Class 8 : गणित – अध्याय 7 : समानुपातिक तर्कण-1
व्याख्या और विवेचन
🔵 भूमिका
🟢 हमारे आसपास अनेक ऐसी स्थितियाँ होती हैं, जहाँ दो राशियाँ एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं।
🟡 जैसे — अधिक कॉपियाँ होंगी, तो अधिक मूल्य देना होगा; अधिक दूरी होगी, तो अधिक समय लग सकता है; अधिक लोगों के लिए अधिक भोजन चाहिए होगा।
🔴 ऐसी स्थितियों को समझने के लिए केवल जोड़, घटाव, गुणा और भाग जानना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझना भी आवश्यक है कि एक राशि के बदलने पर दूसरी राशि किस प्रकार बदलती है।
🟣 इसी समझ को “समानुपातिक तर्कण” कहा जाता है।
🟠 “तर्कण” का अर्थ है — सोच-विचार के आधार पर निष्कर्ष तक पहुँचना।
🟤 “समानुपातिक” का अर्थ है — ऐसा सम्बन्ध जिसमें राशियाँ एक निश्चित अनुपात में बदलती हैं।
🔵 इसलिए “समानुपातिक तर्कण” का अर्थ हुआ — राशियों के सम्बन्ध को समझकर तर्क से उत्तर निकालना।
🌸 इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य
🔹 दो राशियों के बीच सम्बन्ध पहचानना
🔸 यह समझना कि कब एक राशि के बढ़ने या घटने पर दूसरी राशि भी उसी अनुपात में बदलती है
🔹 “प्रति एक” के विचार को समझना
🔸 दोगुना, तिगुना, आधा, चौथाई जैसे तर्कों का उपयोग करना
🔹 दैनिक जीवन की समस्याओं को गणितीय सोच से हल करना
💠 1. सम्बन्ध को पहचानना क्यों आवश्यक है
🔵 समानुपातिक तर्कण में सबसे पहला काम है — दी गई राशियों को पहचानना।
🟢 इसके बाद यह देखना होता है कि उनके बीच कैसा सम्बन्ध है।
🟡 यदि 2 पेन का मूल्य 20 रुपये है, तो 4 पेन का मूल्य क्या होगा?
🔴 यहाँ केवल गुणा कर देना पर्याप्त नहीं है; पहले यह समझना आवश्यक है कि पेन की संख्या बढ़ने पर मूल्य भी बढ़ेगा।
🔹 4, संख्या 2 का दुगुना है।
🔸 इसलिए मूल्य भी 20 का दुगुना होगा।
🔹 20 × 2 = 40
🔸 अतः 4 पेन का मूल्य 40 रुपये होगा।
✏️ ध्यान दीजिए
🔹 यहाँ उत्तर सम्बन्ध से निकला है।
🔸 यही समानुपातिक तर्कण की मूल सोच है।
🌼 2. अनुपात की पृष्ठभूमि
🔵 समानुपातिक तर्कण को समझने में अनुपात का विचार सहायक होता है।
🟢 अनुपात दो राशियों की तुलना को व्यक्त करता है।
🟡 जैसे 2 : 3 का अर्थ है कि पहली राशि 2 भाग और दूसरी राशि 3 भाग के रूप में देखी जा रही है।
🔴 जब यही सम्बन्ध अनेक स्थितियों में स्थिर बना रहता है, तब समानुपातिक सम्बन्ध का विचार सामने आता है।
💡 उदाहरण
🔹 1 कॉपी = 8 रुपये
🔸 2 कॉपियाँ = 16 रुपये
🔹 3 कॉपियाँ = 24 रुपये
🔸 4 कॉपियाँ = 32 रुपये
🟣 यहाँ हर बार 1 कॉपी का मूल्य 8 रुपये ही है।
🟠 इसलिए कॉपियों की संख्या और कुल मूल्य के बीच सम्बन्ध स्थिर है।
🟤 यही समानुपातिक सम्बन्ध है।
🌿 3. समानुपातिक सम्बन्ध क्या होता है
🔵 यदि एक राशि के बढ़ने या घटने पर दूसरी राशि भी उसी नियत अनुपात में बढ़े या घटे, तो दोनों राशियाँ समानुपातिक कहलाती हैं।
🟢 इसका अर्थ है कि दोनों के बीच एक स्थिर सम्बन्ध है।
🟡 यह स्थिर सम्बन्ध प्रायः “प्रति एक” के विचार से समझा जाता है।
🔴 यदि प्रति इकाई मान हर बार समान रहे, तो सम्बन्ध समानुपातिक होता है।
💡 उदाहरण
🔹 5 आम = 25 रुपये
🔸 1 आम = 25 ÷ 5
🔹 = 5 रुपये
अब
🔸 8 आम = 8 × 5
🔹 = 40 रुपये
🟢 यहाँ 1 आम का मूल्य हर बार 5 रुपये है।
🟡 इसलिए यह समानुपातिक सम्बन्ध है।
🔴 यही “प्रति एक” का स्थिर मान है।
🌺 4. “प्रति एक” की विधि
🔵 इस अध्याय की सबसे महत्त्वपूर्ण विधि है — “प्रति एक” की विधि।
🟢 इसमें पहले 1 इकाई का मान निकाला जाता है।
🟡 फिर उसी के आधार पर अपेक्षित मान निकाला जाता है।
🔴 यह विधि सरल, स्पष्ट और तर्कपूर्ण होती है।
💡 उदाहरण
🔹 6 बोतल रस = 48 रुपये
🔸 1 बोतल रस = 48 ÷ 6
🔹 = 8 रुपये
अब
🔸 9 बोतल रस = 9 × 8
🔹 = 72 रुपये
🔴 अतः 9 बोतल रस का मूल्य 72 रुपये होगा।
✏️ याद रखने योग्य क्रम
🔹 पहले 1 का मान निकालो
🔸 फिर आवश्यक संख्या का मान निकालो
