Class 12, Poltical Science (Hindi)

Class 12 : Poltical Science (Hindi) – Lesson 4..अंतर्राष्ट्रीय संगठन

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन



🔷 पाठ का विस्तृत व्याख्य

🔵 भूमिका
संयुक्त राष्ट्र संगठन (सं.रा.सं.) का गठन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शान्ति, सुरक्षा और सहयोग के लिए किया गया। विश्व के विभिन्न देशों ने यह अनुभव किया कि युद्धों के दुष्परिणामों से बचने के लिए एक ऐसे संगठन की आवश्यकता है जो संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान करे और वैश्विक समस्याओं पर सामूहिक रूप से विचार कर सके। इसी उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र संगठन की स्थापना वर्ष 1945 में हुई।

🔵 संयुक्त राष्ट्र की स्थापना
गठन – 24 अक्टूबर 1945 को स्थापित।
मुख्यालय – न्यूयॉर्क (अमेरिका)।
सदस्यता – प्रारम्भ में 51 देश, वर्तमान में लगभग 193 देश।
उद्देश्य –
अंतर्राष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा बनाए रखना
राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बढ़ाना
आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक सहयोग को प्रोत्साहन देना
मानवाधिकारों और स्वतंत्रता का संरक्षण

🔵 संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंग
सामान्य सभा – सभी सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व; नीतिगत निर्णय लेती है।
सुरक्षा परिषद – विश्व शांति और सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी। इसमें 15 सदस्य (5 स्थायी, 10 अस्थायी)।
आर्थिक और सामाजिक परिषद – आर्थिक, सामाजिक सहयोग के लिए।
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय – न्यायिक विवादों का निपटारा।
सचिवालय – प्रशासनिक कार्य; महासचिव इसका प्रमुख।
संरक्षक परिषद – उपनिवेशों की देखरेख (अब निष्क्रिय)।

🔵 संयुक्त राष्ट्र के विशेषीकृत अंग (Specialized Agencies)
सं.रा.सं. की विभिन्न एजेंसियाँ वैश्विक समस्याओं पर कार्य करती हैं, जैसे:
यूनेस्को – शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति
यूनीसेफ़ – बाल कल्याण
डब्ल्यू.एच.ओ. – स्वास्थ्य
आई.एल.ओ. – श्रमिक अधिकार
आई.एम.एफ. और विश्व बैंक – आर्थिक सहायता

🔵 सुरक्षा परिषद की संरचना और शक्ति
5 स्थायी सदस्य: अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन
10 अस्थायी सदस्य: 2 वर्ष के लिए चुने जाते हैं
वीटो शक्ति: किसी स्थायी सदस्य का विरोध किसी भी प्रस्ताव को रोक सकता है
निर्णय हेतु 9 मत आवश्यक, जिनमें सभी 5 स्थायी सदस्यों की सहमति अनिवार्य

🔵 सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता
समय के साथ अनेक परिवर्तन हुए हैं, परन्तु संरचना वही है। विकासशील देशों की आवाज़ पर्याप्त नहीं। भारत जैसे देश इस परिषद में स्थायी सदस्यता की माँग कर रहे हैं। सुधार की आवश्यकता के प्रमुख कारण:
वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव
एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व कम
लोकतांत्रिक सिद्धांतों की मांग

🔵 भारत का दृष्टिकोण
भारत एक शान्तिप्रिय देश है और वैश्विक सहयोग का समर्थक है। भारत की भूमिका:
शान्ति अभियानों में सक्रिय भागीदारी
परमाणु निरस्त्रीकरण की वकालत
विकासशील देशों की आवाज़ को मज़बूत करना
भारत का तर्क है कि जनसंख्या, अर्थव्यवस्था, लोकतंत्र और शान्ति प्रयासों के कारण उसे स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए।

