Class 11 : BIology (In Hindi) – अध्याय 17: गमन एवं संचलन
पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन
🌿✨ प्रस्तावना
💪 जीवों में गति (Movement) और गमन (Locomotion) जीवन का अभिन्न अंग हैं।
🧠 गति का अर्थ है — शरीर के किसी भाग का स्थिति परिवर्तन, जबकि
🌱 गमन का अर्थ है — जीव का एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचलन।
💡 मुख्य विचार:
“गति = स्थिति परिवर्तन; गमन = स्थान परिवर्तन।”
🧬 मानव शरीर में गमन और संचलन का कार्य मांसपेशीय तंत्र और कंकाल तंत्र के संयोजन से होता है।
🔵 1️⃣ गमन एवं गति के प्रकार
🟢 (क) सामान्य गति
🔹 कोशिकांगों या अंगों का आंतरिक संचलन।
🔹 उदाहरण – साइटोप्लाज्मिक प्रवाह, सिलिया गति।
🟡 (ख) जीव की संपूर्ण गति (गमन)
🔹 पूरा शरीर स्थान बदलता है।
🔹 उदाहरण – चलना, दौड़ना, तैरना।
🔴 (ग) अमांसपेशीय गति
🌿 अमीबा में स्यूडोपोडिया द्वारा, पैरामीशियम में सिलिया द्वारा।
🟣 (घ) मांसपेशीय गति
💪 मानव में मांसपेशियाँ संकुचन द्वारा गमन करती हैं।
🌱 2️⃣ मानव गमन प्रणाली
🧠 मानव गमन प्रणाली दो मुख्य तंत्रों से मिलकर बनी है —
🔹 कंकाल तंत्र
🔹 मांसपेशीय तंत्र
दोनों मिलकर शरीर को रूप, सहारा और गमन की क्षमता प्रदान करते हैं।
🦴 3️⃣ कंकाल तंत्र
🌿 (क) कार्य
🦵 शरीर को आकार व समर्थन
🧠 महत्वपूर्ण अंगों की रक्षा
⚙️ गति के लिए कठोर ढाँचा
🔋 खनिजों का भंडारण
🧬 रक्तजनन (अस्थि मज्जा में)
🟡 (ख) संरचना
मानव कंकाल दो भागों में बाँटा जाता है —

1️⃣ अक्षीय कंकाल
🔹 खोपड़ी, कशेरुक दण्ड, वक्ष पिंजरा


2️⃣ परिकल्पी कंकाल
🔹 अंगों की अस्थियाँ और उनकी पेटिकाएँ (कमर, कंधा)
🧠 4️⃣ अस्थि की मूल इकाई
🦴 अस्थि – कठोर संयोजी ऊतक
घटक – अस्थिकणिकाएँ, कोलेजन रेशे, कैल्शियम लवण
💡 अस्थि कोशिका (ऑस्टियोसाइट) = अस्थि की जीवित इकाई
💪 5️⃣ मांसपेशियाँ (पेशियाँ)
🧬 मांसपेशीय ऊतक संकुचनशील होते हैं, जो बल उत्पन्न करते हैं।
मानव शरीर में तीन प्रकार की मांसपेशियाँ —

🔹 (1) रेखित मांसपेशियाँ (कंकालीय)
⚡ इच्छा अनुसार कार्य, तीव्र संकुचन
🌿 उदाहरण – हाथ, पैर की मांसपेशियाँ

🔹 (2) अरेखित मांसपेशियाँ (अनैच्छिक)
🧠 इच्छा रहित, धीमा संकुचन
🌿 उदाहरण – आंत्र भित्ति, रक्त नलिकाएँ

🔹 (3) हृदय मांसपेशियाँ
💓 निरंतर संकुचन, थकावट रहित
💡 मांसपेशियों का मूल गुण = संकुचनशीलता व शिथिलता

🌿 6️⃣ मांसपेशी तंतु की संरचना
