Class 10, Science (Hindi)

Class 10 : Science (In Hindi) – Lesson 9. प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन


🔵 प्रस्तावना
➡️ प्रकाश हमारे जीवन का आधार है। यह न केवल वस्तुओं को दृश्य बनाता है बल्कि तकनीकी उपकरणों के निर्माण में भी सहायक है।
➡️ प्रकाश से जुड़ी दो मूलभूत घटनाएँ हैं — परावर्तन और अपवर्तन।
➡️ इन घटनाओं के अध्ययन से हम दर्पण, लेंस, प्रिज्म और मानव नेत्र की कार्यप्रणाली को समझ पाते हैं।

🟠 प्रकाश का परावर्तन
🟡 परिभाषा
🔵 जब प्रकाश किरण किसी परावर्तक सतह से टकराकर उसी माध्यम में लौटती है, तो इसे परावर्तन कहते हैं।


🟢 परावर्तन के नियम
✔️ आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।
✔️ आपतन कोण = परावर्तन कोण।


🟣 समतल दर्पण


🔵 विशेषताएँ:
🟢 प्रतिबिंब आभासी, सीधा और वस्तु के बराबर होता है।
🟡 दर्पण के पीछे समान दूरी पर प्रतीत होता है।
🔴 दाएँ–बाएँ उल्टा दिखाई देता है (पार्श्व प्रतिवर्तन)।

🌿 गोल दर्पण
🟡 अवतल दर्पण
🔵 सतह भीतर की ओर वक्र।
🟢 उपयोग: दंत चिकित्सक दर्पण, सौर भट्टी।
🟡 वस्तु की दूरी के अनुसार प्रतिबिंब वास्तविक या आभासी, बड़ा या छोटा हो सकता है।


🟣 उत्तल दर्पण
🔵 सतह बाहर की ओर वक्र।
🟢 उपयोग: वाहन का पीछे देखने का दर्पण।
🟡 सदैव छोटा, आभासी और सीधा प्रतिबिंब देता है।

🟠 दर्पण सूत्र और आवर्धन
🔵 सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u
🟢 यहाँ f = फोकस दूरी, v = प्रतिबिंब दूरी, u = वस्तु दूरी।
🔴 आवर्धन सूत्र: M = – v/u या M = h₂/h₁

🟡 प्रकाश का अपवर्तन
🔵 परिभाषा
➡️ जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है और उसकी दिशा बदलती है, तो इसे अपवर्तन कहते हैं।


🟢 अपवर्तन के नियम
✔️ आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में रहते हैं।
✔️ अपवर्तन कोण और आपतन कोण का सम्बन्ध स्नेल के नियम द्वारा स्पष्ट किया जाता है।


🟡 अपवर्तन की स्थिति
🔵 विरल से सघन माध्यम – अभिलंब की ओर मुड़ना।


🟢 सघन से विरल माध्यम – अभिलंब से दूर मुड़ना।
🟡 कारण – माध्यम बदलने पर प्रकाश की चाल बदल जाती है।

🌿 लेंस
🟡 उत्तल लेंस
🔵 मध्य भाग मोटा, किनारे पतले।
🟢 इसे अभिसारी लेंस कहते हैं।
🟡 सूर्य की किरणें एक बिन्दु पर एकत्रित कर सकता है।
🔴 उपयोग – आवर्धक काँच, दूर दृष्टि दोष सुधार।


🟣 अवतल लेंस
🔵 मध्य भाग पतला, किनारे मोटे।
🟢 इसे अपसारी लेंस कहते हैं।
🟡 उपयोग – निकट दृष्टि दोष सुधार।

🟠 लेंस सूत्र और आवर्धन
🔵 सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u
🟢 यहाँ f = फोकस दूरी, v = प्रतिबिंब दूरी, u = वस्तु दूरी।
🔴 आवर्धन: M = v/u या M = h₂/h₁