🔵 संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियाँ
✔️ अनेक युद्धों को रोकने में सफलता
✔️ शान्ति सेनाएँ (Peacekeeping Forces) भेजना
✔️ मानवाधिकारों की रक्षा
✔️ वैश्विक समस्याओं जैसे जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य संकट पर ध्यान
✔️ गरीबी, शिक्षा, और समानता पर प्रयास

🔵 संयुक्त राष्ट्र की सीमाएँ / आलोचनाएँ
❌ वीटो शक्ति के कारण असमानता
❌ शक्तिशाली देशों का वर्चस्व
❌ निर्णयों का पालन न होना
❌ राजनीतिक प्रभाव और पक्षपात
❌ सुधारों में धीमापन

🔵 वैश्विक राजनीति में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भूमिका
संघर्ष समाधान – संवाद और मध्यस्थता द्वारा।
आर्थिक विकास – सहयोगी नीतियाँ, सहायता योजनाएँ।
मानवाधिकार संरक्षण – घोषणाएँ और संधियाँ।
सामाजिक सुधार – शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण में सहयोग।
न्याय और समानता – छोटे देशों को आवाज़।

🔵 विश्व व्यापार संगठन (WTO)
गठन: 1995
उद्देश्य: मुक्त व्यापार को बढ़ावा देना
भारत का मत: विकासशील देशों के हितों की रक्षा ज़रूरी।

🔵 मानवाधिकार और अंतर्राष्ट्रीय संगठन
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग और परिषद ने मानव गरिमा की रक्षा के लिए घोषणाएँ कीं।
मुख्य सिद्धांत: समानता, स्वतंत्रता, सुरक्षा, शिक्षा का अधिकार, शोषण से मुक्ति।

🔵 पर्यावरणीय सहयोग
संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरणीय समस्याओं पर वैश्विक समझौते कराए जैसे –
रियो सम्मेलन (1992)
क्योटो प्रोटोकॉल (1997)
पेरिस समझौता (2015)

🔵 शान्ति स्थापना अभियान (Peacekeeping Operations)
सं.रा.सं. की सेनाएँ संघर्ष क्षेत्रों में जाकर युद्ध रोकने, नागरिकों की रक्षा करने और चुनाव आयोजित कराने में सहयोग करती हैं।
भारत ने अनेक अभियानों में सैनिक भेजे।

🔵 अंतर्राष्ट्रीय संगठन क्यों आवश्यक हैं
वैश्विक समस्याएँ सीमाओं से परे हैं
संवाद से समाधान
सहयोग से विकास
छोटे देशों की आवाज़
युद्ध और हिंसा से बचाव

🔵 निष्कर्ष
अंतर्राष्ट्रीय संगठन विश्व राजनीति में संतुलन और न्याय लाने का माध्यम हैं। यद्यपि उनमें कई सीमाएँ हैं, परन्तु शान्ति, सहयोग और मानवता की रक्षा के लिए उनका अस्तित्व अनिवार्य है। सुधारों द्वारा उन्हें अधिक प्रतिनिधिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।

✏️ नोट
सं.रा.सं. की स्थापना 1945 में हुई।
5 स्थायी सदस्य: अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस।
भारत स्थायी सदस्यता का दावेदार है।
सुधार की आवश्यकता: प्रतिनिधित्व, लोकतंत्र, पारदर्शिता।

💡 मुख्य अवधारणाएँ
🌐 अंतर्राष्ट्रीय संगठन
🕊️ शान्ति स्थापना
⚖️ न्याय और समानता
📜 मानवाधिकार
📈 आर्थिक सहयोग
🌍 वैश्विक शासन

