प्रकाश श्वसन कम, दक्षता अधिक।

🌱 8️⃣ प्रकाश श्वसन
🌿 प्रकाश की उपस्थिति में होने वाली विशेष क्रिया जिसमें ऑक्सीजन उपयोग होती है और CO₂ निकलती है।
C₃ पादपों में सामान्य, C₄ पादपों में अनुपस्थित।



⚡ 9️⃣ प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक
1️⃣ प्रकाश तीव्रता
2️⃣ CO₂ की मात्रा
3️⃣ तापमान
4️⃣ जल उपलब्धता
5️⃣ पर्णहरितक की मात्रा
💡 ब्लैकमैन सिद्धांत:
किसी समय पर सबसे धीमी प्रक्रिया समग्र दर को नियंत्रित करती है।

🧠 🔟 प्रकाश-संश्लेषण का महत्त्व
✔️ सभी जीवों के लिए ऊर्जा का स्रोत
✔️ वायुमण्डल में ऑक्सीजन का निर्माण
✔️ कार्बन डाइऑक्साइड का नियंत्रण
✔️ खाद्य पदार्थों का निर्माण

💡✏️ अवधारणात्मक नोट
🌿 प्रकाश-संश्लेषण = प्रकाश ऊर्जा → रासायनिक ऊर्जा
🧬 एटीपी, एनएडीपीएच का निर्माण एवं CO₂ स्थिरीकरण
🌱 यह ऊर्जा प्रवाह का प्रारंभिक स्रोत है।

🌍 1️⃣1️⃣ अध्याय का महत्त्व
🌿 पारिस्थितिकी में ऊर्जा प्रवाह की नींव
🧠 कृषि उत्पादकता की समझ
🧪 पर्यावरण संतुलन हेतु आवश्यक प्रक्रिया

📝 त्वरित पुनरावृत्ति
🔹 प्रकाश-संश्लेषण = CO₂ + H₂O + प्रकाश → ग्लूकोज़ + O₂
🔹 दो चरण – प्रकाश-प्रतिक्रिया, अंध-प्रतिक्रिया
🔹 प्रकाश तंत्र – I व II
🔹 कैल्विन चक्र – CO₂ स्थिरीकरण
🔹 C₃, C₄, CAM पथ
🔹 फोटोलीसिस – जल विघटन
🔹 एटीपी, एनएडीपीएच निर्माण

📘 सारांश
🪴 उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण सूर्य की ऊर्जा को जैव ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया है।
🧬 यह दो चरणों में होती है — प्रकाश व अंध-प्रतिक्रिया।
🌿 प्रकाश चरण में ऊर्जा निर्माण, अंध चरण में कार्बन स्थिरीकरण।
🧠 यह पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता का मूल कारण है।

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न



🔵 प्रश्न 1: एक पौधे को बाहर से देखकर क्या आप बता सकते हैं कि वह C₃ है अथवा C₄? कैसे और क्यों?
🟢 उत्तर:
🌿 केवल बाहर से देखकर निश्चित रूप से नहीं बताया जा सकता कि पौधा C₃ है या C₄।
परंतु कुछ संकेतों से अनुमान लगाया जा सकता है —
1️⃣ C₄ पौधे प्रायः उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जैसे — मक्का, बाजरा, गन्ना।
2️⃣ इनकी पत्तियों में कण्ठकोशीय कोशिकाएँ (Kranz Anatomy) पाई जाती हैं, पर यह आंतरिक विशेषता है।
3️⃣ बाह्य रूप से C₄ पौधों में सामान्यतः मोटी पत्तियाँ और उच्च प्रकाश-संश्लेषण दर होती है।
इसलिए सही पहचान हेतु सूक्ष्म संरचना का अध्ययन आवश्यक होता है।

🔵 प्रश्न 2: एक पौधे की आंतरिक संरचना को देखकर क्या आप बता सकते हैं कि वह C₃ है अथवा C₄? वर्णन करें।
🟢 उत्तर:
✔️ हाँ, सूक्ष्म संरचना देखकर पहचान की जा सकती है —
1️⃣ C₄ पौधों में पत्तियों की शिरा के चारों ओर कण्ठकोशीय कोशिकाएँ होती हैं।
2️⃣ इन कोशिकाओं में बड़ी संख्या में क्लोरोप्लास्ट पाए जाते हैं।
3️⃣ क्लोरोप्लास्ट में ग्रेन्यूल रहित स्ट्रोमल प्रकार होता है।
4️⃣ यह विशेषता C₃ पौधों में नहीं पाई जाती।