🔵 लेंस में प्रतिबिंब निर्माण


उत्तल लेंस में:
वस्तु अनन्त पर → प्रतिबिंब फोकस पर, छोटा, वास्तविक, उल्टा।
वस्तु 2f से बाहर → प्रतिबिंब f और 2f के बीच, छोटा, वास्तविक, उल्टा।
वस्तु 2f पर → प्रतिबिंब 2f पर, समान आकार, वास्तविक, उल्टा।


वस्तु f और 2f के बीच → प्रतिबिंब 2f से बाहर, बड़ा, वास्तविक, उल्टा।
वस्तु f पर → प्रतिबिंब अनन्त पर।
वस्तु f और लेंस के बीच → प्रतिबिंब लेंस की उसी ओर, बड़ा, आभासी, सीधा।


अवतल लेंस में:
किसी भी दूरी पर वस्तु रखने पर प्रतिबिंब आभासी, छोटा और सीधा बनता है।

🟡 प्रिज्म और विसरण
🔵 प्रिज्म से प्रकाश दो बार अपवर्तित होता है।
🟢 श्वेत प्रकाश सात रंगों में विभाजित होता है – बैंगनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल।
🟡 इसे विसरण कहते हैं।
🔴 उदाहरण – इंद्रधनुष।

🌿 पूर्ण आंतरिक परावर्तन
🔵 परिभाषा: जब आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा हो तो प्रकाश पूरी तरह परावर्तित होकर वापस उसी माध्यम में लौटता है।
🟢 उपयोग – ऑप्टिकल फाइबर, पेरिस्कोप, हीरे की चमक।

🔴 मानव नेत्र और दोष
🔵 मानव नेत्र
उत्तल लेंस के कारण प्रकाश रेटिना पर वास्तविक प्रतिबिंब देता है।


🟢 निकट दृष्टि दोष
दूर की वस्तुएँ धुँधली।
अवतल लेंस से सुधार।


🟡 दूर दृष्टि दोष
पास की वस्तुएँ धुँधली।
उत्तल लेंस से सुधार।


🔴 वृद्धावस्था दोष
आयु बढ़ने पर लेंस का लचीलापन कम हो जाता है।
द्विफोकसीय लेंस से सुधार।

🟢 प्रकाश के अनुप्रयोग
🔵 वाहन का पीछे देखने का दर्पण – उत्तल दर्पण।
🟢 दंत चिकित्सक दर्पण – अवतल दर्पण।
🟡 सौर भट्टी – अवतल दर्पण।


🔴 आवर्धक काँच – उत्तल लेंस।
🟣 चश्मे – दृष्टि दोष सुधार।
🟠 कैमरा, दूरबीन, सूक्ष्मदर्शी – लेंस और दर्पण का उपयोग।

🟢 संक्षेप (~200 शब्द)
प्रकाश के अध्ययन में परावर्तन और अपवर्तन मूलभूत हैं।
दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u, लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u।
समतल दर्पण आभासी, सीधा प्रतिबिंब देता है।


अवतल दर्पण वास्तविक व उल्टा प्रतिबिंब भी दे सकता है, जबकि उत्तल दर्पण सदैव छोटा प्रतिबिंब।
उत्तल लेंस अभिसारी और अवतल लेंस अपसारी होते हैं।


प्रिज्म से श्वेत प्रकाश का विसरण होता है।
पूर्ण आंतरिक परावर्तन से ऑप्टिकल फाइबर और हीरे की चमक संभव है।
मानव नेत्र उत्तल लेंस पर आधारित है और इसके दोष चश्मों से सुधारे जाते हैं।

📝 त्वरित दोहरान
🔵 परावर्तन = प्रकाश का लौटना
🟢 अपवर्तन = माध्यम बदलने पर मुड़ना
🟡 दर्पण सूत्र = 1/f = 1/v + 1/u
🔴 लेंस सूत्र = 1/f = 1/v – 1/u
🟣 उत्तल लेंस = अभिसारी, अवतल लेंस = अपसारी
🟠 प्रिज्म = विसरण (7 रंग)
🟤 नेत्र दोष = निकट दृष्टि (अवतल), दूर दृष्टि (उत्तल), वृद्धावस्था (द्विफोकसीय)