📘 संक्षिप्त सारांश (लगभग 300 शब्द)
अंतर्राष्ट्रीय संगठन विश्व की साझा समस्याओं के समाधान हेतु बनाए गए हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र संगठन की स्थापना हुई जिसका उद्देश्य विश्व शांति, सुरक्षा, विकास और मानवाधिकारों की रक्षा है। इसके प्रमुख अंग जैसे सुरक्षा परिषद, सामान्य सभा, आर्थिक-सामाजिक परिषद आदि विभिन्न कार्य करते हैं।
सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी सदस्य और 10 अस्थायी सदस्य हैं। वीटो शक्ति असमानता को दर्शाती है, अतः सुधार आवश्यक हैं। भारत अपने योगदानों के आधार पर स्थायी सदस्यता की मांग करता है।
सं.रा.सं. की एजेंसियाँ जैसे यूनेस्को, यूनीसेफ़, डब्ल्यू.एच.ओ. शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल कल्याण में कार्यरत हैं।
संघर्ष समाधान, मानवाधिकार संरक्षण, आर्थिक विकास और पर्यावरणीय संरक्षण में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। यद्यपि इसकी सीमाएँ हैं जैसे शक्तिशाली देशों का वर्चस्व और धीमे सुधार, परन्तु विश्व में शान्ति और सहयोग के लिए यह आवश्यक संस्था है।

📝 त्वरित पुनरावलोकन
1️⃣ संयुक्त राष्ट्र की स्थापना – 24 अक्टूबर 1945
2️⃣ मुख्य उद्देश्य – शान्ति, सुरक्षा, सहयोग
3️⃣ 5 स्थायी सदस्य – अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस
4️⃣ सुधार की आवश्यकता – प्रतिनिधित्व, पारदर्शिता
5️⃣ भारत की भूमिका – शान्ति अभियानों, विकासशील देशों की आवाज़
6️⃣ सीमाएँ – वीटो शक्ति, शक्तिशाली देशों का प्रभाव

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न


🔵 प्रश्न 1:
निर्णयाधिकार (वीटो) के बारे में नीचे दिए कथनों के आगे सही या गलत लिखिए।
🟣 (क) सुरक्षा-परिषद के 5 स्थायी सदस्य वीटो का अधिकार रखते हैं।
🟢 उत्तर: सही


🟣 (ख) किसी एक स्थायी सदस्य के वीटो करने पर भी प्रस्ताव स्वीकृत माना जाता है।
🟢 उत्तर: गलत


🟣 (ग) सुरक्षा-परिषद के प्रस्तावों पर महासभा वीटो का प्रयोग कर सकती है।
🟢 उत्तर: गलत


🟣 (घ) वीटो का अर्थ प्रस्ताव को रोक देना/अस्वीकृत कर देना है।
🟢 उत्तर: सही

🔵 प्रश्न 2:
संयुक्त राष्ट्र के कार्यों से सम्बद्ध कथनों के आगे सही या गलत लिखिए।
🟣 (क) शान्ति और सुरक्षा से जुड़े अधिकतर मामलों का निर्णय सुरक्षा-परिषद में होता है।
🟢 उत्तर: सही


🟣 (ख) मानवाधिकार मामलों का निर्णयात्मक विवेचन सबसे पहले सुरक्षा-परिषद करती है।
🟢 उत्तर: गलत (मानवाधिकार परिषद/महासभा की प्रमुख भूमिका रहती है)


🟣 (ग) संवेदनशील मुद्दों पर सुरक्षा-परिषद के निर्णय के क्रियान्वयन के लिए 5 स्थायी सदस्यों की सहमति व्यावहारिक रूप से आवश्यक होती है।
🟢 उत्तर: सही


🟣 (घ) महासभा के सभी सदस्य स्वतः ही संयुक्त राष्ट्र के बाकी सभी प्रमुख अंगों/विशेष एजेंसियों के सदस्य बन जाते हैं।
🟢 उत्तर: गलत (कई एजेंसियों की सदस्यता अलग से होती है)

🔵 प्रश्न 3 (बहुविकल्पी):
निम्न में से कौन-सा तथ्य सुरक्षा-परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष को सबसे बलशाली बनाता है?
🟡 1. परमाणु क्षमता
🟢 2. संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य होना
🔴 3. एशिया में स्थित होना
🟣 4. बढ़ती आर्थिक शक्ति और स्थिर लोकतान्त्रिक व्यवस्था
🟢 उत्तर: 4. बढ़ती आर्थिक शक्ति और स्थिर लोकतान्त्रिक व्यवस्था

