BIOLOGY (Hindi), Class 12

Class 12 : Biology (Hindi) – अध्याय 2: मानव जनन

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन


🔶 1. प्रस्तावना
मनुष्यों में जनन यौन जनन (लैंगिक जनन) होता है, जिसमें नर और मादा जनन अंगों की भागीदारी आवश्यक होती है। इस प्रक्रिया में दोनों के जनन तंत्र (प्रजनन तंत्र), जनन कोशिकाएँ (गैमेट्स), निषेचन (निषेचन), भ्रूण विकास (गर्भावस्था), एवं प्रसव (शिशु जन्म) की कई अवस्थाएँ होती हैं।

🔶 2. पुरुष जनन तंत्र (नर प्रजनन तंत्र)
इसमें निम्नलिखित अंग शामिल होते हैं:
🟢 (क) वृषण (अंडकोष) –
➤ यह एक जोड़े में स्क्रोटम (वृषण थैली) में स्थित होता है।
➤ इनमें शुक्राणु तथा टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का निर्माण होता है।
➤ प्रत्येक वृषण के भीतर वृक्क-कोष-नलिका (सेमिनिफेरस ट्यूब्यूल्स) होती हैं, जहाँ शुक्राणु बनते हैं।
🟢 (ख) जनन नलिकाएँ –
➤ वृषण से निकलने वाले शुक्राणु एपिडीडिमिस (अंडग्रंथि) में एकत्र होते हैं।
➤ इसके बाद वे वास डिफरेंस (शुक्र वाहिनी), अम्पुला और यूरेथ्रा से होते हुए बाहर निकलते हैं।
🟢 (ग) सहायक ग्रंथियाँ –
➤ बीजकोशिका ग्रंथि (सेमिनल वेसिकल) – शुक्राणु के साथ पोषणयुक्त तरल जोड़ती है।
➤ पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट ग्लैंड) – बीज को तरलता प्रदान करती है।
➤ काऊपर ग्रंथि – योनि को चिकनाई प्रदान करती है।
🟢 (घ) लिंग (शिश्न) –
➤ यह जननांग है जिससे शुक्राणु स्त्री जनन मार्ग में प्रविष्ट कराए जाते हैं।



🔶 3. स्त्री जनन तंत्र (मादा प्रजनन तंत्र)
यह श्रोणि गुहा में स्थित होता है और इसमें शामिल हैं:
🟢 (क) अंडाशय (डिम्बग्रंथि) –
➤ स्त्रियों में एक जोड़ी अंडाशय होती हैं।
➤ यहीं अंडाणु (डिम्ब) बनते हैं और हार्मोन – एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन – का स्राव होता है।
🟢 (ख) डिम्ब वाहिनी (फैलोपियन नली) –
➤ अंडाशय से निकलने वाला अंडाणु यहीं निषेचित होता है।
➤ इसमें इन्फुंडिबुलम, एम्पुला, इस्थमस आदि भाग होते हैं।
🟢 (ग) गर्भाशय (यूटरस) –
➤ निषेचित अंडाणु (zygote) यहीं आरोपित होता है और भ्रूण विकास होता है।
🟢 (घ) योनि (वैजाइना) –
➤ यह जनन मार्ग का अंतिम भाग होता है।
➤ यह मासिक स्त्राव तथा प्रसव मार्ग का कार्य भी करती है।



🔶 4. जनन कोशिकाएँ (गैमेट्स)
🟢 (क) शुक्राणु (नर जनन कोशिका) –


➤ वृषण में बनता है।
➤ सिर, मध्य भाग और पूँछ होती है।
➤ अति गतिशील होती है।
🟢 (ख) डिम्ब (अंडाणु) –


➤ अंडाशय में बनता है।
➤ यह आकार में बड़ा, गोल और गतिहीन होता है।

🔶 5. जनन चक्र और मासिक चक्र
🟢 मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle) –
➤ यह औसतन 28 दिनों का होता है।
➤ इसमें चार अवस्थाएँ होती हैं:
① मासिक स्त्राव
② डिम्बोत्सर्जन
③ निषेचन की प्रतीक्षा
④ गर्भाशय की परत का झड़ना
🟢 डिम्बोत्सर्जन (Ovulation) –
➤ मासिक चक्र के मध्य (14वें दिन) होता है।
➤ इसमें ग्राफियन फॉलिकिल से अंडाणु बाहर निकलता है।

🔶 6. निषेचन और आरोपण (Fertilization & Implantation)
🟢 निषेचन –
➤ जब शुक्राणु और अंडाणु मिलते हैं (आमतौर पर फैलोपियन नली में)
➤ इसके परिणामस्वरूप संयोजी अंडाणु (zygote) बनता है।
🟢 आरोपण –
➤ निषेचित अंडाणु गर्भाशय की भित्ति में आरोपित होता है (6–7 दिन बाद)।
➤ इसके बाद भ्रूण का विकास शुरू होता है।

🔶 7. भ्रूण विकास (Embryonic Development)
🟢 संयोजी अंडाणु कई बार विभाजित होकर मोरुला, फिर ब्लास्टुला और अंत में गैस्ट्रुला बनाता है।
🟢 गर्भनाल (प्लेसेंटा) और एम्नियॉनिक थैली का निर्माण होता है।
🟢 भ्रूण को पोषण और ऑक्सीजन प्लेसेंटा से मिलता है।

