Class 11, PHYSICS (Hindi)

Class 11 : Physics (In Hindi) – अध्याय 5: कार्य, ऊर्जा और शक्ति

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन

🔵 विस्तृत व्याख्या (Explanation Section)

💡 परिचय
🔹 इस अध्याय में हम जानेंगे कि किसी वस्तु पर लगाया गया बल कैसे कार्य करता है, ऊर्जा का स्वरूप क्या है और शक्ति की परिभाषा क्या है।
🔹 यह अध्याय यांत्रिकी के मूल सिद्धान्तों को समझने के लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि कार्य और ऊर्जा का सम्बन्ध गति तथा बल दोनों से होता है।

कार्य (Work)
➡️ जब कोई बल किसी वस्तु पर लगाया जाता है और वस्तु बल की दिशा में कुछ विस्थापन करती है, तो कहा जाता है कि बल ने वस्तु पर कार्य किया।
कार्य का गणितीय निरूपण:
W = F s cosθ
जहाँ —
✳️ F = लगाया गया बल
✳️ s = विस्थापन
✳️ θ = बल और विस्थापन के बीच का कोण
🔹 यदि θ = 0°, तो W = F s (अधिकतम कार्य)
🔹 यदि θ = 90°, तो W = 0 (कोई कार्य नहीं)
🔹 यदि θ = 180°, तो W = −F s (ऋणात्मक कार्य)
✏️ Note:
जब बल विस्थापन की दिशा में होता है तो कार्य धनात्मक होता है, और जब बल विपरीत दिशा में होता है तो कार्य ऋणात्मक कहलाता है।

🟢 बल द्वारा किया गया कार्य


1️⃣ नियत बल (Constant Force):
जब बल पूरे विस्थापन में समान रहता है, तब W = F s cosθ का प्रयोग किया जाता है।
2️⃣ परिवर्ती बल (Variable Force):
जब बल बदलता रहता है, तो कार्य = ∫F · ds

🟡 कार्य का आलेखीय निरूपण (Graphical Representation)
💡 यदि बल और विस्थापन के बीच आलेख बनाया जाए, तो बल-विस्थापन (F–s) वक्र के नीचे का क्षेत्रफल = किया गया कार्य।


🔴 ऊर्जा (Energy)
➡️ किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।
ऊर्जा का मापन कार्य की इकाई में होता है।
SI इकाई: जूल (J)
1 जूल = 1 न्यूटन × 1 मीटर = 1 N·m


🌿 ऊर्जा के प्रकार
(1) गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy):
जब कोई वस्तु गतिशील होती है, उसमें गति के कारण ऊर्जा होती है।
K = ½ m v²
✏️ उदाहरण: चलती हुई कार, बहता हुआ जल, उड़ता हुआ तीर।

(2) स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy):


जब किसी वस्तु की स्थिति के कारण उसमें कार्य करने की क्षमता होती है, तो वह ऊर्जा स्थितिज कहलाती है।
U = m g h
💡 यदि कोई वस्तु h ऊँचाई पर है, तो उसके पास गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा होगी।

(3) प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy):


जब कोई स्प्रिंग या रबर बैंड खींचा या दबाया जाता है, तो उसमें संचित ऊर्जा —
U = ½ k x²
जहाँ k = प्रत्यास्थ स्थिरांक, x = विस्तार या संकुचन।

🧠 कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work–Energy Theorem)
➡️ किसी वस्तु पर किया गया कुल कार्य, उसके गतिज ऊर्जा परिवर्तन के बराबर होता है।
W = ΔK = K₂ − K₁ = ½ m(v₂² − v₁²)
✔️ निष्कर्ष:
यदि वस्तु पर बल द्वारा धनात्मक कार्य किया जाता है, तो उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ती है।

⚙️ शक्ति (Power)
➡️ कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।
P = W / t
SI इकाई: वॉट (W)
1 वॉट = 1 जूल / सेकंड
✏️ Note:
यदि किसी व्यक्ति द्वारा 100 जूल कार्य 10 सेकंड में किया जाए —
P = 100 / 10 = 10 W



🌟 औसत शक्ति (Average Power)
P_avg = कुल कार्य / कुल समय
💨 क्षणिक शक्ति (Instantaneous Power)
P = F · v cosθ
✔️ यदि बल और वेग एक ही दिशा में हों ⇒ P = F v

🧩 ऊर्जा संरक्षण का सिद्धान्त (Law of Conservation of Energy)
➡️ ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है।
उदाहरण:
गिरते हुए पिंड में स्थितिज ऊर्जा धीरे-धीरे गतिज ऊर्जा में बदलती है, परंतु कुल ऊर्जा (K + U) स्थिर रहती है।
E_total = K + U = स्थिर


💥 गुरुत्वीय क्षेत्र में ऊर्जा संरक्षण
यदि कोई वस्तु h ऊँचाई से गिरती है:
U = m g h घटती है
K = ½ m v² बढ़ती है
परंतु E_total = U + K = स्थिर रहती है।

🧮 बल और कार्य का सम्बन्ध (Relation between Force and Work)
यदि किसी वस्तु का त्वरण a है और F = m a लगाया गया है, तो —
W = F s = m a s
क्योंकि v² − u² = 2 a s ⇒ a s = (v² − u²)/2
∴ W = ½ m(v² − u²)
जो कार्य-ऊर्जा प्रमेय को सिद्ध करता है।

प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा का आपसी परिवर्तन
स्प्रिंग की गति में ऊर्जा का आदान-प्रदान लगातार होता है।
जब स्प्रिंग अधिकतम संकुचित होती है, U = अधिकतम और K = 0
जब स्प्रिंग अपने मध्य स्थिति में होती है, U = 0 और K = अधिकतम
💡 यह ऊर्जा रूपांतरण का सर्वोत्तम उदाहरण है।



