Class 10 : Social Science (In Hindi) Economics – Lesson 18. विकास
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
विकास की धारणा हमेशा से मानव समाज के साथ रही है। विकास का अर्थ अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हो सकता है। एक भूमिहीन ग्रामीण मजदूर के लिए विकास का मतलब नियमित काम और बेहतर मजदूरी हो सकता है, जबकि एक समृद्ध किसान के लिए यह अपनी उपज का अच्छा मूल्य पाना हो सकता है।
विकास के लक्ष्य विभिन्न लोगों के लिए विभिन्न होते हैं और कभी-कभी ये परस्पर विरोधी भी हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक नए हाईवे का निर्माण कई लोगों के लिए विकास हो सकता है, लेकिन जिस किसान की जमीन छिन जाए, उसके लिए यह विनाशकारी हो सकता है।
आय और अन्य लक्ष्य
लोग अधिक आय के साथ-साथ समानता का व्यवहार, स्वतंत्रता, सुरक्षा और दूसरों से सम्मान की भी इच्छा रखते हैं। केवल भौतिक वस्तुएं ही जीने के लिए पर्याप्त नहीं होतीं। एक बेहतर जीवन के लिए अभौतिक वस्तुओं जैसे मित्रता, सम्मान और सामाजिक स्वीकृति का भी महत्व होता है।
राष्ट्रीय विकास
जब हम राष्ट्रीय विकास की बात करते हैं, तो हमें यह सोचना होता है कि सभी के लिए न्यायपूर्ण और सही राह क्या होगी। राष्ट्रीय विकास का अभिप्राय इन सब प्रश्नों पर विचार करना है कि कौन सा कार्य करने का बेहतर तरीका है और क्या इससे बहुत से लोगों को लाभ होगा।
विभिन्न देशों या राज्यों की तुलना
देशों की तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्वपूर्ण विशेषता मानी जाती है। जिन देशों की आय अधिक है, उन्हें कम आय वाले देशों से अधिक विकसित समझा जाता है। किसी देश की आय उस देश के सभी निवासियों की आय होती है।
देशों के बीच तुलना करने के लिए कुल आय उतना उपयुक्त माप नहीं है क्योंकि देशों की जनसंख्या अलग-अलग होती है। इसलिए हम औसत आय की तुलना करते हैं, जो देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर निकाली जाती है। औसत आय को प्रति व्यक्ति आय भी कहा जाता है।
विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट के अनुसार, देशों का वर्गीकरण करने में इस मापदंड का प्रयोग किया गया है। वे देश जिनकी प्रति व्यक्ति आय अधिक है, उन्हें समृद्ध या उच्च आय देश कहा जाता है।
आय और अन्य मापदंड
केवल प्रति व्यक्ति आय से विकास को मापना पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य और शिक्षा के सूचक भी महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय केरल से अधिक है, लेकिन शिशु मृत्यु दर और साक्षरता दर में केरल हरियाणा से बेहतर स्थिति में है।
शिशु मृत्यु दर किसी वर्ष में पैदा हुए 1,000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मर जाने वाले बच्चों का अनुपात दर्शाती है। साक्षरता दर 7 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षर जनसंख्या का अनुपात है।
सार्वजनिक सुविधाएं
बेहतर जीवन के लिए कई महत्वपूर्ण चीजों को सामूहिक रूप से उपलब्ध कराना सबसे अच्छा और सस्ता तरीका है। सामुदायिक सुरक्षा प्रदान करना व्यक्तिगत सुरक्षा गार्ड रखने से अधिक सस्ता होता है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, और अन्य बुनियादी सुविधाएं सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
मानव विकास सूचकांक
यूएनडीपी द्वारा प्रकाशित मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर करती है। स्वास्थ्य और शिक्षा सूचकों का आय के साथ व्यापक स्तर पर विकास के माप के लिए प्रयोग किया जाने लगा है।
भारत और उसके पड़ोसी देशों की तुलना से पता चलता है कि श्रीलंका हर विषय में भारत से आगे है, और नेपाल तथा बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय भारत से कम होने पर भी वे आयु संभाविता में भारत से पीछे नहीं हैं।
विकास की धारणीयता
विकास की वर्तमान प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है। भारत में भूमिगत जल का अतिउपयोग एक गंभीर समस्या है। देश के कई भागों में पिछले 20 सालों में पानी के स्तर में 4 मीटर से अधिक की गिरावट आई है।
गैर नवीकरणीय साधन जैसे कच्चा तेल कुछ ही वर्षों के प्रयोग के पश्चात समाप्त हो जाते हैं। इन संसाधनों का धरती पर एक निश्चित भंडार है और इनकी पुनः पूर्ति नहीं हो सकती।
धारणीय विकास का मतलब है कि हम अपनी वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करते समय भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता न करें। पर्यावरण में गिरावट के परिणाम राष्ट्रीय और राज्य सीमाओं का ख्याल नहीं करते और यह एक वैश्विक समस्या बन गई है।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔷 1. सामान्यतः किसी देश का विकास किस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है?