🔶 8. गर्भकाल एवं प्रसव
🟢 गर्भावधि – औसतन 280 दिन या 40 सप्ताह होती है।
🟢 प्रसव – तीन अवस्थाएँ होती हैं:
① गर्भाशय संकुचन और ग्रीवा का चौड़ा होना
② शिशु जन्म
③ अपरा (प्लेसेंटा) का निष्कासन

📚 पाठ – मानव जनन | संक्षेप (300 शब्द)
मानवों में जनन लैंगिक होता है, जिसमें नर और मादा जनन तंत्र आवश्यक होते हैं। पुरुषों में वृषण, जनन नलिकाएँ, सहायक ग्रंथियाँ और शिश्न होते हैं। वृषण में शुक्राणु और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बनते हैं। मादा तंत्र में अंडाशय, डिम्ब वाहिनी, गर्भाशय और योनि शामिल होती हैं। अंडाशय अंडाणु और हार्मोन उत्पन्न करता है, जबकि निषेचन डिम्ब वाहिनी में होता है।


मासिक धर्म चक्र लगभग 28 दिनों का होता है, जिसमें डिम्बोत्सर्जन 14वें दिन होता है। निषेचन के बाद संयोजी अंडाणु गर्भाशय में आरोपित होता है और भ्रूण का विकास शुरू होता है। भ्रूण पोषण प्लेसेंटा से प्राप्त करता है। संपूर्ण गर्भकाल लगभग 9 महीनों का होता है, जिसके पश्चात प्रसव होता है। यह सभी घटनाएँ एक क्रमबद्ध जैविक प्रक्रिया के अंतर्गत होती हैं, जो संतुलित हार्मोन नियंत्रण से संचालित होती हैं।


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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न



🔶 प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें —
(क) मानव आन्तरिक लैंगिक उत्पत्ति वाला है।
(ख) मानव डायोज़िक, सजीवप्रसू, अण्डजनक हैं।
(ग) मानव में आन्तरिक निषेचन होता है।
(घ) नर एवं मादा गुप्तांग युग्मकीय होते हैं।
(ङ) युग्मनन आन्तरिक होता है।
(च) एक परिपक्व पुंजन से अण्डाणु (ओवा) के मोचित होने की प्रक्रिया को डिम्बोत्सर्जन कहते हैं।
(छ) अण्डोत्सर्ग (ओव्यूलेशन) एस्ट्रोजेन नामक हॉर्मोन द्वारा प्रेरित (इनड्यूस्ड) होता है।
(ज) नर एवं स्त्री के युग्मक के संलयन (युग्मन) को निषेचन कहते हैं।
(झ) निषेचन फैलोपियन नली में सम्पन्न होता है।
(ञ) युग्मनन निष्पन्न होकर युग्मनज की रचना करता है जो गर्भाशय में अन्तःरोपित (इम्प्लांटेड) होता है।
(ट) शुक्राणु और गर्भाशय के बीच सबसे अधिक स्पर्श बनाने वाली संरचना को प्लेसेंटा कहते हैं।

🔶 प्रश्न 2. पुरुष जनन-तंत्र का एक नामांकित आलेख बनाइए।


🔸 उत्तर:
यह एक नामांकित रेखाचित्र होगा जिसमें निम्नलिखित भाग स्पष्ट रूप से दर्शाए जाने चाहिए:
वृषण (Testes)
अधिवृषण (Epididymis)
वाहिनी अपवाही (Vas deferens)
शुक्राणु वाहिनी (Sperm duct)
मूत्रमार्ग (Urethra)
लिंग (Penis)
सहायक ग्रंथियाँ — शुक्रग्रंथि, पौरुष ग्रंथि, काउपर्स ग्रंथि
📌 रेखाचित्र में स्पष्ट लेबल और दिशा-बोध आवश्यक है।

🔶 प्रश्न 3. स्त्री जनन-तंत्र का एक नामांकित आलेख बनाइए।


🔸 उत्तर:
यह नामांकित रेखाचित्र निम्न भागों को दर्शाएगा:
अण्डग्रंथियाँ (Ovaries)
डिम्बवाहिनी (फैलोपियन ट्यूब)
गर्भाशय (Uterus)
गर्भाशयग्रीवा (Cervix)
योनि (Vagina)
📌 लेबलिंग में दाएँ-बाएँ अण्डग्रंथियाँ और फैलोपियन नलियाँ दर्शाना अनिवार्य है।

🔶 प्रश्न 4. वृषण तथा अंडग्रंथ के चार में प्रत्येक के दो-दो प्रमुख कार्यों का वर्णन करें।
🔸 उत्तर:
(क) वृषण (Testes):
शुक्राणुओं का निर्माण (स्पर्मेटोजेनेसिस)।
टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का स्त्रवण जो पुरुष लक्षणों को नियन्त्रित करता है।
(ख) अंडग्रंथि (Ovary):
अण्डाणुओं का निर्माण (Oogenesis)।
एस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्ट्रोन हॉर्मोन का स्त्रवण।