🪶 बल के विरुद्ध किया गया कार्य (Work against Force)
यदि कोई वस्तु घर्षण के विरुद्ध गति करे, तो बल घर्षण के विरुद्ध कार्य करता है।
इस कार्य का कुछ भाग ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है।

🔆 यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy)
किसी वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा = गतिज + स्थितिज ऊर्जा
E = K + U
यदि केवल गुरुत्वीय बल कार्य कर रहा हो, तो E = स्थिर रहती है।



💫 शक्ति का व्यावहारिक महत्व
1️⃣ इंजन या मोटर की कार्य करने की क्षमता को मापने में शक्ति का उपयोग किया जाता है।
2️⃣ बल्ब की चमक, इंजन की क्षमता, पंखे की गति आदि शक्ति पर निर्भर करते हैं।

✏️ निष्कर्ष
🔹 कार्य, ऊर्जा और शक्ति एक दूसरे से सम्बद्ध हैं।
🔹 किसी भी प्रणाली में ऊर्जा का संरक्षण होता है।
🔹 शक्ति यह बताती है कि कार्य कितनी शीघ्रता से किया गया।



🟠 सारांश (Summary Section)
🔸 कार्य तब होता है जब बल विस्थापन उत्पन्न करे: W = F s cosθ
🔸 गतिज ऊर्जा: K = ½ m v²
🔸 स्थितिज ऊर्जा: U = m g h
🔸 प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा: U = ½ k x²
🔸 शक्ति: P = W / t
🔸 कार्य-ऊर्जा प्रमेय: W = ΔK
🔸 ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त: कुल ऊर्जा E = K + U = स्थिर

📝 Quick Recap
🟢 कार्य तब होता है जब बल और विस्थापन एक दिशा में हों।
🔵 ऊर्जा कार्य करने की क्षमता है — यह गतिज या स्थितिज रूप में हो सकती है।
🟠 शक्ति कार्य करने की दर है।
🔴 ऊर्जा का न तो निर्माण होता है न विनाश — केवल रूप परिवर्तन होता है।
💡 कुल यांत्रिक ऊर्जा (K + U) हमेशा स्थिर रहती है।

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पाठ्यपुस्त के प्रश्न

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प्रश्न 5.1
किसी वस्तु पर किसी बल द्वारा किए गए कार्य का बिंदु-सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण है। सामान्यतः यह बल–विस्थापन के संबंध से परिभाषित होता है। निम्नलिखित स्थितियों में बताइए कि किसके द्वारा कार्य किया गया :
(a) किसी व्यक्ति द्वारा किसी कुर्सी में से रस्सी से बँधी बाल्टी को रस्सी द्वारा बाहर निकालने में किया गया कार्य।
(b) उपयुक्त स्थिति में स्थिरता बल द्वारा किया गया कार्य।
(c) किसी आपात बल पर फिसलते हुए किसी वस्तु पर घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य।
(d) किसी वस्तु को दीर्घ पथ पर एकसमान वेग से गतिशील किसी घर्षणहीन सतह पर खींचने में किया गया कार्य।
(e) किसी रोटेशनल लोलक को संतुलन स्थिति में लाने के लिए बल द्वारा किया गया कार्य।
उत्तर 5.1
💡 कार्य (Work) का सिद्धांत:
यदि किसी वस्तु पर बल F विस्थापन s के साथ θ कोण बनाता है, तो कार्य W = F·s·cosθ होता है।
(a) व्यक्ति द्वारा बल ऊपर की ओर तथा विस्थापन भी ऊपर की ओर ⇒ cosθ = 1 ⇒ सकारात्मक कार्य (Positive Work)
(b) स्थिरता बल (Normal Reaction) का दिशा विस्थापन के लंबवत ⇒ θ = 90° ⇒ शून्य कार्य (Zero Work)
(c) घर्षण बल का दिशा विस्थापन के विपरीत ⇒ θ = 180° ⇒ ऋणात्मक कार्य (Negative Work)
(d) एकसमान वेग और घर्षणहीन सतह ⇒ कोई बाहरी बल नहीं ⇒ शून्य कार्य
(e) संतुलन स्थिति में लाने के लिए बल विस्थापन के विपरीत ⇒ ऋणात्मक कार्य
प्रश्न 5.2
2 kg द्रव्यमान की किसी वस्तु को कोई बल जो इसके विस्थापन में 7 N के स्थायी क्षैतिज बल के प्रभाव से एक मेज़ पर गति कराता है, जिसका घर्षण गुणांक 0.1 है। निम्नलिखित का परिकलन कीजिए और अपने परिणामों का व्याख्यान कीजिए :
(a) वस्तु पर बल द्वारा 10 s में किया गया कार्य,
(b) घर्षण बल द्वारा 10 s में किया गया कार्य,
(c) वस्तु पर कुल बल द्वारा 10 s में किया गया कार्य,
(d) वस्तु की गतिज ऊर्जा में 10 s में परिवर्तन।
उत्तर 5.2
🧮 दिया गया:
m = 2 kg, F = 7 N, μ = 0.1, g = 10 m/s²
घर्षण बल f = μmg = 0.1×2×10 = 2 N
नेट बल = 7 − 2 = 5 N
त्वरण a = F_net / m = 5/2 = 2.5 m/s²
t = 10 s ⇒ विस्थापन s = ½ a t² = ½ × 2.5 × 100 = 125 m
(a) बल द्वारा किया गया कार्य:
W_F = F·s = 7×125 = 875 J
(b) घर्षण द्वारा कार्य:
W_f = −f·s = −2×125 = −250 J
(c) कुल कार्य:
W_net = 875 − 250 = 625 J
(d) गतिज ऊर्जा परिवर्तन (W_net = ΔK):
ΔK = 625 J
✔️ वस्तु की गतिज ऊर्जा में वृद्धि = 625 J।
प्रश्न 5.3
चित्र 5.11 में कुछ काल्पनिक स्थितिज ऊर्जा–फलकों के उदाहरण दिए गए हैं। (a) यह बताइए कि कौन-सा संभावित ऊर्जा फलन किसी वस्तु को बँधित अवस्था में रख सकता है और कौन-सा नहीं?
(b) यदि E किसी वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा हो, तो यह स्पष्ट कीजिए कि कौन-से क्षेत्रों में वह वस्तु चल सकती है।
(c) प्रत्येक फलन में वे क्षेत्र दर्शाइए जहाँ गतिज ऊर्जा ऋणात्मक हो।
उत्तर 5.3
💡 (a)
🔹 कोई वस्तु बँधित (Bound) तभी कहलाती है जब उसकी कुल यांत्रिक ऊर्जा E < V₀ (अर्थात् सीमित स्थितिज क्षेत्र में गति कर सकती है)।
🔹 चित्र (a) एवं (d) जैसे बंद-प्रकार वक्र (well-type potential) बँधित अवस्था दर्शाते हैं।
🔹 चित्र (b) और (c) के खुले फलन बँधित अवस्था नहीं दर्शाते।
💡 (b)
वस्तु उन्हीं क्षेत्रों में चल सकती है जहाँ E ≥ V(x) हो।
जहाँ V(x) > E है, वहाँ गतिज ऊर्जा ऋणात्मक (अर्थात् भौतिक रूप से असंभव) होगी।
💡 (c)
गतिज ऊर्जा K = E − V(x);
जहाँ V(x) > E ⇒ K < 0 ⇒ वस्तु वहाँ नहीं पहुँच सकती।
अतः प्रत्येक चित्र में उन क्षेत्रों को “E” रेखा के ऊपर स्थित भागों द्वारा दर्शाया जा सकता है जहाँ गति असंभव है।
✔️ सारांश:
बँधित अवस्था → V(x) के “खड्ड” में फँसी वस्तु।
मुक्त अवस्था → E ≥ V(x) हर स्थान पर।
निषिद्ध क्षेत्र → जहाँ V(x) > E।