🔶 (क) प्रति व्यक्ति आय
🔶 (ख) औसत साक्षरता स्तर
🔶 (ग) लोगों की स्वास्थ्य स्थिति
🔶 (घ) उपरोक्त सभी
🟢 उत्तर:
✅ (घ) उपरोक्त सभी
👉 किसी देश का समग्र विकास केवल एक मापदंड पर नहीं बल्कि प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा स्तर, स्वास्थ्य सेवाओं और जीवन स्तर जैसे कई आयामों पर निर्भर करता है।
🔷 2. निम्नलिखित पड़ोसी देशों में से मानव विकास के लिहाज़ से किस देश की स्थिति भारत से बेहतर है?
🔶 (क) बांग्लादेश
🔶 (ख) श्रीलंका
🔶 (ग) नेपाल
🔶 (घ) पाकिस्तान
🟢 उत्तर:
✅ (ख) श्रीलंका
👉 श्रीलंका में साक्षरता दर, स्वास्थ्य सेवाएँ और जीवन प्रत्याशा भारत से बेहतर है। इसलिए उसकी मानव विकास रैंकिंग भी ऊँची है।
🔷 3. मान लीजिए कि एक देश में चार परिवार हैं। इन परिवारों की प्रति व्यक्ति आय ₹5,000 है। अगर तीन परिवारों की आय क्रमशः ₹4,000, ₹7,000 और ₹3,000 है, तो चौथे परिवार की आय क्या होगी?
🔶 (क) ₹7,500
🔶 (ख) ₹3,000
🔶 (ग) ₹2,000
🔶 (घ) ₹6,000
🟢 उत्तर:
✅ (घ) ₹6,000
🧮 गणना:
औसत आय = कुल आय / 4
तो कुल आय = ₹5,000 × 4 = ₹20,000
पहले तीन परिवारों की आय = ₹4,000 + ₹7,000 + ₹3,000 = ₹14,000
तो चौथे परिवार की आय = ₹20,000 − ₹14,000 = ₹6,000
🔷 4. विश्व बैंक विभिन्न देशों का वर्गीकरण करने के लिए किस प्रमुख मापदंड का प्रयोग करता है? इस मापदंड की आत्मा क्या है, तो सीमाएँ क्या हैं?
🟢 उत्तर:
🌍 विश्व बैंक देशों को उनकी प्रति व्यक्ति आय के आधार पर वर्गीकृत करता है।
🎯 यह मानता है कि जिस देश की प्रति व्यक्ति आय अधिक है, वह विकसित माना जाएगा।
⚠ सीमाएँ:
🔸 यह मापदंड शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, पर्यावरण, जैसे सामाजिक पहलुओं की अनदेखी करता है।
🔸 आय असमानता वाले देश में औसत आय भ्रम पैदा कर सकती है।
🔷 5. विकास मापने में यू.एन.डी.पी. का मापदंड किस पहलुओं में विश्व बैंक के मापदंड से अलग है?
