Class 8 : गणित – अध्याय 2 : घातो का खेल
व्याख्या और विवेचन
🌟 🟣 विस्तृत व्याख्या
🔵 गणित में कई बार हमें किसी संख्या को बार-बार स्वयं से गुणा करना पड़ता है।
🟢 जैसे 2 × 2 × 2 × 2 × 2 या 10 × 10 × 10 × 10 या 5 × 5 × 5 × 5 × 5 × 5।
🟡 यदि हर बार ऐसे बड़े गुणनफल को पूरा लिखें, तो काम लंबा, थकाने वाला और कभी-कभी उलझाने वाला भी हो जाता है।
🔴 इसी कठिनाई को सरल बनाने के लिए “घात” का विचार बहुत उपयोगी सिद्ध होता है।
🟠 यह अध्याय “घातों का खेल” हमें सिखाता है कि बड़ी संख्याओं या बार-बार होने वाले गुणन को संक्षिप्त, सुन्दर और तर्कपूर्ण रूप में कैसे लिखा जाए।
💡 अवधारणा:
🔹 2 × 2 × 2 × 2 = 2⁴
🔹 5 × 5 × 5 = 5³
🔹 10 × 10 × 10 × 10 × 10 = 10⁵
✏️ ध्यान दें:
🔹 घात केवल लिखने की सुविधा नहीं है।
🔹 यह संख्याओं के व्यवहार, उनके पैटर्न और नियमों को समझने का एक शक्तिशाली माध्यम है।
🌈 🔵 घात का मूल विचार
🟢 जब किसी संख्या को बार-बार स्वयं से गुणा किया जाता है, तो उसे घात के रूप में लिखा जाता है।
🟣 उदाहरण के लिए:
🔹 2 × 2 = 2²
🔹 3 × 3 × 3 = 3³
🔹 7 × 7 × 7 × 7 = 7⁴
यहाँ
🔹 2, 3, 7 आदि “आधार” हैं
🔹 2, 3, 4 आदि “घात” हैं
यदि a कोई संख्या हो और उसे n बार स्वयं से गुणा किया जाए, तो
🔹 a × a × a × … × a = aⁿ
जहाँ a, आधार है और n, घात है।
💡 अवधारणा:
🔹 aⁿ का अर्थ है — a का अपने आप से n बार गुणन।
✏️ ध्यान दें:
🔹 aⁿ का अर्थ n × a नहीं होता।
🔹 यह बहुत सामान्य भूल है।
🔹 जैसे 2³ = 8 होता है, 6 नहीं।
🌟 🔴 आधार और घात
🟡 किसी घातीय रूप में दो बातें बहुत महत्त्वपूर्ण होती हैं:
🔹 आधार
🔹 घात
उदाहरण:
🔹 4³ में आधार = 4 और घात = 3
🔹 10⁵ में आधार = 10 और घात = 5
🔹 9² में आधार = 9 और घात = 2
🟢 यदि 6⁴ दिया है, तो इसका अर्थ है:
🔹 6⁴ = 6 × 6 × 6 × 6
🧠 इससे स्पष्ट है कि घात बताती है कि आधार को कितनी बार गुणा करना है।
✏️ ध्यान दें:
🔹 6⁴ और 4⁶ समान नहीं होते।
🔹 6⁴ = 1296
🔹 4⁶ = 4096
🔹 इसलिए आधार और घात दोनों का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है।
🌟 🟠 घातों की सहायता से बड़ी संख्याएँ लिखना
🔵 घातों का एक बहुत बड़ा उपयोग यह है कि इनकी सहायता से बहुत बड़ी संख्याओं को आसानी से लिखा जा सकता है।
उदाहरण:
🔹 10² = 100
🔹 10³ = 1000
🔹 10⁴ = 10000
🔹 10⁵ = 100000
🟢 इससे पता चलता है कि 10 की घातें बड़ी संख्याओं को लिखने और समझने में बहुत सहायक हैं।
🔹 100 = 10²
🔹 1000 = 10³
🔹 10000 = 10⁴
🔹 1000000 = 10⁶
💡 अवधारणा:
🔹 10ⁿ में 1 के बाद n शून्य आते हैं।
✏️ ध्यान दें:
🔹 10³ = 1000 में 3 शून्य हैं
🔹 10⁶ = 1000000 में 6 शून्य हैं
🌟 🟢 घातों के कुछ प्रारम्भिक मान
🟣 आरम्भ में कुछ घातें देखकर हम एक स्पष्ट पैटर्न समझ सकते हैं।
2 की घातें:
🔹 2¹ = 2
🔹 2² = 4
🔹 2³ = 8
🔹 2⁴ = 16
🔹 2⁵ = 32
🔹 2⁶ = 64
3 की घातें:
🔹 3¹ = 3
🔹 3² = 9
🔹 3³ = 27
🔹 3⁴ = 81
🔹 3⁵ = 243
5 की घातें:
🔹 5¹ = 5
🔹 5² = 25
🔹 5³ = 125
🔹 5⁴ = 625
🟡 इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि घात बढ़ने पर संख्या तेज़ी से बढ़ती है।
💡 अवधारणा:
🔹 घातीय वृद्धि सामान्य वृद्धि की अपेक्षा बहुत तेज़ होती है।
🌟 🔵 घातों के नियम
🟢 इस अध्याय का सबसे महत्त्वपूर्ण भाग घातों के नियम हैं।
🟣 इन नियमों की सहायता से हम कठिन दिखने वाले प्रश्नों को बहुत सरल बना सकते हैं।
अब एक-एक नियम समझते हैं।
🌟 🟡 नियम 1 : समान आधारों का गुणन
यदि आधार समान हो, तो घातें जुड़ जाती हैं।
🔹 aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ
उदाहरण:
🔹 2³ × 2⁴ = 2³⁺⁴ = 2⁷
🔹 5² × 5⁶ = 5⁸
🔹 10³ × 10² = 10⁵
अब एक उदाहरण को विस्तार से देखिए:
🔹 2³ × 2⁴
🔹 = (2 × 2 × 2) × (2 × 2 × 2 × 2)
🔹 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2
🔹 = 2⁷
💡 अवधारणा:
🔹 समान आधारों के गुणन में कुल गुणन की संख्या बढ़ती है, इसलिए घातें जोड़ दी जाती हैं।
✏️ ध्यान दें:
🔹 यह नियम तभी लागू होगा जब आधार समान हों।
🔹 2³ × 3⁴ को 6⁷ नहीं लिख सकते।
🌟 🔴 नियम 2 : समान आधारों का भाग
यदि आधार समान हो, तो भाग देने पर घातें घटती हैं।
🔹 aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ, जहाँ a ≠ 0
उदाहरण:
🔹 2⁶ ÷ 2² = 2⁶⁻² = 2⁴
🔹 10⁷ ÷ 10³ = 10⁴
🔹 5⁸ ÷ 5⁵ = 5³
एक उदाहरण को विस्तार से देखिए:
🔹 2⁶ ÷ 2²
🔹 = (2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2) ÷ (2 × 2)
