Class 11 : Geography (In Hindi) – Lesson 17. अपवाह तंत्र
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🔵 भूमिका (परिचय)
🌊 अपवाह तंत्र किसी देश की जल निकासी प्रणाली को दर्शाता है, जिसके माध्यम से वर्षा जल, हिमनद पिघलन या झरनों का जल किसी न किसी दिशा में प्रवाहित होकर समुद्र, झील या अन्य जल निकाय में पहुँचता है।
भारत विविध भौतिक संरचना वाला देश है, यहाँ का अपवाह तंत्र पर्वतों, पठारों और मैदानों की स्थलाकृति के अनुसार विकसित हुआ है। यह तंत्र नदियों की दिशा, प्रवाह, घाटियों और जल निकायों से निर्मित होता है।
💡 मुख्य विचार:
✔️ अपवाह तंत्र = जल निकासी प्रणाली
✔️ नदियाँ इस तंत्र की प्रमुख इकाइयाँ हैं
✔️ स्थलाकृति, जलवायु व वर्षा की दिशा से प्रभावित
🟢 1️⃣ अपवाह तंत्र का अर्थ व महत्त्व
✔️ अपवाह तंत्र वह तंत्र है जिसके माध्यम से जल किसी क्षेत्र से बाहर निकलता है।
✔️ यह जल चक्र का महत्त्वपूर्ण अंग है।
✔️ इसका अध्ययन भू-आकृतिक संरचना, जलवायु तथा जल संसाधन प्रबंधन हेतु आवश्यक है।
✔️ कृषि, जलविद्युत, परिवहन, तथा जल आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी।
✏️ टिप्पणी:
अपवाह तंत्र का स्वरूप स्थलरूपों, ढाल, वर्षा की मात्रा और वितरण पर निर्भर करता है।
🟡 2️⃣ अपवाह तंत्र के प्रकार
अपवाह तंत्र को जल के प्रवाह की दिशा और निकासी स्थान के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है —
🔹 (क) बाह्य अपवाह तंत्र (Exorheic)
➡️ इसमें नदियाँ समुद्र में जाकर मिलती हैं।
➡️ उदाहरण: गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, नर्मदा।
➡️ भारत का अधिकांश क्षेत्र इसी श्रेणी में आता है।
🔹 (ख) आंतरिक अपवाह तंत्र (Endorheic)
➡️ इसमें नदियाँ किसी झील या अंतर्देशीय बेसिन में समाप्त हो जाती हैं।
➡️ ये समुद्र तक नहीं पहुँचतीं।
➡️ उदाहरण: लूणी नदी (राजस्थान), मानसरोवर झील के आसपास की नदियाँ।
💡 संकल्पना:
जब प्रवाह की दिशा स्थलाकृतिक ढाल पर निर्भर करती है तो यह तंत्र स्थलरूप के अनुरूप होता है।
🔴 3️⃣ भारत के प्रमुख अपवाह तंत्र
भारत के अपवाह तंत्र को दो मुख्य भागों में बाँटा गया है —
(1) हिमालयी नदी तंत्र
(2) प्रायद्वीपीय नदी तंत्र
🟣 (1) हिमालयी नदी तंत्र
✔️ स्थायी नदियाँ — हिमनदों एवं वर्षा दोनों से जल प्राप्त
✔️ गहरी घाटियाँ, विस्तृत मैदान, जलोढ़ मिट्टी
✔️ प्रवाह पूरे वर्ष
मुख्य तंत्र: 🔹 सिंधु तंत्र
🔹 गंगा तंत्र
🔹 ब्रह्मपुत्र तंत्र
🌊 (क) सिंधु तंत्र
➡️ उद्गम: मानसरोवर के निकट कैलाश पर्वत
➡️ सहायक नदियाँ: झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलज
