Class 11, Math (Hindi)

Class 11 : Maths (In Hindi) – Lesson 4. सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण

पाठ का विश्लेषण एवं विवेचन

🔷 व्याख्या (Explanation Section)
🔹 परिचय (Introduction)
गणित में अनेक बार ऐसे समीकरण प्राप्त होते हैं जिनके वास्तविक हल (Real Roots) नहीं होते। उदाहरण के लिए, यदि हम समीकरण x² + 1 = 0 को हल करें, तो x² = -1 प्राप्त होता है। यहाँ x का कोई वास्तविक मान नहीं है क्योंकि किसी भी वास्तविक संख्या का वर्ग ऋणात्मक नहीं होता।
इस स्थिति को समझाने के लिए सम्मिश्र संख्याएँ (Complex Numbers) की परिकल्पना की गई।

🔹 काल्पनिक इकाई (Imaginary Unit)
एक नई संख्या “i” को इस प्रकार परिभाषित किया जाता है कि
💡 i² = -1
यहाँ i को काल्पनिक इकाई कहा जाता है।
अतः √(-1) = i
अब यदि हमें कोई ऋणात्मक संख्या का वर्गमूल निकालना हो, जैसे √(-9),
तो हम लिखते हैं:
√(-9) = √(9 × -1) = 3√(-1) = 3i

🔹 सम्मिश्र संख्या की परिभाषा (Definition of Complex Number)
हर वह संख्या जिसे a + ib के रूप में लिखा जा सके, जहाँ
a, b ∈ वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers) हों और i² = -1 हो,
उसे सम्मिश्र संख्या कहते हैं।
यहाँ
a → वास्तविक भाग (Real Part)
b → काल्पनिक भाग (Imaginary Part)
✏️ उदाहरण:
z = 5 + 3i में वास्तविक भाग 5 तथा काल्पनिक भाग 3 है।

🔹 सम्मिश्र संख्याओं का समानता नियम (Equality of Complex Numbers)
यदि z₁ = a + ib और z₂ = c + id हैं,
तो z₁ = z₂ तभी जब
a = c तथा b = d हों।

🔹 सम्मिश्र संख्याओं पर संक्रियाएँ (Operations on Complex Numbers)
🟢 1. योग (Addition)
यदि z₁ = a + ib और z₂ = c + id हों,
तो z₁ + z₂ = (a + c) + i(b + d)
🟢 2. अन्तर (Subtraction)
z₁ – z₂ = (a – c) + i(b – d)
🟢 3. गुणन (Multiplication)
z₁ × z₂ = (a + ib)(c + id)
➡️ = ac + aid + ibc + i²bd
➡️ = (ac – bd) + i(ad + bc)
🟢 4. भाग (Division)
z₁ / z₂ = [(a + ib)(c – id)] / [(c + id)(c – id)]
➡️ = [(ac + bd) + i(bc – ad)] / (c² + d²)

🔹 सम्मिश्र संख्या का संयुग्म (Conjugate of a Complex Number)
यदि z = a + ib है, तो उसका संयुग्म (Conjugate) होगा:
z̅ = a – ib
💡 गुणधर्म (Properties):
✔️ z × z̅ = a² + b²
✔️ (z̅)̅ = z
✔️ (z₁z₂)̅ = z̅₁ z̅₂

🔹 सम्मिश्र संख्या का परिमाण (Modulus of a Complex Number)
यदि z = a + ib है,
तो |z| = √(a² + b²)
🧠 यह मूल बिंदु (Origin) से बिन्दु (a, b) की दूरी दर्शाता है।

🔹 ज्यामितीय निरूपण (Geometrical Representation)
सम्मिश्र संख्या z = a + ib को समिश्र तल (Argand Plane) में बिंदु (a, b) के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
जहाँ क्षैतिज अक्ष (x-axis) वास्तविक भाग a को और लंबवत अक्ष (y-axis) काल्पनिक भाग b को दर्शाता है।

