Class 12 : Physics (Hindi) – अध्याय 1: विद्युत आवेश एवं क्षेत्र
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🔵 प्रस्तावना: वैद्युत आवेश की दुनिया में प्रवेश
वैद्युत आवेश (Electric Charge) भौतिकी की सबसे बुनियादी और मौलिक अवधारणाओं में से एक है। यह अध्याय विद्युत बलों, आवेशों की प्रकृति, उनके परस्पर प्रभाव, और विद्युत क्षेत्र की अवधारणा पर केंद्रित है। आवेश वह गुण है जिसके कारण कोई वस्तु विद्युत बलों के अधीन आती है।
✏️ नोट: पदार्थ दो प्रकार के आवेशों को धारण कर सकते हैं – धनात्मक और ऋणात्मक।
🟢 1. विद्युत आवेश की प्रकृति
🔹 आवेश के प्रकार:
➡️ धनात्मक (+)
➡️ ऋणात्मक (−)
✔️ समान आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
✔️ विपरीत आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
🌿 मूलभूत गुण:
आवेश अविच्छिन्न होता है।
यह परिमाणित (quantized) होता है: q = ±ne
यह संरक्षित (conserved) होता है।
💡 सुझाव: किसी पिंड में कुल आवेश कभी नष्ट नहीं होता; वह केवल एक पिंड से दूसरे पिंड में स्थानांतरित हो सकता है।
🟡 2. आवेश उत्पन्न करने की विधियाँ
✔️ संघर्ष द्वारा आवेश निर्माण (Triboelectric effect)
➡️ जैसे – रेशमी वस्त्र से एबोनाइट रॉड रगड़ना।
✔️ संपर्क द्वारा आवेश संचरण
➡️ आवेशित वस्तु को किसी तटस्थ वस्तु से स्पर्श कराना।
✔️ प्रेरण द्वारा आवेश निर्माण
➡️ बिना स्पर्श किए ही आवेशों को पुनः व्यवस्थित करना।
✏️ नोट: प्रेरण विधि में आवेश एक पिंड से दूसरे में बिना संपर्क के स्थानांतरित होता है।
🔴 3. कूलॉम्ब का नियम
कूलॉम्ब का नियम दो बिंदु आवेशों के बीच लगने वाले बल का परिमाण बताता है।
🧠 सूत्र:
F = (1 / 4πε₀) × (q₁q₂ / r²)
जहाँ,
q₁, q₂ = दो आवेश
r = उनके बीच की दूरी
ε₀ = निर्वात का पारगम्यता नियतांक
✔️ बल आकर्षण या प्रतिकर्षण का हो सकता है।
💡 गुण:
➡️ बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
➡️ यह बल सदिश होता है – दिशा सहित होता है।
🟢 4. आवेश का परिमाणीकरण और संरक्षण
🔹 परिमाणीकरण का तात्पर्य यह है कि आवेश n गुणा e के रूप में ही होता है (जहाँ e = 1.6 × 10⁻¹⁹ कूलॉम्ब)।
🔹 संरक्षण सिद्धांत कहता है कि किसी बंद प्रणाली में कुल आवेश सदा स्थिर रहता है।
✏️ नोट: आवेश केवल उत्पन्न या नष्ट नहीं होता – यह केवल स्थानांतरित होता है।
🟡 5. विद्युत क्षेत्र की परिभाषा
विद्युत क्षेत्र उस क्षेत्र को कहते हैं जहाँ किसी आवेशित पिंड की उपस्थिति के कारण कोई अन्य आवेश बल का अनुभव करता है।
🧠 सूत्र:
E = F / q
जहाँ,
F = बल,
q = परीक्षण आवेश
✔️ यह बल एकक धनात्मक आवेश पर लगने वाले बल के बराबर होता है।
⚡ यह एक सदिश राशि है और स्रोत आवेश की दिशा में होता है।
🔴 6. विद्युत क्षेत्र रेखाएँ
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ विद्युत क्षेत्र की कल्पनात्मक रेखाएँ हैं जो क्षेत्र की दिशा व घनत्व को दर्शाती हैं।
✔️ धनात्मक आवेश से बाहर की ओर तथा ऋणात्मक की ओर अंदर जाती हैं।
✔️ रेखाएँ कभी परस्पर नहीं कटतीं।
✔️ जितनी अधिक घनता, उतना अधिक क्षेत्र।
💡 अनुप्रयोग: क्षेत्र की तीव्रता व दिशा को समझने हेतु दृश्य चित्रण।
🟢 7. विद्युत क्षेत्र का अध्यारोपण सिद्धांत
यदि किसी बिंदु पर अनेक आवेशों का प्रभाव है, तो कुल विद्युत क्षेत्र उनका सदिश योग होगा।
🧠 E = E₁ + E₂ + E₃ + …
✔️ यह सिद्धांत रेखात्मकता पर आधारित होता है।
✏️ नोट: अध्यारोपण के लिए सदिश जोड़ आवश्यक है – केवल परिमाण से गणना नहीं की जा सकती।
🟡 8. विद्युत क्षेत्र बल रेखाओं का अनुप्रयोग
⚡ बिंदु आवेशों के लिए रेखाएँ रेडियल होती हैं।
⚡ द्विध्रुव के लिए रेखाएँ एक धन और एक ऋण आवेश के बीच मुड़ी होती हैं।
🧠 प्रश्नों में उपयोगी: चित्र के माध्यम से बल, क्षेत्र, आकर्षण-प्रतिकर्षण की दिशा का निर्धारण।
🔴 9. विद्युत द्विध्रुव और द्विध्रुव आघूर्ण
विद्युत द्विध्रुव वह युग्म है जिसमें समान परिमाण के विपरीत आवेश छोटे अंतराल पर होते हैं।
🧠 द्विध्रुव आघूर्ण:
p = q × 2l
(यह एक सदिश है)
✔️ यह बाह्य विद्युत क्षेत्र में बल तथा आघूर्ण का अनुभव करता है।
✏️ दिशा: ऋणात्मक से धनात्मक की ओर
🟢 10. बिंदु आवेश का विद्युत क्षेत्र
यदि q कोई बिंदु आवेश है, तो किसी दूरी r पर विद्युत क्षेत्र:
E = (1 / 4πε₀) × (q / r²)
✔️ यह बाहर की ओर (q धनात्मक) या अंदर की ओर (q ऋणात्मक) होगा।