➡️ पश्चिम दिशा में प्रवाहित होकर अरब सागर में मिलती है।
🌊 (ख) गंगा तंत्र
➡️ उद्गम: गंगोत्री हिमनद से भागीरथी
➡️ यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी प्रमुख सहायक
➡️ गंगा डेल्टा बनाकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है।
🌊 (ग) ब्रह्मपुत्र तंत्र
➡️ उद्गम: मानसरोवर झील के उत्तर से तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो
➡️ असम में प्रवेश कर ब्रह्मपुत्र कहलाती
➡️ गंगा से मिलकर सुन्दरबन डेल्टा बनाती
🟢 (2) प्रायद्वीपीय नदी तंत्र
✔️ प्राचीन स्थलरूप पर स्थित
✔️ अधिकांश मौसमी नदियाँ
✔️ जल स्रोत: वर्षा
✔️ कठोर शिलाओं से गुजरने के कारण घाटियाँ कम गहरी
मुख्य तंत्र: 🔹 पूर्वमुखी नदियाँ: गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, महानदी
🔹 पश्चिममुखी नदियाँ: नर्मदा, तापी, माही, साबरमती
💡 पूर्वमुखी नदियाँ बंगाल की खाड़ी में, पश्चिममुखी अरब सागर में मिलती हैं।
🟡 4️⃣ प्रवाह दिशा के आधार पर वर्गीकरण
✔️ पूर्वमुखी अपवाह तंत्र: बंगाल की खाड़ी की ओर प्रवाह (उदाहरण: गोदावरी)
✔️ पश्चिममुखी अपवाह तंत्र: अरब सागर की ओर प्रवाह (उदाहरण: नर्मदा)
✔️ आंतरिक अपवाह: झीलों में समाप्त (उदाहरण: लूणी)
🔴 5️⃣ अपवाह तंत्र को प्रभावित करने वाले कारक
✔️ स्थलाकृति और ढाल
✔️ वर्षा की मात्रा और ऋतु
✔️ मिट्टी और शिलाओं की संरचना
✔️ वनस्पति आवरण
✔️ मानव हस्तक्षेप (बाँध, नहरें)
🟣 6️⃣ भारत के अपवाह तंत्र का महत्त्व
✔️ कृषि के लिए सिंचाई जल
✔️ जलविद्युत उत्पादन
✔️ परिवहन साधन
✔️ मृदा निर्माण एवं जलोढ़ मैदान
✔️ पारिस्थितिक संतुलन
✔️ पेयजल आपूर्ति
🔵 7️⃣ समस्याएँ और चुनौतियाँ
⚠️ नदियों का प्रदूषण
⚠️ बाढ़ और सूखा
⚠️ असमान वितरण
⚠️ अपरदन और सिल्ट जमाव
⚠️ जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
🟢 8️⃣ सुधारात्मक उपाय
✔️ एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन
✔️ नदी जोड़ परियोजनाएँ
✔️ प्रदूषण नियंत्रण
✔️ बाँधों और जलाशयों का रखरखाव
✔️ पुनर्भरण और संरक्षण
🔴 9️⃣ निष्कर्ष
📘 भारत का अपवाह तंत्र देश की जीवनरेखा है।
यह न केवल जल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है, बल्कि कृषि, उद्योग, परिवहन, ऊर्जा और जनजीवन की स्थिरता का आधार भी है।
संतुलित व सतत प्रबंधन से ही इसका अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
✨ सारांश (लगभग 300 शब्द)
भारत का अपवाह तंत्र दो मुख्य भागों में विभाजित है — हिमालयी और प्रायद्वीपीय।
हिमालयी नदियाँ स्थायी हैं, जो हिमनदों और वर्षा दोनों से जल प्राप्त करती हैं।