🔹 अन्त में उत्तर की युक्तिसंगति जाँचो
🌈 5. दोगुना, तिगुना, आधा और चौथाई का तर्क
🔵 कई प्रश्नों में “प्रति एक” का मान निकाले बिना भी तर्क से उत्तर निकाला जा सकता है।
🟢 यदि सम्बन्ध स्पष्ट हो, तो दोगुना, तिगुना, आधा, चौथाई जैसी सोच बहुत उपयोगी होती है।
🟡 यही मानसिक गणना को भी मजबूत बनाती है।
🔴 यही तर्कण की सुंदरता है।
💡 उदाहरण
🔹 3 मीटर कपड़े का मूल्य = 150 रुपये
🔸 6 मीटर, 3 मीटर का दुगुना है
🔹 इसलिए मूल्य भी दुगुना होगा
🔸 150 × 2 = 300 रुपये
🔹 अतः 6 मीटर कपड़े का मूल्य 300 रुपये होगा।
💡 एक और उदाहरण
🔹 8 पेंसिलों का मूल्य = 56 रुपये
🔸 4 पेंसिलें, 8 पेंसिलों का आधा हैं
🔹 इसलिए मूल्य भी आधा होगा
🔸 56 ÷ 2 = 28 रुपये
🔹 अतः 4 पेंसिलों का मूल्य 28 रुपये होगा।
🌸 6. हर सम्बन्ध समानुपातिक नहीं होता
🔵 यह बहुत महत्त्वपूर्ण बात है कि हर दो राशियों का सम्बन्ध समानुपातिक नहीं होता।
🟢 समानुपातिक सम्बन्ध के लिए “प्रति एक” का मान स्थिर होना चाहिए।
🟡 यदि प्रति इकाई मान बदल जाए, तो सम्बन्ध समानुपातिक नहीं होगा।
🔴 इसलिए प्रश्न हल करने से पहले सम्बन्ध की जाँच आवश्यक है।
💡 उदाहरण
🔹 1 टिकट = 50 रुपये
🔸 2 टिकट = 90 रुपये
🟣 यदि सम्बन्ध समानुपातिक होता, तो 2 टिकट का मूल्य 100 रुपये होना चाहिए था।
🟠 परन्तु यहाँ 2 टिकट का मूल्य 90 रुपये है।
🟤 इसका अर्थ है कि प्रति टिकट मूल्य स्थिर नहीं रहा।
🔵 इसलिए यह सम्बन्ध समानुपातिक नहीं है।
✏️ निष्कर्ष
🔹 समानुपातिक सम्बन्ध में प्रति इकाई मान एक-सा रहता है।
🔸 यदि वह बदल जाए, तो सम्बन्ध समानुपातिक नहीं माना जाएगा।
🌻 7. सूची या सारणी से समझ
🔵 कई बार राशियों को क्रम में लिखने से सम्बन्ध अधिक स्पष्ट हो जाता है।
🟢 इससे विद्यार्थी जल्दी पहचान सकता है कि सम्बन्ध स्थिर है या नहीं।
💡 उदाहरण 1
🔹 कॉपी की संख्या ⟶ 1, 2, 3, 4, 5
🔸 कुल मूल्य ⟶ 6, 12, 18, 24, 30
🟢 यहाँ प्रत्येक कॉपी का मूल्य 6 रुपये है।
🟡 2 गुनी कॉपियाँ होंगी, तो मूल्य भी 2 गुना होगा।
🔴 3 गुनी कॉपियाँ होंगी, तो मूल्य भी 3 गुना होगा।
🔹 इसलिए यह समानुपातिक सम्बन्ध है।
💡 उदाहरण 2
🔹 डिब्बों की संख्या ⟶ 1, 2, 3, 4
🔸 कुल पानी ⟶ 2 लीटर, 4 लीटर, 6 लीटर, 8 लीटर
🟣 1 डिब्बे में 2 लीटर पानी आता है।
🟠 अतः 4 डिब्बों में 8 लीटर पानी आएगा।
🟤 यह भी समानुपातिक सम्बन्ध है।
🌼 8. दैनिक जीवन में उपयोग
🔵 समानुपातिक तर्कण केवल पुस्तक का विषय नहीं है।
🟢 यह दैनिक जीवन में बार-बार काम आता है।
🟡 खरीदारी, रसोई, यात्रा, निर्माण, खेल, समय-योजना, सामग्री-वितरण — सबमें इसका उपयोग होता है।
🔴 यही कारण है कि यह अध्याय बहुत उपयोगी और जीवनोपयोगी है।
💡 कुछ सामान्य स्थितियाँ
🔹 2 किलोग्राम चीनी का मूल्य ज्ञात हो, तो 5 किलोग्राम का मूल्य निकालना
🔸 4 बच्चों के लिए 8 केले हों, तो 10 बच्चों के लिए कितने केले चाहिएँगे
🔹 यदि चाल समान रहे, तो 1 घण्टे में 12 किलोमीटर दूरी तय होने पर 3 घण्टों में कितनी दूरी तय होगी
🔸 3 लीटर दूध से 12 गिलास भरते हों, तो 1 लीटर से कितने गिलास भरेंगे
🟢 इन सबमें मुख्य बात है — स्थिर सम्बन्ध को पहचानना।
🌿 9. प्रश्न हल करने की सही विधि
🔵 समानुपातिक तर्कण के प्रश्नों को हल करते समय एक निश्चित क्रम अपनाना चाहिए।
🟢 इससे भूलें कम होती हैं और सोच स्पष्ट रहती है।
✏️ सही क्रम
🔹 दी गई राशियाँ पहचानो
🔸 यह जाँचो कि सम्बन्ध समानुपातिक है या नहीं
🔹 “प्रति एक” का मान ज्ञात करो, यदि आवश्यकता हो
🔸 या दोगुना, तिगुना, आधा, चौथाई का तर्क लगाओ
🔹 आवश्यक मान निकालो
🔸 अन्त में उत्तर की युक्तिसंगति जाँचो
💡 उदाहरण
🔹 4 किलोग्राम चावल = 160 रुपये
🔸 1 किलोग्राम चावल = 160 ÷ 4
🔹 = 40 रुपये
अब
🔸 7 किलोग्राम चावल = 7 × 40
🔹 = 280 रुपये
🔴 अतः उत्तर = 280 रुपये
🌺 10. तर्क से हल किया गया प्रश्न
🔵 5 बच्चे 10 बोतल पानी पीते हैं। उसी अनुपात में 15 बच्चे कितनी बोतल पानी पीएँगे?
