Class 7 : हिंदी – अध्याय 15. अन्य
गद्यांश
🔷 गद्यांश 1 📖
मानव जीवन में समय का महत्व अनुपम और अद्वितीय माना गया है। समय वह अमूल्य निधि है जिसे न तो संग्रहित किया जा सकता है और न ही पुनः प्राप्त किया जा सकता है। जो व्यक्ति समय का सम्मान करता है, वह अपने जीवन को सुव्यवस्थित और सफल बना लेता है। इसके विपरीत जो लोग आलस्य, प्रमाद और असावधानी में समय नष्ट करते हैं, वे अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इतिहास इस सत्य का प्रमाण है कि महान व्यक्तियों ने प्रत्येक क्षण का सदुपयोग किया और निरंतर परिश्रम से ऊँचाइयाँ प्राप्त कीं। समय के प्रति सजगता, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता का आधार हैं। अतः आवश्यक है कि विद्यार्थी जीवन से ही समय-प्रबंधन की आदत विकसित की जाए, जिससे भविष्य में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ सुनिश्चित हो सकें।
🔒 ❓ Q1. ‘प्रमाद’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ सावधानी
🔵 2️⃣ लापरवाही
🟡 3️⃣ उत्साह
🟣 4️⃣ परिश्रम
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ लापरवाही
🔒 ❓ Q2. ‘वंचित’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ संपन्न
🔵 2️⃣ निराश
🟡 3️⃣ शिथिल
🟣 4️⃣ वियोगी
✔ उत्तर: 🟢 1️⃣ संपन्न
🔒 ❓ Q3. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: समय का सदुपयोग
🔒 ❓ Q4. आलस्य व्यक्ति को कैसे प्रभावित करता है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: आलस्य अवसर छीनकर व्यक्ति की प्रगति और सफलता दोनों रोक देता है।
🔒 ❓ Q5. इतिहास समय-सदुपयोग का प्रमाण कैसे देता है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: महान व्यक्तियों ने प्रत्येक क्षण उपयोग कर असाधारण उपलब्धियाँ अर्जित कीं।
🔒 ❓ Q6. विद्यार्थी जीवन में समय-प्रबंधन क्यों आवश्यक है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: विद्यार्थी जीवन भविष्य की आधारशिला है। यदि इसी काल में समय-प्रबंधन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास की आदत विकसित हो जाए, तो जीवन में सफलता और सम्मान सुनिश्चित हो जाते हैं।
🔷 गद्यांश 2 📖
परिश्रम सफलता की वह सीढ़ी है जिसके सहारे मनुष्य ऊँचाइयों तक पहुँचता है। संसार में कोई भी उपलब्धि बिना प्रयास के संभव नहीं होती। अनेक लोग भाग्य के भरोसे बैठे रहते हैं, किंतु वास्तविक उन्नति उन्हीं को प्राप्त होती है जो निरंतर कर्म करते हैं। कठिनाइयाँ जीवन का अभिन्न अंग हैं; वे मनुष्य की परीक्षा लेकर उसके धैर्य और साहस को दृढ़ बनाती हैं। जो व्यक्ति संघर्ष से घबराता नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ता है, वही स्थायी सफलता अर्जित करता है। परिश्रम केवल शारीरिक श्रम तक सीमित नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, लगन और सतत अभ्यास भी उसका महत्त्वपूर्ण भाग हैं। अतः कहा जा सकता है कि परिश्रम ही व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है।
🔒 ❓ Q1. ‘अभिन्न’ शब्द का अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ पृथक
🔵 2️⃣ अनिवार्य अंग
🟡 3️⃣ विरोधी
🟣 4️⃣ अस्थायी
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ अनिवार्य अंग
🔒 ❓ Q2. ‘उन्नति’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ विकास
🔵 2️⃣ विस्तार
🟡 3️⃣ पतन
🟣 4️⃣ प्रगति
✔ उत्तर: 🟡 3️⃣ पतन
🔒 ❓ Q3. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: परिश्रम का महत्व