🌿 मूल: यह सूत्र कूलॉम्ब के नियम से ही प्राप्त होता है।
🟡 11. गाउस का प्रमेय
गाउस का प्रमेय कहता है कि किसी बंद पृष्ठ के चारों ओर कुल विद्युत फ्लक्स, उस पृष्ठ के भीतर स्थित कुल आवेश के समानुपाती होता है।
🧠 सूत्र:
Φ = ∮ E ⋅ dA = q / ε₀
✔️ यह सममित परिस्थितियों में विद्युत क्षेत्र ज्ञात करने का सरलतम तरीका है।
💡 उदाहरण: लंबवत रेखा, बेलनाकार, गोले आदि की स्थिति में।
🔴 12. गाउस प्रमेय का अनुप्रयोग
1️⃣ लंबवत रेखा के पास:
E = λ / 2πε₀r
2️⃣ बेलनाकार आवेश वितरण:
E = σ / ε₀
3️⃣ गोलाकार आवेश वितरण:
E = (1 / 4πε₀) × (q / r²)
✏️ सावधानी: गाउस प्रमेय तभी प्रयोग करें जब सममिति स्पष्ट हो।
🌟 यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है? 🌟
(📦 Why This Lesson Matters Box)
➡️ यह अध्याय विद्युत के मूलभूत सिद्धांतों की नींव रखता है।
➡️ विद्युत क्षेत्र, बल, कूलॉम्ब नियम जैसे सिद्धांत आगे के अध्यायों के लिए अनिवार्य हैं।
➡️ आधुनिक तकनीक, संचार, तथा ऊर्जा के क्षेत्र में इसकी व्यावहारिक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
📝 Quick Recap: (स्मृति-पुनरावलोकन)
🔵 आवेश दो प्रकार – धनात्मक व ऋणात्मक
🟢 कूलॉम्ब का नियम – बल ∝ q₁q₂ / r²
🟡 E = F / q – विद्युत क्षेत्र परिभाषा
🔴 गाउस का प्रमेय – Φ = q / ε₀
🟢 द्विध्रुव आघूर्ण – p = q × 2l
🟡 क्षेत्र रेखाएँ – दिशा और तीव्रता का संकेत
🔴 अध्यारोपण – सदिश जोड़
🟢 विद्युत फ्लक्स – E ⋅ A का सदिश गुणनफल




🔻 सारांश (Summary in ~300 Words) 🔻
🔹 वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र अध्याय विद्युत के मूल सिद्धांतों को स्पष्ट करता है। इसमें आवेश की प्रकृति, नियम, बल, क्षेत्र, और प्रवाह (फ्लक्स) को विस्तार से समझाया गया है।
🔸 आवेश दो प्रकार के होते हैं – धनात्मक व ऋणात्मक। ये परिमाणित तथा संरक्षित होते हैं। आवेशों के बीच लगने वाला बल कूलॉम्ब के नियम द्वारा परिभाषित होता है।
🔹 विद्युत क्षेत्र वह क्षेत्र है जहाँ कोई परीक्षण आवेश बल का अनुभव करता है। इसकी दिशा तथा परिमाण को विद्युत क्षेत्र रेखाओं और E = F/q द्वारा समझा जाता है।
🔸 विद्युत द्विध्रुव दो विपरीत आवेशों का युग्म होता है, जिसकी विशेषता द्विध्रुव आघूर्ण होती है। यह बाह्य विद्युत क्षेत्र में टॉर्क का अनुभव करता है।
🔹 गाउस का प्रमेय विद्युत फ्लक्स और कुल आवेश का संबंध दर्शाता है। यह सममित परिस्थितियों में विद्युत क्षेत्र ज्ञात करने का सरलतम और प्रभावी तरीका है।
यह अध्याय छात्रों को विद्युत बलों की दुनिया में प्रवेश कराता है, जो आगे के विद्युत, चुम्बकीय तथा करंट विषयों के लिए आधार तैयार करता है। इसमें समकालीन तकनीकी और वैज्ञानिक सोच के बीज बोए जाते हैं।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1.1
वायु में एक-दूसरे से 30 cm की दूरी पर रखे दो छोटे आवेशित गोलों पर क्रमशः 2 × 10⁻⁷ C तथा 3 × 10⁻⁷ C आवेश हैं। उनके बीच कितना बल है?
उत्तर:
🔹 दिए गए मान:
q₁ = 2 × 10⁻⁷ C
q₂ = 3 × 10⁻⁷ C
r = 30 cm = 0.30 m
k = 9 × 10⁹ Nm²/C²
🔸 चरण 1: सूत्र लगाएँ
F = k × (q₁ × q₂) / r²
🔸 चरण 2: q₁ × q₂ निकालें
q₁ × q₂ = (2 × 10⁻⁷) × (3 × 10⁻⁷)
= 6 × 10⁻¹⁴ C²
🔸 चरण 3: r² निकालें
r² = (0.30)² = 0.09 m²
🔸 चरण 4: मानों को सूत्र में रखें
F = (9 × 10⁹) × (6 × 10⁻¹⁴) / 0.09
🔸 चरण 5: विभाजन करें
6 × 10⁻¹⁴ ÷ 0.09 = 6.67 × 10⁻¹³
🔸 चरण 6: अंतिम गुणा करें
F = 9 × 10⁹ × 6.67 × 10⁻¹³
= 60.03 × 10⁻⁴
= 6.0 × 10⁻³ N
✔️ उत्तर: बल = 6.0 × 10⁻³ न्यूटन
प्रश्न 1.2
0.4 μC के किसी गोली पर किसी अन्य गोली द्वारा लगाए गए बल के कारण वह गोली 0.2 N के त्वरण से चलने लगती है।
(a) यदि दोनों गोलियाँ वायु में हों, तो अन्य गोली का आवेश क्या होगा?
(b) दूसरे गोली पर पहले गोली द्वारा कितना बल लगता है?
उत्तर:
🔹 दिए गए मान:
q₁ = 0.4 μC = 0.4 × 10⁻⁶ C
F = 0.2 N
r = 1 m (माना गया)
k = 9 × 10⁹ Nm²/C²
(a) अन्य गोली का आवेश (q₂) ज्ञात करें:
🔸 चरण 1: सूत्र लगाएँ
F = k × (q₁ × q₂) / r²
🔸 चरण 2: मान रखें
0.2 = (9 × 10⁹) × (0.4 × 10⁻⁶ × q₂) / 1
🔸 चरण 3: अंदर का गुणा करें
0.4 × 10⁻⁶ × 9 × 10⁹ = 3.6 × 10³
🔸 चरण 4: q₂ का मान निकालें
0.2 = 3.6 × 10³ × q₂
⇒ q₂ = 0.2 / 3.6 × 10³
⇒ q₂ = 5.56 × 10⁻⁵ C
✔️ उत्तर (a): अन्य गोली का आवेश = 5.56 × 10⁻⁵ C
(b) दूसरी गोली पर पहले द्वारा कितना बल लगता है?
