Class 10 : Social Science (In Hindi) Political Science – Lesson 13 सत्ता की साझेदारी
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🔵 प्रस्तावना
लोकतंत्र में सत्ता का सारा अधिकार किसी एक व्यक्ति, संस्था या समूह के हाथ में नहीं होना चाहिए। जब सत्ता अलग-अलग संस्थाओं, स्तरों और सामाजिक समूहों में बाँटी जाती है, तब उसे सत्ता की साझेदारी कहा जाता है। यह केवल शासन चलाने की तकनीक नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना है। इस पाठ में बताया गया है कि सत्ता की साझेदारी क्यों आवश्यक है, यह किन रूपों में होती है, और इसकी अनुपस्थिति से क्या समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।
🟢 सत्ता की साझेदारी का अर्थ
🌿 सत्ता की साझेदारी का अर्थ है — शासन की शक्ति का विभाजन और संतुलित वितरण।
✏️ इसका उद्देश्य यह है कि कोई एक वर्ग, बहुसंख्यक समुदाय या संस्था पूरे शासन पर एकाधिकार न कर सके।
💡 इससे विभिन्न समूहों को सम्मान, भागीदारी और सुरक्षा मिलती है।
🧠 विविधतापूर्ण समाजों में यह और भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वहाँ अलग-अलग भाषाएँ, धर्म, संस्कृतियाँ और सामाजिक पहचानें मौजूद होती हैं।
🔴 बेल्जियम का उदाहरण
बेल्जियम एक छोटा यूरोपीय देश है, लेकिन वहाँ सामाजिक विविधता बहुत अधिक है।
सामाजिक संरचना
🔹 वहाँ डच-भाषी, फ़्रांसीसी-भाषी और जर्मन-भाषी लोग रहते हैं।
🔹 राजधानी ब्रुसेल्स में फ़्रांसीसी-भाषियों की संख्या अधिक थी, जबकि पूरे देश में डच-भाषियों की संख्या अधिक थी।
❗ इससे दोनों समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बन सकती थी।
अपनाए गए उपाय
🌿 बेल्जियम ने संघर्ष बढ़ाने के बजाय सत्ता बाँटने का रास्ता चुना।
🔹 केंद्रीय शासन में दोनों प्रमुख समुदायों को स्थान दिया गया।
🔹 प्रांतों को पर्याप्त अधिकार दिए गए।
🔹 राजधानी के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई।
🔹 समुदाय शासन की भी व्यवस्था की गई, ताकि भाषा और संस्कृति से जुड़े मामलों में लोग स्वयं निर्णय ले सकें।
🧠 इससे स्पष्ट होता है कि यदि विविधता को सम्मान दिया जाए और अधिकार साझा किए जाएँ, तो समाज में शांति और स्थिरता बनी रह सकती है।
🟡 श्रीलंका का उदाहरण
श्रीलंका में भी सामाजिक विविधता थी, लेकिन वहाँ की नीतियाँ अलग दिशा में गईं।
सामाजिक स्थिति
🔹 वहाँ सिंहली समुदाय बहुसंख्यक था।
🔹 तमिल समुदाय भी बड़ी संख्या में मौजूद था।
🔹 भाषा, धर्म और संस्कृति के आधार पर भिन्नताएँ थीं।
बहुसंख्यकवादी नीति
स्वतंत्रता के बाद शासन ने ऐसी नीतियाँ अपनाईं जिनसे बहुसंख्यक समुदाय को विशेष लाभ मिला।
🔹 सिंहली भाषा को प्रमुख स्थान दिया गया।
🔹 नौकरियों और शिक्षा में विशेष पक्षपात की भावना उभरी।
🔹 तमिल समुदाय की मांगों की अनदेखी हुई।
❗ इससे असंतोष, अविश्वास और संघर्ष बढ़ा।
🧠 यह उदाहरण बताता है कि यदि सत्ता की साझेदारी न हो और केवल बहुमत की इच्छा थोपी जाए, तो लोकतंत्र कमजोर पड़ जाता है और देश में गंभीर टकराव पैदा हो सकता है।
🔵 सत्ता की साझेदारी क्यों आवश्यक है
सत्ता की साझेदारी दो प्रमुख कारणों से आवश्यक मानी जाती है।
व्यवहारिक कारण
🌿 इससे सामाजिक संघर्ष कम होता है।
🔹 अलग-अलग समुदायों में विश्वास बना रहता है।