🔵 प्रश्न 3: यद्यपि C₄ पौधों में बहुत कम कोशिकाएँ प्रकाश-संश्लेषण–कैल्विन चक्र को चलाती हैं, फिर भी वे उच्च उत्पादकता वाले होते हैं। क्यों?
🟢 उत्तर:
1️⃣ C₄ पौधों में CO₂ का संकेन्द्रण (Concentration) अधिक होता है, जिससे RuBisCO एंजाइम कुशलता से कार्य करता है।
2️⃣ प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) नगण्य होता है।
3️⃣ ऊर्जा की बर्बादी कम होती है, जिससे उत्पादकता बढ़ती है।

🔵 प्रश्न 4: RuBisCO एक एंजाइम है जो कार्बोक्सिलेज और ऑक्सीजनिज दोनों रूपों में कार्य करता है। ऐसा क्यों?
🟢 उत्तर:
✔️ यह एंजाइम CO₂ के साथ भी प्रतिक्रिया करता है (कार्बोक्सिलेशन)
✔️ और O₂ के साथ भी (ऑक्सीजनशन)।
➡️ CO₂ की अधिक मात्रा होने पर यह कार्बोक्सिलेशन करता है।
➡️ O₂ अधिक होने पर ऑक्सीजनशन करता है।
🔹 इसलिए इसे द्विकीय कार्यात्मक एंजाइम कहते हैं।

🔵 प्रश्न 5: मान लीजिए, एक पौधे को अंधेरे में रखा गया, तो उसका रंग क्या होगा?
🟢 उत्तर:
🌱 पौधा पीला या हल्का हरा हो जाएगा।
✔️ कारण — क्लोरोफिल निर्माण हेतु प्रकाश आवश्यक है।
✔️ बिना प्रकाश के क्लोरोप्लास्ट अपरिपक्व रहते हैं।

🔵 प्रश्न 6: पत्तियों का रंग पीला क्यों होता है जब उन्हें अंधेरे में रखा जाता है?
🟢 उत्तर:
✔️ अंधकार में क्लोरोफिल संश्लेषण नहीं हो पाता।
✔️ पत्तियाँ केवल कैरोटिनॉइड वर्णक रखती हैं, जो पीला रंग देते हैं।

🔵 प्रश्न 7: एक ही पौधे की ऊपरी (धूप वाली) व निचली (छाया वाली) पत्तियों की तुलना करें।
🟢 उत्तर:
☀️ ऊपरी पत्तियाँ —
 ➡️ गहरे हरे रंग की,
 ➡️ अधिक क्लोरोफिल युक्त,
 ➡️ अधिक प्रकाश-संश्लेषण दर।
🌑 निचली पत्तियाँ —
 ➡️ हल्की हरी,
 ➡️ कम क्लोरोफिल,
 ➡️ कम उत्पादकता।

🔵 प्रश्न 8: प्रकाश-संश्लेषण की दर पर प्रकाश का प्रभाव क्या होता है?
🟢 उत्तर:
1️⃣ प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने से दर प्रारंभ में बढ़ती है।
2️⃣ एक सीमा के बाद दर स्थिर हो जाती है।
3️⃣ बहुत अधिक प्रकाश पर दर घट भी सकती है।
4️⃣ दर का नियंत्रण CO₂, तापमान, जल आदि कारकों पर भी निर्भर करता है।

🔵 प्रश्न 9: निम्नलिखित की तुलना करें —
(अ) C₃ एवं C₄ पथ
🟢 उत्तर:
विशेषता C₃ पथ C₄ पथ
प्रथम स्थायी उत्पाद 3-कार्बन यौगिक 4-कार्बन यौगिक
प्रकाश-श्वसन अधिक नगण्य
उत्पादकता कम अधिक
उदाहरण गेहूँ, चावल मक्का, गन्ना
(ब) प्रकाशिक व अंधकारी प्रकाश-संश्लेषण
🟢 उत्तर:
| चरण | प्रकाशिक | अंधकारी |
| ऊर्जा स्रोत | प्रकाश | एटीपी व एनएडीपीएच |
| उत्पाद | एटीपी, एनएडीपीएच, O₂ | ग्लूकोज़ |
| स्थान | थाइलाकोइड | स्ट्रोमा |
(स) C₃ एवं C₄ पौधों की पत्ती की शारीरिकी
🟢 उत्तर:
C₄ पत्तियों में कण्ठकोशीय संरचना, द्वि-प्रकार क्लोरोप्लास्ट, उच्च CO₂ दक्षता होती है।
C₃ पत्तियों में यह संरचना अनुपस्थित होती है।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)

सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।



🔴 प्रश्न 1:
प्रकाश संश्लेषण किस प्रकार की क्रिया है?
🔵 1️⃣ अपचयी क्रिया
🟢 2️⃣ उर्जा उत्सर्जक क्रिया
🟡 3️⃣ उर्जा उपभोगी क्रिया
🔴 4️⃣ अपघटन क्रिया
🟢 उत्तर: 1️⃣ अपचयी क्रिया

🔴 प्रश्न 2:
प्रकाश संश्लेषण की खोज किसने की?
🔵 1️⃣ प्रीस्टली
🟢 2️⃣ सैक्स
🟡 3️⃣ इंजेनहॉज़
🔴 4️⃣ कैल्विन
🟢 उत्तर: 1️⃣ प्रीस्टली

🔴 प्रश्न 3:
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में ऑक्सीजन का उत्सर्जन किससे होता है?
🔵 1️⃣ जल
🟢 2️⃣ कार्बन डाइऑक्साइड
🟡 3️⃣ क्लोरोफिल
🔴 4️⃣ ग्लूकोज़
🟢 उत्तर: 1️⃣ जल

🔴 प्रश्न 4:
प्रकाश संश्लेषण का सामान्य समीकरण क्या है?
🔵 1️⃣ 6CO₂ + 6H₂O ⟶ C₆H₁₂O₆ + 6O₂
🟢 2️⃣ 6CO₂ + 12H₂O ⟶ C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
🟡 3️⃣ 6CO₂ + 12H₂O ⟶ 6O₂ + C₆H₁₂O₆
🔴 4️⃣ 6CO₂ + 12H₂O ⟶ 12O₂ + C₆H₁₂O₆
🟢 उत्तर: 2️⃣ 6CO₂ + 12H₂O ⟶ C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O

🔴 प्रश्न 5:
प्रकाश संश्लेषण के लिए ऊर्जा स्रोत क्या है?
🔵 1️⃣ चंद्रमा का प्रकाश
🟢 2️⃣ सूर्य का प्रकाश
🟡 3️⃣ रासायनिक ऊर्जा
🔴 4️⃣ तापीय ऊर्जा
🟢 उत्तर: 2️⃣ सूर्य का प्रकाश

🔴 प्रश्न 6:
प्रकाश संश्लेषण किस अंगक में होता है?
🔵 1️⃣ माइटोकॉण्ड्रिया
🟢 2️⃣ क्लोरोप्लास्ट
🟡 3️⃣ राइबोसोम
🔴 4️⃣ केन्द्रक
🟢 उत्तर: 2️⃣ क्लोरोप्लास्ट

🔴 प्रश्न 7:
क्लोरोफिल का मुख्य कार्य क्या है?
🔵 1️⃣ जल का अपघटन
🟢 2️⃣ प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण
🟡 3️⃣ ऑक्सीजन का उत्सर्जन
🔴 4️⃣ कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग
🟢 उत्तर: 2️⃣ प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण

🔴 प्रश्न 8:
कैल्विन चक्र कोशिका के किस भाग में होता है?
🔵 1️⃣ थाइलेकॉयड
🟢 2️⃣ स्ट्रोमा
🟡 3️⃣ क्लोरोफिल
🔴 4️⃣ साइटोप्लाज्म
🟢 उत्तर: 2️⃣ स्ट्रोमा

🔴 प्रश्न 9:
प्रकाश अभिक्रिया कहाँ घटित होती है?
🔵 1️⃣ स्ट्रोमा
🟢 2️⃣ थाइलेकॉयड झिल्ली
🟡 3️⃣ साइटोप्लाज्म
🔴 4️⃣ केन्द्रक
🟢 उत्तर: 2️⃣ थाइलेकॉयड झिल्ली