✔️ न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार
➡️ बल बराबर और विपरीत होता है।
⇒ बल = 0.2 N
✔️ उत्तर (b): बल = 0.2 न्यूटन
प्रश्न 1.3
ध्रुवीय अणु (जैसे H₂O) में परमाणु केन्द्रों के बीच संतुलन दूरी लगभग 1 Å (1 Å = 10⁻¹⁰ m) होती है। अणु के प्रत्येक छोर पर स्थित आवेशों के परिमाण लगभग 10⁻¹⁹ C होते हैं।
(a) एक जल अणु का द्विध्रुव आघूर्ण ज्ञात कीजिए।
(b) किसी जल अणु को एकसमान विद्युत क्षेत्र 3 × 10⁴ N/C में रखा गया। उस पर लगने वाला बलाघूर्ण ज्ञात कीजिए यदि वह क्षेत्र के साथ 60° का कोण बनाता है।
उत्तर:
(a) द्विध्रुव आघूर्ण (p) निकालना है:
🔸 चरण 1: द्विध्रुव आघूर्ण का सूत्र:
p = q × d
🔸 चरण 2:
q = 10⁻¹⁹ C
d = 1 × 10⁻¹⁰ m
🔸 चरण 3: मानों को रखें:
p = (10⁻¹⁹) × (10⁻¹⁰) = 1 × 10⁻²⁹ C·m
✔️ उत्तर (a): जल अणु का द्विध्रुव आघूर्ण = 1 × 10⁻²⁹ C·m
(b) बलाघूर्ण (τ) निकालना है:
🔸 चरण 1: बलाघूर्ण का सूत्र:
τ = p × E × sinθ
🔸 चरण 2: मान रखें:
p = 1 × 10⁻²⁹ C·m
E = 3 × 10⁴ N/C
θ = 60°, sin(60°) = √3 / 2 ≈ 0.866
🔸 चरण 3: सभी मान गुणा करें:
τ = (1 × 10⁻²⁹) × (3 × 10⁴) × 0.866
= 2.598 × 10⁻²⁵ N·m
✔️ उत्तर (b): बलाघूर्ण = 2.6 × 10⁻²⁵ N·m
प्रश्न 1.4
एक विद्युत द्विध्रुव को एकसमान विद्युत क्षेत्र में रखा गया है। जब वह क्षेत्र के साथ कोण θ बनाता है, तब उस पर बल नहीं लगता है लेकिन बलाघूर्ण अधिकतम होता है। यह कैसे होता है?
उत्तर:
🔸 बल = q × E (दोनों सिरों पर)
🔸 दोनों बल बराबर तथा विपरीत होते हैं, इसलिए परिणामी बल शून्य होता है।
🔸 परंतु ये बल एक युग्म (couple) बनाते हैं, जिससे बलाघूर्ण (torque) उत्पन्न होता है।
➡️ बलाघूर्ण का मान: τ = p × E × sinθ
➡️ sinθ अधिकतम होता है जब θ = 90°, अर्थात जब द्विध्रुव क्षेत्र के लंबवत हो।
✔️ उत्तर: इस स्थिति में बल शून्य होता है परंतु बलाघूर्ण अधिकतम होता है क्योंकि दो समान और विपरीत बलों का युग्म द्विध्रुव को घुमाने का प्रयास करता है।
प्रश्न 1.5
जब दो वस्तुओं को रगड़ा जाता है, तो उनमें से एक धनात्मक और दूसरी ऋणात्मक आवेशित हो जाती है। इस घटना का स्पष्टीकरण कैसे दिया जा सकता है?
उत्तर:
🔸 प्रत्येक वस्तु में इलेक्ट्रॉन होते हैं।
🔸 रगड़ने से एक वस्तु से इलेक्ट्रॉन निकलकर दूसरी में चले जाते हैं।
🔸 जिस वस्तु ने इलेक्ट्रॉन खोए, वह धनात्मक आवेशित होती है।
🔸 जिसने इलेक्ट्रॉन प्राप्त किए, वह ऋणात्मक आवेशित होती है।
➡️ यह पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण के कारण होती है। प्रोटॉन नहीं चलते।
✔️ उत्तर: रगड़ने से इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है जिससे एक वस्तु धनात्मक और दूसरी ऋणात्मक आवेशित हो जाती है। यह आवेश स्थैतिक होता है और इसे स्थिर विद्युत कहते हैं।
प्रश्न 1.6
चार बिंदु आवेश –
q₁ = 2 μC, q₂ = –5 μC, q₃ = 2 μC, q₄ = –5 μC
को एक वर्ग ABCD के चारों कोनों पर रखा गया है जिसकी भुजा 10 cm है।
वर्ग के केंद्र पर स्थित 1 μC आवेश पर कुल बल ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
🧠 चूँकि आवेश q₁ और q₃ समान हैं (धनात्मक), और q₂ और q₄ भी समान हैं (ऋणात्मक), तथा वे वर्ग के विपरीत कोनों पर रखे हैं – इस कारण उनके बल केंद्र पर आकर एक-दूसरे को संतुलित करेंगे।
🔹 दूरी: वर्ग का विकर्ण = √2 × 10 cm = 14.14 cm = 0.1414 m
🔹 केंद्र से प्रत्येक कोने की दूरी = 0.1414 / 2 = 0.0707 m
🔸 अब चार बल वेक्टर रूप में केंद्र पर लगेंगे — दो समान आवेश आकर्षण, दो विकर्षण देंगे। परंतु दिशा और परिमाण की समरूपता के कारण कुल बल = 0
✔️ उत्तर: केंद्र पर स्थित 1 μC आवेश पर कुल बल = 0 न्यूटन
अगर यह शैली उपयुक्त लगी हो, तो कृपया “K” लिखें — मैं अगला सेट (Q1.7 से Q1.10) इसी तरह से भेजूंगा।
कक्षा 12 – भौतिकी
पाठ: वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
Code 2 – प्रश्नोत्तर (Q1.7 to Q1.10, step-by-step, सही घात रूप में)
एनसीईआरटी संस्करण: 2025–26
प्रश्न 1.7
(क) विद्युत क्षेत्र रेखाएँ सत्तत वक्र होती हैं। कोई क्षेत्र रेखा एकाएक नहीं रुक सकती। क्यों?