🔵🔵🔵

प्रश्न 5.4
रेखीय सरल आवर्त गति कर रहे किसी कण का स्थितिज ऊर्जा फलन V(x) = (1/2) kx² है, जहाँ k स्थिरांक का मान 0.5 N·m⁻¹ है।
चित्र 5.12 में इस फलन का ग्राफ दिया गया है।
यदि कण की अधिकतम गतिज ऊर्जा 1 J है, तो वह “बाँधित कण” अधिकतम किस दूरी तक जा सकता है?

उत्तर 5.4
💡 दिया गया :
V(x) = ½ kx², k = 0.5 N/m, E_max = 1 J

संतुलन स्थिति (x = 0) पर स्थितिज ऊर्जा = 0, गतिज ऊर्जा = E_max

सीमा बिंदु पर गतिज ऊर्जा 0 ⇒ कुल ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा

E = ½ kx²
1 = ½ × 0.5 × x²
⇒ x² = 4
⇒ x = ±2 m

✔️ अतः कण ±2 m तक विस्थापित हो सकता है।

प्रश्न 5.5
निम्नलिखित का उत्तर दीजिए :

(a) किसी वस्तु को हाथ द्वारा ऊपर उठाने के लिए क्यों कार्य करना पड़ता है?
(b) जब किसी वस्तु को ऊपर उठाया जाता है, तो वस्तु द्वारा किसके विरुद्ध कार्य किया जाता है?
(c) वस्तु को नीचे उतारते समय क्या हाथ द्वारा कार्य किया जाता है?
(d) चित्र 5.13 में 15 kg वस्तु को कुएँ में नीचे उतारते समय रस्सी के खिंचाव का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर 5.5
(a) वस्तु को ऊपर उठाने पर गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध विस्थापन होता है ⇒ धनात्मक कार्य करना पड़ता है।

(b) वस्तु पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करती है; कार्य = mgh.

(c) जब वस्तु नीचे आती है, तब गुरुत्व बल विस्थापन के समान दिशा में ⇒ गुरुत्व बल धनात्मक कार्य करता है, जबकि हाथ ऋणात्मक कार्य करता है।

(d) दिया गया :
m = 15 kg, g = 10 m/s², वेग एकसमान है ⇒ कुल बल = 0
रस्सी में तनाव = भार = mg = 15×10 = 150 N
✔️ अतः रस्सी में खिंचाव = 150 N।

प्रश्न 5.6
सही विकल्प चुनिए :

(a) जब कोई स्थायी बल किसी वस्तु पर प्रभावी कार्य करता है, तो वस्तु की स्थितिज ऊर्जा —
(i) बढ़ती है (ii) घटती है (iii) अपरिवर्तित रहती है

(b) किसी वस्तु पर स्थायी बल कार्य करता है, परंतु परिणामस्वरूप उसकी गतिज ऊर्जा में वृद्धि नहीं होती। यह तब होता है जब —
(i) वस्तु पर समान परिमाण का अन्य बल कार्य करे (ii) वस्तु की गति शून्य हो (iii) बल और विस्थापन परस्पर लंबवत हों

(c) किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन का दर उसी बल के अनुपात में होता है जो वस्तु पर कार्य करता है।

उत्तर 5.6
(a) (i) बढ़ती है — यदि बल विस्थापन के समान दिशा में हो।
(b) (iii) बल और विस्थापन परस्पर लंबवत हों।
(c) सत्य — P = Fv = dK/dt.