🔶 प्रश्न 5. शुक्राणु वाहिनी की संरचना का वर्णन करें।
🔸 उत्तर:
शुक्राणु वाहिनी में निम्न भाग सम्मिलित हैं:
वृषण नलिका (Seminiferous tubule) — जहाँ शुक्राणु बनते हैं।
अधिवृषण (Epididymis) — जहाँ शुक्राणु परिपक्व होते हैं।
वाहिनी अपवाही (Vas deferens) — शुक्राणुओं को अधिवृषण से मूत्रमार्ग तक पहुँचाती है।
संयुक्त वाहिनी (Ejaculatory duct) — जिसमें शुक्राणु व स्राव मिलते हैं।
मूत्रमार्ग (Urethra) — जिससे शुक्राणु शरीर से बाहर निकलते हैं।

🔶 प्रश्न 6. शुक्राणुजनन क्या है? संक्षेप में शुक्राणुजनन की प्रक्रिया का वर्णन करें।
🔸 उत्तर:
शुक्राणुजनन एक जैविक प्रक्रिया है जिसमें वृषण की शुक्राणुजनन नलिकाओं में शुक्राणु बनते हैं।
इसमें तीन चरण होते हैं:
गुणसूत्रीय गुणजनन: स्पर्मेटोगोनिया कोशिकाएँ माइटोसिस द्वारा स्पर्मेटोसाइट बनाती हैं।
मियोटिक विभाजन: प्राथमिक स्पर्मेटोसाइट द्वितीयक में और फिर स्पर्मेटिड में विभाजित होते हैं।
स्पर्मियोजेनेसिस: स्पर्मेटिड → परिपक्व शुक्राणु।

🔶 प्रश्न 7. शुक्राणुजनन की प्रक्रिया के नियंत्रण में शामिल हार्मोनों के नाम बताइए।
🔸 उत्तर:
शुक्राणुजनन में निम्न हार्मोन भूमिका निभाते हैं:
गोनैडोट्रॉपिन रिलीजिंग हार्मोन (GnRH) — हाइपोथैलेमस से स्रवित होता है।
FSH (फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन) — सेर्टोली कोशिकाओं को सक्रिय करता है।
LH (ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन) — लीडिग कोशिकाओं को टेस्टोस्टेरोन स्त्रवण हेतु प्रेरित करता है।
टेस्टोस्टेरोन — शुक्राणुजनन को बनाए रखता है।


🔶 प्रश्न 8. शुक्राणु एवं ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्ग) की परिभाषा लिखिए।
🔸 उत्तर:
(क) शुक्राणु (Sperm):
यह पुरुष जनन-तंत्र में उत्पन्न सूक्ष्म एककोशकीय युग्मक कोशिका है, जिसकी संरचना सिर, मध्य भाग और पूँछ में होती है। यह अंडाणु के साथ संलयन कर निषेचन करता है।
(ख) ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्ग):
यह वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें परिपक्व अंडाणु अंडग्रंथि से बाहर निकलकर डिम्बवाहिनी में प्रविष्ट होता है। यह प्रक्रिया स्त्रियों के मासिक चक्र के मध्य (लगभग 14वें दिन) में होती है।

🔶 प्रश्न 9. शुक्राणु का एक नामांकित आलेख बनाइए।


🔸 उत्तर:
शुक्राणु का नामांकित आलेख में निम्न भाग दर्शाए जाते हैं:
सिर (Head) – जिसमें जननसूत्र (DNA) एवं एक्रोज़ोम होता है।
गर्दन (Neck) – सिर और मध्य भाग को जोड़ता है।
मध्य भाग (Middle piece) – माइटोकॉन्ड्रिया युक्त, ऊर्जा प्रदान करता है।
पूँछ (Tail) – शुक्राणु की गति के लिए उत्तरदायी।
📌 रेखाचित्र में लेबल सहित स्पष्ट रेखाएं होनी चाहिए।

🔶 प्रश्न 10. शुक्राणु द्रव्य (Seminal Plasma) के प्रमुख संघटक क्या हैं?
🔸 उत्तर:
शुक्राणु द्रव्य में शुक्राणुओं के साथ तरल माध्यम होता है जो सहायक ग्रंथियों से आता है। इसमें निम्न घटक होते हैं:
फ्रक्टोज़ (ऊर्जा हेतु)
साइट्रेट्स एवं ऐस्कॉर्बिक अम्ल
प्रोटीन, लिपिड
एंजाइम्स
प्रॉस्टाग्लैंडिन्स
म्यूकस एवं विटामिन
यह माध्यम शुक्राणुओं की गतिशीलता, पोषण एवं रक्षा करता है।

🔶 प्रश्न 11. पुरुष की सहायक ग्रंथियों एवं उनके प्रमुख कार्यों को क्या कहें?
🔸 उत्तर:
(क) शुक्र ग्रंथियाँ (Seminal Vesicles):
शुक्राणु द्रव्य का 60% भाग बनाती हैं।
इसमें फ्रक्टोज़ और प्रॉस्टाग्लैंडिन्स होते हैं।
(ख) पौरुष ग्रंथि (Prostate Gland):
क्षारीय स्राव देती है जो शुक्राणुओं को अम्लीय स्त्री योनि मार्ग में सुरक्षित रखता है।
(ग) काउपर्स ग्रंथि (Bulbourethral Gland):
स्नेहीकृत म्यूकस का स्राव करती है जो मूत्रमार्ग को चिकना बनाता है।