समाधान
🔹 15 बच्चे, 5 बच्चों का 3 गुना हैं
🔸 इसलिए बोतलों की संख्या भी 3 गुनी होगी
🔹 10 × 3 = 30
🔸 अतः 15 बच्चे 30 बोतल पानी पीएँगे।
✏️ यहाँ बिना “प्रति एक” निकाले भी हल सम्भव है।
🔹 यही तर्क की शक्ति है।
🔸 प्रश्न के अनुसार सही सोच चुनना ही समानुपातिक तर्कण है।
🌈 11. मानसिक गणना में उपयोग
🔵 समानुपातिक तर्कण मानसिक गणना को बहुत मजबूत करता है।
🟢 यदि 2 चीज़ों का मूल्य 18 रुपये है, तो 4 चीज़ों का मूल्य 36 रुपये तुरन्त समझा जा सकता है।
🟡 यदि 10 चीज़ों का मूल्य 50 रुपये है, तो 5 चीज़ों का मूल्य 25 रुपये तुरन्त दिखता है।
🔴 इससे गणना तेज़ होती है और सम्बन्ध स्पष्ट होता है।
💡 उदाहरण
🔹 8 सेब = 64 रुपये
🔸 4 सेब = 32 रुपये
🔹 16 सेब = 128 रुपये
🟣 यहाँ आधा और दुगुना का विचार काम कर रहा है।
🟠 यही इस अध्याय का व्यावहारिक पक्ष है।
🌻 12. इकाइयों का महत्त्व
🔵 समानुपातिक तर्कण में इकाइयों का ध्यान रखना अत्यन्त आवश्यक है।
🟢 यदि इकाइयाँ स्पष्ट न हों, तो उत्तर भ्रमित कर सकता है।
🟡 रुपये, मीटर, लीटर, मिनट, किलोग्राम, संख्या — इन सबका सही प्रयोग आवश्यक है।
🔴 इसलिए हर चरण में यह देखना चाहिए कि किस राशि की बात की जा रही है।
💡 उदाहरण
🔹 3 मीटर कपड़ा = 90 रुपये
🔸 1 मीटर कपड़ा = 30 रुपये
🔹 5 मीटर कपड़ा = 150 रुपये
🟢 यहाँ “मीटर” और “रुपये” की इकाइयाँ स्पष्ट हैं।
🟡 इसलिए पूरा तर्क भी स्पष्ट है।
🌸 13. सामान्य भूलें
🔴 बिना सम्बन्ध समझे सीधे गुणा या भाग कर देना
🔴 “प्रति एक” का मान गलत निकाल देना
🔴 असमान सम्बन्ध को भी समानुपातिक मान लेना
🔴 इकाई लिखना भूल जाना
🔴 उत्तर निकालकर उसकी जाँच न करना
✏️ इन भूलों से बचने के उपाय
🔹 पहले सम्बन्ध पहचानो
🔸 फिर 1 का मान निकालो
🔹 हर चरण में इकाई लिखो
🔸 तर्क से जाँचो कि उत्तर उचित है या नहीं
🔹 आवश्यकता हो तो दोगुना-तिगुना तर्क लगाओ
💡 उदाहरण
🔹 2 सेब = 20 रुपये
🔸 1 सेब = 10 रुपये
🔹 10 सेब = 100 रुपये
🟣 यदि कोई 10 सेब का मूल्य 50 रुपये लिख दे, तो यह तर्क के विरुद्ध होगा।
🟠 इसलिए उत्तर की जाँच बहुत आवश्यक है।
🌼 14. तर्कपूर्ण उत्तर का महत्त्व
🔵 केवल अन्तिम उत्तर लिख देना पर्याप्त नहीं है।
🟢 यह बताना भी आवश्यक है कि उत्तर कैसे निकला।
🟡 जब विद्यार्थी प्रक्रिया लिखता है, तो उसकी सोच स्पष्ट दिखाई देती है।
🔴 इसी से गणितीय समझ मजबूत होती है।
🔹 यदि लिखा जाए —
🔸 “पहले 1 का मान निकाला, फिर आवश्यक संख्या से गुणा किया”
🔹 तो हल का आधार स्पष्ट हो जाता है।
✏️ यही अभ्यास आगे की कक्षाओं में अत्यन्त उपयोगी होगा।
🌿 15. आगे की गणित के लिए आधार
🔵 यह अध्याय आगे आने वाले अनेक विषयों की तैयारी करता है।
🟢 अनुपात, समानुपात, प्रतिशत, दर, गति, पैमाना, मानचित्र, मूल्य-निर्धारण जैसे विषयों में यही सोच काम आती है।
🟡 यदि यहाँ सम्बन्धों की समझ स्पष्ट हो जाए, तो आगे की गणित अधिक सरल लगती है।
🔴 इसलिए यह अध्याय आधारशिला के समान है।
🌺 16. अध्याय का वास्तविक महत्त्व
🔵 यह अध्याय हमें सिखाता है कि गणित केवल क्रियाएँ नहीं है, बल्कि विचार भी है।
🟢 केवल उत्तर तक पहुँचना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह समझना भी आवश्यक है कि उत्तर क्यों और कैसे निकला।
🟡 जब विद्यार्थी यह समझ लेता है कि एक राशि बदलने पर दूसरी राशि किस कारण बदल रही है, तब वह वास्तविक गणितीय चिन्तन की ओर बढ़ता है।
🔴 यही इस अध्याय की आत्मा है।
🌈 17. समापन विचार
🔵 समानुपातिक तर्कण हमें सम्बन्धों को पहचानना सिखाता है।
🟢 यह “प्रति एक” के विचार को मजबूत करता है।
🟡 यह दोगुना, तिगुना, आधा, चौथाई जैसे तर्कों का सही उपयोग करना सिखाता है।
🔴 सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि यह अध्याय हमें सोचकर हल करना सिखाता है।
🟣 इसलिए कहा जा सकता है कि
🔹 समानुपातिक तर्कण गणितीय बुद्धि को विकसित करता है
🔸 मानसिक गणना को मजबूत करता है
🔹 दैनिक जीवन से गणित को जोड़ता है
🔸 आगे की पढ़ाई के लिए ठोस आधार तैयार करता है
सारांश
🔵 इस अध्याय में हमने समझा कि यदि दो राशियों के बीच एक निश्चित सम्बन्ध हो और एक राशि के बढ़ने या घटने पर दूसरी भी उसी अनुपात में बदले, तो उसे समानुपातिक सम्बन्ध कहा जाता है।
🟢 ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए “प्रति एक” की विधि अत्यन्त उपयोगी होती है। पहले 1 इकाई का मान निकाला जाता है, फिर उससे आवश्यक मान ज्ञात किया जाता है।
🟡 कई स्थितियों में दोगुना, तिगुना, आधा और चौथाई जैसे तर्क सीधे भी उपयोग किए जा सकते हैं।
🔴 समानुपातिक सम्बन्ध की सबसे महत्त्वपूर्ण पहचान यह है कि प्रति इकाई मान स्थिर रहे।
🟣 हमने यह भी देखा कि हर सम्बन्ध समानुपातिक नहीं होता।
🟠 यदि प्रति इकाई मान बदल जाए, तो सम्बन्ध समानुपातिक नहीं माना जाएगा।
🟤 बाज़ार, दूरी, समय, पानी, कपड़ा, भोजन और सामग्री जैसी अनेक जीवन-स्थितियों में यह विचार उपयोगी है।
🔵 इस अध्याय से मानसिक गणना, तर्कपूर्ण सोच, स्पष्ट प्रक्रिया और सही उत्तर देने की आदत विकसित होती है।
🟢 यही अध्याय आगे अनुपात, समानुपात और प्रतिशत जैसे विषयों की मजबूत नींव रखता है।
📝 त्वरित पुनरावृत्ति
🔹 समानुपातिक तर्कण में राशियों के बीच सम्बन्ध समझा जाता है।
🔸 “प्रति एक” का मान निकालना बहुत उपयोगी होता है।
🔹 दोगुना, तिगुना, आधा, चौथाई जैसे तर्क कई प्रश्नों में सीधे काम आते हैं।
🔸 समानुपातिक सम्बन्ध में प्रति इकाई मान स्थिर रहता है।
🔹 हर सम्बन्ध समानुपातिक नहीं होता।
🔸 प्रश्न हल करने से पहले सम्बन्ध की जाँच आवश्यक है।
🔹 इकाइयों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
🔸 यह अध्याय दैनिक जीवन और आगे की गणित दोनों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔒 ❓ प्रश्न 1.