🟢 उत्तर:
🌐 यू.एन.डी.पी. (UNDP) मानव विकास सूचकांक (HDI) का उपयोग करता है जो तीन पहलुओं पर आधारित होता है:
🔹 जीवन प्रत्याशा (स्वास्थ्य)
🔹 शिक्षा स्तर
🔹 प्रति व्यक्ति आय
🌟 यह तरीका समग्र विकास को दर्शाता है, जबकि विश्व बैंक केवल आर्थिक पहलू देखता है।
🔷 6. हम औसत का प्रयोग क्यों करते हैं? इसके प्रयोग करने की क्या कोई सीमाएँ हैं? विकास से जुड़े अपने उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
🟢 उत्तर:
➕ औसत का प्रयोग अलग-अलग आँकड़ों का सामान्य मान निकालने के लिए किया जाता है, जैसे – प्रति व्यक्ति आय।
❌ सीमाएँ:
🔸 अगर आय वितरण असमान है, तो औसत भ्रामक हो सकता है।
📌 उदाहरण:
यदि चार लोगों की आय ₹2,000, ₹2,000, ₹2,000 और ₹14,000 हो तो औसत ₹5,000 होगी। लेकिन तीन लोग गरीब हैं, फिर भी औसत ऊँची दिखती है। इससे विकास का असली चित्र छिप जाता है।
🔷 7. प्रतिव्यक्ति आय कम होने पर भी केरल का मानव विकास क्रमांक हरियाणा से ऊँचा है। इसलिए प्रतिव्यक्ति आय एक उपयोगी मापदंड बिल्कुल नहीं है और राज्यों की तुलना के लिए इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। क्या आप सहमत हैं? चर्चा कीजिए।
🟢 उत्तर:
✅ हाँ, सहमत हूँ।
🔸 केरल में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ बहुत बेहतर हैं।
🔸 हरियाणा की आय अधिक है लेकिन लिंग अनुपात, शिक्षा स्तर और स्वास्थ्य सेवाएँ कमज़ोर हैं।
📌 इससे सिद्ध होता है कि वास्तविक विकास केवल आय पर नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता पर निर्भर करता है।
🔷 8. भारत के लोगों द्वारा ऊर्जा के किन स्रोतों का प्रयोग किया जाता है? विचार कीजिए। अब से 50 वर्षों पश्चात् क्या संभावनाएँ हो सकती हैं?
🟢 उत्तर:
💡 भारत में परंपरागत (लकड़ी, गोबर, कोयला) और आधुनिक (बिजली, गैस, पेट्रोल, सौर ऊर्जा) स्रोतों का प्रयोग होता है।
🌱 भविष्य में अक्षय ऊर्जा स्रोत जैसे – सौर, पवन, जलविद्युत पर अधिक निर्भरता बढ़ेगी।
🔷 9. स्थायीपन का विषय विकास के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
🟢 उत्तर:
♻ संसाधन सीमित हैं। यदि आज हम इनका अत्यधिक दोहन करेंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ संकट में पड़ेंगी।
📌 स्थायी विकास का लक्ष्य है – वर्तमान ज़रूरतें पूरी करना बिना भविष्य से समझौता किए।
🔷 10. कई बार यह तर्क लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन एक वर्ग विशेष के पास संसाधनों की अधिकता और अन्य वर्गों के पास कमी होती है। यह तर्क विकास की चर्चा में कैसे प्रभावी है? स्पष्ट कीजिए।
🟢 उत्तर:
💰 समाज में संसाधनों का असमान वितरण होता है। कुछ लोग अत्यधिक संपत्ति रखते हैं और कई बेसहारा रह जाते हैं।
📌 ऐसे में विकास असंतुलित रहता है और सामाजिक असंतोष उत्पन्न होता है।
🎯 न्यायपूर्ण संसाधन वितरण आवश्यक है।
🔷 11. परिवारों में भिन्नता के कुछ ऐसे उदाहरणों की सूची बनाइए जो आपने अपने आसपास देखे हों।
🟢 उत्तर:
📌 कुछ उदाहरण –