🔶 प्रश्न 12. अंडजनन क्या है? अंडजनन की संक्षिप्त व्याख्या करें।
🔸 उत्तर:
अंडजनन (Oogenesis) वह प्रक्रिया है जिसमें अंडाणु (Ovum) बनते हैं। यह जन्मपूर्व शुरू होकर रजोनिवृत्ति तक चलता है। तीन चरण होते हैं:
बहुकोशिकीय वृद्धि चरण – भ्रूण की अंडग्रंथि में oogonia का माइटोटिक विभाजन।
मीयोटिक विभाजन चरण – प्रथम मीयोसिस से प्राथमिक अंडाणु से द्वितीयक अंडाणु व ध्रुवीय पिंड।
परिपक्वता चरण – ओव्यूलेशन के समय मीयोसिस-II पूरा होता है जिससे एक कार्यशील अंडाणु और दूसरा ध्रुवीय पिंड बनता है।

🔶 प्रश्न 13. अंडाशय के अनुपृष्ठ कट (Transverse Section) का एक नामांकित आलेख बनाइए।
🔸 उत्तर:
नामांकित रेखाचित्र में निम्न भाग दर्शाए जाते हैं:
बाह्य त्वचा (Tunica albuginea)
प्राथमिक, द्वितीयक, ग्रेफियन कूप
स्त्रोतिक कोशिकाएँ
पीत पिंड (Corpus luteum)
अंडाणु (Ovum)
📌 रेखाचित्र स्पष्ट और लेबलिंग सही होनी चाहिए।

🔶 प्रश्न 14. ग्रैफियन कूप (Graafian Follicle) का एक नामांकित आलेख बनाइए।
🔸 उत्तर:
इसमें निम्न संरचनाएँ शामिल होंगी:
अंडाणु (Ovum)
कोष्ठीय द्रव्य (Follicular fluid)
ग्रंथिक कोशिकाएँ
कूपावरण (Theca interna & externa)
झिल्लियाँ
📌 यह रेखाचित्र अंडोत्सर्जन से ठीक पहले की अवस्था दर्शाता है।


🔶 प्रश्न 15. निम्नलिखित के कार्य बताएं —
🔸 (क) पीत पिंड (Corpus Luteum):
ओव्यूलेशन के बाद ग्रैफियन कूप से बना यह संरचना प्रोजेस्टेरोन हार्मोन स्रावित करती है, जो गर्भाशय को भ्रूणग्रहण के लिए तैयार करता है।
🔸 (ख) गर्भधारण हार्मोन (गोनैडोट्रोपिन):
यह हार्मोन, विशेषकर HCG (Human Chorionic Gonadotropin), गर्भावस्था के दौरान पीत पिंड को सक्रिय बनाए रखता है और भ्रूण के विकास में सहायता करता है।
🔸 (ग) प्रोजेस्टेरोन:
यह हार्मोन गर्भाशय की आंतरिक परत को मोटा करता है, भ्रूण को संलग्न होने में सहायता करता है और गर्भावस्था को बनाए रखता है।
🔸 (घ) शुक्राणु पुष्क (Sperm Duct):
इसे वाहिकावृषण या वास डिफरेंस भी कहते हैं। यह अंडकोष से वीर्य को उत्सर्जन नली की ओर ले जाने का कार्य करता है।
🔸 (ङ) झिल्लियाँ (Membranes):
भ्रूण को सुरक्षित रखने वाले एम्नियन, कोरिओन जैसी झिल्लियाँ उसे पोषण, सुरक्षा और अपशिष्ट निष्कासन में सहायता करती हैं।

🔶 प्रश्न 16. सही या गलत कथनों को पहचानें —
(क) पुंजनन (एंड्रोजन) का उत्पाद स्त्रीय कोषिकाओं द्वारा होता है। – ❌ गलत
(ख) शुक्राणु को स्त्रीय कोषिकाओं से पोषण प्राप्त होता है। – ✅ सही
(ग) स्त्रीय कोषिकाएं अंडाशय में जाड़ जाती हैं। – ❌ गलत
(घ) स्त्रीय कोषिकाएं पुंजनन (एंड्रोजन) को स्रावित करती हैं। – ❌ गलत
(ङ) अंडाशय पिंड पिउष (कॉर्पस ल्युटियम) में संप्रेषण होता है। – ✅ सही
(च) स्पर्माशय (Sperms) के स्त्रव आवर्त चक्र (Menstrual Cycle) पर बहुत होता है। – ❌ गलत
(छ) हार्मोन (Hormone) की उपस्थिति अथवा अनुपस्थिति कामकर्म (Ovulation) या चक्र अनुक्रम का निर्धारण करती है। – ✅ सही

🔶 प्रश्न 17. आवर्त चक्र क्या है? आवर्त चक्र (Menstrual Cycle) का कौन से हार्मोन नियंत्रण करते हैं?
🔸 उत्तर:
यह महिलाओं में प्रति माह होने वाला जैविक चक्र है जिसमें अंडोत्सर्ग, गर्भाशय परत में परिवर्तन और रक्तस्राव होता है।
मुख्य हार्मोन:
फॉलिकिल उत्तेजक हार्मोन (FSH)
ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH)
एस्ट्रोजेन
प्रोजेस्टेरोन