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न


प्रश्न 1. निम्न में से कौन–सा पदार्थ लेंस बनाने के लिए प्रयुक्त नहीं किया जा सकता?
(a) जल
(b) काँच
(c) प्लास्टिक
(d) मिट्टी
उत्तर 1.
🔵 मिट्टी पारदर्शी नहीं होती है, अतः इससे लेंस नहीं बनाया जा सकता।
✔️ सही उत्तर: (d) मिट्टी

प्रश्न 2. किस स्थिति में अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा बड़ा पाया जाता है?
(a) मुख्य फोकस तथा वक्रता केन्द्र के बीच
(b) अनन्त पर
(c) वक्रता केन्द्र से परे
(d) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच
उत्तर 2.
🔵 जब वस्तु दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच रखी जाती है, तब प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा बनता है।
✔️ सही उत्तर: (d)

प्रश्न 3. किसी बिंब का वास्तविक तथा समान आकार का प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए उत्तल लेंस के सामने वस्तु कहाँ रखें?
(a) लेंस के मुख्य फोकस पर
(b) फोकस दूरी की दोगुनी दूरी पर
(c) अनन्त पर
(d) लेंस के प्रकाशीय केन्द्र तथा मुख्य फोकस के बीच
उत्तर 3.
🔵 जब वस्तु 2f पर रखी जाती है तो प्रतिबिंब भी 2f पर बनता है और समान आकार का होता है।
✔️ सही उत्तर: (b)

प्रश्न 4. किसी गोलाकार दर्पण तथा किसी पतले गोलाभ लेंस दोनों की फोकस दूरी –15 cm है। दर्पण तथा लेंस सम्भवतः हैं—
(a) दोनों अवतल
(b) दोनों उत्तल
(c) दर्पण अवतल तथा लेंस उत्तल
(d) दर्पण उत्तल तथा लेंस अवतल
उत्तर 4.
🔵 ऋणात्मक फोकस दूरी अवतल दर्पण और अवतल लेंस की होती है।
✔️ सही उत्तर: (a)

प्रश्न 5. किसी दर्पण के आगे चाहे कितनी ही दूरी पर खड़े हों, आपका प्रतिबिंब सदैव सीधा और प्रत्यक्ष होता है। सम्भवतः वह—
(a) केवल समतल
(b) केवल अवतल
(c) केवल उत्तल
(d) या तो समतल अथवा उत्तल
उत्तर 5.
🔵 समतल दर्पण सदैव सीधा और आभासी प्रतिबिंब देता है।
✔️ सही उत्तर: (a)

प्रश्न 6. किसी शब्दकोष (डिक्शनरी) में पाए छोटे–छोटे अक्षरों को पढ़ते समय आप निम्नलिखित में से कौन–सा लेंस पसंद करेंगे?
(a) 50 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(b) 50 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
(c) 5 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(d) 5 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
उत्तर 6.
🔵 अक्षरों को बड़ा करने के लिए आवर्धक लेंस प्रयोग होता है, यानी छोटा फोकस दूरी वाला उत्तल लेंस।
✔️ सही उत्तर: (c)

प्रश्न 7. 15 cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण का उपयोग करते हुए हम किसी बिंब का सीधा प्रतिबिंब बनाना चाहते हैं। यह बिंब अधिकतम दूरी की किस परास (range) पर बनना चाहिए?
उत्तर 7.
🔵 अवतल दर्पण द्वारा सीधा प्रतिबिंब केवल तब बनता है जब वस्तु फोकस और ध्रुव के बीच रखी हो।
🟢 अतः वस्तु की दूरी 0 से 15 cm के बीच होनी चाहिए।