अन्य 600 मिलीलीटर सघन रस को रसम 900 मिलीलीटर सेब के रस के साथ मिलाकर फलों का रस तैयार करती है। सघन रस और सेब के रस का अनुपात तथा सेब के रस का अनुपात फल-रस से क्या होगा? इसे लिखिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया है:
🔸 सघन रस = 600 मिलीलीटर
🔸 सेब का रस = 900 मिलीलीटर
🔹 सघन रस : सेब का रस
➡️ 600 : 900
➡️ = 2 : 3
🔹 अब कुल फल-रस
➡️ 600 + 900 = 1500 मिलीलीटर
🔹 सेब का रस : फल-रस
➡️ 900 : 1500
➡️ = 3 : 5
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 सघन रस : सेब का रस = 2 : 3
🔹 सेब का रस : फल-रस = 3 : 5
🔒 ❓ प्रश्न 2.
विवाद का हमें शैक्षिक भ्रमण हेतु 3 बसें किराए पर लेनी थीं। उस भ्रमण पर कुल 162 विद्यार्थी और शिक्षकों को बसों की सभी सीटें भर गई थीं। बाद में चौथे समूह विद्यार्थियों की संख्या 204 हो गई। हमें कितनी अतिरिक्त बसों की आवश्यकता होगी? क्या सभी बसें पूरी भरेंगी?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 3 बसों में 162 विद्यार्थी और शिक्षक बैठे।
🔹 और सभी सीटें भर गई थीं।
अतः 1 बस की क्षमता:
➡️ 162 ÷ 3 = 54
🔹 यानी 1 बस में 54 व्यक्ति बैठ सकते हैं।
अब कुल व्यक्ति = 204
आवश्यक बसों की संख्या:
➡️ 204 ÷ 54
➡️ = 3 शेष 42
🔹 3 बसें पर्याप्त नहीं होंगी।
🔹 4 बसों की आवश्यकता होगी।
अब जाँचते हैं कि क्या 4 बसें पूरी भरेंगी।
➡️ 4 × 54 = 216
🔹 परन्तु कुल व्यक्ति केवल 204 हैं।
🔹 अतः 216 − 204 = 12 सीटें खाली रहेंगी।
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 1 अतिरिक्त बस की आवश्यकता होगी।
🔹 नहीं, सभी बसें पूरी नहीं भरेंगी।
🔹 12 सीटें खाली रहेंगी।
🔒 ❓ प्रश्न 3.
दिल्ली का क्षेत्रफल 1484 वर्ग किलोमीटर और मुंबई का क्षेत्रफल 550 वर्ग किलोमीटर है। दिल्ली की जनसंख्या लगभग 3 करोड़ और मुंबई की 2 करोड़ है। कौन-सा शहर अधिक जनसंख्या वाला है? यह आपने कैसे ज्ञात किया?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 हमें जनसंख्या घनत्व की तुलना करनी है।
🔹 दिल्ली का जनसंख्या घनत्व
➡️ 3,00,00,000 ÷ 1484
🔹 मुंबई का जनसंख्या घनत्व
➡️ 2,00,00,000 ÷ 550
पूर्ण भाग दिए बिना भी तुलना कर सकते हैं।
🔹 दिल्ली के लिए अनुपात
➡️ 3/1484
🔹 मुंबई के लिए अनुपात
➡️ 2/550
अब आड़ी गुणा करके तुलना करें:
➡️ 3 × 550 = 1650
➡️ 2 × 1484 = 2968
🔹 क्योंकि 2968 > 1650
🔹 इसलिए
➡️ 2/550 > 3/1484
🔹 इसका अर्थ है कि मुंबई में प्रति वर्ग किलोमीटर जनसंख्या अधिक है।
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 मुंबई अधिक जनसंख्या घनत्व वाला शहर है।
🔒 ❓ प्रश्न 4.
155 सेंटीमीटर ऊँचाई वाले एक सारस की गर्दन और शेष शरीर का अनुपात 4 : 6 है। आपकी ऊँचाई के लिए यदि आपकी गर्दन और शेष शरीर का अनुपात भी यही हो तो आपकी गर्दन कितनी लंबी होगी?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया है:
🔸 गर्दन : शेष शरीर = 4 : 6
🔹 अतः कुल भाग
➡️ 4 + 6 = 10 भाग
🔹 प्रश्न में आपकी कुल ऊँचाई नहीं दी गई है।
🔹 इसलिए निश्चित संख्यात्मक उत्तर नहीं निकाला जा सकता।
🔹 हमें उत्तर को बीजीय रूप में लिखना होगा।
🔹 मान लीजिए आपकी कुल ऊँचाई = h सेंटीमीटर
तब
🔹 10 भाग = h सेंटीमीटर
➡️ 1 भाग = h/10 सेंटीमीटर
अब गर्दन की लंबाई = 4 भाग
➡️ 4 × h/10
➡️ = 4h/10
➡️ = 2h/5 सेंटीमीटर
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 यदि आपकी ऊँचाई h सेंटीमीटर है, तो आपकी गर्दन की लंबाई
➡️ 2h/5 सेंटीमीटर
होगी।
✏️ ध्यान:
🔹 यदि किसी व्यक्ति की कुल ऊँचाई ज्ञात हो, तभी गर्दन की वास्तविक लंबाई संख्यात्मक रूप में निकाली जा सकती है।
🔒 ❓ प्रश्न 5.
आइए, लीलावती ग्रंथ की एक प्राचीन समस्या हल करें। प्राचीन समय में भार को पलास नामक इकाई में मापा जाता था और मुद्रा की इकाई निष्कष होती थी। “यदि 2 1/2 पलास केसर का मूल्य 3/7 निष्कष हो तो, हे विद्वान व्यापारी! मुझे शीघ्रता से बताइए कि 9 निष्कष में केसर की कितनी मात्रा का क्रय किया जा सकता है?”
📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया है:
🔸 2 1/2 पलास केसर का मूल्य = 3/7 निष्कष
पहले मिश्र भिन्न को अपूर्ण भिन्न में बदलते हैं:
➡️ 2 1/2 = 5/2
अतः
🔹 5/2 पलास केसर का मूल्य = 3/7 निष्कष
अब 1 निष्कष में केसर की मात्रा ज्ञात करते हैं:
➡️ 1 निष्कष में केसर
= (5/2) ÷ (3/7)
➡️ = (5/2) × (7/3)
➡️ = 35/6 पलास
अब 9 निष्कष में केसर की मात्रा:
➡️ 9 × 35/6
➡️ = 3 × 35/2
➡️ = 105/2
➡️ = 52 1/2 पलास
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 9 निष्कष में 52 1/2 पलास केसर खरीदा जा सकता है।
🔒 ❓ प्रश्न 6.