🔹 = 2 × 2 × 2 × 2
🔹 = 2⁴
💡 अवधारणा:
🔹 समान आधारों में नीचे और ऊपर के समान गुणनखण्ड कट जाते हैं, इसलिए घातें घटती हैं।
✏️ ध्यान दें:
🔹 यदि ऊपर की घात नीचे की घात से छोटी हो, तब ऋणात्मक घात का विचार आता है, पर यहाँ विद्यालयी स्तर पर सामान्यतः धनात्मक घातों तक ही सीमित रहते हैं।
🌟 🟠 नियम 3 : घात की घात
यदि किसी घात को फिर किसी घात पर उठाया जाए, तो घातें गुणा हो जाती हैं।
🔹 (aᵐ)ⁿ = aᵐⁿ
उदाहरण:
🔹 (2³)² = 2⁶
🔹 (5²)³ = 5⁶
🔹 (10⁴)² = 10⁸
विस्तार से:
🔹 (2³)²
🔹 = (2³) × (2³)
🔹 = 2³⁺³
🔹 = 2⁶
💡 अवधारणा:
🔹 किसी गुणन को बार-बार दोहराने पर कुल गुणन की संख्या गुणा होकर बढ़ती है।
🌟 🔵 नियम 4 : गुणनफल की घात
यदि दो संख्याओं के गुणनफल पर घात हो, तो घात दोनों पर अलग-अलग लगाई जा सकती है।
🔹 (ab)ⁿ = aⁿbⁿ
उदाहरण:
🔹 (2 × 3)² = 2² × 3²
🔹 = 4 × 9
🔹 = 36
🔹 (5 × 4)³ = 5³ × 4³
🔹 = 125 × 64
💡 अवधारणा:
🔹 गुणनफल की घात, प्रत्येक गुणनखण्ड की घात के गुणनफल के बराबर होती है।
✏️ ध्यान दें:
🔹 (a + b)ⁿ = aⁿ + bⁿ सामान्यतः सही नहीं होता।
🔹 यह बहुत महत्त्वपूर्ण सावधानी है।
🌟 🟣 नियम 5 : भागफल की घात
यदि किसी भागफल पर घात हो, तो घात अंश और हर दोनों पर लगाई जा सकती है।
🔹 (a/b)ⁿ = aⁿ/bⁿ, जहाँ b ≠ 0
उदाहरण:
🔹 (2/3)² = 2²/3² = 4/9
🔹 (5/2)³ = 5³/2³ = 125/8
💡 अवधारणा:
🔹 भिन्न पर घात लगाने का अर्थ है — अंश और हर दोनों को उसी घात पर उठाना।
🌟 🟢 शून्य घात
🔵 अब एक बहुत रोचक विचार आता है — शून्य घात।
यदि a ≠ 0 हो, तो
🔹 a⁰ = 1
उदाहरण:
🔹 2⁰ = 1
🔹 5⁰ = 1
🔹 10⁰ = 1
🔹 100⁰ = 1
यह क्यों?
हम जानते हैं:
🔹 a³ ÷ a³ = a³⁻³ = a⁰
लेकिन
🔹 a³ ÷ a³ = 1
अतः
🔹 a⁰ = 1
💡 अवधारणा:
🔹 कोई भी अशून्य संख्या की शून्य घात 1 होती है।
✏️ ध्यान दें:
🔹 0⁰ का विचार इस स्तर पर नहीं लिया जाता।
🔹 इसलिए केवल अशून्य आधार के लिए a⁰ = 1 याद रखें।
🌟 🔴 ऋणात्मक घात का प्रारम्भिक विचार
🟡 घातों के नियमों से एक और महत्त्वपूर्ण परिणाम निकलता है।
यदि
🔹 aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ
और m < n हो, तो घात ऋणात्मक हो सकती है।
उदाहरण:
🔹 2³ ÷ 2⁵ = 2⁻²
अब
🔹 2³ ÷ 2⁵ = 1/2² = 1/4
अतः
🔹 2⁻² = 1/2²
इसी प्रकार
🔹 a⁻ⁿ = 1/aⁿ, जहाँ a ≠ 0
उदाहरण:
🔹 10⁻² = 1/10² = 1/100
🔹 3⁻¹ = 1/3
💡 अवधारणा:
🔹 ऋणात्मक घात का अर्थ उल्टा या व्युत्क्रम रूप होता है।
✏️ ध्यान दें:
🔹 ऋणात्मक घात का अर्थ ऋणात्मक संख्या नहीं है।
🔹 जैसे 2⁻³ धनात्मक है, क्योंकि 2⁻³ = 1/8
🌟 🟠 मानक रूप की आवश्यकता
🟢 बहुत बड़ी या बहुत छोटी संख्याओं को बार-बार पूरा लिखना कठिन होता है।
🟣 इसलिए उन्हें एक विशेष रूप में लिखा जाता है जिसे “मानक रूप” कहा जाता है।
किसी संख्या को मानक रूप में ऐसे लिखा जाता है:
🔹 a × 10ⁿ
जहाँ
🔹 1 ≤ a < 10
🔹 n कोई पूर्णांक हो सकता है
उदाहरण:
🔹 3000000 = 3 × 10⁶
🔹 450000 = 4.5 × 10⁵
🔹 0.0007 = 7 × 10⁻⁴
🔹 0.0032 = 3.2 × 10⁻³
💡 अवधारणा:
🔹 मानक रूप बड़ी और छोटी संख्याओं को सरल, सुसंगत और वैज्ञानिक ढंग से लिखने का तरीका है।
🌟 🔵 मानक रूप में बड़ी संख्याएँ
उदाहरण:
🔹 5000000 = 5 × 10⁶
🔹 72000000 = 7.2 × 10⁷
🔹 910000 = 9.1 × 10⁵
यहाँ हम दशमलव बिन्दु को इस प्रकार रखते हैं कि बायीं ओर केवल एक अशून्य अंक बचे।
✏️ ध्यान दें:
🔹 यदि दशमलव बिन्दु बायीं ओर से दायीं ओर ले जाया जाए, तो घात धनात्मक होती है।
🌟 🟡 मानक रूप में बहुत छोटी संख्याएँ
उदाहरण:
🔹 0.1 = 1 × 10⁻¹
🔹 0.01 = 1 × 10⁻²
🔹 0.001 = 1 × 10⁻³
🔹 0.00045 = 4.5 × 10⁻⁴
💡 अवधारणा:
🔹 यदि दशमलव बिन्दु दायीं ओर से बायीं ओर लाया जाए, तो 10 की घात ऋणात्मक होती है।
🧠 यही विचार विज्ञान और मापन में बहुत उपयोगी होता है।
🌟 🟣 घातों के प्रश्न हल करते समय सावधानियाँ
🔴 इस अध्याय में कई विद्यार्थी कुछ सामान्य भूलें करते हैं।
इनसे बचना बहुत आवश्यक है।
🔹 भूल 1:
aᵐ × aⁿ = aᵐⁿ लिख देना
यह गलत है।
सही: aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ
🔹 भूल 2:
aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁺ⁿ लिख देना
यह गलत है।
सही: aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ
🔹 भूल 3:
(aᵐ)ⁿ = aᵐ⁺ⁿ लिख देना
यह गलत है।
सही: (aᵐ)ⁿ = aᵐⁿ
🔹 भूल 4:
(a + b)² = a² + b² मान लेना
यह गलत है।
🔹 भूल 5:
a⁰ = 0 समझ लेना
यह गलत है।
सही: a⁰ = 1, जहाँ a ≠ 0
✏️ ध्यान दें:
🔹 हर नियम का प्रयोग सोच-समझकर करना चाहिए।
🔹 केवल रटना पर्याप्त नहीं है, तर्क भी समझना चाहिए।
🌟 🟢 घातों का वास्तविक जीवन में उपयोग
🟡 घातों का उपयोग केवल गणित की पुस्तक में ही नहीं, बल्कि विज्ञान, खगोल, मापन और संगणना में भी होता है।
उदाहरण:
🔹 पृथ्वी और सूर्य की दूरी जैसी बहुत बड़ी संख्याएँ
🔹 सूक्ष्म कणों का आकार जैसी बहुत छोटी संख्याएँ
🔹 जनसंख्या, आँकड़े और वैज्ञानिक मापन
🔹 संगणक स्मृति और डिजिटल गणना
🟣 यदि हमें 1000000000 जैसी संख्या बार-बार लिखनी पड़े, तो काम कठिन हो जाएगा।
लेकिन यदि हम इसे 10⁹ लिख दें, तो कार्य अत्यन्त सरल हो जाता है।
💡 अवधारणा:
🔹 घातें गणना को छोटा, सुन्दर और व्यवस्थित बनाती हैं।
🌟 🔵 अध्याय का बौद्धिक संदेश
🟢 “घातों का खेल” वास्तव में संख्याओं के छोटे रूप में बड़े विचारों को समेटने की कला है।
🟡 यह अध्याय हमें बताता है कि गणित केवल संख्याओं का जोड़-घटाव नहीं, बल्कि उनकी संरचना को समझने का विषय भी है।
🟣 एक ही आधार की बार-बार पुनरावृत्ति को छोटा रूप देकर हम बड़ी समस्याओं को सरल बना सकते हैं।
🔴 यही गणित की सुन्दरता है — सरल नियमों से गहरे परिणाम प्राप्त करना।
🌟 🟠 समापन
🔵 इस अध्याय में हमने सीखा कि घात क्या है, आधार और घात में क्या अन्तर है, घातों के नियम कैसे काम करते हैं, शून्य घात और ऋणात्मक घात का क्या अर्थ है, तथा बड़ी और छोटी संख्याओं को मानक रूप में कैसे लिखा जाता है।
🟢 यह अध्याय बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि आगे की गणित, विज्ञान और बीजगणित में घातों का प्रयोग बार-बार होता है।
🟡 यदि विद्यार्थी इस अध्याय के नियमों को सही तर्क के साथ समझ ले, तो वह कठिन दिखने वाले प्रश्नों को भी बहुत सरलता से हल कर सकता है।
🟣 इसलिए “घातों का खेल” केवल नियमों का संग्रह नहीं, बल्कि सोचने और व्यवस्थित लिखने की एक शक्तिशाली विधि है।
✏️ ध्यान दें:
🔹 समान आधारों के गुणन में घातें जुड़ती हैं।
🔹 समान आधारों के भाग में घातें घटती हैं।
🔹 घात की घात में घातें गुणा होती हैं।
🔹 शून्य घात का मान 1 होता है।
🔹 ऋणात्मक घात व्युत्क्रम देती है।
🔹 मानक रूप बड़ी और छोटी संख्याओं को सरल बनाता है।
💡 अवधारणा:
🔹 घातें गणित में संक्षिप्तता, स्पष्टता और शक्ति का सुन्दर उदाहरण हैं।
सारांश
🔵 किसी संख्या a को n बार स्वयं से गुणा करने पर aⁿ प्राप्त होता है।
🟢 a, आधार और n, घात कहलाते हैं।
🟡 समान आधारों के गुणन में घातें जुड़ती हैं: aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ
🟣 समान आधारों के भाग में घातें घटती हैं: aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ
🔴 घात की घात में घातें गुणा होती हैं: (aᵐ)ⁿ = aᵐⁿ
🟠 गुणनफल की घात: (ab)ⁿ = aⁿbⁿ
🟤 भागफल की घात: (a/b)ⁿ = aⁿ/bⁿ
🔷 किसी भी अशून्य संख्या के लिए a⁰ = 1
🔶 ऋणात्मक घात का अर्थ है: a⁻ⁿ = 1/aⁿ
🌟 मानक रूप a × 10ⁿ के रूप में बड़ी और छोटी संख्याओं को लिखने का सरल तरीका है।
📝 त्वरित पुनरावृत्ति
🔹 2³ = 2 × 2 × 2 = 8
🔸 10⁵ = 100000
🔹 aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ
🔸 aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ
🔹 (aᵐ)ⁿ = aᵐⁿ
🔸 a⁰ = 1, जहाँ a ≠ 0
🔹 a⁻ⁿ = 1/aⁿ
🔸 3000000 = 3 × 10⁶ और 0.0004 = 4 × 10⁻⁴
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
🔒 ❓ प्रश्न 1.
2²²⁴ ÷ 4³² के मान में इकाई अंक को ज्ञात कीजिए? [ संकेत — 4 = 2² ]
📌 ✅ उत्तर:
🔹 हमें 2²²⁴ ÷ 4³² का इकाई अंक ज्ञात करना है।
🔹 क्योंकि 4 = 2², इसलिए
4³² = (2²)³²
🔹 घात का नियम:
(a^m)^n = aᵐⁿ
🔹 अतः
(2²)³² = 2⁶⁴
🔹 अब,
2²²⁴ ÷ 2⁶⁴ = 2²²⁴⁻⁶⁴
🔹 अतः
2²²⁴ ÷ 4³² = 2¹⁶⁰
🔹 अब 2 की घातों के इकाई अंक क्रम से आते हैं:
2¹ → 2
2² → 4
2³ → 8
2⁴ → 6
फिर यही क्रम दोहरता है।
🔹 यह क्रम 4 पर आधारित है।
अब 160 ÷ 4 करने पर शेषफल 0 आता है।
🔹 जब शेषफल 0 आता है, तब इकाई अंक 6 होता है।
🔹 अतः वांछित इकाई अंक = 6
✔️ अंतिम उत्तर: 6
🔒 ❓ प्रश्न 2.
एक बक्से में 5 बोतलें हैं। प्रत्येक दिन एक नया बक्सा लाया जाता है। 40 दिन के पश्चात वहाँ कितनी बोतलें होंगी?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 एक बक्से में बोतलों की संख्या = 5
🔹 प्रत्येक दिन लाए जाने वाले बक्सों की संख्या = 1
🔹 40 दिनों में कुल बक्सों की संख्या = 40
🔹 अतः कुल बोतलें
= 40 × 5
🔹 = 200
✔️ अंतिम उत्तर: 200 बोतलें
🔒 ❓ प्रश्न 3.