प्रश्न 8. विभिन्न स्थितियों में प्रयुक्त दर्पण का प्रकार बताइए—
(a) किसी कार का अग्र–दीप (हेड–लाइट)
(b) किसी वाहन का पार्श्व/पृष्ठ–दृश्य दर्पण
(c) सौंदर्य दर्पण
उत्तर 8.
🔵 (a) अग्र–दीप → अवतल दर्पण (किरणों को एक दिशा में डालने हेतु)
🟢 (b) पृष्ठ–दृश्य दर्पण → उत्तल दर्पण (विस्तृत क्षेत्र देखने हेतु)
🟡 (c) सौंदर्य दर्पण → अवतल दर्पण (चेहरा बड़ा व स्पष्ट दिखाने हेतु)

प्रश्न 9. किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज से ढक दिया गया है। क्या यह लेंस किसी बिंब का पूरा प्रतिबिंब बना पाएगा?
उत्तर 9.
🔵 हाँ, पूरा प्रतिबिंब बनेगा, परंतु प्रकाश की मात्रा कम हो जाएगी।
🟢 क्योंकि लेंस का प्रत्येक भाग संपूर्ण बिंब बनाने की क्षमता रखता है।

प्रश्न 10. 5 cm लम्बा कोई बिंब 10 cm फोकस दूरी के किसी अवतल लेंस से 25 cm दूरी पर रखा जाता है। प्रकाश किरण–आरेख बनाइए और प्रतिबिंब की स्थिति, दिशा और प्रकृति बताइए।
उत्तर 10.
चरणबद्ध हल:
लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u
f = –10 cm, u = –25 cm
1/v = 1/f + 1/u
= (–1/10) + (–1/25)
= (–5 – 2)/50
= –7/50
v = –50/7 cm ≈ –7.14 cm
🔵 प्रतिबिंब: आभासी, सीधा, छोटा और वस्तु की उसी ओर।

प्रश्न 11. 15 cm फोकस दूरी का कोई अवतल लेंस किसी बिंब का प्रतिबिंब लेंस से 10 cm दूरी पर बनाता है। वस्तु की स्थिति ज्ञात कीजिए।
उत्तर 11.
लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u
f = –15 cm, v = –10 cm
1/u = 1/v – 1/f
= (–1/10) – (–1/15)
= (–3 + 2)/30
= –1/30
u = –30 cm
🔵 वस्तु की स्थिति: लेंस से 30 cm दूरी पर।

प्रश्न 12. 15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण से कोई बिंब 10 cm दूरी पर बनता है। वस्तु की स्थिति ज्ञात कीजिए।
उत्तर 12.
दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u
f = +15 cm, v = –10 cm
1/u = 1/f – 1/v
= (1/15) – (–1/10)
= (2 + 3)/30
= 5/30
u = +6 cm
🔵 वस्तु की स्थिति: दर्पण से 6 cm सामने।

प्रश्न 13. एक समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन +1 है। इसका क्या अर्थ है?
उत्तर 13.
🔵 प्रतिबिंब वस्तु के बराबर आकार का है, सीधा है और आभासी है।

प्रश्न 14. 5 cm लम्बाई का कोई बिंब 30 cm फोकस दूरी वाले उत्तल दर्पण से 20 cm दूरी पर रखा है। प्रतिबिंब की स्थिति, प्रकृति तथा आकार ज्ञात कीजिए।
उत्तर 14.
दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u
f = +30 cm, u = –20 cm
1/v = 1/f – 1/u
= (1/30) – (–1/20)
= (2 + 3)/60
= 5/60
v = 12 cm
🔵 प्रतिबिंब: आभासी, छोटा, सीधा और 12 cm पर।

प्रश्न 15. 7 cm आकार का कोई बिंब 18 cm फोकस दूरी के किसी अवतल दर्पण से 27 cm दूरी पर रखा गया। प्रतिबिंब की स्थिति और आकार ज्ञात कीजिए।
उत्तर 15.
दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u
f = –18 cm, u = –27 cm
1/v = 1/f – 1/u
= (–1/18) – (–1/27)
= (–3 + 2)/54
= –1/54
v = –54 cm
आवर्धन M = – v/u
= – (–54)/(–27)
= –2
🔵 प्रतिबिंब: वास्तविक, उल्टा, आकार = 2 × 7 = 14 cm