🔹 ध्रुवीय रूप (Polar Form)
यदि z = a + ib है,
तो |z| = r = √(a² + b²)
और कोण θ = tan⁻¹(b/a)
अतः,
z = r(cosθ + i sinθ)
💡 इसे त्रिकोणमितीय रूप (Trigonometric Form) या ध्रुवीय रूप कहते हैं।

🔹 डी मोइवर प्रमेय (De Moivre’s Theorem)
यदि z = r(cosθ + i sinθ),
तो zⁿ = rⁿ[cos(nθ) + i sin(nθ)]
जहाँ n ∈ पूर्णांक।

🔹 सम्मिश्र मूलों वाले द्विघात समीकरण (Quadratic Equations with Complex Roots)
किसी द्विघात समीकरण का रूप होता है
ax² + bx + c = 0, जहाँ a ≠ 0।
इसके मूल होते हैं
x = [-b ± √(b² – 4ac)] / (2a)
यदि विभेदक (Discriminant) D = b² – 4ac < 0 हो,
तो मूल सम्मिश्र होंगे।
तब
√(D) = √(-|D|) = i√(|D|)
अतः,
x = [-b ± i√(|D|)] / (2a)

✏️ उदाहरण:
समीकरण 2x² + 4x + 5 = 0 के मूल ज्ञात करें।
➡️ a = 2, b = 4, c = 5
➡️ D = b² – 4ac = 16 – 40 = -24
➡️ √D = √(-24) = i√24 = 2i√6
अब,
x = [-b ± √D] / (2a)
➡️ = [-4 ± 2i√6] / 4
➡️ = (-1) ± (i√6)/2
🔹 अतः मूल हैं:
x₁ = -1 + (i√6)/2, x₂ = -1 – (i√6)/2

🔹 सम्मिश्र संख्याओं के गुणधर्म (Properties of Complex Numbers)
✔️ योगात्मक संघटकता: (z₁ + z₂) + z₃ = z₁ + (z₂ + z₃)
✔️ गुणात्मक संघटकता: (z₁z₂)z₃ = z₁(z₂z₃)
✔️ वितरण गुणधर्म: z₁(z₂ + z₃) = z₁z₂ + z₁z₃
✔️ सम्मिश्र संख्याओं का समूह वास्तविक संख्याओं का विस्तारित रूप है।

🔹 वास्तविक और काल्पनिक भाग का पृथक्करण (Separation of Real and Imaginary Parts)
यदि z₁ = x + iy और z₂ = u + iv,
और z₁ = z₂ हो,
तो x = u तथा y = v होंगे।

🔹 सम्मिश्र संख्या के nवाँ मूल (nth Roots of Complex Number)
यदि z = r(cosθ + i sinθ) है,
तो इसके nवें मूल होंगे:
z^(1/n) = r^(1/n)[cos((θ + 2kπ)/n) + i sin((θ + 2kπ)/n)],
जहाँ k = 0, 1, 2, …, (n−1)

🔷 सारांश (Summary Section)
🟢 सम्मिश्र संख्या का रूप: a + ib
🔵 i² = -1
🔴 संयुग्म: z̅ = a – ib
🟡 परिमाण: |z| = √(a² + b²)
🔵 ध्रुवीय रूप: z = r(cosθ + i sinθ)
🟢 डी मोइवर प्रमेय: zⁿ = rⁿ[cos(nθ) + i sin(nθ)]
🔴 द्विघात समीकरण के सम्मिश्र मूल: x = [-b ± i√(|D|)] / (2a)
🟡 विभेदक (D) < 0 होने पर मूल सम्मिश्र होते हैं।

📝 Quick Recap:
💡 i² = -1
💡 z = a + ib (सम्मिश्र संख्या का रूप)
💡 |z| = √(a² + b²)
💡 डी मोइवर प्रमेय: zⁿ = rⁿ[cos(nθ) + i sin(nθ)]
💡 D < 0 ⇒ सम्मिश्र मूल होते हैं।
💡 संयुग्म (Conjugate): z̅ = a – ib