🧠 प्रत्येक मांसपेशी → कई तंतु → तंतु में मायोफाइब्रिल → इनमें मायोफिलामेंट
दो प्रकार के तंतु —
🔹 पतले तंतु = ऐक्टिन
🔹 मोटे तंतु = म्योसिन
ये तंतु मिलकर संकुचन इकाई बनाते हैं —
🧬 सरकोमियर = Z-रेखा से Z-रेखा तक

⚡ 7️⃣ मांसपेशी संकुचन की प्रक्रिया

🧠 स्लाइडिंग तंतु सिद्धांत (सरकने वाला सिद्धांत)
🔹 तंतु संकुचन के समय एक-दूसरे पर सरकते हैं।
🔹 ऐक्टिन और म्योसिन परस्पर जुड़कर क्रॉस ब्रिज बनाते हैं।
🔹 एटीपी ऊर्जा से मांसपेशी संकुचित होती है।
🔹 कैल्शियम आयन इस प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं।
💡 मुख्य विचार:
मांसपेशी संकुचन = ऐक्टिन–म्योसिन तंतुओं की सरकन।
🦵 8️⃣ जोड़ों के प्रकार
अस्थियों के जोड़ गति की सीमा के अनुसार तीन प्रकार —
🟢 (क) स्थिर जोड़ (अचल)
🔹 गति नहीं होती
🔹 उदाहरण – खोपड़ी

🟡 (ख) अल्पचल जोड़
🔹 सीमित गति
🔹 उदाहरण – कशेरुक जोड़
🔴 (ग) चल जोड़
🔹 पूर्ण गति
🔹 प्रकार – हिंग, बॉल-सॉकेट, पिवोट, ग्लाइडिंग
💡 उदाहरण – घुटना, कंधा, सिर-गरदन जोड़




🌾 9️⃣ मानव शरीर की प्रमुख अस्थियाँ
🦴 खोपड़ी – मस्तिष्क की रक्षा
🦴 कशेरुक दण्ड – 33 कशेरुकाएँ
🦴 वक्ष पिंजरा – 12 युग्म पसलियाँ
🦴 ऊपरी अंग – भुजा, अग्रबाहु, कलाई
🦴 निचले अंग – जाँघ, पिंडली, पैर
🧠 🔟 मांसपेशी विकार
🔴 थकान – लैक्टिक अम्ल संचय
🔴 मायस्थीनिया – तंत्रिका संकेत दोष
🔴 मांसपेशी ऐंठन – कैल्शियम की कमी
🔴 गठिया – जोड़ सूजन


💡✏️ अवधारणात्मक नोट
🔹 गति = स्थिति परिवर्तन
🔹 गमन = स्थान परिवर्तन
🔹 मांसपेशी = संकुचनशील ऊतक
🔹 कंकाल = कठोर ढाँचा
🔹 जोड़ = अस्थि संधि स्थल
🔹 संकुचन = ऐक्टिन–म्योसिन सरकन
🧠🪴 📝 त्वरित पुनरावृत्ति
🌿 गमन तंत्र = मांसपेशियाँ + कंकाल
💪 मांसपेशियाँ = तीन प्रकार
🦴 कंकाल = अक्षीय + परिकल्पी
⚙️ जोड़ = स्थिर, अल्पचल, चल
⚡ संकुचन = स्लाइडिंग तंतु सिद्धांत
🧠 ऊर्जा = एटीपी से
📘 सारांश
🧬 गमन एवं संचलन जीवन क्रिया है, जो मांसपेशियों के संकुचन और अस्थियों के संयोजन से होती है।
🦴 कंकाल तंत्र शरीर को रूप, सहारा और जोड़ प्रदान करता है।
💪 मांसपेशीय तंत्र बल उत्पन्न कर गमन कराता है।
🧠 दोनों का समन्वय शरीर की गति नियंत्रित करता है।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔵 प्रश्न 1: कंकाल पेशी के एक सारकोमीयर का चित्र बनाइए और विभिन्न भागों को अंकित कीजिए।
🟢 उत्तर:
✔️ सारकोमीयर (Sarcomere) कंकाल पेशी का संरचनात्मक व क्रियात्मक इकाई है।
✔️ यह दो Z-रेखाओं के मध्य स्थित होता है।
🔹 भाग :
Z-रेखा
I-बैंड (केवल एक्टिन तंतु)
A-बैंड (एक्टिन व मियोसिन दोनों)
H-क्षेत्र (केवल मियोसिन)
M-रेखा (मध्य रेखा)
💡 नोट: संकुचन के समय I-बैंड व H-क्षेत्र घटते हैं, A-बैंड समान रहता है।
🔵 प्रश्न 2: पेशी संकुचन के सरकने वाले तंतु सिद्धांत को परिभाषित करें।
🟢 उत्तर:
पेशी संकुचन का सरकने वाला तंतु सिद्धांत (Sliding Filament Theory) कहता है कि संकुचन के समय
एक्टिन तंतु मियोसिन तंतुओं पर सरकते हैं।
ATP की ऊर्जा से मियोसिन सिर एक्टिन से जुड़कर उसे भीतर खींचते हैं।
➡️ परिणाम : सारकोमीयर छोटा होता है और पेशी सिकुड़ती है।
🔵 प्रश्न 3: पेशी संकुचन के प्रमुख चरणों का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ उत्तेजना – तंत्रिका प्रेरणा से कैल्शियम मुक्त होता है।
2️⃣ संयोजन – कैल्शियम एक्टिन के साथ जुड़कर ट्रोपोनिन हटाता है।
3️⃣ संकुचन – मियोसिन सिर एक्टिन पर जुड़कर उसे खींचते हैं।
4️⃣ शिथिलीकरण – कैल्शियम हटने पर एक्टिन-मियोसिन जुड़ाव टूटता है।
🔵 प्रश्न 4: सही या गलत लिखिए —
(क) एक्टिन पतले तंतु में उपस्थित होता है। ✔️ सही
(ख) मियोसिन तंतुओं का H-क्षेत्र मोटे व पतले तंतुओं को दर्शाता है। ❌ गलत (H क्षेत्र में केवल मोटे तंतु होते हैं)
(ग) मानव कंकाल में 206 अस्थियाँ होती हैं। ✔️ सही
(घ) मानव में 33 कशेरुकाएँ होती हैं। ✔️ सही
(ङ) ऊर्ध्व एवं अधो अंगों में जोड़ पाए जाते हैं। ✔️ सही
🔵 प्रश्न 5:
(क) एक्टिन और मियोसिन का अंतर:
एक्टिन = पतला तंतु
मियोसिन = मोटा तंतु
दोनों मिलकर संकुचन करते हैं।
(ख) लाल और श्वेत पेशियाँ:
लाल पेशियाँ: माइटोकॉन्ड्रिया अधिक, धीमा संकुचन, दीर्घ कार्य
श्वेत पेशियाँ: माइटोकॉन्ड्रिया कम, त्वरित संकुचन, शीघ्र थकान
(ग) अस्थि एवं अस्थि पेशी का अंतर:
अस्थि = कठोर संयोजी ऊतक
अस्थि पेशी = संकुचनशील पेशी ऊतक
🔵 प्रश्न 6: स्तंभ I व II का मिलान करें —
स्तंभ I स्तंभ II
(i) चिकनी पेशी (क) अनैच्छिक
(ii) त्रिपुष्ट संयोजन (ख) चलायमान जोड़
(iii) लाल पेशी (ग) माइटोकॉन्ड्रिया अधिक
(iv) कपाल (घ) सिवनी (Suture)
✔️ सही युग्म : (i-क), (ii-ख), (iii-ग), (iv-घ)
🔵 प्रश्न 7: मानव शरीर की कोशिकाओं द्वारा उत्पन्न विभिन्न गति प्रकार कौन-कौन से हैं?