प्रमुख हिमालयी तंत्र — सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र — ये मैदानों में विस्तृत डेल्टा बनाती हैं।
प्रायद्वीपीय नदियाँ प्राचीन स्थलरूप पर प्रवाहित, अधिकतर मौसमी हैं।
गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, महानदी पूर्वमुखी हैं, जबकि नर्मदा, तापी पश्चिममुखी।
भारत का अधिकांश भाग बाह्य अपवाह क्षेत्र में आता है, जबकि राजस्थान के कुछ भाग आंतरिक अपवाह क्षेत्र में।
स्थलाकृति, जलवायु, वर्षा, शिलाएँ और मानव हस्तक्षेप इस तंत्र को प्रभावित करते हैं।
अपवाह तंत्र जल संसाधनों का आधार है, जिससे कृषि, ऊर्जा, परिवहन और पारिस्थितिक संतुलन संभव होता है।
समस्याएँ जैसे प्रदूषण, असमान वितरण, बाढ़-सूखा को दूर करने हेतु एकीकृत प्रबंधन आवश्यक है।
निष्कर्षतः, भारत का अपवाह तंत्र सतत विकास का प्रमुख स्तंभ है।
📝 त्वरित पुनरावलोकन (100 शब्द)
✔️ अपवाह तंत्र = जल निकासी प्रणाली
✔️ प्रकार – बाह्य, आंतरिक
✔️ हिमालयी नदियाँ: सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र
✔️ प्रायद्वीपीय नदियाँ: गोदावरी, नर्मदा
✔️ कारक: स्थलाकृति, वर्षा, शिलाएँ
✔️ महत्त्व: सिंचाई, ऊर्जा, परिवहन
✔️ चुनौतियाँ: प्रदूषण, असमान वितरण
✔️ उपाय: एकीकृत प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण
✔️ निष्कर्ष: जीवनरेखा समान तंत्र
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔵 प्रश्न 1
नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
🔵 (i) निम्नलिखित में से कौन-सी नदी “बंगाल का शोक” के नाम से जानी जाती थी?
1️⃣ गंडक
2️⃣ कोसी
3️⃣ सोन
4️⃣ दामोदर
🟢 उत्तर: 2️⃣ कोसी
✔️ यह नदी बार-बार दिशा बदलने और बाढ़ लाने के कारण “बंगाल का शोक” कहलाती है।
🔵 (ii) निम्नलिखित में से किस नदी की त्रिभुज भारत में सबसे बड़ी है?
1️⃣ सिंधु
2️⃣ ब्रह्मपुत्र
3️⃣ गंगा
4️⃣ कृष्णा
🟢 उत्तर: 3️⃣ गंगा
✔️ गंगा नदी का डेल्टा विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है जो सुंदरबन के रूप में जाना जाता है।
🔵 (iii) निम्नलिखित में से कौन-सी नदी पंचनद में शामिल नहीं है?
1️⃣ रावी
2️⃣ सिंधु
3️⃣ चिनाब
4️⃣ झेलम
🟢 उत्तर: 2️⃣ सिंधु
✔️ पंचनद में पाँच नदियाँ — सतलज, ब्यास, रावी, चिनाब, झेलम शामिल हैं, सिंधु अलग नदी है।
🔵 (iv) निम्नलिखित में से कौन-सी नदी ऋषिकेश घाटी में बहती है?
1️⃣ सोन
2️⃣ यमुना
3️⃣ गंगा
4️⃣ गोदावरी
🟢 उत्तर: 3️⃣ गंगा
✔️ गंगा नदी हिमालय से निकलकर ऋषिकेश से होकर मैदानों में प्रवेश करती है।
🔵 (v) निम्नलिखित में से कौन-सा अलकनंदा का भागीरथी के संगम स्थल है?