प्रश्न 5.7
बल यदि विस्थापन के समान दिशा में हो, तो कार्य धनात्मक होता है; यदि विपरीत दिशा में हो, तो ऋणात्मक।
सही या गलत कहिए और कारण दीजिए।

उत्तर 5.7
✔️ कथन सही है।
क्योंकि कार्य W = F s cosθ से दिया जाता है।
यदि θ = 0°, तो cosθ = 1 ⇒ कार्य धनात्मक।
यदि θ = 180°, तो cosθ = −1 ⇒ कार्य ऋणात्मक।

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प्रश्न 5.8
निम्नलिखित का उत्तर व्यामोचक, कारण सहित दीजिए :

(a) किन्हीं दो बिलियर्ड-गेंदों के प्रत्यास्थ संघट्ट में, क्या गेंदों के संयोग की अवस्थापर्यंत (जब वे संपर्क में होती हैं) कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित रहती है?
(b) दो गेंदों के किसी प्रत्यास्थ संघट्ट को लघु अवधि में क्या कुल रेखीय संवेग संरक्षित रहता है?
(c) किसी अप्रत्यास्थ संघट्ट के लिए प्रश्न (a) व (b) के लिए आपके उत्तर क्या हैं?

उत्तर 5.8
(a) प्रत्यास्थ संघट्ट में जब दो गेंदें एक-दूसरे के संपर्क में होती हैं, तब कुछ गतिज ऊर्जा अस्थायी रूप से स्थितिज ऊर्जा में बदल जाती है। अतः संपर्क के क्षण में कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती
(b) कुल रेखीय संवेग सदैव संरक्षित रहता है क्योंकि संपर्क बल परस्पर समान और विपरीत होते हैं (न्यूटन का तृतीय नियम)।
(c) अप्रत्यास्थ संघट्ट में भी कुल रेखीय संवेग संरक्षित रहता है, परंतु कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती क्योंकि कुछ भाग ऊष्मा, ध्वनि या विकृति में व्यय होता है।

प्रश्न 5.9
कोई पिंड जो विस्थापन में है, अपर त्वरण से एकसमान गति करता है। इसका विस्थापन t समय पर किस शक्ति के अनुपाती है?

(i) t¹/² (ii) t (iii) t³/² (iv) t²

उत्तर 5.9
💡 विस्थापन s = ut + ½ a t²
यदि आरंभिक वेग u = 0 हो, तो s ∝ t²
✔️ सही उत्तर: (iv) t²

प्रश्न 5.10
एक पिंड पर स्थिर शक्ति के प्रभाव में एक ही दिशा में गतिमान है। इसका विस्थापन समय t पर किस शक्ति के अनुपाती है?

(i) t¹/² (ii) t (iii) t³/² (iv) t²

उत्तर 5.10
💡 स्थिर शक्ति P = Fv ⇒ F = P/v
कुल कार्य W = ∫F dx = ∫(P/v) dx = ∫P dt = Pt
गतिज ऊर्जा K = ½ m v² = Pt
⇒ v ∝ t¹/² ⇒ s = ∫v dt ∝ t³/²
✔️ सही उत्तर: (iii) t³/²

प्रश्न 5.11
किसी पिंड पर नियत बल लगाया उसे किसी निर्देशांक प्रणाली के अनुसार z-अक्ष के अनुदिश गति करने के लिए बाध्य किया गया है।
F = (−i + 2j + 3k) N, और पिंड को z-अक्ष के अनुदिश 4 m तक खिसकाया गया है।
कार्य ज्ञात कीजिए।

उत्तर 5.11
💡 कार्य W = F·s = F_z × s_z
= (3 N) × (4 m) = 12 J
✔️ कार्य का परिमाण 12 J है।

प्रश्न 5.12
किसी विद्युत क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉन को विराम अवस्था से 10 keV की ऊर्जा दी गई।
(1 eV = 1.6×10⁻¹⁹ J, mₑ = 9.11×10⁻³¹ kg)
इलेक्ट्रॉन की अंतिम चाल ज्ञात कीजिए।

उत्तर 5.12
K = eV = 10×10³ × 1.6×10⁻¹⁹ = 1.6×10⁻¹⁵ J
½ m v² = K
v = √(2K/m) = √(2×1.6×10⁻¹⁵ / 9.11×10⁻³¹)
= √(3.516×10¹⁵) = 1.88×10⁷ m/s
✔️ इलेक्ट्रॉन की चाल = 1.9×10⁷ m/s (लगभग)।

प्रश्न 5.13
2 mm मोटी इस्पात की एक पट्टी पर 500 m/s की चाल से आने वाली 10 g की गोली टकराकर वापस चली जाती है।
पट्टी को दिया गया संवेग ज्ञात कीजिए।

उत्तर 5.13
m = 10 g = 0.01 kg,
प्रारंभिक वेग u = 500 m/s, अंतिम वेग v = −500 m/s
संवेग परिवर्तन = m(v − u) = 0.01(−500 − 500) = −10 kg·m/s
✔️ पट्टी को दिया गया संवेग 10 kg·m/s (विपरीत दिशा में)।

प्रश्न 5.14
100 kg द्रव्यमान की एक गाड़ी को 200 m ऊँचे पहाड़ पर ले जाने के लिए कितना कार्य करना पड़ेगा? (g = 10 m/s²)

उत्तर 5.14
W = mgh = 100×10×200 = 2×10⁵ J
✔️ कार्य = 2×10⁵ J

प्रश्न 5.15
किसी कार की गतिज ऊर्जा 40 km/h की चाल पर 30% है।
कार की गतिज ऊर्जा 80 km/h की चाल पर कितनी होगी?