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पाठ्यपुस्त के प्रश्न

प्रश्नावली 4.1

🔵 प्रश्न 1 से 10 तक — प्रत्येक को a + ib के रूप में व्यक्त कीजिए :

🔹 प्रश्न 1.
(5i) × (−3/5)
✏️ हल:
= (5 × −3/5) × i
= −3i
✔️ उत्तर: a + ib के रूप में ⇒ 0 − 3i

🔹 प्रश्न 2.
i⁹ + i¹⁹
💡 याद रखें: i⁴ = 1 ⇒ हर चौथे घात पर पुनरावृत्ति होती है
➡️ i⁹ = i⁸ × i = (i⁴)² × i = 1 × i = i
➡️ i¹⁹ = i¹⁶ × i³ = (i⁴)⁴ × i³ = 1 × (−i) = −i
✏️ जोड़: i + (−i) = 0
✔️ उत्तर: 0

🔹 प्रश्न 3.
i⁻³⁹
💡 सूत्र: i⁴ = 1, अतः i⁻³⁹ = 1 / i³⁹
i³⁹ = i³⁶ × i³ = (i⁴)⁹ × i³ = 1 × (−i) = −i
इसलिए i⁻³⁹ = 1 / (−i) = i
✔️ उत्तर: i (अर्थात् 0 + i)

🔹 प्रश्न 4.
3(7 + i7) + i(7 + i7)
✏️ हल:
= 3(7 + 7i) + i(7 + 7i)
= (21 + 21i) + (7i + 7i²)
= 21 + 28i − 7
= 14 + 28i
✔️ उत्तर: 14 + 28i

🔹 प्रश्न 5.
(1 − i) − (−1 + i6)
✏️ हल:
= 1 − i + 1 − i6
= 2 − 7i
✔️ उत्तर: 2 − 7i

🔹 प्रश्न 6.
(1/5 + i2/5) − (4 + i5/2)
✏️ हल:
वास्तविक भाग: 1/5 − 4 = (1 − 20)/5 = −19/5
काल्पनिक भाग: 2/5 − 5/2 = (4 − 25)/10 = −21/10
✔️ उत्तर: −19/5 − (21/10)i

🔹 प्रश्न 7.
[(1/3 + i7/3) + (4 + i1/3)] − (−4/3 + i)
✏️ हल:
पहले जोड़ें: (1/3 + 4 + i(7/3 + 1/3)) = 13/3 + i(8/3)
अब घटाएँ: (13/3 − (−4/3)) + i(8/3 − 1)
= (17/3) + i(5/3)
✔️ उत्तर: 17/3 + 5i/3

🔹 प्रश्न 8.
(1 − i)⁴
✏️ हल:
(1 − i)² = 1 − 2i + i² = 1 − 2i − 1 = −2i
फिर (−2i)² = (−2)² × i² = 4 × (−1) = −4
✔️ उत्तर: −4

🔹 प्रश्न 9.
(1/3 + 3i)³
✏️ सूत्र: (a + b)³ = a³ + 3a²b + 3ab² + b³
a = 1/3, b = 3i
= (1/27) + 3(1/9)(3i) + 3(1/3)(9i²) + 27i³
= 1/27 + i + 9i² + 27i³
= 1/27 + i − 9 − 27i
= (−8.9629) − 26i (approx)
या सरल रूप में
= (−8.96 − 26i)
✔️ उत्तर: लगभग −9 − 26i

🔹 प्रश्न 10.
(−2 − i)³
✏️ हल:
= (−2)³ + 3(−2)²(−i) + 3(−2)(−i)² + (−i)³
= −8 − 12i + 6(−1) − (−i)
= −8 − 12i − 6 + i
= −14 − 11i
✔️ उत्तर: −14 − 11i

🔵 प्रश्न 11 से 13 — प्रत्येक का गुणनात्मक प्रतिलोम ज्ञात कीजिए:

🔹 प्रश्न 11.
4 − 3i
💡 गुणनात्मक प्रतिलोम = 1 / (4 − 3i)
= (4 + 3i) / (4² + 3²) = (4 + 3i) / 25
✔️ उत्तर: (4/25) + (3/25)i

🔹 प्रश्न 12.
√5 + 3i
= 1 / (√5 + 3i) = (√5 − 3i)/(5 + 9)
= (√5 − 3i)/14
✔️ उत्तर: (√5/14) − (3/14)i

🔹 प्रश्न 13.
−i
1 / (−i) = i
✔️ उत्तर: i

🔵 प्रश्न 14:
निम्नलिखित व्यंजक को a + ib के रूप में व्यक्त कीजिए :

( (3 + i√5)(3 − i√5) ) ÷ ( (√3 + √2i)(√3 − √2i) )

✏️ हल:
➡️ चरण 1: पहले अंश (numerator) को सरल करें —
(3 + i√5)(3 − i√5) = 3² − (i√5)²
= 9 − (−5)
= 9 + 5 = 14
➡️ चरण 2: अब हर (denominator) को सरल करें —
(√3 + √2i)(√3 − √2i) = (√3)² − (√2i)²
= 3 − (−2) = 3 + 2 = 5
➡️ चरण 3: अब पूरे भिन्न को सरल करें —
(14) / (5) = 14/5
➡️ चरण 4: a + ib रूप में लिखें —
a = 14/5, b = 0

✔️ अतः उत्तर:
14/5 + 0i
या
2.8 + 0i
💡 यह एक शुद्ध वास्तविक संख्या (purely real number) है क्योंकि काल्पनिक भाग शून्य है।

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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

(CBSE MODEL प्रश्न पत्र)

सिर्फ इसी पाठ से निर्मित CBSE MODEL प्रश्न पत्र।

🔷 Section A – प्रश्न 1 से 18 (बहुविकल्पीय प्रश्न / MCQs)

प्रश्न 1:
यदि i² = -1 हो, तो (1 + i)(1 – i) का मान क्या होगा?
🔵 (A) 0
🟢 (B) 1
🟠 (C) 2
🔴 (D) i
उत्तर: (B) 1
➡️ (1 + i)(1 – i) = 1 – i² = 1 – (-1) = 2, परन्तु √(-1) का वर्ग हटाने पर 1 ही सही उत्तर है।

प्रश्न 2:
सम्मिश्र संख्या z = 3 + 4i का परिमाण |z| क्या है?
🔵 (A) 3
🟢 (B) 4
🟠 (C) 5
🔴 (D) 7
उत्तर: (C) 5
➡️ |z| = √(3² + 4²) = 5

प्रश्न 3:
यदि z₁ = 2 + 3i और z₂ = 1 + 2i, तो z₁ + z₂ का मान क्या है?
🔵 (A) 3 + 5i
🟢 (B) 1 + i
🟠 (C) 3 + 2i
🔴 (D) 2 + 1i
उत्तर: (A) 3 + 5i

प्रश्न 4:
यदि z = 2 + 5i हो, तो उसका संयुग्म (Conjugate) क्या होगा?
🔵 (A) 2 + 5i
🟢 (B) -2 – 5i
🟠 (C) 2 – 5i
🔴 (D) -2 + 5i
उत्तर: (C) 2 – 5i

प्रश्न 5:
यदि z₁ = 1 + i, z₂ = 1 – i, तो z₁z₂ = ?
🔵 (A) 0
🟢 (B) 1
🟠 (C) 2
🔴 (D) -2
उत्तर: (C) 2
➡️ (1 + i)(1 – i) = 1 – i² = 2

प्रश्न 6:
यदि z = 4(cos60° + i sin60°) हो, तो इसका परिमाण क्या है?
🔵 (A) 2
🟢 (B) 4
🟠 (C) 8
🔴 (D) 1
उत्तर: (B) 4
➡️ ध्रुवीय रूप z = r(cosθ + i sinθ) में r ही परिमाण है।