1️⃣ विष्णु प्रयाग
2️⃣ नंद प्रयाग
3️⃣ कर्ण प्रयाग
4️⃣ ऋषिकेश
🟢 उत्तर: 4️⃣ ऋषिकेश
✔️ भागीरथी और अलकनंदा का संगम देवप्रयाग में होता है, जहाँ से गंगा नाम प्राप्त होता है।
✳️ प्रश्न 2 – निम्नलिखित शब्द स्पष्ट करें :
🔵 (i) नदी त्रिभुज और जल-संग्रह
🟢 उत्तर:
✔️ नदी त्रिभुज (डेल्टा): नदी के मुहाने पर जमा अवसाद से बना त्रिभुजाकार क्षेत्र।
✔️ जल-संग्रह क्षेत्र: वह समूचा क्षेत्र जहाँ से जल किसी नदी में एकत्र होता है।
🔵 (ii) क्षारापन और जलाशय अपवाह क्षेत्र
🟢 उत्तर:
✔️ क्षारापन: जल में घुले लवणों की अधिकता, जिससे भूमि अनुपजाऊ बन जाती है।
✔️ जलाशय अपवाह क्षेत्र: वह क्षेत्र जहाँ से जल किसी झील या अंतर्देशीय बेसिन में बहता है।
🔵 (iii) बाह्य अपवाह और आंतरिक अपवाह क्षेत्र
🟢 उत्तर:
✔️ बाह्य अपवाह: वे नदियाँ जो समुद्र में मिलती हैं।
✔️ आंतरिक अपवाह: वे नदियाँ जो झीलों या मरुस्थलों में समाप्त होती हैं।
🔵 (iv) नदी जल आपदाओं का प्रभाव
🟢 उत्तर:
✔️ बाढ़, भूमि कटाव, अवसाद जमाव, कृषि और जनजीवन को नुकसान, पलायन।
✳️ प्रश्न 3 – 30 शब्दों में उत्तर दीजिए :
🔵 (i) भारत में नदियों के अपवाह से जुड़ी सामाजिक–आर्थिक लाभ क्या हैं?
🟢 उत्तर:
✔️ सिंचाई और कृषि को जल
✔️ जलविद्युत उत्पादन
✔️ परिवहन और व्यापार
✔️ पर्यटन और रोजगार
🔵 (ii) प्रायद्वीपीय नदियों के तीन लक्षण लिखिए।
🟢 उत्तर:
✔️ मौसमी प्रवाह
✔️ प्राचीन स्थलरूप पर बहाव
✔️ अधिकतर पूर्वमुखी, कठोर चट्टानों से होकर गुजरती हैं
✳️ प्रश्न 4 – 125 शब्दों से अधिक में उत्तर दीजिए :
🔵 (i) उत्तर भारतीय नदियों की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं? ये प्रायद्वीपीय नदियों से किस प्रकार भिन्न हैं?
🟢 उत्तर:
✔️ उत्तर भारतीय नदियाँ हिमालय से निकलती हैं, जैसे गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र।
✔️ स्थायी प्रवाह — हिमनदों और वर्षा दोनों से जल प्राप्त।
✔️ विस्तृत जलोढ़ मैदानों में बहती हैं।
✔️ डेल्टा बनाती हैं।
✔️ प्रायद्वीपीय नदियाँ प्राचीन स्थलरूप पर स्थित, मौसमी प्रवाह वाली हैं।
✔️ अधिकतर चट्टानी मार्ग से गुजरती हैं, कुछ पश्चिममुखी हैं (नर्मदा, तापी)।
✔️ निष्कर्षतः, उत्तर भारतीय नदियाँ युवा व उर्जावान हैं, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ परिपक्व व स्थिर।
🔵 (ii) हिमालय क्षेत्र में गढ़वाल के गिरिप्र देश से लेकर सिलीगुड़ी तक यात्रा करते हुए मुख्य नदियों का वर्णन कीजिए। इनमें से किसी एक की विशेषताएँ बताइए।
🟢 उत्तर:
✔️ गढ़वाल क्षेत्र से अलकनंदा, भागीरथी निकलती हैं और मिलकर गंगा बनती है।
✔️ गंगा मैदानों से होकर बिहार व बंगाल में प्रवाहित होती है।
✔️ ब्रह्मपुत्र तिब्बत से आकर असम में मिलती है।
✔️ विशेषता: गंगा नदी — स्थायी प्रवाह, विस्तृत जलोढ़ मैदान, उर्वर मृदा, विशाल डेल्टा का निर्माण।
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
🔷 Section A – बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक प्रत्येक)
🔵 प्रश्न 1:
कौन-सी नदी “बंगाल का शोक” कहलाती है?