नीचे दी गई संख्या को दो या दो से अधिक घातों के गुणनफल के रूप में तीन भिन्न-भिन्न प्रकारों से लिखिए। घातें कोई भी पूर्णांक हो सकती हैं।
(i) 64³
(ii) 192⁸
(iii) 32⁻⁵
📌 ✅ शुद्ध उत्तर:
🔹 (i) 64³
🔸 क्योंकि
64 = 2⁶
🔸 अतः
64³ = (2⁶)³ = 2¹⁸
अब तीन भिन्न रूप:
🔹 पहला रूप:
64³ = 2¹⁰ × 2⁸
🔹 दूसरा रूप:
64³ = 4⁵ × 4⁴
क्योंकि
4⁵ × 4⁴ = 4⁹ = (2²)⁹ = 2¹⁸
🔹 तीसरा रूप:
64³ = 8² × 8⁴
क्योंकि
8² × 8⁴ = 8⁶ = (2³)⁶ = 2¹⁸
✔️ अंतिम उत्तर:
64³ = 2¹⁰ × 2⁸ = 4⁵ × 4⁴ = 8² × 8⁴
🔹 (ii) 192⁸
🔸 क्योंकि
192 = 2⁶ × 3
🔸 अतः
192⁸ = (2⁶ × 3)⁸
🔸 = 2⁴⁸ × 3⁸
अब तीन भिन्न रूप:
🔹 पहला रूप:
192⁸ = 2⁴⁰ × 2⁸ × 3⁸
🔹 दूसरा रूप:
192⁸ = 2⁴⁸ × 3⁵ × 3³
🔹 तीसरा रूप:
192⁸ = (2²⁴ × 3⁴) × (2²⁴ × 3⁴)
✔️ अंतिम उत्तर:
192⁸ = 2⁴⁰ × 2⁸ × 3⁸
192⁸ = 2⁴⁸ × 3⁵ × 3³
192⁸ = (2²⁴ × 3⁴) × (2²⁴ × 3⁴)
🔹 (iii) 32⁻⁵
🔸 क्योंकि
32 = 2⁵
🔸 अतः
32⁻⁵ = (2⁵)⁻⁵ = 2⁻²⁵
अब तीन भिन्न रूप:
🔹 पहला रूप:
32⁻⁵ = 2⁻²⁰ × 2⁻⁵
🔹 दूसरा रूप:
32⁻⁵ = 2⁻¹⁵ × 2⁻¹⁰
🔹 तीसरा रूप:
32⁻⁵ = 4⁻⁶ × 2⁻¹³
क्योंकि
4⁻⁶ = (2²)⁻⁶ = 2⁻¹²
और
2⁻¹² × 2⁻¹³ = 2⁻²⁵
✔️ अंतिम उत्तर:
32⁻⁵ = 2⁻²⁰ × 2⁻⁵
32⁻⁵ = 2⁻¹⁵ × 2⁻¹⁰
32⁻⁵ = 4⁻⁶ × 2⁻¹³
🔒 ❓ प्रश्न 4.
नीचे दिए गए प्रत्येक कथन की जाँच कीजिए और पता लगाइए कि ‘यह सदैव सत्य है’, ‘कभी-कभी सत्य है’ या ‘कभी सत्य नहीं है’। अपने तर्क की व्याख्या कीजिए।
(i) घन संख्याएँ भी वर्ग संख्याएँ होती हैं।
(ii) चतुर्थ घात वर्ग संख्याएँ भी होती हैं।
(iii) किसी संख्या की पाँचवीं घात उस संख्या के घन से विभाज्य होती है।
(iv) दो घन संख्याओं का गुणनफल एक घन संख्या होती है।
(v) q⁴⁶ एक चतुर्थ घात और एक छठी घात दोनों है (q एक अभाज्य संख्या है)।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 (i) घन संख्याएँ भी वर्ग संख्याएँ होती हैं।
🔸 उदाहरण:
8 = 2³, परन्तु 8 कोई वर्ग संख्या नहीं है।
64 = 4³ = 8², यह वर्ग संख्या भी है।
🔹 अतः कुछ घन संख्याएँ वर्ग होती हैं, पर सभी नहीं।
✔️ निष्कर्ष: कभी-कभी सत्य है।
🔹 (ii) चतुर्थ घात वर्ग संख्याएँ भी होती हैं।
🔸 मान लीजिए कोई संख्या a है।
उसकी चतुर्थ घात = a⁴
🔸 अब
a⁴ = (a²)²
🔹 अर्थात a⁴ किसी संख्या का वर्ग है।
✔️ निष्कर्ष: सदैव सत्य है।
🔹 (iii) किसी संख्या की पाँचवीं घात उस संख्या के घन से विभाज्य होती है।
🔸 मान लीजिए संख्या a है।
🔸 तब
a⁵ ÷ a³ = a²
🔹 यह पूर्णतः विभाजित हो जाता है।
✔️ निष्कर्ष: सदैव सत्य है।
🔹 (iv) दो घन संख्याओं का गुणनफल एक घन संख्या होती है।
🔸 मान लीजिए दो घन संख्याएँ a³ और b³ हैं।
🔸 तब
a³ × b³ = (ab)³
🔹 जो एक घन संख्या है।
✔️ निष्कर्ष: सदैव सत्य है।
🔹 (v) q⁴⁶ एक चतुर्थ घात और एक छठी घात दोनों है (q एक अभाज्य संख्या है)।
🔸 किसी संख्या का चतुर्थ घात होने के लिए घात 4 से विभाज्य होनी चाहिए।
लेकिन
46 ÷ 4 करने पर शेषफल 2 आता है।
🔸 किसी संख्या का छठी घात होने के लिए घात 6 से विभाज्य होनी चाहिए।
लेकिन
46 ÷ 6 करने पर शेषफल 4 आता है।
🔹 इसलिए q⁴⁶ न तो चतुर्थ घात है और न ही छठी घात।
✔️ निष्कर्ष: कभी सत्य नहीं है।
🔒 ❓ प्रश्न 5.
इन्हें सरल कीजिए और घातांकीय रूप में लिखिए।
(i) 10⁻² × 10⁻⁵
(ii) 5⁷ ÷ 5⁻⁴
(iii) 9⁻⁷ ÷ 9⁴
(iv) (13⁻²)⁻³
(v) m⁵n¹²(mn)⁹
📌 ✅ उत्तर:
🔹 (i) 10⁻² × 10⁻⁵
🔸 नियम:
aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ
🔸 अतः
10⁻² × 10⁻⁵ = 10⁻²⁺⁽⁻⁵⁾
🔸 = 10⁻⁷
✔️ अंतिम उत्तर: 10⁻⁷
🔹 (ii) 5⁷ ÷ 5⁻⁴
🔸 नियम:
aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ
🔸 अतः
5⁷ ÷ 5⁻⁴ = 5⁷⁻⁽⁻⁴⁾
🔸 = 5⁷⁺⁴
🔸 = 5¹¹
✔️ अंतिम उत्तर: 5¹¹
🔹 (iii) 9⁻⁷ ÷ 9⁴
🔸 नियम:
aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ
🔸 अतः
9⁻⁷ ÷ 9⁴ = 9⁻⁷⁻⁴
🔸 = 9⁻¹¹
✔️ अंतिम उत्तर: 9⁻¹¹
🔹 (iv) (13⁻²)⁻³
🔸 नियम:
(aᵐ)ⁿ = aᵐⁿ
🔸 अतः
(13⁻²)⁻³ = 13⁽⁻²⁾×⁽⁻³⁾
🔸 = 13⁶
✔️ अंतिम उत्तर: 13⁶
🔹 (v) m⁵n¹²(mn)⁹
🔸 पहले
(mn)⁹ = m⁹n⁹
🔸 अतः
m⁵n¹²(mn)⁹ = m⁵n¹² × m⁹n⁹
🔸 = m⁵⁺⁹ × n¹²⁺⁹
🔸 = m¹⁴n²¹
✔️ अंतिम उत्तर: m¹⁴n²¹
🔒 ❓ प्रश्न 6.