🔒 ❓ Q4. कठिनाइयाँ मनुष्य को क्या प्रदान करती हैं? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: कठिन परिस्थितियाँ अनुभव देकर धैर्य और साहस को सुदृढ़ बनाती हैं।
🔒 ❓ Q5. भाग्य और कर्म का संबंध स्पष्ट कीजिए। (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: भाग्य उन्हीं का साथ देता है जो निरंतर कर्म और प्रयास करते हैं।
🔒 ❓ Q6. परिश्रम व्यक्तित्व निर्माण में कैसे सहायक है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: परिश्रम आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ता का विकास करता है। सतत अभ्यास से व्यक्ति की क्षमताएँ निखरती हैं और वह जीवन के विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करता है।
🔷 गद्यांश 3 📖
प्रकृति मानव जीवन की जीवनदायिनी शक्ति है। वायु, जल, भूमि और वनस्पतियाँ उसके अस्तित्व के आधार हैं। किंतु आधुनिक युग में औद्योगीकरण और भौतिक सुखों की अंधी दौड़ ने पर्यावरण संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। वनों की अंधाधुंध कटाई, नदियों का प्रदूषण और वायु में विषैले तत्वों की वृद्धि भविष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। यदि समय रहते संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो आने वाली पीढ़ियाँ स्वच्छ वातावरण से वंचित रह जाएँगी। प्रकृति का संरक्षण केवल शासन का कर्तव्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण, जल-संरक्षण और प्रदूषण-नियंत्रण जैसे प्रयासों से ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सकता है।
🔒 ❓ Q1. ‘भौतिक’ शब्द का अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ आध्यात्मिक
🔵 2️⃣ सांसारिक
🟡 3️⃣ त्यागमय
🟣 4️⃣ संयमी
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ सांसारिक
🔒 ❓ Q2. ‘घातक’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ हानिकारक
🔵 2️⃣ विनाशकारी
🟡 3️⃣ लाभकारी
🟣 4️⃣ संकटपूर्ण
✔ उत्तर: 🟡 3️⃣ लाभकारी
🔒 ❓ Q3. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता
🔒 ❓ Q4. पर्यावरण असंतुलन के प्रमुख कारण क्या हैं? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: वनों की कटाई, प्रदूषण और भौतिकवाद संतुलन को गंभीर रूप से बिगाड़ रहे हैं।
🔒 ❓ Q5. नागरिक का क्या दायित्व है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण और प्रदूषण नियंत्रण में सक्रिय रहना चाहिए।
🔒 ❓ Q6. पर्यावरण संरक्षण क्यों अनिवार्य है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: पर्यावरण संरक्षण मानव जीवन की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। स्वच्छ वायु, जल और भूमि के बिना स्वस्थ जीवन संभव नहीं। आने वाली पीढ़ियों के भविष्य हेतु प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा आवश्यक है।
🔷 गद्यांश 4 📖
शिक्षा मानव जीवन का वह प्रकाश है जो अज्ञानरूपी अंधकार को दूर करता है। केवल अक्षरज्ञान ही शिक्षा नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों की स्थापना और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता भी शिक्षा का अभिन्न अंग है। शिक्षित व्यक्ति समाज में जागरूकता फैलाता है और राष्ट्र के विकास में योगदान देता है। यदि शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने तक सीमित रह जाए, तो उसका वास्तविक उद्देश्य अधूरा रह जाता है। सच्ची शिक्षा मनुष्य को विनम्र, सहिष्णु और उत्तरदायी बनाती है। वह व्यक्ति को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराती है। अतः आवश्यक है कि शिक्षा को जीवनोपयोगी, मूल्यपरक और व्यवहारिक बनाया जाए, जिससे समाज में संतुलन और प्रगति स्थापित हो सके।