🔴 1️⃣ गंडक
🟢 2️⃣ कोसी
🟡 3️⃣ दामोदर
🔵 4️⃣ महानदी
🟢 उत्तर: 2️⃣ ✔️ कोसी नदी बार-बार दिशा बदलने और बाढ़ लाने के कारण “बंगाल का शोक” कहलाती है।
🔵 प्रश्न 2:
भारत की सबसे बड़ी नदी त्रिभुज (डेल्टा) किस नदी की है?
🔴 1️⃣ गंगा
🟢 2️⃣ ब्रह्मपुत्र
🟡 3️⃣ गोदावरी
🔵 4️⃣ कृष्णा
🟢 उत्तर: 1️⃣ ✔️ गंगा नदी का डेल्टा विश्व का सबसे विशाल डेल्टा है।
🔵 प्रश्न 3:
निम्नलिखित में से कौन-सी नदी पंचनद में शामिल नहीं है?
🔴 1️⃣ झेलम
🟢 2️⃣ सतलज
🟡 3️⃣ रावी
🔵 4️⃣ सिंधु
🟢 उत्तर: 4️⃣ ✔️ पंचनद में पाँच नदियाँ — सतलज, ब्यास, रावी, चिनाब, झेलम शामिल हैं; सिंधु नहीं।
🔵 प्रश्न 4:
कौन-सी नदी ऋषिकेश घाटी से होकर बहती है?
🔴 1️⃣ यमुना
🟢 2️⃣ गंगा
🟡 3️⃣ गोदावरी
🔵 4️⃣ कृष्णा
🟢 उत्तर: 2️⃣ ✔️ गंगा नदी हिमालय से निकलकर ऋषिकेश घाटी से होकर मैदान में प्रवेश करती है।
🔵 प्रश्न 5:
अलकनंदा और भागीरथी का संगम किस स्थान पर होता है?
🔴 1️⃣ नंद प्रयाग
🟢 2️⃣ देव प्रयाग
🟡 3️⃣ कर्ण प्रयाग
🔵 4️⃣ विष्णु प्रयाग
🟢 उत्तर: 2️⃣ ✔️ देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी मिलकर गंगा बनती हैं।
🔵 प्रश्न 6:
कौन-सी नदी भारत में सबसे अधिक जल लेकर बहती है?
🔴 1️⃣ गोदावरी
🟢 2️⃣ ब्रह्मपुत्र
🟡 3️⃣ गंगा
🔵 4️⃣ कृष्णा
🟢 उत्तर: 2️⃣ ✔️ ब्रह्मपुत्र नदी भारत में सर्वाधिक जल प्रवाह वाली नदी है।
🔵 प्रश्न 7:
नर्मदा नदी का प्रवाह किस दिशा में होता है?
🔴 1️⃣ उत्तर
🟢 2️⃣ दक्षिण
🟡 3️⃣ पूर्व
🔵 4️⃣ पश्चिम
🟢 उत्तर: 4️⃣ ✔️ नर्मदा नदी पश्चिम दिशा में बहती है और अरब सागर में गिरती है।
🔵 प्रश्न 8:
गोदावरी नदी का उद्गम स्थल कौन-सा है?
🔴 1️⃣ त्र्यंबकेश्वर
🟢 2️⃣ महाबलेश्वर
🟡 3️⃣ नीलगिरि
🔵 4️⃣ अमरकंटक
🟢 उत्तर: 1️⃣ ✔️ गोदावरी नदी महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर से निकलती है।
🔵 प्रश्न 9:
भारत की कौन-सी नदी “दक्षिण गंगा” कहलाती है?