🔶 प्रश्न 18. प्रसव (Parturition) क्या है? प्रसव को प्रेरित करने में कौन से हार्मोन शामिल होते हैं?
🔸 उत्तर:
गर्भावस्था की अंतिम अवस्था में भ्रूण के जन्म की प्रक्रिया को प्रसव कहते हैं।
इसमें शामिल हार्मोन:
ऑक्सीटोसिन – गर्भाशय संकुचन कराता है।
रिलैक्सिन – गर्भाशय ग्रीवा को नरम करता है।
प्रॉस्टाग्लैंडिन्स – प्रसव क्रिया को तीव्र करते हैं।

🔶 प्रश्न 19. हमारे समाज में लड़कियों जन्म को दोष और महिलाओं को दिया जाता है। स्पष्ट करें कि यह क्यों सही नहीं है?
🔸 उत्तर:
लिंग निर्धारण पुरुष के गुणसूत्रों द्वारा होता है। यदि पुरुष X गुणसूत्र देता है तो बच्ची और यदि Y देता है तो बच्चा उत्पन्न होता है। इसलिए बच्ची के जन्म में महिला की कोई भूमिका नहीं है। यह भ्रांति केवल अज्ञानता का परिणाम है।

🔶 प्रश्न 20. एक माता ने मानव अंडाशय में कितने अंडे मोचित किए हैं? यदि माता ने समस्त जुड़वाँ बच्चों को जन्म दिया हो तो आप अनुमान दें कि कितने अंडे मोचित हुए होंगे? क्या आपका उत्तर बदलता यदि जुड़वाँ बच्चे, विभिन्न लिंगों के होते?
🔸 उत्तर:
सामान्यतः एक अंडा मोचित होता है। यदि जुड़वाँ बच्चे एक जैसे हैं, तो एक अंडा और एक शुक्राणु से बने होते हैं। यदि जुड़वाँ भिन्न लिंगों के हैं, तो दो अंडे मोचित हुए होंगे और दो शुक्राणुओं से निषेचन हुआ होगा।

🔶 प्रश्न 21. आप क्या सुझाव देंगे कि यदि स्त्री 6 बच्चों को जन्म देती है, के अंडाशय से कितने अंडे मोचित हुए थे?
🔸 उत्तर:
यदि 6 बच्चे एक साथ जन्मे हैं, तो संभवतः 6 अंडाणुओं का निषेचन हुआ होगा। इसका अर्थ है कि उस चक्र में 6 अंडाणु अंडाशय से मोचित हुए और प्रत्येक का अलग निषेचन हुआ।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न



❓ प्र1. वृषण किस थैली में स्थित होते हैं?
(A) अंडाशय
(B) मूत्राशय
(C) वृषण थैली
(D) योनिद्वार
✅ उत्तर: (C) वृषण थैली


❓ प्र2. महिला जनन तंत्र में निषेचन सामान्यतः कहाँ होता है?
(A) गर्भाशय
(B) योनिकुंड
(C) डिम्बवाहिनी की एम्पुला
(D) डिम्बवाहिनी का इस्थमस
✅ उत्तर: (C) डिम्बवाहिनी की एम्पुला


❓ प्र3. शुक्राणु के किस भाग में अनुवांशिक पदार्थ स्थित होता है?
(A) सिर
(B) मध्य भाग
(C) कंठ
(D) पूँछ
✅ उत्तर: (A) सिर


❓ प्र4. डिम्बोत्सर्जन मासिक चक्र के किस दिन होता है?
(A) 7वें दिन
(B) 10वें दिन
(C) 14वें दिन
(D) 21वें दिन
✅ उत्तर: (C) 14वें दिन


❓ प्र5. युग्मनज भ्रूण में कब परिवर्तित होता है?
(A) निषेचन के समय
(B) जब यह फैलोपियन नली में होता है
(C) जब यह गर्भाशय में आरोपित होता है
(D) निषेचन के एक दिन बाद
✅ उत्तर: (C) जब यह गर्भाशय में आरोपित होता है


❓ प्र6. प्लेसेंटा का प्रमुख कार्य क्या है?
(A) हार्मोन उत्पन्न करना
(B) भ्रूण को पोषण और ऑक्सीजन पहुँचाना
(C) भ्रूण को ढंकना
(D) भ्रूण को गति देना
✅ उत्तर: (B) भ्रूण को पोषण और ऑक्सीजन पहुँचाना


❓ प्र7. डिम्बवाहिनी के किस भाग में निषेचन होता है?
(A) इस्थमस
(B) एम्पुला
(C) फिम्ब्रिया
(D) एंडोमेट्रियम
✅ उत्तर: (B) एम्पुला


❓ प्र8. टेस्टोस्टेरोन कहाँ बनता है?
(A) एपिडिडिमिस
(B) वास डिफरेंस
(C) लीडिग कोशिकाएँ
(D) सीमन
✅ उत्तर: (C) लीडिग कोशिकाएँ


❓ प्र9. मादा जनन तंत्र में भ्रूण किस अंग में विकसित होता है?
(A) डिम्बवाहिनी
(B) अंडाशय
(C) गर्भाशय
(D) योनिकुंड
✅ उत्तर: (C) गर्भाशय