हम्मन एक बालिका है और उसकी आयु 1 वर्ष है। हम्मन के बड़े भाई की आयु 5 वर्ष है। बताइए कि जब हम्मन और उसके भाई की आयु का अनुपात 1 : 2 हो तब हम्मन की आयु क्या होगी?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 वर्तमान आयु:
🔸 हम्मन = 1 वर्ष
🔸 बड़ा भाई = 5 वर्ष
🔹 आयु का अंतर
➡️ 5 − 1 = 4 वर्ष
🔹 मान लीजिए t वर्ष बाद उनकी आयु का अनुपात 1 : 2 हो जाएगा।
तब
🔸 हम्मन की आयु = 1 + t
🔸 भाई की आयु = 5 + t
अब प्रश्नानुसार,
➡️ (1 + t)/(5 + t) = 1/2
आड़ी गुणा करें:
➡️ 2(1 + t) = 5 + t
➡️ 2 + 2t = 5 + t
➡️ 2t − t = 5 − 2
➡️ t = 3
अब हम्मन की आयु:
➡️ 1 + 3 = 4 वर्ष
जाँच:
➡️ भाई की आयु = 5 + 3 = 8 वर्ष
➡️ 4 : 8 = 1 : 2
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 जब आयु का अनुपात 1 : 2 होगा, तब हम्मन की आयु 4 वर्ष होगी।
🔒 ❓ प्रश्न 7.
सोने और पानी के समान आयतन का द्रव्यमान 37 : 2 के अनुपात में है। यदि 1 लीटर पानी का द्रव्यमान 1 किलोग्राम है तो 1 लीटर सोने का द्रव्यमान कितना होगा?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया है:
🔸 समान आयतन के लिए
सोना : पानी = 37 : 2
🔹 1 लीटर पानी का द्रव्यमान = 1 किलोग्राम
🔹 अतः 2 भाग = 1 किलोग्राम
➡️ 1 भाग = 1/2 किलोग्राम
अब सोने का द्रव्यमान = 37 भाग
➡️ 37 × 1/2
➡️ = 37/2
➡️ = 18.5 किलोग्राम
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 1 लीटर सोने का द्रव्यमान = 18.5 किलोग्राम
🔒 ❓ प्रश्न 8.
एक एकड़ भूमि के लिए 10 टन गोबर के खाद का उपयोग करना एक अच्छी कृषि पद्धति मानी जाती है। एक कृषक 200 फुट लंबाई × 500 फुट चौड़ाई के आकार के एक भूखंड में टमाटर उगाने की योजना बना रहा है। उसे गोबर खाद की कितनी मात्रा आवश्यक होगी?
(कृपया समाधान के पूर्व खंड में वर्णित इकाई रूपांतरण वाले भाग का प्रयोग कीजिए।)
📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया है:
🔸 1 एकड़ भूमि के लिए खाद = 10 टन
🔸 भूखंड की लंबाई = 200 फुट
🔸 भूखंड की चौड़ाई = 500 फुट
पहले भूखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करें:
➡️ क्षेत्रफल = 200 × 500
➡️ = 100000 वर्ग फुट
अब हमें पता है:
🔹 1 एकड़ = 43560 वर्ग फुट
अतः 43560 वर्ग फुट के लिए खाद = 10 टन
अब 100000 वर्ग फुट के लिए खाद = x टन
➡️ x = (100000 × 10)/43560
➡️ = 1000000/43560
➡️ ≈ 22.96 टन
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 आवश्यक गोबर खाद ≈ 22.96 टन
🔹 अर्थात लगभग 23 टन
🔒 ❓ प्रश्न 9.
एक नल एक मग पानी भरने में 15 सेकंड का समय लेता है। मग का आयतन 500 मिलीलीटर है। यदि बाल्टी की क्षमता 10 लीटर है तो वही नल एक बाल्टी पानी भरने में कितना समय लगाएगा?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया है:
🔸 1 मग का आयतन = 500 मिलीलीटर
🔸 1 मग भरने का समय = 15 सेकंड
🔸 बाल्टी की क्षमता = 10 लीटर
पहले 10 लीटर को मिलीलीटर में बदलते हैं:
➡️ 10 लीटर = 10000 मिलीलीटर
अब बाल्टी भरने के लिए आवश्यक मगों की संख्या:
➡️ 10000 ÷ 500
➡️ = 20
🔹 अर्थात 1 बाल्टी भरने के लिए 20 मग पानी चाहिए।
अब समय:
➡️ 20 × 15 सेकंड
➡️ = 300 सेकंड
अब सेकंड को मिनट में बदलें:
➡️ 300 सेकंड = 5 मिनट
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 नल एक बाल्टी भरने में 5 मिनट लगाएगा।
🔒 ❓ प्रश्न 10.
एक एकड़ भूमि का मूल्य ₹15,00,000 है। बताइए कि उस भूमि के 2400 वर्गफुट भूखंड का मूल्य क्या होगा?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया है:
🔸 1 एकड़ = 43560 वर्गफुट
🔸 1 एकड़ भूमि का मूल्य = ₹15,00,000
अब 43560 वर्गफुट का मूल्य = ₹15,00,000
तो 2400 वर्गफुट का मूल्य = x
➡️ x = (1500000 × 2400)/43560
➡️ = 3600000000/43560
➡️ ≈ 82644.63
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 2400 वर्गफुट भूखंड का मूल्य ≈ ₹82,645
🔒 ❓ प्रश्न 11.
एक खेत एक ट्रैक्टर 1 जोड़ी बैलों की अपेक्षा तीव्र गति से जोत सकता है। एक कृषक अपने 20 एकड़ खेत की जुताई करना चाहता है। बैलों की एक जोड़ी को एक एकड़ जमीन जोतने में 6 घंटे का समय लगता है। यदि किसान बैलों की एक जोड़ी से खेत जोतता है, तो उसे खेत जोतने में कितना समय लगेगा?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया है:
🔸 1 एकड़ खेत जोतने में समय = 6 घंटे
🔸 कुल खेत = 20 एकड़
🔹 अतः 20 एकड़ खेत जोतने में समय
➡️ = 20 × 6 घंटे
➡️ = 120 घंटे
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 बैलों की एक जोड़ी से 20 एकड़ खेत जोतने में 120 घंटे लगेंगे।
🔒 ❓ प्रश्न 12.