यदि 12² = 144 तो निम्न का मान क्या है?
(i) (1.2)²
(ii) (0.12)²
(iii) (0.012)²
(iv) 120²
📌 ✅ उत्तर:
🔹 हमें दिया है:
12² = 144
🔹 (i) (1.2)²
🔸 1.2 = 12/10
🔸 अतः
(1.2)² = (12/10)²
🔸 = 12²/10²
🔸 = 144/100
🔸 = 1.44
✔️ अंतिम उत्तर: (1.2)² = 1.44
🔹 (ii) (0.12)²
🔸 0.12 = 12/100
🔸 अतः
(0.12)² = (12/100)²
🔸 = 12²/100²
🔸 = 144/10000
🔸 = 0.0144
✔️ अंतिम उत्तर: (0.12)² = 0.0144
🔹 (iii) (0.012)²
🔸 0.012 = 12/1000
🔸 अतः
(0.012)² = (12/1000)²
🔸 = 12²/1000²
🔸 = 144/1000000
🔸 = 0.000144
✔️ अंतिम उत्तर: (0.012)² = 0.000144
🔹 (iv) 120²
🔸 120 = 12 × 10
🔸 अतः
120² = (12 × 10)²
🔸 = 12² × 10²
🔸 = 144 × 100
🔸 = 14400
✔️ अंतिम उत्तर: 120² = 14400
🔒 ❓ प्रश्न 7.
समान संख्याओं पर घेरा लगाइए।
2⁴ × 3⁶, 6⁴ × 3², 6¹⁰, 18² × 6², 6²⁴
📌 ✅ उत्तर:
🔹 हमें समान मान वाली संख्याएँ पहचाननी हैं।
🔹 पहली संख्या:
2⁴ × 3⁶
🔸 इसे इस प्रकार लिख सकते हैं:
2⁴ × 3⁴ × 3²
🔸 = (2 × 3)⁴ × 3²
🔸 = 6⁴ × 3²
🔹 अतः
2⁴ × 3⁶ = 6⁴ × 3²
🔹 अब तीसरी संख्या:
6¹⁰
🔹 चौथी संख्या:
18² × 6²
🔸 18 = 3 × 6
🔸 अतः
18² × 6² = (3 × 6)² × 6²
🔸 = 3² × 6² × 6²
🔸 = 3² × 6⁴
🔸 = 6⁴ × 3²
🔹 इसलिए
18² × 6² = 6⁴ × 3²
🔹 और हमने ऊपर पाया:
2⁴ × 3⁶ = 6⁴ × 3²
🔹 अतः
2⁴ × 3⁶ = 6⁴ × 3² = 18² × 6²
🔹 अब 6¹⁰ और 6²⁴ इनसे भिन्न हैं।
✔️ अंतिम उत्तर:
समान संख्याएँ हैं —
2⁴ × 3⁶, 6⁴ × 3², 18² × 6²
🔒 ❓ प्रश्न 8.
निम्नलिखित विकल्पों में से प्रत्येक बड़ी संख्या को पहचानिए
(i) 4³ या 3⁴
(ii) 2⁸ या 8²
(iii) 100² या 2¹⁰⁰
📌 ✅ उत्तर:
🔹 (i) 4³ या 3⁴
🔸 4³ = 4 × 4 × 4 = 64
🔸 3⁴ = 3 × 3 × 3 × 3 = 81
🔹 क्योंकि
81 > 64
✔️ अंतिम उत्तर: 3⁴ बड़ी संख्या है।
🔹 (ii) 2⁸ या 8²
🔸 2⁸ = 256
🔸 8² = 64
🔹 क्योंकि
256 > 64
✔️ अंतिम उत्तर: 2⁸ बड़ी संख्या है।
🔹 (iii) 100² या 2¹⁰⁰
🔸 100² = 100 × 100 = 10000
🔸 2¹⁰ = 1024
🔸 अतः
2¹⁰⁰ = (2¹⁰)¹⁰
🔸 = 1024¹⁰
🔹 यह संख्या 10000 से बहुत बड़ी है।
✔️ अंतिम उत्तर: 2¹⁰⁰ बड़ी संख्या है।
🔒 ❓ प्रश्न 9.
एक डेयरी एक वर्ष में दूध के 8.5 अरब पैकेट के उत्पादन की योजना बनाती है। वह प्रत्येक पैकेट पर एक विशिष्ट पहचान कोड (आई.डी.) दर्शाना चाहती है। यदि वह इसके लिए 0 से 9 तक के अंकों का उपयोग करती है तो बताइए कि कोड कितने अंकों का होना चाहिए?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 कुल पैकेटों की संख्या = 8.5 अरब
🔹 1 अरब = 10⁹
🔹 अतः
8.5 अरब = 8.5 × 10⁹
🔹 अब
8.5 × 10⁹ = 8,500,000,000
🔹 इसका अर्थ है कि कुल 8,500,000,000 अलग-अलग कोड चाहिए।
🔹 यदि कोड n अंकों का हो, और प्रत्येक स्थान पर 0 से 9 तक कोई भी अंक आ सकता हो, तो कुल कोडों की संख्या होगी:
10ⁿ
🔹 अब जाँच करते हैं:
🔸 9 अंकों वाले कोडों की कुल संख्या:
10⁹ = 1,000,000,000
🔹 यह पर्याप्त नहीं है, क्योंकि हमें 8,500,000,000 कोड चाहिए।
🔸 10 अंकों वाले कोडों की कुल संख्या:
10¹⁰ = 10,000,000,000
🔹 यह पर्याप्त है।
✔️ अंतिम उत्तर: कोड 10 अंकों का होना चाहिए।
🔒 ❓ प्रश्न 10.
64 एक वर्ग संख्या (8²) और एक घन संख्या (4³) है। क्या ऐसी और भी संख्याएँ हैं जो वर्ग और घन दोनों हों? क्या ऐसी संख्याओं को ज्ञात करने की कोई सामान्य विधि है?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 हाँ, ऐसी और भी बहुत-सी संख्याएँ हैं जो वर्ग और घन दोनों होती हैं।
🔹 यदि कोई संख्या वर्ग भी हो और घन भी, तो वह ऐसी संख्या होगी जो 2 और 3 दोनों की घातों के रूप में लिखी जा सके।
🔹 2 और 3 का लघुत्तम समापवर्त्य = 6
🔹 इसलिए जो संख्याएँ 6वीं घात होती हैं, वे वर्ग भी होती हैं और घन भी।
🔹 क्योंकि
a⁶ = (a³)²
🔹 अतः a⁶ एक वर्ग संख्या है।
🔹 और
a⁶ = (a²)³
🔹 अतः a⁶ एक घन संख्या भी है।
🔹 इसलिए प्रत्येक 6वीं घात वाली संख्या, वर्ग और घन दोनों होती है।
🔹 उदाहरण:
🔸 1 = 1⁶
यह वर्ग भी है और घन भी है।
🔸 64 = 2⁶
और
64 = 8² = 4³
🔸 729 = 3⁶
और
729 = 27² = 9³
🔸 4096 = 4⁶
और
4096 = 64² = 16³
🔹 सामान्य विधि:
🔸 किसी भी प्राकृतिक संख्या a को लीजिए।
🔸 उसकी 6वीं घात a⁶ निकालिए।
🔸 प्राप्त संख्या वर्ग और घन दोनों होगी।
🔒 ❓ प्रश्न 11.