प्रश्न 16. उस लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी शक्ति –2.0 D है।
उत्तर 16.
सूत्र: P = 100/f (cm)
f = 100/P
= 100 / –2
= –50 cm
🔵 फोकस दूरी = –50 cm (अवतल लेंस)।

प्रश्न 17. कोई डॉक्टर –1.5 D शक्ति का चश्मा निर्धारित करता है। यह किस दृष्टि दोष को सुधारने के लिए प्रयोग किया जाता है?
उत्तर 17.
🔵 नकारात्मक शक्ति वाला लेंस अवतल होता है।
🟢 यह निकट दृष्टि दोष (Myopia) को सुधारने हेतु प्रयोग किया जाता है।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

🔵 खंड A (Q1–Q20, प्रत्येक 1 अंक)
Q1. प्रकाश का वेग किस माध्यम में अधिक होता है?
वायु
जल
काँच
तेल
उत्तर: 1


Q2. समतल दर्पण में बनने वाला प्रतिबिंब—
आभासी और उल्टा
वास्तविक और सीधा
आभासी और सीधा
वास्तविक और उल्टा
उत्तर: 3


Q3. दर्पण सूत्र है—
1/f = 1/v – 1/u
1/f = 1/v + 1/u
f = u + v
f = uv
उत्तर: 2


Q4. 10 cm फोकस दूरी के अवतल दर्पण में वस्तु 30 cm पर रखी हो तो प्रतिबिंब—
वास्तविक, उल्टा, छोटा
वास्तविक, उल्टा, बड़ा
आभासी, सीधा, बड़ा
आभासी, सीधा, छोटा
उत्तर: 1


Q5. उत्तल दर्पण का उपयोग होता है—
दाढ़ी बनाने के लिए
वाहन का पीछे देखने वाला दर्पण
सूर्य किरण एकत्र करने के लिए
सौर भट्टी
उत्तर: 2


Q6. 15 cm फोकस दूरी के उत्तल लेंस में वस्तु अनन्त पर हो तो प्रतिबिंब—
फोकस पर, छोटा, वास्तविक
2f पर, समान आकार
लेंस की उसी ओर, बड़ा
अनन्त पर
उत्तर: 1


Q7. अपवर्तन का कारण है—
प्रकाश का परावर्तन
प्रकाश की चाल बदलना
दर्पण का आकार
परासरण
उत्तर: 2


Q8. अवतल लेंस सदैव—
वास्तविक प्रतिबिंब देता है
आभासी प्रतिबिंब देता है
उल्टा प्रतिबिंब देता है
बढ़ा हुआ प्रतिबिंब देता है
उत्तर: 2


Q9. आँख के दोष सुधारने हेतु अवतल लेंस प्रयोग होता है—
दूर दृष्टि दोष
वृद्धावस्था दोष
निकट दृष्टि दोष
रंगांधता
उत्तर: 3


Q10. प्रिज्म से प्रकाश गुजरने पर—
परावर्तन होता है
विसरण होता है
प्रकाश तीव्र हो जाता है
कोई परिवर्तन नहीं
उत्तर: 2

🟡 कथन–कारण प्रश्न (Q11–Q20)
👉 विकल्प:
दोनों कथन और कारण सही हैं; कारण कथन की सही व्याख्या है
दोनों कथन और कारण सही हैं; कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है
कथन सही है; कारण गलत है
कथन गलत है; कारण सही है
Q11.
कथन: समतल दर्पण में बनने वाला प्रतिबिंब आभासी और सीधा होता है।
कारण: परावर्तन के नियम समतल दर्पण पर लागू होते हैं।
उत्तर: 1


Q12.
कथन: उत्तल दर्पण का उपयोग पीछे देखने के लिए होता है।
कारण: उत्तल दर्पण विस्तृत दृश्य क्षेत्र प्रदान करता है।
उत्तर: 1