₹10 का सिक्का ताँबे तथा निकेल की एक मिश्रधातु ‘क्यूप्रो-निकेल’ से निर्मित है। इस मिश्रधातु को ताँबे और निकेल को 3 : 1 की मात्रा में मिलाकर प्राप्त किया हो। सिक्के का द्रव्यमान 7.74 ग्राम है। यदि ताँबे का मूल्य ₹906 प्रति किलोग्राम तथा निकेल का मूल्य ₹1341 प्रति किलोग्राम है तो 10 के सिक्के में इन धातुओं का मूल्य क्या होगा?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 दिया है:
🔸 ताँबा : निकेल = 3 : 1
🔸 सिक्के का कुल द्रव्यमान = 7.74 ग्राम
🔹 कुल भाग:
➡️ 3 + 1 = 4 भाग
अब ताँबे और निकेल का द्रव्यमान ज्ञात करें।
🔸 ताँबे का द्रव्यमान:
➡️ (3/4) × 7.74
➡️ = 5.805 ग्राम
🔸 निकेल का द्रव्यमान:
➡️ (1/4) × 7.74
➡️ = 1.935 ग्राम
अब ग्राम को किलोग्राम में बदलते हैं:
🔸 ताँबा = 5.805 ग्राम = 0.005805 किलोग्राम
🔸 निकेल = 1.935 ग्राम = 0.001935 किलोग्राम
अब दोनों धातुओं का मूल्य ज्ञात करें।
🔸 ताँबे का मूल्य:
➡️ 0.005805 × 906
➡️ = 5.2593 रुपये
🔸 निकेल का मूल्य:
➡️ 0.001935 × 1341
➡️ = 2.5948 रुपये
अब कुल मूल्य:
➡️ 5.2593 + 2.5948
➡️ = 7.8541 रुपये
📌 ✅ अंतिम उत्तर:
🔹 ₹10 के एक सिक्के में धातुओं का कुल मूल्य ≈ ₹7.85
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
🔒 ❓ प्रश्न 1.
यदि 3 कॉपियों का मूल्य 24 रुपये है, तो 1 कॉपी का मूल्य कितना होगा?
🟢1️⃣ 6 रुपये
🔵2️⃣ 8 रुपये
🟡3️⃣ 10 रुपये
🟣4️⃣ 12 रुपये
✔️ उत्तर: 🔵2️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 3 कॉपियों का मूल्य = 24 रुपये
🔸 1 कॉपी का मूल्य = 24 ÷ 3
🔹 = 8 रुपये
🔹 अतः सही उत्तर 8 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 2.
यदि 5 बोतलों में 10 लीटर पानी आता है, तो 1 बोतल में कितना पानी आएगा?
🟢1️⃣ 1 लीटर
🔵2️⃣ 2 लीटर
🟡3️⃣ 3 लीटर
🟣4️⃣ 5 लीटर
✔️ उत्तर: 🔵2️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 5 बोतलों में पानी = 10 लीटर
🔸 1 बोतल में पानी = 10 ÷ 5
🔹 = 2 लीटर
🔹 अतः सही उत्तर 2 लीटर है।
🔒 ❓ प्रश्न 3.
यदि 4 मीटर कपड़े का मूल्य 200 रुपये है, तो 8 मीटर कपड़े का मूल्य कितना होगा?
🟢1️⃣ 300 रुपये
🔵2️⃣ 350 रुपये
🟡3️⃣ 400 रुपये
🟣4️⃣ 450 रुपये
✔️ उत्तर: 🟡3️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 8 मीटर, 4 मीटर का दुगुना है।
🔸 इसलिए मूल्य भी दुगुना होगा।
🔹 200 × 2 = 400 रुपये
🔹 अतः सही उत्तर 400 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 4.
यदि 2 पेन का मूल्य 18 रुपये है, तो 6 पेन का मूल्य कितना होगा?
🟢1️⃣ 36 रुपये
🔵2️⃣ 45 रुपये
🟡3️⃣ 54 रुपये
🟣4️⃣ 60 रुपये
✔️ उत्तर: 🟡3️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 6 पेन, 2 पेन का 3 गुना हैं।
🔸 इसलिए मूल्य भी 3 गुना होगा।
🔹 18 × 3 = 54 रुपये
🔹 अतः सही उत्तर 54 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 5.
यदि 1 आम का मूल्य 7 रुपये है, तो 9 आमों का मूल्य कितना होगा?
🟢1️⃣ 56 रुपये
🔵2️⃣ 63 रुपये
🟡3️⃣ 70 रुपये
🟣4️⃣ 72 रुपये
✔️ उत्तर: 🔵2️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 1 आम का मूल्य = 7 रुपये
🔸 9 आमों का मूल्य = 9 × 7
🔹 = 63 रुपये
🔹 अतः सही उत्तर 63 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 6.
यदि 3 बच्चों के लिए 12 रोटियाँ चाहिएँ, तो उसी अनुपात में 6 बच्चों के लिए कितनी रोटियाँ चाहिएँगी?
🟢1️⃣ 18
🔵2️⃣ 20
🟡3️⃣ 24
🟣4️⃣ 30
✔️ उत्तर: 🟡3️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 6 बच्चे, 3 बच्चों का दुगुना हैं।
🔸 इसलिए रोटियाँ भी दुगुनी होंगी।
🔹 12 × 2 = 24
🔹 अतः सही उत्तर 24 है।
🔒 ❓ प्रश्न 7.
यदि 7 किलोग्राम चावल का मूल्य 280 रुपये है, तो 1 किलोग्राम चावल का मूल्य कितना होगा?
🟢1️⃣ 35 रुपये
🔵2️⃣ 40 रुपये
🟡3️⃣ 45 रुपये
🟣4️⃣ 50 रुपये
✔️ उत्तर: 🔵2️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 7 किलोग्राम चावल का मूल्य = 280 रुपये
🔸 1 किलोग्राम का मूल्य = 280 ÷ 7
🔹 = 40 रुपये
🔹 अतः सही उत्तर 40 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 8.
किस स्थिति में सम्बन्ध समानुपातिक है?
🟢1️⃣ 1 टिकट = 50 रुपये, 2 टिकट = 90 रुपये
🔵2️⃣ 1 कॉपी = 6 रुपये, 2 कॉपियाँ = 12 रुपये
🟡3️⃣ 1 फल = 10 रुपये, 3 फल = 25 रुपये
🟣4️⃣ 2 पेन = 20 रुपये, 5 पेन = 42 रुपये
✔️ उत्तर: 🔵2️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 समानुपातिक सम्बन्ध में प्रति इकाई मान समान रहता है।
🔸 दूसरे विकल्प में 1 कॉपी = 6 रुपये है।
🔹 2 कॉपियाँ = 12 रुपये, अर्थात् प्रति कॉपी 6 रुपये ही रहे।
🔹 अतः यही समानुपातिक सम्बन्ध है।
🔒 ❓ प्रश्न 9.
यदि 10 सेबों का मूल्य 80 रुपये है, तो 5 सेबों का मूल्य कितना होगा?
🟢1️⃣ 30 रुपये
🔵2️⃣ 35 रुपये
🟡3️⃣ 40 रुपये
🟣4️⃣ 45 रुपये
✔️ उत्तर: 🟡3️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 5 सेब, 10 सेबों का आधा हैं।
🔸 इसलिए मूल्य भी आधा होगा।
🔹 80 ÷ 2 = 40 रुपये
🔹 अतः सही उत्तर 40 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 10.