🔵 प्रश्न 4 (बहुविकल्पी):
परमाणु प्रौद्योगिकी के शान्तिपूर्ण उपयोग और सुरक्षा से सम्बन्धित संयुक्त राष्ट्र परिवार की एजेंसी है—
🟡 1. संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण समिति
🟢 2. अन्तर्राष्ट्रीय आणविक ऊर्जा एजेंसी
🔴 3. संयुक्त राष्ट्र अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा समिति
🟣 4. इनमें से कोई नहीं
🟢 उत्तर: 2. अन्तर्राष्ट्रीय आणविक ऊर्जा एजेंसी

🔵 प्रश्न 5 (बहुविकल्पी):
विश्व व्यापार संगठन किस संगठन का उत्तराधिकारी है?
🟡 1. शुल्क तथा व्यापार पर सामान्य समझौता
🟢 2. विश्व स्वास्थ्य संगठन
🔴 3. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
🟣 4. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय
🟢 उत्तर: 1. शुल्क तथा व्यापार पर सामान्य समझौता

🔵 प्रश्न 6:
रिक्त स्थान भरिए—
🟣 (क) संयुक्त राष्ट्र का मुख्य उद्देश्य विश्व-शान्ति और सुरक्षा बनाए रखना है।
🟢 उत्तर: विश्व-शान्ति और सुरक्षा बनाए रखना


🟣 (ख) संयुक्त राष्ट्र का सबसे जाना-पहचाना अंग _ है।
🟢 उत्तर: सुरक्षा-परिषद


🟣 (ग) सुरक्षा-परिषद में _ स्थायी और _ अस्थायी सदस्य होते हैं।
🟢 उत्तर: 5 स्थायी, 10 अस्थायी


🟣 (घ) संयुक्त राष्ट्र के वर्तमान महासचिव _ हैं।
🟢 उत्तर: एंतोनियो गुतरेस


🟣 (ङ) मानवाधिकार की रक्षा-संरक्षण के स्वायत्त संस्थान और हैं।
🟢 उत्तर: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद, मानवाधिकार उच्चायुक्त का कार्यालय

🔵 प्रश्न 7:
संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख शाखाओं/एजेंसियों का उनके मुख्य कार्य से मिलान कीजिए।
🟣 1. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय → अन्तर्राष्ट्रीय विवादों का न्यायिक निपटारा
🟣 2. सुरक्षा-परिषद → अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा का संरक्षण, प्रतिबन्ध/शान्ति-सेना की संस्तुति
🟣 3. अन्तर्राष्ट्रीय आणविक ऊर्जा एजेंसी → परमाणु प्रौद्योगिकी का शान्तिपूर्ण उपयोग और सुरक्षा
🟣 4. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग → विस्थापितों/शरणार्थियों का संरक्षण
🟣 5. विश्व व्यापार संगठन → व्यापार-विवाद निपटारा, मुक्त व्यापार के नियम
🟣 6. अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष → मौद्रिक स्थिरता, सदस्य देशों की भुगतान-समस्याओं में सहायता
🟣 7. विश्व अन्न कार्यक्रम → आपातकाल में खाद्य सहायता
🟣 8. यूनिसेफ → बाल अधिकार, पोषण-टीकाकरण
🟣 9. विश्व स्वास्थ्य संगठन → सबके लिए स्वास्थ्य, वैश्विक रोग-नियन्त्रण
🟣 10. सचिवालय → संयुक्त राष्ट्र के मामलों का संचालन और प्रशासन