❓ प्र10. भ्रूण के चारों ओर द्रव-युक्त झिल्ली कौन सी होती है?
(A) योल्क सैक
(B) कोरियन
(C) एम्नियॉन
(D) एलैंटोइस
✅ उत्तर: (C) एम्नियॉन


❓ प्र11. पुरुष जनन तंत्र की सहायक ग्रंथियों में से कौन-सी नहीं है?
(A) बीजकोशिका ग्रंथि
(B) पौरुष ग्रंथि
(C) अंडाशय
(D) कूपर ग्रंथि
✅ उत्तर: (C) अंडाशय


❓ प्र12. शुक्राणु में कितने गुणसूत्र होते हैं?
(A) 23 युग्म
(B) 46
(C) 23
(D) 44
✅ उत्तर: (C) 23


❓ प्र13. मासिक धर्म की सामान्य अवधि होती है –
(A) 21 दिन
(B) 28 दिन
(C) 15 दिन
(D) 35 दिन
✅ उत्तर: (B) 28 दिन


❓ प्र14. परिपक्व अंडाणु किससे निकलता है?
(A) एम्नियॉन
(B) कोरपस ल्यूटियम
(C) ग्राफियन फॉलिकिल
(D) अंडाशय का स्टिग्मा
✅ उत्तर: (C) ग्राफियन फॉलिकिल


❓ प्र15. बीजकोशिका ग्रंथि किसका स्रवण करती है?
(A) शुक्राणु
(B) क्षारीय तरल
(C) मूत्र
(D) अंडाणु
✅ उत्तर: (B) क्षारीय तरल


❓ प्र16. कोरपस ल्यूटियम किस हार्मोन का स्रवण करता है?
(A) FSH
(B) LH
(C) एस्ट्रोजन
(D) प्रोजेस्टेरोन
✅ उत्तर: (D) प्रोजेस्टेरोन


❓ प्र17. पुरुष जनन कोशिकाएँ कहाँ बनती हैं?
(A) एपिडिडिमिस
(B) वृषण
(C) प्रोस्टेट ग्रंथि
(D) योनिकुंड
✅ उत्तर: (B) वृषण


❓ प्र18. भ्रूण में कौन सी झिल्ली नाइट्रोजन अपशिष्ट निकालने में मदद करती है?
(A) कोरियन
(B) योल्क सैक
(C) एम्नियॉन
(D) एलैंटोइस
✅ उत्तर: (D) एलैंटोइस


❓ प्र19. वृषण का कार्य समझाइए।
🔸 उत्तर:
वृषण दो अंडाकार अंग होते हैं जो वृषण थैली में स्थित होते हैं।
मुख्य कार्य –
🔹 शुक्राणुओं का निर्माण : सेमिनिफेरस नलिकाओं में
🔹 टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्रवण : लीडिग कोशिकाओं द्वारा


❓ प्र20. मासिक धर्म चक्र के दौरान हार्मोन की भूमिका लिखिए।
🔸 उत्तर:
🔹 FSH: अंडाशय में फॉलिकल के विकास हेतु
🔹 LH: डिम्बोत्सर्जन और कोरपस ल्यूटियम निर्माण
🔹 एस्ट्रोजन: एंडोमेट्रियम की वृद्धि
🔹 प्रोजेस्टेरोन: एंडोमेट्रियम को बनाए रखना


❓ प्र21. एम्नियॉन क्या है और इसका कार्य क्या है?
🔸 उत्तर:
एम्नियॉन भ्रूण को ढकने वाली झिल्ली है।
🔹 यह एम्नियोटिक तरल से भरी होती है।
🔹 भ्रूण को यांत्रिक झटकों, सूखेपन तथा तापमान से सुरक्षा देती है।


❓ प्र22. एक ग्राफियन फॉलिकिल और कोरपस ल्यूटियम में अंतर बताइए।
🔸 उत्तर:
🔹 ग्राफियन फॉलिकिल: परिपक्व अंडाणु को अंडाशय से बाहर निकालती है।
🔹 कोरपस ल्यूटियम: डिम्बोत्सर्जन के बाद बचा हुआ हिस्सा, प्रोजेस्टेरोन स्रवित करता है।


❓ प्र23. टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के दो कार्य लिखिए।
🔸 उत्तर:
1️⃣ द्वितीयक यौन लक्षणों का विकास (जैसे – आवाज भारी होना, दाढ़ी आना)।
2️⃣ शुक्राणुजनन की प्रक्रिया में सहायक।

✳️ खंड C – 3 अंक वाले प्रश्न (प्र. 24–28)
❓ प्र24. महिला जनन तंत्र की संरचना का वर्णन कीजिए।
🔸 उत्तर:
मादा जनन तंत्र में मुख्यतः निम्न अंग होते हैं –
🔹 अंडाशय (ovaries): अंडाणु निर्माण
🔹 डिम्बवाहिनी (fallopian tube): निषेचन का स्थान
🔹 गर्भाशय (uterus): भ्रूण विकास का स्थान
🔹 योनिकुंड (vagina): संसेचन मार्ग