🟢 उत्तर:
1️⃣ अमीबीय गमन — अमीबा व श्वेत रक्त कोशिकाओं में।
2️⃣ सिलियरी गमन — पथरी, ब्रोंकियोल की एपिथीलियल कोशिकाओं में।
3️⃣ फ्लैजेलरी गमन — शुक्राणु कोशिकाओं में।
4️⃣ स्नायु पेशीय गमन — पेशी-संवहन द्वारा अंगों की गति।
🔵 प्रश्न 8: कंकाल पेशी और हृदय पेशी में अंतर —
🟢 उत्तर:
गुण कंकाल पेशी हृदय पेशी
नियंत्रण ऐच्छिक अनैच्छिक
धारियाँ उपस्थित उपस्थित
केन्द्रक बहुकेंद्रक एक केंद्रक
संयोग नहीं इंटरकलेशन द्वारा
🔵 प्रश्न 9: निम्नलिखित जोड़ के प्रकार बताएँ —
(क) एटलस-अक्ष (Atlas-Axis) — पिवोट जोड़
(ख) अंगूठा–कर्पल (Thumb–Carpal) — सेडल जोड़
(ग) ह्यूमरस–स्कैपुला — बॉल-एंड-सॉकेट
(घ) कपाल अस्थियाँ — अचल सिवनी जोड़
(ङ) श्रवण अस्थियाँ — चलायमान सिनोवियल जोड़
🔵 प्रश्न 10: रिक्त स्थान भरें —
(क) सभी स्तनधारियों में (कुछ को छोड़कर) _ प्रीवा कशेरुक होते हैं। ➡️ 7 (ख) मानव पार में कशेरुकाएँ होती हैं।
➡️ 33
(ग) मायोफिब्रिल में 2 ‘F’ एक्टिन और अन्य मियोसिन प्रोटीन पाए जाते हैं।
(घ) पेशी रेशा में कैल्शियम आयन संकुचन में सहायक होते हैं।
(ङ) और _ अस्थियाँ कपाल का निर्माण करती हैं।
➡️ फ्रंटल और पैराइटल
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)
सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।
🔴 प्रश्न 1:
गमन का अर्थ है —
🔵 1️⃣ शरीर की स्थिति में परिवर्तन
🟢 2️⃣ किसी विशेष स्थान पर जाने की क्रिया
🟡 3️⃣ आंतरिक अंगों की गति
🔴 4️⃣ मांसपेशियों की संकुचन क्रिया
🟢 उत्तर: 2️⃣ किसी विशेष स्थान पर जाने की क्रिया
🔴 प्रश्न 2:
मानव शरीर में संचलन के लिए मुख्य प्रणाली कौन-सी है?
🔵 1️⃣ तंत्रिका तंत्र
🟢 2️⃣ अस्थि-मांसपेशीय तंत्र
🟡 3️⃣ परिसंचरण तंत्र
🔴 4️⃣ पाचन तंत्र
🟢 उत्तर: 2️⃣ अस्थि-मांसपेशीय तंत्र
🔴 प्रश्न 3:
मानव शरीर में कुल कितनी हड्डियाँ होती हैं?
🔵 1️⃣ 300
🟢 2️⃣ 206
🟡 3️⃣ 220
🔴 4️⃣ 180
🟢 उत्तर: 2️⃣ 206
🔴 प्रश्न 4:
मांसपेशियों के तीन प्रमुख प्रकार कौन-से हैं?
🔵 1️⃣ अनैच्छिक, कंकाली, हृदय
🟢 2️⃣ ऐच्छिक, हृदय, पाचन
🟡 3️⃣ चिकनी, धारीदार, वसा
🔴 4️⃣ संयोजी, उपास्थि, पेशीय
🟢 उत्तर: 1️⃣ अनैच्छिक, कंकाली, हृदय
🔴 प्रश्न 5:
कंकाली मांसपेशियाँ कैसी होती हैं?