🔵 प्रश्न 8:
सुरक्षा-परिषद के कार्य क्या हैं?
🟢 उत्तर:
अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा की रक्षा करना।
विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा कराने हेतु संस्तुतियाँ/निर्णय देना।
प्रतिबन्ध, शस्त्र-निरोधन, शान्ति-स्थापना बल की तैनाती की संस्तुति करना।
महासभा/महासचिव को उपयुक्त कार्यवाही के लिए सुझाव देना तथा अनुसरण की निगरानी।

🔵 प्रश्न 9:
एक नागरिक के रूप में आप भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन कैसे करेंगे? अपने तर्क प्रस्तुत कीजिए।
🟢 उत्तर:
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतन्त्र है; नीतिगत स्थिरता और संवैधानिक शासन से वैश्विक जिम्मेदारी निभाने में सक्षम है।
विश्व-शान्ति अभियानों में भारत का निरन्तर और सर्वोच्च योगदान रहा है; यह कर्तव्यनिष्ठ भागीदारी स्थायी सदस्यता का नैतिक आधार बनती है।
बढ़ती आर्थिक-वैज्ञानिक क्षमता, जनसंख्या-आकार तथा दक्षिण-एशिया में समता-आधारित नेतृत्व भारत को प्रतिनिधिक बनाता है।
विकासशील देशों की न्यायसंगत आवाज़ को मंच देने हेतु भारत की उपस्थिति वैश्विक संतुलन को सुदृढ़ करेगी।

🔵 प्रश्न 10:
संयुक्त राष्ट्र को सशक्त बनाने हेतु सुझाए गए उपायों के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
🟢 उत्तर:
वीटो-असमानता: स्थायी सदस्यों के हित टकराने पर सुधार-प्रयास अवरुद्ध हो जाते हैं।
प्रतिनिधित्व-विसंगति: एशिया-अफ्रीका-लैटिन अमेरिका का कम प्रतिनिधित्व सुधार-एजेंडा पर सहमति बनने नहीं देता।
राजनीतिक ध्रुवीकरण: सामरिक प्रतिस्पर्धाएँ प्रस्तावों पर सहमति को कठिन बनाती हैं।
अनुपालन-कमी: प्रस्ताव पारित होने के बाद क्रियान्वयन हेतु वित्त-संसाधन व सदस्य-इच्छाशक्ति अपर्याप्त रहती है।
समाधान: चरणबद्ध सुधार, प्रक्रियात्मक पारदर्शिता, वित्त-सुदृढ़ीकरण तथा क्षेत्रीय समुच्चयों की भागीदारी।

🔵 प्रश्न 11:
युद्ध-निरोध में सीमित सफलता के बावजूद देश संयुक्त राष्ट्र को क्यों बनाए रखना चाहते हैं? और उसे अप्रभावी मानने के क्या कारण हैं?
🟢 उत्तर:
क्यों बनाए रखना चाहते हैं:
सार्वभौमिक मंच पर संवाद-मध्यस्थता की अनिवार्यता।
छोटे देशों के लिए समानता-आधारित आवाज़।
शान्ति-स्थापना, मानवीय सहायता, स्वास्थ्य-पर्यावरण जैसे वैश्विक कार्यक्रम।
अप्रभावी क्यों कहा जाता है:
वीटो-वर्चस्व और शक्ति-असमानता।
राजनीतिक दबाव के कारण निर्णय-गतिरोध।
क्रियान्वयन व वित्त-संसाधन की कमी।
संतुलित निष्कर्ष: सीमाएँ होते हुए भी संयुक्त राष्ट्र वैश्विक शासन की केंद्र-संस्था है; सुधार से इसकी प्रभावशीलता बढ़ाई जा सकती है।