❓ प्र25. निषेचन की प्रक्रिया समझाइए।
🔸 उत्तर:
🔹 शुक्राणु और अंडाणु के मिलन से युग्मनज का निर्माण होता है।
🔹 यह सामान्यतः डिम्बवाहिनी की एम्पुला में होता है।
🔹 निषेचन के बाद युग्मनज विभाजित होकर गर्भाशय में आरोपित हो जाता है।


❓ प्र26. भ्रूण आरोपण (implantation) क्या है? यह कब होता है?
🔸 उत्तर:
🔹 युग्मनज जब गर्भाशय की आंतरिक परत एंडोमेट्रियम में धँसता है, तो इसे आरोपण कहते हैं।
🔹 यह निषेचन के लगभग 6–7 दिन बाद होता है।
🔹 इसके पश्चात भ्रूण का विकास प्रारंभ होता है।


❓ प्र27. पुरुष जनन तंत्र में सहायक ग्रंथियों की भूमिका क्या है?
🔸 उत्तर:
मुख्य सहायक ग्रंथियाँ –
1️⃣ बीजकोशिका ग्रंथि (seminal vesicle): तरल पदार्थ स्रवित करती है, जिससे शुक्राणु गतिशील होते हैं।
2️⃣ पौरुष ग्रंथि (prostate): अल्कलाइन तरल बनाती है।
3️⃣ कूपर ग्रंथि: योनिक मार्ग को चिकना बनाती है।


❓ प्र28. कोरपस ल्यूटियम का महत्व बताइए।
🔸 उत्तर:
🔹 यह डिम्बोत्सर्जन के बाद बनता है।
🔹 यह प्रोजेस्टेरोन हार्मोन स्रवित करता है, जो एंडोमेट्रियम को भ्रूण आरोपण हेतु उपयुक्त बनाए रखता है।
🔹 यदि निषेचन न हो तो यह अपघटित हो जाता है और मासिक धर्म आरंभ होता है।


❓ प्र29. मानव पुरुष जनन तंत्र का चित्र सहित वर्णन कीजिए।
🔸 उत्तर:
मानव पुरुष जनन तंत्र में निम्नलिखित अंग सम्मिलित हैं:
🔹 वृषण (Testes): शुक्राणुओं एवं टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का निर्माण करते हैं।
🔹 एपिडिडिमिस: शुक्राणुओं का भंडारण व परिपक्वता।
🔹 वास डिफरेंस: शुक्राणु को बहिर्गमन मार्ग की ओर ले जाता है।
🔹 यूरिथ्रा (मूत्रमार्ग): मूत्र और वीर्य के निष्कासन का सामान्य मार्ग।
🔹 लिंग (Penis): संसेचन के लिए बाह्य जनन अंग।
🔹 सहायक ग्रंथियाँ: बीजकोशिका, पौरुष और कूपर ग्रंथियाँ वीर्य को पोषण और तरलता देती हैं।
✏️ चित्र : एनसीईआरटी में पुरुष जनन तंत्र का स्पष्ट चित्र मौजूद है – परीक्षा में वही बनाएं।

❓ प्र30. मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle) की अवस्थाएँ और हार्मोनल नियंत्रण समझाइए।
🔸 उत्तर:
🔹 औसतन 28 दिन का चक्र चार चरणों में बँटा होता है –
1️⃣ मासिक स्राव चरण (Day 1–5): एंडोमेट्रियम की झड़ती परत से रक्तस्राव।
2️⃣ पूर्व-डिम्बोत्सर्जन चरण (Follicular, Day 6–13): FSH के प्रभाव से ग्राफियन फॉलिकिल का विकास, एस्ट्रोजन का स्रवण।
3️⃣ डिम्बोत्सर्जन (Ovulation, Day 14): LH की तीव्र वृद्धि से अंडाणु का निकलना।
4️⃣ उत्तर-डिम्बोत्सर्जन चरण (Luteal, Day 15–28): कोरपस ल्यूटियम से प्रोजेस्टेरोन स्रवित होता है, एंडोमेट्रियम को बनाए रखता है।
🔸 यदि निषेचन न हो → कोरपस ल्यूटियम अपघटित → मासिक धर्म पुनः शुरू।

❓ प्र31. निषेचन से भ्रूण के पूर्ण रूप में विकास तक की प्रक्रिया समझाइए।
🔸 उत्तर:
1️⃣ निषेचन (Fertilization):
🔹 डिम्बवाहिनी की एम्पुला में अंडाणु व शुक्राणु का मिलन होता है → युग्मनज बनता है।
2️⃣ विभाजन (Cleavage):
🔹 युग्मनज कई बार विभाजित होकर मोरुला और फिर ब्लास्टोसिस्ट बनाता है।
3️⃣ आरोपण (Implantation):
🔹 लगभग 7वें दिन ब्लास्टोसिस्ट गर्भाशय की एंडोमेट्रियम में धँस जाता है।
4️⃣ गर्भस्थ भ्रूण का विकास:
🔹 तीन भ्रूण पर्णों (एक्टोडर्म, एंडोडर्म, मेजोडर्म) से विभिन्न अंग बनते हैं।
🔹 अपरा (Placenta) से भ्रूण को पोषण और अपशिष्ट निष्कासन होता है।
5️⃣ प्रसव (Parturition):
🔹 गर्भावस्था की पूर्णता के पश्चात ऑक्सीटोसिन हार्मोन के प्रभाव से प्रसव होता है।