🔹 शासन अधिक स्थिर होता है।
🔹 देश की एकता मजबूत होती है।
🧠 यह व्यवहारिक कारण है, क्योंकि यह शांति और स्थिरता से जुड़ा है।
नैतिक कारण
🌿 लोकतंत्र का अर्थ ही है कि लोगों को शासन में भाग लेने का अवसर मिले।
🔹 सभी समूहों की आवाज़ सुनी जाए।
🔹 निर्णय केवल बहुमत के बल पर नहीं, बल्कि व्यापक सहमति से हों।
🧠 यह नैतिक कारण है, क्योंकि यह न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्य से जुड़ा है।
🟢 सत्ता की साझेदारी के रूप
सत्ता की साझेदारी कई रूपों में दिखाई देती है।
शासन के विभिन्न अंगों में
🔹 विधायिका
🔹 कार्यपालिका
🔹 न्यायपालिका
इन तीनों के बीच अधिकारों का विभाजन होता है।
🧠 इससे एक संस्था दूसरी पर नियंत्रण रखती है और कोई भी संस्था निरंकुश नहीं बन पाती।
शासन के विभिन्न स्तरों में
🔹 केंद्रीय शासन
🔹 राज्य शासन
🔹 स्थानीय शासन
🧠 यह व्यवस्था बड़े देशों में बहुत उपयोगी है, क्योंकि इससे स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव होता है।
सामाजिक समूहों के बीच
कुछ देशों में भाषा, धर्म या संस्कृति के आधार पर अलग-अलग समूहों को विशेष प्रतिनिधित्व दिया जाता है।
🧠 इससे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा होती है और उन्हें शासन में सम्मानजनक स्थान मिलता है।
राजनीतिक दलों, दबाव समूहों और आंदोलनों के माध्यम से
लोकतंत्र में अनेक राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं।
कई बार किसी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता, तब साझा शासन बनता है।
दबाव समूह और जनआंदोलन भी नीतियों को प्रभावित करते हैं।
🧠 इससे सत्ता केवल शासन करने वालों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जनता की आवाज़ भी निर्णयों तक पहुँचती है।
🔴 क्षैतिज साझेदारी
जब सत्ता एक ही स्तर पर मौजूद विभिन्न अंगों के बीच बाँटी जाती है, तो उसे क्षैतिज साझेदारी कहते हैं।
🌿 जैसे विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति-विभाजन।
✏️ प्रत्येक अंग का अपना क्षेत्र और अधिकार होता है।
❗ कोई भी अंग दूसरे की पूरी शक्ति अपने हाथ में नहीं ले सकता।
🧠 इससे संतुलन बना रहता है और नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रहते हैं।
🟡 ऊर्ध्वाधर साझेदारी
जब सत्ता अलग-अलग स्तरों पर बाँटी जाती है, तो उसे ऊर्ध्वाधर साझेदारी कहते हैं।
🌿 इसमें केंद्रीय शासन, राज्य शासन और स्थानीय शासन शामिल होते हैं।
🧠 इससे प्रशासन लोगों के निकट पहुँचता है और क्षेत्रीय विविधता को स्थान मिलता है। यह संघीय व्यवस्था की आधारशिला है।
🔵 सामाजिक समूहों में साझेदारी
विविध समाजों में केवल चुनाव पर्याप्त नहीं होते। कई बार विशेष व्यवस्थाएँ भी करनी पड़ती हैं।
🔹 कुछ समूहों को प्रतिनिधित्व दिया जाता है।
🔹 सांस्कृतिक और भाषाई अधिकार सुरक्षित किए जाते हैं।
🔹 संवैधानिक प्रावधानों से संरक्षण दिया जाता है।
🧠 इसका उद्देश्य यह होता है कि कोई समुदाय स्वयं को उपेक्षित या असुरक्षित महसूस न करे।
🟢 राजनीतिक दलों की भूमिका
लोकतंत्र में सत्ता का बँटवारा राजनीतिक दलों के माध्यम से भी होता है।
🌿 अलग-अलग दल जनता के सामने अलग नीतियाँ रखते हैं।
🔹 कभी एक दल शासन करता है, कभी दूसरा।
🔹 कई बार गठबंधन शासन बनता है।