(ख) दो क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं कर सकतीं। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
(क) क्षेत्र रेखाएँ एकाएक क्यों नहीं रुकतीं?
🔸 विद्युत क्षेत्र रेखा किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दिशा को दर्शाती है।
🔸 यदि रेखा अचानक रुक जाए, तो इसका अर्थ होगा कि उस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दिशा अनिश्चित (undefined) है।
➡️ यह शारीरिक रूप से संभव नहीं है क्योंकि किसी भी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की कोई निश्चित दिशा होती है।
✔️ इसलिए क्षेत्र रेखा हमेशा सत्तत (continuous) होती है और कभी भी एकाएक नहीं रुक सकती।
(ख) दो क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों नहीं काट सकतीं?
🔸 यदि दो रेखाएँ किसी बिंदु पर एक-दूसरे को काटें, तो उस बिंदु पर दो दिशाओं में विद्युत क्षेत्र होगा।
🔸 परंतु यह संभव नहीं है क्योंकि एक बिंदु पर केवल एक ही दिशा में विद्युत क्षेत्र होता है।
✔️ इसलिए दो क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं कर सकतीं।
प्रश्न 1.8
दो बिंदु आवेश
q₁ = 3 μC
q₂ = –3 μC
को 20 cm दूरी पर रखा गया है।
(क) दोनों को मिलाने वाली रेखा AB के मध्य बिंदु पर विद्युत क्षेत्र क्या होगा?
(ख) यदि वहाँ पर 1.5 × 10⁻⁹ C का परिक्षण आवेश रखा जाए, तो उस पर कितना बल लगेगा?
उत्तर:
🔸 दोनों आवेश समान परिमाण के हैं परंतु विपरीत चिन्ह के हैं।
🔸 दूरी = 20 cm ⇒ मध्य बिंदु से प्रत्येक आवेश की दूरी = 10 cm = 0.10 m
🔸 विद्युत क्षेत्र की दिशा ऋणात्मक आवेश की ओर होगी।
(क) विद्युत क्षेत्र ज्ञात करें:
➡️ एक आवेश से उत्पन्न क्षेत्र का मान:
E₁ = (9 × 10⁹) × (3 × 10⁻⁶) / (0.10)²
= (9 × 10⁹) × (3 × 10⁻⁶) / 0.01
= 27 × 10³ / 0.01
= 2.7 × 10⁶ N/C
🔸 दोनों क्षेत्रों की दिशा एक ही होगी (ऋणात्मक की ओर), इसलिए कुल क्षेत्र:
E = 2 × 2.7 × 10⁶ = 5.4 × 10⁶ N/C
(ख) बल = विद्युत क्षेत्र × आवेश
F = E × q = (5.4 × 10⁶) × (1.5 × 10⁻⁹)
= 8.1 × 10⁻³ N
✔️ उत्तर:
(क) विद्युत क्षेत्र = 5.4 × 10⁶ N/C
(ख) बल = 8.1 × 10⁻³ न्यूटन
प्रश्न 1.9
q₁ = 2.5 × 10⁻⁷ C
q₂ = –2.5 × 10⁻⁷ C
स्थान:
A = (0, 0, –15 cm)
B = (0, 0, +15 cm)
⇒ इन दोनों द्वारा उत्पन्न कुल द्विध्रुव आघूर्ण ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
🔸 द्विध्रुव आघूर्ण का सूत्र:
p = q × d
🔸 यहाँ d = A और B के बीच की दूरी = 30 cm = 0.30 m
q = 2.5 × 10⁻⁷ C
p = (2.5 × 10⁻⁷) × (0.30) = 7.5 × 10⁻⁸ C·m
✔️ उत्तर: द्विध्रुव आघूर्ण = 7.5 × 10⁻⁸ C·m
प्रश्न 1.10
p = 4 × 10⁻⁷ C·m
E = 5 × 10⁻⁴ C/m²
θ = 30°
इस द्विध्रुव पर बलाघूर्ण ज्ञात करें।
उत्तर:
🔸 बलाघूर्ण का सूत्र:
τ = p × E × sinθ
🔸 sin 30° = 0.5
τ = (4 × 10⁻⁷) × (5 × 10⁻⁴) × 0.5
= 2 × 10⁻¹⁰ N·m
✔️ उत्तर: बलाघूर्ण = 2 × 10⁻¹⁰ N·m
प्रश्न 1.11
किसी पॉलीथीन की पट्टी को रगड़ने पर यह –3 × 10⁻⁷ C आवेशित पाई गई।
(क) यह बताइए कि कितने इलेक्ट्रॉन अतिरिक्त रूप से उस पर चढ़े होंगे।
(ख) क्या पॉलीथीन पर स्थायी रूप से ऋणात्मक आवेश रह सकता है?
उत्तर:
(क) इलेक्ट्रॉनों की संख्या ज्ञात करें:
🔸 आवेश (q) = 3 × 10⁻⁷ C
🔸 एक इलेक्ट्रॉन का आवेश (e) = 1.6 × 10⁻¹⁹ C
➡️ इलेक्ट्रॉनों की संख्या (n) = q ÷ e
= (3 × 10⁻⁷) ÷ (1.6 × 10⁻¹⁹)
➡️ n = 1.875 × 10¹² इलेक्ट्रॉन
✔️ उत्तर (क): लगभग 1.875 × 10¹² इलेक्ट्रॉन अतिरिक्त रूप से चढ़े होंगे।
(ख) क्या यह ऋणात्मक आवेश स्थायी रह सकता है?