✳️ खंड E – केस आधारित प्रश्न (प्र. 32 से 35)
(प्रत्येक केस में 2 MCQ + 3 वर्णात्मक प्रश्न)

🔶 प्र32.
स्थिति: एक महिला में निषेचन के 7 दिन बाद भी रक्तस्राव जारी रहा।
1️⃣ ऐसा क्यों हुआ?
🔸 प्रश्न 1 (MCQ): निषेचन के बाद सामान्यतः युग्मनज कब आरोपित होता है?
(A) 2 दिन बाद
(B) 4 दिन बाद
(C) 7 दिन बाद
(D) 14 दिन बाद
✔️ उत्तर: (C) 7 दिन बाद

🔸 प्रश्न 2 (MCQ): यदि आरोपण न हो तो कौन-सा हार्मोन गिरता है?
(A) FSH
(B) LH
(C) एस्ट्रोजन
(D) प्रोजेस्टेरोन
✔️ उत्तर: (D) प्रोजेस्टेरोन


🔸 प्रश्न 3: आरोपण क्या है?
🔹 भ्रूण द्वारा गर्भाशय की दीवार में प्रवेश।


🔸 प्रश्न 4: किस झिल्ली से भ्रूण को पोषण मिलता है?
🔹 अपरा (Placenta)


🔸 प्रश्न 5: यदि आरोपण न हो तो क्या परिणाम होता है?
🔹 मासिक धर्म चक्र पुनः प्रारंभ होता है।

🔷 प्र33.
स्थिति: एक व्यक्ति की वृषण ग्रंथियों को चोट पहुँचती है।
🔸 प्रश्न 1 (MCQ): टेस्टोस्टेरोन कहाँ बनता है?
(A) सेमिनिफेरस नलिकाएँ
(B) लीडिग कोशिकाएँ
(C) एपिडिडिमिस
(D) एपिथीलियल कोशिकाएँ
✔️ उत्तर: (B) लीडिग कोशिकाएँ


🔸 प्रश्न 2 (MCQ): वृषण किस थैली में स्थित होते हैं?
(A) लिंग
(B) मूत्राशय
(C) वृषण थैली
(D) योनिकुंड
✔️ उत्तर: (C) वृषण थैली


🔸 प्रश्न 3: वृषण का एक कार्य बताइए।
🔹 शुक्राणुओं का निर्माण


🔸 प्रश्न 4: वृषण को ठंडा वातावरण क्यों चाहिए?
🔹 शुक्राणुजनन हेतु 2–3°C कम तापमान उपयुक्त होता है।


🔸 प्रश्न 5: टेस्टोस्टेरोन की कमी से क्या प्रभाव पड़ सकता है?
🔹 द्वितीयक यौन लक्षणों का अविकास

🔷 प्र34.
स्थिति: एक स्त्री को बार-बार गर्भपात हो रहा है।
🔸 प्रश्न 1 (MCQ): कौन-सा हार्मोन भ्रूण को बनाए रखने में सहायक है?
(A) LH
(B) FSH
(C) प्रोजेस्टेरोन
(D) ऑक्सीटोसिन
✔️ उत्तर: (C) प्रोजेस्टेरोन


🔸 प्रश्न 2 (MCQ): कोरपस ल्यूटियम कब तक सक्रिय रहता है?
(A) डिम्बोत्सर्जन से 1 दिन
(B) आरोपण तक
(C) संपूर्ण गर्भावस्था
(D) मासिक धर्म तक
✔️ उत्तर: (C) संपूर्ण गर्भावस्था (यदि निषेचन हो)


🔸 प्रश्न 3: कोरपस ल्यूटियम क्या है?
🔹 डिम्बोत्सर्जन के बाद ग्राफियन फॉलिकिल से बनी संरचना


🔸 प्रश्न 4: गर्भपात के 2 संभावित कारण बताइए।
🔹 प्रोजेस्टेरोन की कमी, एंडोमेट्रियम की असंगति


🔸 प्रश्न 5: भ्रूण के लिए पोषण का माध्यम क्या है?
🔹 अपरा

🔷 प्र35.
स्थिति: एक भ्रूण में अपरा की वृद्धि रुक गई।
🔸 प्रश्न 1 (MCQ): भ्रूण और माता को कौन जोड़ता है?
(A) गर्भनाल
(B) एम्नियॉन
(C) योनिकुंड
(D) बीजाशय
✔️ उत्तर: (A) गर्भनाल


🔸 प्रश्न 2 (MCQ): अपरा किस प्रकार का अंग है?
(A) अस्थायी
(B) स्थायी
(C) तंत्रिका
(D) पाचन
✔️ उत्तर: (A) अस्थायी


🔸 प्रश्न 3: अपरा का एक कार्य बताइए।
🔹 भ्रूण को पोषण और गैसों की आपूर्ति


🔸 प्रश्न 4: अपरा में क्या समस्या भ्रूण को हानि पहुँचा सकती है?
🔹 पोषण या ऑक्सीजन की कमी


🔸 प्रश्न 5: गर्भनाल किससे जुड़ी होती है?
🔹 भ्रूण के उदर भाग से

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