🔹 विपक्ष शासन को जवाबदेह बनाता है।
🧠 इससे सत्ता पर नियंत्रण बना रहता है और शासन में विविध मतों को स्थान मिलता है।
🔴 दबाव समूह और जनआंदोलन
शासन केवल चुनावों से नहीं चलता; समाज के अनेक संगठित समूह भी निर्णयों को प्रभावित करते हैं।
🔹 किसान संगठन
🔹 मजदूर संगठन
🔹 महिला समूह
🔹 सामाजिक न्याय के आंदोलन
🧠 ये समूह सरकार को लोगों की समस्याओं और अपेक्षाओं से परिचित कराते हैं। इससे लोकतंत्र अधिक जीवंत बनता है।
🟡 बेल्जियम और श्रीलंका की तुलना
दोनों देशों में विविधता थी, पर दोनों ने अलग रास्ते अपनाए।
बेल्जियम
🔹 विविधता को स्वीकार किया
🔹 सत्ता बाँटी
🔹 समझौते किए
🔹 शांति बनाए रखी
श्रीलंका
🔹 बहुसंख्यकवाद अपनाया
🔹 अल्पसंख्यकों की अनदेखी की
🔹 संघर्ष बढ़ा
🔹 एकता कमजोर हुई
🧠 इस तुलना से पाठ का मुख्य संदेश सामने आता है — समस्या विविधता नहीं है, बल्कि यह है कि शासन उस विविधता के साथ कैसा व्यवहार करता है।
🟢 निष्कर्ष
सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र की आत्मा है। यह समाज में शांति, समानता, भागीदारी और विश्वास को बढ़ाती है। बेल्जियम का उदाहरण दिखाता है कि अधिकार बाँटकर विविध समाजों को साथ रखा जा सकता है, जबकि श्रीलंका का उदाहरण बताता है कि बहुसंख्यकवाद गंभीर संघर्ष को जन्म दे सकता है। इसलिए लोकतंत्र में सत्ता का साझा होना केवल उपयोगी नहीं, बल्कि आवश्यक है।
📝 सारांश
🔵 सत्ता की साझेदारी का अर्थ है शासन की शक्ति का विभाजन।
🟢 यह सामाजिक संघर्ष कम करती है और लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
🔴 बेल्जियम ने साझेदारी अपनाकर शांति बनाए रखी।
🟡 श्रीलंका में बहुसंख्यकवादी नीति से संघर्ष बढ़ा।
🔵 सत्ता की साझेदारी शासन के अंगों, स्तरों, सामाजिक समूहों और राजनीतिक दलों में हो सकती है।
🌍 लोकतंत्र तभी सफल होता है जब सभी को सम्मानजनक भागीदारी मिले।
📌 त्वरित पुनरावलोकन
🔵 सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र का मूल तत्व है।
🟢 बेल्जियम इसका सफल उदाहरण है।
🔴 श्रीलंका इसकी अनुपस्थिति का उदाहरण है।
🟡 इससे शांति, संतुलन और भागीदारी बढ़ती है।
🌍 विविध समाज में साझी सत्ता ही स्थिर शासन का आधार है।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1
आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सत्ता की साझेदारी के अलग-अलग तरीके क्या हैं? प्रत्येक तरीके का एक उदाहरण दें।
उत्तर:
लोकतंत्र में सत्ता बाँटने के चार प्रमुख रूप हैं:
क्षैतिज विभाजन (विभिन्न अंगों के बीच): विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति संतुलन सुनिश्चित करना (जैसे भारत में संसद, प्रधानमंत्री एवं सर्वोच्च न्यायालय का अलग-अलग कार्य).
उर्ध्वाधर वितरण (सरकारों के बीच): केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों के अधिकारों का विभाजन (जैसे भारत में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच).
सामुदायिक/सामाजिक साझेदारी: भाषायी, धार्मिक या जनजातीय समूहों को कानून में आरक्षण देकर भागीदारी (जैसे भारत में आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र).
राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन: दो या अधिक दल मिलकर सरकार बनाना (जैसे जर्मनी में CDU–SPD गठबंधन).