एक डिजिटल लॉकर का 5 अक्षरांकीय (एल्फान्यूमेरिक) वाला (इसमें अंक एवं अक्षर दोनों हो सकते हैं) गुप्त संकेत है जिसकी लंबाई 5 है। गुप्त संकेत (पासकोड) के कुछ उदाहरण G89PO, 38098, BRJKW और 003AZ हैं। इस प्रकार के कितने गुप्त संकेत संभव हैं?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 गुप्त संकेत की लंबाई = 5
🔹 प्रत्येक स्थान पर क्या-क्या आ सकता है?
🔸 0 से 9 तक के अंक = 10 विकल्प
🔸 A से Z तक के अक्षर = 26 विकल्प
🔹 अतः प्रत्येक स्थान के लिए कुल विकल्प
= 10 + 26
= 36
🔹 5 स्थानों के लिए कुल गुप्त संकेतों की संख्या
= 36 × 36 × 36 × 36 × 36
= 36⁵
🔹 अब मान ज्ञात करते हैं:
36² = 1296
🔹 36³ = 36 × 1296
= 46656
🔹 36⁴ = 36 × 46656
= 1679616
🔹 36⁵ = 36 × 1679616
= 60466176
✔️ अंतिम उत्तर: 36⁵ = 60466176 गुप्त संकेत
🔒 ❓ प्रश्न 12.
वर्ष 2024 में संपूर्ण विश्व में भेड़ों की संख्या लगभग 10⁹ थी और बकरियों की संख्या भी लगभग भेड़ों के समान ही थी। बताइए कि भेड़ों और बकरियों की कुल संख्या कितनी है?
(i) 20⁹
(ii) 10¹¹
(iii) 10¹⁰
(iv) 10¹⁸
(v) 2 × 10⁹
(vi) 10⁹ + 10⁹
📌 ✅ उत्तर:
🔹 भेड़ों की संख्या = 10⁹
🔹 बकरियों की संख्या = 10⁹
🔹 कुल संख्या
= 10⁹ + 10⁹
🔹 = 2 × 10⁹
🔹 अतः सही विकल्प हैं:
🔸 (v) 2 × 10⁹
🔸 (vi) 10⁹ + 10⁹
🔹 शेष विकल्प सही नहीं हैं।
✔️ अंतिम उत्तर: (v) 2 × 10⁹ तथा (vi) 10⁹ + 10⁹
🔒 ❓ प्रश्न 13.
गणना कीजिए और अपने उत्तर को वैज्ञानिक संकेत में लिखिए।
(i) यदि विश्व में प्रत्येक व्यक्ति के पास 30 वस्त्र हों तो वस्त्रों की कुल संख्या ज्ञात कीजिए?
(ii) विश्व में लगभग 100 मिलियन मधुमक्खियों के छत्ते हैं। यदि प्रत्येक छत्ते में 50,000 मधुमक्खियाँ हों तो मधुमक्खियों की कुल संख्या ज्ञात कीजिए।
(iii) मानव शरीर में लगभग 38 ट्रिलियन (380 खरब) जीवाणु कोशिकाएँ होती हैं। विश्व के सभी मानवों के शरीर में रहने वाले जीवाणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए।
(iv) संपूर्ण जीवनकाल में खाने में व्यतीत किया गया कुल समय सेकंडों में ज्ञात कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 (i) यदि विश्व में प्रत्येक व्यक्ति के पास 30 वस्त्र हों तो वस्त्रों की कुल संख्या ज्ञात कीजिए?
🔸 इस अध्याय के सन्दर्भ में विश्व की जनसंख्या लगभग 8 × 10⁹ मानी जाती है।
🔸 प्रत्येक व्यक्ति के पास वस्त्र = 30
= 3 × 10¹
🔸 अतः कुल वस्त्र
= (8 × 10⁹) × (3 × 10¹)
🔸 = 24 × 10¹⁰
🔸 वैज्ञानिक संकेत में
= 2.4 × 10¹¹
✔️ अंतिम उत्तर: 2.4 × 10¹¹ वस्त्र
🔹 (ii) विश्व में लगभग 100 मिलियन मधुमक्खियों के छत्ते हैं। यदि प्रत्येक छत्ते में 50,000 मधुमक्खियाँ हों तो मधुमक्खियों की कुल संख्या ज्ञात कीजिए।
🔸 100 मिलियन
= 100000000
= 10⁸
🔸 प्रत्येक छत्ते में मधुमक्खियाँ
= 50000
= 5 × 10⁴
🔸 अतः कुल मधुमक्खियाँ
= 10⁸ × 5 × 10⁴
🔸 = 5 × 10¹²
✔️ अंतिम उत्तर: 5 × 10¹² मधुमक्खियाँ
🔹 (iii) मानव शरीर में लगभग 38 ट्रिलियन (380 खरब) जीवाणु कोशिकाएँ होती हैं। विश्व के सभी मानवों के शरीर में रहने वाले जीवाणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए।
🔸 एक मानव शरीर में जीवाणु कोशिकाएँ
= 38 ट्रिलियन
= 38 × 10¹²
= 3.8 × 10¹³
🔸 विश्व की जनसंख्या
= 8 × 10⁹
🔸 अतः कुल जीवाणु कोशिकाएँ
= (3.8 × 10¹³) × (8 × 10⁹)
🔸 = 30.4 × 10²²
🔸 वैज्ञानिक संकेत में
= 3.04 × 10²³
✔️ अंतिम उत्तर: 3.04 × 10²³ जीवाणु कोशिकाएँ
🔹 (iv) संपूर्ण जीवनकाल में खाने में व्यतीत किया गया कुल समय सेकंडों में ज्ञात कीजिए।
🔸 यह प्रश्न एक अनुमान पर आधारित है।
🔸 मान लेते हैं कि एक व्यक्ति प्रतिदिन खाने में लगभग 1 घंटा व्यतीत करता है।
🔸 1 घंटा = 60 मिनट
🔸 1 मिनट = 60 सेकंड
🔸 अतः
1 घंटा = 60 × 60 सेकंड
= 3600 सेकंड
= 3.6 × 10³ सेकंड
🔸 अब औसत जीवनकाल 80 वर्ष मानते हैं।
🔸 1 वर्ष में दिन = 365
🔸 80 वर्षों में कुल दिन
= 80 × 365
= 29200
🔸 अतः कुल समय
= 29200 × 3600 सेकंड
🔸 = 105120000 सेकंड
🔸 वैज्ञानिक संकेत में
= 1.0512 × 10⁸ सेकंड
✔️ अंतिम उत्तर: 1.0512 × 10⁸ सेकंड
✏️ टिप्पणी:
🔹 यह एक अनुमानित उत्तर है।
🔹 यदि प्रतिदिन खाने का समय या जीवनकाल अलग लिया जाए, तो उत्तर भी बदल जाएगा।
🔒 ❓ प्रश्न 14.