🔹 नहीं।
पॉलीथीन पर जमा हुआ ऋणात्मक आवेश स्थैतिक होता है और धीरे-धीरे यह वायुमंडल की नमी, हवा, या अन्य वस्तुओं के संपर्क में आने से समाप्त हो सकता है।
✔️ उत्तर (ख): नहीं, यह स्थायी नहीं है। यह केवल कुछ समय के लिए ही स्थिर रहता है।
प्रश्न 1.12
दो प्लास्टिक की गोलियाँ, जिन पर समान आवेश q = 6.5 × 10⁻⁷ C है, एक-दूसरे से 50 cm दूरी पर हैं और स्थिर अवस्था में लटकी हुई हैं।
यदि वे गुरुत्व के विरुद्ध संतुलित हैं, तो प्रत्येक गोली का द्रव्यमान ज्ञात करें।
उत्तर:
➡️ संतुलन की स्थिति में, विद्युत बल = गुरुत्व बल
🔸 F = k × q² / r²
🔸 W = m × g
⇒ m × g = k × q² / r²
चरण 1: दिए गए मान
q = 6.5 × 10⁻⁷ C
r = 50 cm = 0.50 m
k = 9 × 10⁹ Nm²/C²
g = 9.8 m/s²
चरण 2: सूत्र में मान रखें
m × 9.8 = (9 × 10⁹) × (6.5 × 10⁻⁷)² / (0.50)²
चरण 3: q² निकालें
(6.5 × 10⁻⁷)² = 42.25 × 10⁻¹⁴
चरण 4: अब पूरा गुणा करें
m × 9.8 = (9 × 10⁹ × 42.25 × 10⁻¹⁴) / 0.25
= (380.25 × 10⁻⁴) / 0.25
= 1521 × 10⁻⁴
= 0.1521
चरण 5: m निकालें
m = 0.1521 ÷ 9.8 = 0.01552 kg
✔️ उत्तर: प्रत्येक गोली का द्रव्यमान ≈ 1.55 × 10⁻² kg
प्रश्न 1.13
चित्र 1.30 में एक समान विद्युत क्षेत्र में तीन आवेशित कणों के पथ दर्शाए गए हैं। मान लीजिए सभी कणों का द्रव्यमान समान है।
इनमें से किस कण का q/m (आवेश से द्रव्यमान का अनुपात) सबसे अधिक है?
उत्तर:
🔹 कण जिस दिशा में अधिक मुड़ता है (अधिक विक्षेप), उसका q/m अधिक होता है।
➡️ बल = qE = m × a
⇒ a ∝ q/m
🔸 अधिक विस्थापन ⇒ अधिक त्वरण ⇒ अधिक q/m
✔️ उत्तर: वह कण जिसका पथ सबसे अधिक मुड़ा हुआ है, उसका q/m सबसे अधिक है।
(चित्र के अनुसार उत्तर बदल सकता है, मान लें कण 1 सबसे अधिक मुड़ा है ⇒ उत्तर: कण 1)
प्रश्न 1.14
किसी पॉलीथीन की गेंद q = 1.5 × 10⁻⁸ C आवेशित है और इसका द्रव्यमान 1.0 × 10⁻³ kg है।
यदि यह किसी क्षैतिज विद्युत क्षेत्र E = 2.0 × 10⁴ N/C में स्थिर है, तो वह तंतु किस कोण पर झुका होगा?
उत्तर:
➡️ स्थिरता की स्थिति में, विद्युत बल क्षैतिज में और गुरुत्व बल ऊर्ध्वाधर में लगता है।
⇒ tanθ = Fₑ / mg
चरण 1: Fₑ = q × E
= (1.5 × 10⁻⁸) × (2 × 10⁴)
= 3 × 10⁻⁴ N
चरण 2: W = m × g
= (1 × 10⁻³) × 9.8
= 9.8 × 10⁻³ N
चरण 3: tanθ = Fₑ / W
= (3 × 10⁻⁴) / (9.8 × 10⁻³)
= 0.0306
चरण 4: θ = tan⁻¹(0.0306)
= लगभग 1.75 डिग्री
✔️ उत्तर: तंतु लगभग 1.75° के कोण पर झुका होगा।
प्रश्न 1.15
एक बिंदु आवेश q = 1 × 10⁻⁹ C को त्रिविमीय निर्देशांक (0, 0, 0) पर रखा गया है।
विद्युत क्षेत्र E का वह बिंदु (x, 0, 0) पर मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
➡️ बिंदु आवेश से x दूरी पर विद्युत क्षेत्र का मान:
E = k × q / r²
🔹 q = 1 × 10⁻⁹ C
🔹 r = x
🔹 k = 9 × 10⁹ Nm²/C²
E(x) = (9 × 10⁹) × (1 × 10⁻⁹) / x²
= 9 / x²
✔️ उत्तर: बिंदु (x, 0, 0) पर विद्युत क्षेत्र = 9 / x² N/C, दिशा x-अक्ष के साथ।
प्रश्न 1.16
यदि ऊपर की स्थिति में बिंदु x = 0.50 m हो, तो उस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
➡️ E(x) = 9 / x²
= 9 / (0.50)²
= 9 / 0.25 = 36 N/C
✔️ उत्तर: विद्युत क्षेत्र = 36 N/C
प्रश्न 1.17
दो समान बिंदु आवेश q = 5 × 10⁻⁹ C, x-अक्ष पर क्रमशः x = –0.30 m और x = +0.30 m पर रखे हैं।
(क) y-अक्ष के किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र का मान ज्ञात कीजिए।
(ख) बिंदु y = 0.40 m पर कुल विद्युत क्षेत्र का परिमाण और दिशा ज्ञात करें।
उत्तर:
(क) y-अक्ष के बिंदु पर दोनों आवेशों से समान दूरी होगी, इसलिए E के क्षैतिज घटक (x-दिशा वाले) आपस में कट जाएंगे।
➡️ केवल ऊर्ध्वाधर घटक (y-दिशा) जुड़ेंगे।
(ख) मान लें बिंदु P पर y = 0.40 m है:
➡️ प्रत्येक आवेश से दूरी r = √[(0.30)² + (0.40)²] = √(0.09 + 0.16) = √0.25 = 0.50 m
🔸 प्रत्येक से विद्युत क्षेत्र का मान:
E₁ = E₂ = k × q / r²
= (9 × 10⁹) × (5 × 10⁻⁹) / (0.50)²
= 45 / 0.25 = 180 N/C
🔸 अब हम केवल y-दिशा के घटक जोड़ते हैं:
θ = tan⁻¹(0.40 / 0.30) ≈ 53.13°
Eᵧ = 2 × E × cosθ
= 2 × 180 × (0.8)
= 288 N/C (ऊर्ध्वाधर दिशा में)
✔️ उत्तर: बिंदु y = 0.40 m पर विद्युत क्षेत्र का परिमाण = 288 N/C, दिशा = y-अक्ष की ओर (ऊर्ध्वाधर ऊपर की दिशा)
प्रश्न 1.18
दो आवेश 4 μC और –4 μC को x-अक्ष पर –0.20 m और +0.20 m पर रखा गया है।
x-अक्ष के किन बिंदुओं पर विद्युत क्षेत्र शून्य होगा?