🔵 1️⃣ अनैच्छिक और धारीदार
🟢 2️⃣ ऐच्छिक और धारीदार
🟡 3️⃣ अनैच्छिक और अदारीदार
🔴 4️⃣ ऐच्छिक और चिकनी
🟢 उत्तर: 2️⃣ ऐच्छिक और धारीदार
🔴 प्रश्न 6:
हड्डियों को जोड़ने वाली संरचना कहलाती है —
🔵 1️⃣ उपास्थि
🟢 2️⃣ स्नायुबंधन (Ligament)
🟡 3️⃣ कंडरा (Tendon)
🔴 4️⃣ पेशी
🟢 उत्तर: 2️⃣ स्नायुबंधन (Ligament)
🔴 प्रश्न 7:
कंकाल का मुख्य कार्य है —
🔵 1️⃣ पाचन
🟢 2️⃣ शरीर को आकार व सहारा देना
🟡 3️⃣ श्वसन
🔴 4️⃣ संचरण
🟢 उत्तर: 2️⃣ शरीर को आकार व सहारा देना
🔴 प्रश्न 8:
मानव शरीर की सबसे बड़ी हड्डी कौन-सी है?
🔵 1️⃣ फीमर (जांघ की हड्डी)
🟢 2️⃣ ह्यूमरस
🟡 3️⃣ टिबिया
🔴 4️⃣ रेडियस
🟢 उत्तर: 1️⃣ फीमर (जांघ की हड्डी)
🔴 प्रश्न 9:
हृदय मांसपेशियाँ कैसी होती हैं?
🔵 1️⃣ धारीदार, ऐच्छिक
🟢 2️⃣ धारीदार, अनैच्छिक
🟡 3️⃣ अदारीदार, ऐच्छिक
🔴 4️⃣ अदारीदार, अनैच्छिक
🟢 उत्तर: 2️⃣ धारीदार, अनैच्छिक
🔴 प्रश्न 10:
मानव कंकाल के दो भाग कौन-से हैं?
🔵 1️⃣ सिर व धड़
🟢 2️⃣ अक्षीय कंकाल व उपांग कंकाल
🟡 3️⃣ रीढ़ व खोपड़ी
🔴 4️⃣ पेल्विस व स्कैपुला
🟢 उत्तर: 2️⃣ अक्षीय कंकाल व उपांग कंकाल
🔴 प्रश्न 11:
स्नायुबंधन (Ligament) क्या है?
🟢 उत्तर:
स्नायुबंधन संयोजी ऊतक की मजबूत पट्टियाँ हैं जो दो हड्डियों को जोड़ती हैं और संधियों को स्थिरता प्रदान करती हैं।
🔴 प्रश्न 12:
कंडरा (Tendon) का क्या कार्य है?