Q13.
कथन: अवतल लेंस का उपयोग दूर दृष्टि दोष सुधारने के लिए किया जाता है।
कारण: दूर दृष्टि दोष में दूर की वस्तुएँ धुंधली दिखती हैं।
उत्तर: 3


Q14.
कथन: उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहते हैं।
कारण: यह प्रकाश किरणों को अभिलंब से दूर करता है।
उत्तर: 2


Q15.
कथन: अपवर्तन के कारण जल में डूबी वस्तुएँ ऊपर उठी प्रतीत होती हैं।
कारण: प्रकाश की चाल विभिन्न माध्यमों में भिन्न होती है।
उत्तर: 1


Q16.
कथन: क्रांतिक कोण से अधिक आपतन कोण पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है।
कारण: प्रकाश अभिलंब की ओर मुड़ता है।
उत्तर: 3


Q17.
कथन: अवतल दर्पण का उपयोग सूर्य किरणों को एकत्र करने हेतु होता है।
कारण: अवतल दर्पण किरणों को एक बिन्दु पर अभिसारित करता है।
उत्तर: 1


Q18.
कथन: समतल दर्पण सदैव आवर्धित प्रतिबिंब देता है।
कारण: प्रतिबिंब आभासी होता है।
उत्तर: 3


Q19.
कथन: लेंस की शक्ति (P) फोकस दूरी पर निर्भर है।
कारण: P = 100/f (cm में)।
उत्तर: 1


Q20.
कथन: इंद्रधनुष अपवर्तन और परावर्तन दोनों के कारण बनता है।
कारण: जल बूँदें प्रिज्म की तरह कार्य करती हैं।
उत्तर: 1

🟢 खंड B (Q21–Q26, 2 अंक प्रत्येक)
Q21. समतल दर्पण की दो विशेषताएँ लिखो।
उत्तर 21.
🔵 प्रतिबिंब आभासी और सीधा होता है।
🟢 वस्तु के बराबर आकार का होता है।


Q22. अपवर्तन की परिभाषा लिखो।
उत्तर 22.
🔵 माध्यम बदलने पर प्रकाश की चाल बदलने से किरण का मुड़ना अपवर्तन कहलाता है।


Q23. उत्तल दर्पण का एक उपयोग बताओ।
उत्तर 23.
🔵 वाहन का पीछे देखने का दर्पण।


Q24. अवतल लेंस से बनने वाले प्रतिबिंब की विशेषता बताओ।
उत्तर 24.
🔵 सदैव आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब।


Q25. फोकस दूरी और शक्ति में सम्बन्ध लिखो।
उत्तर 25.
P = 100/f (cm में)


Q26. पूर्ण आंतरिक परावर्तन का एक प्रयोग लिखो।
उत्तर 26.
🔵 ऑप्टिकल फाइबर संचार प्रणाली।

🟡 खंड C (Q27–Q33, 3 अंक प्रत्येक)
Q27. अवतल दर्पण में वस्तु अनन्त पर हो तो प्रतिबिंब कहाँ बनेगा और उसकी विशेषताएँ लिखो।
उत्तर 27.
🔵 प्रतिबिंब फोकस पर बनेगा।
🟢 छोटा, वास्तविक और उल्टा।


Q28. उत्तल लेंस के प्रयोग से आवर्धक काँच कैसे कार्य करता है?
उत्तर 28.
🔵 जब वस्तु फोकस और लेंस के बीच रखी जाती है तो प्रतिबिंब लेंस की उसी ओर, आभासी और बड़ा बनता है।


Q29. 20 cm फोकस दूरी वाले अवतल दर्पण में वस्तु 30 cm पर रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात करो।
उत्तर 29.
दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u
f = –20 cm, u = –30 cm
1/v = 1/f – 1/u
= (–1/20) – (–1/30)
= (–3 + 2)/60
= –1/60
v = –60 cm
🔵 प्रतिबिंब: वास्तविक, उल्टा, बड़ा।