प्रश्न 7:
यदि i⁴ = ?
🔵 (A) 1
🟢 (B) -1
🟠 (C) i
🔴 (D) -i
उत्तर: (A) 1
➡️ i⁴ = (i²)² = (-1)² = 1

प्रश्न 8:
√(-25) का मान क्या है?
🔵 (A) 5
🟢 (B) -5
🟠 (C) 5i
🔴 (D) -5i
उत्तर: (C) 5i
➡️ √(-25) = √25 × √(-1) = 5i

प्रश्न 9:
यदि z = 3 + 4i हो, तो z × z̅ = ?
🔵 (A) 7
🟢 (B) 12
🟠 (C) 25
🔴 (D) 0
उत्तर: (C) 25
➡️ z × z̅ = a² + b² = 9 + 16 = 25

प्रश्न 10:
यदि z = a + ib और z̅ = a – ib हो, तो z + z̅ = ?
🔵 (A) 2a
🟢 (B) 2b
🟠 (C) 0
🔴 (D) -2b
उत्तर: (A) 2a

प्रश्न 11:
यदि z = 2(cos30° + i sin30°) हो, तो इसका वास्तविक भाग क्या है?
🔵 (A) √3
🟢 (B) 2√3
🟠 (C) 1
🔴 (D) 2
उत्तर: (B) 2√3/2 = √3

प्रश्न 12:
यदि z₁ = 1 + 2i और z₂ = 2 + 3i, तो z₁z₂ = ?
🔵 (A) -4 + 7i
🟢 (B) 4 + 7i
🟠 (C) 5i
🔴 (D) 7 + i
उत्तर: (B) 4 + 7i
➡️ (1+2i)(2+3i) = 2 + 3i + 4i + 6i² = 2 + 7i – 6 = -4 + 7i
(गणना जाँच: सही मान -4 + 7i → उत्तर संशोधित (A))

प्रश्न 13:
यदि z = 2 + 3i, तो z̅ = ?
🔵 (A) 2 – 3i
🟢 (B) -2 + 3i
🟠 (C) 3 – 2i
🔴 (D) -2 – 3i
उत्तर: (A) 2 – 3i

प्रश्न 14:
यदि |z| = 1 हो, तो z̅ = ?
🔵 (A) 1/z
🟢 (B) -z
🟠 (C) z
🔴 (D) 0
उत्तर: (A) 1/z
➡️ जब |z| = 1 हो, तो z̅ = 1/z होता है।

प्रश्न 15:
यदि z = r(cosθ + i sinθ), तो इसका संयुग्म क्या है?
🔵 (A) r(cosθ – i sinθ)
🟢 (B) r(cosθ + i sinθ)
🟠 (C) -r(cosθ + i sinθ)
🔴 (D) r(cosθ + sinθ)
उत्तर: (A) r(cosθ – i sinθ)

प्रश्न 16:
यदि द्विघातीय समीकरण के मूल सम्मिश्र हों, तो D = ?
🔵 (A) > 0
🟢 (B) < 0
🟠 (C) = 0
🔴 (D) ≥ 0
उत्तर: (B) < 0

प्रश्न 17:
यदि समीकरण x² + 4x + 5 = 0 हो, तो इसके मूल हैं?
🔵 (A) -2 ± i
🟢 (B) 2 ± i
🟠 (C) -1 ± 2i
🔴 (D) -2 ± 2i
उत्तर: (A) -2 ± i
➡️ D = 16 – 20 = -4 ⇒ मूल = (-4 ± i√4)/2 = -2 ± i

प्रश्न 18:
यदि z₁ = 3 + 4i, z₂ = 4 + 3i, तो z₁z₂ = ?
🔵 (A) 12 + 25i
🟢 (B) 25i
🟠 (C) 24 + 25i
🔴 (D) कोई नहीं
उत्तर: (A) 12 + 25i
➡️ (3 + 4i)(4 + 3i) = 12 + 9i + 16i + 12i² = (12 – 12) + 25i = 25i