🟢 उत्तर:
कंडरा मजबूत रेशेदार संरचना है जो मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ती है और संकुचन द्वारा हड्डियों को गति प्रदान करती है।
🔴 प्रश्न 13:
गमन और संचलन में अंतर बताइए।
🟢 उत्तर:
गमन शरीर के किसी भाग या पूरे शरीर का स्थान परिवर्तन है (जैसे चलना, दौड़ना)।
संचलन किसी अंग या संरचना की गति है, जैसे आँखों की गति, हृदय का धड़कना।
गमन में स्थान परिवर्तन होता है जबकि संचलन में नहीं।
✔️ निष्कर्ष: सभी गमन में संचलन होता है, पर सभी संचलन गमन नहीं होते।
🔴 प्रश्न 14:
मानव शरीर की तीन प्रमुख मांसपेशियों के नाम व विशेषताएँ लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ कंकाली मांसपेशी: धारीदार, ऐच्छिक, थकाऊ।
2️⃣ चिकनी मांसपेशी: अदारीदार, अनैच्छिक, अंतः अंगों में।
3️⃣ हृदय मांसपेशी: धारीदार, अनैच्छिक, थकानरहित।
✔️ निष्कर्ष: ये तीनों मांसपेशियाँ शरीर की गति और कार्य संचालन सुनिश्चित करती हैं।
🔴 प्रश्न 15:
कंकाली मांसपेशियों की विशेषताएँ बताइए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ धारीदार और बहुकेन्द्रक।
2️⃣ ऐच्छिक नियंत्रण में।
3️⃣ शीघ्र संकुचन, पर थकान शीघ्र।
4️⃣ हड्डियों से जुड़ी होती हैं और गति उत्पन्न करती हैं।
✔️ निष्कर्ष: ये मांसपेशियाँ शरीर की बाह्य गतियों के लिए उत्तरदायी हैं।
🔴 प्रश्न 16:
मानव कंकाल के दो प्रमुख भागों का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ अक्षीय कंकाल: खोपड़ी, रीढ़, उरोस्थि, पसलियाँ।
2️⃣ उपांग कंकाल: भुजाएँ, पैर, पेल्विस, स्कैपुला।
✔️ निष्कर्ष: दोनों मिलकर शरीर को सहारा, आकार व गति प्रदान करते हैं।
🔴 प्रश्न 17:
संधियों के प्रकार लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ अचल संधियाँ: कोई गति नहीं (खोपड़ी)।
2️⃣ अर्धचल संधियाँ: सीमित गति (रीढ़)।
3️⃣ चल संधियाँ: स्वतंत्र गति (कंधा, घुटना)।
✔️ निष्कर्ष: संधियाँ हड्डियों को जोड़कर गतिशीलता देती हैं।
🔴 प्रश्न 18:
कंडरा और स्नायुबंधन में अंतर लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ कंडरा (Tendon): मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है।
2️⃣ स्नायुबंधन (Ligament): दो हड्डियों को जोड़ता है।
3️⃣ कंडरा रेशेदार, स्नायुबंधन लचीले होते हैं।
✔️ निष्कर्ष: दोनों गति और स्थिरता में सहायक हैं।
🔴 प्रश्न 19:
मांसपेशी संकुचन के लिए कौन-से प्रोटीन उत्तरदायी हैं?
🟢 उत्तर:
एक्टिन और मायोसिन प्रोटीन मांसपेशी तंतुओं में उपस्थित रहते हैं।
ATP ऊर्जा की सहायता से दोनों परस्पर खिसकते हैं जिससे संकुचन होता है।
✔️ निष्कर्ष: एक्टिन-मायोसिन तंत्र मांसपेशी संकुचन की मूल इकाई है।
🔴 प्रश्न 20:
हड्डियों के दो प्रमुख कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ शरीर को संरचना और सहारा देना।
2️⃣ मांसपेशियों को जोड़कर गति प्रदान करना।
3️⃣ अस्थि मज्जा में रक्त निर्माण।