आज से 1 बिलियन या 1 अरब सेकंड पूर्व क्या दिनांक थी?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 1 अरब सेकंड
= 10⁹ सेकंड
🔹 1 दिन में सेकंड
= 24 × 60 × 60
= 86400 सेकंड
🔹 अतः दिनों की संख्या
= 10⁹ ÷ 86400
≈ 11574 दिन
🔹 अब वर्षों में बदलते हैं:
= 11574 ÷ 365
≈ 31.7 वर्ष
🔹 अर्थात
1 अरब सेकंड ≈ 31 वर्ष 8 महीने
🔹 इसलिए आज से 1 अरब सेकंड पूर्व की तिथि, आज की तिथि से लगभग 31 वर्ष 8 महीने पहले की होगी।
🔹 उदाहरण के रूप में, यदि आज की तिथि 1 अप्रैल 2026 मानी जाए, तो लगभग तिथि
= 23 जुलाई 1994
✔️ अंतिम उत्तर:
1 अरब सेकंड पूर्व की तिथि, आज की तिथि से लगभग 31 वर्ष 8 महीने पहले की होगी।
उदाहरणतः 1 अप्रैल 2026 के लिए यह लगभग 23 जुलाई 1994 होगी।
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
खंड A
(प्रश्न 1 से 6)
प्रत्येक प्रश्न 1 अंक
🔒 ❓ प्रश्न 1.
2³ का मान क्या है?
🟢1️⃣ 6
🔵2️⃣ 8
🟡3️⃣ 9
🟣4️⃣ 12
📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣
🔒 ❓ प्रश्न 2.
10⁴ में 1 के बाद कितने शून्य होते हैं?
🟢1️⃣ 2
🔵2️⃣ 3
🟡3️⃣ 4
🟣4️⃣ 5
📌 ✅ उत्तर: 🟡3️⃣
🔒 ❓ प्रश्न 3.
a³ × a² का सरल रूप क्या होगा?
🟢1️⃣ a⁵
🔵2️⃣ a⁶
🟡3️⃣ a¹
🟣4️⃣ a⁹
📌 ✅ उत्तर: 🟢1️⃣
🔒 ❓ प्रश्न 4.
a⁷ ÷ a³ का सरल रूप क्या होगा?
🟢1️⃣ a¹⁰
🔵2️⃣ a⁴
🟡3️⃣ a³
🟣4️⃣ a²¹
📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣
🔒 ❓ प्रश्न 5.
(a²)³ का सरल रूप क्या होगा?
🟢1️⃣ a⁵
🔵2️⃣ a⁶
🟡3️⃣ a⁸
🟣4️⃣ a⁹
📌 ✅ उत्तर: 🔵2️⃣
🔒 ❓ प्रश्न 6.
किसी भी अशून्य संख्या a के लिए a⁰ का मान क्या है?
🟢1️⃣ 0
🔵2️⃣ a
🟡3️⃣ 1
🟣4️⃣ a²
📌 ✅ उत्तर: 🟡3️⃣
खंड B
(प्रश्न 7 से 12)
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक
🔒 ❓ प्रश्न 7.
घातीय रूप किसे कहते हैं?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 जब किसी संख्या को बार-बार स्वयं से गुणा किया जाता है, तो उसे घातीय रूप में लिखा जाता है।
🔹 जैसे 5 × 5 × 5 = 5³
🔹 यहाँ 5 आधार है और 3 घात है।
🔒 ❓ प्रश्न 8.
3⁴ में आधार और घात लिखिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 3⁴ में आधार = 3
🔹 3⁴ में घात = 4
🔒 ❓ प्रश्न 9.
10⁶ को साधारण रूप में लिखिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 10⁶ = 10 × 10 × 10 × 10 × 10 × 10
🔹 = 1000000
🔒 ❓ प्रश्न 10.
2⁵ का मान ज्ञात कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 2⁵ = 2 × 2 × 2 × 2 × 2
🔹 = 32
🔒 ❓ प्रश्न 11.
a⁻² का अर्थ लिखिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 a⁻² = 1/a², जहाँ a ≠ 0
🔹 अतः ऋणात्मक घात व्युत्क्रम को दर्शाती है।
🔒 ❓ प्रश्न 12.
0.0005 को 10 की घात के रूप में लिखिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 0.0005 = 5 × 10⁻⁴
🔹 यही इसका घातीय रूप है।
खंड C
(प्रश्न 13 से 22)
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक
🔒 ❓ प्रश्न 13.
2³ × 2⁴ का मान ज्ञात कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 समान आधारों के गुणन में घातें जुड़ती हैं।
🔹 2³ × 2⁴ = 2³⁺⁴
🔹 = 2⁷
🔹 = 128
🔒 ❓ प्रश्न 14.
5⁶ ÷ 5² का मान ज्ञात कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 समान आधारों के भाग में घातें घटती हैं।
🔹 5⁶ ÷ 5² = 5⁶⁻²
🔹 = 5⁴
🔹 = 625
🔒 ❓ प्रश्न 15.
(3²)⁴ को सरल कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 घात की घात में घातें गुणा होती हैं।
🔹 (3²)⁴ = 3²×⁴
🔹 = 3⁸
🔹 = 6561
🔒 ❓ प्रश्न 16.
(2 × 5)³ का मान ज्ञात कीजिए।
अथवा
(3/4)² का मान ज्ञात कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले भाग के लिए:
🔹 (2 × 5)³ = 2³ × 5³
🔹 = 8 × 125
🔹 = 1000
🔹 अथवा
🔹 दूसरे भाग के लिए:
🔹 (3/4)² = 3²/4²
🔹 = 9/16
🔒 ❓ प्रश्न 17.
सरल कीजिए: a⁴ × a⁵ ÷ a³
📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले गुणन करेंगे:
🔹 a⁴ × a⁵ = a⁹
🔹 अब भाग करेंगे:
🔹 a⁹ ÷ a³ = a⁹⁻³
🔹 = a⁶
🔹 अतः उत्तर a⁶ है।
🔒 ❓ प्रश्न 18.
मानक रूप में लिखिए: 4500000
📌 ✅ उत्तर:
🔹 4500000 = 4.5 × 10⁶
🔹 क्योंकि 4.5 के बाद दशमलव को 6 स्थान दाईं ओर ले जाने पर मूल संख्या मिलती है।
🔒 ❓ प्रश्न 19.
मानक रूप में लिखिए: 0.000072
📌 ✅ उत्तर:
🔹 0.000072 = 7.2 × 10⁻⁵
🔹 क्योंकि दशमलव को 5 स्थान बाईं ओर खिसकाने पर 7.2 प्राप्त होता है।
🔒 ❓ प्रश्न 20.