🔴 1️⃣ कृष्णा
🟢 2️⃣ गोदावरी
🟡 3️⃣ कावेरी
🔵 4️⃣ नर्मदा
🟢 उत्तर: 2️⃣ ✔️ गोदावरी नदी को दक्षिण गंगा कहा जाता है।
🔵 प्रश्न 10:
भारत की कौन-सी नदी सबसे लंबी है?
🔴 1️⃣ गंगा
🟢 2️⃣ गोदावरी
🟡 3️⃣ ब्रह्मपुत्र
🔵 4️⃣ यमुना
🟢 उत्तर: 1️⃣ ✔️ गंगा नदी भारत की सबसे लंबी नदी है।
🔵 प्रश्न 11:
सिंधु नदी किस देश से निकलती है?
🔴 1️⃣ नेपाल
🟢 2️⃣ तिब्बत
🟡 3️⃣ भूटान
🔵 4️⃣ भारत
🟢 उत्तर: 2️⃣ ✔️ सिंधु नदी तिब्बत के मानसरोवर झील के निकट से निकलती है।
🔵 प्रश्न 12:
कावेरी नदी का संगम स्थल कौन-सा है?
🔴 1️⃣ श्रीरंगपट्टनम
🟢 2️⃣ मेट्टूर
🟡 3️⃣ पोन्नानी
🔵 4️⃣ पुघलुर
🟢 उत्तर: 1️⃣ ✔️ कावेरी नदी श्रीरंगपट्टनम के निकट कई शाखाओं में विभाजित होती है।
🔵 प्रश्न 13:
भारत की प्रमुख अन्तर्देशीय नदियों में कौन-सी नहीं है?
🔴 1️⃣ लूणी
🟢 2️⃣ साबरमती
🟡 3️⃣ गोमती
🔵 4️⃣ घग्गर
🟢 उत्तर: 3️⃣ ✔️ गोमती नदी बाह्य अपवाह है, जबकि शेष नदियाँ अन्तर्देशीय हैं।
🔵 प्रश्न 14:
भारत में जल अपवाह का सबसे बड़ा क्षेत्र किसका है?
🔴 1️⃣ गंगा
🟢 2️⃣ गोदावरी
🟡 3️⃣ ब्रह्मपुत्र
🔵 4️⃣ नर्मदा
🟢 उत्तर: 1️⃣ ✔️ गंगा नदी का जल अपवाह क्षेत्र भारत में सबसे बड़ा है।
🔵 प्रश्न 15:
कावेरी नदी किस दिशा में बहती है?
🔴 1️⃣ उत्तर से दक्षिण
🟢 2️⃣ पश्चिम से पूर्व
🟡 3️⃣ दक्षिण से उत्तर
🔵 4️⃣ पूर्व से पश्चिम
🟢 उत्तर: 2️⃣ ✔️ कावेरी नदी पश्चिमी घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहती है।
🔵 प्रश्न 16:
भारत की कौन-सी नदी हिमनद एवं वर्षा दोनों से पोषित होती है?
🔴 1️⃣ गोदावरी
🟢 2️⃣ गंगा
🟡 3️⃣ नर्मदा
🔵 4️⃣ तापी
🟢 उत्तर: 2️⃣ ✔️ गंगा नदी हिमनदों और वर्षा दोनों से जल प्राप्त करती है।
🔵 प्रश्न 17:
भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात किस नदी पर है?
🔴 1️⃣ गोदावरी
🟢 2️⃣ नर्मदा
🟡 3️⃣ शरावती
🔵 4️⃣ कावेरी
🟢 उत्तर: 3️⃣ ✔️ शरावती नदी पर जोग (गेरसप्पा) जलप्रपात स्थित है।
🔷 Section B – स्रोत आधारित प्रश्न (3 अंक प्रत्येक)
🔵 प्रश्न 18:
“गंगा नदी भारत की जीवन रेखा कहलाती है।”
🟢 (क) यह कथन क्यों कहा जाता है?