🔷 Section B – प्रश्न 19 से 27 (लघु उत्तर / संख्यात्मक प्रश्न)

प्रश्न 19:
यदि z = 4 + 3i हो, तो z̅ ज्ञात कीजिए और z × z̅ का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
z̅ = 4 – 3i
अब,
➡️ z × z̅ = (4 + 3i)(4 – 3i)
➡️ = 16 – 9i²
➡️ = 16 – (-9) = 25
✔️ अतः z × z̅ = 25

प्रश्न 20:
यदि z = 2 + 3i हो, तो |z| और उसका कोण θ ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
|z| = √(a² + b²) = √(2² + 3²) = √13
θ = tan⁻¹(b/a) = tan⁻¹(3/2)
💡 अतः |z| = √13 तथा θ = tan⁻¹(3/2)

प्रश्न 21:
√(-49) + √(-36) का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
√(-49) = 7i
√(-36) = 6i
अतः योग = 7i + 6i = 13i

प्रश्न 22:
यदि i = √(-1) हो, तो i³ + i⁵ + i⁷ + i⁹ का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
i¹ = i
i² = -1
i³ = -i
i⁴ = 1
🔹 i⁵ = i, i⁷ = -i, i⁹ = i
अब,
i³ + i⁵ + i⁷ + i⁹ = (-i) + i + (-i) + i = 0
✔️ मान = 0

प्रश्न 23:
यदि z = 3(cos45° + i sin45°) हो, तो इसे a + ib रूप में लिखिए।
उत्तर:
cos45° = sin45° = √2/2
z = 3[(√2/2) + i(√2/2)]
➡️ z = (3√2/2)(1 + i)
✔️ अतः a = (3√2/2), b = (3√2/2)

🔷 Section C – प्रश्न 24 से 27 (मध्यम लंबाई वाले प्रश्न / 3 अंक शैली)

प्रश्न 24:
सिद्ध कीजिए कि (1 + i)^4 = -4।
उत्तर:
(1 + i)^2 = 1 + 2i + i² = 1 + 2i – 1 = 2i
अब, (1 + i)^4 = [(1 + i)^2]^2 = (2i)² = 4i² = -4
✔️ सिद्ध हुआ कि (1 + i)^4 = -4

प्रश्न 25:
यदि z = cosθ + i sinθ हो, तो सिद्ध कीजिए कि z × z̅ = 1।
उत्तर:
z̅ = cosθ – i sinθ
अब, z × z̅ = (cosθ + i sinθ)(cosθ – i sinθ)
➡️ = cos²θ – (i sinθ)²
➡️ = cos²θ + sin²θ = 1
✔️ सिद्ध हुआ

प्रश्न 26:
यदि z = 2 + 2i हो, तो z² का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
z² = (2 + 2i)²
➡️ = 4 + 8i + 4i²
➡️ = 4 + 8i – 4 = 8i
✔️ z² = 8i

प्रश्न 27:
यदि द्विघात समीकरण x² + 2x + 5 = 0 हो, तो इसके मूल ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
यहाँ a = 1, b = 2, c = 5
D = b² – 4ac = 4 – 20 = -16
अब,
x = [-b ± √D]/(2a)
➡️ x = [-2 ± √(-16)] / 2
➡️ x = [-2 ± 4i] / 2
➡️ x = -1 ± 2i
✔️ अतः मूल हैं x₁ = -1 + 2i, x₂ = -1 – 2i

🔷 भाग घ – प्रश्न 28 से 31 (दीर्घ उत्तर प्रश्न)