✔️ निष्कर्ष: हड्डियाँ संरचनात्मक और क्रियात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
🔴 प्रश्न 21:
मानव कंकाल का कार्य लिखिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ शरीर को आकार और सहारा देना।
2️⃣ मांसपेशियों के संलग्नक से गति देना।
3️⃣ आंतरिक अंगों की रक्षा (खोपड़ी–मस्तिष्क)।
4️⃣ रक्त निर्माण में भाग लेना।
✔️ निष्कर्ष: कंकाल शरीर की संरचना और गतियों का आधार है।
🔴 प्रश्न 22:
गति में ऊर्जा की भूमिका समझाइए।
🟢 उत्तर:
ATP ऊर्जा मांसपेशी संकुचन के लिए आवश्यक होती है।
एक्टिन-मायोसिन तंतुओं का खिसकना ATP से संभव है।
ऊर्जा ग्लूकोज़ के ऑक्सीकरण से प्राप्त होती है।
✔️ निष्कर्ष: बिना ऊर्जा के कोई गति संभव नहीं है।
🔴 प्रश्न 23:
गमन एवं संचलन का जैविक महत्व स्पष्ट कीजिए।
🟢 उत्तर:
गमन और संचलन जीवों की एक प्रमुख विशेषता है, जिससे वे पर्यावरण के साथ सक्रिय रूप से संपर्क स्थापित करते हैं।
गमन का अर्थ है पूरे शरीर का स्थान परिवर्तन, जैसे चलना, दौड़ना, उड़ना, रेंगना।
संचलन का अर्थ है किसी विशेष अंग या संरचना की गति, जैसे हृदय की धड़कन, आँतों की पेरिस्टाल्टिक गति।
इन क्रियाओं का महत्व —
1️⃣ भोजन की खोज और शिकार से बचाव।
2️⃣ अनुकूल पर्यावरण की प्राप्ति।
3️⃣ प्रजनन और संतानोत्पत्ति के लिए साथी तक पहुँचना।
4️⃣ मांसपेशियों की सक्रियता और अंगों का समन्वय।
5️⃣ आंतरिक अंगों की कार्यशीलता बनाए रखना।
✔️ निष्कर्ष: गमन और संचलन जीवन की आवश्यक क्रियाओं के संचालन, पर्यावरणीय अनुकूलता तथा अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
🔴 प्रश्न 24:
मांसपेशियों के तीन प्रकारों की संरचना और कार्य का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
मानव शरीर में तीन प्रकार की मांसपेशियाँ पाई जाती हैं:
1️⃣ कंकाली मांसपेशियाँ:
धारीदार, ऐच्छिक, हड्डियों से जुड़ी होती हैं। गति उत्पन्न करती हैं। थकाऊ होती हैं।
2️⃣ चिकनी मांसपेशियाँ:
अदारीदार, अनैच्छिक, आंतरिक अंगों जैसे आँत, मूत्राशय में पाई जाती हैं। धीमी परंतु निरंतर गति।
3️⃣ हृदय मांसपेशियाँ:
धारीदार पर अनैच्छिक, केवल हृदय में पाई जाती हैं। निरंतर संकुचन से रक्त परिसंचरण।
✔️ निष्कर्ष: इन तीनों मांसपेशियों का संयोजन शरीर की आंतरिक और बाह्य गतियों, कार्यों तथा परिसंचरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
🔴 प्रश्न 25:
मांसपेशी संकुचन की प्रक्रिया को समझाइए।
🟢 उत्तर:
मांसपेशी संकुचन एक्टिन और मायोसिन तंतुओं के परस्पर खिसकने से होता है।
1️⃣ तंत्रिका आवेग आने पर Ca²⁺ आयन सार्कोप्लाज्मिक जालिका से निकलते हैं।
2️⃣ Ca²⁺ एक्टिन-मायोसिन के बीच पुल बनाता है।
3️⃣ ATP के विघटन से प्राप्त ऊर्जा से मायोसिन हेड एक्टिन पर खिसकता है।
4️⃣ इससे सार्कोमियर छोटा होता है और संकुचन होता है।
5️⃣ Ca²⁺ के पुनः संग्रहण से शिथिलता होती है।