🔒 ❓ Q1. ‘अभिन्न’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ पृथक
🔵 2️⃣ अनिवार्य अंग
🟡 3️⃣ विरोधी
🟣 4️⃣ क्षणिक
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ अनिवार्य अंग
🔒 ❓ Q2. ‘विनम्र’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ नम्र
🔵 2️⃣ अहंकारी
🟡 3️⃣ शांत
🟣 4️⃣ सहिष्णु
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ अहंकारी
🔒 ❓ Q3. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: सच्ची शिक्षा का स्वरूप
🔒 ❓ Q4. शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य क्या है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: शिक्षा चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों की स्थापना का माध्यम है।
🔒 ❓ Q5. शिक्षित व्यक्ति समाज में कैसे योगदान देता है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: शिक्षित व्यक्ति जागरूकता फैलाकर राष्ट्र की प्रगति में सहायक बनता है।
🔒 ❓ Q6. मूल्यपरक शिक्षा क्यों आवश्यक है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: मूल्यपरक शिक्षा व्यक्ति को केवल ज्ञानवान नहीं, बल्कि उत्तरदायी नागरिक बनाती है। इससे समाज में नैतिकता, सहिष्णुता और संतुलन स्थापित होता है तथा राष्ट्र की समग्र उन्नति संभव होती है।
🔷 गद्यांश 5 📖
स्वास्थ्य मानव जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। धन, पद और प्रतिष्ठा का महत्व तभी है जब शरीर स्वस्थ और मन प्रसन्न हो। असंतुलित आहार, अनियमित दिनचर्या और व्यायाम की उपेक्षा अनेक रोगों को जन्म देती है। वर्तमान युग में मानसिक तनाव भी स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। यदि व्यक्ति संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और पर्याप्त विश्राम को अपने जीवन का अंग बना ले, तो वह अनेक बीमारियों से बच सकता है। साथ ही सकारात्मक सोच और आत्मसंयम मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करते हैं। अतः यह स्पष्ट है कि स्वस्थ जीवनशैली ही दीर्घायु और सुखी जीवन का आधार है।
🔒 ❓ Q1. ‘उपेक्षा’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ आदर
🔵 2️⃣ अनदेखी
🟡 3️⃣ प्रोत्साहन
🟣 4️⃣ संरक्षण
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ अनदेखी
🔒 ❓ Q2. ‘सुदृढ़’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ मजबूत
🔵 2️⃣ स्थिर
🟡 3️⃣ दुर्बल
🟣 4️⃣ समर्थ
✔ उत्तर: 🟡 3️⃣ दुर्बल
🔒 ❓ Q3. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: स्वास्थ्य ही वास्तविक संपत्ति
🔒 ❓ Q4. असंतुलित जीवनशैली के परिणाम क्या हैं? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: अनियमित दिनचर्या और आहार अनेक शारीरिक तथा मानसिक रोग उत्पन्न करते हैं।
🔒 ❓ Q5. मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ कैसे रखा जा सकता है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: सकारात्मक सोच और आत्मसंयम मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं।