🔴 प्रश्न 10:
प्रकाश अभिक्रिया के उत्पाद कौन-से हैं?
🔵 1️⃣ ATP और NADPH
🟢 2️⃣ CO₂ और जल
🟡 3️⃣ ग्लूकोज़ और O₂
🔴 4️⃣ ATP और ग्लूकोज़
🟢 उत्तर: 1️⃣ ATP और NADPH

🔴 प्रश्न 11:
कैल्विन चक्र का मुख्य उत्पाद क्या है?
🔵 1️⃣ ऑक्सीजन
🟢 2️⃣ ग्लूकोज़
🟡 3️⃣ जल
🔴 4️⃣ कार्बन डाइऑक्साइड
🟢 उत्तर: 2️⃣ ग्लूकोज़

🔴 प्रश्न 12:
कौन-सा घटक प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक नहीं है?
🔵 1️⃣ कार्बन डाइऑक्साइड
🟢 2️⃣ जल
🟡 3️⃣ ऑक्सीजन
🔴 4️⃣ प्रकाश
🟢 उत्तर: 3️⃣ ऑक्सीजन



🔴 प्रश्न 13:
प्रकाश संश्लेषण क्या है?
🟢 उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण एक अपचयी जैव-रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें हरे पादप सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा की सहायता से कार्बन डाइऑक्साइड और जल से ग्लूकोज़ का निर्माण करते हैं तथा ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं।
समीकरण:
6CO₂ + 12H₂O ⟶ C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
✔️ निष्कर्ष: यह प्रक्रिया पृथ्वी पर जीवन की ऊर्जा का मूल स्रोत है।

🔴 प्रश्न 14:
प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक घटक लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ सूर्य का प्रकाश – ऊर्जा का स्रोत।
2️⃣ क्लोरोफिल – प्रकाश अवशोषक वर्णक।
3️⃣ कार्बन डाइऑक्साइड – कार्बन स्रोत।
4️⃣ जल – हाइड्रोजन स्रोत, O₂ उत्सर्जन का कारण।
✔️ निष्कर्ष: ये सभी घटक मिलकर ग्लूकोज़ निर्माण में सहायक होते हैं।

🔴 प्रश्न 15:
प्रकाश संश्लेषण की दो अवस्थाएँ कौन-सी हैं?
🟢 उत्तर:
1️⃣ प्रकाश अभिक्रिया – प्रकाश की उपस्थिति में थाइलेकॉयड में घटित होती है, इसमें ATP, NADPH बनते हैं।
2️⃣ अंधकार अभिक्रिया – स्ट्रोमा में होती है, इसमें ATP और NADPH से ग्लूकोज़ का निर्माण होता है।
✔️ निष्कर्ष: दोनों अभिक्रियाएँ मिलकर सम्पूर्ण प्रक्रिया को पूर्ण करती हैं।

🔴 प्रश्न 16:
प्रकाश अभिक्रिया में होने वाली प्रमुख घटनाएँ लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण।
2️⃣ जल का प्रकाशीय अपघटन (फोटोलाइसिस)।
3️⃣ ATP और NADPH का निर्माण।
4️⃣ ऑक्सीजन का उत्सर्जन।
✔️ निष्कर्ष: यह चरण ऊर्जा निर्माण हेतु उत्तरदायी है।

🔴 प्रश्न 17:
कैल्विन चक्र क्या है?
🟢 उत्तर:
कैल्विन चक्र अंधकार अभिक्रिया का प्रमुख भाग है जो स्ट्रोमा में होता है।
इसमें ATP व NADPH की सहायता से CO₂ का स्थिरीकरण होकर ग्लूकोज़ बनता है।
मुख्य चरण:
1️⃣ कार्बन स्थिरीकरण
2️⃣ अपचयन
3️⃣ पुनर्जनन
✔️ निष्कर्ष: कैल्विन चक्र में कार्बोहाइड्रेट निर्माण होता है।

🔴 प्रश्न 18:
जल का प्रकाशीय अपघटन क्या है?
🟢 उत्तर:
जब प्रकाश की ऊर्जा के प्रभाव से जल का अपघटन होकर ऑक्सीजन, प्रोटॉन (H⁺) और इलेक्ट्रॉन (e⁻) बनते हैं, तो इसे फोटोलाइसिस कहते हैं।
समीकरण:
2H₂O ⟶ 4H⁺ + 4e⁻ + O₂
✔️ निष्कर्ष: जल अपघटन से प्राप्त इलेक्ट्रॉन ऊर्जा चक्र में प्रयुक्त होते हैं।