उत्तर 5.15
गतिज ऊर्जा K ∝ v²
v₂/v₁ = 80/40 = 2 ⇒ K₂/K₁ = (v₂/v₁)² = 4
K₂ = 4×30% = 120%
✔️ अतः 80 km/h पर गतिज ऊर्जा प्रारंभिक की 120% होगी।

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प्रश्न 5.16
दो समान गेंदें — वस्तु 1 और 2 — के संयोग में हैं और किसी घर्षणरहित मेज़ पर विश्रामावस्था में हैं। इनके साथ समान द्रव्यमान का कोई तीसरा कण (वस्तु 3) वेग v से टकराता है। यदि टक्कर प्रत्यास्थ है तो चित्र 5.14 में कौन-सा परिणाम संभव है?

उत्तर 5.16
💡 प्रत्यास्थ टक्कर में रैखिक संवेग तथा गतिज ऊर्जा दोनों संरक्षित रहते हैं।
(i) स्थिति में संवेग और ऊर्जा दोनों संरक्षित नहीं रहते।
(ii) स्थिति में टकराने वाला कण रुकता है और दो अन्य बराबर गति करते हैं। इससे गतिज ऊर्जा घटेगी, अतः यह भी असंभव।
(iii) स्थिति में वेग v/3 प्रत्येक के लिए संवेग संरक्षण देता है, परंतु ऊर्जा भी संगत रहती है।
✔️ अतः सही परिणाम (iii) है।

प्रश्न 5.17
किसी लोलक के गोले A को, जो ऊर्ध्वाधर से 30° का कोण बनाता है, छोड़ने मात्र पर विश्रामावस्था में खड़े दूसरे गोले B से टकराया जाता है जैसा कि चित्र 5.15 में प्रदर्शित है। जब टक्कर प्रत्यास्थ हो, तब B की अधिकतम ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

उत्तर 5.17
💡 A की आरंभिक ऊँचाई h = L(1 − cosθ)
 मान लें L = 1 m, θ = 30° ⇒ h = 1(1 − 0.866) = 0.134 m
 A का वेग टकराव से पहले v = √(2gh) = √(2×9.8×0.134) = 1.62 m/s
प्रत्यास्थ टक्कर में समान द्रव्यमान की स्थिति में A रुकता है और B समान वेग से ऊपर जाता है।
B की अधिकतम ऊँचाई = v² / (2g) = (1.62)² / (19.6) = 0.134 m
✔️ अतः B की ऊँचाई = 0.134 m = A की प्रारंभिक ऊँचाई के बराबर।

प्रश्न 5.18
किसी लोलक के गोले को विश्रामावस्था से छोड़ा गया है। यदि लोलक की लंबाई 1.5 m हो तो निम्नतम बिंदु पर आने पर गोले का वेग क्या होगा? यह दिया गया है कि इसकी प्रारंभिक ऊर्जा का 5% भाग वायु प्रतिरोध के विरुद्ध व्यय हो जाता है।

उत्तर 5.18
💡 अधिकतम ऊँचाई पर स्थितिज ऊर्जा = mgh
 न्यूनतम बिंदु पर गतिज ऊर्जा = 0.95 mgh
 ½ m v² = 0.95 mgh ⇒ v = √(2×0.95×9.8×1.5) = √(27.93) = 5.28 m/s
✔️ उत्तर: 5.28 m/s

प्रश्न 5.19
300 kg द्रव्यमान की कोई ट्रॉली, 25 kg रेत का बोझ लिए हुए, किसी घर्षणरहित पथ पर 27 km/h (7.5 m/s) की चाल से गतिमान है। कुछ समय पश्चात् रेत नीचे गिरने लगती है जिसकी दर 0.05 kg/s है। गिरने के बाद रेत भूमि पर स्थिर रहती है।
ट्रॉली की चाल कितनी होगी जब 5 s में रेत गिर चुकी हो?

उत्तर 5.19
प्रारंभिक द्रव्यमान m₁ = 325 kg
अंतिम द्रव्यमान m₂ = 325 − (0.05×5) = 324.75 kg
संवेग संरक्षण: m₁v₁ = m₂v₂
v₂ = (m₁/m₂) v₁ = (325/324.75) × 7.5 = 7.50 m/s (लगभग समान)
✔️ अतः ट्रॉली की चाल में परिवर्तन नगण्य है।

प्रश्न 5.20
कोई कण समान त्वरण a = 5 m/s² से गति करता है। यदि x = 0 से x = 2 m तक उसका विस्थापन है, तो उसका कार्य ज्ञात कीजिए।

उत्तर 5.20
💡 W = F·s = m a s
परंतु यहाँ द्रव्यमान नहीं दिया गया, अतः प्रति इकाई द्रव्यमान कार्य:
W/m = a s = 5×2 = 10 J/kg

प्रश्न 5.21
दिव्य प्रकाश ऊर्जा संयंत्र में 1 m² क्षेत्रफल वाले दर्पणों का उपयोग किया गया है।
(a) यदि प्रत्येक दर्पण पर सूर्य प्रकाश 1.4 kW/m² की दर से गिरता है और 25% भाग उपयोगी होता है, तो प्रति वर्ग मीटर शक्ति क्या होगी?
(b) यदि कुल क्षेत्र A = 30 m² है, तो कुल उपयोगी शक्ति क्या होगी?
(c) यदि प्रकाश की औसत ऊर्जा 1.2 kg·m²/s² प्रति सेकंड है, तो दक्षता ज्ञात कीजिए।

उत्तर 5.21
(a) उपयोगी शक्ति = 25% of 1.4 kW = 0.35 kW/m²
(b) कुल शक्ति = 0.35×30 = 10.5 kW
(c) दक्षता = (उपयोगी शक्ति / आपतित शक्ति)×100 = (0.35/1.4)×100 = 25%

प्रश्न 5.22
10⁴ kg द्रव्यमान का एक ट्रक 108 km/h (30 m/s) की चाल से चल रहा है। यदि ब्रेक लगाने पर 20% गतिज ऊर्जा गर्मी में बदल जाती है, तो शेष गतिज ऊर्जा क्या होगी?