उत्तर:
➡️ दोनों आवेश समान परिमाण के हैं परंतु विपरीत चिन्ह के हैं।
📌 ऐसा विद्युत क्षेत्र जिसमें E = 0 हो, वह x-अक्ष पर ही कहीं होगा।
🔹 विकल्प 1: x > 0.20 m ⇒ बाएँ से आने वाला ऋणात्मक आवेश और दाएँ से आने वाला धनात्मक, दोनों E विपरीत दिशा में देंगे।
🔹 विकल्प 2: x < –0.20 m ⇒ दोनों आवेशों से E एक ही दिशा में नहीं आ सकते।
🔹 विकल्प 3: x = 0 ⇒ यहाँ पर भी दोनों E विपरीत दिशा में होंगे, परंतु परिमाण एक समान नहीं।
✅ स्पष्ट है कि E = 0 केवल x = 0 पर नहीं, बल्कि x = 0 के बाहर किसी बिंदु पर होगा।
➡️ गणना से ज्ञात करें:
E₁ = E₂
⇒ kq / (x – 0.20)² = kq / (x + 0.20)²
⇒ (x – 0.20)² = (x + 0.20)²
जिसका कोई हल नहीं होता — केवल तब होगा जब दोनों q समान चिन्ह के हों।
✔️ उत्तर: विद्युत क्षेत्र शून्य केवल उन बिंदुओं पर हो सकता है जो x-अक्ष से बहुत दूर हों, परंतु इस स्थिति में x-अक्ष पर कोई ऐसा बिंदु नहीं है जहाँ E = 0 हो।
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)
सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।
Q1. दो समान धनात्मक बिंदु आवेशों को एक-दूसरे के समीप लाने पर उनके बीच में क्या बल उत्पन्न होगा?
(A) आकर्षण बल
(B) प्रतिकर्षण बल
(C) कोई बल नहीं
(D) गुरुत्वाकर्षण बल
✔️ उत्तर: (B) प्रतिकर्षण बल
Q2. निर्वात में दो बिंदु आवेशों के बीच बल किस पर निर्भर नहीं करता है?
(A) दोनों आवेशों के परिमाण पर
(B) उनके बीच की दूरी पर
(C) आवेशों के संकेत (धन या ऋण) पर
(D) माध्यम के आपवर्तनांक पर
✔️ उत्तर: (D) माध्यम के आपवर्तनांक पर
Q3. दो आवेश q और -q को d दूरी पर रखने पर उनके बीच बल F होता है। यदि दोनों आवेशों को दो गुना और दूरी को आधा कर दिया जाए, तो नया बल कितना होगा?
(A) F
(B) 4F
(C) 16F
(D) F/4
✔️ उत्तर: (C) 16F
Q4. विद्युत क्षेत्र का मात्रक क्या है?
(A) न्यूटन
(B) वोल्ट
(C) वोल्ट प्रति मीटर
(D) कूलॉम्ब
✔️ उत्तर: (C) वोल्ट प्रति मीटर
Q5. किसी बिंदु आवेश के कारण किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र का परिमाण किसके समानुपाती होता है?
(A) दूरी का वर्ग
(B) दूरी का व्युत्क्रमानुपाती
(C) दूरी का वर्ग का व्युत्क्रमानुपाती
(D) दूरी के वर्ग का समानुपाती
✔️ उत्तर: (C) दूरी का वर्ग का व्युत्क्रमानुपाती
Q6. यदि दो समान आवेश एक समतल चालक पर रखे हों, तो किस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र शून्य होगा?
(A) दोनों के बीच मध्य में
(B) उनमें से किसी के पास
(C) कहीं नहीं
(D) अनंत पर
✔️ उत्तर: (A) दोनों के बीच मध्य में
Q7. बिंदु आवेश q के कारण r दूरी पर वैद्युत विभव होगा:
(A) q/r
(B) 1/q × r
(C) q/r²
(D) q²/r
✔️ उत्तर: (A) q/r
Q8. यदि किसी पिंड पर कुल आवेश 0 है, तो उसे क्या कहा जाएगा?
(A) तटस्थ
(B) ऋणात्मक
(C) धनात्मक
(D) अधिधारित
✔️ उत्तर: (A) तटस्थ
Q9. निम्न में से कौन-सा नियम विद्युत बल के सदिश स्वरूप को दर्शाता है?
(A) न्यूटन का द्वितीय नियम
(B) गाउस प्रमेय
(C) अध्यारोपण सिद्धांत
(D) ओम का नियम
✔️ उत्तर: (C) अध्यारोपण सिद्धांत
Q10. यदि दो बिंदु आवेश एक-दूसरे के बहुत पास रखे जाते हैं, तो उनके बीच बल:
(A) शून्य होता है
(B) अनंत होता है
(C) अत्यधिक बढ़ जाता है
(D) कम हो जाता है
✔️ उत्तर: (B) अनंत होता है
**Q11.
Assertion (A): विद्युत क्षेत्र सदिश राशि होती है।
Reason (R): इसका केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं।
विकल्प:
(A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सत्य है, R असत्य है।
(D) A असत्य है, R सत्य है।
✔️ उत्तर: (C) A सत्य है, R असत्य है।
**Q12.
Assertion (A): कूलॉम्ब का नियम केवल निर्वात में लागू होता है।
Reason (R): माध्यम का प्रभाव बल के परिमाण को बदल देता है।
विकल्प:
(A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सत्य है, R असत्य है।
(D) A असत्य है, R सत्य है।
✔️ उत्तर: (D) A असत्य है, R सत्य है।
Q13.
दो बिंदु आवेश +2μC और -2μC को 4cm की दूरी पर रखा गया है। उन दोनों के मध्य बिंदु पर वैद्युत क्षेत्र की दिशा क्या होगी?
✔️ उत्तर: ऋणात्मक आवेश की ओर (क्योंकि विद्युत क्षेत्र धनात्मक से दूर और ऋणात्मक की ओर होता है)
Q14.
यदि एक बिंदु आवेश 5μC है और इसे अनंत से 2cm दूरी तक लाने में 2J कार्य किया गया, तो उस बिंदु पर वैद्युत विभव क्या होगा?