प्रश्न 2
भारतीय संदर्भ में सत्ता की हिस्सेदारी का एक उदाहरण देते हुए एक युक्तिपरक और एक नैतिक कारण बताएँ।
उत्तर:
उदाहरण: स्थानीय स्वायत्त संस्थाएँ—पंचायतों एवं नगरपालिकाओं को अधिकार देना।
युक्तिपरक कारण: विकास योजनाओं पर स्थानीय जनता की सक्रिय भागीदारी से कार्यकुशलता बढ़ती है तथा भ्रष्टाचार घटता है।
नैतिक कारण: स्थानीय लोगों को अपने निर्णयों में हिस्सा देकर उन्हें समान अवसर एवं अधिकार मिलते हैं, जिससे न्याय और समावेशिता सुनिश्चित होती है.
प्रश्न 3
इस अध्याय को पढ़ने के बाद तीन छात्रों के निष्कर्ष दिए गए हैं। आप इनमें से किससे सहमत हैं और क्यों? (लगभग 50 शब्द)
थम्मन – विभाजित समाजों में ही सत्ता की साझेदारी जरूरी है।
मथाई – केवल बड़े या क्षेत्रीय विभाजित देशों में ही लागू हो सकती है।
औसेफ – हर समाज में जरूरी है, चाहे छोटा हो या कोई विभाजन न हो।
उत्तर:
मैं औसेफ से सहमत हूँ क्योंकि सत्ता का विकेंद्रण लोकतंत्र की आत्मा है। इससे सभी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित होती है, निर्णय में पारदर्शिता आती है तथा किसी भी प्रकार के एकतरफा प्रभुत्व से बचा जा सकता है.
प्रश्न 4
बेल्जियम के मर्चटेम शहर में फ़्रेंच बोलने पर स्कूलों में रोक लगाना सत्ता की साझेदारी की मूल भावना का उल्लंघन है या नहीं? (लगभग 50 शब्द)
उत्तर:
यह रोक व्यवस्था की साझा भावना के विपरीत है। सत्ता की साझेदारी का मूल उद्देश्य सामाजिक विविधता का सम्मान करना है। भाषा पर प्रतिबंध अल्पसंख्यक समूह को अलग-थलग करता है, जबकि साझेदारी में सबकी भाषायी पहचान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जाता है.
प्रश्न 5
निम्न उद्धरण पढ़ें और इसमें सत्ता की साझेदारी के युक्तिपरक कारणों में से किसी एक का चयन करें:
“महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने और अपने संविधान निर्माताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए हमें पंचायतों को अधिकार देने की ज़रूरत है। पंचायती राज ही वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना करता है… भ्रष्टाचार कम करने और प्रशासनिक कुशलता को बढ़ाने का एक उपाय पंचायतों को अधिकार देना भी है…”
उत्तर:
इस उद्धरण में पंचायतों को अधिकार देने का युक्तिपरक कारण ‘भ्रष्टाचार में कमी और प्रशासनिक कुशलता में वृद्धि’ बताया गया है.
प्रश्न 6
निम्न में से सत्ता की साझेदारी के पक्ष में दिए तर्कों की पहचान कर कोड चुनें:
(क) विभिन्न समुदायों के बीच टकराव को कम करती है।
(ख) पक्षपात का अंदेशा कम करती है।
(ग) निर्णय लेने की प्रक्रिया को अटका देती है।
(घ) विविधताओं को समेट लेती है।
(ङ) अस्थिरता बढ़ाती है।
(च) जनता की भागीदारी बढ़ाती है।
(छ) देश की एकता कमजोर करती है।
उत्तर विकल्प:
(सा) क, ख, घ, च
(रे) क, ग, ङ, च
(गा) क, ख, घ, छ
(मा) ख, ग, घ, छ
उत्तर: (सा) क, ख, घ, च.