यदि 4 लीटर दूध से 16 गिलास भरते हैं, तो 1 लीटर दूध से कितने गिलास भरेंगे?
🟢1️⃣ 2
🔵2️⃣ 3
🟡3️⃣ 4
🟣4️⃣ 5
✔️ उत्तर: 🟡3️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 4 लीटर दूध से 16 गिलास भरते हैं।
🔸 1 लीटर से गिलास = 16 ÷ 4
🔹 = 4
🔹 अतः सही उत्तर 4 है।
🔒 ❓ प्रश्न 11.
यदि 3 मीटर रस्सी का मूल्य 45 रुपये है, तो 1 मीटर रस्सी का मूल्य कितना होगा?
🟢1️⃣ 10 रुपये
🔵2️⃣ 12 रुपये
🟡3️⃣ 15 रुपये
🟣4️⃣ 18 रुपये
✔️ उत्तर: 🟡3️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 3 मीटर का मूल्य = 45 रुपये
🔸 1 मीटर का मूल्य = 45 ÷ 3
🔹 = 15 रुपये
🔹 अतः सही उत्तर 15 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 12.
यदि 2 बच्चों के लिए 6 कॉपियाँ चाहिएँ, तो 8 बच्चों के लिए कितनी कॉपियाँ चाहिएँगी?
🟢1️⃣ 18
🔵2️⃣ 20
🟡3️⃣ 24
🟣4️⃣ 30
✔️ उत्तर: 🟡3️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 8 बच्चे, 2 बच्चों का 4 गुना हैं।
🔸 इसलिए कॉपियाँ भी 4 गुनी होंगी।
🔹 6 × 4 = 24
🔹 अतः सही उत्तर 24 है।
🔒 ❓ प्रश्न 13.
यदि 1 पेंसिल का मूल्य 9 रुपये है, तो 7 पेंसिलों का मूल्य कितना होगा?
🟢1️⃣ 54 रुपये
🔵2️⃣ 63 रुपये
🟡3️⃣ 72 रुपये
🟣4️⃣ 81 रुपये
✔️ उत्तर: 🔵2️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 1 पेंसिल का मूल्य = 9 रुपये
🔸 7 पेंसिलों का मूल्य = 7 × 9
🔹 = 63 रुपये
🔹 अतः सही उत्तर 63 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 14.
यदि 12 केले 4 बच्चों में बराबर बाँटे जाएँ, तो उसी अनुपात में 24 केले कितने बच्चों में बराबर बाँटे जा सकेंगे?
🟢1️⃣ 6
🔵2️⃣ 8
🟡3️⃣ 10
🟣4️⃣ 12
✔️ उत्तर: 🔵2️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 24 केले, 12 केलों का दुगुना हैं।
🔸 इसलिए बच्चों की संख्या भी दुगुनी होगी।
🔹 4 × 2 = 8
🔹 अतः सही उत्तर 8 है।
🔒 ❓ प्रश्न 15.
यदि 1 डिब्बे में 2 लीटर पानी आता है, तो 5 डिब्बों में कितना पानी आएगा?
🟢1️⃣ 8 लीटर
🔵2️⃣ 10 लीटर
🟡3️⃣ 12 लीटर
🟣4️⃣ 15 लीटर
✔️ उत्तर: 🔵2️⃣
📌 ✅ उत्तर:
🔹 1 डिब्बे में पानी = 2 लीटर
🔸 5 डिब्बों में पानी = 5 × 2
🔹 = 10 लीटर
🔹 अतः सही उत्तर 10 लीटर है।
🔒 ❓ प्रश्न 16.
समानुपातिक तर्कण से आप क्या समझते हैं?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 जब दो राशियों के बीच सम्बन्ध को समझकर तर्क के आधार पर उत्तर निकाला जाता है, तो उसे समानुपातिक तर्कण कहते हैं।
🔸 इसमें यह देखा जाता है कि एक राशि के बदलने पर दूसरी राशि उसी अनुपात में बदल रही है या नहीं।
🔹 यदि प्रति इकाई मान स्थिर रहे, तो सम्बन्ध समानुपातिक माना जाता है।
🔹 अतः समानुपातिक तर्कण का अर्थ है — राशियों के सम्बन्ध को समझकर सोच-विचार से उत्तर निकालना।
🔒 ❓ प्रश्न 17.
“प्रति एक” की विधि क्या है? उदाहरण सहित लिखिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 “प्रति एक” की विधि में पहले 1 इकाई का मान ज्ञात किया जाता है।
🔸 फिर उसी के आधार पर आवश्यक संख्या का मान निकाला जाता है।
🔹 उदाहरण:
🔸 5 आम = 25 रुपये
🔹 1 आम = 25 ÷ 5 = 5 रुपये
🔸 8 आम = 8 × 5 = 40 रुपये
🔹 अतः “प्रति एक” की विधि समानुपातिक प्रश्नों को हल करने की एक सरल और उपयोगी विधि है।
🔒 ❓ प्रश्न 18.
दोगुना और आधा वाले तर्क से प्रश्न कैसे हल किए जाते हैं? स्पष्ट कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 यदि दो राशियों के बीच सम्बन्ध समानुपातिक हो, तो दोगुना, तिगुना, आधा या चौथाई जैसे तर्कों से भी उत्तर निकाला जा सकता है।
🔸 जैसे 3 मीटर कपड़े का मूल्य 150 रुपये है।
🔹 6 मीटर, 3 मीटर का दुगुना है।
🔸 इसलिए मूल्य भी दुगुना होगा।
🔹 150 × 2 = 300 रुपये
🔹 इसी प्रकार यदि 10 सेबों का मूल्य 80 रुपये है, तो 5 सेबों का मूल्य आधा होगा।
🔸 80 ÷ 2 = 40 रुपये
🔹 अतः दोगुना और आधा का तर्क तेज़ तथा तर्कपूर्ण हल देता है।
🔒 ❓ प्रश्न 19.
कैसे पहचानेंगे कि कोई सम्बन्ध समानुपातिक है या नहीं?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 किसी सम्बन्ध को समानुपातिक पहचानने के लिए यह देखना होता है कि प्रति इकाई मान स्थिर है या नहीं।
🔸 यदि हर बार 1 इकाई का मान समान रहे, तो सम्बन्ध समानुपातिक है।
🔹 यदि प्रति इकाई मान बदल जाए, तो सम्बन्ध समानुपातिक नहीं है।
🔹 उदाहरण:
🔸 1 कॉपी = 6 रुपये, 2 कॉपियाँ = 12 रुपये
🔹 यहाँ प्रति कॉपी मूल्य 6 रुपये ही है।
🔸 इसलिए यह समानुपातिक सम्बन्ध है।
🔒 ❓ प्रश्न 20.