सत्य या असत्य जाँचिए: (a + b)² = a² + b²
अथवा
सत्य या असत्य जाँचिए: (ab)³ = a³b³
📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले भाग के लिए:
🔹 (a + b)² = a² + b² सामान्यतः सही नहीं है।
🔹 क्योंकि
🔹 (a + b)² = a² + 2ab + b²
🔹 इसलिए यह कथन असत्य है।
🔹 अथवा
🔹 दूसरे भाग के लिए:
🔹 (ab)³ = a³b³
🔹 यह नियम सही है।
🔹 इसलिए यह कथन सत्य है।
🔒 ❓ प्रश्न 21.
यदि 2ˣ = 32, तो x ज्ञात कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 32 = 2⁵
🔹 इसलिए
🔹 2ˣ = 2⁵
🔹 अतः x = 5
🔒 ❓ प्रश्न 22.
यदि 10⁻³ को साधारण रूप में लिखें, तो क्या प्राप्त होगा?
📌 ✅ उत्तर:
🔹 10⁻³ = 1/10³
🔹 = 1/1000
🔹 = 0.001
🔹 अतः उत्तर 0.001 है।
खंड D
(प्रश्न 23 से 30)
प्रत्येक प्रश्न 4 अंक
🔒 ❓ प्रश्न 23.
घातों के नियम aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ को उदाहरण सहित समझाइए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 जब समान आधार वाली दो घातों का गुणन किया जाता है, तो घातें जुड़ जाती हैं।
🔹 सामान्य नियम:
🔹 aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ
🔹 उदाहरण:
🔹 2³ × 2⁴
🔹 = (2 × 2 × 2) × (2 × 2 × 2 × 2)
🔹 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2
🔹 = 2⁷
🔹 अतः 2³ × 2⁴ = 2⁷ = 128
🔹 इसलिए यह नियम सही है।
🔒 ❓ प्रश्न 24.
घातों के नियम aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ को उदाहरण सहित समझाइए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 जब समान आधार वाली दो घातों का भाग किया जाता है, तो घातें घटती हैं।
🔹 सामान्य नियम:
🔹 aᵐ ÷ aⁿ = aᵐ⁻ⁿ, जहाँ a ≠ 0
🔹 उदाहरण:
🔹 3⁶ ÷ 3²
🔹 = (3 × 3 × 3 × 3 × 3 × 3) ÷ (3 × 3)
🔹 = 3 × 3 × 3 × 3
🔹 = 3⁴
🔹 अतः 3⁶ ÷ 3² = 3⁴ = 81
🔹 इसलिए यह नियम सही है।
🔒 ❓ प्रश्न 25.
(2³)⁴ का मान ज्ञात कीजिए तथा घात की घात का नियम स्पष्ट कीजिए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 घात की घात का नियम है:
🔹 (aᵐ)ⁿ = aᵐⁿ
🔹 अतः
🔹 (2³)⁴ = 2³×⁴
🔹 = 2¹²
🔹 अब
🔹 2¹² = 4096
🔹 इसलिए (2³)⁴ = 4096
🔹 इससे स्पष्ट है कि घात की घात में घातें गुणा होती हैं।
🔒 ❓ प्रश्न 26.
मानक रूप क्या है? 72000000 और 0.00034 को मानक रूप में लिखिए।
अथवा
मानक रूप में लिखिए: 910000 तथा 0.0056
📌 ✅ उत्तर:
🔹 मानक रूप वह रूप है जिसमें कोई संख्या a × 10ⁿ के रूप में लिखी जाती है, जहाँ 1 ≤ a < 10 हो।
🔹 पहले भाग के लिए:
🔹 72000000 = 7.2 × 10⁷
🔹 0.00034 = 3.4 × 10⁻⁴
🔹 अथवा
🔹 दूसरे भाग के लिए:
🔹 910000 = 9.1 × 10⁵
🔹 0.0056 = 5.6 × 10⁻³
🔹 यही अपेक्षित मानक रूप हैं।
🔒 ❓ प्रश्न 27.
शून्य घात और ऋणात्मक घात को उदाहरण सहित समझाइए।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 किसी भी अशून्य संख्या a के लिए
🔹 a⁰ = 1
🔹 उदाहरण:
🔹 5⁰ = 1
🔹 12⁰ = 1
🔹 ऋणात्मक घात का नियम है:
🔹 a⁻ⁿ = 1/aⁿ, जहाँ a ≠ 0
🔹 उदाहरण:
🔹 2⁻³ = 1/2³
🔹 = 1/8
🔹 10⁻² = 1/10²
🔹 = 1/100
🔹 अतः शून्य घात 1 देती है और ऋणात्मक घात व्युत्क्रम रूप देती है।
🔒 ❓ प्रश्न 28.
सरल कीजिए: (2³ × 2²) ÷ 2⁴
📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले गुणन करेंगे:
🔹 2³ × 2² = 2⁵
🔹 अब भाग करेंगे:
🔹 2⁵ ÷ 2⁴ = 2⁵⁻⁴
🔹 = 2¹
🔹 = 2
🔹 अतः उत्तर 2 है।
🔒 ❓ प्रश्न 29.
सरल कीजिए: (3² × 3⁴) ÷ (3³)
अथवा
सरल कीजिए: (5²)³ ÷ 5⁴
📌 ✅ उत्तर:
🔹 पहले भाग के लिए:
🔹 3² × 3⁴ = 3⁶
🔹 अब
🔹 3⁶ ÷ 3³ = 3³
🔹 = 27
🔹 अतः उत्तर 27 है।
🔹 अथवा
🔹 दूसरे भाग के लिए:
🔹 (5²)³ = 5⁶
🔹 अब
🔹 5⁶ ÷ 5⁴ = 5²
🔹 = 25
🔹 अतः उत्तर 25 है।
🔒 ❓ प्रश्न 30.
“घातों का खेल” अध्याय के आधार पर समझाइए कि घातें बड़ी और छोटी संख्याओं को सरल रूप में लिखने तथा गणना को सुगम बनाने में कैसे सहायक हैं।
📌 ✅ उत्तर:
🔹 घातें बार-बार होने वाले गुणन को छोटे रूप में लिखने का साधन देती हैं।
🔹 उदाहरण के लिए:
🔹 2 × 2 × 2 × 2 × 2 = 2⁵
🔹 इससे लेखन छोटा और स्पष्ट हो जाता है।
🔹 घातों के नियमों से बड़ी गणनाएँ सरल हो जाती हैं।
🔹 जैसे
🔹 a³ × a⁴ = a⁷
🔹 a⁶ ÷ a² = a⁴
🔹 बहुत बड़ी संख्याओं को भी मानक रूप में आसानी से लिखा जा सकता है।
🔹 जैसे
🔹 3000000 = 3 × 10⁶
🔹 बहुत छोटी संख्याएँ भी सरल रूप में लिखी जा सकती हैं।
🔹 जैसे
🔹 0.0004 = 4 × 10⁻⁴
🔹 विज्ञान, मापन, खगोल और संगणना में घातों का बहुत उपयोग है।
🔹 इसलिए घातें गणना को संक्षिप्त, सुव्यवस्थित, तर्कपूर्ण और सरल बनाती हैं।
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