प्रश्न 7
बेल्जियम और श्रीलंका की व्यवस्था पर आधारित निम्न बयानों में से सही चुनें:
(क) बेल्जियम में डच-भाषी बहुसंख्यकों ने फ़्रेंच-भाषी अल्पसंख्यकों पर प्रभुत्व जमाया।
(ख) श्रीलंका में सिंहली-भाषी बहुसंख्यकों ने तमिल अल्पसंख्यकों का राजभाषा व आरक्षण हनन किया।
(ग) तमिलों ने संघीय ढाँचे पर स्वायत्तता की मांग की।
(घ) बेल्जियम में संघीय व्यवस्था अपनाकर भाषा-आधारित विभाजन टाला।
उत्तर विकल्प:
(सा) क, ख, ग, घ
(रे) क, ख, घ
(गा) ग, घ
(मा) ख, ग, घ
उत्तर: (मा) ख, ग, घ.
प्रश्न 8
सूची I [सत्ता के बँटवारे के स्वरूप] एवं सूची II [शासन के स्वरूप] मिलाएँ:
सूची I नं. स्वरूप सूची II कोड
1 विभिन्न अंगों के बीच बँटवारा (ख) अधिकारों का वितरण
2 विभिन्न सरकारों के बीच अधिकार (घ) संघीय सरकार
3 सामाजिक समूहों के बीच साझेदारी (क) सामुदायिक सरकार
4 दो या अधिक दलों के बीच साझेदारी (ग) गठबंधन सरकार
उत्तर विकल्प:
(सा) ख, घ, क, ग
(रे) घ, ख, क, ग
(गा) ख, क, घ, ग
(मा) ग, घ, क, ख
उत्तर: (सा) ख, घ, क, ग.
प्रश्न 9
निम्न दो बयानों में से कौन सही है?
(अ) सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र के लिए लाभकर है।
(ब) इससे सामाजिक समूहों में टकराव घटता है।
उत्तर विकल्प:
(क) अ सही, ब गलत
(ख) अ एवं ब दोनों सही
(ग) अ एवं ब दोनों गलत
(घ) अ गलत, ब सही
उत्तर: (ख) अ एवं ब दोनों सही.
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)
सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र
🟩 10 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) उत्तर सहित)
प्रश्न 1: बेल्जियम की राजधानी क्या है?
(अ) ब्रसेल्स
(ब) एंटवर्प
(स) जिनेवा
(द) वियना
उत्तर: (अ) ब्रसेल्स
प्रश्न 2: श्रीलंका में बहुसंख्यक समुदाय कौन-सा है?
(अ) तमिल
(ब) सिंहली
(स) मुस्लिम
(द) बौद्ध
उत्तर: (ब) सिंहली
प्रश्न 3: बेल्जियम में कितने प्रकार के समुदाय हैं?
(अ) एक
(ब) दो
(स) तीन
(द) चार
उत्तर: (ब) दो (फ्रेंच और डच भाषी)
प्रश्न 4: तमिल लोग श्रीलंका की कुल जनसंख्या का लगभग कितना प्रतिशत हैं?
(अ) 18%
(ब) 54%
(स) 74%
(द) 29%
उत्तर: (अ) 18%
प्रश्न 5: श्रीलंका में तमिलों की भाषा को किस वर्ष आधिकारिक दर्जा नहीं दिया गया?
(अ) 1956
(ब) 1948
(स) 1965
(द) 1972
उत्तर: (अ) 1956
प्रश्न 6: सत्ता विभाजन का सिद्धांत किस लोकतांत्रिक सिद्धांत पर आधारित है?
(अ) केंद्रीकरण
(ब) समानता
(स) जन भागीदारी
(द) तानाशाही
उत्तर: (स) जन भागीदारी
प्रश्न 7: सत्ता का क्षैतिज विभाजन किसके बीच होता है?
(अ) केंद्र और राज्य
(ब) विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका
(स) राज्य और पंचायत
(द) केंद्र और जनता
उत्तर: (ब) विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका
प्रश्न 8: बेल्जियम में किस वर्ष नई शक्ति साझा व्यवस्था लागू की गई?
(अ) 1990
(ब) 1993
(स) 2001
(द) 1985
उत्तर: (ब) 1993
प्रश्न 9: तमिलों द्वारा स्थापित अलगाववादी संगठन का क्या नाम था?
(अ) तमिल शक्ति
(ब) लिट्टे (LTTE)
(स) तमिल जनमोर्चा
(द) सशस्त्र तमिल संघ
उत्तर: (ब) लिट्टे (LTTE)
प्रश्न 10: सत्ता का ऊर्ध्वाधर विभाजन किसके बीच होता है?