उत्तर 5.22
💡 प्रारंभिक गतिज ऊर्जा K = ½ m v² = ½×10⁴×30² = 4.5×10⁶ J
20% हानि ⇒ शेष ऊर्जा = 80% × 4.5×10⁶ = 3.6×10⁶ J

प्रश्न 5.23
8 kW शक्ति वाला इंजन एक कार को 200 m दूरी में 20 m/s चाल तक पहुँचाता है।
(a) कार पर लगाया औसत बल ज्ञात कीजिए।
(b) कार की कुल विरोधी बल (वायु घर्षण) का औसत ज्ञात कीजिए।

उत्तर 5.23
(a) शक्ति P = W/t = Fv ⇒ F = P/v = 8000 / 20 = 400 N
(b) कार्य W = F s = 400×200 = 8×10⁴ J
गतिज ऊर्जा = ½ m v², परंतु द्रव्यमान नहीं दिया गया।
यदि विरोधी बल कुल कार्य के 20% के बराबर हो, तो
F_resist = 0.2×400 = 80 N
✔️ औसत विरोधी बल = 80 N

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

✳️ Section A — बहुविकल्पी प्रश्न (Q1–Q18)

Question 1:
यदि बल और विस्थापन के बीच कोण 90° हो, तो किया गया कार्य होगा —
🔵 (A) अधिकतम
🟢 (B) शून्य
🟠 (C) ऋणात्मक
🔴 (D) धनात्मक
Answer: (B) शून्य

Question 2:
कार्य की SI इकाई क्या है?
🔵 (A) न्यूटन
🟢 (B) जूल
🟠 (C) वाट
🔴 (D) पास्कल
Answer: (B) जूल

Question 3:
कार्य का सूत्र है —
🔵 (A) W = F + s
🟢 (B) W = F s cosθ
🟠 (C) W = F / s
🔴 (D) W = m g h
Answer: (B) W = F s cosθ

Question 4:
यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों, तो कार्य —
🔵 (A) ऋणात्मक
🟢 (B) धनात्मक
🟠 (C) शून्य
🔴 (D) न्यूनतम
Answer: (B) धनात्मक

Question 5:
एक 10 N बल किसी वस्तु को 2 m तक विस्थापित करता है। कार्य होगा —
🔵 (A) 5 J
🟢 (B) 10 J
🟠 (C) 15 J
🔴 (D) 20 J
Answer: (D) 20 J
➡️ W = F s = 10 × 2 = 20 J

Question 6:
ऊर्जा की SI इकाई क्या है?
🔵 (A) वाट
🟢 (B) जूल
🟠 (C) न्यूटन
🔴 (D) एर्ग
Answer: (B) जूल

Question 7:
गति के कारण वस्तु में निहित ऊर्जा कहलाती है —
🔵 (A) स्थितिज ऊर्जा
🟢 (B) गतिज ऊर्जा
🟠 (C) ऊष्मीय ऊर्जा
🔴 (D) प्रकाश ऊर्जा
Answer: (B) गतिज ऊर्जा

Question 8:
गतिज ऊर्जा का सूत्र है —
🔵 (A) K = m v²
🟢 (B) K = ½ m v²
🟠 (C) K = m g h
🔴 (D) K = F s
Answer: (B) K = ½ m v²

Question 9:
किसी वस्तु की स्थिति के कारण उसमें संग्रहित ऊर्जा कहलाती है —
🔵 (A) गतिज ऊर्जा
🟢 (B) स्थितिज ऊर्जा
🟠 (C) प्रकाश ऊर्जा
🔴 (D) ध्वनि ऊर्जा
Answer: (B) स्थितिज ऊर्जा

Question 10:
स्थितिज ऊर्जा का सूत्र है —
🔵 (A) U = m g h
🟢 (B) U = ½ m v²
🟠 (C) U = F s cosθ
🔴 (D) U = ½ k x²
Answer: (A) U = m g h

Question 11:
यदि किसी स्प्रिंग में x विस्तार हो, तो उसमें संग्रहित ऊर्जा —
🔵 (A) U = ½ k x²
🟢 (B) U = k x
🟠 (C) U = k x³
🔴 (D) U = k x²
Answer: (A) U = ½ k x²

Question 12:
कार्य-ऊर्जा प्रमेय कहता है —
🔵 (A) कार्य = कुल ऊर्जा
🟢 (B) किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
🟠 (C) कार्य = स्थितिज ऊर्जा
🔴 (D) कोई नहीं
Answer: (B) किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन

Question 13:
किसी वस्तु की कार्य करने की दर कहलाती है —
🔵 (A) बल
🟢 (B) शक्ति
🟠 (C) ऊर्जा
🔴 (D) विस्थापन
Answer: (B) शक्ति

Question 14:
शक्ति की SI इकाई क्या है?
🔵 (A) जूल
🟢 (B) वाट
🟠 (C) न्यूटन
🔴 (D) पास्कल
Answer: (B) वाट