✔️ उत्तर:
V = W/q = 2 / (5 × 10⁻⁶) = 4 × 10⁵ वोल्ट
Q15.
यदि किसी आवेशित वस्तु को एक चालक सतह पर रखा जाए, तो विद्युत क्षेत्र उस सतह पर कैसा होता है?
✔️ उत्तर: सतह के लंबवत होता है।
Q16.
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ क्यों नहीं कटतीं?
✔️ उत्तर: क्योंकि यदि वे कटेंगी तो किसी बिंदु पर दो दिशाओं में विद्युत क्षेत्र होगा, जो संभव नहीं है।
Q17.
कूलॉम्ब बल और गुरुत्व बल में मुख्य अंतर क्या है?
✔️ उत्तर: कूलॉम्ब बल आवेश पर निर्भर होता है, जबकि गुरुत्व बल द्रव्यमान पर।
Q18.
किसी बंद पृष्ठ के भीतर कुल आवेश q है। गाउस प्रमेय के अनुसार कुल विद्युत फ्लक्स कितना होगा?
✔️ उत्तर:
Φ = q / ε₀
🔷 Section B: प्रश्न 19 से 23 (प्रत्येक 2 अंक)
Q19. कूलॉम्ब के नियम को परिभाषित कीजिए और यह बताइए कि यदि दो बिंदु आवेशों के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए तो बल में क्या परिवर्तन होगा?
✔️ उत्तर:
कूलॉम्ब का नियम: दो बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला बल उनके परिमाण के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
F = (1 / 4πε₀) × (q₁q₂ / r²)
यदि r → 2r, तो
F′ = (1 / 4πε₀) × (q₁q₂ / (2r)²) = F / 4
अतः बल एक-चौथाई हो जाएगा।
Q20. दो बिंदु आवेशों +3μC और -3μC को 10cm की दूरी पर रखा गया है। मध्य बिंदु पर वैद्युत क्षेत्र का परिमाण ज्ञात कीजिए।
✔️ उत्तर:
प्रत्येक आवेश से दूरी = 5cm = 0.05m
E = (1 / 4πε₀) × (q / r²)
E = 9 × 10⁹ × (3 × 10⁻⁶) / (0.05)² =
= 9 × 10⁹ × 3 × 10⁻⁶ / 0.0025
= 1.08 × 10⁷ N/C
चूंकि दोनों आवेश समान परिमाण के हैं और विपरीत संकेत के हैं, दोनों क्षेत्रों की दिशा एक ही होगी, अतः
कुल वैद्युत क्षेत्र = 2 × E = 2.16 × 10⁷ N/C
Q21. विद्युत क्षेत्र रेखाओं की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
✔️ उत्तर:
1️⃣ विद्युत क्षेत्र रेखाएँ धनात्मक आवेश से निकलती हैं और ऋणात्मक आवेश की ओर जाती हैं।
2️⃣ दो विद्युत क्षेत्र रेखाएँ कभी परस्पर नहीं कटतीं।
Q22. यह सिद्ध कीजिए कि यदि दो समान आवेश q और q को d दूरी पर रखा जाए, तो उनके बीच लगने वाला बल F = (1 / 4πε₀) × (q² / d²) होगा।
✔️ उत्तर:
कूलॉम्ब का नियम के अनुसार,
F = (1 / 4πε₀) × (q₁q₂ / r²)
यहाँ q₁ = q₂ = q, तथा r = d
∴ F = (1 / 4πε₀) × (q × q / d²)
⟹ F = (1 / 4πε₀) × (q² / d²)
Q23. यदि किसी चालक गोले पर कुल आवेश Q है, तो उसकी सतह पर वैद्युत क्षेत्र का परिमाण क्या होगा? गोले का त्रिज्या R है।
✔️ उत्तर:
गाउस प्रमेय के अनुसार,
E × 4πR² = Q / ε₀
⟹ E = Q / (4πε₀R²)
अतः सतह पर विद्युत क्षेत्र = Q / (4πε₀R²)
🔷 Section C: प्रश्न 24 से 28 (प्रत्येक 3 अंक)
Q24. एक बिंदु आवेश +2μC को 0.1m दूरी पर स्थित बिंदु से अनंत तक ले जाने में कितना कार्य होगा? (ε₀ = 8.85 × 10⁻¹² C²/N·m²)
✔️ उत्तर:
V = (1 / 4πε₀) × (q / r)
= 9 × 10⁹ × (2 × 10⁻⁶ / 0.1)
= 1.8 × 10⁵ V
W = q × V = 2 × 10⁻⁶ × 1.8 × 10⁵ =
W = 0.36 J
Q25. यह सिद्ध कीजिए कि बिंदु आवेश q के कारण r दूरी पर वैद्युत क्षेत्र का परिमाण E = q / (4πε₀r²) होता है।
✔️ उत्तर:
गाउस प्रमेय के अनुसार,
Φ = ∮ E ⋅ dA = q / ε₀
पूर्ण गोले के लिए A = 4πr²
⟹ E × 4πr² = q / ε₀
⟹ E = q / (4πε₀r²)
यह वांछित सिद्ध करना था।
Q26. दो बिंदु आवेश +3μC और -3μC को 2cm की दूरी पर रखा गया है। उनके मध्य बिंदु पर वैद्युत विभव ज्ञात कीजिए।
✔️ उत्तर:
प्रत्येक आवेश से दूरी = 1cm = 0.01m
V = (1 / 4πε₀) × [q / r + (−q / r)] = 0
अतः मध्य बिंदु पर वैद्युत विभव = 0 वोल्ट
Q27. एक चालक गोला जिसकी त्रिज्या 10cm है, उस पर 1μC आवेश है। गोले की सतह पर विद्युत क्षेत्र ज्ञात कीजिए।
✔️ उत्तर:
R = 0.1 m, q = 1 × 10⁻⁶ C
E = q / (4πε₀R²)
= 9 × 10⁹ × (1 × 10⁻⁶) / (0.1)²
= 9 × 10⁻³ / 0.01
= 9 × 10⁵ N/C
Q28. कोई दो बिंदु आवेश +4μC और -2μC को 6cm की दूरी पर रखा गया है। उन दोनों के बीच के किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र शून्य होगा या नहीं? समझाइए।
✔️ उत्तर:
यहाँ पर दो असमान आवेश हैं। चूँकि परिमाण समान नहीं है, इसलिए विद्युत क्षेत्र शून्य किसी बाह्य बिंदु पर ही संभव है, न कि बीच में।
यह बिंदु +4μC के अधिक दूर होगा क्योंकि वह बड़ा आवेश है।
🔷 Section D: प्रश्न 29 से 31 (प्रत्येक 4 अंक)
(केस आधारित प्रश्न)
Q29.