🔴 प्रश्न 19:
क्लोरोफिल का कार्य क्या है?
🟢 उत्तर:
1️⃣ सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करना।
2️⃣ अवशोषित ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलना।
3️⃣ प्रकाश अभिक्रिया में ATP, NADPH निर्माण में सहायक।
✔️ निष्कर्ष: क्लोरोफिल प्रकाश संश्लेषण का प्रमुख वर्णक है।

🔴 प्रश्न 20:
प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक बताइए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ प्रकाश तीव्रता
2️⃣ कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता
3️⃣ तापमान
4️⃣ जल की उपलब्धता
✔️ निष्कर्ष: इन कारकों में परिवर्तन से प्रकाश संश्लेषण की दर प्रभावित होती है।

🔴 प्रश्न 21:
कैल्विन चक्र में प्रयुक्त ऊर्जा स्रोत कौन-से हैं?
🟢 उत्तर:
ATP और NADPH प्रकाश अभिक्रिया में बनते हैं तथा कैल्विन चक्र में CO₂ के स्थिरीकरण हेतु ऊर्जा प्रदान करते हैं।
✔️ निष्कर्ष: ATP और NADPH अंधकार अभिक्रिया की ऊर्जा मुद्रा हैं।

🔴 प्रश्न 22:
प्रकाश संश्लेषण का जैविक महत्व लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ ऑक्सीजन की आपूर्ति।
2️⃣ भोजन (ग्लूकोज़) का निर्माण।
3️⃣ ऊर्जा का प्रमुख स्रोत।
4️⃣ कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा नियंत्रण।
✔️ निष्कर्ष: प्रकाश संश्लेषण जीवन की आधारभूत जैव-प्रक्रिया है।


🔴 प्रश्न 23:
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया का विस्तृत वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण एक अपचयी जैव-रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें हरे पादप सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा की सहायता से कार्बन डाइऑक्साइड और जल से ग्लूकोज़ का निर्माण करते हैं तथा ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं।
इसमें दो प्रमुख चरण होते हैं —
1️⃣ प्रकाश अभिक्रिया:
थाइलेकॉयड झिल्ली पर घटित होती है, जिसमें जल का अपघटन, ATP और NADPH का निर्माण तथा ऑक्सीजन का उत्सर्जन होता है।
2️⃣ अंधकार अभिक्रिया (कैल्विन चक्र):
स्ट्रोमा में घटित होती है; ATP और NADPH की सहायता से CO₂ का स्थिरीकरण कर ग्लूकोज़ बनता है।
✔️ निष्कर्ष: यह प्रक्रिया पादपों में ऊर्जा संग्रहण और समस्त जीवों को ऊर्जा प्रदान करने का आधार है।

🔴 प्रश्न 24:
प्रकाश अभिक्रिया की घटनाओं का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
प्रकाश अभिक्रिया थाइलेकॉयड झिल्ली पर सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में घटित होती है।
मुख्य घटनाएँ —
1️⃣ प्रकाश का अवशोषण: क्लोरोफिल प्रकाश ऊर्जा को ग्रहण करता है।
2️⃣ जल का फोटोलाइसिस: जल का अपघटन होकर O₂, H⁺, e⁻ बनते हैं।
3️⃣ इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला: अवशोषित इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तर पर जाकर परिवहन श्रृंखला में भाग लेते हैं।
4️⃣ ATP और NADPH निर्माण: ADP और NADP⁺ से उच्च ऊर्जा यौगिक बनते हैं।
✔️ निष्कर्ष: प्रकाश अभिक्रिया में उत्पादित ATP और NADPH अंधकार अभिक्रिया हेतु ऊर्जा प्रदान करते हैं।

🔴 प्रश्न 25:
अंधकार अभिक्रिया (कैल्विन चक्र) का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
कैल्विन चक्र स्ट्रोमा में घटित होता है, इसमें प्रकाश अभिक्रिया में बने ATP और NADPH का उपयोग होता है।
मुख्य चरण —
1️⃣ कार्बन स्थिरीकरण: CO₂, RuBP से मिलकर 3-PGA बनाता है।
2️⃣ अपचयन: 3-PGA, ATP और NADPH की सहायता से G3P में परिवर्तित।
3️⃣ पुनर्जनन: G3P से कुछ अणु RuBP पुनः बनाते हैं।
4️⃣ ग्लूकोज़ निर्माण: कुछ G3P अणु ग्लूकोज़ बनाते हैं।
✔️ निष्कर्ष: यह चरण प्रकाश स्वतंत्र होते हुए भी प्रकाश अभिक्रिया के उत्पादों पर निर्भर करता है।