Q30. प्रिज्म से प्रकाश का विसरण क्यों होता है?
उत्तर 30.
🔵 विभिन्न रंगों की किरणों की चाल भिन्न होती है।
🟢 इसलिए प्रत्येक रंग अलग कोण पर मुड़ता है।


Q31. मानव नेत्र की कार्यप्रणाली संक्षेप में लिखो।
उत्तर 31.
🔵 नेत्र लेंस प्रकाश को रेटिना पर अपवर्तित कर वास्तविक व उल्टा प्रतिबिंब बनाता है।


Q32. वृद्धावस्था दोष कैसे सुधारते हैं?
उत्तर 32.
🔵 द्विफोकसीय लेंस द्वारा।


Q33. अवतल और उत्तल लेंस में अंतर लिखो।
उत्तर 33.
🔵 अवतल: किनारे मोटे, मध्य पतला, अपसारी।
🟢 उत्तल: किनारे पतले, मध्य मोटा, अभिसारी।

🔴 खंड D (Q34–Q36, 5 अंक प्रत्येक)
Q34. अवतल दर्पण से बनने वाले प्रतिबिंबों को विभिन्न अवस्थाओं में चित्र सहित समझाओ।
उत्तर 34.
🔵 वस्तु की स्थिति के अनुसार प्रतिबिंब फोकस, 2f, वक्रता केन्द्र आदि पर अलग–अलग रूप से बनता है।
🟢 चित्र में प्रत्येक स्थिति (अनन्त, 2f से बाहर, 2f पर, f और 2f के बीच, f पर, f के भीतर) दर्शाना है।


Q35. 10 cm फोकस दूरी का उत्तल लेंस है। वस्तु 15 cm पर रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति व प्रकृति ज्ञात करो।
उत्तर 35.
लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u
f = +10 cm, u = –15 cm
1/v = 1/f + 1/u
= (1/10) + (–1/15)
= (3 – 2)/30
= 1/30
v = 30 cm
🔵 प्रतिबिंब: वास्तविक, उल्टा, बड़ा और 30 cm पर।


Q36. मानव नेत्र में विभिन्न दोषों और उनके सुधार का वर्णन करो।
उत्तर 36.
🔵 निकट दृष्टि दोष – दूर की वस्तुएँ धुँधली, अवतल लेंस से सुधार।
🟢 दूर दृष्टि दोष – पास की वस्तुएँ धुँधली, उत्तल लेंस से सुधार।
🟡 वृद्धावस्था दोष – आयु बढ़ने पर लेंस कठोर, द्विफोकसीय लेंस से सुधार।

🟣 खंड E (Q37–Q39, 4 अंक प्रत्येक)
Q37.
एक छात्र ने अवतल दर्पण से 20 cm दूरी पर वस्तु रखी। दर्पण की फोकस दूरी 15 cm है।
(i) प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात करो।
(ii) उसकी प्रकृति बताओ।
उत्तर 37.
1/f = 1/v + 1/u
f = –15 cm, u = –20 cm
1/v = –1/15 – (–1/20)
= (–4 + 3)/60
= –1/60
v = –60 cm
🔵 प्रतिबिंब: वास्तविक, उल्टा, बड़ा।

Q38.
एक वैज्ञानिक ने प्रिज्म से सफेद प्रकाश डाला और सात रंगों का स्पेक्ट्रम देखा।
(i) इस प्रक्रिया का नाम बताओ।
(ii) कौन–सा रंग सबसे अधिक मुड़ता है?
(iii) कौन–सा रंग सबसे कम मुड़ता है?
उत्तर 38.
🔵 (i) विसरण
🟢 (ii) बैंगनी
🟡 (iii) लाल

Q39.
एक व्यक्ति को पास की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं।
(i) यह कौन–सा दोष है?
(ii) इसका कारण क्या है?
(iii) इसे किस लेंस से सुधारा जाता है?
उत्तर 39.
🔵 दोष: दूर दृष्टि दोष
🟢 कारण: नेत्रगोलक छोटा या लेंस की शक्ति कम
🟡 सुधार: उत्तल लेंस

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