🟢 (ख) इसका आर्थिक महत्त्व बताइए।
🟢 (ग) इससे जुड़े दो प्रमुख शहर लिखिए।
🟢 उत्तर:
✳️ (क) गंगा नदी कृषि, जल आपूर्ति, परिवहन में सहायक है।
✳️ (ख) सिंचाई, मृदा उपजाऊपन, मत्स्य पालन में योगदान।
✳️ (ग) कानपुर, वाराणसी।
🔵 प्रश्न 19:
“भारतीय नदियों का तंत्र विविध है।”
🟢 (क) इस कथन की व्याख्या कीजिए।
🟢 (ख) मुख्य तीन अपवाह तंत्र लिखिए।
🟢 (ग) उदाहरण दीजिए।
🟢 उत्तर:
✳️ (क) भारत में हिमालयी, प्रायद्वीपीय और अन्तर्देशीय तंत्र पाए जाते हैं।
✳️ (ख) बाह्य अपवाह, आंतरिक अपवाह, तटीय नदियाँ।
✳️ (ग) गंगा, गोदावरी, लूणी।
🔷 Section C – लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक प्रत्येक)
🔵 प्रश्न 20:
भारत की प्रमुख नदी प्रणालियाँ कौन-सी हैं?
🟢 उत्तर:
✳️ गंगा प्रणाली,
✳️ ब्रह्मपुत्र प्रणाली,
✳️ सिंधु प्रणाली,
✳️ गोदावरी प्रणाली,
✳️ कृष्णा प्रणाली,
✳️ कावेरी प्रणाली।
🔵 प्रश्न 21:
हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों में अंतर बताइए।
🟢 उत्तर:
✳️ हिमालयी नदियाँ स्थायी, प्राचीन, अधिक जल वाली।
✳️ प्रायद्वीपीय नदियाँ मौसमी, कम जल वाली, पथरीली।
✳️ पहली डेल्टा बनाती हैं, दूसरी प्रायः मुहाना बनाती हैं।
🔵 प्रश्न 22:
प्राकृतिक जल अपवाह क्या है?
🟢 उत्तर:
✳️ वह प्रणाली जिसमें वर्षा जल नदियों, झीलों या समुद्र की ओर प्रवाहित होता है।
✳️ यह स्थलाकृति और जलवायु पर निर्भर करती है।
🔵 प्रश्न 23:
अन्तर्देशीय अपवाह क्षेत्र का उदाहरण दीजिए।
🟢 उत्तर:
✳️ राजस्थान की लूणी नदी का क्षेत्र अन्तर्देशीय अपवाह क्षेत्र का उदाहरण है।
🔷 Section D – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक प्रत्येक)
🔵 प्रश्न 24:
हिमालयी नदियों की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
🟢 उत्तर:
✳️ हिमालयी नदियाँ स्थायी (परिणामी) नदियाँ हैं।
✳️ ये हिमनदों और वर्षा दोनों से पोषित होती हैं।
✳️ इनका प्रवाह क्षेत्र विशाल एवं जल प्रवाह अधिक होता है।
✳️ ये मैदानों में डेल्टा बनाती हैं (जैसे गंगा)।
✳️ इनमें अत्यधिक मृदा अपरदन एवं निक्षेपण होता है।
✔️ निष्कर्ष: हिमालयी नदियाँ कृषि, परिवहन, सिंचाई, और जलविद्युत के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
🔵 प्रश्न 25:
प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताएँ और उदाहरण बताइए।
🟢 उत्तर:
✳️ प्रायद्वीपीय नदियाँ प्राचीन हैं और स्थिर स्थलाकृति से होकर बहती हैं।
✳️ ये प्रायः वर्षा पर निर्भर रहती हैं।
✳️ इनमें जल प्रवाह कम होता है तथा पथरीली घाटियाँ बनाती हैं।
✳️ ये प्रायः मुहाना बनाती हैं, डेल्टा कम बनाती हैं।
✳️ मुख्य नदियाँ — गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा, तापी, कावेरी।
✔️ निष्कर्ष: ये दक्षिण भारत के जल स्रोत और ऊर्जा उत्पादन में सहायक हैं।
🔵 प्रश्न 26:
भारत के प्रमुख नदी तंत्रों का वर्गीकरण कीजिए।