एक ऐसा उदाहरण लिखिए जिसमें सम्बन्ध समानुपातिक न हो।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 उदाहरण:
🔸 1 टिकट = 50 रुपये
🔹 2 टिकट = 90 रुपये
🔹 यदि सम्बन्ध समानुपातिक होता, तो 2 टिकट का मूल्य 100 रुपये होना चाहिए था।
🔸 परन्तु यहाँ 2 टिकट का मूल्य 90 रुपये है।
🔹 इससे स्पष्ट है कि प्रति टिकट मूल्य स्थिर नहीं है।
🔹 अतः यह सम्बन्ध समानुपातिक नहीं है।
🔒 ❓ प्रश्न 21.
यदि 4 किलोग्राम चावल का मूल्य 160 रुपये है, तो 7 किलोग्राम चावल का मूल्य ज्ञात कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 4 किलोग्राम चावल का मूल्य = 160 रुपये
🔸 1 किलोग्राम चावल का मूल्य = 160 ÷ 4
🔹 = 40 रुपये
अब
🔸 7 किलोग्राम चावल का मूल्य = 7 × 40
🔹 = 280 रुपये
🔹 अतः 7 किलोग्राम चावल का मूल्य 280 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 22.
यदि 6 बोतल रस का मूल्य 48 रुपये है, तो 9 बोतल रस का मूल्य ज्ञात कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 6 बोतल रस का मूल्य = 48 रुपये
🔸 1 बोतल रस का मूल्य = 48 ÷ 6
🔹 = 8 रुपये
अब
🔸 9 बोतल रस का मूल्य = 9 × 8
🔹 = 72 रुपये
🔹 अतः 9 बोतल रस का मूल्य 72 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 23.
समानुपातिक तर्कण में इकाइयों का ध्यान रखना क्यों आवश्यक है?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 समानुपातिक तर्कण में यह जानना बहुत आवश्यक है कि किस राशि की बात हो रही है।
🔸 रुपये, लीटर, मीटर, मिनट, किलोग्राम, संख्या आदि इकाइयाँ उत्तर को स्पष्ट बनाती हैं।
🔹 यदि इकाई का ध्यान न रखा जाए, तो उत्तर भ्रमित कर सकता है।
🔸 जैसे 3 मीटर कपड़ा = 90 रुपये, तो 1 मीटर कपड़ा = 30 रुपये — यहाँ “मीटर” और “रुपये” दोनों स्पष्ट होने चाहिए।
🔹 अतः इकाइयों का ध्यान रखना सही और स्पष्ट उत्तर के लिए बहुत आवश्यक है।
🔒 ❓ प्रश्न 24.
मानसिक गणना में समानुपातिक तर्कण कैसे सहायक है?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 समानुपातिक तर्कण मानसिक गणना को तेज़ बनाता है।
🔸 यदि 2 वस्तुओं का मूल्य 18 रुपये है, तो 4 वस्तुओं का मूल्य 36 रुपये जल्दी निकाला जा सकता है।
🔹 यदि 10 वस्तुओं का मूल्य 50 रुपये है, तो 5 वस्तुओं का मूल्य 25 रुपये तुरन्त समझा जा सकता है।
🔸 इसमें दोगुना, तिगुना, आधा जैसे तर्क सहायक होते हैं।
🔹 अतः समानुपातिक तर्कण मानसिक गणना को सरल, तेज़ और स्पष्ट बनाता है।
🔒 ❓ प्रश्न 25.
दैनिक जीवन में समानुपातिक तर्कण के कोई तीन उपयोग लिखिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 बाज़ार में वस्तुओं का मूल्य निकालने में
🔸 रसोई में सामग्री की मात्रा तय करने में
🔹 यात्रा में दूरी और समय का सम्बन्ध समझने में
🔸 पानी, दूध, कपड़ा, भोजन आदि की मात्रा निकालने में
🔹 बच्चों, वस्तुओं और आवश्यक सामग्री की संख्या के सम्बन्ध को समझने में
🔹 अतः समानुपातिक तर्कण दैनिक जीवन में अनेक स्थानों पर उपयोगी है।
🔒 ❓ प्रश्न 26.
यदि 5 बच्चे 10 बोतल पानी पीते हैं, तो उसी अनुपात में 15 बच्चे कितनी बोतल पानी पीएँगे?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 15 बच्चे, 5 बच्चों का 3 गुना हैं।
🔸 इसलिए बोतलों की संख्या भी 3 गुनी होगी।
🔹 10 × 3 = 30
🔹 अतः 15 बच्चे 30 बोतल पानी पीएँगे।
🔒 ❓ प्रश्न 27.
यदि 3 मीटर कपड़े का मूल्य 150 रुपये है, तो 6 मीटर कपड़े का मूल्य ज्ञात कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 6 मीटर, 3 मीटर का दुगुना है।
🔸 इसलिए मूल्य भी दुगुना होगा।
🔹 150 × 2 = 300 रुपये
🔹 अतः 6 मीटर कपड़े का मूल्य 300 रुपये है।
🔒 ❓ प्रश्न 28.
समानुपातिक तर्कण के प्रश्न हल करते समय कौन-कौन से चरण अपनाने चाहिए?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले दी गई राशियाँ पहचाननी चाहिए।
🔸 फिर यह जाँचना चाहिए कि सम्बन्ध समानुपातिक है या नहीं।
🔹 इसके बाद “प्रति एक” का मान निकालना चाहिए, यदि आवश्यकता हो।
🔸 या दोगुना, तिगुना, आधा, चौथाई का तर्क लगाना चाहिए।
🔹 फिर आवश्यक मान निकालना चाहिए।
🔸 अन्त में उत्तर की युक्तिसंगति जाँचनी चाहिए।
🔹 अतः सही क्रम से हल करने पर प्रश्न सरल हो जाता है।
🔒 ❓ प्रश्न 29.
समानुपातिक तर्कण में होने वाली सामान्य भूलें लिखिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 बिना सम्बन्ध समझे सीधे गुणा या भाग कर देना
🔸 “प्रति एक” का मान गलत निकाल देना
🔹 असमान सम्बन्ध को भी समानुपातिक मान लेना
🔸 इकाइयों का ध्यान न रखना
🔹 उत्तर निकालकर उसकी जाँच न करना
🔹 अतः प्रश्न को समझकर, चरणबद्ध तरीके से हल करने पर इन भूलों से बचा जा सकता है।
🔒 ❓ प्रश्न 30.
“समानुपातिक तर्कण-1” अध्याय का महत्त्व लिखिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 यह अध्याय दो राशियों के बीच सम्बन्ध को समझना सिखाता है।
🔸 यह “प्रति एक” के विचार को मजबूत करता है।
🔹 यह दोगुना, तिगुना, आधा, चौथाई जैसे तर्कों का सही उपयोग सिखाता है।
🔸 यह मानसिक गणना को तेज़ करता है।
🔹 यह दैनिक जीवन की समस्याओं को गणितीय ढंग से हल करना सिखाता है।
🔸 यही अध्याय आगे अनुपात, समानुपात और प्रतिशत जैसे विषयों की नींव रखता है।
🔹 अतः यह अध्याय गणितीय सोच विकसित करने के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है।
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