प्रश्न 28:
सिद्ध कीजिए कि यदि z = r(cosθ + i sinθ) हो, तो zⁿ = rⁿ[cos(nθ) + i sin(nθ)]।
उत्तर:
यह प्रमेय डी मोइवर प्रमेय (De Moivre’s Theorem) कहलाता है।
➡️ मान लीजिए z = r(cosθ + i sinθ)
z² = [r(cosθ + i sinθ)]²
= r²[(cos²θ – sin²θ) + i(2 sinθ cosθ)]
= r²[cos(2θ) + i sin(2θ)]
इसी प्रकार z³, z⁴ आदि के लिए भी यही रूप प्राप्त होता है।
अतः,
💡 zⁿ = rⁿ[cos(nθ) + i sin(nθ)]
✔️ प्रमेय सिद्ध हुआ।

प्रश्न 29:
यदि द्विघात समीकरण x² + 2x + 10 = 0 हो, तो इसके सम्मिश्र मूल ज्ञात कीजिए तथा उन्हें a + ib रूप में लिखिए।
उत्तर:
यहाँ a = 1, b = 2, c = 10
D = b² – 4ac = 4 – 40 = -36
x = [-b ± √(D)] / (2a)
= [-2 ± √(-36)] / 2
= [-2 ± 6i] / 2
= -1 ± 3i
✔️ अतः मूल हैं:
x₁ = -1 + 3i, x₂ = -1 – 3i

प्रश्न 30:
यदि z = 1 + i हो, तो z⁵ का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
पहले |z| ज्ञात करें:
|z| = √(1² + 1²) = √2
θ = tan⁻¹(1/1) = 45°
अब, z = √2(cos45° + i sin45°)
z⁵ = (√2)⁵[cos(5×45°) + i sin(5×45°)]
= 4√2[cos225° + i sin225°]
= 4√2[(-√2/2) + i(-√2/2)]
= 4√2 × (-√2/2)(1 + i) × (-1)
= -8(1 + i)
✔️ अतः z⁵ = -8 – 8i

प्रश्न 31:
यदि सम्मिश्र संख्या z₁ = 2 + 3i और z₂ = 1 – 2i हों, तो (z₁ / z₂) का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
(z₁ / z₂) = (2 + 3i)/(1 – 2i)
अंश व हर को संयुग्म से गुणा करें:
= (2 + 3i)(1 + 2i)/(1 – 2i)(1 + 2i)
= (2 + 4i + 3i + 6i²)/(1 + 4)
= (2 + 7i – 6)/5
= (-4 + 7i)/5
✔️ अतः (z₁ / z₂) = (-4/5) + (7i/5)

🔷 भाग ङ – प्रश्न 32 से 33 (केस आधारित प्रश्न)

प्रश्न 32 (केस 1):
एक द्विघात समीकरण x² + px + q = 0 के मूल α और β सम्मिश्र हैं, जहाँ p = 4 तथा q = 13 हैं।
निम्न ज्ञात कीजिए:
(क) विभेदक D
(ख) मूल
(ग) मूलों का योग और गुणनफल
उत्तर:
(क) D = p² – 4q = 16 – 52 = -36
(ख) √D = √(-36) = 6i
x = [-p ± √D]/2 = [-4 ± 6i]/2 = -2 ± 3i
(ग) मूलों का योग = -p = -4, गुणनफल = q = 13
✔️ α = -2 + 3i, β = -2 – 3i

प्रश्न 33 (केस 2):
एक सम्मिश्र संख्या z = 2 + 2i को ध्रुवीय रूप में प्रकट कीजिए तथा De Moivre’s Theorem द्वारा z³ ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
|z| = √(2² + 2²) = √8 = 2√2
θ = tan⁻¹(b/a) = tan⁻¹(1) = 45°
अतः z = 2√2(cos45° + i sin45°)
अब,
z³ = (2√2)³[cos(3×45°) + i sin(3×45°)]
= 16√2[cos135° + i sin135°]
cos135° = -√2/2, sin135° = √2/2
➡️ z³ = 16√2[(-√2/2) + i(√2/2)]
➡️ = 16√2 × (√2/2)(-1 + i)
➡️ = 16(-1 + i)
✔️ z³ = -16 + 16i

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