🟢 उत्तर:
✳️ (क) बाह्य अपवाह तंत्र:
➤ जिन नदियों का जल समुद्र में गिरता है।
➤ उदाहरण — गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी।
✳️ (ख) आंतरिक अपवाह तंत्र:
➤ जिन नदियों का जल समुद्र तक नहीं पहुँचता।
➤ उदाहरण — लूणी, साबरमती।
✳️ (ग) तटीय तंत्र:
➤ छोटे प्रवाह वाली नदियाँ, सीधे सागर में गिरती हैं।
➤ उदाहरण — मांडवी, जुआरी।
✔️ निष्कर्ष: भारत के नदी तंत्र भौगोलिक विविधता को दर्शाते हैं।
🔵 प्रश्न 27:
सिंधु नदी प्रणाली का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
✳️ उद्गम — तिब्बत के मानसरोवर झील के निकट।
✳️ भारत में जम्मू-कश्मीर होकर बहती है।
✳️ इसकी सहायक नदियाँ — झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलज।
✳️ पाकिस्तान होकर अरब सागर में गिरती है।
✳️ सिंचाई, जलविद्युत और कृषि में योगदान देती है।
✔️ निष्कर्ष: सिंधु नदी प्रणाली उत्तर-पश्चिम भारत का प्रमुख जल स्रोत है।
🔵 प्रश्न 28:
गंगा नदी प्रणाली का विवरण दीजिए।
🟢 उत्तर:
✳️ उद्गम — भागीरथी (गोमुख) और अलकनंदा का देवप्रयाग में संगम।
✳️ प्रमुख सहायक नदियाँ — यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी।
✳️ प्रवाह क्षेत्र — उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल।
✳️ अंत — सुंदरवन डेल्टा के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में।
✳️ उपयोग — सिंचाई, परिवहन, जलविद्युत, मत्स्य पालन।
✔️ निष्कर्ष: गंगा भारत की जीवन रेखा है।
🔵 प्रश्न 29:
भारत के अपवाह तंत्र के आर्थिक महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
🟢 उत्तर:
✳️ कृषि हेतु सिंचाई जल उपलब्ध कराते हैं।
✳️ जलविद्युत उत्पादन में सहायक।
✳️ परिवहन एवं नौवहन का माध्यम।
✳️ पेयजल, मत्स्य पालन एवं पर्यटन का स्रोत।
✳️ मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखते हैं।
✔️ निष्कर्ष: अपवाह तंत्र भारत की अर्थव्यवस्था की नींव हैं।
🔷 Section E – मानचित्र आधारित प्रश्न (5 अंक)
🔵 प्रश्न 30:
भारत के मानचित्र पर निम्नलिखित को प्रदर्शित करें —
🟢 (i) गंगा नदी
🟢 (ii) ब्रह्मपुत्र नदी
🟢 (iii) नर्मदा नदी
🟢 (iv) गोदावरी नदी
🟢 (v) लूणी नदी
🟢 उत्तर:
📘 भारत के राजनीतिक मानचित्र पर —
➤ गंगा — उत्तर भारत में पश्चिम से पूर्व की ओर।
➤ ब्रह्मपुत्र — असम क्षेत्र में पूर्व से पश्चिम।
➤ नर्मदा — मध्य भारत में पश्चिम की ओर।
➤ गोदावरी — दक्षिण भारत में पूर्व की ओर।
➤ लूणी — राजस्थान के शुष्क भाग में अंतर्देशीय प्रवाह।
✔️ सभी नदियों को नीली रेखाओं से स्पष्ट रूप में प्रदर्शित करें।
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मस्तिष्क मानचित्र
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दृश्य सामग्री
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