🔒 ❓ Q6. स्वस्थ जीवनशैली का महत्व स्पष्ट कीजिए। (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: स्वस्थ जीवनशैली दीर्घायु और सुखी जीवन का आधार है। संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और पर्याप्त विश्राम से शरीर सशक्त रहता है तथा सकारात्मक सोच से मानसिक संतुलन बना रहता है।
🔷 गद्यांश 6 📖
सत्य और ईमानदारी मानव चरित्र की सर्वोच्च विशेषताएँ हैं। जो व्यक्ति सत्य का पालन करता है, वह आत्मिक शांति और सामाजिक सम्मान प्राप्त करता है। असत्य और छल प्रारंभ में लाभदायक प्रतीत हो सकते हैं, परंतु अंततः वे विश्वास और संबंधों को नष्ट कर देते हैं। इतिहास में अनेक उदाहरण मिलते हैं जहाँ सत्यनिष्ठ व्यक्तियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों का त्याग नहीं किया। ईमानदारी व्यक्ति के व्यक्तित्व को विश्वसनीय बनाती है और समाज में स्थायी प्रतिष्ठा दिलाती है। अतः आवश्यक है कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सत्य और नैतिकता का पालन किया जाए, जिससे समाज में विश्वास और सद्भाव बना रहे।
🔒 ❓ Q1. ‘सत्यनिष्ठ’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ कपटी
🔵 2️⃣ ईमानदार
🟡 3️⃣ भयभीत
🟣 4️⃣ अस्थिर
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ ईमानदार
🔒 ❓ Q2. ‘विश्वसनीय’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ भरोसेमंद
🔵 2️⃣ संदिग्ध
🟡 3️⃣ स्थिर
🟣 4️⃣ विनम्र
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ संदिग्ध
🔒 ❓ Q3. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: सत्य और ईमानदारी का महत्व
🔒 ❓ Q4. असत्य का परिणाम क्या होता है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: असत्य अंततः विश्वास और संबंधों को नष्ट कर देता है।
🔒 ❓ Q5. ईमानदारी से व्यक्ति को क्या लाभ मिलता है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: ईमानदारी व्यक्ति को सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रदान करती है।
🔒 ❓ Q6. सत्य का पालन समाज के लिए क्यों आवश्यक है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: सत्य समाज में विश्वास और सद्भाव बनाए रखता है। यदि लोग ईमानदार रहें, तो पारस्परिक संबंध मजबूत होते हैं और सामाजिक व्यवस्था स्थिर तथा समृद्ध बनती है।
पद्यांश
🔷 पद्यांश 1 📖
उठो युवा, जागो अभी,
स्वप्नों को साकार करो।
संघर्षों से मत डरो,
जीवन को उद्गार करो।
कर्मपथ पर दृढ़ चलो,
आलस्य को त्याग दो।
धैर्य, साहस साथ लेकर
नव इतिहास रच डालो।
🔒 ❓ Q1. ‘साकार’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ काल्पनिक
🔵 2️⃣ मूर्त
🟡 3️⃣ विलुप्त
🟣 4️⃣ असंभव
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ मूर्त
🔒 ❓ Q2. ‘त्याग’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ परित्याग
🔵 2️⃣ ग्रहण
🟡 3️⃣ विरोध
🟣 4️⃣ अवहेलना
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ ग्रहण
🔒 ❓ Q3. पद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: कर्मपथ की प्रेरणा
🔒 ❓ Q4. कवि युवाओं को क्या संदेश देता है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: कवि युवाओं से जागकर संघर्ष करते हुए कर्मपथ पर दृढ़ रहने को कहता है।
🔒 ❓ Q5. आलस्य का त्याग क्यों आवश्यक है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: आलस्य प्रयास की गति रोकता है, इसलिए लक्ष्य पाने हेतु इसका त्याग आवश्यक है।
🔒 ❓ Q6. ‘नव इतिहास रच डालो’ का आशय स्पष्ट कीजिए। (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: इसका अर्थ है परिश्रम, साहस और धैर्य से ऐसे कार्य करना जो समाज में परिवर्तन लाएँ। अपने लक्ष्य को पाकर दूसरों के लिए प्रेरणा बनना ही नव इतिहास है।