Question 15:
1 हॉर्सपावर = कितने वॉट के बराबर होता है?
🔵 (A) 375 W
🟢 (B) 746 W
🟠 (C) 1000 W
🔴 (D) 500 W
Answer: (B) 746 W

Question 16:
कुल यांत्रिक ऊर्जा = ?
🔵 (A) गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा
🟢 (B) केवल गतिज ऊर्जा
🟠 (C) केवल स्थितिज ऊर्जा
🔴 (D) प्रत्यास्थ ऊर्जा
Answer: (A) गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा

Question 17:
ऊर्जा संरक्षण का सिद्धान्त कहता है —
🔵 (A) ऊर्जा का नाश होता है
🟢 (B) ऊर्जा का निर्माण होता है
🟠 (C) ऊर्जा न उत्पन्न होती है न नष्ट, केवल रूप बदलती है
🔴 (D) कुल ऊर्जा बढ़ती है
Answer: (C) ऊर्जा न उत्पन्न होती है न नष्ट, केवल रूप बदलती है

Question 18:
यदि बल शून्य हो, तो किया गया कार्य —
🔵 (A) अधिकतम
🟢 (B) शून्य
🟠 (C) ऋणात्मक
🔴 (D) धनात्मक
Answer: (B) शून्य

🟢 Section B — लघु उत्तर प्रश्न (Q19–Q23)

Question 19:
कार्य की परिभाषा दीजिए और इसका सूत्र लिखिए।
Answer:
➡️ जब कोई बल किसी वस्तु पर लगाया जाता है और वस्तु बल की दिशा में विस्थापित होती है, तो कहा जाता है कि बल ने वस्तु पर कार्य किया।
💡 सूत्र:
W = F s cosθ
जहाँ —
F = लगाया गया बल,
s = विस्थापन,
θ = बल और विस्थापन के बीच का कोण।
✔️ यदि θ = 0°, तो कार्य धनात्मक होगा;
यदि θ = 90°, तो कार्य शून्य होगा।

Question 20:
कार्य की SI इकाई क्या है और इसका भौतिक अर्थ बताइए।
Answer:
➡️ कार्य की SI इकाई जूल (Joule) है।
✏️ परिभाषा:
यदि किसी वस्तु पर 1 न्यूटन बल लगाया जाए और वस्तु बल की दिशा में 1 मीटर विस्थापित हो, तो किया गया कार्य 1 जूल कहलाता है।
✔️ 1 J = 1 N × 1 m = 1 kg·m²/s²

Question 21:
गतिज ऊर्जा क्या है और उसका सूत्र सिद्ध कीजिए।
Answer:
💡 गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy): गति के कारण वस्तु में जो ऊर्जा होती है, उसे गतिज ऊर्जा कहते हैं।
🧮 सिद्धान्त:
बल F वस्तु को u से v तक ले जाता है, तो
W = F s
परन्तु F = m a
⇒ W = m a s
अब समीकरण v² − u² = 2 a s का उपयोग करें:
⇒ a s = (v² − u²)/2
∴ W = ½ m (v² − u²)
✔️ यह किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
अतः K = ½ m v²

Question 22:
स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) क्या है?
Answer:
➡️ किसी वस्तु की स्थिति के कारण उसमें कार्य करने की क्षमता होती है, उसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।
💡 गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा:
U = m g h
जहाँ —
m = द्रव्यमान, g = गुरुत्व त्वरण, h = ऊँचाई।
✔️ वस्तु जितनी ऊँचाई पर होगी, उसकी स्थितिज ऊर्जा उतनी अधिक होगी।

Question 23:
शक्ति (Power) की परिभाषा दीजिए तथा इसका सूत्र लिखिए।
Answer:
➡️ कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।
💡 सूत्र:
P = W / t
जहाँ —
W = किया गया कार्य,
t = समय।
SI इकाई: वॉट (W)
1 W = 1 J/s
✔️ अधिक शक्ति का अर्थ है कि समान कार्य कम समय में किया गया।

🔴 Section C — मध्य-लंबाई प्रश्न (Q24–Q27)

Question 24:
कार्य-ऊर्जा प्रमेय को सिद्ध कीजिए।
Answer:
➡️ मान लीजिए किसी वस्तु पर बल F लगाया गया है जिससे उसका वेग u से v हो जाता है।
🔹 F = m a
🔹 W = F s = m a s
समीकरण v² − u² = 2 a s से,
a s = (v² − u²)/2
∴ W = ½ m (v² − u²)
💡 यह किया गया कार्य वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर है।
✔️ निष्कर्ष:
W = ΔK = K₂ − K₁
या, W = ½ m(v² − u²)

Question 25:
ऊर्जा संरक्षण का सिद्धान्त लिखिए और सिद्ध कीजिए।
Answer:
💡 सिद्धान्त:
ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है; यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है।
➡️ जब कोई वस्तु ऊँचाई h से गिरती है —
शुरुआत में: U = m g h, K = 0
जमीन के पास: U = 0, K = ½ m v²
∴ कुल ऊर्जा,
E = K + U = ½ m v² + m g h = स्थिर
✔️ निष्कर्ष:
गुरुत्वीय क्षेत्र में कुल यांत्रिक ऊर्जा (E) स्थिर रहती है।

Question 26:
प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा का सूत्र सिद्ध कीजिए।
Answer:
➡️ जब कोई स्प्रिंग खींची या दबाई जाती है, तो उसमें ऊर्जा संचित होती है।
सिद्धान्त:
यदि स्प्रिंग में विस्तार x हो, तो बल = k x
कार्य = ∫₀ˣ F dx = ∫₀ˣ k x dx = ½ k x²
✔️ यह कार्य ही स्प्रिंग में संचित ऊर्जा के बराबर होता है।
∴ U = ½ k x²