🔵 प्रश्न 12:
संयुक्त राष्ट्र में सुधार से आपका तात्पर्य क्या है? विशेषकर सुरक्षा-परिषद के सन्दर्भ में इस कदम के समर्थन में तर्क दीजिए।
🟢 उत्तर:
अर्थ: संरचना, प्रतिनिधित्व और कार्य-विधि को समकालीन वास्तविकताओं के अनुरूप बनाना।
समर्थन के तर्क:
वैश्विक शक्ति-संतुलन बदला है; एशिया-अफ्रीका-लैटिन अमेरिका का न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व आवश्यक है।
स्थायी सदस्यता का विस्तार तथा वीटो-प्रक्रिया की निर्णय-क्षमता बढ़ाएगी।
पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और वित्त-सुदृढ़ीकरण से क्रियान्वयन-क्षमता में वृद्धि होगी।
भारत जैसे उत्तरदायी लोकतन्त्र को स्थान देकर परिषद अधिक विश्वसनीय, लोकतान्त्रिक और प्रतिनिधिक बनेगी।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न



🔵 प्रश्न 1 (बहुविकल्पी)
निर्णयाधिकार (वीटो) के सम्बन्ध में कौन-सा कथन सही है?
🟢 1. वीटो का अधिकार केवल पाँच स्थायी सदस्यों को प्राप्त है।
🟡 2. महासभा भी वीटो का प्रयोग कर सकती है।
🔴 3. अस्थायी सदस्य भी वीटो दे सकते हैं।
🟣 4. सभी सदस्य वीटो का उपयोग कर सकते हैं।
✔️ उत्तर: 1

🔵 प्रश्न 2 (बहुविकल्पी)
संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख उद्देश्य है –
🟢 1. विश्व शान्ति एवं सुरक्षा की स्थापना
🟡 2. आर्थिक सहायता प्रदान करना
🔴 3. सदस्य देशों की घरेलू नीतियों में हस्तक्षेप
🟣 4. व्यापार में लाभ कमाना
✔️ उत्तर: 1

🔵 प्रश्न 3 (बहुविकल्पी)
सुरक्षा-परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का सबसे सशक्त आधार क्या है?
🟢 1. सबसे बड़ा लोकतंत्र और जिम्मेदार परमाणु शक्ति
🟡 2. संस्थापक सदस्य
🔴 3. एशिया महाद्वीप का हिस्सा
🟣 4. जनसंख्या अधिक
✔️ उत्तर: 1

🔵 प्रश्न 4 (बहुविकल्पी)
परमाणु प्रौद्योगिकी के शान्तिपूर्ण उपयोग की एजेंसी है –
🟢 1. अंतर्राष्ट्रीय आणविक ऊर्जा एजेंसी (IAEA)
🟡 2. विश्व स्वास्थ्य संगठन
🔴 3. यूनेस्को
🟣 4. यूनिसेफ
✔️ उत्तर: 1

🔵 प्रश्न 5 (बहुविकल्पी)
विश्व व्यापार संगठन (WTO) किसका उत्तराधिकारी है?
🟢 1. शुल्क एवं व्यापार पर सामान्य समझौता (GATT)
🟡 2. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
🔴 3. विश्व बैंक
🟣 4. विश्व स्वास्थ्य संगठन
✔️ उत्तर: 1

🔵 प्रश्न 6 (रिक्त स्थान पूर्ति)
🟣 (क) संयुक्त राष्ट्र का मुख्य उद्देश्य _ है।
✔️ उत्तर: विश्व शान्ति और सुरक्षा बनाए रखना।


🟣 (ख) संयुक्त राष्ट्र का सबसे प्रमुख अंग _ है।
✔️ उत्तर: सुरक्षा-परिषद।


🟣 (ग) सुरक्षा-परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्य होते हैं।
✔️ उत्तर: 5 स्थायी, 10 अस्थायी।


🟣 (घ) वर्तमान महासचिव का नाम _ है।
✔️ उत्तर: एंतोनियो गुतरेस।

🔵 प्रश्न 7 (मिलान कीजिए)
स्तम्भ A | स्तम्भ B
(क) सुरक्षा-परिषद | अंतर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा की रक्षा
(ख) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय | कानूनी विवादों का निपटारा
(ग) आर्थिक व सामाजिक परिषद | सदस्य देशों की आर्थिक-सामाजिक नीतियाँ
(घ) सचिवालय | संयुक्त राष्ट्र का संचालन
✔️ उत्तर: (क-2), (ख-4), (ग-1), (घ-3)