(अ) सरकार और विपक्ष
(ब) केंद्र, राज्य, स्थानीय स्तर
(स) राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री
(द) सांसद और न्यायपालिका
उत्तर: (ब) केंद्र, राज्य, स्थानीय स्तर
🟨 10 लघु उत्तरीय प्रश्न (1–2 वाक्य में उत्तर सहित)
प्रश्न 1: सत्ता विभाजन से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: सत्ता विभाजन का अर्थ है – शासन शक्ति को विभिन्न स्तरों या अंगों में बाँटना, ताकि शक्ति का दुरुपयोग न हो।
प्रश्न 2: बेल्जियम की प्रमुख भाषाएं कौन-सी हैं?
उत्तर: डच और फ्रेंच।
प्रश्न 3: श्रीलंका के तमिल किस प्रकार के दो वर्गों में विभाजित हैं?
उत्तर: श्रीलंकाई तमिल और भारतीय तमिल।
प्रश्न 4: बहुसंख्यकवाद से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: जब एक समुदाय दूसरे समुदायों को दरकिनार कर केवल स्वयं के हितों को प्राथमिकता देता है, तो उसे बहुसंख्यकवाद कहते हैं।
प्रश्न 5: सत्ता के क्षैतिज विभाजन का उदाहरण दीजिए।
उत्तर: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति विभाजन।
प्रश्न 6: बेल्जियम ने किस तरह सत्ता को विभाजित किया?
उत्तर: केंद्र और राज्य सरकारों के अलावा सामुदायिक सरकारें बनाकर।
प्रश्न 7: श्रीलंका में तमिलों की मांग क्या थी?
उत्तर: उन्हें समान नागरिक अधिकार और स्वायत्त क्षेत्र चाहिए था।
प्रश्न 8: सत्ता विभाजन लोकतंत्र के लिए क्यों आवश्यक है?
उत्तर: इससे शक्ति का केंद्रीकरण नहीं होता और जनता की सहभागिता सुनिश्चित होती है।
प्रश्न 9: बेल्जियम में सामुदायिक सरकार किस लिए बनाई गई?
उत्तर: सांस्कृतिक, भाषायी और शैक्षिक विषयों पर नियंत्रण हेतु।
प्रश्न 10: लिट्टे का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: स्वतंत्र तमिल राष्ट्र की स्थापना करना।
🟧 5 मध्यम दीर्घ उत्तर प्रश्न (3–5 वाक्य में उत्तर सहित)
प्रश्न 1: बेल्जियम की शक्ति साझा नीति की विशेषताएं लिखिए।
उत्तर:
बेल्जियम ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शक्तियाँ बाँटी।
फ्रेंच और डच भाषियों को समान प्रतिनिधित्व मिला।
सभी भाषायी समुदायों को सांस्कृतिक अधिकार दिए गए।
सामुदायिक सरकार का गठन भी किया गया।
प्रश्न 2: श्रीलंका में तमिलों के साथ कैसा व्यवहार हुआ?
उत्तर:
1956 में सिंहली को एकमात्र आधिकारिक भाषा घोषित किया गया।
तमिलों को शिक्षा व नौकरियों में भेदभाव का सामना करना पड़ा।
वे खुद को उपेक्षित और असमान महसूस करने लगे।
प्रश्न 3: सत्ता के ऊर्ध्वाधर विभाजन को समझाइए।
उत्तर:
इसमें सत्ता केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर बाँटी जाती है।
प्रत्येक स्तर के पास अपने-अपने अधिकार होते हैं।
यह संघात्मक व्यवस्था का हिस्सा है।
प्रश्न 4: लोकतंत्र में शक्ति विभाजन के दो लाभ लिखिए।
उत्तर:
(1) शक्ति के दुरुपयोग की संभावना कम होती है।
(2) सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व और भागीदारी मिलती है।
प्रश्न 5: श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद के क्या परिणाम हुए?
उत्तर:
तमिलों में असंतोष बढ़ा और उन्होंने लिट्टे जैसी अलगाववादी संगठन बनाए।
देश में गृहयुद्ध आरंभ हो गया और शांति भंग हुई।
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