🔷 पद्यांश 2 📖
सरिता बहे निरंतर धारा,
रुकना उसका स्वभाव नहीं।
शिलाखंडों से टकराकर भी
थमता उसका प्रवाह नहीं।
जीवन भी उस सरिता जैसा,
गतिशीलता का नाम रहे।
अवरोधों से जूझ निरंतर,
साहस उसका धाम रहे।
🔒 ❓ Q1. ‘गतिशीलता’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ स्थिरता
🔵 2️⃣ सक्रियता
🟡 3️⃣ जड़ता
🟣 4️⃣ शिथिलता
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ सक्रियता
🔒 ❓ Q2. ‘अवरोध’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ बाधा
🔵 2️⃣ रुकावट
🟡 3️⃣ विघ्न
🟣 4️⃣ सहयोग
✔ उत्तर: 🟣 4️⃣ सहयोग
🔒 ❓ Q3. पद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: जीवन और सरिता
🔒 ❓ Q4. सरिता से क्या प्रेरणा मिलती है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: निरंतर आगे बढ़कर बाधाओं से टकराते हुए भी न रुकने की प्रेरणा मिलती है।
🔒 ❓ Q5. शिलाखंडों से टकराने का क्या संकेत है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: यह जीवन की कठिनाइयों से जूझते हुए आगे बढ़ने का संकेत है।
🔒 ❓ Q6. जीवन को सरिता समान क्यों कहा गया है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: जैसे सरिता बाधाओं के बावजूद बहती रहती है, वैसे ही जीवन में निरंतर प्रयास आवश्यक है। जो व्यक्ति अवरोधों से डरता नहीं, वह साहस और धैर्य से लक्ष्य प्राप्त करता है।
🔷 पद्यांश 3 📖
धरती का श्रृंगार वृक्ष हैं,
छाया, फल, जीवन के आधार।
निःस्वार्थ भाव से देते रहते
मानव को उपहार अपार।
कटते जब ये वन के प्रहरी,
सूखती जाती हरियाली।
जागो मानव, रक्षा कर लो,
वरना होगी विपदा काली।
🔒 ❓ Q1. ‘प्रहरी’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ रक्षक
🔵 2️⃣ शत्रु
🟡 3️⃣ यात्री
🟣 4️⃣ व्यापारी
✔ उत्तर: 🟢 1️⃣ रक्षक
🔒 ❓ Q2. ‘विपदा’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ संकट
🔵 2️⃣ आपदा
🟡 3️⃣ समृद्धि
🟣 4️⃣ दुर्भाग्य
✔ उत्तर: 🟡 3️⃣ समृद्धि
🔒 ❓ Q3. पद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: वृक्षों का महत्व
🔒 ❓ Q4. वृक्षों को धरती का श्रृंगार क्यों कहा गया है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: वृक्ष जीवनदायी छाया, फल और शुद्ध वायु देकर धरती को सुंदर बनाते हैं।
🔒 ❓ Q5. वन कटने का मुख्य परिणाम क्या होता है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: वन कटने से हरियाली घटती है और पर्यावरण असंतुलित होकर संकट बढ़ाता है।
🔒 ❓ Q6. मानव को क्या चेतावनी दी गई है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: चेतावनी यह है कि वृक्षों की रक्षा न करने पर पर्यावरण संकट बढ़ेगा। इसलिए समय रहते संरक्षण करके प्राकृतिक संतुलन बचाना और भविष्य की विपदा से स्वयं को सुरक्षित रखना आवश्यक है।
🔷 पद्यांश 4 📖
मेहनत की ज्योति जलाओ,
अंधकार सब दूर करो।
अवसर जब दस्तक दे तो
साहस से स्वीकार करो।
थककर बैठो मत पथिक,
मंज़िल दूर नहीं होती।
दृढ़ संकल्पित मन से ही
जीवन सफल प्रतीति।
🔒 ❓ Q1. ‘दृढ़’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ कमजोर
🔵 2️⃣ अटल
🟡 3️⃣ अस्थिर
🟣 4️⃣ क्षीण
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ अटल
🔒 ❓ Q2. ‘अंधकार’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ तम
🔵 2️⃣ छाया
🟡 3️⃣ प्रकाश
🟣 4️⃣ रात्रि
✔ उत्तर: 🟡 3️⃣ प्रकाश