🔴 प्रश्न 26:
जल के प्रकाशीय अपघटन की प्रक्रिया समझाइए।
🟢 उत्तर:
प्रकाश अभिक्रिया के दौरान क्लोरोफिल द्वारा प्रकाश ऊर्जा के प्रभाव से जल का अपघटन होता है —
समीकरण: 2H₂O ⟶ 4H⁺ + 4e⁻ + O₂
घटनाएँ —
1️⃣ जल का फोटोलाइसिस PS-II पर घटित होता है।
2️⃣ उत्पन्न इलेक्ट्रॉन प्रकाश ऊर्जा से उत्तेजित होकर इलेक्ट्रॉन श्रृंखला में जाते हैं।
3️⃣ प्रोटॉन (H⁺) ATP निर्माण व NADPH में प्रयुक्त होते हैं।
4️⃣ ऑक्सीजन उपउत्पाद रूप में निकलती है।
✔️ निष्कर्ष: फोटोलाइसिस प्रकाश अभिक्रिया में ऊर्जा व ऑक्सीजन आपूर्ति का स्रोत है।

🔴 प्रश्न 27:
प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ प्रकाश तीव्रता: बढ़ने पर दर बढ़ती है, परंतु सीमा तक।
2️⃣ कार्बन डाइऑक्साइड: सांद्रता बढ़ने से दर बढ़ती है।
3️⃣ तापमान: 25°C–35°C सर्वोत्तम; अधिक या कम होने पर दर घटती है।
4️⃣ जल: कमी से क्लोरोफिल नष्ट होता है, दर घटती है।
5️⃣ क्लोरोफिल मात्रा: अधिक वर्णक = अधिक दर।
✔️ निष्कर्ष: प्रकाश, CO₂, तापमान एवं जल की उपलब्धता दर को नियंत्रित करते हैं।

🔴 प्रश्न 28:
क्लोरोप्लास्ट की संरचना और भूमिका बताइए।
🟢 उत्तर:
क्लोरोप्लास्ट दोहरी झिल्ली वाला हरा अंगक है।
1️⃣ थाइलेकॉयड झिल्लियाँ: ग्रेन (स्टैक) बनाती हैं जहाँ प्रकाश अभिक्रिया होती है।
2️⃣ स्ट्रोमा: तरल क्षेत्र, अंधकार अभिक्रिया का स्थान।
3️⃣ क्लोरोफिल: थाइलेकॉयड में उपस्थित, प्रकाश अवशोषण करता है।
भूमिका: प्रकाश ऊर्जा का ग्रहण, ATP/NADPH निर्माण, CO₂ स्थिरीकरण।
✔️ निष्कर्ष: क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण का मुख्य स्थल है।

🔴 प्रश्न 29:
कैल्विन चक्र की चरणबद्ध घटनाएँ लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ कार्बन स्थिरीकरण: CO₂ + RuBP ⟶ 3-PGA
2️⃣ अपचयन: 3-PGA, ATP व NADPH से G3P में बदलता है।
3️⃣ पुनर्जनन: कुछ G3P, RuBP पुनः बनाते हैं।
4️⃣ ग्लूकोज़ निर्माण: शेष G3P ग्लूकोज़ में बदलता है।
✔️ निष्कर्ष: कैल्विन चक्र ग्लूकोज़ निर्माण का मुख्य मार्ग है।

🔴 प्रश्न 30:
प्रकाश संश्लेषण का जैविक महत्व बताइए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ भोजन निर्माण: सभी जीवों के लिए ऊर्जा स्रोत।
2️⃣ ऑक्सीजन उत्पादन: श्वसन हेतु आवश्यक।
3️⃣ कार्बन चक्र में योगदान: CO₂ उपयोग कर संतुलन।
4️⃣ जीवमंडल का आधार: संपूर्ण जैव तंत्र का ऊर्जा स्रोत।
✔️ निष्कर्ष: प्रकाश संश्लेषण पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता का मूल है।

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