स्थिति: एक समविभाजित आवेशयुक्त पतली गोल प्लेट जिसकी त्रिज्या R है, उस पर कुल आवेश Q समान रूप से फैला है।
(a) गाउस प्रमेय का उपयोग करते हुए यह दर्शाइए कि इस प्लेट की सतह पर विद्युत क्षेत्र E = σ / ε₀ होता है।
(b) यदि सतह आवेश घनत्व σ = 5 × 10⁻⁶ C/m² हो, तो सतह पर विद्युत क्षेत्र ज्ञात कीजिए। (ε₀ = 8.85 × 10⁻¹² C²/N·m²)
✔️ उत्तर:
(a) गाउस सतह एक बेलनाकार गोल सतह ली जाती है जो प्लेट को काटती है।
दो सतहों पर फ्लक्स = 2EA
E × 2A = Q / ε₀
E = Q / (2Aε₀)
Q/A = σ
E = σ / (2ε₀) × 2 = σ / ε₀
(b)
E = σ / ε₀ = (5 × 10⁻⁶) / (8.85 × 10⁻¹²)
E = 5.65 × 10⁵ N/C
Q30.
स्थिति: दो समान बिंदु आवेश +q और +q को 2a दूरी पर रखा गया है। बिंदु O दोनों के मध्य स्थित है।
(a) O बिंदु पर विद्युत क्षेत्र का मान ज्ञात कीजिए।
(b) यदि एक ऋणात्मक परीक्षण आवेश -q₀ को O पर रखा जाए, तो उस पर बल की दिशा क्या होगी?
✔️ उत्तर:
(a) दोनों आवेशों से O की दूरी = a
E₁ = E₂ = (1 / 4πε₀) × (q / a²)
दिशा विपरीत, अतः एक-दूसरे को निरस्त करते हैं
∴ E = 0
(b) चूँकि क्षेत्र शून्य है, परंतु प्रत्येक आवेश से बल आकर्षण की ओर लगेगा
∴ बल की दिशा: दोनों आवेशों की ओर खिंचाव होगा, लेकिन संतुलित होने से कुल बल = 0
Q31.
स्थिति: एक बिंदु आवेश Q को पृथ्वी के तल से h ऊँचाई पर रखा गया है।
(a) पृथ्वी की सतह पर उस आवेश के कारण वैद्युत विभव ज्ञात कीजिए।
(b) यदि Q = 2μC, h = 2m है, तो विभव का परिमाण ज्ञात कीजिए। (1 / 4πε₀ = 9 × 10⁹ Nm²/C²)
✔️ उत्तर:
(a)
V = (1 / 4πε₀) × (Q / h)
(b)
Q = 2 × 10⁻⁶ C, h = 2
V = 9 × 10⁹ × (2 × 10⁻⁶ / 2)
= 9 × 10³ V
∴ V = 9000 वोल्ट
🔷 Section E: प्रश्न 32 से 35 (प्रत्येक 5 अंक)
(दीर्घ उत्तर प्रश्न)
Q32. गाउस प्रमेय का कथन दीजिए और इसे एक बिंदु आवेश के लिए प्रयोग करके विद्युत क्षेत्र व्यंजक प्राप्त कीजिए।
✔️ उत्तर:
गाउस प्रमेय का कथन:
किसी बंद पृष्ठ से होकर गुजरने वाला कुल विद्युत फ्लक्स, उस पृष्ठ के भीतर स्थित कुल आवेश के बराबर होता है।
Φ = ∮ E ⋅ dA = q / ε₀
प्रयोग:
बिंदु आवेश q को गोले के केंद्र पर रखें
E = स्थिर, dA = 4πr²
∴ E × 4πr² = q / ε₀
⟹ E = q / (4πε₀r²)
यह वांछित व्यंजक है।
Q33. किसी बिंदु आवेश q के कारण किसी बिंदु A और B पर वैद्युत विभव क्रमशः V₁ और V₂ हैं। सिद्ध कीजिए कि V₁ − V₂ = −∫A से B तक E ⋅ dr
✔️ उत्तर:
हम जानते हैं:
E = − dV / dr
⟹ dV = −E ⋅ dr
⟹ ∫A से B तक dV = −∫A से B तक E ⋅ dr
⟹ V(B) − V(A) = −∫A से B तक E ⋅ dr
⟹ V₁ − V₂ = −∫A से B तक E ⋅ dr
यह सिद्ध करना था।
Q34. दो बिंदु आवेश +2μC और -2μC को 0.1m की दूरी पर रखा गया है। उनके मध्य बिंदु पर वैद्युत विभव और वैद्युत क्षेत्र ज्ञात कीजिए।
✔️ उत्तर:
मध्य बिंदु पर दूरी = 0.05m
विभव (V):
V = V₁ + V₂ =
(1 / 4πε₀) × [(+2μC)/0.05 + (−2μC)/0.05] = 0
∴ V = 0 वोल्ट
विद्युत क्षेत्र (E):
E = E₁ + E₂ =
E = 2 × (1 / 4πε₀) × (2 × 10⁻⁶ / 0.05²)
= 2 × 9 × 10⁹ × 2 × 10⁻⁶ / 0.0025
= 1.44 × 10⁷ N/C
दिशा: ऋणात्मक आवेश की ओर
Q35. दो बिंदु आवेश +q और +q को x दूरी पर रखा गया है। एक बिंदु P इनके मध्य से y दूरी पर लंबवत रखा गया है। बिंदु P पर विद्युत क्षेत्र ज्ञात कीजिए।
✔️ उत्तर:
बिंदु P से दोनों आवेशों की दूरी = √[(x/2)² + y²]
प्रत्येक से E = (1 / 4πε₀) × (q / r²)
E क्षैतिज घटक निरस्त होते हैं, केवल ऊर्ध्व घटक जुड़ते हैं।
E_y = 2 × E × sinθ = 2 × (1 / 4πε₀) × (q / r²) × (y / r)
= (1 / 4πε₀) × (2qy) / (r³)
जहाँ r = √[(x/2)² + y²]
अतः बिंदु P पर विद्युत क्षेत्र:
E = (1 / 4πε₀) × (2qy) / ((x²/4 + y²)^(3/2))
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