🔒 ❓ Q3. पद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: परिश्रम और संकल्प
🔒 ❓ Q4. कवि अवसर के विषय में क्या प्रेरणा देता है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: कवि अवसर मिलने पर साहसपूर्वक उसे स्वीकार कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
🔒 ❓ Q5. थककर बैठने से क्या हानि है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: थककर रुकने से लक्ष्य दूर हो जाता और सफलता विलंबित हो जाती है।
🔒 ❓ Q6. दृढ़ संकल्प का जीवन में क्या महत्व है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: दृढ़ संकल्प व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में भी स्थिर रखता है। संकल्पित मन लक्ष्य से विचलित नहीं होता और निरंतर प्रयास से अंततः सफलता प्राप्त कर लेता है।
🔷 पद्यांश 5 📖
ज्ञान दीप जब जलता है,
मिटता अज्ञान अंधेरा।
मन में जागे चेतना,
खुलता प्रगति का फेरा।
पुस्तक बनती सच्ची मित्र,
दिशा दिखाए सही राह।
शिक्षा से ही सुदृढ़ बने
राष्ट्र, समाज और चाह।
🔒 ❓ Q1. ‘चेतना’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ अज्ञान
🔵 2️⃣ जागरूकता
🟡 3️⃣ शंका
🟣 4️⃣ भ्रम
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ जागरूकता
🔒 ❓ Q2. ‘अज्ञान’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ मूर्खता
🔵 2️⃣ ज्ञान
🟡 3️⃣ भ्रम
🟣 4️⃣ संदेह
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ ज्ञान
🔒 ❓ Q3. पद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: ज्ञान का प्रकाश
🔒 ❓ Q4. पुस्तक को सच्चा मित्र क्यों कहा गया है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: पुस्तक ज्ञान देकर सही दिशा दिखाती और जीवन में मार्गदर्शन करती है।
🔒 ❓ Q5. शिक्षा राष्ट्र को कैसे सुदृढ़ बनाती है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: शिक्षा जागरूक नागरिक बनाकर राष्ट्र की प्रगति को स्थायी आधार देती है।
🔒 ❓ Q6. ज्ञान का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: ज्ञान समाज में जागरूकता और विवेक उत्पन्न करता है। इससे अंधविश्वास कम होते हैं और लोग सही निर्णय लेने में सक्षम बनते हैं, जिससे समग्र प्रगति और विकास संभव होता है।
🔷 पद्यांश 6 📖
सत्य पथ पर जो चलता,
कठिनाई से न घबराए।
काँटों भरी डगर पर भी
धैर्य न वह खो पाए।
झूठ चमके क्षण भर को,
सत्य सदा उजियारा।
विश्वास और सम्मान से
जीवन होता न्यारा।
🔒 ❓ Q1. ‘उजियारा’ शब्द का निकटतम अर्थ चुनिए।
🟢 1️⃣ अंधेरा
🔵 2️⃣ प्रकाश
🟡 3️⃣ भ्रम
🟣 4️⃣ छाया
✔ उत्तर: 🔵 2️⃣ प्रकाश
🔒 ❓ Q2. ‘सम्मान’ शब्द का विलोम चुनिए।
🟢 1️⃣ आदर
🔵 2️⃣ प्रतिष्ठा
🟡 3️⃣ अपमान
🟣 4️⃣ गौरव
✔ उत्तर: 🟡 3️⃣ अपमान
🔒 ❓ Q3. पद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
📌 ✅ उत्तर: सत्य का मार्ग
🔒 ❓ Q4. सत्य पथ पर चलने वाले की विशेषता क्या है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: वह कठिनाइयों से नहीं डरता और धैर्यपूर्वक आगे बढ़ता रहता है।
🔒 ❓ Q5. झूठ और सत्य में क्या अंतर बताया गया है? (15 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: झूठ क्षणिक चमकता है, जबकि सत्य स्थायी प्रकाश देता है।
🔒 ❓ Q6. सत्य का जीवन में क्या महत्व है? (30 शब्द)
📌 ✅ उत्तर: सत्य जीवन को विश्वास और सम्मान प्रदान करता है। जो व्यक्ति सत्यनिष्ठ रहता है, उसके संबंध मजबूत होते हैं और समाज में उसकी प्रतिष्ठा स्थायी रूप से बनी रहती है।