🔵 प्रश्न 8 (सही/गलत)
(क) महासभा को वीटो का अधिकार है। ❌
(ख) वीटो का प्रयोग किसी प्रस्ताव को रोकने हेतु होता है। ✅
(ग) केवल पाँच स्थायी सदस्य वीटो दे सकते हैं। ✅
(घ) अस्थायी सदस्य वीटो दे सकते हैं। ❌

🔵 प्रश्न 9
सुरक्षा-परिषद का मुख्य कार्य क्या है?
🟢 उत्तर:
विश्व में शान्ति और सुरक्षा बनाए रखना।
विवादित देशों के बीच मध्यस्थता करना।
प्रतिबन्ध या शान्ति सेना भेजना।
महासभा को सिफारिश देना।

🔵 प्रश्न 10
भारत को स्थायी सदस्यता क्यों दी जानी चाहिए?
🟢 उत्तर:
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतन्त्र है।
विश्व शान्ति अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाता है।
आर्थिक, सैन्य और जनसंख्या दृष्टि से सक्षम है।
विकासशील देशों की आवाज़ को प्रतिनिधित्व दे सकता है।

🔵 प्रश्न 11
संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए किए गए उपायों के क्रियान्वयन में कठिनाइयाँ क्यों आती हैं?
🟢 उत्तर:
स्थायी सदस्यों के बीच असहमति।
वीटो का दुरुपयोग।
राजनीतिक स्वार्थ।
विकासशील देशों की कम भागीदारी।

🔵 प्रश्न 12
संयुक्त राष्ट्र को बनाए रखने की आवश्यकता क्यों है?
🟢 उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान।
मानवाधिकार संरक्षण।
स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर सहयोग।

🔵 प्रश्न 13
संयुक्त राष्ट्र को अप्रभावी कहने के कारण क्या हैं?
🟢 उत्तर:
वीटो प्रणाली।
निर्णयों का पालन न होना।
अमीर देशों का प्रभाव।

🔵 प्रश्न 14
संयुक्त राष्ट्र में सुधार का क्या अर्थ है?
🟢 उत्तर:
संरचना, सदस्यता और कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाना।

🔵 प्रश्न 15
सुरक्षा-परिषद में सुधार की आवश्यकता क्यों है?
🟢 उत्तर:
प्रतिनिधित्व असंतुलित है।
विकासशील देशों की भागीदारी कम है।
वीटो असमानता।

🔵 प्रश्न 16
भारत को स्थायी सदस्य बनाने से क्या लाभ होंगे?
🟢 उत्तर:
दक्षिण एशिया की आवाज़ को बल मिलेगा।
संतुलित वैश्विक निर्णय।
लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व।

🔵 प्रश्न 17
संयुक्त राष्ट्र की दो मुख्य सफलताएँ लिखिए।
🟢 उत्तर:
उपनिवेशवाद की समाप्ति में योगदान।
शान्ति सेना द्वारा युद्धों की रोकथाम।

🔵 प्रश्न 18
संयुक्त राष्ट्र की दो प्रमुख कमियाँ लिखिए।
🟢 उत्तर:
वीटो का दुरुपयोग।
शक्तिशाली देशों का प्रभुत्व।


🔵 प्रश्न 19
🟢 संयुक्त राष्ट्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या था?
✔️ उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र का गठन 24 अक्तूबर 1945 को विश्व शांति की स्थापना के उद्देश्य से किया गया। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं—
अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना।
राष्ट्रों के बीच मित्रता को बढ़ावा देना।
अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान सहयोग से करना।
मानवाधिकारों का संरक्षण करना।