✔️ निष्कर्ष: यह संकुचन प्रक्रिया शरीर की सभी गतियों का आधार है और ऊर्जा पर निर्भर करती है।
🔴 प्रश्न 26:
मानव कंकाल तंत्र की संरचना का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
मानव कंकाल दो भागों में विभाजित है:
1️⃣ अक्षीय कंकाल (Axial):
खोपड़ी (22 हड्डियाँ), रीढ़ (33 कशेरुकाएँ), पसलियाँ (24), उरोस्थि (1)।
यह शरीर को सहारा और आंतरिक अंगों की रक्षा करता है।
2️⃣ उपांग कंकाल (Appendicular):
भुजाएँ, पैर, कंधा (स्कैपुला), पेल्विस।
यह गति और संतुलन में सहायक है।
कुल हड्डियाँ = 206।
✔️ निष्कर्ष: कंकाल शरीर को संरचना, सहारा और मांसपेशियों के संलग्नक प्रदान कर गति और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
🔴 प्रश्न 27:
संधियों के प्रकार एवं उदाहरण लिखिए।
🟢 उत्तर:
संधियाँ दो हड्डियों के जोड़ को कहते हैं। इनके तीन मुख्य प्रकार हैं:
1️⃣ अचल संधियाँ (Fibrous): कोई गति नहीं; जैसे खोपड़ी की हड्डियाँ।
2️⃣ अर्धचल संधियाँ (Cartilaginous): सीमित गति; जैसे कशेरुकाओं के बीच।
3️⃣ चल संधियाँ (Synovial): स्वतंत्र गति; इनमें साइनोवियल द्रव उपस्थित होता है।
प्रकार —
🔹 बॉल-एंड-सॉकेट (कंधा),
🔹 हिंज (घुटना),
🔹 पिवट (गर्दन),
🔹 ग्लाइडिंग (कलाई)।
✔️ निष्कर्ष: संधियाँ कंकाल को लचीला बनाती हैं और शरीर की विभिन्न गतियाँ संभव करती हैं।
🔴 प्रश्न 28:
मानव शरीर में प्रमुख अस्थियों के कार्यों का वर्णन कीजिए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ संरचना: शरीर को आकार व सहारा देना।
2️⃣ सुरक्षा: आंतरिक अंगों की रक्षा (खोपड़ी–मस्तिष्क, पसलियाँ–हृदय)।
3️⃣ गति: मांसपेशियों के संलग्नन से गति उत्पन्न करना।
4️⃣ रक्त निर्माण: अस्थि मज्जा में RBC, WBC का निर्माण।
5️⃣ खनिज भंडारण: कैल्शियम व फॉस्फोरस का संग्रहण।
✔️ निष्कर्ष: हड्डियाँ शरीर की संरचनात्मक मजबूती, सुरक्षा, गति और पोषण का आधार हैं।
🔴 प्रश्न 29:
मांसपेशी तंतुओं की संरचना और क्रियाएँ स्पष्ट करें।
🟢 उत्तर:
मांसपेशी तंतु लंबी कोशिकाएँ होती हैं जिनमें एक्टिन और मायोसिन प्रोटीन तंतु उपस्थित रहते हैं।
ये सार्कोमियर नामक इकाइयों में व्यवस्थित रहते हैं।
तंत्रिका आवेग मिलने पर ATP ऊर्जा से ये तंतु खिसकते हैं और संकुचन उत्पन्न करते हैं।
सार्कोमियर के घटक — A बैंड, I बैंड, H ज़ोन।
✔️ निष्कर्ष: मांसपेशी तंतु शरीर की गतियों, आसन और बल उत्पन्न करने में सहायक होते हैं।
🔴 प्रश्न 30:
मानव शरीर में गमन-संचलन की असामान्यताएँ बताइए।
🟢 उत्तर:
1️⃣ मायस्थीनिया ग्रेविस: तंत्रिका-मांसपेशी संधि में दोष, जिससे दुर्बलता।
2️⃣ मस्कुलर डिस्ट्रॉफी: आनुवंशिक विकार, मांसपेशियाँ क्षीण होती हैं।
3️⃣ गठिया (Arthritis): संधियों में सूजन व दर्द।
4️⃣ ऑस्टियोपोरोसिस: अस्थियों का भंगुर होना।
✔️ निष्कर्ष: ये विकार गति को बाधित करते हैं और उपचार द्वारा नियंत्रण आवश्यक है।
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