🔹 एक परिवार में सभी शिक्षित, दूसरे में कोई पढ़ा-लिखा नहीं।
🔹 एक परिवार अमीर, दूसरे में दो समय का भोजन कठिन।
🔹 एक के पास वाहन, दूसरा सार्वजनिक यातायात पर निर्भर।
🔹 एक में सभी स्वस्थ, दूसरे में बीमारियों की भरमार।
🔷 12. चित्र में 1.6 फीट से ज़्यादा लंबाई वाले स्तम्भ का विश्लेषण कीजिए कि कौन-सा देश सबसे ऊँचा है और कौन-सा सबसे नीचा।
🟢 उत्तर:
👉 (चित्र विश्लेषण छात्रों से अपेक्षित है; सामान्यतः आँकड़ा आधारित उत्तर)
मान लीजिए भारत सबसे ऊँचा और नेपाल सबसे नीचा है तो:
भारत का मानव विकास स्तर अन्य देशों से बेहतर है।
🔷 13. नीचे दी गई तालिका में भारत में महिलाओं (15–49 वर्ष आयु वर्ग) जिनका बी.एम.आई सामान्य से कम है – तुलनात्मक आँकड़े हैं। तालिका के आधार पर उत्तर दीजिए –
(क) केरल और मध्य प्रदेश के लोगों की पोषण स्तरों की तुलना कीजिए।
🟢 उत्तर:
📌 केरल में पुरुष: 8.5% और महिलाएँ: 10% सामान्य से कम बी.एम.आई वाले हैं, जबकि मध्यप्रदेश (सभी राज्यों औसत) में पुरुष: 20% और महिलाएँ: 23% हैं।
👉 इससे स्पष्ट है कि केरल का पोषण स्तर बेहतर है।
(ख) क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि इन आंकड़ों का प्रभाव हर क्षेत्र में क्यों है?
🟢 उत्तर:
💡 निम्न बी.एम.आई शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम और जीवन स्तर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
🎯 इससे स्पष्ट है कि पोषण स्तर का सीधा संबंध मानव विकास से है।
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प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न
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🔶 1. विकास की परिभाषा
विकास का अर्थ है जीवन स्तर को ऊँचा उठाने की प्रक्रिया, जिसमें आय, स्वास्थ्य, शिक्षा, बराबरी, स्वतंत्रता और जीवन की गुणवत्ता शामिल होती है।
🔶 2. लोगों की विकास की अवधारणाएं भिन्न होती हैं
कोई आय बढ़ाना चाहता है
कोई शिक्षा या स्वास्थ्य को प्राथमिकता देता है
महिलाएं बराबरी चाहती हैं
हर व्यक्ति के लिए विकास का अर्थ अलग हो सकता है।
🔶 3. राष्ट्रीय विकास क्या है?
देश के नागरिकों का समग्र कल्याण
सभी क्षेत्रों में संतुलित प्रगति
केवल कुल आय नहीं, बल्कि समान वितरण भी ज़रूरी
🔶 4. आय की तुलना कैसे होती है?
प्रति व्यक्ति आय = देश की कुल आय ÷ जनसंख्या
विश्व बैंक के अनुसार:
उच्च आय वाले देश: प्रति व्यक्ति आय $13,845 या उससे अधिक
भारत: निम्न-मध्यम आय वर्ग
🔶 5. केवल आय ही विकास का पैमाना नहीं
शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, लैंगिक समानता भी ज़रूरी
मानव विकास सूचकांक (HDI) में:
जीवन प्रत्याशा
शिक्षा स्तर
प्रति व्यक्ति आय शामिल
🔶 6. सतत विकास (Sustainable Development)
वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करना
भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखना
उदाहरण: भूजल का संरक्षण, प्रदूषण की रोकथाम
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