Question 27:
शक्ति के दो प्रकार लिखिए तथा उनके उदाहरण दीजिए।
Answer:
💡 (1) औसत शक्ति (Average Power):
कुल कार्य / कुल समय
P_avg = W_total / t_total
➡️ उदाहरण: एक इंजन जो 1000 J कार्य 10 s में करता है, उसकी शक्ति = 100 W।
💡 (2) क्षणिक शक्ति (Instantaneous Power):
किसी क्षण में कार्य करने की दर।
P = F v cosθ
➡️ उदाहरण: चलती कार में इंजन की तत्कालीन शक्ति।
✔️ निष्कर्ष:
शक्ति कार्य करने की दर का मापक है — यह बताती है कि कार्य कितनी तेजी से किया गया।

🔵 Section D — दीर्घ उत्तर प्रश्न (Q28–Q31)

Question 28:
कार्य-ऊर्जा प्रमेय का उपयोग करके गुरुत्वीय क्षेत्र में गतिज एवं स्थितिज ऊर्जा के बीच सम्बन्ध सिद्ध कीजिए।
Answer:
➡️ मान लीजिए कि कोई वस्तु ऊँचाई h₁ से h₂ तक गिरती है।
प्रारम्भ में उसकी स्थितिज ऊर्जा U₁ = m g h₁ और गतिज ऊर्जा K₁ = ½ m v₁² है।
नीचे पहुँचने पर स्थितिज ऊर्जा U₂ = m g h₂ और गतिज ऊर्जा K₂ = ½ m v₂² होगी।
🔹 वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य:
W = m g (h₁ − h₂)
🔹 कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार:
W = ΔK = K₂ − K₁
∴ K₂ − K₁ = m g (h₁ − h₂)
इससे हमें मिलता है —
m g h₁ + ½ m v₁² = m g h₂ + ½ m v₂²
✔️ निष्कर्ष:
कुल यांत्रिक ऊर्जा (U + K) स्थिर रहती है।
अर्थात् E = U + K = स्थिर।

Question 29:
ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त को एक उदाहरण सहित समझाइए।
Answer:
💡 सिद्धान्त:
ऊर्जा का न तो निर्माण किया जा सकता है, न ही नष्ट किया जा सकता है; यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है।
➡️ उदाहरण:
यदि कोई वस्तु h ऊँचाई से गिरती है —
🔸 प्रारम्भ में स्थितिज ऊर्जा = m g h
🔸 गिरते समय ऊँचाई घटने से गतिज ऊर्जा बढ़ती है
🔸 अन्त में भूमि पर पहुँचने से ठीक पहले सारी ऊर्जा गतिज रूप में होती है
∴ U घटती है, K बढ़ती है, परन्तु U + K = स्थिर
✔️ निष्कर्ष:
गुरुत्वीय क्षेत्र में कुल यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहती है।

Question 30:
गतिज ऊर्जा और संवेग के बीच सम्बन्ध सिद्ध कीजिए।
Answer:
➡️ हमें ज्ञात है कि गतिज ऊर्जा —
K = ½ m v²
और संवेग —
p = m v
अब, v = p/m रखिए:
K = ½ m (p²/m²) = p² / (2m)
✔️ निष्कर्ष:
गतिज ऊर्जा = (संवेग)² / (2 × द्रव्यमान)
अर्थात् K = p² / (2m)
💡 यह सम्बन्ध दर्शाता है कि समान द्रव्यमान के लिए संवेग जितना अधिक होगा, गतिज ऊर्जा उतनी ही अधिक होगी।

Question 31:
प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा में आपसी परिवर्तन को उदाहरण सहित समझाइए।
Answer:
➡️ मान लीजिए एक स्प्रिंग से जुड़ा ब्लॉक दोलन करता है।
स्थिति 1: जब स्प्रिंग अधिकतम संकुचित होती है —
🔹 x = xₘₐₓ
🔹 U = ½ k xₘₐₓ² (अधिकतम), K = 0
स्थिति 2: जब ब्लॉक मध्य स्थिति में होता है —
🔹 x = 0
🔹 U = 0, K = ½ m vₘₐₓ² (अधिकतम)
स्थिति 3: जब ब्लॉक दूसरी ओर अधिकतम खिंचता है —
🔹 U = ½ k xₘₐₓ² (अधिकतम), K = 0
✔️ निष्कर्ष:
ऊर्जा का निरंतर रूपांतरण होता है —
प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा ⇄ गतिज ऊर्जा, परंतु कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।

🟡 Section E — अनुप्रयोगात्मक / संख्यात्मक प्रश्न (Q32–Q33)

Question 32 (Numerical):
एक वस्तु का द्रव्यमान 2 kg है। उस पर 20 N का बल लगाया गया जिससे वह 5 m तक चलती है। किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।
Answer:
🧮 दिया गया:
m = 2 kg, F = 20 N, s = 5 m
➡️ सूत्र:
W = F s cosθ
चूँकि बल और विस्थापन समान दिशा में हैं, θ = 0° ⇒ cosθ = 1
∴ W = 20 × 5 × 1 = 100 J
✔️ उत्तर: किया गया कार्य 100 जूल है।

Question 33 (Application):
एक इंजन 10 सेकंड में 5000 J कार्य करता है। इंजन की शक्ति ज्ञात कीजिए।
Answer:
🧮 दिया गया:
W = 5000 J, t = 10 s
➡️ सूत्र:
P = W / t = 5000 / 10 = 500 W
✔️ उत्तर: इंजन की शक्ति 500 वॉट है।

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