🔵 प्रश्न 20
🟢 संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों के नाम लिखिए।
✔️ उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र के 6 प्रमुख अंग हैं—
महासभा
सुरक्षा-परिषद
आर्थिक एवं सामाजिक परिषद
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
न्यासी परिषद
सचिवालय

🔵 प्रश्न 21
🟢 महासभा की दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
✔️ उत्तर:
इसमें सभी सदस्य देशों की समान सदस्यता होती है।
यह अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा और सिफारिशें करती है।
बजट और सदस्यता पर निर्णय करती है।

🔵 प्रश्न 22
🟢 सुरक्षा-परिषद की संरचना एवं कार्य बताइए।
✔️ उत्तर:
कुल 15 सदस्य — 5 स्थायी, 10 अस्थायी।
स्थायी सदस्य: अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन।
कार्य —
शांति बनाए रखना।
विवादों पर मध्यस्थता।
प्रतिबंध लगाना या शांति सेना भेजना।

🔵 प्रश्न 23
🟢 वीटो का अर्थ क्या है?
✔️ उत्तर:
वीटो का अर्थ है किसी प्रस्ताव को रोकने का अधिकार।
🔸 यह अधिकार केवल 5 स्थायी सदस्यों को है।
🔸 किसी प्रस्ताव पर यदि कोई स्थायी सदस्य “नहीं” कहता है, तो वह प्रस्ताव अस्वीकृत हो जाता है।

🔵 प्रश्न 24
🟢 संयुक्त राष्ट्र की दो सफलताएँ और दो असफलताएँ लिखिए।
✔️ उत्तर:
🔹 सफलताएँ:
युद्धों की रोकथाम में योगदान।
उपनिवेशवाद का अंत।
🔹 असफलताएँ:
वीटो प्रणाली से निर्णय बाधित।
शक्तिशाली देशों का प्रभाव।

🔵 प्रश्न 25
🟢 संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसियों में से चार के नाम और कार्य लिखिए।
✔️ उत्तर:
WHO – स्वास्थ्य सुधार।
UNESCO – शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान।
UNICEF – बाल कल्याण।
IAEA – परमाणु ऊर्जा का शान्तिपूर्ण उपयोग।

🔵 प्रश्न 26
🟢 संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता क्यों है?
✔️ उत्तर:
प्रतिनिधित्व असमान है।
विकासशील देशों की आवाज़ कम है।
वीटो असमानता।
नई वैश्विक चुनौतियाँ।

🔵 प्रश्न 27
🟢 भारत को स्थायी सदस्य बनाने के पक्ष में तर्क दीजिए।
✔️ उत्तर:
सबसे बड़ा लोकतन्त्र।
विश्व शान्ति अभियानों में अग्रणी।
जनसंख्या और आर्थिक क्षमता।
दक्षिण देशों की प्रतिनिधि आवाज़।

🔵 प्रश्न 28
🟢 संयुक्त राष्ट्र के दो अंगों की तुलना कीजिए।
✔️ उत्तर:
अंग सदस्यता कार्य
महासभा सभी सदस्य नीतिगत सिफारिशें
सुरक्षा-परिषद 15 सदस्य शान्ति और सुरक्षा सुनिश्चित करना

🔵 प्रश्न 29
🟢 संयुक्त राष्ट्र के कार्यों का मूल्यांकन कीजिए।
✔️ उत्तर:
शांति स्थापना में भूमिका सराहनीय।
शिक्षा, स्वास्थ्य में योगदान।
परंतु वीटो से असमानता और निर्णय बाधा।

🔵 प्रश्न 30
🟢 क्या संयुक्त राष्ट्र आज भी प्रासंगिक है? तर्क सहित उत्तर दें।
✔️ उत्तर:
हाँ, क्योंकि—
यह वैश्विक मुद्दों पर सहयोग का मंच है।
विश्व शांति की आवश्यकता अब भी है।
मानवीय सहायता कार्यों में योगदान।
अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन सुनिश्चित करता है।

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